Jatara Oxygen Plant Shut | CMHO Denies Patient Death Link

स्वास्थ्य विभाग ने टीकमगढ़ जिले के जतारा सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार को CMHO डॉ. ओपी अनुरागी ने इस विवाद पर विभाग का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट तकनीकी खराबी नह . चार महीने पहले चोरी हुई थी सप्लाई पाइपलाइन डॉ. अनुरागी ने बताया कि लगभग चार महीने पहले ऑक्सीजन प्लांट की मुख्य सप्लाई पाइपलाइन चोरी हो गई थी। इस चोरी के कारण वार्डों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप है। सीएमएचओ ने बताया कि इस संबंध में जतारा थाने में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। वर्तमान में अस्पताल में ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था सिलेंडरों के माध्यम से की जा रही है। एक सप्ताह पहले हुई मरीज की मौत एक सप्ताह पहले 60 वर्षीय मरीज लंपू कुशवाहा की मौत के मामले में विभाग ने ऑक्सीजन की कमी के आरोपों को खारिज कर दिया है। मृतक के बेटे काशीराम कुशवाहा ने आरोप लगाया था कि ऑक्सीजन न मिलने से उनके पिता की जान गई। हालांकि, डॉ. अनुरागी ने मामले में बताया कि अस्पताल में पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध थे और मरीज की माैत अन्य गंभीर बीमारियों के चलते हुई है। लाखों की लागत से बना प्लांट बंद पड़ा कोविड-19 महामारी के दौरान जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपए की लागत से इस ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई थी। विधायक हरिशंकर खटीक ने इसका लोकार्पण किया था। उद्घाटन के कुछ महीनों बाद ही स्टाफ की कमी और रखरखाव के अभाव में यह प्लांट निष्क्रिय हो गया, जिससे सरकारी धन के सदुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन करेगा जांच भोपाल मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद अब स्थानीय प्रशासन यह जांच करेगा कि पाइपलाइन चोरी होने के बाद उसे बहाल करने में देरी क्यों हुई। साथ ही, स्टाफ की कमी के दावों और बंद पड़े प्लांट की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
Narsinghpur Kitchen Blast | Maa Bachche Safe Induction Incident

किचन में इंडक्शन धमाके के साथ फट गया। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में मंगलवार दोपहर खाना बनाते समय इलेक्ट्रिक इंडक्शन तेज धमाके के साथ फट गया। हादसे के वक्त किचन में मौजूद मां और उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। . मामला खैरीनाका गांव का है। गृहिणी हेमा जाट ने बताया कि बेटा स्कूल से आया था और उसे भूख लगी थी। वह उसके लिए खिचड़ी बना रही थीं। जैसे ही बर्तन उतारने की कोशिश की गई, इंडक्शन में तेज धमाका हो गया। कांच चकनाचूर होकर खिचड़ी और दूध में गिर गया, जिन्हें तुरंत फेंक दिया गया। देखिए तस्वीरें तेज धमाके के साथ फटने के बाद इंडक्शन की हालत ऐसी हो गई। । मां बच्चों के लिए खिचड़ी बना रही थी। कांच के टुकड़े उसमें गिर गए। जिस समय इंडक्शन में ब्लास्ट हुआ महिला के दो बच्चे भी वहीं मौजूद थे। परिवार के मुताबिक लगातार उपयोग और ओवरहीट होने के कारण हादसे की आशंका है। गैस खत्म, इसलिए इंडक्शन का इस्तेमाल परिवार के मुताबिक, गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद पिछले कुछ दिनों से इंडक्शन पर ही खाना बनाया जा रहा था। आशंका है कि लगातार उपयोग और ओवरहीटिंग के कारण हादसा हुआ। 6 महीने पुराना, 3 साल की गारंटी हेमा के पति धर्मेंद्र जाट ने बताया कि इंडक्शन 6 महीने पहले गुलाब चौराहा स्थित दुकान से 2400 रुपए में खरीदा गया था और इस पर 3 साल की गारंटी थी। उन्होंने बताया कि इंडक्शन Prestige कंपनी का था। घटना के बाद दुकानदार ने इसे वापस ले लिया है और नया देने का भरोसा दिया है। यह भी जानिए यह खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत में LPG सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे लोग इंडक्शन कुकटॉप की ओर बढ़ रहे हैं। यह सुविधाजनक है, लेकिन लापरवाही से ओवरहीटिंग, करंट और नुकसान का खतरा रहता है। सही कुकवेयर और नियमित सफाई से इन जोखिमों से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर
सतना में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड:बोरवेल पर बैन का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से वसूले 5 हजार रुपए; आईजी के निर्देश पर कार्रवाई

सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जमुआनी गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बोरवेल खनन पर प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वसूली का यह मामला सामने आने के बाद आईजी गौरव राजपूत के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बृजेश पटेल, विकास राजपूत और सुरेश मिश्रा पर तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। गौरतलब है कि सतना जिले में नलकूप खनन पर वर्तमान में कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। रात 1:30 बजे मशीन बंद कराई, मैनेजर को गाड़ी में बैठाया रीवा जिले के सेमरिया निवासी बोरवेल संचालक रामबहोर यादव ने बताया कि उनकी मशीन जमुआनी गांव में बोरिंग कर रही थी। रात करीब 1:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मशीन बंद करवा दी। पुलिसकर्मियों ने मैनेजर अजीत को बोरिंग पर प्रतिबंध होने की बात कही। इसी दौरान पुलिसकर्मी बृजेश पटेल ने मोबाइल पर प्रतिबंध का एक आदेश भी दिखाया और मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। थाना प्रभारी के नाम पर मांगे 10 हजार, 5 हजार लेकर छोड़ा पुलिसकर्मी मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठाकर पहले शुकवाह और फिर विजयपुर ले गए। इस दौरान पुलिसकर्मी बृजेश ने थाना प्रभारी को ‘मैनेज’ करने के नाम पर 10,000 रुपए की मांग की। पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि पैसे न देने पर बोरिंग मशीन थाने में खड़ी कर दी जाएगी। इस धमकी से डरकर मैनेजर अजीत ने बृजेश पटेल को 5,000 रुपए दे दिए, जिसके बाद उसे छोड़ा गया। सोशल मीडिया पर खुला राज, जांच में हुई पुष्टि वसूली का यह पूरा मामला सोमवार शाम सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद आईजी गौरव राजपूत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर बोरवेल मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली की गई थी। इसके बाद आईजी के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
छिंदवाड़ा में संतरे से भरे ट्रक-पिकअप की आमने-सामने टक्कर:तीन की मौत; एक घायल, लावाघोघरी घाट पर हादसा

छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ थाना क्षेत्र में लावाघोघरी के पास घाट परासिया इलाके रविवार रात करीब दो बजे संतरे से भरे ट्रक और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। तीन लोगों की मौत, एक घायल सूचना मिलते ही पुलिस डायल 112 के माध्यम से मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने निकाली रैली:जाति आधारित जनगणना और EVM बैन करने की मांग; 'भारत बंद' की चेतावनी दी

बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अंबेडकर चौक गार्डन से शुरू हुई यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां संगठनों ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन दिया। यह प्रदर्शन मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तीसरे चरण का हिस्सा था। ओबीसी जनगणना को बताया ‘हक की लड़ाई’ मोर्चा के प्रदेश महासचिव रामदास ठवकर ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर ओबीसी वर्ग के साथ ‘धोखा’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनगणना के कॉलम में ओबीसी की जाति आधारित गणना का विकल्प न होना इस वर्ग की वास्तविक संख्या और स्थिति को छुपाने की साजिश है। संगठन की प्रमुख मांग है कि आगामी जनगणना में जाति आधारित आंकड़ों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। EVM हटाओ और ‘टीईटी’ से मुक्ति की मांग प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और ईवीएम (EVM) को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग दोहराई। इसके अलावा, संगठनों ने एससी, एसटी और ओबीसी के हितों के संरक्षण के लिए सख्त यूजीसी कानून लागू करने और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता से मुक्त करने की पुरजोर वकालत की। 23 अप्रैल को ‘भारत बंद’ का आह्वान मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि उनकी संवैधानिक मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन के चौथे चरण में 23 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी ‘भारत बंद’ का आयोजन किया जाएगा।
भांडेर में सीएम दौरे से पहले बैनर विवाद, फायरिंग हुई:भाजपा-कांग्रेस के नेता भिड़े, 2-3 राउंड फायरिंग की चर्चा

दतिया जिले के भांडेर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले सोमवार को सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर 2 से 3 राउंड फायरिंग होने की सूचना है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना दोपहर करीब 1:25 बजे की बताई जा रही है। विवाद के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से जुड़े 2-3 वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग हथियारों के साथ छीना-झपटी करते नजर आ रहे हैं। बीजेपी-कांग्रेस के नेता भिड़ गए थे जानकारी के अनुसार, यह विवाद भाजपा के युवा नेता लालू यादव (निवासी भांडेर) और कांग्रेस के युवा नेता अजय यादव (निवासी गोदन) के बीच हुआ। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं भी तेज हैं कि आखिर कांग्रेस नेता द्वारा भाजपा के बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर विवाद क्यों हुआ। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन का रुख भी सवालों के घेरे में है। जब वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए गोलमोल प्रतिक्रिया दी। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास जारी हैं। सीएम के कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वीडियो और फायरिंग की सूचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

रीवा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर की कई कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी और ढाबे बंद होने लगे हैं। इस संकट का सीधा असर कारोबारियों की आय पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीनेभर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकानें बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार होने लगे हैं। गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई रेस्टोरेंट्स के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि सिलेंडर की कमी के चलते संस्थान अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी, जो आमतौर पर 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि हालात लॉकडाउन से भी बदतर होते जा रहे हैं। कुछ संचालक कोयले भट्टी का ले रहे सहारा कुछ रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में गैस के विकल्प के रूप में कोयले और लकड़ी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इससे लागत बढ़ रही है और धुएं के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फिलहाल कारोबार को किसी तरह बचाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कलेक्टर बोलीं- आपूर्ती को सामान्य करने की कोशिश कर रहे रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि कमर्शियल और एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन और रेस्टोरेंट में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। अब देखना होगा कि गैस आपूर्ति कब तक पूरी तरह सामान्य होती है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट पाता है।
Anuppur District Hospital Drain Cleared

जिला अस्पताल में सफाई काम शुरू। अनूपपुर जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के आंगन में पिछले 15 दिनों से जमा बदबूदार पानी को सोमवार को निकाल दिया गया। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को दुर्गंध से राहत मिली है। . नाली जाम होने के कारण दोबारा पानी जमा होने की समस्या न हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने ब्लॉक नाले को तुड़वाकर नई पाइपलाइन डालने की योजना बनाई है। इस काम के लिए मजदूर ने काम शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि अगले 2-3 दिनों में फर्श की तुड़ाई कर पाइपलाइन डाल दी जाएगी। फर्श को तोड़कर नई पाइपलाइन डालने का काम शुरू। पानी की निकासी के बाद सोमवार को वार्डों में झाड़ू-पोछा भी लगाया गया। इससे वार्डों में भी सफाई दिखी। हालांकि, लाखों की लागत से बने बायो इको शौचालय की सफाई अभी तक नहीं हो पाई है। पान के पीक के छींटे सीढ़ियों और दीवारों के कोनों में गंदगी फैला रहे हैं। एक दिन पहले ही मीडिया में आया मामला दरअसल, दैनिक भास्कर ने 21 मार्च को इस अव्यवस्था को उजागर किया था। खबर में 15 दिनों से जिला अस्पताल परिसर में जमा गंदे पानी, काई जमने, वाटर कूलर और वार्डों की सफाई की कमी के साथ शौचालय की दुर्गंध की तस्वीरें साझा की गई थीं। खबर के प्रकाशन के बाद कलेक्टर की फटकार पर अस्पताल प्रबंधन ने सुध ली और सबसे पहले गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था में जुट गया। नई पाइपलाइन के लिए फर्श को तोड़ते मजदूर। पाइपलाइन डालकर पानी निकासी कराएंगे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसआर परस्ते ने बताया कि पानी की निकासी करा दी गई है। फर्श तुड़वाया जा रहा है और जल्द ही नई पाइपलाइन डालकर पानी की नियमित निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अन्य अव्यवस्थाओं पर सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं और शौचालय भी साफ कराने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में कायाकल्प योजना के तहत 60 लाख रुपए खर्च कर जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का स्वरूप संवारा गया था, जिसके लिए इसे प्रदेश स्तर पर सम्मानित भी किया गया था। लेकिन नई बिल्डिंग बनने के बाद पुरानी बिल्डिंग और वहां भर्ती मरीजों की अनदेखी की जा रही है। ये भी देखें… अनूपपुर अस्पताल में 15 दिन से गंदा पानी:जल निकासी नाला ब्लॉक, अव्यवस्था के बीच मरीजों का इलाज अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में 15 दिनों से जमा गंदा। अनूपपुर जिला अस्पताल एक बार फिर अपनी बदइंतजामी और लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के बजाय, अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण यहां की व्यवस्थाएं दशकों बाद भी नहीं सुधर पाई हैं। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में पिछले 15 दिनों से गंदा पानी भरा हुआ है। इसकी निकासी के लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे पानी सड़ रहा है और मच्छर पनप रहे हैं। जनरेटर शेड के लिए लगाई गई टीन की चादरें भी सड़-गलकर खतरनाक स्थिति में लटक रही हैं, जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।पूरी खबर पढ़ें
भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव:श्रद्धालुओं ने किया केसर, गुलाब से पक्षाल; बंधु त्रिपुटी महाराजश्री रहे उपस्थित

आगर मालवा के जैन अजीतनाथ मंदिर में भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। महोत्सव के दौरान मुंबई के भयंदर से आए गिरनारी ग्रुप ने विशेष आयोजन किया। इसमें केसर, गुलाब सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों और पवित्र द्रव्यों से भगवान अजीतनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक पक्षाल (अभिषेक) किया गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से अभिभूत कर दिया। कल्याणक में महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया यह मोक्ष कल्याणक महोत्सव सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रारंभ हुआ। इसमें बंधु त्रिपुटी महाराजश्री-आगमरत्न, प्रशमरत्न एवं वज्ररत्न सागर महाराज की पावन उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनके सान्निध्य में संपन्न हुए कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को धर्म और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर वज्ररत्न सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में दान, शील, तप और प्रभु भक्ति को मोक्ष प्राप्ति के सच्चे मार्ग बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संयम, साधना और आत्मचिंतन का महत्व समझाते हुए धर्ममय जीवन अपनाने का संदेश दिया। धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक भगवान का पक्षाल कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान अजीतनाथ के मोक्ष कल्याणक की शुभकामनाएं देते हुए धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।
वॉशरूम जाती महिलाओं का वीडियो किया था अपलोड, गिरफ्तार:राजगढ़ पुलिस ने स्वतः संज्ञान ले युवक को पकड़ा, कान पकड़कर मांगी माफी

राजगढ़ जिले के एक मेले में महिलाओं के वॉशरूम जाने का आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले युवक को पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए रविवार (22 मार्च) को पकड़ लिया है। कालीपीठ थाना पुलिस ने पाटरी गांव के रहने वाले आरोपी बबलू तंवर को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ के दौरान कान पकड़कर अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी है। आरोपी ने डरकर वीडियो और आईडी डिलीट कर दी थी, फिर भी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस (BNSS) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था आपत्तिजनक वीडियो 22 मार्च को इंस्टाग्राम आईडी “बबलू तंवर” से सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया गया था। इस वीडियो में मेले के दौरान कुछ महिलाएं वॉशरूम जाते हुए दिखाई दे रही थीं। यह वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में महिलाओं की गरिमा और निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। बिना शिकायत पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान महिलाओं की निजता से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। इसके बावजूद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान थाना कालीपीठ क्षेत्र के ग्राम पाटरी निवासी बबलू तंवर के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में ले लिया। कान पकड़कर मांगी माफी, वीडियो-आईडी की डिलीट पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस के सामने दोनों कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगी। उसने पुलिस से कहा कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े जाने के डर से आरोपी ने संबंधित आपत्तिजनक वीडियो और अपनी इंस्टाग्राम आईडी डिलीट कर दी थी। धारा 170 BNSS के तहत कार्रवाई, पुलिस की अपील वीडियो डिलीट करने और माफी मांगने के बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कालीपीठ पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं की निजता और गरिमा का सम्मान करें। इस प्रकार के वीडियो न बनाएं और न ही सोशल मीडिया पर साझा करें, नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।









