Trisha krishnan visit tripati temple at her 43rd birthday, fans linked it with thalapathy vijay’s election result

11 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का आज 43वां बर्थडे है। इस खास मौके पर एक्ट्रेस ने तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। रविवार रात एक्ट्रेस तिरुपति के लिए रवाना हुई थीं, जिसके बाद अब उनके मंदिर दर्शन के विजुअल्स सामने आ रहे हैं। देखिए तृषा कृष्णन की तिरुपति मंदिर दर्शन की कुछ तस्वीरें- तृषा कृष्णन ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन सूट पहने मंदिर पहुंचीं। टीम के साथ उन्होंने मंदिर के दर्शन किए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद से ही उनके इस दर्शन को तमिलनाडु चुनाव के नतीजों से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, तृषा कृष्णन इन दिनों थलपति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) एग्जिट पोल में 234 सीटों में 109 से आगे चल रही है। विजय के पिता भी दर्शन करने पहुंचे चुनाव का रिजल्ट आने से ठीक पहले थलपति विजय के पिता एसएस चंद्रशेखर भी तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर पहुंचे हैं। एसए चंद्रशेखर एक फिल्म डायरेक्टर हैं। इससे कुछ समय पहले भी तृषा कृष्णन ने वोट डालने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। थलपति विजय से नाम जुड़ने के बाद उनकी ज्यादातर एक्टिविटीज को उन्हीं से जोड़कर देखा जा रहा है। कैसे चर्चा में आया तृषा-विजय का रिश्ता? हाल ही में थलपति विजय की पत्नी संगीता सोनालिंगम ने विजय से तलाक की मांग करते हुए याचिका में लिखा कि एक्टर का अफेयर एक एक्ट्रेस से है। दोनों 2021 से रिलेशनशिप में हैं। विजय ने बार-बार एक्ट्रेस से रिश्ता खत्म करने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। उन्होंने याचिका में ये भी कहा कि लगातार विजय की उस एक्ट्रेस के साथ वेकेशन की तस्वीरें सामने आती रहती हैं, जिससे उनकी मानहानि भी हुई है। तलाक से चर्चा में आए विजय कुछ समय बाद ही एक हाई प्रोफाइल शादी का हिस्सा बने, जहां एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी उनके साथ पहुंची थीं। ………………………………………. तृषा कृष्णन से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- तृषा@43, एक्टर-राजनेता थलापति विजय से जुड़ा नाम:सगाई तोड़ी, डायरेक्टर ने कहा था- ये घर से न निकले तो अच्छा, क्वीन ऑफ साउथ की कहानी क्वीन ऑफ साउथ इंडिया नाम से मशहूर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन आज 43 साल की हो चुकी हैं। तमिल और तेलुगु सिनेमा की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस में शामिल तृषा इन दिनों साउथ सुपरस्टार थलापति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। थलापति विजय ने हाल ही में तलाक अनाउंस कर तृषा के साथ पब्लिक अपीयरेंस दी, जिससे अफेयर की चर्चा और बढ़ गईं। वहीं विजय की पूर्व पत्नी ने भी उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Tamil Nadu Election Result 2026 LIVE Updates: Assam Kerala Puducherry BJP DMK Congress UDF TVK Winner Candidates List

Hindi News National Tamil Nadu Election Result 2026 LIVE Updates: Assam Kerala Puducherry BJP DMK Congress UDF TVK Winner Candidates List | MK Stalin Vijay Himanta Biswa Sarma Gaurav Gogoi गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी5 मिनट पहले कॉपी लिंक असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ जाएंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी। पहले डाक मत पत्र गिने जाएंगे, घंटेभर बाद खुलेंगी ईवीएम। नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल्स में असम में फिर हिमंता सरकार बनने का अनुमान है। तमिलनाडु में DMK की वापसी के आसार हैं, तो केरलम में कांग्रेस की अगुआई वाले UDF को बढ़त है। पुडुचेरी में NDA गठबंधन की वापसी दिखाई दे रही है। काउंटिंग के रुझान और नतीजे दैनिक भास्कर एप पर Live टैली में देख सकते हैं, 4 राज्यों के चुनावी नतीजों से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स 5 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिनलाडु: चेन्नई में DMK मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ी तमिलनाडु के चेन्नई में DMK मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है। आज तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आना है। 11 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु: 10 एग्जिट पोल- 6 में DMK+ की वापसी संभव 15 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इस बार अब तक का सबसे ज्यादा 85.10% मतदान हुआ। इससे पहले सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% हुआ था। 16 मिनट पहले कॉपी लिंक 2026 में महिलाओं ने पुरुषों से 2% ज्यादा वोटिंग की इस चुनाव में वोट डालने में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही। कुल 2.52 करोड़ महिलाओं ने वोट डाला, जबकि पुरुषों की संख्या 2.35 करोड़ रही। महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 2.1% ज्यादा दर्ज किया गया। 16 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछली बार DMK को AIADMK से 6% ज्यादा वोट, सरकार बदली 1952 से अब तक तमिलनाडु में कांग्रेस, DMK, AIADMK की सरकार रही है। 1967 से DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। हालांकि, 2011 से ट्रेंड बदला। 2011 और 2016 में लगातार दो बार AIADMK सत्ता में आई। 2021 में DMK ने वापसी की। वोट शेयर के लिहाज से देखें तो 2021 में DMK ने AIADMK से 5.7% ज्यादा वोट हासिल किए। 17 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु: भाजपा 46 साल में सिर्फ 2 बार 4-4 सीटें जीत पाई भाजपा तमिलनाडु में 1980 से चुनाव लड़ रही है, लेकिन अब तक 2001 और 2021 में उसे 4-4 सीटें ही मिल सकी हैं। यहां भाजपा AIADMK और PMK के साथ गठबंधन में है। 19 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: 12 एग्जिट पोल- सभी में भाजपा की वापसी 19 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के 26 जिलों में 80% से ज्यादा मतदान असम के 74 साल के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा 85.91% वोटिंग हुई। 35 जिलों में से 26 में 80% से ज्यादा मतदान हुआ। साउथ सलमारा मनकचर जिले में सबसे ज्यादा 95.56% और वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में सबसे कम 75.25% वोटिंग हुई। 20 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछले 3 चुनावों में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोटिंग की असम में पिछले तीन चुनावों में महिलाओं का वोटिंग परसेंट पुरुषों से ज्यादा रहा है। महिलाओं ने 2016 में 1.69%, 2021 में 0.41% और 2016 में 1.56% ज्यादा वोट डाले। 21 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा 10 साल से सत्ता में, वोट शेयर 48.03% बढ़ा 2011 में भाजपा को असम में सिर्फ 11.5% वोट मिले थे। 2021 में पार्टी का वोट शेयर 59.5% हो गया। यानी पिछले 10 साल में भाजपा का वोट शेयर करीब 48.03% बढ़ा, कांग्रेस का वोट शेयर करीब 10% गिर गया। 24 मिनट पहले कॉपी लिंक असम में 76 साल में 15 सीएम, 51 साल कांग्रेस सरकार असम में 76 साल में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। करीब 51 साल कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली। 1978 में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने, लेकिन 2 साल बाद कांग्रेस फिर सत्ता में लौटी। 2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने। 2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया। हिमंता बिस्व सरमा ने सत्ता संभाली। यहां कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ 6 पार्टियों से गठबंधन किया है। 25 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम के 8 एग्जिट पोल में से 7 में UDF सरकार 25 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम में पिछली बार से 4.27% ज्यादा वोटिंग केरलम में 39 साल बाद सबसे ज्यादा 78.27% वोटिंग हुई। इससे पहले 1987 में 80.54% वोटिंग हुई थी। 14 जिलों में से दो में 80% से ज्यादा और 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई। कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% और पथनमथिट्टा में सबसे कम 70.76% मतदान हुआ। राज्य की कुल 140 सीटों पर 9 अप्रैल को सिंगल फेज की वोटिंग में 2.6 करोड़ वोटर्स ने वोट दिया 28 मिनट पहले कॉपी लिंक पुरुषों के मुकाबले 5% ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले केरलम में इस बार के चुनाव में पुरुषों की तुलना में 5% ज्यादा महिलाओं ने वोटिंग की। कुल मतदान 78.27% हुआ, जिसमें 75.01% वोटिंग पुरुष और 80.86% महिलाओं ने वोट किया। 29 मिनट पहले कॉपी लिंक LDF और UDF के वोट शेयर में 3-4% अंतर का ट्रेंड केरलम में LDF और UDF के वोट शेयर में लगभग 3-4% का अंतर रहता आया है। हालांकि 2011 की तुलना में 2021 में LDF के वोट शेयर में करीब 4% की गिरावट आई थी, फिर भी सरकार LDF की बनी थी। 30 मिनट पहले कॉपी लिंक पिनाराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बनने वाले इकलौते राजनेता 1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं, 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई। CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली। यहां पी विजयन लगातार 2 बार सीएम बनने वाले इकलौते राजनेता हैं। 30 मिनट पहले कॉपी लिंक
Mamata Banerjee; West Bengal Election Result 2026 LIVE Update: BJP TMC Congress Winner Candidates List | Suvendu Adhikari Adhir Ranjan

12:41 AM4 मई 2026 कॉपी लिंक बंगाल चुनाव में 5 बड़े मुद्दे SIR में वोट कटना: पश्चिम बंगाल में कुल रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ थी। चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) हुआ, जिसमें 91 लाख नाम हटाए गए। अब वोटर्स की संख्या घटकर 6.75 करोड़ रह गई, यानी 11.8% की कमी। सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर वोटर्स की आपत्तियां सुनने के लिए 19 ट्रिब्यूनल नियुक्त किए थे। पिछले महीने से, जब ये ट्रिब्यूनल बने, तब से उनके पास 34 लाख से ज्यादा अपीलें दायर की गईं। यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी अपीलें सुनी गईं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने 28 अप्रैल कहा कि उनके पास निपटाए गए मामलों का आंकड़ा नहीं है। अवैध घुसपैठियों का मुद्दा: 2021 के बंगाल चुनाव में 140 से अधिक सीटों पर जीत का अंतर 1000 से 5000 के बीच था। कई सीटों पर इस अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। बीजेपी ने वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 91 लाख नामों को ‘अवैध घुसपैठियों’ और ‘ब्लैक वोट्स’ कहा। महिलाओं से जुड़ी योजनाएं: पिछले 3 चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा वोट कर रही हैं। इस बार तो यह अंतर डेढ़ फीसदी तक बढ़ा है। जानकार इसकी वजह ममता सरकार की महिलाओं से जुड़ी 3 बड़ी योजनाएं- लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और रूपश्री प्रकल्प को बताते हैं। भाजपा ने भी इस बार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, शौचालय और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। घोषणा पत्र में गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया। महिला आरक्षण का मुद्दा: चुनाव से ठीक पहले सरकार संसद में परिसीमन से जुड़ा बिल लाई। टीएमसी ने इसका विरोध किया। इसके बाद PM मोदी से लेकर शाह और बाकी बड़े नेताओं ने हर रैली में कहा गढ़ा कि ममता महिलाओं को सत्ता में 33% हिस्सेदारी नहीं देना चाहती हैं। एंटी इनकंबेंसी: TMC 2011 के बाद लगातार 15 साल से सत्ता में है। उसके नेताओं पर राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला जैसे आरोप लगे हैं। अगर भाजपा टीएमसी के वोट शेयर में 3 से 5% की सेंध लगा देती है, तो बढ़त ले लेगी।
Exit Poll Result 2026 LIVE Update; West Bengal Tamil Nadu Kerala

Hindi News National Exit Poll Result 2026 LIVE Update; West Bengal Tamil Nadu Kerala | Assam Election BJP Congress TMC DMK Seats नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग खत्म। बारी एग्जिट पोल की। शाम 6:30 बजे के बाद। जानिए पिछले एग्जिट पोल कितने सही, कितने गलत 1. पश्चिम बंगालः 2021: 10 में से 5 एग्जिट पोल ने TMC की जीत दिखाई, 3 ने BJP की सरकार और 2 ने कड़ी टक्कर दिखाई। 2016: सभी 6 एग्जिट पोल ने ममता की वापसी की संभावना जताई। 2011: सर्वे एजेंसियां कम थीं। स्टार न्यूज-नीलसन, हेडलाइन टुडे और सीएनएन-आईबीएन-सीएसडीएस ने TMC की जीत दिखाई। 2. तमिलनाडुः 2021: सभी 4 एग्जिट पोल ने DMK की सरकार का अनुमान लगाया। 2016: पोल बंटे हुए थे, 8 में से 5 में DMK और 3 में AIDMK सरकार की संभावना जताई गई। 2011: 3 बड़े सर्वे में AIADMK की सरकार बनने की संभावना जताई थी, लेकिन पार्टी को ज्यादा सीटें मिलीं। 3. केरलमः 2021: सभी 4 एग्जिट पोल ने LDF की वापसी का अनुमान लगाया। 2016: 4 में से 3 पोल LDF के पक्ष में थे, 1 ने कड़ी टक्कर बताई। 2011: 3 सर्वे एजेंसियों के पोल में UDF की सरकार बनाई। 4. असमः 2021: सभी 5 एग्जिट पोल ने बीजेपी की सरकार का अनुमान लगाया। 2016: भी 5 में से 4 पोल बीजेपी के पक्ष में थे, 1 ने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई। 2011: 3 पोल में सभी ने कांग्रेस की सरकार का अनुमान लगाया। पांचों राज्यों में 3 से 12% मतदान बढ़ा: पांचों राज्यों में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई। सबसे बड़ा फैक्टर वोटर लिस्ट रिविजन (SIR) को बताया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए। इससे कुल वोटर्स की संख्या घट गई, लेकिन वोट डालने वाले लोगों की संख्या लगभग समान रही, जिससे प्रतिशत बढ़ गया। महिलाओं को कैश सहायता, मुफ्त यात्रा और आरक्षण जैसे वादों ने महिला वोटर्स को बड़ी संख्या में बाहर निकाला। इस बार महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों की तुलना में बंगाल-तमिलनाडु में 2%, असम में 1%, केरल में 5% और पुडुचेरी में 3% ज्यादा रहा। एग्जिट पोल से जुड़े 5 सवाल और उनके जवाब 1. एग्जिट पोल क्या होता है? जवाब: चुनाव के दौरान जनता का मूड जानने के लिए दो तरह के सर्वे किए जाते हैं। वोटिंग से पहले के सर्वे को ओपिनियन पोल कहते हैं, जबकि वोटिंग के दौरान होने वाले सर्वे को एग्जिट पोल कहा जाता है। आम तौर पर एग्जिट पोल के नतीजे आखिरी फेज की वोटिंग खत्म होने के एक घंटे बाद जारी किए जाते हैं। 2. एग्जिट पोल की शुरुआत कब और कैसे हुई? जवाब: चुनावी सर्वे की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई। 1930 में जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने अमेरिकी सरकार के कामकाज पर लोगों की राय जानने के लिए ये सर्वे किया था। एग्जिट पोल की शुरुआत काफी बाद में हुई। टाइम मैगजीन के मुताबिक 1967 में पहली बार दुनिया में बड़े स्तर पर कोई एग्जिट पोल किया गया था। अमेरिका के पॉलिटिकल रिसर्चर वॉरेन मिटोफस्की ने केंटुकी राज्य में होने वाले गवर्नर चुनाव के दौरान पहली बार एग्जिट पोल किया था। दुनिया में पहली बार किस मीडिया कंपनी ने ये तरीका अपनाया, इसकी सटीक जानकारी नहीं है। 3. भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत कब हुई? जवाब: भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (IIPU) के तत्कालीन प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी। 1980 के दशक में भारत में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एग्जिट पोल को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रणय रॉय और यूके के पॉलिटिकल एक्सपर्ट डेविड बटलर ने मिलकर काम किया। 1996 में सरकारी चैनल दूरदर्शन ने CSDS के साथ मिलकर पहली बार एग्जिट पोल जारी किए। 4. भारत में एग्जिट पोल को लेकर क्या कानून और नियम हैं? जवाब: एग्जिट पोल का मामला अलग-अलग वजहों से तीन बार सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट- 1951 के सेक्शन 126A के मुताबिक मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद ही एग्जिट पोल जारी किया जा सकता है। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति मतदान खत्म होने से पहले एग्जिट पोल जारी करता है तो उसे अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वाले को दो साल तक की जेल और जुर्माना या दोनों हो सकता है। 5. कौन-से फैक्टर्स तय करते हैं कि एग्जिट पोल कितना सटीक होगा? जवाब: एग्जिट पोल कितना स्टीक है, ये 3 मुख्य फैक्टर पर निर्भर करता है… 1. सैंपल साइज: जिस एग्जिट पोल का सैंपल साइज जितना बड़ा होता है, उसे उतना ही ज्यादा एक्यूरेट माना जाता है। मतलब ये हुआ कि सर्वे में जितना ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क किया जाए, उतना ज्यादा अच्छा है। 2. सर्वे में पूछे जाने वाले सवाल: सैंपल सर्वे में पूछा गए सवाल जितना न्यूट्रल होगा, एग्जिट पोल का रिजल्ट भी उतना ही सटीक होगा। 3. सर्वे का रेंज: सर्वे का दायरा जितना बड़ा होगा, रिजल्ट एक्यूरेट होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। मान लीजिए किसी विधानसभा में सिर्फ दो या तीन पोलिंग बूथ से सैंपल लिए जाते हैं, जहां किसी एक पार्टी के उम्मीदवार की पकड़ है। इससे एग्जिट पोल के रिजल्ट पर असर पड़ सकता है। कार्टूनिस्ट चंद्रशेखर हाडा और मंसूर नकवी की नजर से एग्जिट पोल दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
UP Board 10th Result 2026 Toppers List LIVE Update; UPMSP

प्रयागराज17 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हुआ। सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने टॉप किया है। दोनों को 97.83% अंक मिले। 97.50% अंकों के साथ बाराबंकी की अदिति दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर 97.33% अंकों के साथ सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा रहीं। इस तरह टॉप-3 में कुल 6 बच्चों ने जगह बनाई। इनमें 5 लड़कियां हैं। टॉप-10 में 115 बच्चों ने जगह बनाई है। इसमें सीतापुर के 13, बाराबंकी के 9, फतेहपुर के 7, कानपुर नगर, इटावा और गोंडा के 6-6 बच्चे हैं। परीक्षा देने वाले जेल में बंद 68 में से 67 कैदी भी पास हुए हैं। भदोही जिले का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां 95.78% बच्चे पास हुए। ललितपुर सबसे फिसड्डी रहा। यहां सिर्फ 80.22% बच्चे पास हुए। सरकारी स्कूलों के 87.93% बच्चे पास हुए। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों के 86.98% और सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे सफल हुए। काशी में पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रिजल्ट आते ही फूट-फूट कर रोने लगे। उनके कॉजेल के स्टूडेंट सूर्यदीप ने जिला टॉप किया। इसकी खबर लगते ही प्रिंसिपल कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। बरेली में एक स्कूल के टीचर्स ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया। टॉपर कशिश वर्मा के पिता किसान, मां हाउसवाइफ हाईस्कूल टॉपर कशिश वर्मा से दैनिक भास्कर ने बात की। कशिश ने बताया- मैं सोसा गांव की रहने वाली हूं। बाबू राम सावित्री देवी विद्यालय में पढ़ती हूं। मेरे पिता किसान और मां गृहिणी हैं। मैं रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल में भी एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। सभी लोग हमें लगातार मोटिवेट करते थे। कशिश ने कहा- मेरी इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, टीचरों और खुद की मेहनत को देना चाहती हूं। मैं दूसरे विद्यार्थियों से कहना चाहती हूं कि अगर इस बार सफलता नहीं मिली तो निराश न हों। ज्यादा मेहनत करें, अगली बार जरूर सफलता मिलेगी। रिजल्ट के बाद की 3 तस्वीरें देखिए- बरेली में 10वीं का रिजलट आने के बाद पास हुए छात्र-छात्राओं के साथ टीचर ने जमकर डांस किया। सीतापुर की अर्पिता ने 10वीं में तीसरी रैंक प्राप्त की। उनकी मां खुशी से झूम उठीं। अर्पिता को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। 10वीं का रिजल्ट आते ही काशी के क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रो पड़े। उनके कॉलेज के छात्र ने वाराणसी में टॉप किया है। लड़कियां, लड़कों से 6.46% ज्यादा पास इस बार 90.42% बच्चे पास हुए हैं। लड़कियां 93.76%, जबकि लड़के 87.30% पास हुए। इस हिसाब से लड़कियां, लड़कों से 6.46% अधिक पास हुई हैं। 2024 में 90.11% छात्र-छात्राएं पास हुए थे। इस साल 0.31% ज्यादा छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। 98.53% कैदियों ने पास की परीक्षा, सिर्फ एक फेल हुआ यूपी की जेल में बंद 68 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 67 में कैदी पास हुए हैं। कैदियों का पासिंग परसेंटेज 98.53 प्रतिशत है। यानी इनका पासिंग परसेंट ओवरऑल पास बच्चों से बेहतर हैं। पिछले साल यानी 2025 में जेल से 94 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 91 में कैदी पास हुए हैं। पासिंग परसेंटेज 96% रहा था। 5 साल से लड़कियां ही अव्वल 10वीं के रिजल्ट में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। परीक्षा में 87.30% लड़के, जबकि 93.76% लड़कियों ने सफलता हासिल की है। 2025 में 93.87% लड़कियां पास हुई थीं, जबकि लड़के 86.66% ही पास हुए थे। इसी तरह 2024 में छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 88.42 रहा, छात्रों का 77.78% ही रहा था। 2023 में छात्रों का प्रतिशत महज 86 था, जबकि छात्राओं का प्रतिशत 93.35% पहुंच गया था। 2022 में लड़कियां 91.69% और लड़के 85.25% पास हुए थे। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार, 2026 में 10वीं में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए। इनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं थीं। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 1.61 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। 10वीं की परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुई थीं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए। हाईस्कूल की कॉपी चेक करने के लिए 96,804 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। करीब 1.57 करोड़ कॉपियां चेक की गईं। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए- अपडेट्स 01:47 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 10वीं में प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट सरकारी स्कूलों से अच्छा; देखिए आंकड़े हाईस्कूल में सरकारी स्कूलों 87.93% बच्चे पास हुए हैं। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों में 86.98% बच्चे पास हुए हैं। ऐसे सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे पास हुए हैं। 01:06 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक कानपुर की टॉपर तक पहुंचे भास्कर रिपोर्टर, सक्सेस स्टोरी बताई 01:03 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक अर्पिता की मां बोलीं- पढ़ाई के चक्कर में खाना-पीना तक समय पर नहीं कर पाती थी सीतापुर की अर्पिता ने यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बाबुपुर गांव की अर्पिता एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अमरीश कुमार किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। परिवार में एक छोटा भाई भी है, जो अभी पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। अर्पिता बताती हैं कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा के दौरान रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। उनका मानना है कि पढ़ाई में निरंतरता बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही छात्रों को पीछे कर सकती है। उन्होंने हमेशा अपने शिक्षकों और माता-पिता की बातों का पालन किया और उन्हीं के मार्गदर्शन में आगे बढ़ीं। अर्पिता की मां ने भी बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अर्पिता शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है। वह सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी और स्कूल से लौटने के बाद भी लगातार तैयारी में जुटी रहती थी। कई बार तो पढ़ाई में इतनी मग्न हो जाती थी कि खाना-पीना तक
Uttar Pradesh Prayagraj Up board Exam 10th & 12th Result Breaking News Video

यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट कल यानी 23 अप्रैल को जारी होगा। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। पिछले साल 25 अप्रैल को परीक्षा पर . उन्होंने बताया- यूपी बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के साथ ही 10वीं और 12वीं के टॉपर्स स्टूडेंट्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी। जो छात्र-छात्राएं राज्य भर में टॉप पोजिशन हासिल करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें 50 लाख से ज्यादा बच्चों ने दी थी परीक्षा यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुताबिक, 2026 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हाईस्कूल में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं रहीं। वहीं, इंटरमीडिएट में 24 लाख 79 हजार 352 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुईं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। 2.87 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 1.61 लाख और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की संख्या 1.26 लाख है। 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे, 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। कॉपी चेक करने के लिए कुल 1 लाख 52 हजार 780 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें हाईस्कूल के लिए 96 हजार 804 और इंटरमीडिएट के लिए 55 हजार 976 परीक्षक शामिल थे। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। इस साल 2 करोड़ 80 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की करीब 1 करोड़ 57 लाख और इंटरमीडिएट की 1 करोड़ 23 लाख कॉपियां शामिल थीं। फेल स्टूडेंट्स भी हो सकेंगे पास यूपी बोर्ड रिजल्ट-2026 जारी होने के बाद जो एक या दो विषयों में फेल हो जाएंगे, ऐसे स्टूडेंट्स को भी पास होने का एक मौका रहेगा। नतीजे जारी होने के बाद UPMSP (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) की ओर से कंपार्टमेंट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। छात्र तय डेट में फॉर्म भरकर दोबारा फेल होने वाले विषय की परीक्षा दे सकेंगे। इससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र किसी विषय में प्राप्त नंबर से संतुष्ट नहीं होगा तो वे स्क्रूटिनी के लिए भी आवेदन कर सकेगा। इसके बाद कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी। सभी छात्रों को स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम में प्राप्त अंक ही अंतिम माने जाएंगे। डिजिलॉकर पर मिलेगी मार्कशीट यह दूसरी बार होगा कि रिजल्ट जारी किए जाने के बाद मार्कशीट डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पहले की तरह स्कूलों के जरिए हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। कैसा था 2025 का रिजल्ट? 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था 2025 के रिजल्ट में 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था। उन्हें 97.83% अंक मिले थे। 97.67% अंकों के साथ इटावा की अंशी और बाराबंकी के अभिषेक दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर मुरादाबाद की रितू गर्ग, सीतापुर के अर्पित वर्मा और जालौन की सिमरन गुप्ता रहीं। सभी को 97.50% अंक मिले। अव्वल जिलों की बात करें तो आगरा सबसे आगे रहा। यहां के 94.99% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 94.67% के साथ बस्ती दूसरे नंबर पर, जबकि 94.60% के साथ मथुरा तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, फिसड्डी जिलों में सोनभद्र सबसे आगे रहा। यहां सिर्फ 74.72% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 12वीं में टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र था 12वीं में लड़कियों ने बाजी मारी थी। प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% के साथ प्रदेश में टॉप किया था। महक के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। दूसरे नंबर पर अमरोहा की साक्षी, सुल्तानपुर के आदर्श यादव, प्रयागराज की शिवानी सिंह और कौशांबी की अनुष्का सिंह रहीं। इन सभी को 96.80% अंक मिले। इटावा की मोहिनी 96.40% अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र है। लड़कियां, लड़कों से 10% ज्यादा पास हुई हैं। अमेठी जिले का पासिंग प्रतिशत सबसे ज्यादा 92.65, जबकि चंदौली का सबसे कम 65.70% रहा। ———————- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में पारा@44.4°C, सड़कों पर पानी डाला जा रहा: 30 जिलों में लू चलेगी, भालू को 8 किलो की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। आज यानी बुधवार को 30 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट है। सुबह से तेज धूप निकली है। आगरा और अयोध्या में इतनी भीषण गर्मी है कि प्रशासन सड़कों पर पानी की बौछारें डलवा रहा है। वहीं गोरखपुर जू में गर्मी से बचाने के लिए भालुओं को 8-8 किलोग्राम की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई जा रही है। पूरी खबर पढ़िए
RPSC RAS Result Released | Ajmers Hariyansh Secures 17th Rank

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 के इंटरव्यू समाप्त होने के शनिवार (18 अप्रैल) को रिजल्ट जारी कर दिया है। आयोग ने टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है। अजमेर जिले के किशनगढ़ के पास गांव उजोली के रहने वाले हरियश राजपुरोहित ने 17वीं रैंक हासिल . वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। जल्द ही प्रदेश को 1096 नए प्रशासनिक अधिकारी मिलेंगे। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 अफसर होंगे। 17 अप्रैल (कल) ही इंटरव्यू समाप्त हुए थे। इसके बाद रिजल्ट जारी करने की उम्मीद थी, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं किया गया। अब आरएएस-2026 की नई वैकेंसी का भी इंतजार है। ………… पढें ये खबर भी…. RAS-2024 का रिजल्ट जारी, बाड़मेर के दिनेश ने किया टॉप:हेड कॉन्स्टेबल के बेटे की दूसरी रैंक, RPSC ने 10 कैंडिडेट का रिजल्ट रोका राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 का रिजल्ट जारी कर दिया है। बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है वहीं, जैसलमेर के वीरेंद्र चारण की दूसरी रैंक है। हेड कॉन्स्टेबल के बेटे वीरेंद्र वर्तमान में तहसीलदार हैं। आयोग ने शनिवार सुबह कुल 2391 कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट जारी की है। इस परीक्षा के लिए 17 अप्रैल को इंटरव्यू खत्म हुए थे। पूरी खबर पढें
RPSC RAS 2024 Result Out

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 का रिजल्ट जारी कर दिया है। बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है। लास्ट परीक्षा में उन्होंने 57वीं रैंक हासिल की थी। फिलहाल आरपीएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। . एग्जाम में दूसरी रैंक जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने हासिल की है। हेड कॉन्स्टेबल के बेटे वीरेंद्र वर्तमान में तहसीलदार हैं। रिजल्ट में पांचवीं रैंक वाले बीकानेर के विकास ने भर्ती के अगले प्रोसेस में जाने से इंकार कर दिया है। आयोग ने शनिवार सुबह कुल 2391 कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट जारी की है। इस परीक्षा के लिए 17 अप्रैल को इंटरव्यू खत्म हुए थे। कुल नए 1096 अधिकारी मिलेंगे आयोग के अनुसार कुल 10 कैंडिडेट्स का रिजल्ट होल्ड पर है। इनमें 5 का परिणाम सील्ड कवर में है। तीन कैंडिडेट्स का परिणा कोर्ट में मामला होने के कारण रोका है। दो कैंडिडेट के रिजल्ट को रोकने का कारण आयोग ने नहीं बताया है। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। जल्द ही प्रदेश को 1096 नए प्रशासनिक अधिकारी मिलेंगे। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 अफसर होंगे।
Chhindwara CBSE 10th Result: Toppers Shine, City Celebrates

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित होते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। रिजल्ट सामने आते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और कई स्कूलों में जश्न का माहौल देखने को मिला। अब छात्रों को 12वीं के परिणाम का इ . इस बार छिंदवाड़ा के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च अंक हासिल किए हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र पर्व अग्रवाल ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शहर में पहला स्थान हासिल किया। वहीं फर्स्ट स्टेप स्कूल के समर्थ धनकारिया ने 98.6 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। डीपीएस के पर्व अग्रवाल ने 99% अंक प्राप्त किए अन्य प्रमुख छात्रों की बात करें तो विद्या भूमि स्कूल के यथार्थ पवार ने 98.4 प्रतिशत, केंद्रीय विद्यालय के तेजस चौबे ने 97.6 प्रतिशत और संत श्री स्कूल की भक्ति छोरिया ने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके अलावा ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल के देवक ताम्रकार और अन्विता डबली ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं जय गुरुदेव इंटरनेशनल स्कूल की रैना भोजवानी ने 94.4 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया। रैना भोजवानी ने 94.4 अंक प्राप्त किए रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थी अपने-अपने स्कूल पहुंचे और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
CBSE 10th Session 1 Result Declared: 80% Students Pass

Hindi News Career CBSE 10th Session 1 Result Declared: 80% Students Pass | New Board System Exams 8 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.cbse.nic.in और उमंग एप पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। लगभग 25 लाख स्टूडेंट्स इस साल CBSE बोर्ड 10वीं की सेशन 1 परीक्षा में शामिल हुए हैं जिनका रिजल्ट जारी किया गया है। सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षाओं में पास होने के लिए, थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33% अंक लाना जरूरी है। इस साल 10वीं बोर्ड सेशन – 1 एग्जाम देश के 8 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटर पर आयोजित की गई थी। स्टूडेंट्स अपने रोल नंबर की मदद से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने का डायरेक्ट लिंक मेरिट लिस्ट नहीं होगी जारी CBSE बोर्ड मेरिट लिस्ट जारी नहीं करता है। इसके अलावा रिजल्ट में कोई टॉपर भी घोषित नहीं किया जाता है। बोर्ड सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को ये निर्देश भी देता है कि किसी भी बच्चे को स्कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें। यहां देखें CBSE का रिजल्ट results.cbse.nic.in cbse.gov.in results.nic.in results.digilocker.gov.in umang.gov.in नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत हुई एग्जाम : इस साल सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की एग्जाम नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्जाम (अनिवार्य) : 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। वहीं दूसरा बोर्ड एग्जाम (ऑप्शनल) है जो 15 मई से 1 जून 2026 तक होगा। 15 मई से होंगे CBSE 10th सेशन 2 एग्जाम: 10वीं बोर्ड सेशन – 2 एग्जाम उन स्टूडेंट्स के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। इसमें अधिकतम 3 अंकों में सुधार का मौका मिलेगा। इसके अलावा 2 विषयों में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जो दूसरी एग्जाम दे सकते हैं। तीन या इससे ज्यादा सब्जेक्ट में फेल छात्रों को 2027 की मेन एग्जाम देनी होगी। 25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट शामिल : सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षा इस साल 25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट ने दी थी। इस साल 10वीं और 12वीं के रिजल्ट अलग-अलग जारी होंगे। इसे लेकर बोर्ड ने कोई क्लेरिफिकेशन जारी नहीं किया है। उमंग एप पर ऐसे चेक करें 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट : UMANG App डाउनलोड करें। एक अकाउंट बनाएं और अपने रजिस्टर्ड नंबर से लॉग इन करें। CBSE कक्षा 10वीं के रिजल्ट 2026 देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर डालें और सबमिट करें। स्क्रीन पर सीबीएसई बोर्ड 2026 सेशन – 1 का रिजल्ट दिखाई देगा। CBSE के 2 बार एग्जाम के फैसले को 8 सवाल-जवाब में जानें… सवाल: दो बार एग्जाम होने का नियम कब से लागू होगा। जवाब: ये नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। इसका मतलब है कि साल 2026 में बोर्ड एग्जाम 2 बार आयोजित होंगे। सवाल: क्या दोनों बार एग्जाम देना जरूरी होगा। जवाब: नहीं। स्टूडेंट्स के पास 3 ऑप्शन होंगे- 1. साल में एक बार परीक्षा दें। 2. दोनों परीक्षाओं में शामिल हों। 3. किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर, दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्जाम दें। सवाल: अगर एग्जाम 2 बार दिए हैं, तो रिजल्ट कैसे तय होगा। जवाब: जो स्टूडेंट्स दोनों बार बोर्ड एग्जाम में शामिल होंगे, उनका वो रिजल्ट फाइनल माना जाएगा, जो बेहतर होगा। यानी अगर दूसरी बार एग्जाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे। सवाल: क्या दोनों परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस पूछा जाएगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्जाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा। सवाल: क्या दो एग्जाम्स के बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम भी देने का मौका मिलेगा। जवाब: नहीं। 10वीं के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम अब खत्म कर दिया जाएगा। सवाल: क्या दोनों बार बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एग्जाम सेंटर मिलेगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए एग्जाम सेंटर एक ही रहेगा। सवाल: क्या दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन अलग-अलग करना होगा? फीस भी 2 बार लगेगी। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, दो बार परीक्षा देने का ऑप्शन चुनने पर फीस एक साथ ली जाएगी। सवाल: क्या प्रैक्टिकल एग्जाम भी 2 बार होंगे। जवाब: नहीं। प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्जाम एक ही बार होंगे। ये पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में आयोजित किए जाएंगे। ————————– ये खबरें भी पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









