सिंगरौली में युवक का शव नदी में मिला:पत्नी से विवाद के बाद लापता था, चार दिन बाद मिली लाश

सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र के पेड़ताली गांव में अपनी पत्नी से विवाद के बाद घर में आग लगाने वाले युवक रामनरेश प्रजापति का शव मंगलवार शाम बिजुल नदी में मिला है। रामनरेश पिछले शुक्रवार से लापता था और पुलिस औक एसडीआरएफ की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। जानकारी के मुताबिक, रामनरेश का अपनी पत्नी अमरौती देवी से अक्सर विवाद होता रहता था। पिछले बुधवार को उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी, जिससे उसे सिर में चोट आई थी। डर के मारे पत्नी बच्चों के साथ किसी दूसरे के घर चली गई थी। इसके बाद शुक्रवार की रात करीब 1 बजे नशे की हालत में रामनरेश ने अपने ही घर में रखे कपड़ों और घर के एक हिस्से में आग लगा दी। कुल्हाड़ी लेकर लोगों को डराया जब पड़ोसी आग बुझाने दौड़े, तो रामनरेश कुल्हाड़ी और धारदार हथियार लेकर उन पर झपट पड़ा, जिससे कोई भी आग पर काबू नहीं पा सका। बाद में मोरवा पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाई। घटना के बाद से ही वह गायब हो गया था। नदी में मिला शव नदी किनारे रामनरेश की मोटरसाइकिल मिलने के बाद से ही उसके डूबने की आशंका जताई जा रही थी। चार दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार को उसका शव मिला। मोरवा थाना प्रभारी कपूर त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।
संदिग्ध हालत में नहर में मिला लापता युवक का शव:रीवा में परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

रीवा जिले के सगरा इलाके में मंगलवार को एक 26 वर्षीय युवक का शव नहर से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। मृतक सोमवार रात से लापता था और परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर शव नहर में फेंके जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय बृजेश पांडे उर्फ मोहित (पिता सिद्धमूनी प्रसाद पांडे) के रूप में हुई है, जो रीवा जिले के पाण्डे टोला सगरा का निवासी था। परिजनों के अनुसार, बृजेश सोमवार रात से अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद से ही वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को नहर में उतराता दिखा शव मंगलवार को स्थानीय लोगों ने नहर में एक युवक का शव देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान बृजेश के रूप में होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप- पुरानी रंजिश में हुई हत्या परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बृजेश पांडे की हत्या कर उसके शव को जानबूझकर नहर में फेंका गया है। परिजनों का कहना है कि युवक की किसी से रंजिश भी चल रही थी। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
नाबालिग का सिर कुचला…खून पीकर भेजा खाया, VIDEO:दमोह में हथौड़े से 15-20 वार किए, बहन के घर जा रहा था; भाई ने मांस खाते देखा

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक शख्स ने हथौड़े से सिर कुचलकर नाबालिग को मार डाला। नाबालिग के सिर से भेजा निकालकर खाया, फिर खून पिया। खून अपने चेहरे पर भी लगाया। खून पीने और मांस खाने का वीडियो भी सामने आया है। वारदात देहात थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला था। वह भाई दूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आया था। बहन के घर पहुंचने से पहले वारदात हो गई। मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि रास्ते में गांव के ही रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उन पर हमला कर दिया। आरोपी ने भरत के सिर पर रॉड से हमला किया। इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया इस दौरान साथ में मौजूद चचेरा भाई विजय विश्वकर्मा किसी तरह बच गया। उसने बताया कि आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए थे। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया। वह उसे बचा नहीं पाया। वारदात से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए… हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भाग गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत देहात थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ मिलकर आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी खेतों में छिप गया था। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी की। आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। पत्नी की भी हत्या कर चुका है आरोपी प्रत्यक्षदर्शी भगवानदास पटेल ने बताया कि आरोपी ने 20 साल पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। वह जेल की सजा काट चुका है। 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो गई है। उसका बेटा अलग रहकर खेती करता है। आरोपी गांव में ही घूमता रहता था। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। …………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में युवक चीखता रहा…छोड़ दो… मत मारो, डंडों से पीट-पीटकर हत्या सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाजपतपुर में हिस्ट्रीशीटर की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को वारदात का वीडियो सामने आया है, जिसमें बदमाश को हमलावर डंडों से बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। वह छोड़ दो… मत मारो की गुहार लगा रहा है। लेकिन हमलावर कह रहे है कि इसके पैर तोड़ दो। पढ़ें पूरी खबर…
मंदसौर में होली पर दंपती से मारपीट:पड़ोसी ने गाली-गलौज की, तलवार से हमला करने की कोशिश

मंदसौर शहर के किटियानी स्थित डुप्लेक्स के पास रहने वाले दुर्गेश पिता माधव सिंह का एक युवक सद्दाम से विवाद हो गया। जानकारी के अनुसार दुर्गेश सड़क से गुजर रहे थे, तभी किसी बात को लेकर दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उस समय मामला शांत करा दिया था। बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद सद्दाम दुर्गेश के घर पहुंच गया और फिर से विवाद करने लगा। शोर सुनकर दुर्गेश की पत्नी कोमल (26) बाहर आईं और दोनों को समझाने की कोशिश की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी ने पति-पत्नी दोनों के साथ मारपीट कर दी। तलवार से हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी अपने साथ तलवार भी लेकर आया था और उसने तलवार से हमला करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। कोमल के मुताबिक जब उन्होंने तलवार पकड़ ली तो आरोपी ने उनके नाक पर मुक्का मार दिया। इस घटना में कोमल के हाथ और नाक में चोट आई है, जबकि दुर्गेश के मुंह पर भी चोट लगी है। घटना के बाद घायल दंपती को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पीड़िता कोमल ने बताया कि होली का त्योहार होने के कारण वे घर पर ही थे। उसी दौरान आरोपी घर पहुंचा और उनके पति को बाहर बुलाकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
भोपाल में अस्पताल में तोड़फोड़ पुलिस पर पथराव:मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों का हंगामा, लाठी-डंडों से लैस होकर पुलिस पर हमला

भोपाल के आनंद नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में लापरवाही से मौत के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ और विवाद बढ़ता देख स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों और परिचितों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। जमकर पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। सर में पत्थर लगने से एक पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है, जबकि तीन को मामूली चोटे लगी हैं। घटना बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। पूरा घटनाक्रम लगभग 1 घंटे चला। हंगामा कर रहे दो दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सभी को पिपलानी थाने में रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से दो थानों की पुलिस बल मौके पर मौजूद है। मौत से भड़की भीड़ ने अस्पताल में की तोड़फोड़ जानकारी के मुताबिक लक्ष्मण वंशकार आदमपुर छावनी का रहने वाला था। पेट की समस्या के चलते उसे बीती बीती देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही की गई। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते लक्ष्मण की मौत हुई है। मौत के बाद मृतक के परिजन इलाज करने वाले डॉक्टर से मिलना चाहते थे। अस्पताल स्टाफ ने फिलहाल डॉक्टर का अस्पताल में नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद भड़के परिजनों ने हंगामा शुरू किया और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। 1 घंटे तक चला हंगामा हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से थाने चलकर शिकायत दर्ज करने की बात कही। आश्वासन दिया की मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे उचित कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद भी लोग तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाज करने वाले डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग के चलते परिजन पुलिस से भिड़ गए और विवाद बढ़ गया जिसके बाद पथराव किया गया। भीड़ पर काबू पाने पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। तत्काल आसपास के थानों की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।
बाथरूम में युवती की लाश, बदन पर चाकू के जख्म:मां के साथ सो रही थी दूसरी बेटी, कौन था हमलावर…खून किसने साफ किया?

मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसे मर्डर केस की कहानी, जिसने दो राज्यों में सुर्खियां बटोरीं। मामला नरसिंहपुर जिले में एक युवती की संदिग्ध मौत का था। इसने पुलिस को उलझन में डाल दिया था। परिवार इसे बाथरूम में फिसलकर हुई दुर्घटना बता रहा था, लेकिन जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए। उसकी हत्या किसने और क्यों की? क्या मां-बेटी ही कातिल थीं या कोई बाहरी कत्ल करके फरार हो चुका था? आखिर क्या था पूरा मामला-पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 22 फरवरी की शाम करीब 4 बजे सुरेंद्र ढिमोले अपने फार्महाउस पर काम कर रहे थे। तभी उनकी भांजी खुशबू का घबराया हुआ फोन आया-“मामा, जल्दी आइए… शिखा बाथरूम में गिर गई है… हालत ठीक नहीं है… अस्पताल ले जाना है।” सुरेंद्र बिना देर किए बहन के घर पहुंचे। घर के भीतर अजीब-सी खामोशी थी। बाथरूम के पास शिखा बेहोश पड़ी थी। शरीर ढीला, चेहरा नीला। सुरेंद्र ने तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया और शिखा को लेकर अस्पताल पहुंचे। घर में सिर्फ तीन लोग, दोपहर तक सब सामान्य घर में सिर्फ तीन लोग ही रहते थे। शिखा, खुशबू और उनकी मां बबली। शिखा घर की सबसे छोटी बेटी थी। दोपहर को सभी ने खाना खाया और सोने चले गए। 4 बजे खुशबू की नींद खुली तो वह बाथरूम की तरफ गई, जहां देखा कि शिखा बेहोश पड़ी है। मां और बहन को कुछ समझ नहीं आ रहा था यह सब अचानक कैसे हो गया। परिजन हैरान थे कि बाथरूम में फिसलने से मौत कैसे हो गई? दोपहर तक सबके साथ हंसती-खेलती घर वालों की दुलारी शिखा अब उनके बीच नहीं रही। डॉक्टरों को दिखे संदिग्ध निशान डॉक्टरों ने देखा कि शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। गर्दन के आसपास के घाव सामान्य गिरने जैसे नहीं लग रहे थे। कुछ कटे हुए निशान भी थे। डॉक्टरों को मामला संदिग्ध लगा तो पुलिस को सूचना दी। अस्पताल पहुंची पुलिस को शिखा की मौत संदेहास्पद लगी, लिहाजा शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर वाले शिखा की मौत बाथरुम में गिरने से बता रहे थे। पुलिस ने घर का निरीक्षण किया। बाथरूम के फर्श पर पानी था, लेकिन खून के स्पष्ट निशान नहीं। शिखा का किसी से विवाद नहीं था पुलिस कों संदेह था कि शिखा की हत्या की गई, लेकिन घर वालों को खुद समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शिखा की हत्या कौन और क्यों करेगा? न शिखा का कोई बॉयफ्रेंड था और ना ही कभी उसने किसी ऐसे लड़के के परेशान करने की बात का जिक्र किया था। लिहाजा जांच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिक गई जो सबसे अहम थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही शिखा की मौत की असली वजह साफ हो सकती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली कहानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसने कहानी की दिशा ही बदल दी। रिपोर्ट में शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव पाए गए, जिनमें सबसे गंभीर जख्म गर्दन पर थे। गर्दन पर 6 गहरे घाव थे, श्वास नली कटी हुई थी। सिर और चेहरे पर भी बेरहमी से हमला सिर के बाएं हिस्से में घाव और खोपड़ी के अंदर रक्तस्राव मिला। बाएं गाल, आंख, जबड़े और कान पर कटे घाव व सूजन थी। चेहरे पर भी हमला किया गया था। कोहनी, हाथ की अंगुली पर छिले घाव व नीले निशान थे। छाती के बीच में सूजन था। चाकू से कटने का निशान भी था। दोनों पैरों के जोड़ों पर रस्सी से बांधने जैसे निशान थे। हाथ-पैर बांधकर चाकू मारा गया पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने अपना मत दिया कि लड़की की मौत फिसलने से नहीं हुई, बल्कि उसकी बर्बर तरीके से हत्या की गई है। उसके हाथ-पैर बांधकर उसकी गर्दन पर कई बार चाकू मारा गया। फिर पत्थर जैसी वस्तु पर उसे पटका गया। क्या घर के भीतर ही छिपा था राज? अब यह साफ हो चुका था कि यह कोई साधारण हादसा नहीं है, बल्कि शिखा की बेरहमी से हत्या की गई। अब सवाल ये था कि अगर यह हत्या है, तो हत्यारा कौन है? घर में जबरन किसी के घुसने के निशान नहीं थे। लूटपाट नहीं तो क्या हत्यारा घर का ही कोई था? पुलिस ने मां और बहन से पूछताछ की। मां ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे खाना खा कर सो गई थी, करीब चार बजे जब उठी तो देखा कि शिखा बाथरूम में बेसुध हालत में गिरी है। खुशबू ने भी बेहोशी की हालत में शिखा को देखने के बाद मामा को फोन कर घर आने और शिखा को अस्पताल ले जाने की बात कही। दोनों का बयान एक जैसा था- ‘वह बाथरूम में फिसल गई थी।’ कॉल डिटेल में मिला नया सुराग पुलिस ने कॉल डिटेल खंगालनी शुरू की, वह किससे बात करती थी? घटना के समय लोकेशन पर कौन-कौन मौजूद था, पुलिस ने रिकॉर्ड मोबाइल कंपनी से निकलवाया। तो एक ऐसे शख्स का सुराग हाथ लगा जिसकी मोबाइल लोकेशन इससे पहले उस इलाके में कभी नहीं पाई गई थी। ये हादसा अब एक पहेली बन चुका था। इन सवालों के जवाब जानिए पार्ट 2 में- – क्या इस दौरान कोई बाहरी आदमी आया था? – शिखा की हत्या किसने और क्यों की? – शिखा का कत्ल घर के अंदर बेरहमी से किया गया तो उसकी मां और बहन खुशबू को पता क्यों नहीं चला। – क्या उसकी जिंदगी में कोई ऐसा राज था जो अब तक सामने नहीं आया? – वह कौन था जिसकी लोकेशन उस इलाके में पहली बार पाई गई थी?
मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

शहडोल में ऑनलाइन गेम की लत और इसके चलते कर्ज से परेशान होकर मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर पिला दिया। फिर खुद पी लिया। इलाज के दौरान पहले बेटी, फिर कारोबारी की जान चली गई। पत्नी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मौत से जंग लड़ रही है। मामला शहडोल के कोतवाली थाना इलाके में पुरानी बस्ती का है। यहां रहने वाले शंकर लाल गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम ‘बीडीजी’ खेलने की लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। इसके लिए लोगों से कर्ज भी लिया था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से शंकर लाल काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। घर से बाहर होने की वजह से बचा बेटा 24 फरवरी की रात शंकर लाल बाजार से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाया। इसमें जहर मिला दिया। फिर पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति (16) को पिला दी। खुद भी पी ली। शंकर लाल का 15 वर्षीय बेटा घर से बाहर गया था। रात में चीखपुकार सुनकर पड़ोसी शंकर लाल के घर पहुंचे। देखा कि तीनों लोगों की तबीयत खराब है। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह स्वाति की मौत हो गई। शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कोतवाली के एसआई उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा- शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक लैब संचालक ने मंगलवार देर रात घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। नाराज होकर घर से निकले और देर रात घर लौटे, कब उन्होंने खुदकुशी कर ली पत्नी और बच्चों को पता ही नहीं चला। बुधवार तड़के उठी पत्नी ने पति के शव को देखा, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से बॉडी को उतारा और पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। खाने को लेकर हुआ था पत्नी से विवाद पुलिस के मुताबिक पुष्पेंद्र दोरे पिता रामलखन दोरे (40) कोलार रोड गिरधर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। एक लैब का संचालन करते थे। उनके दो बेटे हैं और दोनों स्कूली छात्र हैं। पुष्पेंद्र ने मंगलवार देर रात को मर्जी का खाना नहीं मिलने की बात पर नाराज हो गए थे। घर कब लौटे किसी को भनक तक नहीं लगी इस बात को लेकर उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से चले गए। देर रात को घर लौटे और एक कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार दोपहर को पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है।
हरदा में कार स्क्रैच विवाद, आरोपी गिरफ्तार:समझौते के बाद महिलाओं को धमकाया, ऑटो तोड़ा; पुलिस ने जुलूस निकाला

हरदा जिले में कार स्क्रैच विवाद के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कमल दमाड़े पर समझौते के बावजूद फरियादी के घर पहुंचकर महिलाओं को चाकू से धमकाने और ऑटो में तोड़फोड़ करने का आरोप है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सिविल लाइन थाना टीआई आरएस तिवारी ने बताया कि यह घटना 22 फरवरी को दर्ज शिकायत से जुड़ी है। फरियादी रामकुमार पिता रमेश ने गौर कॉलोनी निवासी कमल दमाड़े से किराए पर कार ली थी। कार में स्क्रैच आने के बाद रामकुमार ने कमल को 30 हजार रुपये देकर समझौता कर लिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को भविष्य में विवाद न करने की हिदायत भी दी थी। समझौते और पुलिस की समझाइश के बावजूद, आरोपी कमल दमाड़े फरियादी रामकुमार के घर पहुंचा। उसने घर की महिलाओं को छुरा दिखाकर धमकाया और धारदार हथियार से घर के सामने खड़े ऑटो में तोड़फोड़ की।घटना के बाद पुलिस ने मंगलवार शाम आरोपी कमल दमाड़े को फरियादी के घर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला और उसे महिलाओं से माफी मंगवाई। यह कदम नागरिकों में भय का वातावरण न फैलने देने के उद्देश्य से उठाया गया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मऊगंज में गोवंश हत्या, आरोपी गिरफ्तार:घर से 10 किलो मांस और धारदार हथियार मिला; केस दर्ज

मऊगंज के वार्ड नंबर 12 स्थित तेलियान टोला घुरेहटा में गोवंश की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने खबर मिलते ही मौके पर दबिश दी और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के घर से करीब 10 किलो मांस, गोवंश का एक पैर और मांस काटने वाला धारदार गड़ासा बरामद हुआ है। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय निवासी मोहम्मद शरीफ उर्फ शरीफ खान अपने घर में गोवंश की हत्या कर रहा है। मऊगंज थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। मांस के नमूने जांच के लिए भेजे गए पकड़े गए मांस की पुष्टि के लिए पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी दे दी गई है। मांस के नमूने लैब में परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार 24 फरवरी को शाम 4 बजे केस दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काम में और कौन-कौन शामिल है।









