Thursday, 30 Jul 2026 | 12:32 PM

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US H-1B & Green Card Rules Tightened

US H-1B & Green Card Rules Tightened

18 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT इंजीनियरों, टेक कर्मचारियों और प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है। नई नीति के तहत अब अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सिर्फ बहुत खास परिस्थितियों में ही अमेरिका के अंदर से ग्रीन कार्ड आवेदन मंजूर करें। अब ज्यादातर लोगों को अपने देश लौटकर अमेरिकी दूतावास या कॉन्सुलेट के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया को कांसुलर प्रोसेसिंग कहा जाता है। अमेरिका में H-1B वीजा पाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में करीब 71% भारतीय हैं। ऐसे में नए नियमों का सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। कई भारतीय पिछले 10 से 15 साल से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अब अंतिम चरण में नियम बदलने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। कई लोग अमेरिका में घर खरीद चुके हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई भी वहीं चल रही है। ऐसे में भारत लौटकर वीजा प्रक्रिया पूरी करने की शर्त उनके लिए नई चिंता लेकर आई है। H-1B अमेरिका का एक स्पेशल वर्क वीजा है, जिसके जरिए विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक सेक्टर के कर्मचारी करते हैं। बाद में इनमें से कई लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं ताकि वे अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकें। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा, इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

10 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

49 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर मोहाली में IT कारोबारी पर ED रेड की रही। टीम को आत देख 9वीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए, जिससे 500-500 के नोट हवा में उड़ गए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कि ये रुपए CM मान के OSD के हैं। वहीं, CM ने कहा कि रेड से हमारा कोई संबंध नहीं हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. IT कारोबारी पर ED रेड, 9वीं मंजिल से कैश भरे बैग फेंके मोहाली की सोसाइटी में आज (7 मई) ED की टीम ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले एक कारोबारी के घर पर दबिश दी। ED टीम को आता देख पकड़े जाने के डर से रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए गए। नीचे उनका ड्राइवर खड़ा था। ऊपर से 2 बैग फेंके गए, जिनमें 500-500 रुपए के नोटों के बंडल भरे हुए थे। इनमें से एक बैग नीचे गिरते ही फट गया, जिससे कुछ नोट हवा में उड़ते हुए वहीं बिखर गए। एक बैग को वहां खड़ा ड्राइवर गाड़ी में डालकर भाग निकला। ED की टीम ने उसका पीछा किया लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फटा बैग ED टीम ने जब्त कर लिया। उसमें से 21 लाख रुपए मिले। इस बैग की डबल पैकिंग की गई थी। जिसमें लाल रंग के बैग को सफेद रंग के बैग में पैक किया गया था। ED टीम की रेड होते ही पंजाब की पॉलिटिक्स गर्मा गई। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि जिस कारोबारी नितिन गोहिल के घर रेड हुई, वह CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का करीबी है। यह रुपए भी OSD के ही थे। यही है इनकी कट्‌टर ईमानदारी। हालांकि शुकराना यात्रा पर निकले CM भगवंत मान ने अमृतसर में इन आरोपों को नकार दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने पर जुर्माना- FIR होगी पंजाब में बढ़ती पावर डिमांड के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। कंज्यूमर्स ने अगर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च की तो 7 दिन के भीतर नोटिस मिल जाएगा। कंज्यूमर्स उसके बाद भी लगातार तय लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते रहे तो उनसे जुर्माना व अन्य खर्चे वसूले जाएंगे। तीसरी बार में PSPCL कंज्यूमर्स के खिलाफ बिजली चोरी का केस बनाकर FIR दर्ज करवा देगा। PSPCL मैनेजेंट ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर लगातार लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर कार्रवाई नहीं की तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा। पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम को पटरी पर लाने और रेवेन्यू के नुकसान को बचाने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड-2024 में संशोधन किया है। PSPCL मैनेजमेंट ने सभी चीफ इंजीनियर्स को आदेश जारी किए हैं कि नए संसोधनों को लागू करवाएं।(पढ़ें पूरी खबर) 3. BJP ने CM को मानहानि नोटिस भेजा अमृतसर में आर्मी कैंप और जालंधर में BSF के पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर बम ब्लास्ट को लेकर पंजाब की राजनीति गर्माई हुई है। भाजपा ने CM भगवंत मान को मानहानि का नोटिस भेजा है। सीएम भगवंत मान ने कल (6 अप्रैल) कहा था कि यह धमाके BJP ने कराए हैं। इसको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने यह नोटिस भेजा। उन्होंने सारे प्लेटफॉर्म से बयान हटा 7 दिन में माफी मांगने को कहा है। तरुण चुघ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कल का बयान बेहद अनुचित, बेतुका और आपराधिक मानसिकता से भरा था। अपराधियों को पकड़ने के बजाय, पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। CM मान ने कहा था कि अमृतसर-जालंधर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं। चुनाव से पहले BJP हर स्टेट में ऐसे ब्लास्ट-दंगे कराती है। जालंधर में गुरूवार को CM मान ने फिर कहा कि जालंधर अमृतसर में जो छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं वो बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। ये जहां भी जाते हैं वहां लड़ाई करवाते हैं। ये हिंदू सिख को लड़ाना चाहते हैं लेकिन हम नहीं लड़ते। इसी बीच जालंधर में करीब 6 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद पहले APJ स्कूल को खाली करा दिया गया। BSF स्कूल के भी प्री प्राइमरी सेक्शन में 1 घंटा पहले छुट्टी कर दी गई। (पढ़ें पूरी खबर) 4. प्रॉपर्टी डीलर का सुसाइड, 20 दिन पहले ही मां का निधन हुआ धियाना में प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने रात को सल्फास खाई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। यहां पर हालत सही न होने कारण परिवार उन्हें DMC अस्पताल ले गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने कहा कि पति ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने महिला समेत 11 लोगों के नाम लिए। इन लोगों से करोड़ों रुपए लेने थे। पैसे न देने से पति परेशान थे। वीडियो में प्रॉपर्टी डीलर ने कहा कि लेन-देन और आरोपियों की पूरी डिटेल कार में रखी है। उन्होंने रिश्तेदार को कहा कि बेटे-बेटी और पत्नी का ध्यान रखना। मृतक की पहचान परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा के रूप में हुई है। वह 52 साल के थे और शहीद भगत सिंह नगर में उनकी कोठी थी। 20 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। रिंपी का बेटा कनाडा में रहता है। सिविल अस्पताल में गुरुवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सांसद अमृतपाल की मां CM तक पहुंची, हाथ पकड़ा अमृतसर में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मां ने सीएम भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की। उन्होंने सीएम का हाथ पकड़कर कहा- आप भी किसी मां के बेटे हो, मेरे बेटे को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा। इसी बीच उन्होंने भगवंत मान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। हालांकि सीएम अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आगे

Govt Citizenship Rules 2026 | Online OCI Application

Govt Citizenship Rules 2026 | Online OCI Application

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सिटिजनशिप (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करना होगा। साथ ही फिजिकल कार्ड के साथ e-OCI दस्तावेज की भी सुविधा दी गई है, जिससे प्रक्रिया ज्यादा सरल और डिजिटल हो जाएगी। नए नियमों में साफ किया गया है कि कोई नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। यह प्रावधान दोहरी नागरिकता से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाने के लिए जोड़ा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि OCI स्टेटस एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। यदि कोई धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। OCI से मिलती हैं ये सुविधाएं OCI कार्ड धारकों को भारत में आजीवन मल्टीपल एंट्री वीजा, आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि सरकार ने दोहराया है कि OCI धारकों को वोटिंग या संवैधानिक पदों जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते। सख्त किए गए हैं रद्द करने के नियम सरकार ने पहले ही नियम सख्त करते हुए कहा था कि यदि किसी OCI धारक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है या 7 साल या उससे ज्यादा सजा वाले अपराध में चार्जशीट होती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। 2005 में शुरू हुई थी OCI योजना OCI योजना 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के जरिए शुरू की गई थी। इसके तहत भारतीय मूल के लोगों को OCI के रूप में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाती है। हालांकि पाकिस्तान या बांग्लादेश से जुड़े लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

Hindi News Business New Online Gaming Rules Come Into Effect Today; Gaming Certificates To Remain Valid For Up To 10 Years; Non Money Games Now Exempt From Registration नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में ऑनलाइन गेमिंग की इंडस्ट्री में आज से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026 शुक्रवार, 1 मई 2026 से लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग से होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकना और भारत को ग्लोबल गेमिंग हब बनाना है। ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन, विज्ञापन भी नहीं कर पाएंगे नए नियमों के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। इसमें किस्मत पर आधारित (चांस) और कौशल पर आधारित (स्किल) दोनों तरह के गेम्स शामिल हैं, जिनमें पैसे का दांव लगाया जाता है। अब इन गेम्स का विज्ञापन या प्रमोशन करना भी गैरकानूनी होगा। बैंकों और पेमेंट गेटवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स के ट्रांजैक्शन प्रोसेस न करें। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और 5 साल तक की जेल सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है। ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने पर 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर जेल की अवधि 5 साल तक बढ़ सकती है और जुर्माना 2 करोड़ रुपए तक लग सकता है। इन गेम्स का विज्ञापन करने पर भी 2 साल की जेल या 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। 45 करोड़ लोग प्रभावित, 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान भारत में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ा है और 2024 में यह 232 अरब रुपए यानी 23,200 करोड़ रुपए का था। डेटा के मुताबिक, देश के लगभग 45 करोड़ लोग मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से प्रभावित हुए हैं, जिसमें लोगों को 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसी को देखते हुए सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स (मनोरंजन वाले खेल) को बढ़ावा देने और मनी गेम्स को खत्म करने का फैसला लिया है। अब ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया रखेगी नजर नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का गठन किया गया है। डिजिटल ऑफिस: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का ऑफिस दिल्ली में होगा, यह एक डिजिटल-फर्स्ट रेगुलेटर है। डिसिजन मेकिंग प्रोसेस: यह अथॉरिटी 90 दिनों के भीतर तय करेगी कि कोई गेम ‘मनी गेम’ की कैटेगरी में है या वह ‘ई-स्पोर्ट्स’ के रूप में सुरक्षित है। रजिस्ट्रेशन: ई-स्पोर्ट्स के लिए अब 10 साल तक का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल रहती थी। शिकायत निवारण: यूजर्स की शिकायतों के लिए दो-स्तरीय सिस्टम होगा। अगर कंपनी समाधान नहीं करती, तो यूजर अथॉरिटी के पास अपील कर सकेंगे। युवाओं की सुरक्षा के लिए एज गेटिंग और पेरेंटल कंट्रोल डिजिटल माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों को अब कई सेफ्टी फीचर्स देने होंगे। इनमें उम्र का वेरिफिकेशन, समय की पाबंदी और माता-पिता के लिए कंट्रोल टूल्स (पेरेंटल कंट्रोल) शामिल हैं। इससे युवाओं को लत और मानसिक तनाव से बचाने में मदद मिलेगी। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़ी इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय को भी इस अथॉरिटी का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। भविष्य की राह, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सरकार का मानना है कि इन नियमों से भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित सोशल गेम्स के बढ़ने से डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कंटेंट क्रिएशन के सेक्टर में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 2027 तक इस सेक्टर के 316 अरब रुपए यानी 31,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ई-स्पोर्ट्स क्या है? यह एक कॉम्पिटिटिव डिजिटल स्पोर्ट्स है जिसमें टीम वर्क और स्किल की जरूरत होती है। इसे अब नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के तहत पहचान मिल सकती है। क्या करें अगर कोई प्लेटफॉर्म पैसा मांगे? ऐसे प्लेटफॉर्म्स की शिकायत तुरंत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी’ या साइबर सेल में करें, क्योंकि

Online Gaming Rules 2026 Live

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Hindi News Business Online Gaming Rules 2026 Live | Commercial Cylinder Price Hike May Changes नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 993 रुपए महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव 1. कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए तक महंगा बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹3071.50 हो गई है। पहले ये ₹2078.50 में मिल रहा था। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं 2. ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम आज से लागू बदलाव: देश में आज ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। इसके तहत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (OGAI) का गठन किया जाएगा। यह संस्था ऑनलाइन गेम्स को रेगुलेट करने, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटने और उनकी मॉनिटरिंग का काम करेगी। इसके तहत गेम्स को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। ऑनलाइन मनी गेम्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स। मनी गेम्स बैन है जबकि अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। अब विदेशी गेमिंग कंपनियां भी भारतीय कानूनों से बच नहीं पाएंगी। अगर कोई कंपनी भारत में सर्विस दे रही है, तो उसका मुख्यालय कहीं भी हो, उसे भारतीय नियमों का पालन करना ही होगा। यूजर्स की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन गेम्स में उम्र की सीमा, पेरेंटल कंट्रोल और टाइम लिमिट जैसे फीचर्स होंगे। गेमिंग के दौरान होने वाले फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर भी नजर रखी जाएगी। असर: सख्त नियमों और उम्र सीमा/पेरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स से गेमिंग की लत और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा। वहीं विदेशी कंपनियों पर नकेल कसने से सट्टेबाजी रुकने की उम्मीद है। इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और ई-स्पोर्ट्स को एक वैध खेल के रूप में ज्यादा पहचान मिलेगी। 3. डीजल और हवाई ईंधन का निर्यात सस्ता होगा बदलाव: केंद्र सरकार ने 1 मई से अगले 15 दिनों के लिए डीजल एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹23 प्रति लीटर कर दी है। अप्रैल में यह ₹55.5 थी। वहीं ATF यानी, हवाई ईंधन पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹33 प्रति लीटर कर दी गई है। अप्रैल में यह ₹42 थी। इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन की परिभाषा बदलते हुए अब ATF में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति दे दी है। असर: ड्यूटी कम होने से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा को विदेशी बाजारों में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में सुधार हो सकता है। वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता के लिए ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी। ATF में सिंथेटिक मिश्रण की अनुमति मिलने से एविएशन सेक्टर में पर्यावरण के अनुकूल और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इंडस्ट्री मानकों में स्पष्टता आएगी। 4. UAE आज से ओपेक और ओपेक प्लस से अलग हुआ बदलाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 मई से OPEC और OPEC+ से अलग हो गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक संगठन है, जो ग्लोबल मार्केट में करीब 40-50% तेल सप्लाई को कंट्रोल करता है और प्रोडक्शन कोटा तय कर कीमतें तय करता है। असर: ओपेक की पाबंदियों से बाहर होने के बाद यूएई तेल उत्पादन बढ़ा सकेगा। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। भारत जैसे तेल आयातक देशों को अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने का मौका मिलेगा। पेट्रोल डीजल के दामों में बदलाव नहीं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business Online Gaming Rules 2026 Live | Commercial Cylinder Price Hike May Changes नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 993 रुपए महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव 1. कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए तक महंगा बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹3071.50 हो गई है। पहले ये ₹2078.50 में मिल रहा था। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं 2. ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम आज से लागू बदलाव: देश में आज ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। इसके तहत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (OGAI) का गठन किया जाएगा। यह संस्था ऑनलाइन गेम्स को रेगुलेट करने, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटने और उनकी मॉनिटरिंग का काम करेगी। इसके तहत गेम्स को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। ऑनलाइन मनी गेम्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स। मनी गेम्स बैन है जबकि अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। अब विदेशी गेमिंग कंपनियां भी भारतीय कानूनों से बच नहीं पाएंगी। अगर कोई कंपनी भारत में सर्विस दे रही है, तो उसका मुख्यालय कहीं भी हो, उसे भारतीय नियमों का पालन करना ही होगा। यूजर्स की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन गेम्स में उम्र की सीमा, पेरेंटल कंट्रोल और टाइम लिमिट जैसे फीचर्स होंगे। गेमिंग के दौरान होने वाले फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर भी नजर रखी जाएगी। असर: सख्त नियमों और उम्र सीमा/पेरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स से गेमिंग की लत और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा। वहीं विदेशी कंपनियों पर नकेल कसने से सट्टेबाजी रुकने की उम्मीद है। इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और ई-स्पोर्ट्स को एक वैध खेल के रूप में ज्यादा पहचान मिलेगी। 3. डीजल और हवाई ईंधन का निर्यात सस्ता होगा बदलाव: केंद्र सरकार ने 1 मई से अगले 15 दिनों के लिए डीजल एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹23 प्रति लीटर कर दी है। अप्रैल में यह ₹55.5 थी। वहीं ATF यानी, हवाई ईंधन पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹33 प्रति लीटर कर दी गई है। अप्रैल में यह ₹42 थी। इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन की परिभाषा बदलते हुए अब ATF में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति दे दी है। असर: ड्यूटी कम होने से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा को विदेशी बाजारों में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में सुधार हो सकता है। वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता के लिए ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी। ATF में सिंथेटिक मिश्रण की अनुमति मिलने से एविएशन सेक्टर में पर्यावरण के अनुकूल और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इंडस्ट्री मानकों में स्पष्टता आएगी। 4. UAE आज से ओपेक और ओपेक प्लस से अलग हुआ बदलाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 मई से OPEC और OPEC+ से अलग हो गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक संगठन है, जो ग्लोबल मार्केट में करीब 40-50% तेल सप्लाई को कंट्रोल करता है और प्रोडक्शन कोटा तय कर कीमतें तय करता है। असर: ओपेक की पाबंदियों से बाहर होने के बाद यूएई तेल उत्पादन बढ़ा सकेगा। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। भारत जैसे तेल आयातक देशों को अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने का मौका मिलेगा। पेट्रोल डीजल के दामों में बदलाव नहीं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। . नई नीति के मुताबिक, कनाडा में पहले से रहकर करीब 70 लाख रुपए सालाना कमाने वाले लोग अगर PR (परमानेंट रेजिडेंसी) के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 हफ्ते के भीतर PR मिल सकती है। जबकि अवैध तरीके से आए लोगों तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। सरकार ने 2025 से 2027 के बीच दिए जाने वाले PR के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब प्राथमिकता उन लोगों को दी जा रही है, जो पहले से कनाडा में वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे करीब 40% लोगों को वहीं से PR देकर स्थायी किया जाए। इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कनाडा में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए PR पाना अब पहले से आसान हो सकता है। वहीं, बाहर से नए लोगों को बुलाने की रफ्तार कम की गई है। यह नियम 26 मार्च से लागू हैं। अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया जा रहा है। साथ ही, जिन लोगों के पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का ऑफर है, उन्हें वीजा में प्राथमिकता मिल रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) से जुड़े पेशों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कनाड़ा में पहले से काम करने वालों को जल्दी PR मिलेगी (फाइल फोटो) जानिए नए बिल में क्या है खास? कनाडा को बढ़ते हाउसिंग संकट से उबरने का प्रेशर: कनाडा के नए इमीग्रेशन बिल सी-12 और नागरिकता कानून सी-3 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कनाडा सरकार अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। नए कानून के तहत अगले 3 सालों के लिए पक्की पीआर (PR) के लक्ष्यों में भारी कटौती की गई है। सरकार का मकसद देश में बढ़ते हाउसिंग संकट और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। अब कनाडा में जाते ही 1 साल के अंदर मांगनी होगी शरण: नए बिल सी-12 के अनुसार, अब शरण मांगने के नियम बहुत सख्त हो गए हैं। अगर कोई व्यक्ति कनाडा में घुसने के बाद एक साल के भीतर या सीमा पार करने के 14 दिन के अंदर क्लेम नहीं करता तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। यह फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है। 40 फीसदी अस्थायी लोग किए जाएंगे पक्के: पीआर (PR) के लिए अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी अस्थायी निवासियों को ही पक्का (स्थायी निवासी) करने पर जोर देगी। वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल की जरूरत: वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले कोर्सेज को तवज्जो दी जा रही है। हर कॉलेज या साधारण कोर्स के बाद अब वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल वे कोर्सेज प्राथमिकता में रहेंगे, जो स्वास्थ्य या कंस्ट्रक्शन जैसे जरूरी क्षेत्रों से जुड़े हैं। कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे: नागरिकता कानून सी-3 में बड़ा बदलाव हुआ है। अब विदेश में पैदा हुए कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों। यह बदलाव उन खोए हुए कनाडाई परिवारों को राहत देने के लिए लाया गया है। डॉक्टर, नर्स पर सरकार का ज्यादा फोकस। ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए PR आसान जानकारी के अनुसार, ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है। सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है, जो केवल उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास जॉब ऑफर हैं। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे। आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी। इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा, जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है। स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है। केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी, जिनकी मार्केट में डिमांड होगी। अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल नए कानून बिल C-12 की बात करें, तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं। अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है, तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं। पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है, जिनके माता-पिता कनाडाई हैं, लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं। अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।

Kedarnath Temple Opening 2026 | Kapat Opening, Rules, Bhairav Temple Update

Kedarnath Temple Opening 2026 | Kapat Opening, Rules, Bhairav Temple Update

बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए इस बार बीकेटीसी ने नए नियम तय किए हैं। चारधाम यात्रा के चौथे दिन बुधवार सुबह 8 बजे केदारनाथ के कपाट विधिवत खोल दिए गए। परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया, मुख्य पुजारी के साथ रावल और हक-हकूकधारियों ने मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना शुरू करदी है। . इस प्रक्रिया के तहत कपाट बंद होने से पहले ज्योतिर्लिंग पर सर्दियों में लगाई गई भस्म को हटाया जाता है। यही पवित्र भस्म श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाती है। कपाट खुलने के मौके पर मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। पहले दिन 8 से 10 हजार भक्तों के दर्शन करने का अनुमान जताया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मौके पर धाम में मौजूद हैं। वह यहां पर पीएम के नाम की पहली पूजा करेंगे। इस बार यात्रा में नियमों को लेकर ज्यादा सख्ती देखने को मिल रही है। मंदिर समिति ने साफ किया है कि मंदिर परिसर से 50 से 60 मीटर के एरिया में किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की परमिशन नहीं है। इसके अलावा फोटोग्राफी के लिए धाम में अलग से तय स्थान बनाए गए हैं, मोबाइल वहीं इस्तेमाल किया जा सकेगा। मुख्य मंदिर परिसर में रील बनाना, फोटो खींचना और वीडियो बनाना पूरी तरह बैन है। केदारनाथ धाम की PHOTOS देखिए… पूर्व दिशा में स्थित इसी द्वार को अभी खोला गया है। अभी आम लोगों को मंदिर परिसर में एंट्री नहीं दी जा रही है। पूरे मंदिर की सजावट के लिए टीम गुजरात से बुलाई गई है। पूर्व द्वार से शुरू होगी पूजा, प्रसाद में मिलेगा भस्म सुबह 8 बजे सबसे पहले मंदिर के पूर्व दिशा के द्वार को खोला जाएगा। इसके बाद मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग, हक-हकूकधारी, वेदपाठी और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर में प्रवेश करेंगे, फिर भगवान केदारनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और वेद पाठ करेंगे। इसके बाद कपाट बंद करते समय केदारनाथ के ज्योतिर्लिंग पर लगाई गई भस्म को हटाया जाएगा और यही भस्म श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाएगी। पूजा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुख्य द्वार खोला जाएगा, जिससे आम श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। दैनिक भास्कर चारधाम यात्रा गाइड, केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये गाइड आपके सबसे काम की है, इसे बिना पढ़े न जाएं धाम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…