ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को एक उपभोक्ता के 13 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह राशि 45 दिन के भीतर लौटाई जाए और उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। मामला थाटीपुर निवासी जय देवी तोमर से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2011 से 2023 के बीच साडा की एक आवासीय योजना में डुप्लेक्स आवंटन के लिए कुल 13 लाख रुपए जमा किए थे। पूरी राशि जमा, न रजिस्ट्री मिली न कब्जा उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें न तो मकान की रजिस्ट्री दी गई और न ही कब्जा सौंपा गया। कई बार आवेदन करने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने सेवा में कमी माना सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि प्राधिकरण ने उपभोक्ता से राशि तो ले ली, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। राशि वापस करने में भी टालमटोल की गई, जिसे आयोग ने सेवा में कमी माना। प्राधिकरण की ओर से दी गई आपत्तियों को आयोग ने निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। ब्याज और मुआवजा देने के निर्देश आयोग ने आदेश दिया कि साडा 13 लाख रुपए 45 दिन के भीतर लौटाए। साथ ही परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान तक इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दे। इसके अलावा उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 2 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की लापरवाही पर टिप्पणी आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता से राशि लेने के बावजूद संपत्ति का कब्जा न देना और समय पर पैसा वापस न करना प्राधिकरण की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
















































