UPSC CSE Mains 2026 Result Declared

18 मिनट पहले कॉपी लिंक यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी UPSC ने सिविल सर्विस मेन्स एग्जाम 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। UPSC CSE मेन्स एग्जाम में शामिल होने वाले सभी कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। 2,536 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए UPSC CSE 2026 में, 2,526 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए हैं। कैंडिडेट्स ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म में जरूरी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। UPSC के ऑनलाइन पोर्टल 11 नवंबर से 25 नवंबर तक ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। ये एग्जाम 21 अगस्त से 30 अगस्त के बीच आयोजित की गई थी। UPSC मेन्स में कुल 13,343 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा दी थी। UPSC ऑनलाइन भेजेगा कॉल लेटर नई दिल्ली के शाहजहां रोड स्थित धौलपुर हाउस में आयोग के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही ई-समन पत्र UPSC की वेबसाइट और ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आयोग ने साफ किया है कि कोई भी फिजिकल (कागजी) समन पत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही पर्सनल इंटरव्यू पूरा होने और फाइनल रिजल्ट होने के 15 दिनों के भीतर, सभी कैंडिडेट्स की मार्कशीट आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। ये मार्कशीट 30 दिनों तक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगी। ————————— ये खबर भी पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
CA Intermediate Result 2026 Declared

8 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) इटरमीडिएट सितंबर 2026 का रिजल्ट गुरुवार को जारी किया। कैंडिडेट्स अपना स्कोरकार्ड ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट icai.nic.in या icai.org पर जाकर चेक कर सकते हैं। इस बार महाराष्ट्र के दो कैंडिडेट्स मुंबई के नील राजेश शाह और नासिक के चंदक साक्षी ने 83.67% परसेंट हासिल कर टॉप किया है। 1.5 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए ग्रुप A परीक्षा में 1,00,301 कैंडिडेट्स शामिल हुए और ग्रुप B में 68,400 कैंडिडेट्स शामिल हुए। जिनमें से 12,938 छात्र सफल रहे। कुल पासिंग परसेंट 18.92% रहा। दोनों ग्रुपों की परीक्षा देने वाले 38,339 कैंडिडेट्स में से 5,066 स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों ग्रुप का टोटल पासिंग परसेंट 13.21% दर्ज किया गया। टॉपर्स की लिस्ट भी जारी रिजल्ट के साथ ही ICAI ने ऑल इंडिया टॉपर्स की लिस्ट और पसिंग परसेंट भी जारी किया है। टॉप 3 कैंडिडेट्स ऐसे चेक करें रिजल्ट कैंडिडेट्स सबसे पहले ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट icai.nic.in पर जाएं। वेबसाइट के होम पेज पर जिस कोर्स का रिजल्ट देखना चाहते हैं उसके एक्टिव लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद जरूरी क्रेडेन्शियल रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डाल कर सबमिट करें। अब आपका रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जायेगा जहां से आप इसे देखने के साथ ही स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। 3 सितंबर को हुई थी परीक्षा CA इंटरमीडिएट की परीक्षा सितंबर में आयोजित की गई थी। इसमें ग्रुप-1 की एडवांस्ड अकाउंटिंग परीक्षा 1 सितंबर को और कॉर्पोरेट एंड अदर लॉज 3 सितंबर को हुई थी। इसके बाद ग्रुप-2 की परीक्षाएं 6 सितंबर से 12 सितंबर के बीच आयोजित की गई थीं। ————————— ये खबर भी पढ़ें.. देश के 3 IITs क्यों बना रहे हैं मेडिकल कॉलेज:यहां डॉक्टर्स नहीं, मेडिकल इंजीनियर्स की पढ़ाई होगी; IIT डायरेक्टर्स ने बताया प्लान एक हॉस्पिटल में पेशेंट का CT स्कैन चल रहा है, और रिपोर्ट में कुछ हिस्सा ब्लर आया है। डॉक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि क्या वो ब्लर हिस्सा मशीन की गड़बड़ी की वजह से है.पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
NEET PG Result Update | NBEMS Cut-Off Policy & Zero Percentile Debate

Hindi News Career NEET PG Result Update | NBEMS Cut Off Policy & Zero Percentile Debate 4 मिनट पहलेलेखक: सृष्टि तिवारी कॉपी लिंक 24 सितंबर को जारी हुए NEET-PG 2026 रिजल्ट में इस बार कुल 2,63,535 कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया है। लेकिन एग्जाम देने वाले 258 कैंडिडेट्स के 0 या उससे भी कम नंबर हैं। साथ ही लास्ट रैंक यानी 0 पर्सेंटाइल लाने वाले कैंडिडेट का स्कोर -59 है। बीते 3 सालों का पैटर्न देखें तो 0 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले कैंडिडेट्स को काउंसलिंग में मौका मिल सकता है। इससे एक बार फिर ये बहस तेज गई है कि क्या फिर 0 परसेंटाइल वाले कैंडिडेट्स को MD, MS करने का मौका दिया जाएगा? कोविड-19 के बाद पहली बार घटाया गया था पर्सेंटाइल नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस यानी NBEMS ने साल 2023 में कोविड-19 के बाद पहली बार NEET-PG का क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाकर 0 किया था। इससे बहुत कम या नेगेटिव स्कोर करने वाले कैंडिडेट्स भी काउंसलिंग के लिए एलिजिबल हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट में कहा गया- इससे डॉक्टर्स की क्वालिटी गिरेगी फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल को कम करने से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की थी और कम परसेंटाइल को लेकर सरकार और NBEMS दोनों से ही जवाब मांगा था। ये याचिका सोशल वर्कर हरिशरण देवगन, डॉ. सौरव कुमार, डॉ. लक्ष्य मित्तल और डॉ. आकाश सोनी ने लगाई थी। इस याचिका में 2025-26 की काउंसलिंग में दो राउंड के बाद NEET PG-2025 कट-ऑफ कम करने को लेकर सवाल किया गया था। याचिका के मुताबिक, कट-ऑफ कम करना आर्टिकल 14 और आर्टिकल 21 का उल्लंघन था। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट एसोसिएशन ने किया था विरोध देश में मेडिकल प्रोफेशनल्स के अधिकारों, कल्याण और गरिमा की वकालत करने वाला यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट एसोसिएशन (UDF) ने पिछले साल NEET PG का कट-ऑफ 0 पर्सेंटाइल किए जाने का कड़ा विरोध किया था। UDFA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और अन्य पदाधिकारियों ने इस नोटिफिकेशन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की थी। UDF ने कहा था- बेहद कम या नेगेटिव स्कोर पाने वाले कैंडिडेट्स का पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल ट्रेनिंग (MD/MS) लेना पब्लिक हेल्थ के साथ बड़ा समझौता होगा। बार-बार एलिजिबिलिटी रूल कम करने से भविष्य में स्पेशलिस्ट डॉक्टर की क्वालिटी पर बुरा असर होगा। जब कम योग्यता वाले डॉक्टर हाई रिस्क वाले मेडिकल क्षेत्रों (जैसे सर्जरी या ऑर्थोपेडिक्स) में स्पेशलिस्ट बनेंगे, तो इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। इससे ट्रेनिंग की खराब क्वालिटी, अच्छे फैकल्टी की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी असर होगा। ये सीटें भरने का नहीं, बेचने का फॉर्मूला है- एकेडमिक एक्सपर्ट एकेडमिक एक्सपर्ट और पंजाब सरकार के एकेडमिक प्रोग्राम का हिस्सा रहे कुणाल सिंह बताते हैं कि कट-ऑफ घटाकर 0 पर्सेंटाइल करना सीटें भरने का नहीं, बेचने का फॉर्मूला है। कुणाल सिंह ने कहा, “सरकारी कॉलेज में सीट भी कम होती हैं, जरूरी नहीं कोई टॉप स्कोरर उसको अफोर्ड कर पाए। ऐसे में कम स्कोर वाला कोई कैंडिडेट मोटी रकम चुकाकर उसको खरीद सकता है और ये सीट पेड होने की वजह से ही भर पाती हैं।” कुणाल बताते हैं कि ये खेल सिर्फ NEET-PG में नहीं है बल्कि NEET-UG में भी आपको इसके कई सारे उदाहरण मिल जाएंगे। वे कहते हैं ‘यदि सिर्फ पंजाब की ही मैं बात करूं तो यहां ऐसे कई कैंडिडेट्स होंगे जो MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन उनके NEET UG में 140 नंबर भी नहीं होंगे या कहूं वो 12वीं बोर्ड में सेकेंड डिवीजन भी नहीं आए होंगे।’ ये सब पेड सीट का खेल है इसका नुकसान बहुत बड़ा है। तो क्या पासिंग क्राइटेरिया घटाने से वाकई खराब क्वालिटी के डॉक्टर्स तैयार होते हैं? कट-ऑफ घटाने के फैसले को लेकर एक दूसरा तर्क भी है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रोफेसर के अनुसार- किसी खास स्पेशलाइजेशन के लिए एडमिशन के पर्सेंटाइल के डेटा का कोई खास मतलब नहीं होता है। साथ ही कम पर्सेंटाइल वाले कैंडिडेट्स, कम पसंद की जाने वाली सीटों पर एडमिशन लेते हैं। एडमिशन का मतलब ये नहीं होता है कि कैंडिडेट को MD, MS या DNB की डिग्री मिल जाएगी। किसी भी डिग्री के लिए कैंडिडेट को पढ़ाई करनी होती है और परीक्षा भी पास करनी होगी। NBEMS की सफाई- सीटें भरना जरूरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद, NBEMS ने अपने पक्ष में कहा था कि देश भर में 18,000 से ज्यादा पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें खाली हैं। इस वजह से बोर्ड ने NEET-PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में बदलाव किया है। दरअसल, 2025 में ही कटऑफ पर्सेंटाइल घटाने से -40 स्कोर करने वाले भी काउंसलिंग के तीसरे राउंड में शामिल हो गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट भी पर्सेंटाइल में दखल से कर चुका है इनकार कट-ऑफ 0 पर्सेंटाइल करने के खिलाफ एक मामला जनवरी 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट में भी आया था। इस मामले में संचित सेठ बनाम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज अन्य का जिक्र करते हुए, कोर्ट ने योग्यता के क्राइटेरिया को कम करने के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि कट-ऑफ 0 पर्सेंटाइल करने को लेकर पब्लिक हेल्थ रिस्क और स्टैंडर्ड्स में गिरावट की जो बात कही जा रही है, वो ‘बेबुनियाद’ है। पोस्ट-ग्रेजुएशन की खाली सीटों के लिए उम्मीदवारों की उपलब्धता को किसी सोच से जुड़ा नहीं माना जा सकता। तब कोर्ट ने माना कि ‘फैसला लेने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं थी, जिसके लिए चल रहे काउंसलिंग राउंड में न्यायिक दखल की जरूरत हो।’ हालांकि, एडमिशन देने वाली नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC का कहना था कि काउंसलिंग के दौरान ज्यादा रैंक वाले उम्मीदवारों को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है। देश में PG मेडिकल कोर्स के लिए 33,088 सरकारी सीटें इस साल NEET PG 2026 काउंसलिंग में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को बढ़ाया गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने NEET PG 2026-27 का जो सीट मैट्रिक्स जारी किया है, उसके मुताबिक 58,000 MD, MS और डिप्लोमा सीटें हैं, जो पिछले साल 52,173 थीं। जबकि 2,73,096 कैंडिडेट्स ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन किया था। वहीं 2,65,980 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा दी थी। NMC 29 सितंबर 2026 के डेटा के मुताबिक, NEET-PG की कुल सीटों में
DU Election Result 2026 | ABVP Candidate Yash Dabas Win

Hindi News Career DU Election Result 2026 | ABVP Candidate Yash Dabas Win | Delhi News 19 मिनट पहले कॉपी लिंक डीयू के कॉलेजों में छात्र संघ समेत यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार 18 सितंबर को वोटिंग आयोजित की गई। इसमें 40.46% मतदान दर्ज किया गया। आज इसका रिजल्ट जारी होने के साथ ही :::::पार्टी ने जीत दर्ज की है। सेंट्रल पैनल के लिए मतदान EVM से हुई थी। मतदान के लिए कुल 52 पोलिंग सेंटर बनाए गए थे। आज नॉर्थ कैंपस मल्टी पर्पज हॉल में EVM खुली और वोटिंग हुई। सेंट्रल पैनल पर मैदान में कुल 19 उम्मीदवार डूसू चुनाव मुख्य तौर पर दो स्तर पर होता है। इसमें कॉलेजों में छात्रसंघ का चुनाव होता है तो वहीं सेंट्रल पैनल पर भी छात्रसंघ चुना जाता है। डूसू चुनाव 2026 में सेंट्रल पैनल पर कुल 19 उम्मीदवार चुनाव में लड़ रहे हैं, जिसमें अध्यक्ष पर सबसे अधिक 7, उपाध्यक्ष पद पर 5, सचिव पद पर 4 और संयुक्त सचिव पद पर 4 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे। विजय जुलूस पर रोक, 140 कैंडिडेट्स को नोटिस दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव 2026 से संबंधित एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव के विजय जुलूस पर रोक लगा दी है, जिसके तहत कॉलेज छात्रसंघ समेत सेंट्र्रल पैनल पर विजय होने वाला कोई भी कैंडिडेट विजय जुलूस नहीं निकाल सकता है। साथ ही हाईकोर्ट ने 140 कैंडिडेट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है। उम्मीदवारों ने किया AI बेस्ड प्रचार दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 में प्रचार का तरीका इस बार पूरी तरह बदल गया है। डीयू प्रशासन की सख्ती के कारण छात्र संगठनों ने कागजी पोस्टरों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सोशल मीडिया रील्स के जरिये प्रचार किया है। इस साल डूसू चुनाव की जंग बेहतर और रचनात्मक प्रॉम्प्ट से लड़ी जा रही है। युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए उम्मीदवारों ने शॉर्ट वीडियोज, मीम्स और रील्स को अपना हथियार बनाया। ———————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें हरियाणा के 12 हजार शिक्षकों पर संकट:HTET जरूरी, नहीं तो नौकरी छोड़ो या रिटायरमेंट लो, पश्चिम बंगाल में 90 हजार टीचर्स के लिए एग्जाम की तैयारी हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन 12 हजार शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने अब तक हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एक नोटिस जारी किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rajasthan SI Recruitment 2026 | Physical Test Result Declared

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2025 के तहत फिजिकल टेस्ट में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। आयोग ने इसमें 4019 अभ्यर्थियों को अस्थाई रूप से साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है। साक्षा . 3 से 13 अगस्त तक हुआ था फिजिकल टेस्ट आयोग द्वारा लिखित परीक्षा का परिणाम दिनांक 19 जून 2026 को जारी किया गया था। इसके बाद महानिदेशक पुलिस राजस्थान जयपुर द्वारा 3 अगस्त 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया गया था। शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद संबंधित सेवा नियमानुसार अनुसूचित क्षेत्र के 62 तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र के 3957 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए अस्थाई रूप से सफल घोषित किया गया है। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं। फिजिकल टेस्ट के परिणाम के बाद सेवा नियमों के अनुसार: अनुसूचित क्षेत्र: 62 अभ्यर्थी गैर-अनुसूचित क्षेत्र: 3957 अभ्यर्थी कुल: 4019 अभ्यर्थी 25 सितंबर तक जमा करना होगा विस्तृत आवेदन-फॉर्म अस्थाई रूप से सफल अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट से विस्तृत आवेदन-पत्र डाउनलोड कर दो प्रतियों में भरना होगा। इसके साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्र अटैच कर 25 सितंबर 2026 तक आयोग को भेजना अनिवार्य होगा। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शर्तों और संबंधित सेवा नियमों के अनुसार की जाएगी। जो अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी नहीं करेंगे, उनकी उम्मीदवारी आयोग द्वारा रद्द की जा सकती है। पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। …….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम की तैयारी पूरी,2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:11 जिलों के 666 सेंटर बनाए; 17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के री-एग्जाम में 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। (पूरी खबर पढें)
UPTET 2026 Result Controversy | Candidates Protest Against OMR Rejection

Hindi News Career UPTET 2026 Result Controversy | Candidates Protest Against OMR Rejection 3 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने 26 अगस्त को UPTET 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट जारी होने के बाद एक ओर जहां पास होने वाले उम्मीदवार खुश हैं, वहीं ऐसे 60 हजार उम्मीदवार बेहद निराश है जिनका रिजल्ट OMR शीट में हुई गलती की वजह से रिजेक्ट हो गया है। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार शामिल है जो आयोग की ऑफिशियल आंसर की से अपने आंसर मिलाने पर आसानी से परीक्षा पास कर रहे थे। लेकिन फाइनल रिजल्ट में उनका स्टेटस रिजेक्ट दिख रहा है। आयोग ने बताई रिजल्ट रिजेक्ट होने की वजह आयोग के अनुसार रोल नंबर, क्वेश्चन पेपर बुकलेट की संख्या या अन्य जरूरी कॉलम में सर्कल गलत भरने, ऊपर-नीचे हो जाने या किसी कॉलम के छूट जाने के कारण कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ने इन OMR शीट को जांचने से सीधे खारिज कर दिया। अब इसके खिलाफ उम्मीदवारों ने ऑब्जेक्शन दर्ज किया है। उम्मीदवारों ने की मैनुअल जांच की मांग उम्मीदवारों की मांग है कि कई मामलों में लिखित रूप में रोल नंबर, बुकलेट नंबर सही था, लेकिन संबंधित गोला भरने में गलती हुई। जब उम्मीदवारों की पहचान की जा सकती है, तो ऐसी OMR को सीधे रिजेक्ट करने के बजाय मैनुअल जांच की जानी चाहिए। आयोग को दिए 5 हजार से अधिक प्रत्यावेदन प्रयागराज में उम्मीदवारों ने आयोग के सामने अपनी मांग रखी और परीक्षा के बाद ही 5 हजार से अधिक प्रत्यावेदन आयोग को दिए। 28 अगस्त को उम्मीदवारों ने प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सामने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान 300 से ज्यादा उम्मीदवार आयोग पहुंचे और रिजल्ट की दोबारा जांच की मांग की। ——————————————————- ये खबर भी पढ़ें गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन में नकली नोटों की बारिश:NSUI का विरोध, पूर्व VC पर 9.84 लाख बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर का आरोप नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस नेता ने गुजरात यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति के खिलाफ 40 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UPTET 2026 Result Declared | UP Primary & Upper Primary Pass Percentage

यूपी TET एग्जाम-2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने बुधवार रात 9 बजे आंकड़े जारी किए। प्राइमरी (कक्षा 1 से 5 तक) और जूनियर (कक्षा 6 से 8) लेवल के एग्जाम में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी पास हुए हैं। . प्राइमरी का रिजल्ट 80.07 प्रतिशत और जूनियर का 71.85 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। TET एग्जाम में 2,06,771 शिक्षक पास हुए। अपनी नौकरी बचाने के लिए 2,68,799 शिक्षक इस परीक्षा में बैठे थे। 62,028 शिक्षक फेल हो गए। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है। TET परीक्षा इसी साल 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर कराई गई थी। परीक्षा कुल पांच पालियों में हुई, जिसमें दो पालियां प्राइमरी स्तर और तीन पालियां उच्च प्राथमिक स्तर यानी जूनियर के लिए आयोजित की गई थीं। इस साल कुल 19 लाख 94 हजार 661 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। अभ्यर्थी अपना परिणाम, स्कोरकार्ड और कटऑफ आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPESSC पर जाकर देख सकते हैं। आयोग ने तकनीकी सहायता और अन्य जानकारी के लिए हेल्पलाइन एवं ई-मेल सुविधा भी उपलब्ध कराई है। एग्जाम के दौरान महिला अभ्यर्थियों से कान की बाली और जूड़े उतरवा लिए गए थे। अब जरूरी बातें जानिए… प्राइमरी के लिए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 7,13,648 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 5,71,435 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। इस स्तर का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.07 रहा। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 7,59,513 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की। इस स्तर का कुल सफलता प्रतिशत 71.85 दर्ज किया गया। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल 1,22,405 शिक्षकों में से 93,387 शिक्षक सफल रहे, जो कुल 76.29 प्रतिशत है। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों में से 1,13,384 शिक्षक सफल हुए, जिसका सफलता प्रतिशत 77.45 रहा। नॉर्मलाइजेशन सिस्टम से तैयार हुआ रिजल्ट आयोग के उपसचिव मनोज कुमार ने बताया कि परीक्षा कई पालियों में हुई थी और अभ्यर्थियों की संख्या भी ज्यादा थी। अलग-अलग पालियों के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को बराबर करने के लिए नॉर्मलाइजेशन (समानीकरण) प्रक्रिया अपनाई गई। इसी प्रक्रिया के आधार पर सभी अभ्यर्थियों के अंकों को बराबर स्तर पर लाकर अंतिम परिणाम तैयार किया गया। CTET की तारीख टली, यूपी TET फेल शिक्षक भी दे सकेंगे परीक्षा CTET परीक्षा की तारीख टल गई है। CBSE अब यह परीक्षा 6 सितंबर को आयोजित करेगा। इसमें यूपी TET में फेल होने वाले शिक्षक भी शामिल हो सकेंगे। अगर वे CTET पास कर लेते हैं तो उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं होगा। CTET के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 1 सितंबर है। वहीं, यूपी सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है। इसमें भी शिक्षकों को TET पास करने का एक और मौका मिल सकता है। इस परीक्षा का नोटिफिकेशन सितंबर में जारी होने की उम्मीद है। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. यूपी में बुजुर्ग महिलाओं के लिए आज से रोडवेज-यात्रा फ्री:योगी से महिला रोते हुए बोली- अब परिवार वालों के सहारे नहीं रहना पड़ेगा यूपी में 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं आज से रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। सीएम योगी ने बुधवार को ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ की शुरुआत की। उन्होंने बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। पढ़ें पूरी खबर…
RPSC SI Telecom Merit List Result Released

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से गृह विभाग में निकाली गई एसआई टेलीकॉम भर्ती का रिजल्ट इन्टरव्यू खत्म होने के बाद बुधवार रात जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी की गई मेरिट लिस्ट में 221 कैंडिडेट्स को शामिल किया गया है। ये भर्ती 108 पदों के लिए . बता दें कि गृह विभाग में एसआई टेलीकॉम के कुल 98 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 20 नवंबर 2024 को विज्ञापन जारी किया था। कुल 70,777 अभ्यर्थियों के आवेदन किए। बिना योग्यता आवेदन करने पर विड्रो का अवसर दिया। इस पर 3 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन विड्रॉ कर लिए। ऐसे में कैंडिडेट्स की संख्या 67,757 रह गई। इसका एग्जाम 210 सेंटर पर 9 नवंबर 2025 को हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा 9 से 11 अप्रैल 2026 तक हुई। इन्टरव्यू 3 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक हुए। करीब तीन माह पहले गृह विभाग से मिले नए निर्देशों के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भर्ती 98 के स्थान पर 108 पदों पर करने का शुद्धि पत्र जारी किया। यहां देखें मेरिट लिस्ट…
CBSE 10th Board 2026 2nd Result Released

Hindi News Career CBSE 10th Board 2026 2nd Result Released | 6.7 Lakh Students Appeared 8 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE कक्षा 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। छात्र केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in के जरिये अपना रिजल्ट चेक व डाउनलोड कर सकते हैं। कुल 96.78% स्टूडेंट्स परीक्षा में पास हुए हैं। CBSE 10वीं मेन एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के बाद लगभग 6.7 लाख छात्रों ने दूसरी बोर्ड की परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन किया था। रिजल्ट चेक करने के लिए जरूरी डिटेल्स : रोल नंबर स्कूल नंबर एडमिट कार्ड आईडी रैंक या टॉपर लिस्ट जारी नहीं CBSE ने इस बार भी साफ किया है कि बोर्ड किसी भी छात्र की रैंक या टॉपर लिस्ट जारी नहीं करेगा। बोर्ड का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों पर कॉम्पिटिशन का दबाव कम करना है। हालांकि जिन छात्रों ने अलग-अलग विषयों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया होगा, उन्हें मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ये सर्टिफिकेट सेकेंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। 33% अंक लाना जरूरी जो छात्र मेन एग्जाम में एक या दो विषय में असफल घोषित किए गए थे। उन्हें दूसरी बोर्ड की परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना जरूरी है। इसके साथ ही जो छात्र दूसरी बोर्ड की परीक्षा में फेल होंगे, वे छात्र अगले साल बोर्ड की परीक्षा में शामिल होकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। इसी साल शुरू की गई 10वीं बोर्ड सेकंड परीक्षा CBSE ने कक्षा 10वीं के लिए सेकंड (दूसरी) बोर्ड परीक्षा 2026 से ही शुरू की है ताकि छात्रों को उसी शैक्षणिक वर्ष में अपना प्रदर्शन सुधारने का एक और मौका मिल सके। यह व्यवस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप लागू की गई है। ————– ये खबर भी पढ़ें… UPTET 2026 – 2 से 4 जुलाई तक:16 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2 से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन करेगा। आयोग ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NEET UG 2026 Re-Exam Result Controversy

Hindi News Career NEET UG 2026 Re Exam Result Controversy | Marks Change Issue & Demand 5 मिनट पहले कॉपी लिंक नीट यूजी 2026 (री-एग्जाम) का रिजल्ट जारी होने के बाद एक ओर जहां स्टूडेंट नीट के ऑफिशियल पोर्टल पर अपने मार्क्स बार-बार बदलने की वजह से परेशान हैं। वहीं 71 साल के अशोक बाहरा जैसे लोग भी है जिन्होंने इस साल नीट एग्जाम दिया। फिर री नीट भी दिया। वे नीट एग्जाम में सीनियर सिटीजन के लिए 1% आरक्षण की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आर्या ने नीट रिजल्ट पर उठाए सवाल कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी नीट के रिजल्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आर्या का आरोप है कि उनकी ओएमआर (OMR) शीट के मिलान के हिसाब से जहां उनके 609 नंबर बन रहे थे, वहीं NTA की वेबसाइट पर उनका रिजल्ट देखने के दौरान महज दो घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्कोर दिखाई दिए। परेशान छात्रा ने सबूत के साथ शिक्षा मंत्री और NTA को मेल भेजकर जांच की मांग की है। 13 तारीख की रात को जब NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर उनकी OMR शीट आई, तो उसमें प्रश्न नंबरों का सीक्वेंस (क्रम) गलत था। हालांकि, जब उन्होंने अपने प्रश्नों का मिलान किया तो उनके 609 नंबर बन रहे थे। इसके बाद आर्या ने तुरंत NTA के चैलेंज पोर्टल पर इस सीक्वेंस की शिकायत की। शिकायत के जवाब में NTA ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेटेड OMR शीट भेजी, जिसमें क्वेश्चन नंबर का सीक्वेंस तो सही कर दिया गया, लेकिन स्कोर 609 ही रहा। आर्या का सवाल है कि एक ही छात्र के कुछ घंटों के अंदर दो अलग-अलग रिजल्ट कैसे जारी हो सकते हैं। फिलहाल NTA की वेबसाइट पर उनका स्कोर 167 अंक दिख रहा है। इसी आधार पर उनकी ऑल इंडिया रैंक 12,52,036 और कैटेगरी रैंक 3,67,585 दिखाई जा रही है। एनटीए और शिक्षामंत्री को भेजी शिकायत रिजल्ट में सामने आए इस अंतर के बाद आर्या ने अपने पास मौजूद स्क्रीनशॉट, OMR शीट और अन्य डॉक्यूमेंट्स को जमा किया। इसे आर्या ने NTA तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ईमेल के जरिए भेजा। आर्या ने मांग की है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर कोई तकनीकी गलती हुई है तो उसे जल्द से जल्द सुधारा जाए। पिछले साल भी आई थी दिक्कत आर्या ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास थ। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025 में भी नीट परीक्षा दी थी। उनका कहना है कि उस समय भी उन्हें रिजल्ट से जुड़ी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन पर्याप्त डॉक्यूमेंट्स और सबूत नहीं होने की वजह से वह शिकायत दर्ज नहीं करा सकी थीं। इस बार आर्या ने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखे हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वह इस मामले को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी लेकर जाएंगी। अब आर्या NTA की ओर से आने वाले जवाब और कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं। 70 साल की उम्र में बनना चाहते हैं डॉक्टर 70 वर्षीय अशोक बहरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में जुटे हैं। NEET UG 2026 के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार के रूप में अशोक बहरा को जाना जा रहा है। वे अब मेडिकल कॉलेजों में सीनियर सिटिजन के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कोर्ट पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि अगर सीनियर सिटीजन को मेडिकल शिक्षा हासिल करने का अधिकार है तो उन्हें एडमिशन में भी उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में योग्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1% आरक्षण की मांग करते हुए 13 जुलाई को लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। सीनियर सिटीजन के लिए आरक्षण पर कोर्ट पहुंचे अशोक बहरा ने अपनी याचिका में कहा है कि NEET UG में दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्व सैनिकों और अन्य विशेष वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलता है लेकिन सीनियर सिटिजन के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी यदि कोई व्यक्ति मेडिकल शिक्षा हासिल करना चाहता है और परीक्षा पास करने की क्षमता रखता है तो उसे भी समान अवसर मिलना चाहिए। उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अशोक बहरा ने इस मांग को लेकर 5 मई और 26 जून 2026 को केंद्र सरकार को आवेदन भी भेजे थे हालांकि उनकी मांग पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। याचिका में उन्होंने केंद्र सरकार की मौजूदा नीति को मनमाना और तर्कहीन बताते हुए कहा है कि यह समानता और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। याचिका में अशोक बहरा ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह सीनियर सिटिजन के लिए MBBS एडमिशन में आरक्षण या अलग कोटा देने पर विचार करे और इस संबंध में उचित नीति तैयार करे। पत्नी समेत परिवार में करीब 20 डॉक्टर अशोक बहरा का पूरा परिवार चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. उनकी पत्नी डॉ.मंजू बहरा एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा परिवार में करीब 20 डॉक्टर हैं जो कई वर्षों से चिकित्सा सेवा दे रहे हैं। बहरा कहते हैं कि पत्नी से उन्हें हमेशा प्रेरणा मिली। डॉक्टरों के बीच रहते हुए उनका मेडिकल क्षेत्र के प्रति लगाव और मजबूत होता गया। 1974 में पहली बार दी थी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम अशोक बहरा ने बताया कि उन्होंने पहली बार 1974 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी थी। लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने 2023 में दोबारा कोशिश की लेकिन परीक्षा केंद्र देर से पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली7 करीब तीन साल बाद उन्होंने फिर हिम्मत जुटाई और 2026 में NEET UG परीक्षा दी। ये खबर भी पढ़ें IIT कानपुर स्टूडेंट ने एक दिन में 77 करोड़ कमाए:दो दोस्तों के साथ मिलकर खड़ा किया अपना स्टार्टअप, कंपनी की वैल्यू 415 करोड़ कम उम्र में करोड़ों की कमाई करने वाले युवाओं में सिद्धार्थ सक्सेना का नाम शामिल हो गया है। उन्होंने एक ही दिन में लगभग 8 मिलियन









