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Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप रिटायरमेंट के बाद या इससे पहले अपने लिए हर महीने यानी मंथली इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस का नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट सही रहेगा। इस स्कीम में अभी 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसके जरिए आप अपने लिए हर महीने 9,250 रुपए की इनकम का इंतजाम कर सकते हैं। इस स्कीम में 5 साल के निवेश करना होता है। हम आपको इस स्कीम के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम क्या है? पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम अकाउंट भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है, जो उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित आय चाहते हैं। यह स्कीम खासकर रिटायर लोगों, बुजुर्गों या उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और नियमित आय का जरिया ढूंढ रहे हैं। इसे एक तरह का टर्म डिपॉजिट कह सकते हैं। हर महीने मिलेंगे 9,250 रुपए इस स्कीम में सालाना मिलने वाले ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है और वह अमाउंट आपको हर महीने मिलता रहता है। अगर आप मंथली पैसा न निकाले तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में रहेगा। हालांकि इस ब्याज पर आपको ब्याज नहीं मिलेगा। ब्याज का भुगतान मूलधन की रकम पर ही किया जाएगा। मान लीजिए आप इस योजना में 9 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो अब आपको 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से सालाना 66 हजार 600 रुपए ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप इसमें जॉइंट अकाउंट के तहत 15 लाख का निवेश करते हैं तो आपको 1 लाख 11 हजार रुपए सालाना ब्याज मिलेगा। इसे 12 महीनों में बराबर बांटे तो आपको हर महीने 9,250 रुपए मिलेंगे। अगर रिटर्न को विड्रॉ नहीं करते हैं तो उस पर भी ब्याज मिलता है। नोट: ये कैलकुलेशन अनुमानित तौर पर किया गया है। सरकार हर 3 महीने में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा करती है। 5 साल बाद जमा किया हुआ पैसा मिल जाएगा वापस इसका मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। यानी स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी आपको वापस मिलगी। हालांकि, अगर आप चाहें तो इस पैसे को फिर से इसी योजना में निवेश करके मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं। कौन खोल सकता है अकाउंट? इस खाते को किसी नाबालिग के नाम पर और 3 वयस्कों के नाम पर जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। 10 साल से ज्यादा उम्र के माइनर के नाम भी पेरेंट्स की देखरेख में खाता खोला जा सकता है। अकाउंट खुलवाने के लिए आधार-पैन जरूरी केंद्र सरकार ने PPF, सुकन्या समृद्धि और नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट समेत अन्य पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं में निवेश के लिए पैन और आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब से सरकार की योजनाओं में अकाउंट खोलने के लिए आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट स्लिप लगाना जरूरी होगा। इसमें अकाउंट कैसे खुलवा सकते हैं? इसके लिए सबसे पहले पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोलना होगा। नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट के लिए एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ अकाउंट खोलने के लिए तय रकम के लिए कैश या चेक जमा करें। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Punjab Congress MLAs Scheme Comment Controversy

Punjab Congress MLAs Scheme Comment Controversy

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर बजट सत्र में कांग्रेस और AAP नेताओं के बीच हुई बहस है। AAP ने आरोप लगाया है कि पंजाब कांग्रेस प्रधान ने गाली दी है। ये बदमाशी कर रहे हैं। इन्हें मेंटल अस्पताल भेजो। इससे पहले विधानसभा में कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। उन्होंने AAP सरकार की स्कीम पर आपत्तिजनक कमेंट किया था, जिसके बाद कांग्रेस विधायक दल नेता को विधानसभा में खेद जताना पड़ा और महिला आयोग ने SSP से मामले की रिपोर्ट भी तलब की है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. विधानसभा में गालियां देने पर हंगामा, मंत्री चीमा बोले- बदमाशी नहीं चलेगी पंजाब विधानसभा में बजट सत्र का आज चौथा दिन रहा। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर कांग्रेस और AAP के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा- मैंने सरकारी मेडिकल कॉलेज पूछे, लेकिन यह प्राइवेट बता रहे हैं। इस पर सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि प्राइवेट को भी हम मदद देते हैं। इस पर नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह अपने बनाए मेडिकल कॉलेज की बात करें। इस पर मंत्री अमन अरोड़ा जवाब देने के लिए खड़े हुए, लेकिन बाजवा ने विरोध किया कि इसका जवाब हेल्थ मिनिस्टर ही दे सकते हैं, कोई दूसरा मंत्री या पार्टी का प्रधान नहीं। इस पर स्पीकर ने संविधान का प्रावधान सुनाया कि किसी भी मामले के लिए सभी मंत्री जवाबदेह हैं। इसे लेकर हंगामा चलता रहा। इस दौरान वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 75 साल के नेता विपक्ष ने गालियां निकाली हैं। उन्होंने मांग की कि बाजवा माफी मांगें। इन्होंने हमारे लोगों को गालियां दी हैं। ये बदमाशियां कर रहे हैं। इन्हें मेंटल अस्पताल में दाखिल करें। इस हाउस में बदमाशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (पढ़ें पूरी खबर) 2. कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा का कमेंट, महिला आयोग ने SSP से रिपोर्ट मांगी AAP सरकार की महिलाओं को 1000 रुपए महीना स्कीम पर तंज कसने से कांग्रेस के भुलत्थ से MLA सुखपाल खैहरा बुरे फंस गए। एक तरफ विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा ने ही इस पर खेद जता दिया। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब महिला आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए कपूरथला के SSP से रिपोर्ट तलब कर ली। आयोग ने कहा कि सुखपाल खैहरा ने यह बयान पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग की शह पर दिया है। इस वजह से खैहरा के साथ वड़िंग को भी 12 मार्च को सुबह साढ़े 11 बजे आयोग के मोहाली ऑफिस में तलब कर लिया गया है। बता दें कि सुखपाल खैहरा ने स्कीम पर तंज कसते हुए लिखा था- 1000 रुपए पिच्छे गिद्दा पाउण वालियां बीबीयां कित्थे जम लैणगियां सूरमे यानी एक हजार रुपए के लिए गिद्दा करने वाली महिलाएं सूरमे कहां से पैदा करेंगी। वहीं, इस मामले में अब सुखपाल खैहरा ने कहा कि उन्होंने नहीं, बल्कि यूट्यूबर ने ऐसा कहा था। उन पर जो कार्रवाई करनी हो, कर लो। वह कल विधानसभा में जाकर इस पर जवाब देंगे। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पिकअप में घुसी तेज रफ्तार कार, प्रिंसिपल मां और बेटे समेत 3 की मौत जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर बने चौलांग टोल प्लाजा पर खड़ी पिकअप में एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार घुस गई। इससे कार सवार प्रिंसिपल मां और बेटे के साथ पिकअप ड्राइवर की मौत हो गई। जबकि, पिकअप ड्राइवर का साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ। हादसे के बाद टोल प्लाजा कर्मियों ने घायलों को गाड़ियों से बाहर निकाला। मृतकों में दसूहा के केएमएस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शबनम सैनी, उनका 18 वर्षीय बेटे तुषांत और पिकअप ड्राइवर राहुल उर्फ मिट्टू शामिल हैं। ड्राइवर भी गुरदासपुर का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल डॉ. शबनम अपने बेटे तुषांत के साथ अमेरिका से आई अपनी बेटी से मिलने जालंधर गई थीं। शाम को उससे मिलकर घर वापस आ रही थीं। इसी दौरान हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. स्कूलों-ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में टाइम बताया, CM मान को भी थ्रेट लुधियाना में आज (10 मार्च को) सुबह 3 स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरे ईमेल में लिखा गया कि स्कूलों में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट और ट्रेनों में दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर ब्लास्ट होगा। हालांकि, ईमेल में लिखे टाइम पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई और न पुलिस को कुछ संदिग्ध मिला। ईमेल में CM भगवंत मान का भी जिक्र किया गया है और लिखा कि झूठे पुलिस एनकाउंटरों का जवाब जल्द दिया जाएगा। दैनिक भास्कर इस मेल की पुष्टि नहीं करता। धमकी के बाद स्कूल प्रशासन और स्टाफ में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही लुधियाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और पुलिस पूरे इलाके की बारीकी से जांच की। धमकी के बाद DAV स्कूल और KVM स्कूल में छुट्टी कर दी गई। वहीं, ग्रीनलैंड स्कूल और गुरु नानक पब्लिक स्कूल में भी जांच की गई। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की मां ने रोते हुए VIDEO डाला, बोलीं- मैं पागल हो रही हूं मशहूर पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच अब नैन्सी की मां ने खुद अपनी बेटी की आईडी से एक भावुक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो ने पूरे मामले में यू-टर्न ला दिया, क्योंकि इसमें उन्होंने उन लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी है जिन पर उन्होंने पहले गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में नैन्सी की मां

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

Hindi News Lifestyle SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules 30 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है। इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है। इसलिए आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- इस सरकारी योजना का लाभ किसे मिल सकता है? इसमें हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है? एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है? जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है। इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है? जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं? जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000… इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है? जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं। सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है। ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)। निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है। निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है। समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है। नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है। सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है? जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। यह छूट केवल मूल निवेश राशि पर लागू होती है। स्कीम में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। सालाना ब्याज 50,000 रुपए से ज्यादा होने पर TDS कटता है। फॉर्म 15H/15G जमा करके TDS से राहत ली जा सकती है। टैक्स प्लानिंग के लिए SCSS उपयोगी है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान रखें। सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं? जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है। सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें? जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है। सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं? जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है। सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं? जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है। सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है? जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश

Assam ₹6900 Crore Scheme Launch

Assam ₹6900 Crore Scheme Launch

Hindi News National Assam ₹6900 Crore Scheme Launch | Amit Shah Promises Flood Free State In 5 Years 9 घंटे पहले कॉपी लिंक गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के लिए असम के दौरे पर पहुंचे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने देश की सीमाएं खुली छोड़ दी थीं, जिसकी वजह से असम में घुसपैठ बढ़ी। भाजपा सरकार ने इस समस्या से सख्ती से निपटा है। शाह ने असम के कछार जिले में जनसभा में कहा कि कांग्रेस के शासन में असम में कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ। आज राज्य में हर दिन 14 किलोमीटर सड़क बन रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। शाह दो दिन के लिए असम दौरे पर हैं। उन्होंने कछार के नाथनपुर गांव से ₹6,900 करोड़ रुपए की ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। इसके तहत देशभर के 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा। गृह मंत्री का शुक्रवार को एयरपोर्ट पर सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने स्वागत किया। अमित शाह के भाषण की 5 बड़ी बातें… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता सीमावर्ती गांवों का विकास है। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम उसी दिशा में उठाया गया कदम है। योजना के दूसरे चरण में ₹6,900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 15 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 1,954 गांव इसमें शामिल हैं। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे 334 ब्लॉकों का समग्र विकास किया जाएगा। योजना का उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों से पलायन रोकना और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से होने वाली घुसपैठ पर अंकुश लगाना है। पिछले 10 साल में भाजपा ने असम के विकास को नई दिशा दी है। अगले पांच साल में हम असम को बाढ़मुक्त राज्य बनाएंगे। असम पिछले 10 साल में स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बना है। CRPF के परेड में भी शामिल होंगे शाह नाथनपुर स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा चौकी का भी निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। वे शनिवार को गुवाहाटी के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में CRPF के वार्षिक दिवस परेड में शामिल होंगे। यह आयोजन पहली बार पूर्वोत्तर में हो रहा है। इसके अलावा वे सोनापुर के कसुतोली में 10वीं असम पुलिस बटालियन के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम के दौरे से पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राज्य का दौरा किया था। प्रिंयका गांधी भी असम दौरे पर हैं प्रियंका गांधी ने गुरुवार को असम के गुवाहाटी में मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की थीं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी दो दिन के असम दौरे पर है। प्रियंका शुक्रवार सुबह गुवाहाटी के पास सोनापुर पहुंचीं। यहां उन्होंने गायक जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका ने कहा कि असम के सीएम चुनाव से पहले डर गए हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्हें निजी आरोपों की बजाय राज्य के विकास पर बात करनी चाहिए। गौरव जी और उनके परिवार को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि यह गलत राजनीति है। पूरी खबर पढ़ें… असम में अप्रैल के पहले हफ्ते में वोटिंग संभव असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं। चुनाव आयोग इसका ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 126 सीटों के लिए एक या अधिकतम दो फेज में वोटिंग होने की संभावना है। कांग्रेस सहित राज्य की छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में इसकी मांग रखी है। पार्टियों ने चुनाव की तारीख बिहू त्योहार के आसपास रखने की अपील की है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग वोटिंग कर सके। पूरी खबर पढ़ें… ———– असम की राजनीति से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाजपा जॉइन करेंगे:22 फरवरी को सदस्यता, CM हिमंता ने मुलाकात की; बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर आखिरकार मुहर लग गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। पूरी खबर पढ़ें… कांग्रेस सांसद गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना:नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करें, जो भी भाजपा में गया, वह गैरजरूरी हुआ असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन करने जा रहे भूपेन कुमार बोरा पर कमेंट किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिमंता ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है। हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Current Affairs 16 February Modi Approves PM RAHAT Scheme Center Approves Twin Tube Tunnel Project in Assam

Current Affairs 16 February Modi Approves PM RAHAT Scheme Center Approves Twin Tube Tunnel Project in Assam

Hindi News Career Current Affairs 16 February Modi Approves PM RAHAT Scheme Center Approves Twin Tube Tunnel Project In Assam 5 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. AI इम्‍पैक्‍ट समिट 2026 आज से शुरू AI इम्‍पैक्‍ट इंडिया समिट 2026 का आयोजन आज 16 फरवरी से नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में हो रहा है। AI इम्‍पैक्‍ट समिट 2026 का मकसद हेल्‍थकेयर, एग्रीकल्‍चर और गवर्नेंस की दिशा में विकास लाना है। कम से कम 20 देशों के लीडर्स और यूनाइटेड नेशंस चीफ समिट में हिस्‍सा लेने भारत आ रहे हैं। समिट 16 फरवरी से 20 फरवरी तक 5 दिन चलेगा। AI इम्‍पैक्‍ट समिट 2026 चौथी सालाना ग्‍लोबल मीटिंग है जो AI से जुड़े रिस्‍क और मौकों पर फोकस्‍ड होगी। समिट में शामिल होने फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों, मॉरिशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्‍मद बिन जायद अल नाहयान समेत कई नेता भारत आ रहे हैं। ग्‍लोबल लीडर्स के अलावा 45 से ज्‍यादा देशों की मिन‍िस्‍टीरियल टीमें भी समिट में हिस्‍सा लेंगी। यूनाइटेड नेशंस के जनरल सेक्रेटरी एंटोनियो गुटेरेस के साथ दूसरे सीनियर अधिकारी भी समिट में हिस्‍सा ले सकते हैं। NVIDIA ने ई-मेल पर जानकारी दी है कि CEO जेनसेन हुआंग समिट में शामिल होने भारत नहीं आएंगे। 2. देश का पहला सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी सिस्‍टम लॉन्‍च 15 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह ने देश का पहला सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी CBDC आधारित सिस्‍टम लॉन्‍च किया। अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में CBDC सिस्‍टम लॉन्‍च किया। CBDC रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI द्वारा जारी डिजिटल मुद्रा है, जो भारतीय रुपये का डिजिटल रूप है। डिजिटल करेंसी नोट या सिक्कों की बजाय डिजिटल रूप में मौजूद होती है, और सीधे RBI के नियंत्रण में होती है। नए CBDC सिस्‍टम के तहत पात्र लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में डिजिटल टोकन आएंगे जिनमें अनाज का नाम, मात्रा और निर्धारित मूल्य होगा। स्मार्टफोन वाला व्यक्ति QR कोड स्कैन कर राशन ले सकेगा। फीचर फोन वाला व्यक्ति OTP से वैरिफिकेशन कर सकता है। राशन की सब्सिडी डायरेक्ट डिजिटल करेंसी के रूप में लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में जमा होगी। पहले चरण में अहमदाबाद, सूरत, आणंद और वलसड़ के लगभग 26,000 परिवार स्‍कीम में शामिल किए गए हैं। इस मौके पर गृहमंत्री ने ‘अन्नपूर्णी’ ग्रेन एटीएम का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। ये 35 सेकंड में 25 किलोग्राम तक अनाज डिस्‍पेंस कर सकती है। अमित शाह ने कहा कि नए सिस्‍टम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी, इससे बीच में कोई गड़बड़ी या चोरी खत्‍म होगी। 3. सड़क दुर्घटना के घायलों के लिए PM RAHAT स्‍कीम को मंजूरी 15 फरवरी को पीएम मोदी ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के इलाज के लिए PM RAHAT स्‍कीम को मंजूरी दी। PM RAHAT स्‍कीम का पूरा नाम रोड एक्‍सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड अश्‍योर्ड ट्रीटमेंट है। PM RAHAT स्‍कीम के तहत किसी भी तरह के रोड एक्‍सीडेंट में घायल हुए व्‍यक्ति को 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। घायल व्‍यक्ति एक्‍सीडेंट होने के 7 दिन तक कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा ले सकता है। गैर-जानलेवा मामलों में 24 घंटे तक एडमिशन और गंभीर, जानलेवा मामलों में 48 घंटे तक एडमिशन की सुविधा मिलेगी। ट्रीटमेंट का रीएम्‍बर्समेंट अस्‍पतालों को मोटर वेहिकल एक्‍सीडेंट फंड से दिया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों में से 50% की सही समय पर ट्रीटमेंट देकर जान बचाई जा सकती है। पीएम मोदी ने नए PMO कार्यालय सेवा तीर्थ से PM RAHAT स्‍कीम को मंजूरी दी। 4. अंडरवाटर रोड-कम-रेल प्रोजेक्‍ट को मंजूरी 15 फरवरी को केंद्र सरकार ने देश के पहले अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड कम रेल टनल प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी। अंडरवाटर ट्विन ट्यूब टनल असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनाया जाएगा। 37 किलोमीटर लंबे फोर-लेन ग्रीनफील्‍ड कनेक्टिविटी प्रोजेक्‍ट का 15.9 किमी हिस्‍सा नदी के नीचे होगा। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स यानी CCEA ने ट्विन ट्यूब टनल प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी है। अंडरवाटर टनल के निर्माण में 18,662 करोड़ का खर्च आएगा। अंडरवाटर टनल NH-15 पर गोहपुर और NH-715 पर नुमालीगढ़ को जोड़ेगा। टनल मौजूदा 240 किमी की दूरी को घटाकर 34 किमी और ट्रैवल टाइम 6 घंटे से घटाकर 20 मिनट कर देगा। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्‍ली, हरियाणा, महाराष्‍ट्र और कर्नाटक में 3 रेल प्रोजेक्‍टस को भी मंजूरी दी। रेलमंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने टनल का मॉडल दिखाया। नियुक्ति (APPOINTMENT) 5. उदय कोटक GIFT City के चेयरमैन नियुक्‍त हुए 13 फरवरी को गुजरात सरकार ने बैंकर उदय कोटक को GIFT City का चेयरमैन नियुक्‍त किया। उदय कोटक ने 13 फरवरी से ही गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिट कंपनी लिमिटेड यानी GIFT City के चेयरमैन का कार्यभार संभाला। उदय कोटक की नियुक्ति की घोषणा गुजरात के अर्बन डेवलेपमेंट एंड अर्बन हाउसिंग डिपार्टमेंट ने की। कोटक ने रिटायर्ड IAS डॉ हसमुख अधिया की जगह ली। डॉ हसमुख जून 2023 से GIFT City के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स के चेयरमैन का पद संभाल रहे थे। कोटक की नियुक्ति अगला आदेश जारी होने तक रहेगी, जबकि काम के टर्म एंड कंडीशंस बाद में जारी किए जाएंगे। GIFT City भारत का प्रमुख ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट है, जो 886 एकड़ में फैला हुआ है। बैंकिंग क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उदय कोटक को 2026 में पद्म भूषण से सम्‍मानित किया है। उदय कोटक, कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और पूर्व MD और CEO रहे हैं। आज का इतिहास 16 फरवरी 1922 में ब्रिटिश आर्कियोलॉजिस्ट हार्वर्ड कार्टर ने मिस्र में तूतेनखामेन का ताबूत खोला था। 1931 में महात्‍मा गांधी और लॉर्ड इरविन के बीच चर्चित गांधी-इरविन समझौता हुआ। 1944 में भारतीय सिनेमा के पिता कहे जाने वाले दादा साहेब फाल्‍के का निधन हुआ। —————- ये खबरें भी पढ़ें… रूस में वॉट्सऐप बैन, स्‍वदेशी ऐप चलाना होगा:हाइब्रिड मक्‍का उगाने वाले पहले किसान ‘लेंका’ का निधन, 14 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Money Double Scheme; Kisan Vikas Patra Eligibility

Money Double Scheme; Kisan Vikas Patra Eligibility

Hindi News Lifestyle Money Double Scheme; Kisan Vikas Patra Eligibility | KVP Interest Rate Return 7 दिन पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक निवेश करते समय हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी रकम सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ये बेहद मुश्किल होता है। हालांकि, सुरक्षित और तय रिटर्न वाली एक ऐसी ही सरकारी स्मॉल सेविंग स्कीम है, किसान विकास पत्र (KVP)। यह कम रिस्क वाला निवेश विकल्प है, जिसमें निवेश की गई राशि तय अवधि में लगभग दोगुनी हो जाती है। नाम से यह किसानों के लिए बनाई गई योजना लगती है, लेकिन इसमें कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। सरकारी होने के कारण यह सुरक्षित भी है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे किसान विकास पत्र योजना क्या है। साथ ही जानेंगे कि- इसमें कौन निवेश कर सकता है? इसमें कितना रिटर्न मिलता है? कितने दिन में पैसा डबल हो जाता है? सवाल- किसान विकास पत्र योजना क्या है? जवाब- किसान विकास पत्र (KVP) भारत सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसे वर्ष 1988 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य सुरक्षित और लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) की बचत को बढ़ावा देना है। इस योजना में निवेश की गई राशि निश्चित टाइम लिमिट में दोगुनी हो जाती है। वर्तमान में KVP की मैच्योरिटी अवधि 115 महीने (करीब 9 साल 7 महीने) है। यह अवधि ब्याज दर के अनुसार समय-समय पर बदल सकती है। इसमें निवेश की न्यूनतम राशि 1,000 रुपए है और इसकी कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। सवाल- किसान विकास पत्र के लिए KYC से जुड़े नियम क्या हैं? जवाब- सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए किसान विकास पत्र योजना में KYC से जुड़े नियम सख्त रखे हैं- 50,000 रुपए से अधिक निवेश पर PAN जरूरी है। 10 लाख रुपए से अधिक निवेश पर आय का प्रमाण जरूरी है। आधार नंबर से पहचान का सत्यापन किया जाता है। सवाल- किसान विकास पत्र में ब्याज दर और रिटर्न कैसे तय होता है? जवाब- KVP पर ब्याज दर सरकार हर तिमाही में तय करती है। साल 2024-25 के अनुसार इस पर लगभग 7.5% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिल रहा है। चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है कि हर साल मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उसी पर ब्याज मिलता है। इसी वजह से तय समय पूरा होने पर निवेश राशि दोगुनी हो जाती है। सवाल- किसान विकास पत्र योजना में कौन निवेश कर सकता है? जवाब- KVP योजना के लाभ के लिए कुछ पात्रताएं पूरी करनी जरूरी होती हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- किसान विकास पत्र में किसे निवेश करना चाहिए? जवाब- यह योजना खासतौर पर उन निवेशकों के लिए बेहतर मानी जाती है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और स्थिर रिटर्न चाहते हैं। यह निवेश विकल्प इन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है- जो लोग सुरक्षित निवेश चाहते हैं। जो निवेशक लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) में मुनाफा चाहते हैं। जो फिक्स रिटर्न पसंद करते हैं। जो बाजार के जोखिम से बचना चाहते हैं। जो अपनी अतिरिक्त बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं। सवाल- किसान विकास पत्र (KVP) के फायदे और विशेषताएं क्या हैं? जवाब- किसान विकास पत्र के कई सारे फायदे हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- क्या किसान विकास पत्र को ट्रांसफर किया जा सकता है? जवाब- हां, KVP को कुछ शर्तों के तहत ट्रांसफर किया जा सकता है। निवेशक अपने KVP को- एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकता है। एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रांसफर कर सकता है। हालांकि ट्रांसफर के लिए निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है और डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन जरूरी होता है। सवाल- क्या किसान विकास पत्र में समय से पहले पैसा निकाला जा सकता है? जवाब- KVP में एक लॉक-इन अवधि होती है। निवेश के कम-से-कम 30 महीने बाद ही आंशिक या पूर्ण निकासी की अनुमति मिलती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में समय से पहले निकासी की अनुमति दी जा सकती है, जैसे- निवेशक की मृत्यु अदालत के आदेश पर संयुक्त खाते के किसी सदस्य की मृत्यु सवाल- किसान विकास पत्र पर टैक्स नियम क्या हैं? जवाब- KVP में टैक्स से जुड़े नियम निवेश से पहले समझना जरूरी है। धारा 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती है। इसमें मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। हर साल ब्याज पर 10% TDS काटा जाता है। ब्याज निवेशक की आय में जोड़ा जाता है। हालांकि इसकी मैच्योरिटी पर TDS नहीं काटा जाता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स योजना बनाना जरूरी है। सवाल- किसान विकास पत्र में निवेश करने की प्रक्रिया क्या है? जवाब- इसके लिए कुछ स्टेप्स हैं। आइए इसे एक-एक करके समझते हैं। ग्राफिक में देखिए- विस्तार से समझें- सबसे पहले आवेदन फॉर्म (Form A) लें और उसमें आवश्यक जानकारी भरें। फॉर्म भरकर डाकघर या बैंक में जमा करें। अगर निवेश एजेंट के जरिए हो रहा है तो एजेंट को Form A1 भरना होगा। ये फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध है। KYC प्रक्रिया जरूरी है, जिसके लिए पहचान और पते का प्रमाण जमा करना होगा। दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद भुगतान करना होगा। भुगतान नकद, चेक, पे ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट से किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने पर तुरंत KVP सर्टिफिकेट मिल जाएगा। अगर भुगतान चेक या ड्राफ्ट से है तो सर्टिफिकेट बाद में मिलेगा। इसे संभालकर रखना जरूरी है, क्योंकि मैच्योरिटी पर इसकी जरूरत पड़ेगी। चाहें तो ईमेल से सर्टिफिकेट मंगाने का विकल्प भी है। सवाल- किसान विकास पत्र और फिक्स डिपॉजिट (FD) में क्या अंतर है? जवाब- किसान विकास पत्र (KVP) और बैंक फिक्स डिपॉजिट (FD), दोनों सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाते हैं, लेकिन इनके नियम और लाभ अलग होते हैं। KVP एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें तय अवधि पूरी होने पर निवेश की गई राशि लगभग दोगुनी हो जाती है। इसमें निवेश अवधि लंबी होती है और टैक्स छूट नहीं मिलती है। वहीं FD बैंक द्वारा दी जाने वाली निवेश सुविधा है, जिसमें आमतौर पर एक निश्चित अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा की जाती है और ब्याज दर बैंक तय करता है। FD में टैक्स सेविंग FD का विकल्प भी मिलता है, जबकि KVP में