Saturday, 17 Oct 2026 | 01:01 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Ken River Protest Continues | Tribal Displacement Stir, Chita Andolan

Ken River Protest Continues | Tribal Displacement Stir, Chita Andolan

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासियों का ‘चिता आंदोलन’ आज (रविवार) और तेज हो गया। केन नदी की जलधारा में चिताओं पर लेटकर विरोध कर रहे हजारों आदिवासियों ने सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

.

आंदोलन के आठवें दिन, प्रभावित गांवों के हजारों परिवारों ने अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाया। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी ने सामूहिक रूप से भोजन का त्याग किया। “खाना नहीं बनाएंगे, न्याय लेकर रहेंगे” के नारे लगाते हुए, वे नदी के किनारे और जलधारा के बीच बनी चिताओं तक पहुंचे।

महिलाएं बच्चों के साथ चिताओं पर लेटीं भूख हड़ताल के कारण नदी के बीच चल रहा ‘चिता आंदोलन’ और तीव्र हो गया। सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ चिताओं पर लेटी गईं। नदी किनारे हजारों अन्य लोग भी बिना भोजन के “न्याय दो या मौत दो!” के नारे लगाकर आंदोलनकारियों का समर्थन कर रहे थे।

जय किसान संगठन के अमित भटनागर, जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने प्रशासन पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आज हजारों घरों में चूल्हा नहीं जला। यह भूख हड़ताल प्रशासन के दमन और असंवेदनशीलता का सीधा जवाब है।” भटनागर ने आगे कहा कि उन्हें झूठा मुआवजा नहीं, बल्कि अपनी जल, जंगल, जमीन और संस्कृति चाहिए।

मांग पूरी न होने तक आंदोलन चलेगा उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी वैधानिक मांगें (धारा 11, 15, 18 आदि का पालन) पूरी नहीं होंगी, तब तक यह सामूहिक भूख हड़ताल और चिता आंदोलन जारी रहेगा। भटनागर ने प्रशासन पर मेडिकल टीम और राशन-पानी की आपूर्ति पर रोक लगाकर मानवीय संकट पैदा करने का भी आरोप लगाया।

इधर, कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आंदोलन को अवैध बताते हुए धारा 163 (धारा 144) के उल्लंघन पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि 90 फीसदी मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि यह झूठ है और वे ग्राम सभा के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

यह भी पढ़ें…

पानी में नमक डालकर बच्चों को खिला रहे रोटी; अर्थी पर लेटे, बोले- न्याय दो या फिर मौत

सरकार ने सबकुछ तो छीन लिया। चिता पर बच्चों के साथ लेटे हैं। बच्चे रोते हैं, सूखी रोटी नहीं खाते। मजबूरी में पानी में नमक मिलाकर उसमें रोटी डुबोकर खिला रहे हैं।

यह दर्द है रानी का, जो केन-बेतवा लिंक परियोजना में शामिल प्रभावितों में से एक है। प्रशासन द्वारा लगाई धारा 163 और कड़े पहरे के बीच, हजारों आदिवासियों, किसानों और महिलाओं ने केन नदी की जलधारा के बीचों-बीच विरोध स्वरूप ‘प्रतीकात्मक चिताओं’ पर लेटे हैं।

रानी समेत बच्चों को लेकर चिताओं पर लेटी इन महिलाओं की एक ही मांग है- “न्याय दो या मौत।” पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
PM Modi Inaugurates Projects, Addresses Rally in Kerala & Tamil Nadu

March 11, 2026/
5:30 am

चेन्नई/तिरुवनंतपुरम2 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल और तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे। पीएम केरल के एर्नाकुलम...

झाबुआ में धधकते अंगारों पर चले मन्नतधारी:गल चूल उत्सव में उमड़ा सैलाब; खाटू श्याम की पालकी भी निकली

March 4, 2026/
8:36 pm

झाबुआ जिले के ग्रामीण अंचलों में धुलेंडी का पर्व पारंपरिक ‘गल चूल’ उत्सव के रूप में मनाया गया। रायपुरिया, बिलिडोज,...

हिमांशी खुराना बोलीं- दबाव में इस्लाम कबूल करने वाली थी:कहा- आसिम ने पूजा-पाठ पर रोक लगाई, चार धाम यात्रा करना चाहती थीं

August 15, 2026/
6:21 pm

‘बिग बॉस 13’ फेम हिमांशी खुराना ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के साथ रिश्ते को लेकर सालों बाद बड़ा खुलासा...

Chennai Super Kings' Akeal Hosein, second right, celebrates with teammates the wicket of of Mumbai Indian's Danish Malewar during the Indian Premier League cricket match between Mumbai Indians and Chennai Super Kings in Mumbai, India, Thursday, April 23, 2026.(AP Photo/ Rafiq Maqbool)

April 23, 2026/
10:23 pm

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 22:23 IST कई विश्लेषकों द्वारा मतदाता भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से ‘विजय...

तेलंगाना निकाय चुनाव: तेलंगाना निकाय चुनाव में 13 हजार से ज्यादा ताकतवर मुकाबले, 11 को वोट को लेकर पूरा।

February 4, 2026/
2:59 pm

नगर निगम निकाय चुनाव में लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है, जहां सत्ता की गलियों से लेकर झीलों तक तेलंगाना...

Varun Dhawans Hai Jawani Postponed

March 10, 2026/
6:05 pm

25 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की रिलीज...

कुणाल खेमू बोले- होस्टिंग मेरे लिए नया अनुभव:‘अलायंस’ में रियलिटी, रिश्ते और रणनीति का अनोखा मिश्रण दिखेगा

June 30, 2026/
6:30 am

बाल कलाकार से शुरुआत करने वाले कुणाल खेमू ने अभिनय, लेखन और निर्देशन में पहचान बनाई है। अब वह प्राइम...

4 दिन बाद नर्मदापुरम का पारा 40 डिग्री से नीचे:पश्चिमी विक्षोभ से 1.5 डिग्री गिरा तापमान; 20 मार्च तक छाए रहेंगे बादल

March 16, 2026/
8:38 am

नर्मदापुरम में पिछले 4 दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच रविवार को दोपहर के तापमान में 1.5 डिग्री...

राजनीति

Ken River Protest Continues | Tribal Displacement Stir, Chita Andolan

Ken River Protest Continues | Tribal Displacement Stir, Chita Andolan

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासियों का ‘चिता आंदोलन’ आज (रविवार) और तेज हो गया। केन नदी की जलधारा में चिताओं पर लेटकर विरोध कर रहे हजारों आदिवासियों ने सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

.

आंदोलन के आठवें दिन, प्रभावित गांवों के हजारों परिवारों ने अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाया। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी ने सामूहिक रूप से भोजन का त्याग किया। “खाना नहीं बनाएंगे, न्याय लेकर रहेंगे” के नारे लगाते हुए, वे नदी के किनारे और जलधारा के बीच बनी चिताओं तक पहुंचे।

महिलाएं बच्चों के साथ चिताओं पर लेटीं भूख हड़ताल के कारण नदी के बीच चल रहा ‘चिता आंदोलन’ और तीव्र हो गया। सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ चिताओं पर लेटी गईं। नदी किनारे हजारों अन्य लोग भी बिना भोजन के “न्याय दो या मौत दो!” के नारे लगाकर आंदोलनकारियों का समर्थन कर रहे थे।

जय किसान संगठन के अमित भटनागर, जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने प्रशासन पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आज हजारों घरों में चूल्हा नहीं जला। यह भूख हड़ताल प्रशासन के दमन और असंवेदनशीलता का सीधा जवाब है।” भटनागर ने आगे कहा कि उन्हें झूठा मुआवजा नहीं, बल्कि अपनी जल, जंगल, जमीन और संस्कृति चाहिए।

मांग पूरी न होने तक आंदोलन चलेगा उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी वैधानिक मांगें (धारा 11, 15, 18 आदि का पालन) पूरी नहीं होंगी, तब तक यह सामूहिक भूख हड़ताल और चिता आंदोलन जारी रहेगा। भटनागर ने प्रशासन पर मेडिकल टीम और राशन-पानी की आपूर्ति पर रोक लगाकर मानवीय संकट पैदा करने का भी आरोप लगाया।

इधर, कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आंदोलन को अवैध बताते हुए धारा 163 (धारा 144) के उल्लंघन पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि 90 फीसदी मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि यह झूठ है और वे ग्राम सभा के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

यह भी पढ़ें…

पानी में नमक डालकर बच्चों को खिला रहे रोटी; अर्थी पर लेटे, बोले- न्याय दो या फिर मौत

सरकार ने सबकुछ तो छीन लिया। चिता पर बच्चों के साथ लेटे हैं। बच्चे रोते हैं, सूखी रोटी नहीं खाते। मजबूरी में पानी में नमक मिलाकर उसमें रोटी डुबोकर खिला रहे हैं।

यह दर्द है रानी का, जो केन-बेतवा लिंक परियोजना में शामिल प्रभावितों में से एक है। प्रशासन द्वारा लगाई धारा 163 और कड़े पहरे के बीच, हजारों आदिवासियों, किसानों और महिलाओं ने केन नदी की जलधारा के बीचों-बीच विरोध स्वरूप ‘प्रतीकात्मक चिताओं’ पर लेटे हैं।

रानी समेत बच्चों को लेकर चिताओं पर लेटी इन महिलाओं की एक ही मांग है- “न्याय दो या मौत।” पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.