महिला का शव लटका मिला, बच्ची के मुंह में ढूंसी:गुना में मां बोली- ससुराल वाले करते थे मारपीट, बेटी ने लगाई फांसी

गुना के नानाखेड़ी इलाके में एक नवविवाहिता का शव फांसी फंदे पर लटका मिला। उसकी नाबालिग बेटी के मुंह में रुई ठूंस हुई थी। उसकी भी हालत बिगड़ गई। बच्ची को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं महिला के शव का पोस्टमार्टम किया गया। मिली जानकारी के अनुसार कीर्ति कुशवाह(26) की शादी नानाखेड़ी में रहने वाले नीतीश से हुई थी। दंपत्ति को दस महीने की बेटी है। शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक था, लेकिन कुछ समय पहले से पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते थे। परिवार पर एक लाख रुपए बिजली बिल बकाया था, जिस कारण उनके घर की बिजली काट दी गई थी। इस बात को लेकर भी अक्सर विवाद होता था। जेठानी मंदिर गई थी शुक्रवार सुबह कीर्ति ने अपनी जेठानी के साथ पूजा अर्चना की। इसके बाद वह अपनी बेटी को खाना खिला रही थी। बताया गया है कि कुछ देर बाद उसकी जेठानी मंदिर चली गई। इसी दौरान कीर्ति ने अपनी बच्ची के मुंह और नाक में रुई ठूंस दी। इसके बाद खुद ने घर में ही फंदा लगाकर उस पर झूल गई। जैसे ही उसकी जेठानी वापस लौटी, वह फंदे पर लटकी हुई मिली। वहीं बच्ची जमीन पर बेसुध पड़ी थी। पड़ोसियों ने आकर कीर्ति को फंदे से नीचे उतारा। साथ ही बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने कीर्ति की मृत घोषित कर दिया। वहीं उसकी बेटी का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उसकी स्थिति गंभीर है। दोनों पक्ष हुए आमने सामने कीर्ति के ससुराल वाले और मायके वाले दोनों अस्पताल में आने सामने हो गए। उसकी सास ने कहा कि घटना के समय वह मंडी में गई हुई थी। उस दौरान उसकी दोनों बहुएं आंगन में ही बैठी थीं। कीर्ति बच्ची को खाना खिला रही थी। बड़ी बहु मंदिर चली गई। इसी दौरान उसने फांसी लगा ली। वहीं उसकी मां का कहना है कि ससुराल वाले बच्ची को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उसके साथ मारपीट की जा रही थी। इनकी वजह से ही उसकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रीवा में फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार:72 CAF जांच में गड़बड़ी; एक चेहरे पर कई सिम जारी कर रहे थे

रीवा में फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंटों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस मुख्यालय और दूरसंचार विभाग के निर्देश पर जिले में चलाए गए अभियान के दौरान सिविल लाइन, सिटी कोतवाली और समान थाना क्षेत्रों में जांच की गई। जांच में कुल 72 कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) खंगाले गए, जिनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। सिविल लाइन क्षेत्र से 41, सिटी कोतवाली से 19 और समान क्षेत्र से 12 CAF की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पीओएस संचालक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही व्यक्ति के चेहरे पर कई सिम कार्ड जारी कर रहे थे। कई मामलों में CAF में लगी लाइव फोटो और दस्तावेजों में दर्ज व्यक्ति अलग-अलग पाए गए। आरोपी अधिक कमीशन कमाने के लालच में फर्जी आईडी तैयार कर उसमें अपनी फोटो एडिट कर सिम एक्टिवेट करते थे। ओटीपी के लिए फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करते थे इतना ही नहीं, आरोपी ग्राहक की जगह अपनी ही लाइव फोटो अपलोड कर देते थे और ओटीपी प्राप्त करने के लिए अपने या फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। इस तरह बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों को भी आसानी से सिम उपलब्ध कराए जा रहे थे। मामले में पुलिस ने सिविल लाइन और समान थाने में अपराध दर्ज करते हुए आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 471 के साथ आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(ई) के तहत कार्रवाई की है। दो गिरफ्तार, तीन से पूछताछ हो रही पुलिस ने इस मामले में आशीष कुमार विश्वकर्मा उर्फ अनिकेत, कमल कुशवाहा उर्फ राजा और लवकुश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एडिशनल एसपी आरती सिंह ने कहा कि ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। फर्जी सिम जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस तरह के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है और आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।
टीकमगढ़: बजाज शोरूम से डेढ़ लाख चोरी, आरोपी गिरफ्तार:कैश काउंटर का दराज तोड़ निकाले थे रुपए, दो दिन पहले दिया था वारदात को अंजाम

टीकमगढ़ पुलिस ने एक बाइक शोरूम से हुई चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये चुराने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी राशि बरामद कर ली है। एसपी मनोहर मंडलोई ने गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में यह जानकारी दी। एसपी मंडलोई ने बताया कि यह घटना 22-23 मार्च की रात को थाना देहात क्षेत्र स्थित बजाज मोटरसाइकिल शोरूम में हुई थी। अज्ञात आरोपी ने कैश काउंटर का दराज तोड़कर 1.50 लाख रुपये चुरा लिए थे। छतरपुर निवासी कुलदीप टिकरिया की रिपोर्ट पर थाना देहात में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की जांच के लिए थाना प्रभारी कोतवाली, देहात और बड़ागांव की तीन विशेष टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। गहन जांच के बाद, आरोपी आशीष यादव (पिता रमेश यादव, निवासी बड़ागांव खुर्द) को ग्राम पहाड़ीखुर्द से गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने जुर्म कबूला पूछताछ के दौरान आरोपी आशीष यादव ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई पूरी 1.50 लाख रुपए की राशि बरामद कर ली है। आरोपी को आज न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस गिरफ्तारी में उप निरीक्षक मनोज दुबे, आरक्षक सतीश शर्मा, रामरतन पटसारिया, विकास मिश्रा, आरक्षक मनोज नायक, मुकेश, अरवाज अली और महिला आरक्षक उमा गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि हबीबगंज जैसे भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। . 31 अक्टूबर 2017 की रात करीब साढ़े दस बजे, आरपीएफ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक युवती बदहवास हालत में पहुंची। उसके कपड़े कीचड़ से सने और फटे हुए थे, चेहरा खौफ से भरा था, और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर चार आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था।अगली सुबह जब परिवार एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, तो पुलिस सिस्टम की गंभीर लापरवाही सामने आई। इलाके की सीमा को लेकर एमपी नगर, हबीबगंज और जीआरपी थानों के बीच जिम्मेदारी टाली जाती रही। अब सबसे बड़े सवाल खड़े थे कि आखिर भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई? आरोपी कौन थे? और पुलिस उन तक आखिर कैसे पहुंची? इन सवालों के जवाब पार्ट 2 में पढ़िए… 31 अक्टूबर की रात रिया के साथ रेलवे के आउटर में गैंगरेप हुआ। उसके हालात भी साफ बयां कर रहे थे, लेकिन रिपोर्ट लिखने में पुलिस को 24 घंटे लग गए। अगले दिन दिनभर एक से दूसरे थाने भटकने के बाद आखिरकार शाम आठ बजे जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने लड़की के बयान दर्ज करना शुरू किया। जब रिया ने घटना के बारे में विस्तार से बताया, तो पुलिस भी सिहर उठी। करीब सात बजे रिया जोन-2 स्थित कोचिंग से हबीबगंज रेलवे स्टेशन की ओर आउटर से जा रही थी। जैसे ही वह सुनसान रेलवे ट्रैक के पास पहुंची, अचानक एक युवक उसके सामने आकर खड़ा हो गया। सुनसान पटरी के नीचे नाले के पास ले गए लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को लात मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। हालांकि इससे पहले कि वह संभल पाती, दूसरा युवक गोलू वहां आ पहुंचा। उसने पीछे से उसका हाथ पकड़कर खींचा और दोनों उसे जबरदस्ती पटरी के नीचे की तरफ घसीट ले गए। नीचे गटर का गंदा नाला था, कीचड़ और बदबू से भरा हुआ। दोनों आरोपियों ने उसके साथ झूमा-झटकी शुरू कर दी। रिया खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन वे उसे घसीटते हुए उसी नाले में ले गए, जहां वह गिर पड़ी। कीचड़ में सनी हुई, डरी हुई रिया लगातार छूटने की कोशिश करती रही, लेकिन दोनों ने उसे मजबूती से पकड़ रखा था। पत्थर से पीठ पर वार, फिर दरिंदगी रिया ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अमर को मारा। इससे गुस्से में आकर अमर ने उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ कसकर पकड़ लिए। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पत्थर से उसकी पीठ पर वार किए, जिससे वह दर्द से कराह उठी। इसके बाद अमर ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पहचान छिपाने की कोशिश आरोपियों ने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा। खुद को बचाने के लिए रिया ने सही जानकारी छिपाते हुए बताया कि उसके पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं और उसकी मां टेलर हैं। इस दौरान आरोपियों ने उसकी टाइटन की घड़ी और मोबाइल भी छीन लिया। अमर ने कहा कि उसे रात दो-ढाई बजे तक छोड़ेंगे और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसी बीच गोलू कपड़े लेकर आया। इसके बाद दोनों उसे टनल पार कर प्लेटफॉर्म नंबर-6 की तरफ ले गए, जहां उनके दो अन्य साथी रमेश और राजेश भी आ पहुंचे। लूटपाट, मारपीट के बाद हत्या की साजिश राजेश ने उसे थप्पड़ मारे और उसके कान की बाली भी छीन ली। लगातार मारपीट से वह बुरी तरह कमजोर हो चुकी थी, लेकिन आरोपियों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा था। इसके बाद चारों आरोपी आपस में चर्चा करने लगे कि उसे मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए। गोलू और अमर का कहना था कि पिछली बार भी एक लड़की को छोड़ चुके हैं, इसे भी छोड़ देते हैं। रमेश ने कहा कि ऐसे छोड़ने पर शक हो जाएगा। इसी दौरान रमेश और गोलू ने उसका गला दबा दिया और उसे बेरहमी से पीटा। उन्हें लगा कि वह मर जाएगी। उसके हाथ-पैर बंधे थे। वह बाहर नहीं निकल पाएगी। यह सोचकर आरोपी उसे पुल के नीचे अधमरी हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए। होश आया तो हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची करीब 5-10 मिनट बाद टनल के ऊपर से ट्रेन गुजरी, जिसकी आवाज से रिया को हल्का होश आया। उसे एहसास हुआ कि वह खुद को छुड़ा सकती है। रात लगभग साढ़े दस बजे उसने बंधे हुए हाथों की रस्सी किसी तरह खोल ली, फिर अपने पैर भी छुड़ाए और कपड़े पहनकर बाहर निकल आई। शहर में मचा हड़कंप, एक आरोपी की शिनाख्त घटना की जानकारी मिलते ही मामला आग की तरह पूरे शहर में फैल गया। शहर के बीचों-बीच यूपीएससी की तैयारी कर रही एक पुलिसकर्मी की बेटी के साथ हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामला दर्ज होने और बयान लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। रिया आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी। पुलिस को शक था कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले, ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर या आसपास की झुग्गियों में रहने वाले हो सकते हैं। घटनास्थल से लौटते समय रिया ने एक आरोपी गोलू को पहचान लिया था। पहले गोलू की गिरफ्तारी, फिर बाकी तीनों को पकड़ा पुलिस ने सबसे पहले गोलू को गिरफ्तार किया। इसके बाद अमर भी ट्रैक के पास ही घूमता हुआ मिल गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य दो आरोपी राजेश और रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। रिया ने सभी की पहचान कर दी। लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पुलिसकर्मी सस्पेंड रिपोर्ट दर्ज करने में देरी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। 5 नवंबर को हबीबगंज, एमपी नगर और जीआरपी थाने के टीआई समेत दो एसआई को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं एमपी नगर के सीएसपी को भी हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 28 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।
ग्वालियर में संदिग्ध हालात में महिला को लगी गोली:घर की सफाई करते समय कंधे में लगी गोली, सीटी स्कैन में पता लगा

ग्वालियर में एक महिला को घर में सफाई करते समय कंधे पर गोली लगी है। घटना 15 मार्च सुबह 9 बजे खेरियामोदी की है। महिला को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां सीटी स्केन रिपोर्ट में कंधे में बुलेट लगी होने की बात सामने आई है। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई थी। महिला के परिजन ने 22 मार्च को बिजौली थाना आकर मामले की शिकायत की है। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घर में सफाई करते समय महिला को गोली लगने की घटना की परिस्थितियां संदिग्ध नजर आ रही हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बिजौली थाना स्थित खेरियामोदी निवासी 51 वर्षीय रामायणी पत्नी बल्लू पाल 15 मार्च की सुबह अपने घर की सफाई कर रही थीं। सफाई करने के दौरान उन्हें बाएं कंधे में जलन व तेज दर्द होने लगा और खून भी बह रहा था। जिसके बाद महिला वहीं गिर पड़ी। परिजन को बात बताई तो परिजन ने समझा कि सफाई करने के दौरान किसी सामान से चोट लग गई होगी। जब खून बहना बंद नहीं हुआ और दर्द बढ़ने लगा तो परिजन रामायणी देवी को निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। नर्सिंग होम में कुछ दिन तक इलाज चलता रहा, लेकिन दर्द में कुछ फायदा नहीं हुआ। इसके बाद रामायणी देवी की एक्स-रे व सीटी स्केन कराई गई। सीटी स्केन जांच में पता चला कि गोली लगी है। हाथ में लगी गोली, पेट में पहुंची रामायणी देवी के गोली बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से में लगी थी, धीरे-धीरे खिसककर उनके पेट में पहुंच गई। रविवार रात को उनका ऑपरेशन हुआ है। हालांकि यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि बाएं हाथ में लगी गोली पेट तक कैसे पहुंच गई और वह अभी निकली है कि नहीं। गोली कहां से आकर लगी और किसने चलाई है यह पता नहीं चल सका है। मामला संदिग्ध है, जांच जारी इस मामले में बिजौली थाना में पदस्थ एसआई राहुल सिंह का कहना है कि महिला को गोली उसके घर में सफाई करते समय लगी। घटना के 7 दिन बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली, तो प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजन को पता नहीं लगा कि गोली लगी है, वह तो सिटी स्कैन की जांच के बाद पता चला। कई बातें ऐसी हैं जो उलझा रही हैं। मामले की विस्तार से जांच की जा रही है।
कार में लगाई गई थी आग, पुलिस को मिले सबूत:BSF की ट्रेनिंग ले चुका है डॉक्टर, पूछताछ में तबीयत खराब होने का नाटक कर रहा

सागर जिले के चनाटोरिया के पास शनिवार तड़के 4 बजे चलती कार में डॉक्टर की 38 वर्षीय पत्नी सीमा कुर्मी की जलकर हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच और जुटाए गए साक्ष्यों में सामने आया है कि डॉ. नीलेश कुर्मी ने कार में ज्वलनशील पदार्थ डालकर जानबूझकर आग लगाई थी। घटना के समय कार में डॉक्टर और उसके दो साथी रामकृष्ण व शुभम भी सवार थे, जो सुरक्षित बच गए। पुलिस ने डॉ. पति और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल डॉ. नीलेश पुलिस को अलग-अलग कहानियां सुनाकर गुमराह कर रहा है और पुलिस को पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। पूछताछ में नाटक कर रहा डॉक्टर हिरासत में लिए जाने के बाद डॉक्टर पति पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह कभी पत्नी को हार्ट अटैक तो कभी सीने में दर्द उठने की बात कह रहा है। पुलिस के सख्ती करने पर वह खुद की तबीयत खराब होने, गैस बनने या घबराहट होने का बहाना बनाने लगता है। पुलिस ने डॉक्टर बुलाकर उसका चेकअप भी करवाया, लेकिन रिपोर्ट में उसे सामान्य बताया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार में मौजूद डॉ. के दो साथियों ने पुलिस को घटनाक्रम की कहानी बताई है, जिसमें कार में आग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन बयानों की सत्यता जानने के लिए पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम की डिटेल रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत जलने से हुई है या फिर मौत के बाद उसका शव कार में जलाया गया है। डॉ. पति ने अब तक अपराध स्वीकार नहीं किया है। बीएसएफ की ट्रेनिंग ले चुका है शातिर डॉक्टर पूछताछ में सामने आया है कि डॉक्टर नीलेश बेहद शातिर है और वह कई वर्षों पहले बीएसएफ (BSF) की ट्रेनिंग भी ले चुका है। हालांकि, वह नौकरी करने नहीं गया और बाद में पढ़ाई कर डॉक्टर बन गया। वर्तमान में वह गढ़ाकोटा में क्लीनिक संचालित करता है। वारदात के दौरान कार में सवार रामकृष्ण और शुभम पटेल गढ़ाकोटा में डॉक्टर के घर किराए से रहते हैं और उसकी लैब में जांच सैंपल लाने-ले जाने का काम करते हैं। इसी का फायदा उठाकर नीलेश उन्हें पत्नी का इलाज कराने का बहाना देकर कार में साथ ले गया था। घटना के समय डॉ. नीलेश कार चला रहा था और उसके बाजू वाली सीट पर रामकृष्ण बैठा था। पीछे की सीट पर सीमा लेटी थी और शुभम उसका सिर अपनी गोद में रखे था। आग लगने पर ड्राइवर साइड के दोनों गेट लॉक हो गए, लेकिन डॉक्टर और उसके दोनों साथी सुरक्षित बाहर निकल आए और उन्होंने सीमा को बाहर निकालने की कोशिश नहीं की। 3 कहानियों से बढ़ा संदेह, बात करने को लेकर होता था विवाद डॉ. पति नीलेश और पत्नी सीमा के बीच शंका को लेकर अक्सर विवाद होते थे। करीब एक साल पहले हुए विवाद में नीलेश ने सीमा के साथ मारपीट भी की थी। नीलेश फोन पर बात करता था और देर रात घर लौटता था, जिसे लेकर सीमा शंका करती थी। पुलिस के अनुसार यही विवाद इस वारदात का कारण बना। घटना से पहले डॉ. नीलेश ने ससुर राधाचरण कुर्मी को फोन पर बताया था कि सीमा को हार्ट अटैक/सीने में दर्द है और उसे राय हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। मायके वाले जब जूना से निकले, तो रास्ते में नीलेश ने दोबारा फोन कर ट्रक द्वारा कट मारने की बात कही। कुछ देर बाद तीसरी बार फोन कर कार में आग लगने की जानकारी दी। इन्हीं तीन कहानियों ने पुलिस का संदेह बढ़ा दिया। घर से DVR जब्त, जली कार में CNG टैंक मिला सुरक्षित मामले में पुलिस टीम रविवार शाम डॉ. नीलेश को गढ़ाकोटा स्थित उसके घर लेकर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी जब्त किया है और मौजूद लोगों से पूछताछ की। शनिवार सुबह 4 बजे डॉक्टर की कार चनाटोरिया स्थित टोल नाके के सीसीटीवी में सागर की ओर जाती दिखी थी। वहां से करीब 500 मीटर दूर यह घटना हुई। घटनास्थल पर कार गढ़ाकोटा की ओर मुड़ी हुई मिली है। कार पूरी तरह जल चुकी है, लेकिन पीछे डिग्गी के पास लगे सीएनजी टैंक सुरक्षित हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कार में छोटे-छोटे ब्लास्ट (बैटरी या टायर फटने के) हो रहे थे। एएसपी बोले- जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा कार्रवाई को लेकर एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि, “कार में आग लगने से हुई महिला की मौत के मामले में जांच की जा रही है। संदेह के आधार पर उसके पति और दो अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। कुछ साक्ष्य मिले हैं। जिनको लेकर मामले में जांच चल रही है। पीएम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।” 3 तस्वीरें देखिए आग में धधकती कार…
कटनी-जबलपुर बाईपास पर कार से 40 पेटी शराब पकड़ी:पटेरा शराब दुकान के गद्दीदार और ठेकेदार भी बने आरोपी, दो लोग गिरफ्तार

दमोह कोतवाली पुलिस ने कटनी-जबलपुर बाईपास पर एक कार से 40 पेटी अवैध शराब जब्त की है। रविवार रात पुलिस ने इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि शराब ठेकेदार समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठाकुर बाबा मंदिर के पास बाईपास पर जब कार (MP07CE5990) को रोका गया, तो तलाशी के दौरान उसमें 40 पेटी शराब भरी मिली। मौके से गिरधारी (सागर) और चंद्रभान (गढ़ाकोटा) को गिरफ्तार कर लिया गया। ठेकेदार और गद्दीदार भी फंसे पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने पटेरा की सरकारी शराब दुकान के गद्दीदार जितेंद्र सिंह राजपूत और शराब ठेकेदार गोविंद भायल को भी मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई शराब और कार की कुल कीमत करीब 5 लाख 40 हजार रुपए है। आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह अवैध खेप कहां खपाई जानी थी।
एक ही परिवार में जमीन के विवाद में चले लाठी-डंडे:5 साल के मासूम और बुजुर्ग समेत 8 घायल, तीन गंभीर रीवा रेफर

मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के भीर गांव में रविवार शाम जमीन और रास्ते के विवाद में एक ही परिवार के दो गुट आपस में भिड़ गए। लाठी-डंडों से हुए इस हमले में 5 साल के बच्चे और 72 साल के बुजुर्ग समेत कुल 8 लोग घायल हुए हैं। विवाद की जड़ पुरानी पारिवारिक रंजिश और रास्ते पर की गई तारबंदी बताई जा रही है। रैमुनिया यादव पक्ष का आरोप है कि चचेरे भाई राकेश यादव ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और घर के सामने आकर हमला कर दिया। इस मारपीट में 72 वर्षीय भीमसेन यादव, उनकी पत्नी, बहू और 5 साल का पोता लहूलुहान हो गए। दूसरी तरफ से राकेश यादव ने भी मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। 3 गंभीर घायल रीवा रेफर झगड़े में घायल हुए 5 लोगों में से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। गंभीर घायलों में बुजुर्ग भीमसेन यादव, कल्पना यादव और मासूम शिवादीप शामिल हैं। घटना के बाद से गांव में तनाव है। पुलिस की कार्रवाई नईगढ़ी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस केस दर्ज कर लिया है। प्रधान आरक्षक रामकुमार भास्कर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला ममेरा भाई वृंदावन में गिरफ्तार:शिवपुरी से बहला-फुसलाकर यूपी ले गया था आरोपी; 5 दिन बाद मिली लड़की

शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र से लापता हुई एक 15 वर्षीय नाबालिग को वृंदावन से बरामद कर लिया गया है। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में उसके 26 वर्षीय ममेरे भाई को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 21 मार्च को यह कार्रवाई की। करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने 17 मार्च को पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी 16 मार्च से लापता है। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि नाबालिग का ममेरा भाई भी उसी दिन से लापता था। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस को उनकी वृंदावन में होने की जानकारी मिली। तत्काल एक पुलिस टीम वृंदावन रवाना की गई। वृंदावन पहुंचने पर पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर आरोपी ममेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने अपने बयानों में बताया कि उसे बहला-फुसलाकर वृंदावन लाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में बढ़ोतरी की है।









