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World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

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Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 11 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए तालिबान के सामने 3 मांगें रखी, चीन की मध्यस्थता में बातचीत शुरू पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। चीन की मध्यस्थता में हो रही इस वार्ता में पाकिस्तान ने तालिबान के सामने तीन मांगें रखी हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को आतंकी संगठन घोषित करने, उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने और कार्रवाई के ठोस सबूत देने की मांग की है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी गतिविधियां हैं। इसी वजह से बातचीत को फिलहाल आतंकवाद और सीमा सुरक्षा तक सीमित रखा गया है। इस वार्ता में चीन अहम भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को एक साझा फ्रेमवर्क पर लाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने पांच पॉइंट का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें सीजफायर, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आतंकी ठिकानों का खात्मा, सुरक्षित व्यापार मार्ग और औपचारिक बातचीत की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

US Israel vs Iran War Live Updates F-35 Jets Trump Netanyahu

US Israel vs Iran War Live Updates F-35 Jets Trump Netanyahu

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस विमान पायलट की तलाश के दौरान फ्लेयर्स छोड़ते हुए। अमेरिका ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के पायलट की तलाश में लगा हुआ है। इस मिशन के लिए C-130 हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ रहा है। विमान से फ्लेयर छोड़ने का मतलब है कि फाइटर जेट खुद को मिसाइलों से बचाने के लिए पीछे की तरफ गर्म फ्लेयर्स छोड़ते हैं। मिसाइल विमान के इंजन की गर्मी की जगह इन फ्लेयर्स को अपना टारगेट समझ लेती है और उन पर हमला कर देती है, जबकि असली विमान बच जाता है। इसी बीच इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी जेट के एक पायलट को ईरान के अंदर से जिंदा बचा लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिराया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह F-15E विमान हो सकता है। ईरान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर ₹55 का लाख इनाम ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान ने शुक्रवार को उत्तरी इजराइल के शहर किरयात अता पर मिसाइल हमला किया, जिससे कई गाड़ियां जल गईं और आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को ईरान की एक मिसाइल तकनीकी खराबी के कारण तेहरान में गिर गई। इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर शुक्रवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले का वीडियो। ईरान ने शुक्रवार रात इजराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल अटैक किए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सांसद बोले- संसद की मंजूरी के बिना युद्ध फंडिंग का समर्थन नहीं अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जॉन कर्टिस ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ ट्रम्प की कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग तभी देंगे जब संसद औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा करे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “मैं सैन्य तैयारी बनाए रखने और हथियारों के भंडार को भरने का समर्थन करता हूं, लेकिन युद्ध घोषणा के बिना आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग का समर्थन नहीं कर सकता।” अमेरिकी संविधान के अनुसार, युद्ध घोषित करने का अधिकार संसद के पास है। हालांकि, पिछले कई वर्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति बिना औपचारिक घोषणा या संसद की मंजूरी के भी सैन्य कार्रवाई करते रहे हैं। 22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी विमानों को गिराने के बाद ईरान में जश्न ईरान में अमेरिकी विमानों को गिराने के दावों के बाद सड़कों पर जश्न का माहौल देखा जा रहा है। ईरान में इन घटनाओं को लेकर काफी गर्व और उत्साह का माहौल है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे शुरुआत से ही ऐसे कदमों का वादा कर रहे थे और उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं जो अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि आज की घटनाओं से यह साफ हो गया है। ईरान ने आगे और हमले करने की भी बात कही है और कहा है कि अमेरिका ने उनकी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की ताकत को कम आंका है। 33 मिनट पहले कॉपी लिंक इराकी समूह का दावा- अमेरिकी ठिकानों पर एक दिन में 19 हमले इराक के सशस्त्र संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले एक दिन में इराक और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 हमले किए हैं। समूह के अनुसार, इन हमलों में कई दर्जन ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों को लेकर अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। 44 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया इजराइल की वायुसेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के एक रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाकर हमला किया। इजराइली सेना (IDF) के अनुसार, इस लॉन्चर का इस्तेमाल कुछ ही मिनट पहले उत्तरी इजराइल पर रॉकेट दागने के लिए किया गया था। सेना ने बताया कि हमले के कुछ ही मिनटों बाद इस लॉन्चर को बमबारी कर नष्ट कर दिया गया। IDF के मुताबिक, हिजबुल्लाह की ओर से किए गए रॉकेट हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। 53 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरानी पुल पर हमले में 13 लोगों की मौत ईरान में तेहरान और कराज के बीच स्थित B1 पुल पर हुए हमले में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी पर भी हवाई हमला किया गया। पिछले कुछ दिनों में कई आम नागरिकों से जुड़े संस्थानों को नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा, तेहरान में वैक्सीन बनाने वाले पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी 24 घंटे पहले हमला हुआ था। 02:35 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक ईरानी मिसाइल हमले से इजराइल के कई इलाकों में नुकसान ईरानी मिसाइल हमले के बाद इजराइल में नुकसान और अफरा-तफरी की खबरें सामने आई हैं। इजराइल की वल्ला न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेल अवीव के पास बनी ब्राक इलाके में कांच के टुकड़ों से एक व्यक्ति घायल हो गया। साथ ही, इंटरसेप्ट किए गए ईरानी मिसाइल के टुकड़े 17 अलग-अलग जगहों पर गिरे। एजेंसी ने बताया कि रोश हआयिन के एक रिहायशी इलाके में भी मिसाइल का असर हुआ, जिससे काफी नुकसान हुआ और वहां बिजली भी चली गई। वहीं, एक किंडरगार्टन (बच्चों के स्कूल) के पास भी मलबा मिला है। 02:25 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पायलट की तलाश के लिए 2 ऑपरेशन चला रहा

Mossad Biggest Missions Story; Israel Secret Operations Lessons

Mossad Biggest Missions Story; Israel Secret Operations Lessons

Hindi News Lifestyle Mossad Biggest Missions Story; Israel Secret Operations Lessons | Michael Bar Zohar Book Review 44 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक किताब: मोसाड: इजराइल की खुफिया एजेंसी के बेमिसाल अभियान (अंग्रेजी किताब ‘मोसाड- द ग्रेटेस्ट मिशन्स ऑफ द इजराइली सीक्रेट सर्विस’ का हिंदी अनुवाद) लेखक: माइकल बार-जोहार, निसिम मिशाल अनुवाद: मदन सोनी प्रकाशक: मंजुल पब्लिकेशन मूल्य: 499 रुपए इजराइल के प्रसिद्ध लेखक माइकल बार-जोहार और निसिम मिशाल ने खुफिया एजेंसी ‘मोसाड’ के सीक्रेट मिशन्स की कहानियां लिखी हैं। यह सिर्फ जासूसी कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह साहस, रणनीति और धैर्य का जीवंत दस्तावेज है। इसकी लेखन शैली इतनी प्रभावशाली है कि हर मिशन एक थ्रिलर फिल्म जैसा लगता है। आज बुक रिव्यू में हम किताब की पांच सबसे रोमांचक और सहसिक मिशन की बात करेंगे। 1. अडोल्फ आइशमन की गिरफ्तारी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजी अधिकारी अडोल्फ आइशमन ने लाखों यहूदियों की हत्या करवाई और युद्ध के बाद गायब हो गया। वह अपनी पहचान छिपाकर अर्जेंटीना में ‘रिकार्डो क्लेमेंट’ नाम से एक सामान्य जीवन जी रहा था। लेकिन मोसाड ने 15 सालों तक उसकी तलाश जारी रखी और उसे ढूंढ निकाला। मिशन की खासियत मोसाड के एजेंट्स ने अर्जेंटीना जाकर आइशमन की पहचान की, उसे सड़क से उठाया और बेहोश करके एक विमान के जरिए गुप्त रूप से इजराइल ले आए। इस ऑपरेशन से कई अंतरराष्ट्रीय कानून और सीमाएं आड़े आईं, फिर भी इसे अंजाम तक पहुंचाया गया। इस मिशन से क्या सबक मिलते हैं, ग्राफिक में देखिए- 2. ‘ऑपरेशन एंटेब्बे’ में असंभव को बनाया संभव जुलाई 1976 में एयर फ्रांस का एक विमान हाईजैक हो गया। आतंकी विमान को युगांडा के एंटेब्बे एयरपोर्ट ले गए। उन्होंने गैर-यहूदी यात्रियों को छोड़ दिया, लेकिन 100 से ज्यादा यहूदियों को बंधक बना लिया। इजराइल से युगांडा की दूरी 4,000 किलोमीटर से भी ज्यादा थी और वहां का क्रूर तानाशाह ईदी अमीन आतंकियों की मदद कर रहा था। दुनिया को लगा कि बंधकों को बचाना नामुमकिन है। इसके बावजूद मोसाड ने बंधकों को छुड़ा लिया। मिशन की खासियत इजराइली कमांडोज ने रात के अंधेरे में हजारों मील उड़कर एंटेब्बे पर धावा बोला। इसमें एक मर्सिडीज का इस्तेमाल करके दुश्मन को चकमा दिया गया, जो हूबहू ईदी अमीन की कार जैसी दिखती थी। कमांडोज ने महज 53 मिनट के भीतर बंधकों को छुड़ा लिया। 3. म्यूनिख आतंकियों को खोज-खोजकर मारा 1972 के म्यूनिख ओलंपिक के दौरान ‘ब्लैक सितंबर’ नाम के एक आतंकी संगठन ने 11 इजराइली खिलाड़ियों की हत्या कर दी थी। खेल के मैदान पर हुए इस खूनी खेल ने पूरी दुनिया को हिला दिया। मोसाड ने संकल्प लिया कि वह इस कायराना हमले के दोषियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेगा। मिशन की खासियत मोसाड ने ‘रैथ ऑफ गॉड’ (ईश्वर का प्रकोप) नामक ऑपरेशन शुरू किया। मोसाड के हिट स्क्वाड ने दुनिया के अलग-अलग कोनों में छिपे उन सभी आतंकियों को एक-एक करके ढूंढ निकाला और खत्म कर दिया। यह मिशन कई साल तक चला। 4. ऑपरेशन डायमंड में दुश्मन का सबसे घातक विमान चुरा लिया 1960 के दशक में सोवियत संघ का ‘MiG-21’ लड़ाकू विमान दुनिया का सबसे घातक हथियार माना जाता था। अमेरिका और इजराइल इस विमान की तकनीक को समझना चाहते थे, लेकिन यह उनके लिए एक अनसुलझी पहेली था। इसे हासिल करना लगभग असंभव था, क्योंकि यह दुश्मन के सख्त पहरे में रहता था। मिशन की खासियत मोसाड ने बिना कोई हमला किए, एक इराकी ईसाई पायलट मुनीर रेडफा को इस बात के लिए राजी कर लिया कि वह अपना विमान उड़ाकर सीधे इजराइल ले आए। यह मिशन पूरी तरह से ‘साइकोलॉजिकल वॉरफेयर’ था। मोसाड ने बिना कोई लड़ाई लड़े ही दुश्मन की सबसे बड़ी ताकत को हथिया लिया। 5. ऑपरेशन मोजेज आमतौर पर खुफिया एजेंसियों का नाम सुनते ही जासूसी और हमलों का ख्याल आता है, लेकिन मोसाड का यह मिशन बिल्कुल अलग था। 1980 के दशक में इथियोपिया में भीषण अकाल और गृहयुद्ध छिड़ा हुआ था, जिससे वहां रहने वाले हजारों यहूदी संकट में थे। उन्हें वहां से निकालना लगभग नामुमकिन था। मिशन की खासियत मोसाड ने सूडान के तट पर एक नकली ‘डाइविंग रिसॉर्ट’ बनाया ताकि वे इथियोपियाई यहूदियों को समुद्र और हवा के रास्ते गुप्त रूप से इजराइल ला सकें। यह एक बेहद जोखिम भरा मिशन था, जहां जासूसों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों मासूमों की जान बचाई। अब ये जानते हैं कि किताब क्यों पढ़नी चाहिए- यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए? इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाड के बेमिसाल अभियान पढ़ने के पीछे कई कारण हैं- इस किताब में सच्ची घटनाओं पर आधारित रोमांचक कहानियां हैं। इसमें आपको रियल लाइफ थ्रिलर जैसा अनुभव मिलता है। यह साहस, धैर्य और रणनीति के बेहतरीन उदाहरण सिखाती है। किताब लीडरशिप और संकट में निर्णय लेने की कला समझाती है। इसमें बताया गया है कि बुद्धिमत्ता कितनी शक्तिशाली होती है। यह आपको इतिहास और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की गहरी समझ देती है। किताब प्रेरणा देती है कि मुश्किल हालात में भी हार नहीं माननी चाहिए। यह मनोरंजन और ज्ञान का शानदार संतुलन प्रदान करती है। किसे पढ़नी चाहिए? यह किताब उन लोगों को बेहद पसंद आएगी, जो थ्रिलर फिल्में या कहानियां पसंद करते हैं। यह किताब किसे पढ़नी चाहिए, ग्राफिक में देखिए- किताब के बारे में मेरी राय इस किताब की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टोरीटेलिंग स्टाइल है। हर मिशन को इस तरह लिखा गया है कि पाठक खुद को उस स्थिति में महसूस कर सकता है। भाषा सरल और प्रभावशाली है, जिससे यह किताब हर तरह के पाठकों के लिए उपयुक्त बन जाती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किताब एक विशेष दृष्टिकोण से लिखी गई है। इसलिए इन सभी घटनाओं और मिशनों को संतुलित रूप से समझने के लिए दूसरी किताबें भी पढ़नी चाहिए। ……………… ये खबर भी पढ़िए बुक रिव्यू- दिमाग में आने वाली हर बात सच नहीं: ज्यादा सोचने से ज्यादा दुख होगा, ओवरथिंकिंग न करें, समझने के लिए ये किताब पढ़ें ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को अंदर-ही-अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता में परेशान होते हैं या अतीत के पछतावे में जलते रहते हैं। जोसेफ नूयेन की किताब इसी मानसिक जाल को

इजराइल में फिलिस्तीनी अपराधियों को 90 दिन में फांसी:अपील करने का अधिकार खत्म, मंत्रियों ने संसद में शैंपेन खोल जश्न मनाया

इजराइल में फिलिस्तीनी अपराधियों को 90 दिन में फांसी:अपील करने का अधिकार खत्म, मंत्रियों ने संसद में शैंपेन खोल जश्न मनाया

इजराइल की संसद (नैसेट) ने सोमवार को फिलिस्तीनी अपराधियों को सजा देने वाला बिल पास कर दिया है। इसके तहत वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनियों को इजराइली नागरिकों की हत्या करने या आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने पर सीधे मौत की सजा दी जा सकेगी। इसमें अपील का भी कोई अधिकार नहीं होगा। सजा सुनाए जाने के 90 दिनों के अंदर फांसी दी जाएगी। यह कानून राष्ट्रवादी या आतंकवादी इरादे से की गई हत्याओं पर लागू होगा। हालांकि, अदालत को विशेष कारणों के तहत उम्रकैद की सजा देने का भी अधिकार होगा। यह बिल राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इत्तमार बेन ग्विर ने आगे बढ़ाया था। बिल पास होने के बाद बेन ग्विर और दूसरे सांसदों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोलकर जश्न मनाया। उन्होंने कहा, “आज इजराइल खेल के नियम बदल रहा है, जो यहूदियों की हत्या करेगा, वह सांस नहीं ले सकेगा।” बेन ग्विर ने पहले धमकी दी थी कि अगर बिल पर वोट नहीं कराया गया तो उनकी पार्टी सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। इजराइल में फिलिस्तीनियों और इजराइली यहूदियों के लिए अलग कानून इस बिल की मांग इजराइल के चरमपंथी दक्षिणपंथी गुट लंबे समय से करते आ रहे थे। वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर मिलिट्री कानून लागू होता है। इस बिल के जरिए मिलिट्री कोर्ट के नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अब जज बिना सर्वसम्मति के भी मौत की सजा सुना सकेंगे। दूसरी ओर, इजराइली यहूदी बस्ती निवासी जो वेस्ट बैंक में रहते हैं, उनपर इजराइली सिविलियन कानून लागू होता है। इसका मतलब है कि उनका मुकदमा सामान्य इजराइली नागरिक अदालतों में चलता है। इसका नतीजा यह है कि एक ही इलाके में दो लोग एक ही तरह का अपराध करें, तो उन्हें अलग-अलग सजा दी जाएगी। इससे फिलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा की आशंका बढ़ जाएगी। इजराइली संगठनों ने बिल को भेदभाव वाला बताया मानवाधिकार संगठनों ने इसे नस्लीय भेदभावपूर्ण और बदला लेने वाली नीति बताया है। इस बिल का विरोध करते हुए इजराइल के मानवाधिकार और नागरिक समाज संगठनों ने कहा कि यह कानून फिलिस्तीनियों के खिलाफ नस्लीय हिंसा को बढ़ावा देंगे। संगठनों ने इसे फिलिस्तीनियों को निशाना बनाने वाला और इजराइलियों को छूट देने वाला बताया। विपक्षी नेता यायर लापिद ने बिल की आलोचना करते हुए इसे हमास के सामने समर्पण बताया। उन्होंने कहा, “हम हमास जैसे नहीं हैं, हम हमास के बिल्कुल उलट हैं।” बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर बिल पास होने के तुरंत बाद इस बिल के खिलाफ इजराइल के सिविल राइट्स संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही इसे असंवैधानिक बताते हुए खारिज करने की मांग की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले इस बिल का विरोध किया था, लेकिन गाजा सीजफायर लागू होने के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया और अंतिम वोट में इसका समर्थन किया। इजराइल में अब तक सिर्फ दो बार ही मौत की सजा दी गई इजराइल के पूरे इतिहास में केवल दो बार ही मौत की सजा दी गई। पहला मामला 1948 के अरब-इजराइली युद्ध के दौरान का है। इजराइली सेना के कैप्टन मेयर टोबियान्स्की को जासूसी के आरोप में एक सैन्य अदालत में दोषी ठहराया गया और उसी दिन फायरिंग स्क्वाड से गोली मारकर सजा दी गई। बाद में जांच में पता चला कि वे निर्दोष थे। 1950 के दशक में उन्हें मरणोपरांत बरी कर दिया गया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ फिर से दफनाया गया। दूसरा मामला 1962 का है, जब होलोकॉस्ट के प्रमुख वास्तुकार एडोल्फ आइचमैन को फांसी दी गई। 1960 में आइचमैन को इजराइली खुफिया एजेंटों ने अर्जेंटीना से पकड़ा था। यरुशलम में लंबे सार्वजनिक मुकदमे के बाद उन्हें नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया गया। इजराइल की सर्वोच्च अदालत ने अपील खारिज कर दी और 31 मई 1962 की रात को उन्हें यरुशलम की जेल में फांसी दी गई। इसके बाद इजराइल में मौत की सजा लगभग पूरी तरह से बंद रही। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन ने बिल पर चिंता जताई इस बिल को लेकर जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह कानून इजराइल के लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र पहले ही वेस्ट बैंक के सैन्य अदालतों की आलोचना कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह फिलिस्तीनियों के लिए सही जांच प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकारों का उल्लंघन है। यह कानून 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में शामिल आतंकियों पर लागू नहीं होगा, इसके लिए सरकार एक अलग ट्रिब्यूनल बनाने का प्रस्ताव कर रही है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट-अमेरिका की ईरान में घुसकर यूरेनियम जब्त करने की तैयारी: ट्रम्प 10 हजार एक्स्ट्रा सैनिक भेज रहे, अप्रैल तक जंग खत्म करना मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई करने का आदेश दे सकते हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ईरान के पास मौजूद यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Hindi News International Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty Of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate 17 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Hindi News International Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty Of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate 2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। गवर्नर रॉन डेसैंटिस ने सोमवार को बिल साइन किया। मंजूरी मिलने पर यह बदलाव 1 जुलाई से लागू हो सकता है। फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा। ट्रम्प के फैमिली बिजनेस ने फरवरी में ही इस नए नाम के लिए ट्रेडमार्क आवेदन किया था। इससे साफ है कि नाम बदलने की तैयारी पहले से चल रही थी। अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं। ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे हैं संस्थान एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं: नेवी के नए युद्धपोतों का प्रस्तावित नाम विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम सरकारी दवा वेबसाइट बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। फ्लोरिडा में ही मियामी में ट्रम्प की प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी बनाने की योजना है। ट्रम्प ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक विशाल कांच की इमारत, गोल्डन स्टैच्यू, प्राइवेट जेट और लग्जरी सुविधाएं दिखाई गईं। इस प्रोजेक्ट के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कमिंग सून के साथ डोनेशन का विकल्प दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… इजराइल में फिलिस्तीनियों को हमलों में दोषी पाए जाने पर सीधे फांसी की सजा; मंत्रियों ने संसद में शैंपेन की बोतल खोल जश्न मनाया इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; Donald Trump Hormuz Strait

Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; Donald Trump Hormuz Strait

Hindi News International Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; Donald Trump Hormuz Strait | Benjamin Netanyahu तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी31 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 29वां दिन है। पीएम मोदी ने शनिवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर ईरान जंग को लेकर बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे समुद्री रास्ते खुले और सुरक्षित रहने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की निंदा की। वहीं, ईरान जंग के बीच तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री 30 मार्च को पाकिस्तान पहुंचेंगे। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है, जिसमें कई देशों के विदेश मंत्री एक साथ शामिल होंगे। पाकिस्तान में क्यों हो रही मीटिंग… पाकिस्तान के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना जा रहा है। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया। पाकिस्तान इस समय किसी एक पक्ष में सीधे शामिल नहीं है, इसलिए उसे न्यूट्रल जगह माना जा रहा है। उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है। तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक हैं। ईरान जंग से जुड़ी तस्वीरें… ईरान ने शुक्रवार को इजराइल में ड्रोन हमले किए। ईरानी सेना के मुताबिक, तेल अवीव में अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजराइल ने ईरान के खोंडाब (अराक) हेवी वाटर न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स पर शुक्रवार रात हमला किया। ईरान ने शुक्रवार को इजराइल पर दागी गई मिसाइलों पर थैंक यू इंडिया लिखकर आभार जताया। ईरानी सेना के मुताबिक यह संदेश उन देशों के लिए बताया गया जिन्होंने ईरान के प्रति समर्थन दिखाया है। लेबनान में शुक्रवार को इजराइल ने लोगों से गांव खाली करने को कहा, जिसके बाद सड़कों पर रात गुजारते लोग। गाड़ी को धक्का देकर खेलते बच्चे। ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी पल पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 31 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के विदेश मंत्री का दावा- होर्मुज से रोज गुजरेंगे 2 पाकिस्तानी जहाज पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया है कि ईरान सरकार ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। इस स्ट्रेट से रोजाना दो जहाज गुजरेंगे। 07:18 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक तुर्किये और इजिप्ट के विदेश मंत्री पाकिस्तान पहुंचे ईरान-USA के बीच बढ़ते तनाव के बीच हाई-लेवल बातचीत के लिए तुर्किये के विदेश मंत्री हकन फिदान पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। उनसे पहले इजिप्ट के विदेश मंत्री के भी पाकिस्तान पहुंचने की खबर सामने आई है। यह एक बड़ा डिप्लोमैटिक कदम है क्योंकि क्षेत्रीय ताकतें संकट का रास्ता तय करने के लिए आगे आ रही हैं। 06:15 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक ईरानी मीडिया की अमेरिका को चेतावनी, लिखा- नरक में स्वागत है ईरानी अखबार तेहरान टाइम्स ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। अखबार ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका की सेना ईरान की जमीन पर आई, तो वह ‘ताबूत में ही वापस जाएगी’। इस खबर को अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर ‘नरक में स्वागत है’ हेडलाइन के साथ छापा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब खबरें हैं कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रम्प जमीनी कार्रवाई (ग्राउंड ऑपरेशन) करने का ऑप्शन देख रहे हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अगर अमेरिका ईरान के पास मौजूद खास परमाणु सामग्री को हासिल करना चाहता है, तो उसे बड़ी संख्या में सैनिक भेजने पड़ सकते हैं, क्योंकि यह सामग्री जमीन के काफी अंदर छिपाई गई है। ईरान पहले भी कह चुका है कि अगर उस पर जमीनी हमला हुआ, तो वह जोरदार जवाब देगा। अखबार में सैनिकों की तस्वीर भी दिखाई गई है, जिससे यह मैसेज दिया गया है कि ईरान किसी भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। 06:09 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक ईरान और आर्मेनिया के विदेशमंत्री ने फोन पर बात की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान ने ईरान जंग को लेकर फोन पर बात की। बातचीत के दौरान अरारत मिर्जोयान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि आर्मेनिया की सरकार और जनता इस दुख की घड़ी में ईरान के साथ खड़ी है। इसके अलावा मिर्जोयान ने आम नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता जताई। 06:02 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक दक्षिणी लेबनान पर हुए हमले में 9 हेल्थ वर्कर्स की मौत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि दक्षिणी लेबनान में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए पांच अलग-अलग हमलों में 9 पैरामेडिक्स (हेल्थ वर्कर्स) की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हुए हैं। WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस ने कहा कि ये हमले उस समय हुए जब मेडिकल टीमें अलग-अलग गांवों में अपनी ड्यूटी निभा रही थीं। हालांकि WHO ने इन हमलों के लिए किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। WHO के मुताबिक, बार-बार हो रहे इन हमलों का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिख रहा है। दक्षिणी लेबनान में अब तक 4 अस्पताल और 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके। 05:27 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक इजराइल में मिसाइल का मलबा गिरने से 11 लोग घायल सेंट्रल इजराइल में एक मिसाइल को हवा में ही रोकने के दौरान उसका मलबा गिरने से 11 लोग घायल हो गए और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। यह घटना एश्ताओल इलाके में हुई, जहां इजराइल की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची और घायलों का इलाज किया। 05:04 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक एक्सपर्ट बोले- अमेरिका-इजराइल के मुकाबले ईरान की रणनीति ज्यादा क्लियर मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट रॉस हैरिसन के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी

Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; India Hormuz Strait

Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; India Hormuz Strait

Hindi News International Iran US Israel War LIVE Situation Photos Update; India Hormuz Strait | Donald Trump Benjamin Netanyahu तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी10 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के नौसेना चीफ अलिरेजा तंगसीरी को मारने का दावा किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि ईरान के बंदर अब्बास इलाके में हुई एयरस्ट्राइक में तंगसीरी मारे गए। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, तंगसीरी वही कमांडर थे जिन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की प्लानिंग की थी। हालांकि ईरान ने अभी तक तंगसीरी के मौत की पुष्टि नहीं की है। अलिरेजा तंगसीरी को 2018 में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना का चीफ नियुक्त किया था। ईरान की होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर हमले की धमकी इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका, ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है। बाब-अल-मंदेब रेड सी का एंट्री प्वाइंट है। यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है। बाब-अल-मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है। अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और बढ़ सकता है। ईरान की मदद कर सकते हैं हूती विद्रोही यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपये) का सामान इस रास्ते से गुजरता है। रोजाना लगभग 45 लाख बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है। हालांकि, इसे बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से करीब 2500 किमी दूर है। हालांकि यह यमन के पास स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं। पहले भी गाजा युद्ध के दौरान हूती ने ड्रोन और मिसाइल से जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था। ईरान की मदद कर सकते हैं हूती विद्रोही यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपये) का सामान इस रास्ते से गुजरता है। रोजाना लगभग 45 लाख बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है। हालांकि, इसे बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से करीब 2500 किमी दूर है। हालांकि यह यमन के पास स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं। पहले भी गाजा युद्ध के दौरान हूती ने ड्रोन और मिसाइल से जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… इजराइल पर ईरानी मिसाइल के हमले के बाद एक कार हवा में उड़ गई। ईरान ने बुधवार को इजराइल के हदेरा में पावर प्लांट को निशाना बनाया। ईरान ने बुधवार को कुवैत में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 10 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प बोले- ईरान डील के लिए गिड़गिड़ा रहा ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की भीख मांग रहा है। दरअसल, ट्रम्प सरकार की ओर से ईरान को 15 पॉइंट वाला सीजफायर प्रस्ताव भेजे जाने की खबर है। यह इस हफ्ते पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाई गई। इस प्रस्ताव पर ईरान के रुख को लेकर अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि तेहरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरानी अधिकारी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले बहुत अलग और अजीब हैं। वे एक तरफ हमसे समझौते के लिए ‘भीख मांग रहे’ हैं, दूसरी तरफ वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को देख रहे हैं। यह गलत है। उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द गंभीर होना चाहिए, क्योंकि अगर देर हो गई तो फिर वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा, और हालात बहुत खराब हो जाएंगे।” 20 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में अब तक 1,937 लोगों की मौत ईरान में जारी युद्ध के दौरान अब तक 1,937 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी ईरान के डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर अली जाफरियन ने दी। उन्होंने बताया कि मरने वालों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की है, जिसमें 240 महिलाएं और 212 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा युद्ध में 24,800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में करीब 4,000 महिलाएं और 1,621 बच्चे शामिल बताए गए हैं। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक युगांडा बोला- ईरान को हराने के लिए इजराइल का साथ देंगे युगांडा के सेना प्रमुख मुहूजी कैनरुगाबा ने ऐलान किया है कि अगर इजराइल हार के कगार पर पहुंचता है, तो उनका देश ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो सकता है। कैनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट का युद्ध अब खत्म हो, दुनिया इससे थक चुकी है। लेकिन अगर इजराइल को खत्म करने या हराने की बात होती है, तो हम इजराइल के पक्ष में युद्ध में उतरेंगे।” युगांडा का इजराइल के समर्थन की 3 संभावित वजह युगांडा और इजराइल के बीच लंबे समय से सैन्य और सुरक्षा सहयोग रहा है। दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी और ट्रेनिंग को लेकर भी रिश्ते मजबूत हैं। इसलिए युगांडा खुलकर इजराइल के समर्थन में दिख रहा है। 1976 में इजराइल ने युगांडा के एंटेब्बे एयरपोर्ट पर बंधकों को छुड़ाने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाया था। उस मिशन में इजराइल के कमांडर योनी नेतन्याहू मारे गए थे। योनी, इजराइली पीएम बेंजामिन के बड़े भाई थे। यह घटना आज भी दोनों देशों के रिश्तों में अहम मानी जाती है। इजराइल का समर्थन करके युगांडा, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के करीब रहना चाहता है, जिससे उसे

Parliament Budget Session LIVE Update; BJP Congress | Modi US Israel iran war

Parliament Budget Session LIVE Update; BJP Congress | Modi US Israel iran war

Hindi News National Parliament Budget Session LIVE Update; BJP Congress | Modi US Israel Iran War | Oil Gas Crisis नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक संसद में बजट सत्र के दूसरे फेज का आज 10वां दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मिडिल-ईस्ट में जारी जंग से बने हालातों पर राज्यसभा में दोपहर 2 बजे बयान देंगे। उन्होंने सोमवार को ईरान जंग पर लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी। मोदी ने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हमें एकजुट रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। पीएम ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सदन के दूसरे फेज के पिछले 9 दिन की कार्यवाही… 23 मार्च : पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- 41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 18 मार्च : देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 मार्च : लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च : राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च : LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च : शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च : गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट