Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

ओस्लो1 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद विन्सेंट कीमर से हाथ मिलाया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। आखिरी राउंड में पलटी बाजी, वेस्ली टाईब्रेकर जीतने के बावजूद हारे टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ टॉप पर थे। लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर में गया। इससे प्रज्ञानानंदा के लिए खिताब जीतने का रास्ता खुल गया। वेस्ली सो ने टाईब्रेकर तो जीत लिया, लेकिन उन्हें केवल 1.5 अंक मिले। इस तरह उनके कुल 17 अंक हुए, जो प्रज्ञानानंदा से एक कम थे। फ्रांस के अलीरजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आखिरी दौर में मैग्नस कार्लसन ने गुकेश को हराया, लेकिन वह भी खिताब नहीं जीत सके। कार्लसन 13 अंकों के साथ 5वें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्रज्ञानानंदा का प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने शानदार वापसी की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ल्ड नंबर-1 और सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराना रहा। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। आनंद और गुकेश भी नहीं जीत सके थे नॉर्वे चेस खिताब प्रज्ञानानंदा ने वह कर दिखाया जो भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद भी नहीं कर पाए थे। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी अब तक यह टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 2013 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में पहली बार किसी भारतीय ने खिताब जीता है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार नॉर्वे चेस में खेल रहे थे। गुकेश 8 अंकों के साथ छठे (आखरी) स्थान पर रहे। क्या है नॉर्वे चेस का अर्मागेडन फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट हर साल होने वाले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक चेस टूर्नामेंट्स में से एक है। इस साल यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून 2026 तक पहली बार नॉर्वे की राजधानी, ओस्लो में आयोजित किया गया था। इसमें ओपन और महिला कैटेगरी, दोनों में केवल 6-6 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जो आपस में दो-दो बार भिड़े। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान को अंडर-18 हॉकी एशिया कप में हराया: आखिरी 15 मिनट में 3 गोल कर सेमीफाइनल जीता भारतीय अंडर-18 मेंस हॉकी टीम ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का सामना शनिवार को जापान से होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

ओस्लो1 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद विन्सेंट कीमर से हाथ मिलाया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। आखिरी राउंड में पलटी बाजी, वेस्ली टाईब्रेकर जीतने के बावजूद हारे टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ टॉप पर थे। लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर में गया। इससे प्रज्ञानानंदा के लिए खिताब जीतने का रास्ता खुल गया। वेस्ली सो ने टाईब्रेकर तो जीत लिया, लेकिन उन्हें केवल 1.5 अंक मिले। इस तरह उनके कुल 17 अंक हुए, जो प्रज्ञानानंदा से एक कम थे। फ्रांस के अलीरजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आखिरी दौर में मैग्नस कार्लसन ने गुकेश को हराया, लेकिन वह भी खिताब नहीं जीत सके। कार्लसन 13 अंकों के साथ 5वें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्रज्ञानानंदा का प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने शानदार वापसी की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ल्ड नंबर-1 और सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराना रहा। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। आनंद और गुकेश भी नहीं जीत सके थे नॉर्वे चेस खिताब प्रज्ञानानंदा ने वह कर दिखाया जो भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद भी नहीं कर पाए थे। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी अब तक यह टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 2013 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में पहली बार किसी भारतीय ने खिताब जीता है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार नॉर्वे चेस में खेल रहे थे। गुकेश 8 अंकों के साथ छठे (आखरी) स्थान पर रहे। क्या है नॉर्वे चेस का अर्मागेडन फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट हर साल होने वाले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक चेस टूर्नामेंट्स में से एक है। इस साल यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून 2026 तक पहली बार नॉर्वे की राजधानी, ओस्लो में आयोजित किया गया था। इसमें ओपन और महिला कैटेगरी, दोनों में केवल 6-6 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जो आपस में दो-दो बार भिड़े। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान को अंडर-18 हॉकी एशिया कप में हराया: आखिरी 15 मिनट में 3 गोल कर सेमीफाइनल जीता भारतीय अंडर-18 मेंस हॉकी टीम ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का सामना शनिवार को जापान से होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Hindi News Sports Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh 2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। इससे पहले 28 मई को उन्होंने सफेद मोहरों से हराया था। मंगलवार को उन्होंने काले मोहरों से जीत दर्ज की। 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए हराया था, जबकि मंगलवार को उन्होंने काले मोहरे से खेलते हुए हराया। दूसरी बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया इस जीत के साथ आर. प्रज्ञानानंदा भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है। क्लासिकल शतरंज के पिछले 19 सालों में यह पहला मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार मात दी हो। इससे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी थी। अलीरेजा फिरोजा ने वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को हराया, वेस्ली सो टॉप पर आठवें दौर के एक अन्य क्लासिकल मुकाबले में फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमराजु (डी गुकेश) को हराया। सफेद मोहरों से खेल रहे फिरोजा ने टाइम प्रेशर के बीच एंडगेम में शानदार खेल दिखाया और गुकेश की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से फिरोजा के 13 अंक हो गए हैं। टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए ‘अर्मागेडन’ मुकाबले में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर एक्स्ट्रा पॉइंट्स बटोरे और 14 अंकों के साथ बढ़त बरकरार रखी। प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश को हराया। दिव्या देशमुख हारीं, कोनेरू हम्पी ने अर्मागेडन जीता नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के आठवें राउंड में भारत के लिए मिला-जुला दिन रहा। टूर्नामेंट लीडर बीबीसारा असाउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को क्लासिकल मुकाबले में हराया। काले मोहरों से खेल रहीं बीबीसारा ने लगातार दबाव बनाए रखा। आखिरी समय में दिव्या के पास समय कम बचा और वे मैच हार गईं। झू जिनर ने मौजूदा विमेंस वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और अन्ना मुजीचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद एक्स्ट्रा पॉइंट्स के लिए हुए अर्मागेडन मुकाबले में कोनेरू हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज की। विमेंस पॉइंट्स टेबल में बीबीसारा 15.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं। अन्ना मुजीचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे और दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। क्या है नॉर्वे चेस का ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में खेला जा रहा है। इसमें दुनिया के चुनिंदा 6-6 पुरुष और महिला खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट है। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है, तो फैसला तुरंत सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड महिला टीम ने टी-20 में भारत को हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Hindi News Sports Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh 4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। टूर्नामेंट में एक हफ्ते के अंदर कार्लसन के खिलाफ उनकी यह दूसरी जीत है। इससे पहले 28 मई को उन्होंने सफेद मोहरों से हराया था। मंगलवार को उन्होंने काले मोहरों से जीत दर्ज की। 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए हराया था, जबकि मंगलवार को उन्होंने काले मोहरे से खेलते हुए हराया। 19 साल में दूसरी बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया इस जीत के साथ आर. प्रज्ञानानंदा भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है। क्लासिकल शतरंज के पिछले 19 सालों में यह पहला मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार मात दी हो। इससे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी थी। अलीरेजा फिरोजा ने वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को हराया, वेस्ली सो टॉप पर आठवें दौर के एक अन्य क्लासिकल मुकाबले में फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमराजु (डी गुकेश) को हराया। सफेद मोहरों से खेल रहे फिरोजा ने टाइम प्रेशर के बीच एंडगेम में शानदार खेल दिखाया और गुकेश की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से फिरोजा के 13 अंक हो गए हैं। टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए ‘अर्मागेडन’ मुकाबले में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर एक्स्ट्रा पॉइंट्स बटोरे और 14 अंकों के साथ बढ़त बरकरार रखी। प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश को हराया। दिव्या देशमुख हारीं, कोनेरू हम्पी ने अर्मागेडन जीता नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के आठवें राउंड में भारत के लिए मिला-जुला दिन रहा। टूर्नामेंट लीडर बीबीसारा असाउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को क्लासिकल मुकाबले में हराया। काले मोहरों से खेल रहीं बीबीसारा ने लगातार दबाव बनाए रखा। आखिरी समय में दिव्या के पास समय कम बचा और वे मैच हार गईं। झू जिनर ने मौजूदा विमेंस वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और अन्ना मुजीचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद एक्स्ट्रा पॉइंट्स के लिए हुए अर्मागेडन मुकाबले में कोनेरू हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज की। विमेंस पॉइंट्स टेबल में बीबीसारा 15.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं। अन्ना मुजीचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे और दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। क्या है नॉर्वे चेस का ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में खेला जा रहा है। इसमें दुनिया के चुनिंदा 6-6 पुरुष और महिला खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट है। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है, तो फैसला तुरंत सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड महिला टीम ने टी-20 में भारत को हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Deshmukh Title Race Alive; Praggnanandhaa, Gukesh Win Round 7

Hindi News Sports Norway Chess: Deshmukh Title Race Alive; Praggnanandhaa, Gukesh Win Round 7 ओस्लो5 मिनट पहले कॉपी लिंक गुकेश ने टेबल टॉपर अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो को हराया। भारतीय खिलाड़ियों ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के 7वें राउंड में वापसी की। सोमवार रात आर. प्रज्ञानानंदा ने फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा को हराकर तीन अंक हासिल किए। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने वेस्ली सो के खिलाफ टाईब्रेक जीतकर 1.5 अंक हासिल किए। एक दिन पहले छठे राउंड में भारतीय ग्रैंड मास्टर्स को पराजय झेलनी पड़ी थी। फिलहाल, आर. प्रज्ञानानंदा और दिव्या देशमुख खिताब की दौड़ में बने हुए हैं। गुकेश ओपन कैटेगरी के सबसे निचले पायदान पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने फिरोजा को हराया, गुकेश ने टाईब्रेक जीता प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए 26वीं चाल पर बढ़त बनाई और फिरोजा को लगातार दूसरी क्लासिकल हार दी। इस जीत के बाद उनके 9 अंक हो गए हैं। प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से क्लासिकल मैच जीता। गुकेश अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मैच में जीत के करीब पहुंचने के बावजूद ड्रॉ पर रुक गए। हालांकि, टाईब्रेक जीतकर उन्होंने 1.5 अंक हासिल किए। उनके कुल 8 अंक हैं। गुकेश टाईब्रेक में वापसी कर जीत दर्ज की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी, अब बिबिसारा से मैच महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने हमवतन कोनेरू हम्पी को आर्मागेडन टाईब्रेक में हराकर 10 अंक हासिल किए। हालांकि, कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा 12.5 अंकों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं। अगले राउंड में दिव्या और बिबिसारा का मुकाबला खिताबी दौड़ की दिशा तय कर सकता है। दिव्या ने कोनेरू हम्पी को टूर्नामेंट में दूसरी बार हराया। वेस्ली टॉप पर कायम, बिबिसारा विमेंस में नंबर-1 ओपन वर्ग में वेस्ली सो 12.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अलीरेजा फिरोजा 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा, मैग्नस कार्लसन और विन्सेंट कीमर 9-9 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। विमेंस कैटेगरी में कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा ने चीन की झू जिनर को क्लासिकल में हराकर 12.5 अंक जुटाए। वह महिला वर्ग में शीर्ष पर हैं। दिव्या 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अगले राउंड में बिबिसारा के खिलाफ उनकी भिड़ंत खिताब की दौड़ के लिए अहम होगी। —————————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीवी सिंधु इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन के दूसरे दौर में भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन सुपर 1000 टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं। जबकि, मालविका बनसोड़ पहले दौर में हार गईं। मेंस सिंगल्स में किदांबी श्रीकांत भी हारकर बाहर हो गए। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Deshmukh Title Race Alive; Praggnanandhaa, Gukesh Win Round 7

Hindi News Sports Norway Chess: Deshmukh Title Race Alive; Praggnanandhaa, Gukesh Win Round 7 ओस्लो2 घंटे पहले कॉपी लिंक गुकेश ने टेबल टॉपर अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो को हराया। भारतीय खिलाड़ियों ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के 7वें राउंड में वापसी की। सोमवार रात आर. प्रज्ञानानंदा ने फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा को हराकर तीन अंक हासिल किए। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने वेस्ली सो के खिलाफ टाईब्रेक जीतकर 1.5 अंक हासिल किए। एक दिन पहले छठे राउंड में भारतीय ग्रैंड मास्टर्स को पराजय झेलनी पड़ी थी। फिलहाल, आर. प्रज्ञानानंदा और दिव्या देशमुख खिताब की दौड़ में बने हुए हैं। गुकेश ओपन कैटेगरी के सबसे निचले पायदान पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने फिरोजा को हराया, गुकेश ने टाईब्रेक जीता प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए 26वीं चाल पर बढ़त बनाई और फिरोजा को लगातार दूसरी क्लासिकल हार दी। इस जीत के बाद उनके 9 अंक हो गए हैं। प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से क्लासिकल मैच जीता। गुकेश अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मैच में जीत के करीब पहुंचने के बावजूद ड्रॉ पर रुक गए। हालांकि, टाईब्रेक जीतकर उन्होंने 1.5 अंक हासिल किए। उनके कुल 8 अंक हैं। गुकेश टाईब्रेक में वापसी कर जीत दर्ज की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी, अब बिबिसारा से मैच महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने हमवतन कोनेरू हम्पी को आर्मागेडन टाईब्रेक में हराकर 10 अंक हासिल किए। हालांकि, कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा 12.5 अंकों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं। अगले राउंड में दिव्या और बिबिसारा का मुकाबला खिताबी दौड़ की दिशा तय कर सकता है। दिव्या ने कोनेरू हम्पी को टूर्नामेंट में दूसरी बार हराया। वेस्ली टॉप पर कायम, बिबिसारा विमेंस में नंबर-1 ओपन वर्ग में वेस्ली सो 12.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अलीरेजा फिरोजा 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा, मैग्नस कार्लसन और विन्सेंट कीमर 9-9 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। विमेंस कैटेगरी में कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा ने चीन की झू जिनर को क्लासिकल में हराकर 12.5 अंक जुटाए। वह महिला वर्ग में शीर्ष पर हैं। दिव्या 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अगले राउंड में बिबिसारा के खिलाफ उनकी भिड़ंत खिताब की दौड़ के लिए अहम होगी। —————————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीवी सिंधु इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन के दूसरे दौर में भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन सुपर 1000 टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं। जबकि, मालविका बनसोड़ पहले दौर में हार गईं। मेंस सिंगल्स में किदांबी श्रीकांत भी हारकर बाहर हो गए। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

13 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। एक गलती से हारे प्रज्ञानानंद रागोजिन डिफेंस से शुरू हुआ यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों खिलाड़ियों के पास जीत के अवसर थे, लेकिन समय के दबाव में प्रज्ञानानंद की एक गलती निर्णायक साबित हुई। गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए चेकमेट के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में प्रज्ञानानंद (बाएं) की एक गलती निर्णायक साबित हुई। कार्लसन अमेरिकी ग्रैंडमास्टर से हारे दूसरी ओर मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हार का सामना करना पड़ा। पांच दौर के बाद कार्लसन 4.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं, जबकि अलीरेजा फिरूजा 10 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दिव्या ने चीनी खिलाड़ी को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर पहली बार एकल बढ़त हासिल की। दिव्या अब 8.5 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं। भारत की कोनेरू हम्पी ने भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से नॉर्वे चेस में भारत की चुनौती और मजबूत हो गई है। दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों में हराया। ————————————————- नॉर्वे चेस की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे, चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

30 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। एक गलती से हारे प्रज्ञानानंद रागोजिन डिफेंस से शुरू हुआ यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों खिलाड़ियों के पास जीत के अवसर थे, लेकिन समय के दबाव में प्रज्ञानानंद की एक गलती निर्णायक साबित हुई। गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए चेकमेट के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में प्रज्ञानानंद (बाएं) की एक गलती निर्णायक साबित हुई। कार्लसन अमेरिकी ग्रैंडमास्टर से हारे दूसरी ओर मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हार का सामना करना पड़ा। पांच दौर के बाद कार्लसन 4.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं, जबकि अलीरेजा फिरूजा 10 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दिव्या ने चीनी खिलाड़ी को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर पहली बार एकल बढ़त हासिल की। दिव्या अब 8.5 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं। भारत की कोनेरू हम्पी ने भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से नॉर्वे चेस में भारत की चुनौती और मजबूत हो गई है। दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों में हराया। ————————————————- नॉर्वे चेस की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे, चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praggnanandhaa Beats Carlsen, Gukesh Loses

स्पोर्ट्स डेस्क24 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा तीसरे राउंड के बाद पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश लगातार दूसरे दौर में हार गए। अगले दौर में उनका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा। प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल मुकाबले में कार्लसन को हराकर तीन अंक हासिल किए। इस जीत से वे 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। वे नंबर-2 पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को दूसरी बार हराया प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस में क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को दूसरी बार हराया है। उन्होंने 2024 में भी पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को मात दी थी। भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैच बेहद करीबी था और टाइम स्क्रैम्बल में नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। सात बार के चैंपियन कार्लसन छह खिलाड़ियों की अंक तालिका में 1.5 अंक के साथ सबसे नीचे हैं। गुकेश का मैच 5 घंटे चला, फिरोजा से हारे दूसरी ओर विश्व चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म जारी रही। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने उन्हें आर्मगेडन मुकाबले में हराकर 1.5 अंक हासिल किए। करीब 5 घंटे तक चला क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन में फिरोजा ने बाजी मार ली। मैच के बाद फिरोजा से हाथ मिलाते डी गुकेश। चोटिल होने के बावजूद फिरोजा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मैच के बाद वह व्हीलचेयर और मून बूट में नजर आए। उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर 7.5 अंक के साथ बढ़त मजबूत कर ली। गुकेश 3.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। उन्हें इस साल जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलना है। दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन में हराकर तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वह 4.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं कोनेरू हम्पी अन्ना मुजिचुक से हारकर दो अंक के साथ आखिरी स्थान पर हैं। दिव्या ने तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वे नंबर-2 पर हैं। चेस में आर्मगेडन एक ‘सडन-डेथ’ टाई-ब्रेकर गेम होता है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई टूर्नामेंट या मैच ड्रॉ हो जाता है और परिणाम निकालना जरूरी होता है। इसमें ड्रॉ की कोई गुंजाइश नहीं होती। ————————————————– नॉर्वे चेस टूर्नामेंट की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड-2 के बाद अलीरेजा फिरोजा 6 अंक के साथ ओपन कैटेगरी के टॉप पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंक के साथ पहले स्थान पर हैं। गुकेश बढ़त के बावजूद हारे डी गुकेश ने अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में लंबे समय तक दबाव बनाए रखा। 116 चालों तक चले मुकाबले में वे जीत के करीब दिखे, लेकिन मुकाबला ड्रॉ हो गया। इसके बाद निर्णायक गेम में वेस्ली सो ने उन्हें हरा दिया। मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि गुकेश का गेम उनकी रैंकिंग जैसा नहीं दिखा। गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा को फिरोजा ने हराया दूसरी ओर आर प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने हराया। शुरुआत में प्रज्ञानानंदा बेहतर स्थिति में थे, लेकिन फिरोजा ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। लगातार दूसरी जीत के साथ फिरोजा अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मात दी। फिरोजा टॉप पर हैं। कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी जर्मनी के विंसेंट कीमर ने कड़ी टक्कर दी। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद कार्लसन ने आर्मगेडन में जीत हासिल की। विंसेंट कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, कार्लसन ने आर्मगेडन मैच में जीत हासिल की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने अनुभवी कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। दिव्या ने कहा कि उन्हें नॉर्वे चेस के आर्मगेडन मुकाबले और कन्फेशन रूम का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कन्फेशन रूम में खिलाड़ी मैच के दौरान अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं। ——————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








