Exam Language Rules & Full Marks for Wrong Questions

Hindi News Career SSC Objection System 2026: Exam Language Rules & Full Marks For Wrong Questions 54 मिनट पहले कॉपी लिंक SSC एग्जाम में इसी साल से अगर कोई सवाल गलत या क्लियर नहीं होगा, तो सभी कैंडिडेट्स को उसके पूरे मार्क्स दिए जाएंगे। साथ ही, फॉर्म भरते वक्त कैंडिडेट्स जो लैंग्वेज चुनेंगे, वे सिर्फ उसी लैंग्वेज में एग्जाम दे सकेंगे। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी SSC ने शुक्रवार, 10 अप्रैल को एक नोटिस के जरिए इसकी जानकारी दी। आयोग ने आंसर-की चैलेंज करने को लेकर चैलेंज/ऑब्जेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम 2026 तैयार किया है। इसके तहत आयोग ने नई गाइडलाइंस जारी की है। ये ऑब्जेक्शन सिस्टम आयोग के हर कंप्यूटर बेस्ड एग्जामिनेशन पर लागू होगा। इससे इवैल्युएशन प्रोसेस ज्यादा ट्रांसपरेंट, फेयर और कैंडिडेट फ्रेंडली होगी। नई गाइडलाइन्स के तहत 6 जरूरी बातें : नए नियमों के तहत अगर कोई सवाल गलत या अस्पष्ट है तो सभी कैंडिडेट्स को उस सवाल के पूरे नंबर मिलेंगे। अगर किसी सवाल के ऑप्शंस में से एक से ज्यादा सही जवाब हैं तो सही जवाब चुनने के नंबर मिलेंगे। गलत जवाब देने पर निगेटिव मार्किंग होगी और जवाब नहीं देने पर कोई नंबर नहीं मिलेगा। अगर सवाल सिलेबस से बाहर का है तो सवाल को हटाकर उसके पूरे नंबर दिए जाएंगे। अगर किसी लैंग्वेज में ट्रांसलेशन एरर की वजह से सवाल गलत होता है तो सिर्फ उसी लैंग्वेज के कैंडिडेट्स को उसके नंबर मिलेंगे। SSC ने नई गाइडलाइन में आंसर-की चैलेंज की फीस का जिक्र नहीं किया है। हालांकि, पिछले साल आंसर-की चैलेंज फीस को 100 रुपए से घटाकर 50 रुपए किया गया था। अगर आपका जवाब सही निकलता है तो आपकी आंसर-की चैलेंज फीस नियमों के अनुसार वापस कर दी जाएगी। इसके साथ ही आयोग ने ये साफ किया है कि सिर्फ वैलिड ऑब्जेक्शंस ही कंसिडर किए जाएंगे। साथ ही कैंडिडेट्स से आग्रह किया है कि वे गैर-जरूरी ऑब्जेक्शन दर्ज न कराएं। हर एग्जाम के बाद आयोग एक प्रोविजनल आंसर-की जारी करता है। इसमें गलत सवालों पर दर्ज किए गए ऑब्जेक्शन पर आयोग के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (SMEs) रिव्यू करते हैं। फिर फाइनल आसंर-की तैयार कर रिलीज की जाती है। इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होता है। आयोग को अब तक आसंर-की में गलत सवाल से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं, यहां तक कि आयोग पर RTI और कोर्ट केसेस भी हुए हैं। इसके बाद आयोग ने आंसर-की चैलेंज को लेकर सभी नियमों को क्लियर करते हुए ये गाइडलाइन तैयार की है। ऐसे करें SSC आंसर-की को चैलेंज: आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर रजिस्टर्ड अकाउंट से लॉग इन करें। एग्जाम के नाम के नीचे दी गई आंसर-की चैलेंज लिंक पर क्लिक करें। अपना SSC एग्जाम रिस्पॉन्स शीट देखें। वो क्वेश्चन आईडी सिलेक्ट करें, जिसे चैलेंज करना है। क्वेश्चन का सही आंसर वैलिड प्रूफ के साथ अपलोड करें। हर सवाल के लिए 50 रुपए आंसर-की चैलेंज फी पे करें। रिस्पॉन्स सब्मिट करें और रसीद सेव करके रखें। SSC ऑफिशियल वेबसाइट लिंक —————— ये खबर भी पढ़ें… JEE मेन्स 2026 सेशन-2 की आंसर की आज होगी रिलीज:20 अप्रैल को मिलेगा रिजल्ट; 11.23 लाख कैंडिडेट्स ने दी थी परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज 11 अप्रैल को JEE मेन्स 2026 सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर की और कैंडिडेट्स की मेन आंसर शीट अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर रिलीज करेगा। इससे पहले NTA ने 9 अप्रैल को क्वेश्चन पेपर रिलीज किया था। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक NTA 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी कर सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Summer Food Storage Basic Rules; Poisoning Prevention

Hindi News Lifestyle Summer Food Storage Basic Rules; Poisoning Prevention | Kitchen Hygiene Tips 8 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक गर्मियों में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होती हैं। फूड स्टोरेज की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करने से फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सही फूड स्टोरेज बीमारियों से बचाव का अहम हिस्सा है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- गर्मियों में फूड स्टोरेज के बेसिक रूल्स क्या हैं? किन गलतियों से बचना चाहिए? अलग-अलग फूड आइटम्स को कैसे स्टोर करें? एक्सपर्ट- डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गर्मियों में खाने-पीने की चीजों का सही स्टोरेज क्यों जरूरी है? जवाब- गर्मियों में ज्यादा तापमान होने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इससे खाने में टॉक्सिन्स बन सकते हैं। सही स्टोरेज (फ्रीजिंग, एयरटाइट कंटेनर) बैक्टीरिया की ग्रोथ को धीमा कर सकते हैं या रोक सकते हैं, जिससे खाना सेफ रहता है। सवाल- गर्मियों में खाना जल्दी खराब क्यों होता है? जवाब- इसके लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं- ज्यादा तापमान बैक्टीरिया की ग्रोथ तेज करता है। गर्मी में खाने में मौजूद फैट्स तेजी से ऑक्सिडाइज्ड होने लगते हैं, जिससे ऑयली फूड्स में बदबू आने लगती है। हाई टेम्परेचर प्रोटीन ब्रेकडाउन को तेज कर देता है। खासकर दूध, दाल, मीट जैसे प्रोटीन-रिच फूड में ये प्रक्रिया जल्दी होती है, जिससे स्मेल बदलने लगती है। गर्मियों में ह्यूमिडिटी (नमी) ज्यादा होती है, जिससे पके भोजन, ब्रेड और फल जैसी चीजों में फंगस और यीस्ट तेजी से पनपते हैं। बार-बार तापमान बदलने (जैसे बाहर रखना, फिर फ्रिज में रखना) से खाना जल्दी खराब होता है। सवाल- गर्मियों में फूड स्टोरेज के बेसिक रूल्स क्या हैं? जवाब- गर्मियों में कुछ बेसिक स्टोरेज रूल्स अपनाना जरूरी है, ताकि खाना सुरक्षित, ताजा और हेल्दी बना रहे। ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में फूड स्टोर करते समय क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- अनजाने में हुई छोटी-छोटी गलतियों से गर्मियों में खाना जल्दी खराब हो जाता है। ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- गर्मियों में सही तरीके से फूड स्टोर न करने पर क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जवाब- छोटी-सी लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग से लेकर पेट के इंफेक्शन तक की वजह बन सकती है। ग्राफिक में देखिए- सवाल– कैसे पता चलेगा कि कोई फूड खराब हो गया है? जवाब– ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अमूमन खाने की महक, टेक्सचर से पता चल जाता है कि ये खराब हो चुका है। लेकिन- गर्मी के मौसम में सिर्फ स्मेल, रंग, टेक्सचर पर भरोसा न करें। अगर तापमान 40 डिग्री से ऊपर है और खाना तीन घंटे से ज्यादा बाहर रखा है तो उसे न खाएं। खाने का स्वाद थोड़ा भी अजीब लगे तो उसे न खाएं। सवाल– गर्मियों में अलग–अलग फूड को स्टोर करने का सही तरीका क्या है? जवाब- नीचे हर तरह के फूड आइटम के स्टोरेज का तरीका डिटेल में पढ़ें। सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियों को पहले अच्छे से धोकर सुखाएं। फिर पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में रखें। कटी हुई सब्जियों को एयरटाइट कंटेनर में करके फ्रिज में रखें। 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल करें। वहीं आलू, प्याज, लहसुन जैसी जड़ वाली सब्जियां फ्रिज में न रखें। उसे ठंडी, सूखी जगह पर रखें। फल कटे हुए फल तुरंत खा लें या फ्रिज में एयरटाइट बॉक्स में रखें। अंगूर और बेरीज जैसे फल धोकर और अच्छी तरह सुखाकर ही फ्रिज में रखें। पका हुआ खाना पका हुआ खाना 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें। सामान्य टेंपरेचर पर आने के बाद ही फ्रिज में रखें। इसे 1–2 दिन के भीतर खा लेना ही बेहतर होता है। दूध दूध को उबालकर ठंडा करें। ठंडे दूध को फ्रिज के अंदर वाले शेल्फ में रखें। दही दही को हमेशा ढककर फ्रिज में रखें। दही निकालते समय साफ चम्मच का इस्तेमाल करें। नॉन-वेज फूड गर्मियों में नॉन-वेज फूड फ्रिज में 1–2 दिन से ज्यादा न रखें। अगर लंबे समय के लिए स्टोर करना हो तो इन्हें फ्रीजर में रखें। हमेशा अलग एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि दूसरे खाने के साथ क्रॉस-कंटैमिनेशन न हो। ब्रेड और बेकरी आइटम ब्रेड और बेकरी आइटम को सूखी जगह पर रखें। अगर ज्यादा दिनों तक स्टोर करना हो तो फ्रीज करें। ड्राई फूड ड्राई फूड्स को एयरटाइट कंटेनर में रखें। नमकीन और बिस्कुट जैसे स्नैक्स अच्छी तरह सील करके और नमी से दूर रखें। ड्रिंक्स फ्रेश जूस को तुरंत पी लें। अगर स्टोर करना हो तो 24 घंटे के अंदर यूज कर लें। पानी को हमेशा ढककर रखें। पानी को प्लास्टिक की बोतलों में लंबे समय तक स्टोर न करें। अचार और सॉस अचार को सूखे चम्मच से निकालें। इसे समय-समय पर धूप में रखें। सॉस को फ्रिज में रखना बेहतर है। चॉकलेट और मिठाइयां चॉकलेट को ठंडी और सूखी जगह पर रखें। मिठाइयों को फ्रिज में स्टोर करें। मिठाइयों को 2–3 दिन के भीतर खत्म कर दें। सवाल– गर्मियों में फूड स्टोरेज से जुड़े मिथ और फैक्ट क्या हैं? जवाब– गर्मियों में फूड स्टोरेज को लेकर कई कॉमन प्रैक्टिस हैं, जिन्हें लोग बिना जांचे-परखे सच मान लेते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सही और गलत के फर्क को समझा जाए। मिथ 1: सभी फल और सब्जियां फ्रिज में रखने से ताजी रहती हैं। फैक्ट: ऐसा नहीं है। आलू, प्याज, लहसुन और एवाकाडो वगैरह फ्रिज में रखने से जल्दी खराब हो सकते हैं। इन्हें ठंडी और सूखी जगह पर रखें। मिथ 2: बचा हुआ खाना फ्रिज में कई दिनों तक सुरक्षित रहता है। फैक्ट: गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। पका भोजन 24 से 48 घंटों के भीतर खा लेना चाहिए। दोबारा अच्छी तरह गरम करके ही खाना चाहिए। मिथ 3: फ्रिज में हर जगह तापमान बराबर होता है। फैक्ट: फ्रिज के ऊपरी शेल्फ का तापमान सबसे कम होता है, जबकि दरवाजे का हिस्सा सबसे कम ठंडा होता है। मिथ 4: बोतल बंद चीजें खराब नहीं होतीं। फैक्ट: डिब्बाबंद फूड खोलने के बाद फ्रिज में रखना जरूरी है। बाहर खुला रखने से ये जल्दी खराब हो सकता है। गर्मियों में फूड स्टोरेज से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- गर्मियों में फ्रिज को किस टेंपरेचर पर सेट करना चाहिए? जवाब- फ्रिज का तापमान 1–4°C
Rail Ticket Refund, Toll Rules, Salary & Cylinder Prices

Hindi News Business April 1 Changes: Rail Ticket Refund, Toll Rules, Salary & Cylinder Prices नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक आज 1 अप्रैल है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के महंगे होने से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम 218 रुपए तक बढ़ा दिए है। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे। आज से फास्टैग, टोल टैक्स के साथ इनकम टैक्स से जुड़े नियम मिलाकर कुल 15 बदलाव हो रहे हैं। कैटेगरी 1: रसोई और सफर 1. कॉमर्शियल सिलेंडर ₹218 महंगा बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹218 तक महंगा कर दिया है। चेन्नई में ये सबसे महंगा 2246.50 रुपए में मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2078.50 हो गई है। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वें चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं 2. रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल होगी बदलाव: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था। यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन भी बदल पाएंगे। असर: समय पर टिकिट कैंसिल नहीं कर पाने पर पैसों का नुकसान होगा। रिफंड के नियमों को सख्त करने से आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। 3. फास्टैग एनुअल पास बदलाव: आज से फास्टैग का एनुअल पास रिन्यू कराने पर आपके वॉलेट से ज्यादा पैसे कटेंगे। NHAI ने एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी कर दी है। असर: सालाना पास के लिए 3 हजार रुपए की जगह 3,075 रुपए चुकाने होंगे। यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने की सुविधा देता है। 4. टोल पर नो-कैश बदलाव: आज से सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। टोल टैक्स का पेमेंट केवल फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा। असर: अगर आपके पास फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस कम है, तो यूपीआई से ही टोल का ऑप्शन बचेगा। कैश का विकल्प नहीं होने से परेशानी में पड़ सकते हैं। 5. गाड़ियों की नई कीमतें बदलाव: 31 मार्च तक पुरानी स्टॉक और पुरानी कीमतों पर गाड़ियां मिल रही थीं। आज 1 अप्रैल से कॉमर्शियल और पैसेंजर गाड़ियों के दाम 2% से 3% तक बढ़ गए हैं। असर: यदि आपने कार बुक की है लेकिन बिल 31 मार्च तक नहीं कटा, तो अब बढ़ी हुई कीमत देनी होगी। शोरूम प्राइस के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन चार्जेस भी बढ़े हुए दामों पर लगेंगे। कैटेगरी 2: टैक्स, बैंकिंग और बाजार 6. ‘असेसमेंट ईयर’ खत्म, अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ बदलाव: आज से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू हो गया है। अब फाइनेंशियल और असेसमेंट ईयर के बजाय सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा। असर: इससे टैक्सपेयर्स के बीच की उलझन खत्म होगी। आपने 2024-25 में पैसा कमाया तो जुलाई 2025 में उसका टैक्स भरते थे। इसे AY 2025-26 कहा जाता था। एक ही कमाई के लिए दो अलग-अलग सालों के नाम सुनकर कंफ्यूजन होता था। 7. रिवाइज्ड रिजीम के तहत फाइलिंग बदलाव: साल 2025 में सरकार ने नई रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव किया था। ये 1 अप्रैल 2025 से लाग हो गया। इस साल इस बदलाव के साथ रिटर्न फाइल कर पाएंगे। असर: सैलरीड पर्सन की सेक्शन 87A के तहत 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। अन्य लोग 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। 8. फॉर्म 16 की जगह अब नया फॉर्म 130 और 131 बदलाव: TDS कटौती के सबूत के लिए फॉर्म 16 और अन्य आय के लिए 16A दिया जाता था। अब इन फॉर्म्स का फॉर्मेट बदलकर फॉर्म 130 और फॉर्म 131 कर दिया गया है। असर: जब जून-जुलाई में रिटर्न भरेंगे तो इन फॉर्म्स में टैक्स कैलकुलेशन और छूट का ब्यौरा पहले से ज्यादा डिटेल में होगा। इससे ITR भरने में गलती की गुंजाइश कम होगी। 9. HRA टैक्स छूट लेने के नियम बदले बदलाव: HRA पर टैक्स छूट लेने वाले कर्मचारियों को अब रेंट रसीद जमा करनी होगी। अगर सालाना किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है, तो मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा। अब दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50% टैक्स छूट वाली कैटेगरी में शामिल कर लिया गया है। असर: इन 8 शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब अपनी बेसिक सैलरी के 50% हिस्से पर टैक्स छूट ले सकेंगे, जिससे उनकी इन-हैंड सैलरी बढ़ेगी। वहीं अब टैक्स विभाग रसीद और मकान मालिक के टैक्स रिकॉर्ड का मिलान करेगा। पकड़े जाने पर जुर्माना लग सकता है। 10. PNB ATM कैश लिमिट बदलाव: पंजाब नेशनल बैंक के क्लासिक डेबिट कार्ड से एक दिन में अधिकतम ₹25 हजार निकाल सकेंगे। प्लैटिनम कार्ड के लिए यह लिमिट ₹50 हजार होगी। असर: यदि आपकी जरूरत इससे ज्यादा है, तो आपको बैंक जाना होगा। चेकबुक या विड्रॉल फॉर्म का सहारा लेना होगा। यह फैसला फ्रॉड को रोकने के लिए लिया है। 11. F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा बदलाव: सरकार ने बजट में F&O मार्केट में सट्टेबाजी कम करने के लिए टैक्स की दरें बढ़ाने का ऐलान किया था। फ्यूचर्स की बिक्री पर अब 0.02% की जगह 0.05% टैक्स लगेगा। वहीं, ऑप्शंस के प्रीमियम पर यह टैक्स 0.1% से बढ़ाकर 0.15% हो गया है। असर: इंट्राडे और फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स के लिए अब हर ट्रेड की लागत बढ़ जाएगी। ज्यादा टैक्स देने से उनकी नेट कमाई कम हो जाएगी। ट्रेड में ब्रेक ईवन पर आने में भी समय लगेगा। 12. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर नया टैक्स नियम बदलाव: अब गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी पर टैक्स छूट केवल उन्हें मिलेगी, जिन्होंने इसे सीधे RBI से खरीदा है। अगर आपने शेयर बाजार से किसी दूसरे निवेशक से ये बॉन्ड खरीदे हैं, तो अब आपको मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा। असर: इससे उन लोगों का नेट मुनाफा घट जाएगा जो बाजार से बॉन्ड खरीदकर टैक्स बचाते थे। अब मैच्योरिटी पर मिलने वाले प्रॉफिट को ‘कैपिटल गेन’ माना
Rail Ticket Refund, Toll Rules, Salary & Cylinder Prices

Hindi News Business April 1 Changes: Rail Ticket Refund, Toll Rules, Salary & Cylinder Prices नई दिल्ली7 घंटे पहले कॉपी लिंक आज 1 अप्रैल है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के महंगे होने से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम 218 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे। आज से फास्टैग, टोल टैक्स के साथ इनकम टैक्स से जुड़े नियम मिलाकर कुल 15 बदलाव हो रहे हैं। कैटेगरी 1: रसोई और सफर 1. कॉमर्शियल सिलेंडर ₹218 महंगा बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹218 तक महंगा कर दिया है। चेन्नई में ये सबसे महंगा 2246.50 रुपए में मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2078.50 हो गई है। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वें चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं 2. रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल होगी बदलाव: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था। यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन भी बदल पाएंगे। असर: समय पर टिकिट कैंसिल नहीं कर पाने पर पैसों का नुकसान होगा। रिफंड के नियमों को सख्त करने से आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। 3. फास्टैग एनुअल पास बदलाव: आज से फास्टैग का एनुअल पास रिन्यू कराने पर आपके वॉलेट से ज्यादा पैसे कटेंगे। NHAI ने एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी कर दी है। असर: सालाना पास के लिए 3 हजार रुपए की जगह 3,075 रुपए चुकाने होंगे। यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने की सुविधा देता है। 4. टोल पर नो-कैश बदलाव: आज से सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। टोल टैक्स का पेमेंट केवल फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा। असर: अगर आपके पास फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस कम है, तो यूपीआई से ही टोल का ऑप्शन बचेगा। कैश का विकल्प नहीं होने से परेशानी में पड़ सकते हैं। 5. गाड़ियों की नई कीमतें बदलाव: 31 मार्च तक पुरानी स्टॉक और पुरानी कीमतों पर गाड़ियां मिल रही थीं। आज 1 अप्रैल से कॉमर्शियल और पैसेंजर गाड़ियों के दाम 2% से 3% तक बढ़ गए हैं। असर: यदि आपने कार बुक की है लेकिन बिल 31 मार्च तक नहीं कटा, तो अब बढ़ी हुई कीमत देनी होगी। शोरूम प्राइस के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन चार्जेस भी बढ़े हुए दामों पर लगेंगे। कैटेगरी 2: टैक्स, बैंकिंग और बाजार 6. ‘असेसमेंट ईयर’ खत्म, अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ बदलाव: आज से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू हो गया है। अब फाइनेंशियल और असेसमेंट ईयर के बजाय सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा। असर: इससे टैक्सपेयर्स के बीच की उलझन खत्म होगी। आपने 2024-25 में पैसा कमाया तो जुलाई 2025 में उसका टैक्स भरते थे। इसे AY 2025-26 कहा जाता था। एक ही कमाई के लिए दो अलग-अलग सालों के नाम सुनकर कंफ्यूजन होता था। 7. रिवाइज्ड रिजीम के तहत फाइलिंग बदलाव: साल 2025 में सरकार ने नई रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव किया था। ये 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गया। इस साल इस बदलाव के साथ रिटर्न फाइल कर पाएंगे। असर: सैलरीड पर्सन की सेक्शन 87A के तहत 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। अन्य लोग 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। 8. फॉर्म 16 की जगह अब नया फॉर्म 130 और 131 बदलाव: TDS कटौती के सबूत के लिए फॉर्म 16 और अन्य आय के लिए 16A दिया जाता था। अब इन फॉर्म्स का फॉर्मेट बदलकर फॉर्म 130 और फॉर्म 131 कर दिया गया है। असर: जब जून-जुलाई में रिटर्न भरेंगे तो इन फॉर्म्स में टैक्स कैलकुलेशन और छूट का ब्यौरा पहले से ज्यादा डिटेल में होगा। इससे ITR भरने में गलती की गुंजाइश कम होगी। 9. HRA टैक्स छूट लेने के नियम बदले बदलाव: HRA पर टैक्स छूट लेने वाले कर्मचारियों को अब रेंट रसीद जमा करनी होगी। अगर सालाना किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है, तो मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा। अब दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50% टैक्स छूट वाली कैटेगरी में शामिल कर लिया गया है। असर: इन 8 शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब अपनी बेसिक सैलरी के 50% हिस्से पर टैक्स छूट ले सकेंगे। वहीं अब टैक्स विभाग रसीद और मकान मालिक के टैक्स रिकॉर्ड का मिलान करेगा। पकड़े जाने पर जुर्माना लग सकता है। 10. PNB ATM कैश लिमिट बदलाव: पंजाब नेशनल बैंक के क्लासिक डेबिट कार्ड से एक दिन में अधिकतम ₹25 हजार निकाल सकेंगे। प्लैटिनम कार्ड के लिए यह लिमिट ₹50 हजार होगी। असर: यदि आपकी जरूरत इससे ज्यादा है, तो आपको बैंक जाना होगा। चेकबुक या विड्रॉल फॉर्म का सहारा लेना होगा। यह फैसला फ्रॉड को रोकने के लिए लिया है। 11. F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा बदलाव: सरकार ने बजट में F&O मार्केट में सट्टेबाजी कम करने के लिए टैक्स की दरें बढ़ाने का ऐलान किया था। फ्यूचर्स की बिक्री पर अब 0.02% की जगह 0.05% टैक्स लगेगा। वहीं, ऑप्शंस के प्रीमियम पर यह टैक्स 0.1% से बढ़ाकर 0.15% हो गया है। असर: इंट्राडे और फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स के लिए अब हर ट्रेड की लागत बढ़ जाएगी। ज्यादा टैक्स देने से उनकी नेट कमाई कम हो जाएगी। ट्रेड में ब्रेक ईवन पर आने में भी समय लगेगा। 12. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर नया टैक्स नियम बदलाव: अब गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी पर टैक्स छूट केवल उन्हें मिलेगी, जिन्होंने इसे सीधे RBI से खरीदा है। अगर आपने शेयर बाजार से किसी दूसरे निवेशक से ये बॉन्ड खरीदे हैं, तो अब आपको मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा। असर: इससे उन लोगों का नेट मुनाफा घट जाएगा जो बाजार से बॉन्ड खरीदकर टैक्स बचाते थे। अब मैच्योरिटी पर मिलने वाले प्रॉफिट को ‘कैपिटल गेन’ माना जाएगा, जिस पर टैक्स कटने
DGCA VVIP Flights Rules 2026 Update; Pilot Political Leaders

Hindi News National DGCA VVIP Flights Rules 2026 Update; Pilot Political Leaders | Ajit Pawar Plane Crash नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर 28 जनवरी की है जब प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया था। VIP और VVIP (जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि) को ले जाने वाले नॉन-शेड्यूल्ड विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। DGCA ने साफ कहा है कि फ्लाइट क्रू पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला जाए, ताकि सुरक्षा से समझौता न हो। DGCA के मुताबिक वीआईपी की जरूरत के नाम पर आखिरी वक्त में होने वाले बदलाव सीधे क्रू से नहीं, सिर्फ ऑपरेटर्स मैनेजमेंट के जरिए ही कराए जाएं। मौसम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। क्रू के फैसले का सम्मान करना होगा। नई गाइडलाइन में ध्यान रखा गया है कि वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में पायलट थकावट का शिकार न हों। अब अगर कोई नेता दबाव डालता है, तो पायलट सीधे मना कर सकता है और उसकी जवाबदेही ‘मैनेजमेंट’ की होगी, न कि व्यक्तिगत पायलट की। दरअसल, 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद से DGCA ने वीआईपी मूवमेंट्स को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अजित पवार प्लेन हादसे में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने FIR में 5 मुख्य आरोप लगाए हैं। रोहित ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र CID से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो पर FIR दर्ज कराई। जहां अपराध हुआ है उसे छोड़कर देश के किसी भी थाने में उस अपराध की FIR दर्ज कराई जाती है तब उसे जीरो FIR कहते हैं। इसे फिर संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने केस दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। रोहित ने FIR में 5 आरोप लगाए… आधिकारिक लॉग में विमान का रन टाइम 4,915 उड़ान घंटे दर्ज हैं, जबकि दावा है कि विमान ने 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है। कम विजिबिलिटी के बावजूद विजुअल फ्लाइट रूल्स के तहत विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। आखिरी समय पर क्रू बदला गया और पायलट सुमित कपूर को शामिल किया गया। हादसे से कुछ समय पहले VSR वेंचर्स ने पायलट सुमित कपूर के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। पायलट सुमित कपूर पहले शराब से जुड़े मामलों में निलंबित रह चुके हैं। CBI जांच में देरी पर सवाल जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया… दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया। पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई। अगले दिन यानी 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था। पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी। हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया। लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’ पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Singapore Court Rules Accident, Not Murder

2 घंटे पहले कॉपी लिंक 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में जुबीन गर्ग की मौत हो गई थी। सिंगापुर की एक अदालत ने असम के फेमस सिंगर जुबीन गर्ग की मौत पर फैसला सुनाया है। बुधवार को वहां की स्टेट कोरोनर कोर्ट ने पुलिस की जांच रिपोर्ट को सही ठहराते हुए कहा कि सिंगर की मौत एक दर्दनाक हादसा थी। इसमें किसी भी तरह की साजिश नहीं पाई गई है। पिछले साल सितंबर में एक आइलैंड के पास जुबीन की डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी और परिवार ने जांच पर सवाल उठाए थे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय भारी नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। नशे की वजह से डूबे जुबीन कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था। पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी यह घटना 19 सितंबर 2025 की है। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में परफॉर्म करना था। वे असम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत के सबसे चहेते गायकों में से एक थे। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। भारत में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामला दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के तिनसुकिया में जन्मे, अभिनेता और निर्देशक रहे जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में गाना गाए। इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाना गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें जुबीन गर्ग केस की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई:बक्सा जिला जज अध्यक्षता करेंगी, हर दिन सुना जाएगा मामला गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection

Hindi News Business Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection | Iran War नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक देश में LPG कनेक्शन करीब 33.2 करोड़ हैं, वहीं PNG अभी 1.65 करोड़ घरों तक ही पहुंची है। अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। इसके तहत अब पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए पहले नोटिस दिया जाएगा। सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता, तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसाइटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी। सरकार के गजट नोटिफिकेशन के 7वें पॉइंट में PNG कनेक्शन के लिए बनाए गए नियम बताए गए हैं। नए नियम की 4 बड़ी बातें 1. सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। अगर कोई कंपनी पाइपलाइन के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी। अगर सोसाइटी ने मना किया या देरी की, तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई पर रोक लगाई जाएगी। 2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को अटकाने की इजाजत नहीं है। छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है। अगर विभाग तय समय में जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ‘ऑटोमैटिक मंजूरी’ मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा। 3. पाइपलाइन के लिए जमीन मालिक को दोगुना मुआवजा अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने इसके लिए एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है: जमीन के कमर्शियल सर्किल रेट का 30% हिस्सा मालिक को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। जमीन मालिक अगर आवेदन मिलने के 24 घंटे में मंजूरी दे देता है, तो उसे दोगुना यानी 60% मुआवजा मिलेगा। अगर जमीन मालिक मंजूरी नहीं देता है, तो ‘डेजिग्नेटेड अथॉरिटी’ (कलेक्टर या अन्य अधिकारी) फैसला लेंगे। 4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है? सरकार ने नया आदेश ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े। फायदा: आपको सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने की टेंशन नहीं रहेगी। नुकसान: जो लोग अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है। किराएदार के लिए क्या प्रोसेस होगी? नोटिफिकेशन में लिखा है कि PNG कनेक्शन के लिए आवेदन घर का ‘कानूनी कब्जाधारी’ या ‘मालिक’ कर सकता है। यानी आप किराएदार के तौर पर खुद भी आवेदन कर सकते हैं। आपके पास PNG कनेक्शन लगाने का नोटिस आने पर दो रास्ते हैं मकान मालिक के जरिए: मकान मालिक से बात करके उनके नाम पर कनेक्शन लगवा सकते हैं। यह सबसे आसान तरीका है क्योंकि पाइपलाइन फिक्स्ड प्रॉपर्टी का हिस्सा बन जाती है। किराएदार के नाम पर: गैस कंपनियां किराएदारों को भी कनेक्शन देती हैं। इसके लिए आमतौर पर रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक से एक NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) की जरूरत होगी। अगर आपके नाम पर पहले से LPG कनेक्शन है तो उसे सरेंडर करना होगा। मकान मालिक PNG लगाने से मना करें तब भी LPG सप्लाई बंद होगी अगर मकान मालिक पाइपलाइन फिटिंग के लिए मना कर देता है, तो भी 90 दिन बाद उस पते पर LPG सप्लाई बंद हो जाएगी। सरकार का नया नियम पते पर आधारित है, व्यक्ति पर नहीं। अगर उस पते पर पाइपलाइन संभव है, तो तेल कंपनियां वहां सिलेंडर देना बंद कर देंगी। घर बदलते समय PNG कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं अगर आप घर बदलते हैं, तो PNG कनेक्शन वहीं रहेगा । घर छोड़ने से पहले गैस कंपनी को इसकी जानकारी देनी होगी। कंपनी अकाउंट बंद कर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस दे देगी। नए घर में अगर PNG नहीं लगी है तो जाकर फिर से वही प्रक्रिया दोहरानी होगी। अगर उस घर के आस-पास पाइपलाइन सुविधा नहीं है, तो फिर से LPG सिलेंडर ले सकते हैं। यूजर्स के लिए 3 बड़े सवाल सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा? जवाब: अभी नहीं। आपके घर तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद कंपनी नोटिस देगी, तब आपको 3 महीने का समय मिलेगा। कनेक्शन लेने के बाद ही सिलेंडर लौटाना होगा। सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है? जवाब: हां, इसमें आपको सिर्फ इस्तेमाल की गई गैस का पैसा देना होता है और कोई फालतू चार्ज नहीं लगता। यह सुरक्षित भी ज्यादा है। सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो? जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है। ————— ये खबर भी पढ़ें… रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल न
Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules Change From April 1

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके साथ ही कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत अब ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग फेज में लागू होंगे। रेल मंत्री ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग से जुड़े रेलवे के नए नियमों की जानकारी दी। अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी। यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। यात्री IRCTC की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे। 4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं। पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25% और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। अब 50% रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और RAC टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही प्रभावी रहेंगे। ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड मिलेगा रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ खास परिस्थितियों में रिफंड के पुराने नियम जारी रहेंगे। अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है या अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल करके पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिलेगा। ———————– रेलवे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आज से बिना आधार सुबह 8-12 रेल टिकट बुकिंग नहीं: नियम रिजर्व बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग आज यानी, 29 दिसंबर से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है। रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज आज से लागू हो चुका है। वहीं दूसरे फेज में 5 जनवरी से और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









