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Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप रिटायरमेंट के बाद या इससे पहले अपने लिए हर महीने यानी मंथली इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस का नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट सही रहेगा। इस स्कीम में अभी 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसके जरिए आप अपने लिए हर महीने 9,250 रुपए की इनकम का इंतजाम कर सकते हैं। इस स्कीम में 5 साल के निवेश करना होता है। हम आपको इस स्कीम के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम क्या है? पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम अकाउंट भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है, जो उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित आय चाहते हैं। यह स्कीम खासकर रिटायर लोगों, बुजुर्गों या उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और नियमित आय का जरिया ढूंढ रहे हैं। इसे एक तरह का टर्म डिपॉजिट कह सकते हैं। हर महीने मिलेंगे 9,250 रुपए इस स्कीम में सालाना मिलने वाले ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है और वह अमाउंट आपको हर महीने मिलता रहता है। अगर आप मंथली पैसा न निकाले तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में रहेगा। हालांकि इस ब्याज पर आपको ब्याज नहीं मिलेगा। ब्याज का भुगतान मूलधन की रकम पर ही किया जाएगा। मान लीजिए आप इस योजना में 9 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो अब आपको 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से सालाना 66 हजार 600 रुपए ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप इसमें जॉइंट अकाउंट के तहत 15 लाख का निवेश करते हैं तो आपको 1 लाख 11 हजार रुपए सालाना ब्याज मिलेगा। इसे 12 महीनों में बराबर बांटे तो आपको हर महीने 9,250 रुपए मिलेंगे। अगर रिटर्न को विड्रॉ नहीं करते हैं तो उस पर भी ब्याज मिलता है। नोट: ये कैलकुलेशन अनुमानित तौर पर किया गया है। सरकार हर 3 महीने में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा करती है। 5 साल बाद जमा किया हुआ पैसा मिल जाएगा वापस इसका मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। यानी स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी आपको वापस मिलगी। हालांकि, अगर आप चाहें तो इस पैसे को फिर से इसी योजना में निवेश करके मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं। कौन खोल सकता है अकाउंट? इस खाते को किसी नाबालिग के नाम पर और 3 वयस्कों के नाम पर जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। 10 साल से ज्यादा उम्र के माइनर के नाम भी पेरेंट्स की देखरेख में खाता खोला जा सकता है। अकाउंट खुलवाने के लिए आधार-पैन जरूरी केंद्र सरकार ने PPF, सुकन्या समृद्धि और नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट समेत अन्य पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं में निवेश के लिए पैन और आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब से सरकार की योजनाओं में अकाउंट खोलने के लिए आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट स्लिप लगाना जरूरी होगा। इसमें अकाउंट कैसे खुलवा सकते हैं? इसके लिए सबसे पहले पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोलना होगा। नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट के लिए एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ अकाउंट खोलने के लिए तय रकम के लिए कैश या चेक जमा करें। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Post Office RD: Invest From ₹100, Get 6.7% Interest

Post Office RD: Invest From ₹100, Get 6.7% Interest

Hindi News Business Post Office RD: Invest From ₹100, Get 6.7% Interest | Small Savings Schemes नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। ऐसे में अगर आप रिकरिंग डिपॉजिट (RD) कराने का प्लान बना रहे हैं तो पोस्ट ऑफिस RD आपके लिए सही रह सकती है। इस पर 6.70% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें 5 साल तक हर महीने 2 हजार रुपए जमा करने पर 1 लाख 43 हजार रुपए का एकमुश्त फंड तैयार कर सकते हैं। यहां हम आपको पोस्ट ऑफिस RD के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले समझें RD क्या है? पोस्‍ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट या RD बड़ी बचत में आपकी मदद कर सकती है। आप इसमें हर महीने सैलरी आने पर एक निश्चित रकम डालते रहें और 5 साल बाद मैच्योर होने पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी। घर के गुल्लक में पैसे जमा करने पर भले ही आपको ब्याज नहीं मिले, पर यहां पैसे जमा करने पर आपको ब्याज भी मोटी मिलती है। 5 साल तक हर महीने 1 हजार निवेश पर बनेगा 71 हजार का फंड पोस्ट ऑफिस RD में अगर आप 1 हजार रुपए प्रति महीने की रकम इन्वेस्ट करते हैं, तो 6.7% सालाना ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद मैच्योर होने पर यह लगभग 71 हजार रुपए हो जाएंगे। RD में जमा पैसे पर ले सकते हैं लोन RD पर लोन सुविधा भी मिलती है। यानी बीच में पैसों की जरूरत पड़ने पर आप बिना RD तुड़वाए इस पर लोन भी ले सकते है। इसमें पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज पर लोन मिलता है। पोस्‍ट ऑफिस की पांच साल वाली RD में अगर आप लगातार 12 किस्त जमा कर लेते हैं तो आप लोन की सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यानी ये सुविधा लेने के लिए आपको कम से कम एक साल लगातार रकम डिपॉजिट करनी होगी। एक साल बाद आप अपने अकाउंट में जमा राशि का 50% तक लोन ले सकते हैं। अगर आप RD पर लोन लेते हैं तो आपको लोन की रकम पर ब्‍याज 2% + RD खाते पर लागू ब्याज दर के रूप में लागू होगा। जैसे अभी RD पर 6.7% ब्याज मिल रहा है, ऐसे में अगर आप अभी RD पर ब्याज लेते है तो आपको 8.7% सालाना की ब्याज दर पर लोन मिलेगा। RD के 5 फायदे सुरक्षित निवेश: पोस्ट ऑफिस RD भारत सरकार द्वारा समर्थित है, तो पैसा डूबने का कोई डर नहीं। ये उन लोगों के लिए बढ़िया है, जो जोखिम नहीं लेना चाहते। नियमित बचत की आदत: हर महीने थोड़ा-थोड़ा (मिनिमम 100 रुपए से शुरू) जमा करना होता है, जिससे बचत की आदत पड़ती है। अच्छा ब्याज: अभी 6.7% सालाना ब्याज मिलता है, जो कंपाउंडिंग के साथ बढ़ता है। बैंक के सेविंग अकाउंट से कहीं बेहतर रिटर्न है। लचीला निवेश: आप 100 रुपए से शुरू कर सकते हैं, और ऊपर की कोई लिमिट नहीं। अपनी जेब के हिसाब से राशि चुन सकते हैं। लोन की सुविधा: अगर इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़े, तो RD के खिलाफ लोन ले सकते हैं। ये तब काम आता है, जब आप स्कीम तोड़ना नहीं चाहते। कोई भी व्यक्ति खोल सकता है अकाउंट कोई भी व्यक्ति RD अकाउंट खोल सकता है। छोटे बच्चों के नाम पर भी यह अकाउंट खोला जा सकता है। 10 साल या उससे अधिक उम्र होने पर आप इसे खुद ऑपरेट कर सकते हैं। 3 लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। आप किसी भी पोस्ट ऑफिस के जरिए इसमें अकाउंट खोल सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को एक उपभोक्ता के 13 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह राशि 45 दिन के भीतर लौटाई जाए और उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। मामला थाटीपुर निवासी जय देवी तोमर से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2011 से 2023 के बीच साडा की एक आवासीय योजना में डुप्लेक्स आवंटन के लिए कुल 13 लाख रुपए जमा किए थे। पूरी राशि जमा, न रजिस्ट्री मिली न कब्जा उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें न तो मकान की रजिस्ट्री दी गई और न ही कब्जा सौंपा गया। कई बार आवेदन करने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने सेवा में कमी माना सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि प्राधिकरण ने उपभोक्ता से राशि तो ले ली, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। राशि वापस करने में भी टालमटोल की गई, जिसे आयोग ने सेवा में कमी माना। प्राधिकरण की ओर से दी गई आपत्तियों को आयोग ने निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। ब्याज और मुआवजा देने के निर्देश आयोग ने आदेश दिया कि साडा 13 लाख रुपए 45 दिन के भीतर लौटाए। साथ ही परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान तक इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दे। इसके अलावा उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 2 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की लापरवाही पर टिप्पणी आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता से राशि लेने के बावजूद संपत्ति का कब्जा न देना और समय पर पैसा वापस न करना प्राधिकरण की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

Hindi News Lifestyle SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules 30 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है। इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है। इसलिए आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- इस सरकारी योजना का लाभ किसे मिल सकता है? इसमें हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है? एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है? जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है। इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है? जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं? जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000… इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है? जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं। सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है। ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)। निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है। निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है। समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है। नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है। सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है? जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। यह छूट केवल मूल निवेश राशि पर लागू होती है। स्कीम में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। सालाना ब्याज 50,000 रुपए से ज्यादा होने पर TDS कटता है। फॉर्म 15H/15G जमा करके TDS से राहत ली जा सकती है। टैक्स प्लानिंग के लिए SCSS उपयोगी है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान रखें। सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं? जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है। सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें? जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है। सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं? जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है। सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं? जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है। सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है? जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश

‘पेड प्रमोशन के तहत फैलाई गई बच्‍चों के गायब होने की कहानी’, दिल्‍ली पुलिस बोली- पैनिक फैलाना है इरादा – children missing case updates delhi police claim this story circulated for paid promotion create panic personal interest

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होमताजा खबरदेश पेड प्रमोशन के तहत फैलाई गई बच्‍चों के गायब होने की कहानी – दिल्‍ली पुलिस Last Updated:February 06, 2026, 11:48 IST Delhi Children Missing Case: नेशनल कैपिटल दिल्‍ली में सैकड़ों की तादाद में गुमशुदा हुए बच्‍चे का मामला गर्मा गया है. जिनके बच्‍चे लापता हुए हैं, वे सामने आकर अपना दुख बता रहे हैं. वहीं, इस मसले पर अब दिल्‍ली पुलिस का बयान सामने आया है. पुलिस ने 800 से ज्‍यादा बच्‍चों के गायब होने की खबर के पीछे बड़ी साजिश का इशारा किया है. दिल्‍ली में 800 से भी ज्‍यादा बच्‍चों के गुमशुदा होने के मसले पर अहम बयान दिया है. (फाइल फोटो/PTI) Delhi Children Missing Case: देश की राजधानी दिल्‍ली में 800 से ज्‍यादा बच्‍चों के गायब होने के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि पेड प्रमोशन के तहत बच्‍चों के गायब होने की बात फैलाई गई. पुलिस ने एक्‍शन लेने की बात भी कही है. दिल्ली में कथित तौर पर बढ़ते लापता बच्चों के मामलों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी और संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी ने स्पष्ट किया कि राजधानी में लापता व्यक्तियों की संख्या में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में तो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लापता मामलों की रिपोर्टिंग में कमी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ होता है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें तथ्यहीन हैं. ज्‍वाइंट सीपी संजय त्यागी ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराध की निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्टिंग नीति का पालन करती है. लापता व्यक्तियों की सूचना न केवल स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से या ERSS-112 नंबर पर कॉल करके भी दी जा सकती है. उन्होंने बताया कि मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पुलिस लापता लोगों की तलाश के लिए तुरंत कार्रवाई करती है और विशेष रूप से बच्चों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, सभी जिलों में समर्पित लापता व्यक्ति दस्ते सक्रिय हैं, जबकि अपराध शाखा में मानव तस्करी विरोधी इकाई भी कार्यरत है, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी मामले में लापता बच्चों या अपहरण के पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है. साजिश की ओर इशारा दिल्ली पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि कुछ तथाकथित रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट पेड प्रमोशन के जरिए जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता में डर और घबराहट पैदा करना है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों की जांच में यह सामने आया है कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं. संजय त्यागी ने दो टूक कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर राजधानी में शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. इस बीच, दिल्ली से सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि राजधानी में लोगों के गायब होने की बात पूरी तरह गलत है और इससे जनता में बेवजह भय का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से करें. लोगों से खास अपील दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और अफवाहों से बचें. पुलिस का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और लापता व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. बता दें कि बड़ी तादाद में बच्‍चों के लापता होने की सूचना से लोगों में पैनिक का आलम है. अब दिल्‍ली पुलिस ने हकीकत सामने लाकर इसे शांत करने की कोशिश की है. साथ ही दोषियों पर एक्‍शन की बात भी कही है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 06, 2026, 11:24 IST