India Can Buy Russian Crude Oil

नई दिल्ली57 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर गैस सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है।ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। वहीं भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. दावा- घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े: ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत की संभावना; सरकार का LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो जाएंगी। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की संभावना जताई गई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत: ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, क्रूड ऑयल की कीमत 89 डॉलर के पार भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सोना 3 दिन में ₹8720 सस्ता, ₹1.59 लाख पर आया: चांदी ₹29,125 गिरकर ₹2.61 लाख पर आई, 36 दिन में ₹1.25 लाख सस्ती हुई सोने और चांदी के दामों में 6 मार्च (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,835 रुपए घटकर ₹1,58,751 पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1,60,586 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना 3 दिन में 8,720 सस्ता हुआ है। वहीं एक किलो चांदी 3,489 रुपए गिरकर ₹2,60,723 पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत ₹2,64,212 लाख रुपए प्रति किलो थी। ये 3 दिन में 29,125 रुपए सस्ती हुई है। सोना-चांदी के दाम में ये गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. होर्मुज से 24 घंटे में सिर्फ 2 जहाज निकले:दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुकी; रक्षा मंत्री बोले- भारत की तेल-गैस सप्लाई पर सीधा असर मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) की 6 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से सिर्फ दो कॉमर्शियल जहाज गुजरे। ये दोनों ही मालवाहक जहाज थे। कोई तेल टैंकर इस दौरान वहां से नहीं गुजरा। आमतौर पर इस रास्ते से हर दिन दर्जनों विशाल तेल टैंकर गुजरते हैं। यह स्थिति भारत सहित ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा: सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला ED ने 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सुबह होने से पहले ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी। टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Australia India Womens Test | Perth: Rodriguez Fifty, Sutherland 4 Wickets

Hindi News Sports Australia India Womens Test | Perth: Rodriguez Fifty, Sutherland 4 Wickets स्पोर्ट्स डेस्क4 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ के वाका मैदान पर एकमात्र टेस्ट मैच खेला जा रहा है। पर्थ में खेले जा रहे एकमात्र महिला डे-नाइट टेस्ट के पहले दिन जेमिमा रोड्रिग्स के अर्धशतक के बावजूद भारतीय टीम 198 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज एनाबेल सदरलैंड और डेब्यूटेंट लूसी हैमिल्टन की स्विंग गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं सके। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट खोकर 96 रन बना लिए हैं। एलिस पेरी 43 रन और एनाबेल सदरलैंड 20 रन बनाकर खेल रही हैं। वह पहली पारी में भारत के स्कोर 102 रन पीछे है। भारत की खराब शुरुआत अपना डेब्यू मैच खेल रही लुसी हैमिल्टन ने स्मृति मंधाना को बोल्ड किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत खराब रही। टीम ने 18 रन के कुल स्कोर पर स्मृति मंधाना का विकेट गंवा दिया। स्मृति को लुसी हैमिल्टन ने क्लीन बोल्ड किया। शेफाली वर्मा और प्रतिका रावल ने दूसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े। इसके बाद भारत ने दो विकेट 7 रनों के अंदर गंवा दिए। एनाबेल सदरलैंड ने शेफाली वर्मा और प्रतिका रावल को कैच आउट कराकर भारत का स्कोर 61 रन पर 3 विकेट कर दिया। शेफाली ने 33 और प्रतिका ने 18 रन बनाए। एक भी फिफ्टी पार्टनरशिप नहीं हुई नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने उतरी जेमिमा रोड्रिगेज एक तरफ से खड़ी रही और दूसरी ओर से विकेट गिरते रहे। भारत ने 107 रन पर 5 विकेट गंवा दिए। कप्तान हरमप्रीत कौर19 और दीप्ति शर्मा 7 रन बनाकर आउट हुई। जेमिमा और ऋचा घोष के बीच 43 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद जेमिमा और ऋचा घोष के बीच 6वें विकेट के लिए इनिंग की सबसे बड़ी 43 रन की साझेदारी हुई। जेमिमा रोड्रिगेज ने फिफ्टी लगाई जेमिमा ने भारत के लिए सबसे ज्यादा 52 रन बनाए। जेमिमा रोड्रिग्स ने फिफ्टी लगाते हुए 84 गेंदों पर 52 रन बनाए। उन्हें लुसी हैमिल्टन ने एश्ले गार्डनर के हाथों कैच आउट कराया। निचले क्रम में काश्वी गौतम 34 रन बनाकर रही। उन्होंने सयाली सतघरे के साथ मिलकर नौवें विकेट के लिए 38 रन जोड़े और भारत को 198 रन तक पहुंचाया। आॉस्ट्रेलिया के लिए एनाबेल सदरलैंड ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया के लिए तेज गेंदबाज एनाबेल सदरलैंड ने 4 विकेट लिए, जबिक डेब्यू मैच खेल रहीं लूसी हैमिल्टन ने 3 विकेट झटके। डार्सी ब्राउन को 2 और एश्ले गार्डनर को 1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया ने भी 3 विकेट गंवाए सयाली ने ऑस्ट्रेलिया शुरुआती झटके देते हुए 2 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। सयाली सतघरे ने शानदार स्विंग गेंद पर ओपनर जॉर्जिया वॉल को 2 रन के स्कोर पर बोल्ड किया। इसके बाद क्रांति गौड़ ने फीबी लिचफील्ड को 9 और सयाली ने कप्तान एलिसा हीली को 13 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा। पेरी-सदरलैंड ने पारी संभाली दिन के अंत तक एलिस पेरी 43 और एनाबेल सदरलैंड 20 रन बनाकर खेल रही हैं। भारत के लिए सयाली ने 2 विकेट लिए हैं, जबकि क्रांति गौड़ को 1 विकेट मिला है। ——————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अक्षर और दुबे के कैच ने पलटा मैच:ब्रूक ने सैमसन का कैच 15 रन पर छोड़ा, धोनी-रोहित सेमीफाइनल देखने पहुंचे; मोमेंट्स भारत ने चौथी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली। टीम ने गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड को 7 रन से सेमीफाइनल हरा दिया। मुकाबले में कई अहम मोमेंट्स देखने को मिले। कप्तान हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का कैच 15 रन पर छोड़ दिया, सैमसन ने 89 रन बना दिए। ऑलराउंडर अक्षर पटेल और शिवम दुबे के शानदार पार्टनरशिप कैच ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Orders Refiners to Boost LPG Production Amid Middle East Crisis

Hindi News Business India Orders Refiners To Boost LPG Production Amid Middle East Crisis | Emergency Measures 2026 नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने देश में रसोई गैस (LPG) की संभावित कमी को देखते हुए इमरजेंसी पावर्स लागू की हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावट के बीच सरकार ने इमरजेंसी पावर्स का इस्तेमाल करते हुए सभी ऑयल रिफाइनर्स को निर्देश दिया है कि वे घरेलू LPG का प्रोडक्शन बढ़ाएं। रिपोर्ट में बताया है कि गुरुवार देर रात जारी सरकारी आदेश के अनुसार, रिफाइनर्स को अब अपने पास अवेलेबल प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए ही करना होगा। सप्लाई चेन में रुकावट से निपटने की तैयारी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG इम्पोर्टर देश है। पिछले साल देश में लगभग 33.15 मिलियन यानी 3.31 करोड़ मीट्रिक टन कुकिंग गैस की खपत हुई थी। भारत अपनी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा विदेशों से मंगवाता है, जिसमें से 85% से 90% सप्लाई अकेले मिडिल ईस्ट के देशों से होती है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ाने का फैसला किया है। सरकारी कंपनियों को मिलेगी प्राथमिकता आदेश के मुताबिक, सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) को करनी होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के लगभग 33.2 करोड़ एक्टिव LPG कंज्यूमर्स यानी उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के गैस सिलेंडर मिलते रहें। रिलायंस के एक्सपोर्ट और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन पर पड़ेगा असर सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) पर पड़ सकता है। प्रोपेन और ब्यूटेन का डायवर्जन होने से अल्काइलेट्स के प्रोडक्शन में कमी आएगी, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल की ग्रेडिंग सुधारने में किया जाता है। पिछले साल रिलायंस ने हर महीने एवरेज चार अल्काइलेट्स कार्गो एक्सपोर्ट किए थे। इसके अलावा सरकार ने रिफाइनर्स को यह भी साफ कर दिया है कि वे फिलहाल पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन के लिए इन गैसों का इस्तेमाल न करें। कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकती है मार इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ट्रेड सोर्सेज का कहना है कि प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल करने से कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। दरअसल, पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बाजार में LPG के मुकाबले बेहतर कीमत पर बिकते हैं। ऐसे में सरकार के इस आदेश से पेट्रोकेमिकल कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। क्या होता है LPG, प्रोपेन और ब्यूटेन? LPG: यह लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस है, जो मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है। प्रोपेन/ब्यूटेन: ये हाइड्रोकार्बन गैसें हैं, जो कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलती हैं। इनका यूज प्लास्टिक बनाने (पेट्रोकेमिकल्स) और फ्यूल दोनों में होता है। कतर में गैस उत्पादन बंद, भारत में 40% सप्लाई घटी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट का प्रोडक्शन रोक चुका है। इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। विदेश से आने वाली LNG को गैस में बदलकर ही CNG और PNG सप्लाई की जाती है। इसकी सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो CNG और PNG के दाम बढ़ सकते हैं। कतर की राजधानी दोहा के औद्योगिक इलाके में 1 मार्च 2026 को ईरानी अटैक के बाद धुआं उठता दिखा। तेल और गैस सप्लाई करने का रास्ता लगभग बंद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं। ईरान और इजरायल जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। जहाजों की संख्या घटी: 28 फरवरी को इस रास्ते से 91 जहाज गुजरे थे, जो अब घटकर सिर्फ 26 रह गए हैं। भारत की निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। पेट्रोनेट के तीन बड़े जहाज-दिशा, राही और असीम-फिलहाल कतर के रास लफान पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्लांट पर ड्रोन हमला, LNG का प्रोडक्शन रुका कतर-एनर्जी के मुताबिक, ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ और ‘मेसाईद’ इंडस्ट्रियल सिटी स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है। पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है। ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है। खाद और बिजली उत्पादन पर भी खतरा भारत में आयातित LNG का इस्तेमाल सिर्फ घरों और गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि बिजली बनाने और यूरिया (खाद) उत्पादन में भी होता है। महंगी होगी बिजली: अगर गैस की कमी बनी रही तो गैस आधारित पावर प्लांट्स से पैदा होने वाली बिजली महंगी हो जाएगी। खाद की किल्लत: फर्टिलाइजर सेक्टर के लिए गैस एक मुख्य कच्चा माल है, सप्लाई घटने से खाद उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। CNG कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, संकट की चेतावनी गैस की किल्लत को देखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें ‘स्पॉट मार्केट’ से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी। कीमतों
India Orders Refiners to Boost LPG Production Amid Middle East Crisis

Hindi News Business India Orders Refiners To Boost LPG Production Amid Middle East Crisis | Emergency Measures 2026 नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सरकार ने कहा- रिफाइनरी कंपनियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करें। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग अगर बढ़ी तो भारत में रसोई गैस की किल्लत बढ़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने ये आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनयां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सिलेंडर की किल्लत रोकने के लिए सरकार का आदेश सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद यह है कि कंज्यूमर्स को बिना रुकावट के गैस सिलेंडर मिलते रहें। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना है। होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। ईरान के अलावा सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है। ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है। कतर की राजधानी दोहा के औद्योगिक इलाके में 1 मार्च 2026 को ईरानी अटैक के बाद धुआं उठता दिखा। CNG कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, संकट की चेतावनी गैस की किल्लत को देखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें ‘स्पॉट मार्केट’ से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी। कीमतों में अंतर: स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत फिलहाल 25 डॉलर प्रति यूनिट पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट वाली गैस से दोगुनी से भी ज्यादा है। EV में शिफ्ट होंगे लोग: कंपनियों को डर है कि अगर CNG के दाम बढ़े, तो लोग परमानेंटली EV की ओर शिफ्ट हो जाएंगे, जिससे गैस सेक्टर को नुकसान होगा। सरकार के आदेश का प्राइवेट कंपनियों पर असर सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) पर पड़ सकता है। प्रोपेन और ब्यूटेन का डायवर्जन होने से अल्काइलेट्स के प्रोडक्शन में कमी आएगी, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल की ग्रेडिंग सुधारने में किया जाता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ट्रेड सोर्सेज का कहना है कि प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल करने से कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बाजार में LPG के मुकाबले बेहतर कीमत पर बिकते हैं। राहत की बात: अकेले होर्मुज रूट के भरोसे नहीं भारत हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है: रूस पर निर्भरता: भारत अब अपनी जरूरत का 20% कच्चा तेल रूस से मंगा रहा है (फरवरी में 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन), जो होर्मुज रूट पर निर्भरता कम करता है। पर्याप्त भंडार: सूत्रों के अनुसार, देश के पास वर्तमान में पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। MRPL जैसी रिफाइनरियों के बंद होने की खबरें महज अफवाह हैं। नॉलेज बॉक्स: एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 क्या है सरकार ने यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके जारी किया है। इससे पहले सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल क्षेत्र में ESMA के नियमों को लागू किया था। तब रिफाइनिंग कंपनियों से कहा गया था कि वे देश में फ्यूल की कमी न होने दें और इसे बाहर एक्सपोर्ट न करें, क्योंकि उस समय भारी मार्जिन मिलने की वजह से तेल बाहर बेचना काफी फायदे का सौदा बन गया था। प्रोपेन-ब्यूटेन और LNG के उपयोग जानें —————————— ये खबर भी पढ़ें… दावा- भारत के पास सिर्फ 25 दिन का तेल बचा: इजराइल-ईरान जंग के बीच इम्पोर्ट रूट बंद; सरकार नए सप्लायर्स तलाश रही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दावा किया जा रहा है कि भारत के पास अब सिर्फ 25 दिनों का क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल और रिफाइंड ऑयल का स्टॉक बचा है। न्यूज एजेंसी ANI ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर यह अपडेट सरकारी सूत्रों के मुताबिक दिया है। हालांकि सरकार अभी पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mandana Karimi Quits India | Says Betrayed, Leaving Iran Return

2 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने भारत छोड़ने का फैसला कर लिया है। 25 सालों से बॉलीवुड में काम कर रहीं मंदाना का कहना है कि भारत ने उन्हें धोखा दिया है और अब यहां उनकी कोई आवाज नहीं बची है। उन्होंने अपना सारा सामान पैक कर लिया है और जैसे ही ईरान में मौजूदा शासन खत्म होगा, वह वापस अपने देश लौट जाएंगी। दरअसल ईरान-इजराइल युद्ध में 28 फरवरी को हुए मिसाइल हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी। मंदाना ने सोशल मीडिया पर इस मौत पर खुशी जाहिर की थी और ईरानी शासन की कड़ी आलोचना की थी। इसी विरोध के बाद से मंदाना को भारत में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मंदाना के इस इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद भारत में उनका विरोध बढ़ गया था। एक्ट्रेस का दावा- काम मिलना बंद हुआ बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मंदाना ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, पिछले दो महीनों में मुझे मुंबई में बहुत अकेलापन महसूस हुआ। ईरान के हक में बोलने और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की वजह से मैंने अपने कई पुराने दोस्त खो दिए। मुझे महसूस हो रहा है कि भारत ने एक तरह से मुझे धोखा दिया है। जनवरी 2026 से मुझे काम मिलना बंद हो गया है और मेरे पुराने कॉन्ट्रैक्ट भी कैंसिल कर दिए गए हैं। बैग पैक, सरकार गिरते ही ईरान लौटेंगी मंदाना का कहना है कि वह अब भारत से अपना नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, जैसे ही ऐलान होगा कि ईरान की मौजूदा सरकार गिर गई है, मैं तुरंत चली जाऊंगी। मैंने अपना बैग पैक कर लिया है। मैं एक ऐसा ईरान देखना चाहती हूं जहां महिलाएं आजाद हों, अपनी मर्जी के कपड़े पहन सकें और किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकें। मंदाना कारीमी बिग बॉस सीजन 9 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं। मॉडलिंग से शुरू हुआ था मंदाना का करियर मंदाना करीमी का जन्म तेहरान में हुआ था। वह 2010 में पहली बार मॉडलिंग के लिए भारत आई थीं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं। उन्होंने ‘क्या कूल हैं हम 3’, ‘मैं और चार्ल्स’ और ‘भाग जॉनी’ जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ जैसे रियलिटी शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद मंदाना ने साल 2017 में भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से शादी की, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला। 2021 में उनका तलाक हो गया। मंदाना ने अपने पति और ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Sonal Chauhan Dubai Safe India Return

1 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के चलते दुबई में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान और ईशा गुप्ता सुरक्षित भारत लौट आई हैं। सोनल ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वतन वापसी के लिए मदद मांगी थी। अब उन्होंने मुंबई पहुंचने की जानकारी देते हुए भारत सरकार और दुबई प्रशासन को शुक्रिया कहा। सोनल ने युद्ध पर बात करते हुए यह भी कहा कि युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। इससे पहले मंगलवार को UAE में फंसी ईशा गुप्ता ने भी भारत लौटकर भारत सरकार और यूएई प्रशासन का धन्यवाद किया था। वतन वापसी पर सोनल ने जाहिर की खुशी सोनल चौहान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी वतन वापसी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि भारत वापस आकर वह बहुत शुक्रगुजार महसूस कर रही हैं। एक्ट्रेस ने उन सभी फैंस और दोस्तों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनके लिए मैसेज भेजे और दुआएं कीं। एक्ट्रेस ने कहा कि यह मुश्किल समय जल्द ही खत्म होगा और इलाके में शांति बहाल होगी। ईशा गुप्ता ने भी घर लौटने पर ईश्वर का आभार जताते हुए कहा था कि यह अनुभव हमें असली ताकत का एहसास कराता है। सोनल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वतन वापसी के लिए मदद मांगी थी। दुबई प्रशासन की तारीफ की, बोलीं- वहां के लोगों में हिम्मत दिखी सोनल ने अपनी पोस्ट में दुबई के लोगों और वहां की सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा, मैंने वहां के लोगों का जोश और अपनी सरकार पर अटूट भरोसा देखा। इस संकट के समय में दुबई प्रशासन ने सबको शांत और सुरक्षित रखा। हर चीज को बड़ी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ हैंडल किया गया ताकि वहां मौजूद हर व्यक्ति खुद को सेफ महसूस करे। ईशा गुप्ता ने भारत लौटकर सुनाई आपबीती ईशा ने सोशल मीडिया पर बताया कि मिसाइल हमलों की खबरों के बाद UAE में डर और अफरा-तफरी का माहौल था। कुछ समय के लिए एयरपोर्ट बंद कर दिए गए थे, जिससे यात्री वहीं फंस गए थे। ईशा ने यूएई सरकार, एयरपोर्ट स्टाफ और होटल मैनेजमेंट की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने फंसे हुए यात्रियों को तुरंत होटलों में रुकवाया और खाने-पीने का इंतजाम किया। जंग के बाद दुबई और UAE में फंसी थीं एक्ट्रेसेस ईरान और इजराइल के युद्ध के बीच ईरान ने दुबई और UAE पर भी मिसाइलों से हमला किया। सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया था। दुबई और UAE इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इसी दौरान सोनल चौहान और ईशा गुप्ता वहां फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंस गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
एपल ने लॉन्च किया सबसे सस्ता लैपटॉप मैकबुक नियो:शुरुआती कीमत ₹69,990; इसमें आईफोन वाली A18 प्रो चिप, 11 मार्च से सेल

दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अपना अब तक का सबसे किफायती लैपटॉप ‘मैकबुक नियो’ लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो कम बजट में मैकबुक का अनुभव लेना चाहते हैं। इसकी शुरुआती कीमत भारत में 69,990 रुपए रखी गई है। आईफोन वाली चिप के साथ आएगा लैपटॉप मैकबुक नियो में A18 प्रो चिपसेट दिया गया है। ये 6-कोर CPU और 5-कोर GPU के साथ आता है। इसमें 16-कोर वाला न्यूरल इंजन (NPU) भी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टास्क को तेजी से प्रोसेस करता है। ये चिप आईफोन 16 प्रो में मिलती थी। एपल का दावा है कि स्मार्टफोन चिपसेट होने के बावजूद यह लैपटॉप ब्राउजिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, फोटो एडिटिंग और डेली ऑफिस वर्क को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है। 13-इंच की स्क्रीन और चार कलर्स डिजाइन के मामले में यह काफी हद तक मैकबुक एयर जैसा दिखता है। इसमें 13-इंच की लिक्विड रेटिना (IPS LCD) डिस्प्ले दी गई है। इसे टिकाऊ एल्युमिनियम एनक्लोजर से बनाया गया है और यह चार कलर्स- ब्लश, इंडिगो, सिल्वर और सिट्रस में उपलब्ध होगा। बैटरी लाइफ और स्टोरेज ऑप्शन्स एपल के मुताबिक, मैकबुक नियो को एक बार फुल चार्ज करने पर 16 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम मिलता है। इसमें 36.5Wh की बैटरी लगी है। इसे बॉक्स में मिलने वाले 20W के USB-C पावर अडैप्टर से चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी और एक्सटर्नल डिस्प्ले सपोर्ट इसमें एक USB 3 टाइप-सी पोर्ट दिया गया है, जो डिस्प्ले पोर्ट की तरह भी काम करता है। इसके अलावा एक दूसरा USB 2 टाइप-सी पोर्ट और 3.5mm का हेडफोन जैक भी मिलता है। यह 60Hz रिफ्रेश रेट पर एक एक्सटर्नल 4K डिस्प्ले को सपोर्ट कर सकता है। कीमत और उपलब्धता भारत में मैकबुक नियो की शुरुआती कीमत 69,990 रुपए है। इसके लिए प्री-ऑर्डर एपल की वेबसाइट पर शुरू हो गए हैं। इसकी बिक्री 11 मार्च से शुरू होगी। यह लेटेस्ट macOS पर काम करेगा। वीडियो कॉल के लिए इसमें 1080p फेसटाइम HD कैमरा और स्पेशियल ऑडियो सपोर्ट वाले डुअल स्पीकर दिए गए हैं। किसके लिए है यह लैपटॉप? स्टूडेंट्स के लिए: पढ़ाई, प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन क्लासेज के लिए यह बेस्ट है। बेसिक ऑफिस वर्क: अगर आपका काम केवल ईमेल, एक्सेल और ब्राउजिंग का है। एपल इकोसिस्टम: जो लोग कम बजट में पहली बार विंडोज से मैक पर शिफ्ट होना चाहते हैं। इन्फो-बॉक्स: क्या है A18 प्रो चिप? यह वही प्रोसेसर है जो एपल के आईफोन 16 प्रो में मिलता है। यह बहुत ही कम बिजली की खपत करता है, जिससे लैपटॉप गर्म नहीं होता और बैटरी ज्यादा चलती है।
India Women Rest Renuka Singh

Hindi News Sports India Women Rest Renuka Singh | Kashvi Gautam Debut Vs Australia Perth Test स्पोर्ट्स डेस्क19 घंटे पहले कॉपी लिंक रेणुका सिंह ने व्हाइट बॉल सीरीज के 6 मैचों में 6 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट से पहले इंडिया विमेंस ने तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण आराम दे दिया। उनकी जगह ऑलरांडर काशवी गौतम को टीम में जगह मिली। काशवी वनडे सीरीज का भी हिस्सा थीं। लगातार क्रिकेट खेल रही थीं रेणुका मेडिकल टीम ने BCCI से कहा कि रेणुका लगातार क्रिकेट खेल रही हैं। विमेंस प्रीमियर लीग के बाद उन्होंने टीम के लिए सभी मैच खेले। फिटनेस और टी-20 वर्ल्ड कप को देखते हुए उन्हें टेस्ट से आराम दे देना चाहिए। BCCI ने कहा, “पर्थ के वाका (WACA) में होने वाले पिंक-बॉल टेस्ट के लिए रेणुका उपलब्ध नहीं रहेंगी। उनके वर्कलोड को बेहतर मैनेज करने के लिए यह फैसला लिया गया। मेडिकल टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखेगी।” रेणुका सिंह ने भारत के लिए 3 टेस्ट में 2 विकेट लिए हैं। रेणुका ने टी-20 और वनडे सीरीज में पूरे मैच खेले इंडिया विमेंस फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में मल्टी फॉर्मेट सीरीज खेलने के लिए गई हैं। रेणुका ने 3 टी-20 में 4 विकेट लिए, वहीं 3 वनडे में वे 2 विकेट ही अपने नाम कर सकीं। सीरीज में 8-4 से आगे ऑस्ट्रेलिया भारत ने टी-20 सीरीज 2-1 से जीती। वनडे सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से जीती। ऑस्ट्रेलिया में विमेंस क्रिकेट सीरीज में हर मैच के अलग-अलग पॉइंट्स होते हैं। व्हाइट बॉल मैच जीतने पर 2 पॉइंट्स मिलते हैं। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के 8 और भारत के पास 4 पॉइंट्स हैं। अगर भारत ने टेस्ट जीत लिया तो दोनों के 8-8 पॉइंट्स हो जाएंगे और सीरीज ड्रॉ रहेगी। टेस्ट ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 2-2 पॉइंट्स मिलेंगे, ऐसे में ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया के पास चली जाएगी। टीम इंडिया को सीरीज ड्रॉ कराने के लिए टेस्ट मैच जीतना ही होगा। इंडिया विमेंस की अपडेटेड टेस्ट टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्ज, हरलीन देओल, प्रतिका रावल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, स्नेह राणा, सयाली साटघरे, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, काशवी गौतम और वैष्णवी शर्मा। ———————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दूसरा सेमीफाइनल आज IND vs ENG टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मैच आज भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Silver Prices Drop | India Market Update

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी से जुड़ी रही। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923 रुपए घटकर ₹1.62 लाख पर आ गया है। एक किलो चांदी 18,501 रुपए गिरकर ₹2.71 लाख पर आ गई है। वहीं मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सोना ₹4923 सस्ता, ₹1.62 लाख पर आया:34 दिन में 13 हजार गिरा, चांदी एक दिन में 18 हजार रुपए सस्ती हुई सोने और चांदी के दामों में 4 मार्च को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923 रुपए घटकर ₹1.62 लाख पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 18,501 रुपए गिरकर ₹2.71 लाख पर आ गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 2.89 लाख रुपए प्रति किलो थी। सोना चांदी के दाम में ये गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है। मंगलवार को होली पर्व के कारण बाजार बंद था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 92.05 पर आया: इजराइल-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का असर, विदेशी सामान महंगे होंगे मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण भारतीय रुपया 4 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले जनवरी में रुपया 91.98 के निचले स्तर पर गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल रुपए में अब तक 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इससे चलते यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं: कतर में गैस उत्पादन बंद, भारत में 40% सप्लाई घटी; मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण संकट मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट का उत्पादन रोक चुका है। इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ईरान-इजराइल जंग से जेट-फ्यूल मार्च में 6% महंगा: रुपया गिरने से भी भारतीय एयरलाइंस के मुनाफे पर असर; एअर इंडिया की 40% इंटरनेशनल उड़ानें प्रभावित भारतीय एविएशन इंडस्ट्री एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रही है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में उछाल, डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने एयरलाइंस की प्रॉफिटेबिलिटी यानी मुनाफे पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, ग्राउंडेड विमानों की संख्या में कमी आने से राहत मिली है, लेकिन इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानों के रद्द होने और रूट बदलने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मिडिल ईस्ट में तनाव से ज्यादातर फ्लाइट्स कैंसिल: एअर इंडिया, इंडिगो और एमिरेट्स जैसी एयरलाइन फुल रिफंड दे रही; जानें इसे क्लेम करने का तरीका ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) प्रभावित हुआ है। इसके चलते दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा जैसे शहरों की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द की गई हैं। अकेले मंगलवार को 357 उड़ानें कैंसिल रहीं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए एअर इंडिया, इंडिगो, एमिरेट्स और एतिहाद जैसी बड़ी एयरलाइंस ने टिकट कैंसिल कराने पर फुल रिफंड और फ्री में फ्लाइट रिशेड्यूल करने की सुविधा दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Has Only 25 Days Crude Oil Stock Amid West Asia Tensions

Hindi News Business India Has Only 25 Days Crude Oil Stock Amid West Asia Tensions | No Petrol Diesel Price Hike Planned नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास वर्तमान में सिर्फ 25 दिनों का क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल और रिफाइंड ऑयल का स्टॉक अवेलेबल है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और कच्चे तेल, LPG और LNG के लिए वैकल्पिक देशों से बातचीत कर रही है, ताकि सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए। दरअसल, ईरान ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि इस रूट से अगर कोई भी जहाज गुजरता है, तो उसे आग लगा दी जाएगी। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह रूट दुनिया के ऑयल बिजनेस के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया के कई देशों की तेल सप्लाई पर प्रभाव पड़ेगा, जिसमें भारत समेत एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा असर होगा। इस रूट के बंद होने कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। अभी ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2.6% बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का अभी कोई प्लान नहीं वहीं आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि भारत सरकार का फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में प्रमुख पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की अवेलेबिलिटी और किफायती दाम तय करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री ने रिव्यू मीटिंग की थी इससे पहले सोमवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल कंपनियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी। इस बैठक में कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि वे बदलती परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी। एक्सपोर्ट-इंपोर्ट पर असर को लेकर सरकार एक्टिव सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सरकार एक्टिव है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीटिंग की थी। इसमें इस बात पर चर्चा हुई कि पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव का भारत के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट और कार्गो फ्लो पर क्या असर पड़ सकता है। शिपिंग रूट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ने की चुनौती बैठक में लॉजिस्टिक ऑपरेटर्स और शिपिंग लाइन्स के प्रतिनिधियों ने बताया कि मौजूदा तनाव के कारण जहाजों के रूट बदलने पड़ रहे हैं, जिससे ट्रांजिट टाइम बढ़ गया है। इसके अलावा, माल ढुलाई और इंश्योरेंस की लागत में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सरकार ने एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स के लिए डॉक्यूमेंटेशन और पेमेंट प्रोसेस को आसान बनाने और कार्गो मूवमेंट में देरी को कम करने पर जोर दिया है। पश्चिम एशिया पर भारत की निर्भरता बड़ी भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 85% इंपोर्ट करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर भारत की इकोनॉमी और एनर्जी सिक्योरिटी पर पड़ता है। सरकार अब रूस और अन्य अफ्रीकी देशों जैसे वैकल्पिक रास्तों पर फोकस बढ़ा रही है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके। भारत पर दोहरा असर, तेल के साथ गैस महंगी होगी एनर्जी कंसल्टिंग फर्म केप्लर (Kpler) के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत की 53% LNG (LNG) और करीब 60% कच्चा तेल मिडिल ईस्ट के देशों से इंपोर्ट करता है। होर्मुज की नाकेबंदी से भारत को न केवल सप्लाई की कमी झेलनी पड़ेगी, बल्कि कीमतों में उछाल से वित्तीय बोझ भी बढ़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़ सकता है और महंगाई दर में इजाफा होने की पूरी संभावना है। कतर के प्लांट पर ड्रोन अटैक, LNG सप्लाई भी ठप दुनिया के सबसे बड़े LNG सप्लायर कतर ने सोमवार को अपना प्रोडक्शन रोक दिया है। दरअसल, ईरानी ड्रोन्स ने कतर के रास लफान और मेसैद इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित प्लांट को निशाना बनाया है। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की 20% LNG सप्लाई इसी रास्ते से होती है। सप्लाई रुकने से पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में बिजली संकट गहरा सकता है, क्योंकि वे अपनी जरूरत की 70-90% गैस के लिए कतर और यूएई पर निर्भर हैं। एशिया के ये देश सबसे ज्यादा जोखिम में हैं नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर थाईलैंड, भारत, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस पर पड़ेगा। थाईलैंड: यहां कच्चे तेल का आयात जीडीपी का 4.7% है। तेल की कीमतों में हर 10% की बढ़त इसकी जीडीपी को 0.5% तक प्रभावित करती है। दक्षिण कोरिया और जापान: ये देश अपनी जरूरत का 70-75% तेल मिडिल ईस्ट से मंगाते हैं। दक्षिण कोरिया के पास केवल 2 से 4 हफ्ते का ही रिजर्व स्टॉक बचा है। चीन: हालांकि चीन सबसे बड़ा इंपोर्टर है, लेकिन उसके पास 7.6 मिलियन टन का LNG रिजर्व है, जो उसे थोड़े समय के लिए सुरक्षा देता है। बाजार में 100 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल रयस्टैड एनर्जी के मुताबिक, अगर यह नाकेबंदी लंबे समय तक चलती है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर सकती हैं। 2025 में इस रास्ते से रोजाना करीब 13 मिलियन बैरल तेल गुजरता था, जो कुल समुद्री तेल व्यापार का 31% है। हालांकि, सऊदी अरब ने हाल के हफ्तों में अपनी लोडिंग बढ़ाई है, जिससे बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। ये खबर भी पढ़ें… भारत फिर बढ़ाएगा रूस से कच्चे तेल की खरीद: 95 लाख बैरल तेल







