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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी10 मिनट पहले
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इजराइल ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के नौसेना चीफ अलिरेजा तंगसीरी को मारने का दावा किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि ईरान के बंदर अब्बास इलाके में हुई एयरस्ट्राइक में तंगसीरी मारे गए।
इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, तंगसीरी वही कमांडर थे जिन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की प्लानिंग की थी। हालांकि ईरान ने अभी तक तंगसीरी के मौत की पुष्टि नहीं की है।

अलिरेजा तंगसीरी को 2018 में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना का चीफ नियुक्त किया था।
ईरान की होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर हमले की धमकी
इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका, ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है।
बाब-अल-मंदेब रेड सी का एंट्री प्वाइंट है। यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है।
बाब-अल-मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है। अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और बढ़ सकता है।
ईरान की मदद कर सकते हैं हूती विद्रोही
यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपये) का सामान इस रास्ते से गुजरता है। रोजाना लगभग 45 लाख बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है।
हालांकि, इसे बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से करीब 2500 किमी दूर है। हालांकि यह यमन के पास स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं। पहले भी गाजा युद्ध के दौरान हूती ने ड्रोन और मिसाइल से जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था।

ईरान की मदद कर सकते हैं हूती विद्रोही
यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपये) का सामान इस रास्ते से गुजरता है। रोजाना लगभग 45 लाख बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है।
हालांकि, इसे बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से करीब 2500 किमी दूर है। हालांकि यह यमन के पास स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं। पहले भी गाजा युद्ध के दौरान हूती ने ड्रोन और मिसाइल से जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था।
ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

इजराइल पर ईरानी मिसाइल के हमले के बाद एक कार हवा में उड़ गई।

ईरान ने बुधवार को इजराइल के हदेरा में पावर प्लांट को निशाना बनाया।

ईरान ने बुधवार को कुवैत में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
10 मिनट पहले
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ट्रम्प बोले- ईरान डील के लिए गिड़गिड़ा रहा
ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की भीख मांग रहा है।
दरअसल, ट्रम्प सरकार की ओर से ईरान को 15 पॉइंट वाला सीजफायर प्रस्ताव भेजे जाने की खबर है। यह इस हफ्ते पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाई गई। इस प्रस्ताव पर ईरान के रुख को लेकर अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं।
एक तरफ ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि तेहरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरानी अधिकारी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा
ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले बहुत अलग और अजीब हैं। वे एक तरफ हमसे समझौते के लिए ‘भीख मांग रहे’ हैं, दूसरी तरफ वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को देख रहे हैं। यह गलत है।

उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द गंभीर होना चाहिए, क्योंकि अगर देर हो गई तो फिर वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा, और हालात बहुत खराब हो जाएंगे।”
20 मिनट पहले
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ईरान में अब तक 1,937 लोगों की मौत
ईरान में जारी युद्ध के दौरान अब तक 1,937 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी ईरान के डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर अली जाफरियन ने दी।
उन्होंने बताया कि मरने वालों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की है, जिसमें 240 महिलाएं और 212 बच्चे शामिल हैं।
इसके अलावा युद्ध में 24,800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में करीब 4,000 महिलाएं और 1,621 बच्चे शामिल बताए गए हैं।
31 मिनट पहले
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युगांडा बोला- ईरान को हराने के लिए इजराइल का साथ देंगे
युगांडा के सेना प्रमुख मुहूजी कैनरुगाबा ने ऐलान किया है कि अगर इजराइल हार के कगार पर पहुंचता है, तो उनका देश ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो सकता है।
कैनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट का युद्ध अब खत्म हो, दुनिया इससे थक चुकी है। लेकिन अगर इजराइल को खत्म करने या हराने की बात होती है, तो हम इजराइल के पक्ष में युद्ध में उतरेंगे।”
युगांडा का इजराइल के समर्थन की 3 संभावित वजह
- युगांडा और इजराइल के बीच लंबे समय से सैन्य और सुरक्षा सहयोग रहा है। दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी और ट्रेनिंग को लेकर भी रिश्ते मजबूत हैं। इसलिए युगांडा खुलकर इजराइल के समर्थन में दिख रहा है।
- 1976 में इजराइल ने युगांडा के एंटेब्बे एयरपोर्ट पर बंधकों को छुड़ाने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाया था। उस मिशन में इजराइल के कमांडर योनी नेतन्याहू मारे गए थे। योनी, इजराइली पीएम बेंजामिन के बड़े भाई थे। यह घटना आज भी दोनों देशों के रिश्तों में अहम मानी जाती है।
- इजराइल का समर्थन करके युगांडा, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के करीब रहना चाहता है, जिससे उसे सैन्य और आर्थिक फायदा मिल सकता है।
55 मिनट पहले
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ईरान की होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी
ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश की संसद (मजलिस) होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर यह लागू होता है, तो ईरान इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजरने के लिए जहाजों से शुल्क वसूल सकता है।
संसद की कंस्ट्रक्शन कमेटी के प्रमुख ने बताया कि इस संबंध में एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है, लेकिन इसे अभी औपचारिक रूप से बिल के रूप में पेश नहीं किया गया है। उनका कहना है कि इस प्रस्ताव का मकसद जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि टोल की राशि कितनी होगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने अब तक चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत जैसे देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के नजरिए से होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि ‘दुश्मनों के लिए बंद’ है।
10:54 AM26 मार्च 2026
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अबू धाबी में मिसाइल के टुकड़े गिरने से 2 की मौत, 3 घायल
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में एक इंटरसेप्ट की गई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के टुकड़े (शार्पनल) गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए।
अधिकारियों का कहना है कि भले ही मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम से हवा में ही मार गिराया जा रहा है, लेकिन उनके गिरते हुए टुकड़े दुबई, अबू धाबी और अन्य इलाकों में लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
यह संघर्ष अब 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिकी जमीनी सेना की मदद करेंगे, वे भी निशाने पर आ सकते हैं। हालांकि खाड़ी देशों का कहना है कि वे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं।
10:41 AM26 मार्च 2026
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ईरान जंग में 2700 से ज्यादा मौतें

10:30 AM26 मार्च 2026
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ट्रम्प बोले- NATO ने ईरान जंग में मदद नहीं की
डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से NATO सहयोगी देशों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई में NATO देशों ने बिल्कुल भी मदद नहीं की।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में कहा, “NATO देशों ने उस ‘पागल देश’ ईरान के खिलाफ, मदद के लिए कुछ भी नहीं किया। अमेरिका को NATO से किसी चीज की जरूरत नहीं है, लेकिन इस समय को कभी मत भूलिए।”
10:10 AM26 मार्च 2026
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ईरानी कमांडर बोले- हमारी जमीन का एक-एक इंच सुरक्षित
ईरान के एक सैन्य कमांडर ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अमेरिका और इजराइल के लिए जमीनी युद्ध कहीं ज्यादा खतरनाक और महंगा साबित होगा।
ईरानी मीडिया के मुताबिक सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने कहा कि सीमाओं पर दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और ईरान किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
जहानशाही ने कहा कि ईरान की जमीन का एक-एक इंच सुरक्षित है। यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें हैं कि ट्रम्प सरकार ईरान पर दबाव बनाने के लिए फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की सोच रहा है, ताकि होर्मुज को फिर से खोला जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के हफ्तों में खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त सैनिक और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं और अपनी तैयारी बढ़ा दी है।
09:57 AM26 मार्च 2026
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ईरान जंग में मारे जाने वाले टॉप 7 नेता

09:37 AM26 मार्च 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान ने सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर दिया
डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव मिला था। लेकिन उन्होंने इस पद को ठुकरा दिया। रिपब्लिकन पार्टी के फंडरेजर कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रम्प ने कहा-
“इतिहास में कोई भी देश का चीफ ऐसा नहीं रहा होगा जिसे ईरान का नेता बनने में इतनी कम दिलचस्पी हो। वे कहते हैं कि हम आपको अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं। लेकिन मैंने कहा- थैंक्यू, मुझे यह नहीं चाहिए।”

ट्रम्प ने फिर से अमेरिका की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे ईरान से बातचीत चल रही है और ईरानी सरकार युद्धविराम चाहती है, लेकिन घरेलू दबाव के डर से खुलकर ऐसा नहीं कह पा रही।
उन्होंने कहा, “हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि दुनिया ने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। वे बातचीत कर रहे हैं और बहुत ज्यादा समझौता करना चाहते हैं। लेकिन उन्हें डर है कि अगर उन्होंने यह बात कही तो उनके अपने लोग ही उन्हें मार सकते हैं। उन्हें हमसे भी डर है।”
हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही।
09:30 AM26 मार्च 2026
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ईरान जंग के बाद ट्रम्प की लोकप्रियता में गिरावट
ट्रम्प ने हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के एक फंडरेजिंग इवेंट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी इस साल होने वाले मिडटर्म चुनाव जीतने वाली है।
हालांकि, कुछ सर्वे इससे अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, ट्रम्प की लोकप्रियता इस समय लगभग 36% है। जबकि जंग से पहले ये आंकड़ा करीब 40% था।
उनकी लोकप्रियता कम होने की एक बड़ी वजह ईरान के साथ चल रहा तनाव और अमेरिका में बढ़ती तेल और गैस की कीमतें हैं।
09:16 AM26 मार्च 2026
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इजराइल के काफ्र कासिम इलाके में ईरानी मिसाइल हमले का वीडियो
09:00 AM26 मार्च 2026
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ईरान बोला- अमेरिका दोस्तों की हिफाजत नहीं कर पाया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका-इजराइल से दूरी बनाए रखें और जंग से दूर रहें। उन्होंने कहा, “इस युद्ध ने दिखाया कि अमेरिकी बेस मेजबान देशों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे, बल्कि वे खुद खतरे का कारण बन गए।” उन्होंने कुछ देशों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले कहा था कि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होगा, लेकिन बाद में ऐसा हुआ। अराघची ने कहा “ईरान ने अपने विरोधियों के कई मकसद नाकाम कर दिए हैं। अब अगर वे बातचीत की बात कर रहे हैं, तो यह साबित होता है कि उनकी हार हो चकी है।” होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद से यह दुश्मनों और उनके साथियों के लिए बंद है, लेकिन यह हमारे दोस्तों के लिए खुला है। उन्होंने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों को आने-जाने की अनुमति दी गई है।
08:46 AM26 मार्च 2026
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कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल पहुंची
ईरान जंग थमने की उम्मीद कम होती दिख रही है और इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह बढ़त ऐसे समय आई है जब ईरान ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।
दरअसल, बुधवार को खबर आई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर बातचीत चल रही है, जिससे कीमतों में थोड़ी गिरावट आई थी। लेकिन ईरान के इनकार के बाद फिर से बाजार में चिंता बढ़ गई है।
ईरान जंग शुरू होने के बाद से अब तक तेल की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इसकी बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी है, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है।
08:30 AM26 मार्च 2026
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ईरान ने बाब अल-मंदेब पर हमले की चेतावनी दी
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल जंग को और बढ़ाते हैं और उसके द्वीपों (जैसे खार्ग द्वीप) पर हमला करते हैं, तो वह बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद कर सकता है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से होकर जहाज स्वेज नहर की तरफ जाते हैं।
ईरान पहले ही होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बनाए हुए है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आर्थिक असर और बढ़ सकता है।
दुनिया के समुद्री तेल का करीब 12 प्रतिशत इस रास्ते से गुजरता है, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है। यह यमन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती मौजूद हैं।

08:22 AM26 मार्च 2026
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इजराइल ने ईरानी नेवी कमांडर की मौत का दावा किया

इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर किए गए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराया है।
अलीरेजा तंगसीरी IRGC नेवी के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था। खास तौर पर होर्मुज में जहाजों की निगरानी और सैन्य कार्रवाई में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
हालांकि ईरान की तरफ से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
08:12 AM26 मार्च 2026
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ईरान बोला- सीजफायर पर कोई बातचीत नहीं हो रही
ईरान ने कहा है कि उनकी अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीजफायर की कोई बातचीत नहीं चल रही है।
प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि ईरान की रणनीति फिलहाल अमेरिका और इजराइल के खिलाफ डटे रहने की है।
उन्होंने बाहरी देशों की गारंटी पर भी सवाल उठाए और कहा कि अंतरराष्ट्रीय भरोसे 100 प्रतिशत विश्वसनीय नहीं होते। अराघची ने बताया कि कई देशों ने उनसे संपर्क किया है, लेकिन इससे उनका रुख नहीं बदला है।
अराघची ने कहा, “अगर बिना गारंटी के युद्धविराम किया जाता है, तो इससे सिर्फ युद्ध दोबारा शुरू होगा।“ उन्होंने यह भी कहा कि हमले करने वालों को रोका जाना चाहिए और ईरान को हुए नुकसान की भरपाई भी होनी चाहिए।
08:01 AM26 मार्च 2026
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ब्रिटिश रक्षा मंत्री बोले- ईरान के एक्शन के पीछे पुतिन का रोल
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने BBC से बातचीत में कहा कि रूस और ईरान के बीच एक खतरनाक दोस्ती पनप रही है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने से पहले रूस, ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा था और उसे सैन्य ट्रेनिंग भी मुहैया करा रहा था।
हीली ने कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सैन्य स्तर पर भी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की गतिविधियों में पर्दे के पीछे से ‘पुतिन का रोल’ साफ नजर आता है।
07:55 AM26 मार्च 2026
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दावा- पाकिस्तान के कहने पर इजराइल ने ईरानी विदेश मंत्री को नहीं मारा
एक पाकिस्तानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान के कहने पर इजराइल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया।
अधिकारी के मुताबिक, “इजराइल के पास उनके सटीक ठिकाने थे और वह उन्हें मारना चाहता था। हमने अमेरिका से कहा कि अगर इन्हें भी खत्म कर दिया गया, तो बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिका ने इजराइल से पीछे हटने को कहा।”
07:43 AM26 मार्च 2026
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ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी
ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान समेत मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है।
न्यूज एजेंसी ANI ने यह जानकारी मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी है। कॉन्सुलेट ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ‘मित्र देशों’ को होर्मुज से गुजरने की छूट है।
ईरान पहले भी कह चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है। यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत को 5 बड़े फायदे…
- भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल इंपोर्ट करता है, जिसमें 55-60% खाड़ी देशों से आता है। यहां होर्मुज एक अहम चोक पॉइंट है।
- भारत हर दिन लगभग 50 लाख बैरल तेल इस्तेमाल करता है। होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा तो यह सप्लाई बिना रुकावट आती रहेगी।
- जंग की वजह से तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई। रास्ता खुलने से कीमतें स्थिर रहेंगी।
- तनाव के समय जहाजों का इंश्योरेंस 2-3 गुना तक बढ़ गया था। अब रास्ता सुरक्षित होने से ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी।
- मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज अब लगभग 5 से 10 दिनों में पहुंच सकते हैं।

07:30 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा
कई रिपोर्ट्स अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा है। यह प्लान पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया।
अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं ये शर्तें रखीं हैं…
- न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक और परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देना
- यूरेनियम संवर्धन को सीमित या पूरी तरह बंद करना और स्टॉक IAEA को सौंपना
- बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण या कटौती करना
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित रास्ता देना
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी न्यूक्लियर साइट्स तक पूरी और बिना शर्त पहुंच देना
- प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज, फोर्डो और इस्फहान को सीमित या खत्म करना
- हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम या बंद करना
- क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना और तनाव घटाना
- एक तय समय के लिए सीजफायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके
- भविष्य में युद्ध न हो इसके लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना
- समुद्री और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- ईरान की मिसाइल रेंज और इस्तेमाल को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करना
- बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाना
- सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और ऊर्जा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देना
- मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए लंबी अवधि का रोडमैप लागू करना
07:11 AM26 मार्च 2026
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ट्रम्प के लिए होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना मुश्किल क्यों
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा युद्ध अब इतना बढ़ गया है कि होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद हो गया है। इस वजह से सैकड़ों तेल टैंकर दोनों तरफ खड़े हैं और आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
इससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वह इस समुद्री रास्ते को ‘किसी भी तरह’ फिर से खोलेंगे। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह काम इतना आसान नहीं है।
अगर ईरान से कोई समझौता नहीं होता या अमेरिका कोई बड़ा मिलिट्री एक्शन नहीं लेता, तो इस रास्ते पर पूरी तरह से आवाजाही बहाल करना मुश्किल होगा। पढ़ें पूरी खबर…

07:04 AM26 मार्च 2026
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कुवैत में हिजबुल्लाह से जुड़े 6 लोग गिरफ्तार
कुवैत में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ‘स्लीपर सेल’ ग्रुप से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। कुवैत के गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह ग्रुप हिजबुल्लाह से जुड़ा हुआ था।
गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 कुवैती नागरिक हैं, जबकि एक अन्य देश का नागरिक भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे देश के बड़े नेताओं और अहम संस्थानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
सरकार ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े 14 और लोगों की पहचान की गई है, जिनमें कुवैत, ईरान और लेबनान के लोग शामिल हैं। हालांकि इनमें से कई लोग देश छोड़कर भाग चुके हैं।
06:53 AM26 मार्च 2026
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जर्मनी बोला- ईरान जंग हमारी लड़ाई नहीं, इसमें नहीं फंसना
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने ईरान जंग को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए तबाही बताया है। उन्होंने कहा कि इस जंग का असर अब साफ तौर पर पूरी दुनिया पर दिखने लगा है।
ऑस्ट्रेलिया की संसद में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह युद्ध शुरू से ही गलत दिशा में जा रहा है और इसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ रहा है। जर्मनी इस युद्ध का हिस्सा नहीं है और न ही इसमें शामिल होना चाहता है।
पिस्टोरियस ने कहा कि जर्मनी को इस युद्ध से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी और न ही उससे सलाह ली गई। उन्होंने दो टूक कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है, इसलिए हम इसमें फंसना नहीं चाहते।
उन्होंने अमेरिका और ईरान से अपील की कि वे जल्द से जल्द गोलीबारी और हिंसा रोकें और बातचीत का रास्ता अपनाएं।
06:48 AM26 मार्च 2026
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चीन बोला- अमेरिका-ईरान बात करेंगे तो शांति की उम्मीद बनेगी
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान बातचीत शुरू करते हैं, तो इससे शांति की एक उम्मीद नजर आती है।
वांग यी ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलात्ती से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों देश बातचीत के संकेत दे रहे हैं, जो अच्छा बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आकर दोनों पक्षों के बीच संवाद को बढ़ावा देना चाहिए।
चीन का मानना है कि हालात भले ही गंभीर हों, लेकिन अगर बातचीत शुरू होती है, तो युद्ध को खत्म करने की उम्मीद बनेगी।
06:26 AM26 मार्च 2026
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ईरान का दावा- अब तक 700 मिसाइल और 3600 ड्रोन हमले किए
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत इजराइल के 70 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इनमें हाइफा, डिमोना और तेल अवीव के आसपास के इलाके शामिल बताए गए हैं।
ईरान का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक वह 700 से ज्यादा मिसाइलें और 3600 ड्रोन दाग चुका है। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने 200 से ज्यादा हमलों को हवा में ही रोक दिया।
06:23 AM26 मार्च 2026
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एक्सपर्ट बोले- चीन का ऑयल रिजर्व मार्केट में आएगा तभी कीमतें कम होंगी
ईरान जंग के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी इसमें जल्दी राहत मिलना मुश्किल है।
इकोनॉमिस्ट विलियम ली का कहना है कि अमेरिका ने अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व से तेल निकालकर बाजार में डालना शुरू किया है, लेकिन इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा।
उनका कहना है कि यह कदम ज्यादा मनोवैज्ञानिक असर डालता है, यानी बाजार को थोड़ा शांत करता है, लेकिन असल में सप्लाई ज्यादा नहीं बढ़ती।
उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास करीब 415 मिलियन (41.5 करोड़) बैरल तेल का भंडार है, लेकिन इसे दुनिया के उन हिस्सों तक पहुंचाने में समय लगेगा, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
इस समय सबसे ज्यादा मांग एशिया में है, खासकर चीन को छोड़कर बाकी देशों में। ऐसे में अमेरिका से तेल भेजना आसान नहीं है और इसमें समय भी लगता है।
विलियम ली का कहना है कि तेल की कीमतों में असली राहत तभी मिल सकती है, जब चीन भी अपने भंडार से तेल बाजार में उतारे। माना जाता है कि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता और अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वह अपने स्टॉक का इस्तेमाल करेगा।
06:00 AM26 मार्च 2026
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ईरान के इस्फहान में धमाके, यहां कई सैन्य ठिकाने
ईरान के इस्फहान शहर में गुरुवार सुबह हमलों की खबर सामने आई है। एक्टिविस्ट्स और लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर और उसके आसपास के इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए।
इस्फहान राजधानी तेहरान से करीब 330 किलोमीटर दूर है। यहां कई अहम सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसी इलाके में ईरान का एक बड़ा एयरबेस और न्यूक्लियर साइट भी है, जिसे पहले भी हमलों में निशाना बनाया जा चुका है।
ईरान के अखबार ‘हम मिहान’ ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। वहीं, फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले दो रिहायशी इलाकों पर भी किए गए, हालांकि ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
05:25 AM26 मार्च 2026
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ईरान का दावा- अमेरिका का F-18 जेट गिराया
ईरान ने बुधवार रात दावा किया कि उसने अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, यह कार्रवाई देश के दक्षिणी तटीय इलाके के पास की गई।
हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिका का F-18 विमान गिरा दिया।
05:15 AM26 मार्च 2026
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ईरान के शिराज पर हमला, दो लड़कों की मौत
ईरान के शिराज इलाके में अमेरिका और इजराइल के हमले में दो लड़कों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला शिराज काउंटी के काफरी गांव के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम को हुआ।
04:36 AM26 मार्च 2026
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ईरान को ट्रम्प के दामाद पर भरोसा नहीं, शांतिवार्ता के लिए उपराष्ट्रपति वेंस पहली पसंद
ईरान ने ट्रम्प सरकार को संकेत दिया है कि वह राष्ट्रपति की चुनी हुई टीम के बजाए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना ज्यादा पसंद करेगा। CNN के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि ईरान वेंस को युद्ध विरोधी मानता है।
ईरान ट्रम्प के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत नहीं करना चाहता। ईरान का कहना है उनके साथ बातचीत चल रही थी तभी अमेरिका-ईजराइल ने हमला कर दिया था।
एक राजनयिक सूत्र ने CNN के हवाले से कहा कि पुरानी टीम के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है। ईरान को लगता है कि बातचीत का प्रस्ताव सिर्फ अमेरिका-इजराइल के लिए एक और चाल है, ताकि वे फिर से हमले के लिए कुछ और समय ले सकें। पढ़ें पूरी खबर…

04:20 AM26 मार्च 2026
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ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून बना सकता है
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद ऐसा कानून लाने की सोच रही है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूला जाएगा।
ईरान की सरकारी एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि इस कानून का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। संसद की सिविल अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ने कहा कि यह कदम जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
उनका कहना है कि जैसे किसी देश से गुजरने वाले माल पर टैक्स लिया जाता है, उसी तरह होर्मुज स्ट्रेट भी एक अहम रास्ता है, इसलिए यहां से गुजरने वाले जहाजों और टैंकरों से टैक्स लेना लीगल है।

04:08 AM26 मार्च 2026
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दक्षिण लेबनान में इजराइली सेना से भिड़े हिजबुल्लाह के लड़ाके
लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाके दक्षिण लेबनान में इजराइली सेना के साथ सीधे भिड़ रहे हैं।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसने कंतारा इलाके में इजराइल के एक मेरकावा टैंक पर मिसाइल से हमला किया। कि उसके लड़ाके दक्षिण के शहर की ओर जाने वाली सड़क पर इजराइली सैनिकों से भिड़े।
संगठन ने यह भी दावा किया है कि तायबेह-कंतारा रोड पर एक और मेरकावा टैंक को निशाना बनाया गया और देइर सिरयान इलाके में भी इजराइली सेना के साथ झड़प हुई।
इस बीच इजराइल ने दक्षिण लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका मकसद वहां एक बफर जोन बनाना है, ताकि सीमा क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
03:55 AM26 मार्च 2026
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ईरान बोला- शांति की कोई उम्मीद नहीं
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उसे अब शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। ईरान का कहना है कि उसे अमेरिका की तरफ से दिए जा रहे शांति प्रस्ताव पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी तक कोई असली बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने साफ किया कि भले ही कुछ देश बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हों और मैसेज भेज रहे हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बातचीत शुरू हो गई है।
ईरान का मानना है कि अमेरिका एक तरफ शांति की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ युद्ध भी जारी रखता है। इसी वजह से तेहरान को यह ‘शांति का प्रस्ताव’ भरोसेमंद नहीं लग रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने जो 15 पॉइंट का प्लान भेजा है, उसे भी ईरान गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसके बजाय ईरान अब अपनी ‘सेल्फ डिफेंस’ की रणनीति पर जोर दे रहा है।
03:46 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका मिडिल ईस्ट में 2,500 सैनिक तैनात करेगा
अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 2,500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने जा रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी मीडिया को दी है।
अधिकारी के मुताबिक, इन सैनिकों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली कॉम्बैट ब्रिगेड के कमांडर और लॉजिस्टिक सपोर्ट यूनिट भी शामिल होंगी।
03:36 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका का दावा- अब तक ईरान के 9 हजार ठिकानों पर हमले किए
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब तक 9,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। ऑपरेशन शुरू होने के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले करीब 90% तक घट गए हैं।
लेविट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 से ज्यादा नौसैनिक जहाज भी नष्ट किए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में माइन बिछाने वाले पोत शामिल हैं। उन्होंने इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद इतने कम समय में नौसेना को हुआ सबसे बड़ा नुकसान बताया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की तस्वीर।
03:25 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका बोला- अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर सुरक्षित
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने साफ कहा है कि उसका एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अभी भी पूरी तरह एक्टिव है और ईरान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखे हुए है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह युद्धपोत क्षेत्रीय समुद्र में रहकर लगातार हवाई ऑपरेशन चला रहा है और ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इससे पहले ईरान की तरफ से दावा किया गया था कि उसने इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइलें दागी थीं और उसे अपनी पोजिशन बदलनी पड़ी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने USS अब्राहम लिंकन की 4 तस्वीरें जारी की




03:19 AM26 मार्च 2026
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ईरानी नागरिकों पर बैन को लेकर ऑस्ट्रेलिया सरकार की निंदा
ऑस्ट्रेलिया सरकार के ईरानी नागरिकों पर लगाए गए बैन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। एक मानवाधिकार संगठन ने इस फैसले को ‘शर्मनाक’ बताते हुए कड़ी आलोचना की है।
सिडनी स्थित असाइलम सीकर्स सेंटर ने कहा कि यह बैन एक नए कानून का नतीजा है, जिसे इसी महीने जल्दबाजी में पास किया गया। संगठन का कहना है कि यह कदम ऑस्ट्रेलिया की शरण देने वाली व्यवस्था की बुनियाद को कमजोर कर सकता है।
संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सालों से नेता लोगों से कहते रहे हैं कि वे कानूनी तरीके से सुरक्षा पाने के लिए आवेदन करें। लेकिन अब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय संकट बढ़ रहा है, तो सरकार खुद ही लोगों के लिए रास्ता बंद कर रही है।
उनका कहना है कि इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जो अपने देश में खतरे में हैं और सुरक्षित जगह की तलाश में हैं। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा पर एंट्री अस्थायी रूप से रोक दी है।
03:08 AM26 मार्च 2026
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इजराइल में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 5,100 लोग घायल
इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 5,165 लोग घायल हुए है। मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 106 लोग अभी भी इलाज करा रहे हैं। घायलों में 13 की हालत गंभीर है।
03:07 AM26 मार्च 2026
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हिजबुल्लाह का दावा- इजराइल की राजधानी तेल अवीव में हमला किया
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल की राजधानी तेल अवीव में सेना के मुख्यालय को निशाना बनाया है।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसने सेंट्रल तेल अवीव में स्थित “किर्या” नाम के इलाके पर कई खास मिसाइलों से हमला किया। यह वही जगह है जहां इजराइली सेना का मुख्यालय मौजूद है और कई अहम सरकारी दफ्तर भी यहीं से चलते हैं।
हालांकि, इस पूरे हमले को लेकर अभी तक इजराइल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
02:23 AM26 मार्च 2026
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UN ने मिडिल ईस्ट के लिए खास दूत नियुक्त किया
UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अनुभवी डिप्लोमेट जीन अर्नो को अपना विशेष प्रतिनिधि बनाकर इस मिडिल ईस्ट में भेजने का फैसला किया है।
UN का कहना है कि जीन अर्नो अब सीधे जमीन पर जाकर काम करेंगे। वे अलग-अलग देशों और इस युद्ध में शामिल पक्षों से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि किसी तरह बातचीत के जरिए हालात शांत किए जा सकें। उनका काम सिर्फ नेताओं से बात करना ही नहीं होगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि इस युद्ध का आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है।
एंटोनियो गुटेरेस ने साफ कहा है कि यह संघर्ष अब धीरे-धीरे काबू से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र किया, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
जीन अर्नो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने अफ्रीका, एशिया, यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे कई हिस्सों में शांति मिशनों पर काम किया है। उन्हें मुश्किल हालात में बातचीत कराकर समाधान निकालने के लिए जाना जाता है।

जीन अर्नो को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में 30 साल काम करने का अनुभव है।
01:56 AM26 मार्च 2026
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अमेरिका की धमकी- ईरान हार माने, नहीं तो बड़ा हमला करेंगे
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने हार नहीं मानी, तो उस पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे हैं। अगर ईरान नहीं माना, तो उस पर पहले से ज्यादा ताकत से हमला होगा।
हालांकि, अमेरिका एक तरफ धमकी दे रहा है तो, दूसरी तरफ बातचीत भी जारी है। वहीं ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि वह ट्रम्प की शर्तों पर जंग खत्म नहीं करेगा।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए जो प्रस्ताव भेजा, वह धोखा है और जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और इसका मकसद सिर्फ दबाव बनाना है। ईरान ने कहा है कि युद्ध का अंत तभी होगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी। इसके लिए उसने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं-
- ईरान के खिलाफ हमलों और टारगेटेड किलिंग्स पर पूरी तरह रोक
- भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की ठोस गारंटी
- युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा
- सभी मोर्चों पर संघर्ष का पूर्ण अंत
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता
ईरान ने यह भी कहा कि जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। उसका कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदलता है, जबकि तेहरान अपने रुख पर स्थिर है।
01:34 AM26 मार्च 2026
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कतर के अमीर शेख तमीम ने इराकी पीएम से बात की
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने पर जोर दिया।
अमीरी दीवान के बयान के मुताबिक, कतर के अमीर ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बना रहे ईरानी हमलों की निंदा की। इसे देशों की संप्रभुता व अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि इन हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
01:33 AM26 मार्च 2026
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लेबनान में इजराइली एयरस्ट्राइक में 2 की मौत, 8 घायल
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के हारूफ कस्बे पर इजराइल के हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।
इससे पहले भी दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में तीन लोगों की मौत और 11 के घायल होने की खबर सामने आई थी।
01:33 AM26 मार्च 2026
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ईरान के लमर्ड एयरपोर्ट पर हमला, कोई हताहत नहीं
ईरान के दक्षिण-पश्चिमी फार्स प्रांत स्थित लमर्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिका-इजराइल के हमले में प्रोजेक्टाइल गिरे हैं। यह जानकारी ईरानी सरकारी एजेंसी IRNA की रिपोर्ट में दी गई है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, इससे पहले लमर्ड में हुए हमलों में आम लोगों के हताहत होने की भी खबरें आई थीं।












































