AAP MP Raghav Chadha Statement; Rajya Sabha Post Removal

AAP नेताओं के सवाल उठाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने दूसरा वीडियो जारी किया। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने AAP के आरोपों का जवाब देते हुए दूसरा वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। एक ही भाषा, एक ही शब्द और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। य . शुरुआत में मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए, लेकिन फिर लगा कि अगर किसी झूठ को 100 बार दोहराया जाए तो कुछ लोग उसे सच मान सकते हैं। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया। आम आदमी पार्टी ने मुझ पर तीन आरोप लगाए और कहा कि इनकी वजह से मुझे संसद में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं जाता, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाता हूं। वीडियो के लास्ट में उन्होंने धुरंधर फिल्म का डायलॉग- घायल हूं, इसलिए घातक हूं कहते हुए चेतावनी दी। उधर, इससे पहले पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने राघव चड्ढा को कंप्रोमाइज्ड और धोखेबाज कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कहने पर भी राघव ने राज्यसभा में एक भी पंजाब का मुद्दा नहीं उठाया। वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने कहा था कि वह मोदी के डार के कारण लंदन चले गए थे। AAP के आरोपों पर राघव चड्ढा ने ये बातें कहीं… मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चल रहा: राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई को-इंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए। फिर लगा कि एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए, मैंने सोचा कि जवाब दूं। AAP ने मेरी 3 गलतियां बताई: आम आदमी पार्टी ने 3 आरोप लगाते हुए कहा कि हम इन 3 वजहों से राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं। राघव चड्ढा के पार्लियामेंट में बोलने पर पाबंदी इसलिए लगाई गई, क्योंकि उन्होंने ये 3 गलतियां कीं। मैं एक-एक कर इन तीनों पर आपसे बात करना चहता हूं। पहली गलती वॉकआउट नहीं कहते: पहला आरोप कि जब अपोजिशन पार्लियामेंट से वॉक आउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। वह वॉकआउट नहीं कहते। यह सरासर झूठ है। सफेद झूठ है। मैं चुनौती देता हूं कि एक भी दिन, एक भी इंसिडेंट ऐसा बता दीजिए, जब मैंने अपोजिशन का साथ न दिया हो। मैंने साथ में वॉकआउट न किया हो। पार्लियामेंट में तो सभी जगह सीसीटीवी कैमरे हैं। आप सीसीटीवी निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दूसरा आरोप भी सफेद झूठ है: दूसरा आरोप है कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाली याचिका पर साइन करने से इनकार कर दिया। दूसरा सफेद झूठ। न तो मुझे आम आदमी पार्टी के किसी नेता ने साइन के लिए कहा। न औपचारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक तौर पर। राज्यसभा में आम आदमी पार्ट के कुल 10 सांसद हैं। उनमें से 6 से 7 सांसदों ने खुद ही उस मोशन पर साइन नहीं किया। तो भला इसमें मेरी क्या गलती है? खाली सारा दोष मुझपर ही क्यों मढ़ा जा रहा है? और इस मोशन के लिए राज्यसभा में केवल 50 सिग्नेचर ही चाहिए होते हैं। यानी 105 सांसदों में से केवल 50 सांसदों के सिग्नेचर से यह याचिका पूरी हो जाती। तो इतना शोर क्यों? तीसरा आरोप- डर गया, इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते: तीसरा आरोप, जो मुझपर लगाया गया है, वह यह था कि राघव चड्ढा डर गए हैं। इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते हैं। पहली बात मैं बता देना चाहता हूं कि मैं पार्लियामेंट में शोर मचाने, चीखने-चिल्लाने, गाली देने, माइक तोड़ने नहीं गया। मैं वहां जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। लोगों की बात करने गया हूं। और मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया। मैंने जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा तक का मुद्दा उठाया। कैसे हमारे सरकारी स्कूलों से लेकर हेल्थ इंस्टीट्यूशन को मजबूत किया जाए? इंडियन रेलवे में कैसे पैसेंजर ट्रैवल करते हैं, उनकी समस्या रखी। यहां तक कि मेन्स्ट्रुअल हेल्थ, एक ऐसा मुद्दा जिसपर लोग बात करने से भी कतराते हैं, वह तक रखी। मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए: बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम मुद्दे उठाए। आप मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए। मैं पार्लियामेंट में इंपैक्ट डालने गया हूं, रकस (हंगामा) पैदा करने नहीं गया हूं। जिस टैक्सपेयर के पैसे से यह पार्लियामेंट चलती है, उस टैक्सपेयर के मुद्दे उठाने मैं पार्लियामेंट गया हूं। अंत में मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, इनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। उनके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं। जय हिंद चीमा ने राघव को लेकर ये बातें कहीं… पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया: वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया, लेकिन उन्होंने पंजाब का एक भी मुद्दा राज्य सभा में नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वो पंजाब के मुद्दों को उठाने से गुरेज करते रहे। पार्टी ने मुद्दे उठाने के लिए कहा था: उन्होंने कहा कि राज्य के एमएलए व आम आदमी पार्टी पंजाब ने उन्हें कहा था कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आरडीएफ के 8500 करोड़ रुपए रोके हैं। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से पंजाब को 60 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं जीएसटी 2 आने से राज्य को हर साल 5-6 हजार करोड़ का हर साल नुकसान हो रहा है। बाढ़ के वक्त भी नजर नहीं आए राघव: उन्होंने कहा कि उनसे अपील की गई थी कि इन मुद्दों को राज्य सभा में उठाया जाए। लेकिन एक भी मुद्दा उन्होंने नहीं उठाया। यही नहीं पंजाब में जब बाढ़ आई तो भारी नुकसान हुआ। राघव चड्ढा पंजाब के लोगों के साथ नहीं दिखे।
ट्रम्प बोले-फ्रांसीसी राष्ट्रपति पत्नी के थप्पड़ से उबर रहे:वाइफ का उनसे बर्ताव खराब; मैक्रों का जवाब- अमेरिकी राष्ट्रपति गंभीर हो जाएं

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर उनकी पत्नी को लेकर तंज कसा है। ट्रम्प ने कहा कि मैक्रों अब भी जबड़े पर पड़े थप्पड़ से उबर रहे हैं। उनकी पत्नी उनके साथ बहुत खराब व्यवहार करती हैं। ट्रम्प ने मैक्रों पर यह टिप्पणी बुधवार को एक प्राइवेट लंच के दौरान की। ट्रम्प का यह वीडियो कुछ समय के लिए व्हाइट हाउस के यूट्यूब चैनल पर दिखा, लेकिन बाद में हटा दिया गया। मैक्रों पिछले साल 25 मई को वियतनाम दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान हनोई के नोई बाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी पत्नी उन्हें थप्पड़ मारती दिखी थीं। ट्रम्प ने यह टिप्पणी उसी घटना को जोड़कर की थी। हालांकि, मैक्रों ने उस वीडियो को लेकर सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया ने गलत अंदाजा लगाया था। ट्रम्प के मजाक उड़ाने का वीडियो देखिए मैक्रों का जवाब- ट्रम्प को गंभीर होने की जरूरत ट्रम्प के मजाक के कुछ घंटों बाद मैक्रों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हमें गंभीर रहना चाहिए। एक दिन कुछ और, अगले दिन कुछ और नहीं कहना चाहिए। बेहतर है कि हर दिन बयान देने के बजाय हालात को शांत करें और स्थायी शांति पर ध्यान दें।” ईरान जंग में साथ न देने से ट्रम्प नाराज ट्रम्प फ्रांस से ईरान के खिलाफ जंग में साथ न देने को लेकर नाराज चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लंच के दौरान कहा कि उन्होंने मैक्रों से खाड़ी क्षेत्र में मदद मांगी थी और जहाज भेजने को कहा था। ट्रम्प ने मैक्रों के जवाब की नकल करते हुए कहा कि उन्होंने मना कर दिया और कहा, “नहीं, हम ऐसा नहीं कर सकते, डोनाल्ड। हम यह काम युद्ध जीतने के बाद करेंगे।” इस पर ट्रम्प ने जवाब दिया, “मुझे बाद में मदद नहीं चाहिए।” ट्रम्प ने फिर से NATO को कमजोर संगठन कहा ट्रम्प ने इस मौके पर NATO की भी आलोचना की और उसे “पेपर टाइगर” यानी कमजोर संगठन बताया। उन्होंने कहा कि अगर बड़ा युद्ध हुआ तो NATO काम नहीं आएगा। ट्रम्प NATO देशों से नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी और समुद्री मदद देने से भी पीछे हट गए। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि वह अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने पर भी विचार कर रहे हैं और इस गठबंधन को कमजोर बताया। मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट के बारे में जानिए… मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं उनकी पत्नी ब्रिगिट साल 1992 में जब इमैनुएल मैक्रों 15 साल के थे, उनकी मुलाकात ब्रिगिट ट्रोन्यू से हुई थी। ब्रिगिट तब 39 साल की थीं और उत्तरी फ्रांस के अमिएंस में ला प्रोविडेंस हाई स्कूल में फ्रेंच और ड्रामा की टीचर थीं। इमैनुएल उस स्कूल में पढ़ते थे। ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ दिखाई देते थे। ऐसे में कई लोग दोनों को गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समझते थे। लेकिन मैक्रों को उनकी क्लासमेट नहीं बल्कि उसकी टीचर मां पसंद थीं। इमैनुएल स्कूल के ड्रामा क्लब में शामिल हुए, जहां ब्रिगिट ड्रामा सिखाती थीं। दोनों ने एक साथ एक नाटक पर काम किया, जिसमें इमैनुएल ने स्क्रिप्ट लिखने में मदद की। यहीं से उनकी नजदीकी शुरू हुई। पिता ने स्कूल छुड़वाया, फिर भी प्यार बरकरार रहा इमैनुएल ने बाद में बताया कि उन्हें तब ही ब्रिगिट से प्यार हो गया था। इमैनुएल और ब्रिगिट के बीच बढ़ती नजदीकी की चर्चा स्कूल में हो गई। इमैनुएल के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। उन्होंने इमैनुएल को पेरिस भेज दिया, ताकि वह ब्रिगिट से दूर रहें। उन्होंने ब्रिगिट को धमकी भी दी कि जब तक उनका बेटा बालिग नहीं हो जाता, तब तक वह उनसे दूर रहे। मैक्रों ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उसी समय मैंने ठान लिया था कि मुझे सफल होना है। मैं अपने माता-पिता को साबित करना चाहता था कि मैंने अपनी टीचर से प्यार करके कोई गलती नहीं की थी। पेरिस में पढ़ाई के दौरान इमैनुएल ने ब्रिगिट से संपर्क बनाए रखा। उन्होंने पत्र लिखे और फोन पर बात की। इमैनुएल ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा- मैंने ब्रिगिट से कहा था कि मैं किसी भी हाल में उनसे शादी करूंगा। मैक्रों से मुलाकात के 14 साल बाद पति को तलाक दिया ब्रिगिट के पति एक बैंकर आंद्रे-लुई औजिए थे। ब्रिगिट ने 2006 में अपने पति से तलाक ले लिया। इसके एक साल बाद 2007 में दोनों ने फ्रांस के तटीय शहर ले टौके में शादी की। उस वक्त इमैनुएल की उम्र 29 साल और ब्रिगिट 54 की थीं। इमैनुएल ने अपने शादी के भाषण में ब्रिगिट के बच्चों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें स्वीकार किया। इमैनुएल ने कभी अपने बच्चों की इच्छा नहीं जताई और वह ब्रिगिट के बच्चों और उनके पोते-पोतियों के साथ पारिवारिक जीवन जीते हैं। शादी के बाद, ब्रिगिट ने इमैनुएल के करियर में अहम भूमिका निभाई। वह उनकी सलाहकार रही हैं और उनके राजनीतिक अभियानों में सक्रिय रहीं। ब्रिगिट ने अपनी टीचिंग जॉब छोड़ दी और फ्रांस की प्रथम महिला के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ————————————– ब्रिगिट मैक्रों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में राष्ट्रपति की पत्नी के पुरुष होने की अफवाह:2 महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस, कहा था- जेंडर बदलकर शादी की फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने दो महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है। इन महिलाओं ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि ब्रिगिट मैक्रों महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं। इनका कहना था कि ब्रिगिट का असली नाम ज्यां-मिशेल ग्रोग्रेन्क्स था। हालांकि यह नाम ब्रिगिट के भाई का है। जीन-मिशेल और ब्रिगिट की शक्ल आपस में काफी हद तक मिलती है। इसके बाद प्रथम महिला ने इनके खिलाफ पेरिस की एक अदालत में केस किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हरियाणा में भोजपुरी सिंगर पवन सिंह-अंजलि राघव की पेशी आज:राज्य महिला आयोग बयान दर्ज करेगा; स्टेज पर एक्ट्रेस की कमर छुई थी

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने के मामले में राज्य महिला आयोग ने आज (2 मार्च) भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह को फरीदाबाद में पेश होने के लिए बुलाया है। पवन सिंह के साथ अंजलि भी आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी। अंजलि ने आयोग को ई-मेल के जरिए पवन सिंह की शिकायत की थी, जिसमें कुछ सबूत भी भेजे गए थे। इसके बाद 24 मार्च को पवन सिंह को नोटिस भेजा गया था। अंजलि ने कहा था- लखनऊ में शो के दौरान पवन सिंह ने गलत तरीके से उनकी कमर छुई थी। यह अनुचित व्यवहार था। बाद में बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट और झूठा प्रचार किया गया। हरियाणा महिला आयोग ने इससे पहले सिंगर बादशाह को भी समन भेजकर पेश होने के लिए कहा था। बादशाह के पेश न होने पर आयोग ने उनके खिलाफ FIR तक कराने के आदेश दिए थे। अब पढ़िए…मामले पर क्या बोलीं आयोग अध्यक्ष पढ़िए…अंजलि ने शिकायत में क्या कहा था अपमानजक पोस्ट हटवाई जाए: अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा था- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। अंजलि ने आगे लिखा था कि मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। पीआर टीम ने धमकी दी: अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। हालांकि पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे और बदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाह भी फैलाई गई। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: शिकायत में आगे लिखा था- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। ————- यह खबर भी पढ़ें… अंजलि की कमर छूने पर हरियाणा महिला आयोग सख्त: चेयरपर्सन बोलीं- हरियाणवी एक्ट्रेस-पवन सिंह को फरीदाबाद बुलाएंगे; नोटिस भेजने की तैयारी हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह द्वारा कमर छूने पर महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। अंजलि ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत कर ई-मेल के जरिये सबूत भेजे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों को फरीदाबाद बुलाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
Nishikant Dubey Apology | Biju Patnaik Statement Controversy

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।’ उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है। दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे। सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट। PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया। दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’ BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था। निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। निधन के बाद 1997 में उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। ——————————————— ये खबर भी पढें… नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nishikant Dubey Apology | Biju Patnaik Statement Controversy

नई दिल्ली40 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।’ उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है। दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे। सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट। PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया। दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’ BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था। निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 17 अप्रैल 1997 को उनके निधन के बाद उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। ——————————————— ये खबर भी पढें… नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Vaibhav Suryas Debut Century & 2-3k Runs Statement in IPL 2026

IPL 2026 में आज तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। यह मैच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में 7:30 बजे से शुरू होगा। . आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जिन्होंने पिछले सीजन में अपने पहले ही मैच में रिकार्ड बनाए थे। वैभव ने बेहद कम उम्र में IPL डेब्यू कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। उनका निडर अंदाज और बड़े शॉट्स खेलने की काबिलियत उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। IPL में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर रचा इतिहास वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था। 1.10 करोड़ में खरीदे गए, टीम ने किया रिटेन पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। ‘2-3 हजार रन बना दूंगा’ वाले जवाब से छाए अब एक बार फिर से राजस्थान को वैभव से काफी उम्मीदें हैं। बीसीसीआई ने नमन अवॉर्ड्स में वैभव ने अपने गोल के बारे में भी बताते हुए कहा कि यही कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं। अगर मैं टीम के लिए ट्रॉफी जीतूंगा तो मेरी फ्रेंचाइजी को फायदा होगा और मेरा भी परफॉर्मेंस निखरेगा। बीते दिनों जब IPL को लेकर एक रिपोर्टर ने वैभव से पूछा था कि आईपीएल 2026 में आपका लक्ष्य क्या है, कितना रन बनाना चाहते हैं और क्या औरेंज कैप जीतना चाहते हैं? इसके जवाब में वैभव ने कहा, “ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं दो-तीन हजार रन बोल दूंगा।” वैभव का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। वैभव बोले- टीम के लिए ट्रॉफी जीतना चाहता हूं वैभव ने आगे कहा, “मैंने रनों का कोई खास टारगेट नहीं रखा है। मैं खेल की प्रॉसिस का पालन कर रहा हूं और टीम के लिए ट्रॉफी जीतना चाहता हूं। हम पर्सनल गोल पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हमारा टारगेट बस इस सीजन में बेहतर प्रदर्शन करना है।”
Vaibhav Suryas Debut Century & 2-3k Runs Statement in IPL 2026

पटना43 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में आज तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। यह मैच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में 7:30 बजे से शुरू होगा। आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जिन्होंने पिछले सीजन में अपने पहले ही मैच में रिकार्ड बनाए थे। वैभव ने बेहद कम उम्र में IPL डेब्यू कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। उनका निडर अंदाज और बड़े शॉट्स खेलने की काबिलियत उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। IPL में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर रचा इतिहास वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था। 1.10 करोड़ में खरीदे गए, टीम ने किया रिटेन पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। ‘2-3 हजार रन बना दूंगा’ वाले जवाब से छाए अब एक बार फिर से राजस्थान को वैभव से काफी उम्मीदें हैं। बीसीसीआई ने नमन अवॉर्ड्स में वैभव ने अपने गोल के बारे में भी बताते हुए कहा कि यही कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं। अगर मैं टीम के लिए ट्रॉफी जीतूंगा तो मेरी फ्रेंचाइजी को फायदा होगा और मेरा भी परफॉर्मेंस निखरेगा। बीते दिनों जब IPL को लेकर एक रिपोर्टर ने वैभव से पूछा था कि आईपीएल 2026 में आपका लक्ष्य क्या है, कितना रन बनाना चाहते हैं और क्या औरेंज कैप जीतना चाहते हैं? इसके जवाब में वैभव ने कहा, “ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं दो-तीन हजार रन बोल दूंगा।” वैभव का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। वैभव बोले- टीम के लिए ट्रॉफी जीतना चाहता हूं वैभव ने आगे कहा, “मैंने रनों का कोई खास टारगेट नहीं रखा है। मैं खेल की प्रॉसिस का पालन कर रहा हूं और टीम के लिए ट्रॉफी जीतना चाहता हूं। हम पर्सनल गोल पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हमारा टारगेट बस इस सीजन में बेहतर प्रदर्शन करना है।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PAN-Based CAS Statement Explained; Mutual Funds

6 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक आजकल ज्यादातर निवेशक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या एप के जरिए SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करते हैं। निवेशक कुछ SIP जारी रखते हैं, कुछ बीच में ही बंद कर देते हैं, जबकि समय बीतने पर कुछ फंड्स के तो नाम तक भूल जाते हैं। इसके बाद जब टैक्स फाइलिंग या फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत होती है, तब इन्वेस्टमेंट डॉक्यूमेंट्स, लॉगिन आईडी और स्टेटमेंट ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसी कंडीशंस के लिए PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) एक आसान तरीका है। इसके जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड्स के सभी निवेश एक ही जगह देख सकते हैं। इससे निवेश की ट्रैकिंग आसान होती है, ओवरलैप का जोखिम भी नहीं होता है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में हम ‘PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- कैसे इसका इस्तेमाल करें? इसके जरिए क्या-क्या जानकारी मिल सकती है? सवाल- क्या वाकई सिर्फ PAN से सारी SIP की जानकारी मिल सकती है? जवाब- हां, निवेशक PAN नंबर के जरिए SEBI-रजिस्टर्ड RTA (रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट) प्लेटफॉर्म से अपने म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी एक जगह देख सकते हैं। ये एजेंसियां फंड हाउस के निवेश रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से मेंटेन करती हैं। PAN आधारित CAS में निवेशक को म्यूचुअल फंड्स से जुड़ी सारी जानकारी मिलती है। यह सुविधा निवेश की पारदर्शिता बढ़ाती है और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बिखरे निवेश को व्यवस्थित तरीके से समझने में मदद करती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- PAN कार्ड के जरिए SIP और म्यूचुअल फंड की सारी जानकारी पाने का सही तरीका क्या है? जवाब- आप CAMS या KFintech जैसी ऑफिशियल RTA की वेबसाइट पर जाकर अपना PAN नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल/मोबाइल नंबर डालकर सभी म्यूचुअल फंड SIP की जानकारी पा सकते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- यह स्टेटमेंट किन इन्वेस्टमेंट्स और SIP को कवर करता है? जवाब- PAN बेस्ड CAS स्टेटमेंट में सभी एक्टिव और बंद SIP देखी जा सकती हैं। आइए इसे पॉइंटर्स में देखिए- ‘इक्विटी’ म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश। ‘डेट’ म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश। ‘ELSS’ (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम) फंड में किया गया निवेश। ‘हाइब्रिड’ फंड में किया गया निवेश। ‘लिक्विड’ फंड में किया गया निवेश। ‘गोल्ड’ में किया गया निवेश। ‘लंप-सम’ (एकमुश्त) निवेश। यह निवेशक को अपने पूरे पोर्टफोलियो का ओवरऑल व्यू देता है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कुल निवेश किस एसेट क्लास में ज्यादा है और कहां बैलेंस बनाने की जरूरत है। यह जानकारी लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है। सवाल- क्या CAS स्टेटमेंट ओवरलैप और डुप्लीकेट SIP से बचा सकता है? जवाब- PAN नंबर के जरिए अपनी SIPs की जानकारी देखकर ओवरलैप और डुप्लीकेट निवेश से बच सकते हैं। अक्सर निवेशक अलग-अलग एप्स से SIP करते हैं और फिर भूल जाते हैं कि उनका पैसा कहां लगा है। इससे कई बार एक ही कैटेगरी के कई फंड्स में निवेश हो जाता है, जिन्हें डुप्लीकेट फंड्स कहते हैं। बहुत ज्यादा फंड्स रखने से रिटर्न कमजोर हो सकता है और पोर्टफोलियो मैनेज करना भी मुश्किल हो सकता है। PAN बेस्ड रिपोर्ट निवेशक को यह समझने में मदद करती है कि किन फंड्स को बनाए रखना है और किन्हें मर्ज या बंद करना बेहतर है। सवाल- टैक्स फाइलिंग और प्लानिंग में यह रिपोर्ट कैसे मददगार है? जवाब- CAS स्टेटमेंट निवेशक को कैपिटल गेन, ELSS डिडक्शन और कुल निवेश की स्पष्ट जानकारी देता है। इससे टैक्स फाइलिंग के दौरान सही आंकड़े दर्ज करना आसान हो जाता है और गलती की आशंका कम हो जाती है। निवेशक यह भी देख सकते हैं कि किस निवेश पर लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म टैक्स लागू होगा। इसके अलावा यह रिपोर्ट फाइनेंशियल गोल्स जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने की योजना बनाने में भी मदद करती है। इसके सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या CAS स्टेटमेंट सर्विस पूरी तरह सुरक्षित है? जवाब- हां, PAN बेस्ड SIP स्टेटमेंट सर्विस SEBI-रजिस्टर्ड एजेंसियां ही देती हैं। इसलिए यह विश्वसनीय है। डेटा ट्रांसमिशन एन्क्रिप्टेड (वॉट्सएप चैट की तरह) होता है और OTP बेस्ड वेरिफिकेशन के बाद ही स्टेटमेंट जारी किया जाता है। रिपोर्ट केवल रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भेजी जाती है, जिससे अनऑफिशियल एक्सेस का जोखिम नहीं होता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने PAN, ईमेल और मोबाइल की जानकारी अपडेट रखें और स्टेटमेंट केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। इससे साइबर फ्रॉड का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या मोबाइल पर भी यह स्टेटमेंट देख सकते हैं? जवाब- हां, CAMS और KFintech जैसी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली हैं। मेल पर आई स्टेटमेंट (PDF फाइल) को स्मार्टफोन में आसानी से खोला जा सकता है। निवेशक इसे सेव, शेयर या प्रिंट भी कर सकते हैं। कुछ फंड हाउस RTA एप्स के जरिए भी पोर्टफोलियो ट्रैकिंग की सुविधा देते हैं। मोबाइल पर स्टेटमेंट मिलने से निवेश की रेगुलर रिव्यू करना आसान हो जाता है। निवेशक जरूरत के अनुसार समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं। सवाल- क्या PAN बेस्ड रिपोर्ट से इन्वेस्ट स्ट्रेटजी बनाने में मदद मिलती है? जवाब- हां, पूरे पोर्टफोलियो को एक साथ देखकर एसेट एलोकेशन और रिस्क प्रोफाइल समझने में आसानी होती है। इससे यह तय करना आसान होता है कि इक्विटी, डेट या गोल्ड में निवेश का अनुपात सही है या नहीं। PAN रिपोर्ट लॉन्ग टर्म में ‘इन्वेस्टमेंट डिसिप्लिन’ को मजबूत करती है और इमोशनल डिसीजन को कम करने में मदद करती है। रेगुलर रिव्यू से निवेशक खराब परफॉर्मेंस वाले फंड्स को समय रहते बदल सकते हैं और बेहतर अवसरों का फायदा उठा सकते हैं। सवाल- अगर कोई SIP भूल गए हैं या बंद करना चाहते हैं तो क्या करें? जवाब- CAS स्टेटमेंट में इनएक्टिव या लो परफॉर्मेंस वाली SIP का पता चल जाता है। निवेशक उसे बंद या मॉडिफाई कर सकते हैं। हालांकि, SIP बंद करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसके लिए आपको कोई चार्ज तो नहीं देना पड़ेगा, टैक्स कितना लगेगा और आपके फाइनेंशियल गोल्स पर क्या असर होगा। कुछ मामलों में SIP को पूरी तरह बंद करने की बजाय उसकी रकम कम करना या पैसा किसी बेहतर फंड में डालना ज्यादा सही फैसला है। ऐसा
बोमन ईरानी ने डोनाल्ड ट्रम्प से मांगा गैस सिलेडर:ईरानियों से बातचीत बयान पर कसा तंज, कहा- मैं तैयार हूं

एक्टर बोमन ईरानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरानियों से बात वाले बयान पर मजाकिया अंदाज में रिएक्ट किया और यहां तक कि उन्होंने ट्रम्प से गैस सिलेंडर लाने को भी कहा। बोमन ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यह बात वायरल हो रही है कि मिस्टर डोनाल्ड ट्रम्प ईरानियों से बात करना चाहते हैं और तीन लोगों को बुलाया गया है,स्मृति ईरानी, अरुणा ईरानी और मैं यानी बोमन ईरानी। मैं तैयार हूं। हम शांति के लिए कुछ भी कर सकते हैं।” बोमन ने आगे कहा, “मेरी सिर्फ एक शर्त है कि मैं वॉशिंगटन नहीं जाऊंगा। उनकी टीम यहां मुंबई के दादर पारसी कॉलोनी आए। हम उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाएंगे, धानसक और कस्टर्ड खिलाएंगे और अगर ट्रम्प गैस सिलेंडर भी ले आएं, तो मुझे लगता है कि सबके लिए जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी।” वेस्ट एशिया में तनाव जारी वेस्ट एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और जल्द समाधान हो सकता है, लेकिन पेंटागन 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में है। 22 मार्च को ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के अराद और डिमोना शहरों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इन हमलों में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव दल पूरी रात घायलों की मदद और मलबा हटाने में जुटे रहे। अस्पतालों में कई लोगों का इलाज किया गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई।
ध्रुव राठी पर भड़के धुरंधर एक्टर:नवीन कौशिक बोले- फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ, सिर्फ फ्लो एन्जॉय करो

यूट्यूबर ध्रुव राठी के धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताए जाने पर एक्टर नवीन कौशिक नाराज हो गए हैं। धुरंधर 1 में ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले एक्टर नवीन कौशिक ने कहा है कि, जिंदगी का हर पहलू पॉलिटिक्स से जुड़ा है, चाहे वह नेशनल पॉलिटिक्स हो या आपसी रिश्ते। कोई भी अच्छी फिल्म किसी न किसी तरह की आइडियोलॉजी को जरूर दिखाएगी। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म को नफरत फैलाने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। सबके पास बोलने की आजादी है, मैं बहस कर सकता हूं। लेकिन फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ। फिल्म है, इसे फिल्म के फ्लो में देखो और एन्जॉय करो। नवीन कौशिक ने यूट्यूब चैनल हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। ध्रुव राठी ने फिल्म को बताया ‘दिमाग की बकवास’ विवाद की शुरुआत यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर को ‘बीजेपी प्रचारक’ बताया। ध्रुव ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैंने 3 महीने पहले ही आदित्य धर को प्रोपेगेंडा करने वाला कहा था। पिछली फिल्म में यह हल्का था, लेकिन इस बार वह ओवरकॉन्फिडेंस में खुलकर बोल गए हैं। अच्छी तरह से बनाया गया प्रोपेगेंडा खतरनाक होता है, लेकिन यह फिल्म तो अच्छी तरह बनी भी नहीं है। पहले भी आलोचना कर चुके ध्रुव राठी यह पहली बार नहीं है जब आदित्य धर की फिल्म पर सवाल उठे हों। पिछले साल दिसंबर 2025 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट को भी ध्रुव राठी ने ‘झूठा और वाहियात प्रोपेगेंडा’ बताया था। उस वक्त भी उन्होंने आदित्य धर पर झूठ बेचने का आरोप लगाया था। 5 दिन और 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई प्रोपेगेंडा के आरोपों और आलोचनाओं के बावजूद फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत में फिल्म ने 5 दिनों में 519.12 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। फिल्म ने रिलीज के पांचवें दिन यानी सोमवार को भारत में 65 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 800 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है और फिल्म छावा और पीके के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है।








