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Amitabh Bachchan Admitted To Nanawati hospital in mumbai, report, source said- its a routine checkup

Amitabh Bachchan Admitted To Nanawati hospital in mumbai, report, source said- its a routine checkup

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी तबीयत बहुत खराब है- डायरेक्टर विवेक शर्मा दैनिक भास्कर ने खबर की पुष्टि करने के लिए डायरेक्टर विवेक शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने कहा, ‘उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैंने दो हफ्ते पहले उनसे समय मांगा था मिलने का, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी इजाजत नहीं है। तो कन्फर्म हो गया था कि या तो वो हॉस्पिटल में हैं या डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। मुझे लगता है कि उनकी तबीयत काफी खराब है।’ इसके अलावा दैनिक भास्कर से बातचीत में परिवार के करीबी सूत्र का कहना है कि अमिताभ बच्चन को रूटीन चेकअप के चलते भर्ती करवाया गया है। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। एक नजर अमिताभ बच्चन की जिंदगी पर- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Amitabh Bachchan Admitted To Nanawati hospital in mumbai, report, source said- its a routine checkup

Amitabh Bachchan Admitted To Nanawati hospital in mumbai, report, source said- its a routine checkup

5 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी तबीयत बहुत खराब है- डायरेक्टर विवेक शर्मा दैनिक भास्कर ने खबर की पुष्टि करने के लिए डायरेक्टर विवेक शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने कहा, ‘उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैंने दो हफ्ते पहले उनसे समय मांगा था मिलने का, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी इजाजत नहीं है। तो कन्फर्म हो गया था कि या तो वो हॉस्पिटल में हैं या डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। मुझे लगता है कि उनकी तबीयत काफी खराब है।’ इसके अलावा दैनिक भास्कर से बातचीत में परिवार के करीबी सूत्र का कहना है कि अमिताभ बच्चन को रूटीन चेकअप के चलते भर्ती करवाया गया है। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। एक नजर अमिताभ बच्चन की जिंदगी पर- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔