PM Modi on US Israel vs Iran War; Finland Alexander Stubb

Hindi News National PM Modi On US Israel Vs Iran War; Finland Alexander Stubb | Middle East Ukraine Unrest नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने गुरुवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद दिल्ली में जॉइंट मीडियो कॉन्फ्रेंस की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में जारी जंग को जल्दी खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सैन्य संघर्ष से कोई भी मसला हल नहीं हो सकता। भारत सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करता रहेगा। पीएम ने यह बात फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कही। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सिर्फ सैन्य संघर्ष से कोई भी समस्या हल नहीं हो सकती। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छह दिनों से जंग जारी है। अल जजीरा के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 5000 से ज्यादा बम गिराए हैं। वहीं 20 ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया है। इन हमलों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमला किया है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और पीएम मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी बोले- AI, 6G और क्वांटम टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब बुधवार को चार दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। इस दौरे का उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है। बैठक में दोनों देशों ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने भारत-फिनलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी ने कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देश आगे बढ़ेंगे। भारत-यूरोपीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति स्टब ने आयरनमैन ट्रायथलॉन पूरा किया है, जो बेहद कठिन प्रतियोगिता मानी जाती है। फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब ने भारत की विदेश नीति और आर्थिक प्रगति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया को थोड़ा और भारतीय बनने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है। यूरोप के लिए भारत एक अहम रणनीतिक साझेदार बन चुका है। स्टब ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और पिछले एक दशक में यहां बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी पिछली भारत यात्रा 2013 में हुई थी और तब से देश में काफी परिवर्तन हुआ है। आयरनमैन ट्रायथलॉन के बारे में जानें… आयरनमैन ट्रायथलॉन दुनिया की सबसे कठिन एक-दिवसीय स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है। इसमें लगातार 3.86 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग और 42.2 किमी मैराथन दौड़ पूरी करनी होती है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग, स्पाइसजेट की UAE से दिल्ली-मुंबई के लिए 13 स्पेशल फ्लाइट्स; श्रीनगर लगातार पांचवे दिन बंद अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज छठा दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के कारण मिडिल ईस्ट के देशों में भारत के लिए उड़ान सेवा प्रभावित हुई है। हालांकि बीते 2 दिन में हालात आंशिक रूप से सुधरे हैं। स्पाइसजेट मिडिल ईस्ट में फंसे यात्रियों की वापसी के लिए गुरुवार को UAE से 13 स्पेशल फ्लाइट्स चलाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Iran Leader Khamenei Killed in Israel Missile Attack on Tehran Office

तेल अवीव/तेहरान16 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 30 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे। इजराइल ने कई सालों से इस हमले की तैयारी की थी। उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनिट 8200 ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिण इजराइल के सर्वरों पर भेजी जाती थीं। अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस ऑपरेशन में मदद की। इसमें एक खास कैमरा था, क्योंकि उससे पता चलता था कि सीनियर अधिकारियों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं। इजराइल ने ईरान की फोन टावरों को हैक किया था इन कैमरों से इजराइल को अफसरों के बारे में बहुत जानकारी मिली, जैसे उनका घर कहां है, वे कब ड्यूटी पर आते हैं, कौन सा रास्ता लेते हैं, और सबसे जरूरी बात वे किस नेता की सुरक्षा करते हैं या किसे ले जाते हैं। इसे इंटेलिजेंस में ‘पैटर्न ऑफ लाइफ’ कहते हैं। यह जानकारी इजराइल को खामेनेई की हत्या के लिए बहुत काम आई। यह एकमात्र तरीका नहीं था। इजराइल और CIA ने कई तरह की खुफिया जानकारी जुटाई थी। इजराइल ने पास्चर स्ट्रीट के आसपास के मोबाइल फोन टावरों को भी हैक किया, ताकि हमले के समय फोन व्यस्त दिखें और सुरक्षा टीम को कोई चेतावनी न मिले। 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के दौरान एक प्रोटेस्ट में खामेनेई (बीच में)। ईरान के कोने-कोने से वाकिफ है इजराइली अधिकारी इजराइल के एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने कहा कि वे तेहरान को उतनी अच्छी तरह जानते हैं जितनी अच्छी तरह यरुशलम को जानते हैं। जब आप किसी जगह को इतनी अच्छी तरह जानते हैं, तो वहां की कोई भी छोटी सी गड़बड़ी भी नजर आ जाती है। यह सब इजराइल की यूनिट 8200 (सिग्नल इंटेलिजेंस), मोसाद के ह्मयुमन सोर्स और मिलिट्री इंटेलिजेंस के डेटा से हुआ। उन्होंने सोशल नेटवर्क एनालिसिस नाम की मैथमैटिकल विधि से अरबों डेटा पॉइंट्स को छांटा और नए टारगेट ढूंढे। इजराइल में टारगेटिंग इंटेलिजेंस बहुत जरूरी है, अगर फैसला होता है कि किसी को मारना है, तो इंटेलिजेंस उसे पूरा करने के लिए तैयार हो जाता है। खामेनेई बोले थे- मेरी मौत से फर्क नहीं पड़ता खामेनेई की हत्या एक राजनीतिक फैसला था, सिर्फ तकनीक का कमाल नहीं। जब CIA और इजराइल को पता चला कि शनिवार सुबह खामेनेई अपने ऑफिस में बैठक कर रहे हैं और कई बड़े नेता साथ हैं, तो मौका बहुत अच्छा लगा। युद्ध शुरू होने के बाद उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता, क्योंकि वे बंकरों में छिप जाते। खामेनेई हिज्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की तरह छिपकर नहीं रहते थे। नसरल्लाह सालों से बंकर में रहता था, लेकिन खामेनेई ने कभी-कभी सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी मौत से फर्क नहीं पड़ता। इस्लामिक आंदोलन के दौरान पहलवी शासन के विरुद्ध भाषण देने के लिए खामेनेई को 6 बार गिरफ्तार किया गया था। 37 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज थे खामेनेई आयतुल्ला अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था। अब मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए… अयातुल्ला अली खामेनेई रेजा शाह पहलवी की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे। 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे। 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामिक सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया। 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने। 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की पत्नी की भी मौत ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 2 दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है। मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल हुई थीं। इसी हमले में खामेनेई मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि मंसूरेह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मंसूरेह ने 1964 में अयातुल्ला अली खामेनेई से शादी की थी। उस वक्त खामेनेई एक युवा धर्मगुरु के रूप में सक्रिय थे। 1947 में मशहद में जन्मीं मंसूरेह एक धार्मिक परिवार से आती हैं। उनके पिता आयतुल्लाह मोहम्मद बघेर खोझस्तेह मशहद के प्रतिष्ठित धर्मगुरु थे। सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद मंसूरेह ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए रखी। (फाइल फोटो) पिछले साल ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिक मारे गए थे जून 2025 के 12 दिनों के युद्ध में इजराइल ने ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिकों और बड़े अधिकारियों को मारा था। उस समय ईरान के एयर डिफेंस को साइबर अटैक, छोटे ड्रोन और सटीक मिसाइलों से नष्ट किया गया था। इजराइल ने स्पैरो मिसाइल इस्तेमाल की, जो 1000 किलोमीटर से
Israel Iran US War Hezbollah Attack Stopped; 20 Photos

तेल अवीव/तेहरान15 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का आज चौथा दिन है। इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने सोमवार रात ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले किए। उसने गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा भी किया। शनिवार को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल तीन दिन में 2000 से ज्यादा बम गिरा चुके हैं। इसमें ईरान में करीब 600 लोग जान गंवा चुके हैं। 20 फोटोज में देखें, हमलों के बाद के हालात… हिज्बुल्लाह के दागे रॉकेट को रोकने के लिए इजराइल ने पहली बार आयरन बीम का इस्तेमाल किया। आयरन बीम इजराइल का एडवांस लेजर एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका काम कम दूरी से दागे गए रॉकेट, मोर्टार, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट करना है। गल्फ देशों में ईरान के हमले और असर की तस्वीरें… ईरान ने सोमवार को सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आरामको की है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल रोजाना है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर स्कायलाइट को निशाना बनाया। इससे उसके एक भाग में आग लग गई। बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी हमले का फुटेज। ईरान के हमलों की वजह से दुबई में सोमवार को इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया। कुवैत ने गलती से अमेरिका के फाइटर जेट गिराए कुवैत ने सोमवार को 3 अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स गिरा दिए। अमेरिका के मुताबिक, कुवैत के एयरडिफेंस सिस्टम ने इन विमानों को गलती से दुश्मन समझकर निशाना बनाया। सभी पायलट सुरक्षित हैं। अमेरिकी फाइटर पायलट ने जेट से कूद कर अपनी जान बचाई। बेरूत में इजराइल के हमले की तस्वीरें इजराइल ने लेबनान के शहर बेरूत में रविवार को हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इजराइल ने बेरूत के लोगों से शहर छोड़ने को कहा। इसके बाद लोग देर रात से ही देश से बाहर जा रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। इजराइल ने ईरान पर फिर मिसाइलें दागीं इजराइल ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान में रातभर हवाई हमले किए। इजराइली एयरफोर्स ने तेहरान में स्थित गांधी हॉस्पिटल को निशाना बनाया है। इसमें हॉस्पिटल की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो गई। ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें 2 लोग मारे गए हैं। ईरान के शाजारे तैय्यबेह एलीमेंट्री स्कूल में लगातार तीसरे दिन रेस्क्यू का काम जारी है। अब तक यहां 180 छात्राओं की मौत हो चुकी है। 28 मार्च को एक इजराइली मिसाइल यहां गिरी थी। ईरान ने सोमवार को अपनी भूमिगत सुरंगों के फुटेज जारी किए। इनमें ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर दिखाई दे रहे हैं। इजराइल में हमले के फोटोज इजराइल के बेइत शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले में एक मां-बेटी की मौत हो गई थी। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इस दौरान सायरन बजा तो शोक मनाने वाले बचते दिखाई दिए। यह वायरल वीडियो यरूशलम का है। दावा है कि ईरान की एक मिसाइल ने इजराइल के 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा दिया और तय टारगेट को निशाना बनाया। यह तस्वीर यरूशलम की है। रविवार देर रात ईरान ने यहां एक मिसाइल दागी। वह सड़क पर जा गिरी। इजराइली सुरक्षा बल हमले के बाद के हालात का जायजा ले रहे हैं। तेल अवीव में ईरानी हमलों में एक महिला घायल हो गई। बचावकर्मी उसे अस्पताल ले जाते हुए। इजराइल में हजारों लोग ईरानी हमलों से बचने के लिए बंकर और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। 1 मार्च: अमेरिका-इजराइल की ईरान पर हमले की 3 तस्वीरें इजराइली सेना IDF ने रविवार को तेहरान में हमले का एक और फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने ईरान के एयरबेस पर खड़े एक विमान को निशाना बनाया। फुटेज अमेरिकी सेना ने जारी किया है। ————————- ये खबरें भी पढ़ें अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 50 PHOTOS-VIDEO: एंकर ने रोते हुए खामेनेई की मौत की खबर पढ़ी अमेरिका-इजराइल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक है। रविवार को खामेनेई समर्थकों ने सड़कों पर मातम मनाया। शोक सभाएं और विरोध-प्रदर्शन किया। उधर, कई शहरों से जश्न की खबरें भी आईं। अमेरिका-जापान में भी खामेनेई विरोधियों ने खुशी जताई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
इजराइली राजदूत बोले- मोदी को पता नहीं था हमला होगा:PM का इजराइल दौरा खत्म होने के बाद ईरान पर अटैक को मंजूरी दी

PM मोदी इजराइल दौरे पर 25 और 26 फरवरी को थे, इसके ठीक बाद 28 फरवरी को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर स्ट्राइक्स कर दीं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इजराइल दौर पर होते हुए पीएम मोदी को इसकी जानकारी दी गई थी? क्या हमले के बाद इजराइल ने भारत के विदेश मंत्रालय से इसके बारे में बात की है? कहीं पीएम मोदी के दौरे को इजराइल ने कवर की तरह तो इस्तेमाल नहीं किया? इजराइल ने सबसे पहले ईरान पर प्रिएंपटिव स्ट्राइक का नाम देकर हमले किए। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन हमलों में अमेरिकी भागेदारी की जानकारी की पुष्टि की। लेकिन एक साल में दूसरी बार इजराइल ने क्यों ईरान पर हमला किया? और इजराइल में इस युद्ध को लेकर क्या माहौल है? हमने ये सवाल भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार से पूछे। सवाल: इजराइल ने साल में दूसरी बार प्रिएंपटिव स्ट्राइक की हैं, ईरान पर हमले का अंतिम लक्ष्य क्या है? जवाब: सबसे पहले हम सामने दिख रहे खतरे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना चाहते हैं। ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा बैलेस्टिक मिसाइल की ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, ताकि इजराइल को खत्म कर सके। ईरान पूरे रीजन में अपने प्रॉक्सी ग्रुप को फंड, हथियार और टेक्नोलॉजी दे रहा है। ईरान 2027 तक इजराइल को खत्म करना की बात करता था। जून में हमने उस पर हमले किए थे। ईरान ने अब सहयोग करने से इनकार किया, तो हमने फिर से ऑपरेशन शुरू किया है। सवाल: अगर आप अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेते हैं और रिजीम चेंज होता है तो भविष्य में ईरान में किस तरह की सत्ता होगी? जवाब: हमें नहीं पता कि ईरान में सत्ता बदलेगी या नहीं, लेकिन हम चाहते हैं कि ये जरूर हो। कुछ हफ्ते पहले ही मौजूदा सरकार ने अपने हजारों नागरिकों को मार दिया था। सवाल: ईरान पर हमले PM मोदी के इजराइल दौरे के ठीक बाद हुए हैं, क्या पीएम मोदी को इन हमलों की जानकारी दी गई थी? जवाब: भारत हमारी स्थिति अच्छी तरह जानता है। PM मोदी इजराइल में थे, तब हमें नहीं पता था कि ऑपरेशन होने वाला है। इसकी मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई। तब तक PM मोदी दौरा पूरा करके लौट चुके थे। इजराइल के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को फोन करके बात की थी। सवाल: विदेश मंत्री जयशंकर का इस मामले पर क्या कहना था, अगर आप बता सकें? जवाब: भारत ने अपनी स्थिति पर खुलकर बात की। भारत बातचीत और स्थिरता चाहता है। हमने कई साल ईरान से डिप्लोमेसी के तहत बातचीत की कोशिश की है। अमेरिका ने महसूस किया कि ईरान डिप्लोमेसी के जरिए वक्त बिता रहा है और शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं है। सवाल: इजराइल में लोग ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर जश्न मना रहे हैं, आप बताइए कि इस वक्त इजराइल में कैसा माहौल है? जवाब: इजराइल खुद को सुरक्षित रखना चाहता है। इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले हो रहे हैं। कई लोग खामेनेई की मौत पर खुशी मना रहे हैं, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर इजराइल पर हमले के ऑर्डर देता था, इजराइल के लोगों को मारता था, अब वो नहीं है। हमने ईरान में भी जश्न की फोटो देखी हैं। मुझे लगता है कि ईरान के लोग इस मौके के जरिए सत्ता बदलेंगे।
US Iran Israel War Photos; Ali Khamenei Trump Netanyahu

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल जंग का सोमवार को तीसरा दिन है। इजराइल लगातार ईरान समेत बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। रविवार रात इजराइली सेनाओं ने मिसाइलें दागीं। उधर, ईरान ने भी गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा किया। 23 फोटोज में देखें, हमलों के बाद के हालात… हिजबुल्लाह के दागे रॉकेट को रोकने के लिए इजराइल ने पहली बार आयरन बीम का इस्तेमाल किया। आयरन बीम इजराइल की एडवांस लेजर एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका काम कम दूरी से दागे गए रॉकेट, मोर्टार, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट करना है। गल्फ देशों में ईरान के हमले और असर की तस्वीरें… ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आरामको की है। इसकी क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास मानी जाती है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर स्कायलाइट को निशाना बनाया। इससे उसके एक भाग में आग लग गई। बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी हमले का फुटेज। ईरान के हमलों की वजह से दुबई में सोमवार को इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। कुवैत ने गलती से अमेरिका के फाइटर जेट गिराए कुवैत ने सोमवार को गलती से अमेरिकी फाइटर जेट गिरा दिए। अमेरिकी सेना के मुताबिक, कुवैत के एयरडिफेंस सिस्टम ने गलती से इन विमानों को दुश्मन समझकर निशाना बनाया। कुवैत ने अमेरिका के 3 F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को गिरा दिया। सभी पायलट सुरक्षित। अमेरिकी फाइटर पायलट ने जेट से कूद कर अपनी जान बचाई। बेरूत में इजराइल के हमले की तस्वीरें इजराइल ने बेरूत में रविवार को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इजराइल ने बेरूत के लोगों से शहर छोड़ने को कहा। इसके बाद लोग देर रात से ही देश बाहर जा रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। इजराइल ने ईरान में फिर मिसाइलें दागीं इजराइल ने रविवार को रातभर ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले किए। इजराइली एयरफोर्स ने तेहरान में स्थित गांधी हॉस्पिटल को निशाना बनाया है। इसमें हॉस्पिटल की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो गई। ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें 2 लोग मारे गए हैं। ईरान के शाजारे तैय्यबेह एलीमेंट्री स्कूल में लगातार तीसरे दिन रेस्क्यू का काम जारी है। अब तक यहां 180 छात्राओं की मौत हो चुकी है। 28 मार्च को एक इजराइली मिसाइल यहां गिरी थी। ईरान ने सोमवार को अपनी भूमिगत सुरंगों की फुटेज जारी की। इसमें ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर दिखाई दे रहे हैं। इजराइल में हमले की फोटोज एक ईरानी मिसाइल हमले में मारी गई मां और बेटी के अंतिम संस्कार के दौरान सोमवार को इजराइल के बेइत शेमेश स्थित एक कब्रिस्तान में सायरन बजते ही शोक मनाने वाले लोग बचते दिखाई दिए। यह वायरल वीडियो यरूशलम का है। दावा है कि ईरान की एक मिसाइल ने इजराइल के 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा दिया और तय टारगेट को निशाना बनाया। यह तस्वीर यरूशलम की है। रविवार देर रात ईरान ने यहां एक मिसाइल दागी। वह सड़क पर जा गिरी। इजराइली सुरक्षा बल हमले के बाद के हालात का जायजा ले रहे हैं। तेल अवीव में ईरानी हमलों में एक महिला घायल हो गई। बचावकर्मी उसे अस्पताल ले जाते हुए। इजराइल में हजारों लोग ईरानी हमलों से बचने के लिए बंकर और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। 1 मार्च: अमेरिका-इजराइल की ईरान पर हमले की 3 तस्वीरें इजराइली सेना IDF ने रविवार को तेहरान में हमले का एक और फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने ईरान के एयरबेस पर खड़े एक विमान को निशाना बनाया। फुटेज अमेरिकी सेना ने जारी किया है। —— ये खबरें भी पढ़ें अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 50 PHOTOS-VIDEO: एंकर ने रोते हुए खामेनेई की मौत की खबर पढ़ी अमेरिका-इजराइल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक है। रविवार को खामेनेई समर्थकों ने सड़कों पर मातम मनाया। शोक सभाएं और विरोध-प्रदर्शन किया। उधर, कई शहरों से जश्न की खबरें भी आईं। अमेरिका-जापान में भी खामेनेई विरोधियों ने खुशी जताई। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Iran Leader Khamenei Death | Israel US Strike; Global Reaction

तेहरान52 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की सड़कों पर लोग मातम मनाते दिखे। लोगों ने ‘डेथ टू अमेरिका’ और ‘डेथ टू इजराइल’ के नारे लगाए और जवाबी कार्रवाई की मांग की। भारत में भी शिया समुदाय के लोग खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे। श्रीनगर, लेह, लखनऊ से प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आईं। हालांकि अमेरिका और ईरान के कुछ इलाकों में लोगों ने इस खबर पर जश्न भी मनाया। देखिए अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले से लेकर खामेनेई की मौत और मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात की पूरी VIDEO टाइमलाइन… क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Germany chancellor iran people decide destiny us israel iran war

Hindi News International World Reaction To US Israel And Iran War: Germany Chancellor Iran People Decide Destiny Us Israel Iran War 4 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर जर्मनी ने कहा कि ईरान के लोगों को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा हक है। रूस ने इस हमले को गलत बताया। उधर, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान से बातचीत का रास्ता चुनने को कहा है। इस संघर्ष पर जानिए दुनियाभर के नेता और वर्ल्ड मीडिया का रिएक्शन… 1. अमेरिकी राष्ट्रपति बोले: क्रूर खामेनेई मारा गया डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर कहा, ‘इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक, खामेनेई अब मर चुका है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए इंसाफ है, बल्कि उन महान अमेरिकियों और दुनिया के कई देशों के उन लोगों के लिए भी न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मारा या अपंग किया था।’ ‘वह हमारी इंटेलिजेंस और बेहद एडवांस ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सका। इजरायल के साथ मिलकर किए गए इस ऑपरेशन में न तो वह और न ही उसके साथ मारे गए दूसरे नेता कुछ कर पाए। ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस पाने का यह सबसे बड़ा और इकलौता मौका है।’ 2. जर्मनी के चांसलर बोले- ईरान को पूरा हक जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, ईरान के लोगों को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा हक है। जर्मन सरकार इस समय अमेरिका, इजरायल और इलाके के दूसरे साथियों के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और साथ ही इजरायल की सुरक्षा को लेकर अपनी बात पर कायम है। 3. रूस ने ईरान पर हमले को गलत बताया ईरान के दोस्त रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। रूसी राजदूत वासिली नेबेंजिया ने चेतावनी दी कि ईरान पर हुआ यह हमला क्षेत्र में तनाव बढ़ा चुका है और यह सीमाओं के बाहर भी फैल सकता है। 4. फ्रांस और ब्रिटेन बोला- ईरान बातचीत करे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने एक साझा बयान में ईरान से बातचीत का रास्ता चुनने को कहा। उन्होंने कहा, “हमने इन हमलों में हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन हम अमेरिका और इजरायल के संपर्क में हैं। ईरानी नेतृत्व को बातचीत करनी चाहिए और वहां की जनता को अपना भविष्य तय करने का हक मिलना चाहिए।” 5. ओमान बोला: अमेरिका यह आपकी जंग नहीं है, इसमें और न फंसें ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने X पर लिखा “मैं बहुत निराश हूं। चल रही गंभीर और सक्रिय बातचीत को एक बार फिर बिगाड़ दिया गया है। इससे न तो अमेरिका का कोई फायदा होगा और न ही दुनिया में शांति आएगी। मैं उन मासूम लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मैं अमेरिका से अपील करता हूं कि वो इसमें और न फंसे। यह आपकी जंग नहीं है।” 6. सऊदी अरब: ईरान के जवाबी हमलों की निंदा की सऊदी अरब ने बहरीन, यूएई, कतर, जॉर्डन और कुवैत पर ईरान के जवाबी हमलों की निंदा की। उन्होंने इसे “ईरानी आक्रामकता” बताते हुए कहा कि वे अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव मदद को तैयार हैं। अब जानिए अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध पर मीडिया ने क्या कहा… 1. BBC ने कहा- ईरान के लिए यह बहुत बड़ा मोड़ BBC ने इस घटना को कवर करते हुए लिखा कि ईरान पर पिछले 40 साल से राज करने वाले शख्स की मौत की कल रात सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि कर दी है। इस इस्लामिक देश के लिए यह बहुत बड़ा मोड़ है। ईरान के कई शहरों की सड़कों पर उन लोगों ने जश्न मनाया, जो इस शासन के खिलाफ थे। इससे इजरायल और अमेरिका दोनों का हौसला बढ़ेगा, जिन्होंने ईरानियों से इस मौके का फायदा उठाने और सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की है। कल रात इजरायली सेना ने फिर से बमबारी की। इजरायल का कहना है कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल के ठिकानों, लॉन्चिंग साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है। रेड क्रेसेंट के मुताबिक, पूरे ईरान में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि वे अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला इतिहास के सबसे विनाशकारी हमले से लेंगे। 2. पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कहा- अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद के स्पीकर ने कहा है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने आगे के रास्ते और “हर तरह के हालात” (सभी परिदृश्यों) से निपटने की तैयारी कर ली है। सरकारी टीवी पर जारी एक वीडियो में मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा, “हमने खुद को इन पलों के लिए तैयार किया है और हर स्थिति पर विचार किया है।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “हमारी रेड लाइन पार कर दी है” और उन्हें “इसके नतीजे भुगतने होंगे।” इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अगर मिडिल ईस्ट के इस देश (ईरान) ने अमेरिकी हमलों का पलटवार किया, तो अमेरिका ईरान पर “ऐसी ताकत से हमला करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।” ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने वाले हैं, इतना जोरदार जैसा उन पर पहले कभी नहीं हुआ।” उन्होंने आगे लिखा, “बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई!” 3. अमेरिकी मीडिया NYT: इजरायल और अमेरिका के कट्टर दुश्मन खामेनेई की मौत इस घटना को कवर करते हुए लिखा कि ईरानी सरकार ने रविवार को बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई दशकों से देश के सुप्रीम लीडर थे और इजरायल व अमेरिका के कट्टर
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वीडियो में परेशानी बताते वक्त एसएसडी गर्ल्स कॉलेज बठिंडा की प्रिंसीपल नीरू गर्ग घबराई हुई नजर आईं। US-इजराइल और ईरान जंग से मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने लगे हैं, जिसका असर अब पंजाब के लोगों पर भी दिख रहा है। एयरस्पेस बंद होने से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में दुबई के शारजाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई पंजाबी यात्री फंस गए हैं। . बठिंडा की प्रिंसिपल नीरू गर्ग ने एयरपोर्ट से वीडियो जारी कर बताया कि उनके पास बीपी और शुगर जैसी जरूरी दवाइयां खत्म हो चुकी हैं और हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत सरकार से मदद की अपील की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रबंध नहीं हुआ। नीरू ने बताया कि रात करीब 10 बजे उन्हें एयरपोर्ट से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। उन्हें इंडिगो से भी शिकायत है, क्योंकि एयरलाइन ने बाहर अधिकारियों के मिलने की बात कही थी, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। काफी देर इंतजार के बाद उन्होंने होटल तलाश किया, पर सभी होटल भरे हुए थे। अंत में 20 किलोमीटर दूर एक महंगा होटल मिला, जहां उन्होंने रात बिताई। अब होटल प्रबंधन ने उन्हें कमरा खाली करने को कहा है और उनके पास पैसे भी लगभग खत्म हो चुके हैं। नीरू ने कहा कि उनकी दवाइयां खत्म हो चुकी हैं और कोई कुछ बताने वाला नहीं है। उन्होंने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित निकासी की मांग की है। नीरू ने कहा कि उनके परिचित आर्थिक मदद की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन वे चाहती हैं कि सरकार जल्द हस्तक्षेप कर सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाए। वे अपने बच्चों से मिलने गईं थी। वीडियो में बोलते वक्त टीचर काफी बैचेन नजर आईं। दुबई में फंसी टीचर ने बताए हालात… एयरपोर्स से निकाल दिया, कोई हेल्प नहीं मिली: एसएसडी गर्ल्स कॉलेज बठिंडा की प्रिंसीपल नीरू गर्ग ने कहा कि मैंने भारत सरकार से गुहार लगाई थी कि हमारे लिए कोई प्रबंध किया जाए। मैं आपको ताजा हालात बताना चाहती हूं कि कल हमें रात 10 बजे एयरपोर्ट से बाहर निकाल दिया गया। हमें कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए और न ही कोई सहायता मिली। एयरलाइंस और होटल की समस्या: नीरू गर्ग ने कहा कि हमें सबसे ज्यादा शिकायत इंडिगो एयरलाइंस से है, क्योंकि उन्होंने कहा था कि बाहर उनके अधिकारी मिलेंगे पर वहां कोई नहीं था। हम आधा घंटा बाहर बैठे रहे फिर हमने होटल ढूंढे पर सब भरे हुए थे। 20 किलोमीटर दूर हमें एक बहुत महंगा होटल मिला जहां रात काटी। दवाइयां खत्म हो गई हैं और सरकारी मदद दी जाए: नीरू गर्ग ने बताया कि अब होटल छोड़ने का समय हो चुका है। हमारे पास पैसे खत्म हो गए हैं और सबसे जरूरी बात कि हमारी बीपी और अन्य दवाइयां भी खत्म हो चुकी हैं। मेरी भारत सरकार से विनती है कि कृपया हमसे संपर्क करें और जल्द से जल्द हमें यहां से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। जंग में फंसे पंजाबी यात्रियों की परेशानी के 3 PHOTOS…. दुबई एयरपोर्ट पर परेशान पंजाबी यात्री ने कहा कि वे डरे हुए हैं। उन्हें सुरक्षा दी जाए। दुबई एयरपोर्ट पर परेशान पंजाब के यात्री। इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने से सभी फंसे हैं। दुबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी देता पंजाब का यात्री। हमें एक घंटे पहले बताया कि फ्लाइट कैंसिल हैं शारजाह एयरपोर्ट पर पंजाब के एक यात्री ने बताया कि वह दोपहर ढाई बजे से एयरपोर्ट पर हैं। फ्लाइट की जिम्मेदारी हमारी केयर करना है, लेकिन मैनेजर आया था, हमें कहा कि इंतजाम कर रहे हैं। वह हमें मीठी गोली देकर निकल गया। इसके बाद से कोई पूछने वाला नहीं है। मैं पांच दिन के वीजा पर बच्चों से मिलने आया था। अब मेरा वीजा भी खत्म हो चुका है। एक अन्य पंजाबी यात्री ने बताया कि हम सब यहां पर डरे हुए हैं। घर से बार-बार फोन आ रहे हैं। यहां न रहने के लिए हमारे पास कोई इंतजाम है और न ही कोई एयरपोर्ट की तरफ से व्यवस्था की गई है। अमृतसर से खाड़ी देश जाने वाली कई फ्लाइट रद्द अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं। इससे सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। सुरक्षा कारणों से अमृतसर से दुबई, शारजाह, मस्कट और दोहा जाने वाली लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अचानक मिली इस जानकारी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोहा जाने वाले यात्री अरविंदर सिंह ने बताया, ‘मैं पिछले दो साल से दोहा में लेबर का काम कर रहा हूं। छुट्टी काटकर आज वापस जाना था, लेकिन फ्लाइट रद्द है। अब समझ नहीं आ रहा क्या करूं। पंजाबी यात्रियों के लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर जारी करते खालसा एड के सदस्य। खासला एड आगे आई, हेल्पलाइन नंबर जारी किया UAE में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए ग्लोबल NGO खालसा एड ने हेल्पलाइन नंबर 772 54-7520711 जारी किया है। खालसा एड के सदस्यों ने वीडियो जारी कर कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि मिडिल ईस्ट के देशों में एयरपोर्ट बंद होने की वजह से हमारे बहुत से लोग वहां फंसे हुए हैं। उनके लिए सलाह यह है कि आप जहां भी हैं, वहीं रहें और ज्यादा इधर उधर न घूमें। खाने-पीने का सामान और खासकर पानी का पर्याप्त स्टॉक अपने पास रखें। इंडियन एंबेंसी की वेबसाइट पर नजर रखें खालसा एड ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि भारतीय दूतावास यानी इंडियन एंबेंसी की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज पर लगातार नजर रखें और अपनी जानकारी वहां अपडेट करते रहें, अगर आप अपना होटल या रहने की जगह बदलते हैं, तो उसकी सूचना तुरंत दूतावास को दें ताकि जब सरकार आपको निकालने के लिए जहाज भेजे तो उन्हें आपकी सही लोकेशन पता हो और वे आप तक आसानी से पहुंच सकें। एक-दूसरे की मदद करें, सुरक्षित रहें और घबराएं नहीं। भारत सरकार ने भरोसा दिया है कि हालात मिलते ही फ्लाइट्स भेजकर सबको सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। ************** ये खबर भी पढ़ें: ईरान-इजराइल युद्ध असर अमृतसर से कई उड़ाने रद्द: एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से
Owaisi Slams Modis Israel Love

विजयवाड़ा1 घंटे पहले कॉपी लिंक AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवेसी ने हैदराबाद में मस्जिद-ए-चौक पर एक सभा को संबोधित किया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी का इजराइल के लिए प्यार उनकी विचारधारा से जुड़ा है। हैदराबाद में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि मोदी को अपने भाषण में इजराइली आतंकवाद के बारे में भी बोलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि AIMIM ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ हमेशा बोला है। दरअसल, मोदी 25 फरवरी को अपने 2 दिन के दौर पर इजराइल पहुंचे थे। पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। ओवैसी की ये टिप्पणी इसी दौरे को लेकर आई। ओवैसी ने और क्या कहा… गाजा में 73,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में 36,000 छोटे बच्चे और करीब 15,000 महिलाएं थीं। क्या गाजा में मारे गए सभी लोग हमास के सदस्य थे? हजारों इमारतें गिरा दी गईं और इतना मलबा है कि उसे साफ करने में 10 साल लग सकते हैं। गाजा में जो हो रहा है, क्या उसे आतंकवाद नहीं कहा जाना चाहिए? शेख हसीना को वापस भेजने से बांग्लादेश के साथ मुद्दे सुलझाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी का इजरायल के प्रति झुकाव विचारधारा से जुड़ा है। 1975 में मुंबई में इजरायली कॉन्सुलेट जनसंघ नेताओं से मिला था। नाथूराम गोडसे के भाई गोपाल गोडसे ने 1973 में इजरायली कॉन्सुलेट से मुलाकात कर मुसलमानों के खिलाफ सामग्री प्रकाशित करने के लिए समर्थन मांगा था। ग्लोबल साउथ के देश मोदी के इजरायल के साथ रिश्तों को लेकर चिंतित हैं। अगर मोदी युद्ध का विरोध करते हैं, तो उन्हें अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित हमले की अटकलों के खिलाफ भी बोलना चाहिए था। जायोनिज्म और RSS की विचारधारा एक जैसी है और दोनों नफरत पर आधारित हैं। 1962 के चीन-भारत युद्ध के दौरान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इजरायल से हथियार लिए थे। हिमंता बिस्व सरमा पर कहा- सरमा बिजली के फायदे के लिए देश को कमजोर करेंगे असम के चीफ मिनिस्टर हिमंता बिस्व सरमा पर मुस्लिम ऑटो ड्राइवरों के लिए कम किराए का सुझाव देने वाली टिप्पणी पर भी ओवेसी ने निशाना साधा। ओवैसी ने पूछा कि क्या सरमा बिजली के फायदे के लिए देश को कमजोर करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान, चीन को आने की जरूरत नहीं है। आप सोशल ताने-बाने को तोड़ रहे हैं। AIMIM प्रेसिडेंट ने तेलंगाना के वेमुलावाड़ा में एक दरगाह को गिराए जाने, उत्तराखंड के रुद्रपुर और UP के मेरठ में कथित हेट क्राइम, मध्य प्रदेश के जबलपुर में कुछ घरों पर हमलों की खबरों और गुजरात में शादी के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी करने वाले एक प्रस्तावित कानून की भी निंदा की। ओवैसी के पिछले 3 बड़े बयान… 15 फरवरी: वंदे मातरम वफादारी का टेस्ट ना बने, RSS-बीजेपी भारत को धार्मिक देश बनाना चाहते हैं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम गाना और इसको सम्मान देना देश से वफादारी का टेस्ट ना माना जाए। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत को एक धार्मिक देश बनाना चाहते हैं। न्यूज एजेंसी ANI को 15 फरवरी को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि संविधान ‘हम लोग’ से शुरू होता है, ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से नहीं। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 25 धर्म की आजादी के बुनियादी अधिकार की गारंटी देता है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: हिमंता तुम 2 रुपए के भिखारी, कहो तो अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के मियां मुस्लिम वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- मुझे पता है कि तुम 2 रुपए के भिखारी हो। क्या मैं ये पैसे तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं। दरअसल कुछ दिन पहले हिमंता ने मियां मुस्लिम पर एक बयान दिया था कि अगर वो (मियां मुस्लिम) रिक्शा के लिए 5 रुपए मांगे, तो 4 रुपए ही दो। इस तरह के छोटे-छोटे काम से परेशानी होने पर ही वो राज्य छोड़ेंगे। निजामाबाद रैली में AIMIM चीफ ने कहा कि संविधान सबको बराबर का हक देता है। पीएम हो या सीएम, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन हिमंता कहते हैं कि मियां मुस्लिमों के साथ ऐसा करेंगे। वोट देने बांग्लादेश चले जाएं। आप क्या करना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 10 जनवरी: भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित जनसभा में ये बयान दिया। AIMIM प्रमुख ने कहा पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक ही धर्म का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहब का संविधान कहता है कि कोई भी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मेयर बन सकता है। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… इजराइल में भारतीय UPI चलेगा, मोदी-नेतन्याहू की बैठक में समझौता:मोदी बोले- जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगे, इजराइल आना मेरे लिए गर्व की बात प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल दौरे के आखिरी दिन यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। इस दौरान इसाक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है। फिर पीएम मोदी और इजराइली पीएम नेतन्याहू ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान बताया गया है कि इजराइल में भी अब भारत का UPI पेमेंट सिस्टम चलेगा। PM मोदी ने कहा कि भारत जल्द इजराइल के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi LIVE | Narendra Modi Israel Visit Photos Update; Benjamin Netanyahu

Hindi News International PM Modi LIVE | Narendra Modi Israel Visit Photos Update; Benjamin Netanyahu Drone Missiles Deal नई दिल्ली/तेल अवीव20 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी आज सुबह इजराइल के दौरे पर रवाना हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिन के इजराइल दौरे पर रवाना हो गए हैं। यह उनकी बीते 9 साल में दूसरी इजराइल यात्रा है। इससे पहले वे जुलाई 2017 में गए थे। बुधवार को राजधानी तेल अवीव पहुंचने के बाद PM मोदी नेतन्याहू के साथ प्राइवेट बातचीत करेंगे। मोदी आज इजराइल की संसद को भी संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके अलावा वे भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। मोदी के इस दौरे पर भारत और इजराइल के हथियारों से जुड़ी डील पर बातचीत की संभावना है। इनमें ड्रोन और एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इससे पहले नेतन्याहू ने रविवार को कहा था कि वे अपने प्रिय मित्र के इजराइल आने का इंतजार कर रहे हैं। तस्वीर मोदी के 2017 में पहले इजराइल दौरे की है। उस वक्त नेतन्याहू खुद पीएम को लेने एयरपोर्ट पहुंचे थे। मोदी के भाषण का बहिष्कार कर सकता है इजराइली विपक्ष इजराइली संसद में होने वाला मोदी का भाषण घरेलू राजनीति के विवाद में घिर गया है। इजराइल का विपक्ष बुधवार को संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार करने की योजना बना रहा है। विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आइजैक अमीत को आमंत्रित न किए जाने को लेकर है। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद स्पीकर अमीर ओहाना ने विशेष सत्र में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को आमंत्रित नहीं किया है। परंपरा के मुताबिक ऐसे औपचारिक सत्रों में चीफ जस्टिस को बुलाया जाता है। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री येर लैपिड ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का बहिष्कार दरअसल विपक्ष का भी बहिष्कार है। लैपिड ने कहा कि वे भारत को शर्मिंदा नहीं करना चाहते, जहां 1.5 अरब आबादी वाले देश का प्रधानमंत्री आधी खाली संसद को संबोधित करे। लैपिड ने चेतावनी दी है कि अगर चीफ जस्टिस को नहीं बुलाया गया तो, विपक्ष संसद के सत्र में शामिल नहीं होगा। कल यहूदियों के नरसंहार से जुड़े स्मारक जाएंगे मोदी दौरे के दूसरे दिन मोदी 26 फरवरी को इजराइल के ऐतिहासिक होलोकॉस्ट स्मारक ‘यद वाशेम’ जाएंगे। यह स्मारक जर्मनी में हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख से अधिक यहूदियों की याद में बना है। इनमें करीब 15 लाख बच्चे भी शामिल थे। स्मारक परिसर में पीड़ितों के नामों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक अभिलेखों का विशाल संग्रह है। यहां रखी ‘बुक ऑफ नेम्स’ में लाखों पीड़ितों का विवरण दर्ज है। प्रधानमंत्री इन अभिलेखों का अवलोकन करेंगे और होलोकॉस्ट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यद वाशेम के बाद प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। बैठक में राजनीतिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। जर्मनी में 1941 से 1945 के बीच हिटलर के शासन को दौरान लाखों यहूदी मारे गए थे। इसे नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है। इजराइल के ‘यद वाशेम’ के म्यूजियम में होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों से जुड़ी यादें मौजूद हैं। यहां उनके नाम और तस्वीरें लगाई गई हैं। भारत-इजराइल के बीच ड्रोन डील संभव राष्ट्रपति से मुलाकात के तुरंत बाद मोदी, नेतन्याहू के साथ बैठक में शामिल होंगे। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान भारत और इजराइल के बीच ड्रोन की खरीद और जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग समेत कई बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। फोर्ब्स इंडिया के मुताबिक 2026 में दोनों देशों के बीच 8.6 अरब डॉलर का रक्षा समझौता संभव है। इसमें प्रिसीजन गाइडेड बम और मिसाइल सिस्टम के साथ एडवांस ड्रोन भी शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत हैरोन MK-2 MALE ड्रोन खरीदने की योजना बना रहा है। यह ड्रोन 45 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है, 470 किलोग्राम भार उठा सकता है और 35 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), व्यापार और निवेश, एडवांस टेक्नोलॉजी व इनोवेशन में जैसे मुद्दों पर भी बातचीत संभव हैं। हालांकि संभावित समझौतों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आयरन डोम डिफेंस सिस्टम पर भी बात हो सकती है इजराइल भारत के साथ अपने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम की टेक्नोलॉजी शेयर कर सकता है। यह जानकारी मुंबई में IANS को दिए इंटरव्यू में इजराइल के कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच ने दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एजेंडे में आयरन डोम को लेकर बातचीत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इजराइल इस टेक्नोलॉजी को भारत के साथ शेयर करने के लिए है। रेवाच ने कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत रक्षा संबंध है। अब इसे आगे बढ़ाते हुए भारत में सैन्य उपकरणों के निर्माण पर फोकस किया जाएगा। भारत-इजराइल में FTA पर बातचीत जारी मोदी का यह दौरा ऐसे वक्त पर हो रहा है जब भारत और इजराइल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ है और यह 26 फरवरी 2026 तक चलेगा। नवंबर 2025 में दोनों देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन किए थे, जिससे यह तय हुआ कि किन मुद्दों पर बातचीत होगी और कैसे आगे बढ़ा जाएगा। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल सामान का व्यापार 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 31 हजार करोड़ रुपए रहा। दोनों देश कई क्षेत्रों में एक-दूसरे के लिए फायदेमंद हैं। यह एफटीए दोनों के बीच व्यापार बढ़ाने में मदद करेगा और कारोबारियों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों को ज्यादा भरोसा और स्थिरता देगा। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के एक्सपर्ट्स अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें गुड्स एंड सर्विसेज का व्यापार, रूल्स ऑफ ओरिजन, हेल्थ और पौधों से जुड़े नियम, व्यापार में आने वाली तकनीकी रुकावटें, कस्टम प्रोसेस, व्यापार को आसान









