MP Energy Dept Tech Innovations at Delhi Summit 2026

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग की प्रदर्शनी ने खासा आकर्षण बटोरा। नई दिल्ली में आयोजित इस समिट के दौरान ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने गुरुवार को प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तुत तकनीकी नवाचारों . प्रदर्शनी में एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी और एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी सहित पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र की वितरण कंपनियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। यहां वी मित्र ऐप, उपाय ऐप, स्मार्ट बिजली ऐप, इनफॉर्मर स्कीम, ड्रोन पेट्रोलिंग और गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। योजनाओं की दी जानकारी ऊर्जा विभाग ने इस अवसर पर आरडीएसएस, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, अटल गृह ज्योति योजना और समाधान योजना 2025-26 जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की भी जानकारी दी। समिट में मौजूद केंद्र सरकार के अधिकारी, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक संदीप गायकवाड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता रीता हल्दर और वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी मनोज द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

59 मिनट पहले कॉपी लिंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब वो काम कर लेता है, जो कभी मैनेजमेंट की पढ़ाई का सबसे खास और जरूरी हिस्सा हुआ करते थे। स्ट्रेटेजी ड्राफ्ट, फाइनेंशियल मॉडल और कॉम्पिटिटिव स्कैन अब मिनटों में हो जाते हैं। ऐसे में MBA करने के फायदे की समीक्षा अब ज्यादा बारीकी से की जा रही है। सवाल उठता है कि अगर मशीनें बड़े पैमाने पर एनालिसिस कर सकती हैं, तो मैनेजमेंट डिग्री की क्या भूमिका रह जाती है? इसी सवाल ने भारत में हुए AI Impact Summit के एजेंडा को आकार दिया। समिट में पॉलिसीमेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स को इकोनॉमी पर AI के असर को समझने के लिए बुलाया गया था। देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस (जब AI कई अन्य तकनीकी क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करे) में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी, मैनेजमेंट एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के बीच एक सोची-समझी अलाइनमेंट के बारे में बताती है। शिक्षा में AI के इस्तेमाल पर चर्चा को मॉडरेट करने वाले जयपुरिया नोएडा के डायरेक्टर डॉ. शुभज्योति रे ने इसे अच्छे से समझाया। टेक्नोलॉजी, संस्थाओं के काम करने के तरीकों के मुकाबले ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन, गवर्नेंस और जजमेंट अभी भी इंसान के हाथों में है। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा, “हम AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह इससे तय होगा कि यह मानवता की सेवा करता है या उसे गुलाम बनाता है।” MBA के लिए इसका मतलब यह है कि भविष्य का मैनेजमेंट एजुकेशन इन्फॉर्मेशन रिकॉल पर AI से मुकाबला नहीं कर सकता। आपको इससे इंटरप्रिटेशन, सिंथेसिस और जजमेंट पर मुकाबला करना होगा। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी जयपुरिया के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में इसी बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ज्ञान को डेमोक्रेटाइज किया गया है। “अगर सभी के पास एक जैसा ज्ञान है, तो फर्क पर बात होनी चाहिए।” असल में इसका मतलब है कि पहले आउटपुट से आगे बढ़ना, ज्यादा तीखे सवाल पूछना, और अचानक आने वाली परिस्थितियों में निर्णय लेना। ऐसे माहौल में AI-इन्फॉर्म्ड एनालिसिस की जरूरत होती है, लेकिन इसका आउटकम इंसानी जजमेंट ही तय करता है। Jaipuria Institute of Management का बनाया AI-रेडी MBA/PGDM मॉडल इसी सोच पर आधारित है, जो एक NIRF-रैंक वाला MBA कॉलेज है। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी है, जो फैकल्टी की अकाउंटेबिलिटी और मेंटरशिप को बनाए रखते हुए लर्निंग में AI को शामिल करता है। सरल शब्दों में कहें तो यह मॉडल इस सिंपल सोच पर आधारित है कि टेक्नोलॉजी से पढ़ाई या ट्रेनिंग आसान और तेज हो सकती है, लेकिन एक बेहतर लीडर बनने के लिए इंसानों से बातचीत और जुड़ाव ही काम आता है। यह डिजाइन तकनीक के सामान्य इस्तेमाल के बजाय, करिकुलम में किए गए बुनियादी और सोचे-समझे बदलावों को दिखाता है। AI टूल्स का इस्तेमाल जयपुरिया इंस्टीट्यूट AI को इलेक्टिव या ऐड-ऑन सर्टिफिकेशन के तौर पर नहीं मानता। यह एम्बेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करता है। इंस्टीट्यूट में छात्र रेज्यूमे ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्क्रिप्ट/वनCV, AI-ड्रिवन इंटरव्यू सिमुलेशन के लिए रिहर्सल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए शोरनर, और रियल-टाइम क्लाइंट एंगेजमेंट के लिए AI-इनेबल्ड वर्कस्पेस जैसे प्रोप्राइटरी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। ये टेक्नोलॉजी के काम को आसान बनाते हैं, जिससे क्लास में समय बचता है और उस समय का उपयोग सही निर्णय लेने और लीडरशिप स्किल सिखाने में किया जा सकता है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मेंटरशिप इंटेंसिटी, पीयर कोलेबोरेशन और स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एक्सपोजर में लगातार निवेश कर रहा है। AI असिस्टेड प्रोसेस से बचे हुए समय को लीडरशिप डेवलपमेंट, डिसीजन लैब्स, लाइव कंसल्टिंग असाइनमेंट और इटरेटिव फीडबैक एनवायरनमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। फाइनल इवैल्यूएशन अभी भी फैकल्टी यानी शिक्षकों के हाथ में है। “शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकती है, लेकिन शिक्षा का असली मतलब है कि कोई इंसान कैसे सोचता है, फैसला करता है या जिम्मेदारी लेता है। हमें इंसान के भीतर शिक्षा को विकसित करना होगा। अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला टेक्नोलॉजी तैयारी के स्पीड को बढ़ा सकती है, लेकिन जजमेंट, एथिक्स और लीडरशिप को अंदर से सीखना होगा,” ऑटोमेशन और एजुकेशन के बीच के अंतर को और पक्का करते हुए श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में कहा। कंसल्टिंग फर्म, BFSI इंस्टीट्यूशन, एनालिटिक्स कंपनियां और डिजिटल एंटरप्राइज AI की समझ रखने वाले उन MBAs को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं जो ऑटोमेटेड सिस्टम के साथ डेटा को इंटरप्रेट कर सकते हैं। MBA प्लेसमेंट का तरीका अब इसी बदलाव को दिखाता है, जिसमें AI अब कंसल्टिंग, BFSI, एनालिटिक्स और डिजिटल फर्म में रोल डिस्क्रिप्शन में शामिल है। हाल ही में हुए एक पोल ने इस ट्रेंड को कन्फर्म किया है, जिसमें कहा गया है कि 99% C-सूट लीडर और 94% एम्प्लॉई किसी न किसी तरह से जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करते हैं। बेहतर सैलरी उन कुछ बड़े विश्वविद्यालयों तक ही सीमित है, जिन्होंने अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला है। यह बदलाव अभी के रिक्रूटमेंट आउटकम में पहले से ही दिख रहा है। PGDM 2024–26 बैच में, श्रीजन ताम्रकार, स्नेहा केशरी, आकांक्षा सोनी और नव्या मिश्रा ने BNY के साथ AI एनालिस्ट के तौर पर रोल हासिल किए, जो मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स की बढ़ती मांग को दिखाता है जो फाइनेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों को मिलाकर काम कर सकें। AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे क्लासरूम से इंडस्ट्री तक के इस बदलाव के बारे में बताते हुए, 2024-2026 बैच के छात्र श्रीजन ताम्रकार कहते हैं, “AI कॉर्पोरेट दुनिया में हलचल पैदा कर रहा है, लेकिन जयपुरिया में इसके चर्चा में आने से पहले से ही हम अपनी क्लासरूम, इंटरव्यू और प्रोजेक्ट्स में AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे। AI-ड्रिवन एनालिसिस का वो शुरुआती अनुभव, Human Judgment और Decision-Making पर मेरा अधिक फोकस ने मुझे BNY में AI Analyst के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालने का भरोसा दिया” करिकुलम और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच का यह तालमेल जयपुरिया के सभी कैंपस में एक जैसा है। हाल के साइकल में, इंस्टीट्यूट ने ₹36 लाख प्रति वर्ष से अधिक का सबसे बड़ा पैकेज और
Congress AI Summit Protest Row; Himachal Pradesh Vs Delhi Police

दिल्ली पुलिस के हिमाचल में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के 3 नेताओं को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा है। दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, . हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। दिल्ली में AI समिट के दौरान टी शर्ट उतारकर प्रदर्शन करते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता- फाइल फोटो। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… दिल्ली पुलिस सिविल वर्दी में पहुंची, होटल से 3 नेता अरेस्ट किए दिल्ली पुलिस के 18 कर्मचारियों की टीम सिविल वर्दी में बुधवार, 25 फरवरी सुबह 3 गाड़ियों में सवार होकर शिमला से लगभग 120 किलोमीटर दूर रोहड़ू के चिड़गांव पहुंची। दिल्ली पुलिस को इनपुट था कि AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले यूथ कांग्रेस के 3 नेता रोहड़ू के चांशल होटल में ठहरे हैं। जिनके नाम अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हैं। दिल्ली पुलिस ने यहां आकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सबूत के लिए होटल से सीसीटीवी की डीवीआर और रजिस्टर भी कब्जे में लिया। हिमाचल पुलिस ने 3 जगह नाका लगाकर रोका, नेताओं को छुड़ाया दिल्ली पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर ले जाने लगी, तभी हिमाचल पुलिस को इसकी भनक लगी कि उन्हें सूचना दिए बगैर पूरी कार्रवाई की जा रही है। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोकने के लिए शिमला बस स्टैंड, शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाकाबंदी कर दी। इसके बाद एक गाड़ी बस स्टैंड शिमला, दूसरी शोघी और 2 गाड़ियां सोलन के धर्मपुर में रोक दी गईं। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के गिरफ्तार किए यूथ कांग्रेस के तीनों नेताओं को छुड़ाकर अपनी कस्टडी में ले लिया और शिमला में चक्कर कोर्ट लेकर पहुंच गई। कोर्ट में चली बहस, हिमाचल पुलिस बोली- प्रॉपर इन्फॉर्मेशन नहीं दी हिमाचल पुलिस के पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस की टीम भी शिमला की चक्कर कोर्ट पहुंच गई। बुधवार शाम पौने 5 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 6 बजे तक सुनवाई चलती रही। सुनवाई के दौरान हिमाचल पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेट पुलिस को सूचना दिए बगैर यह पूरी कार्रवाई की। प्रॉपर इन्फॉर्मेशन न होने की वजह से दिल्ली पुलिस को रोका गया। दोनों पुलिस के बीच कोर्ट में बहस होती रही। इस पर कोर्ट ने इस मामले की पूरी फाइल तैयार करने को कहा। शिमला के शोघी में शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोका और पूछताछ की। बिना कोर्ट के आदेश के दिल्ली पुलिस फिर ले गई, हिमाचल पुलिस ने फिर रोके इसके बाद हिमाचल पुलिस के सीनियर अधिकारी लौट गए। फिर वहां जिला कोर्ट में ही दिल्ली और हिमाचल पुलिस में बातचीत चलती रही। इसके बाद बुधवार शाम करीब 7.25 बजे गिरफ्तार यूथ कांग्रेस वर्करों को दिल्ली पुलिस फिर अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस शिमला से रवाना हो गई। इसके बाद फिर अचानक शिमला के शोघी के पास दिल्ली पुलिस को रोक दिया गया। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस में बहस और बढ़ गई। हिमाचल पुलिस बोली- वैध दस्तावेज नहीं, FIR की चेतावनी दी हिमाचल पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस के पास उनके एरिया से गिरफ्तारी कर ले जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। अगर वह कोर्ट के आदेश पर ले जा रहे हैं तो उनके पास ट्रांजिट रिमांड होना चाहिए। इस वजह से वहां देर रात तक बहस चली। हिमाचल पुलिस ने चेतावनी दी कि अगर वह जबरन ले जाने की कोशिश करेंगे तो दिल्ली पुलिस पर FIR दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस की कस्टडी से अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने कहा कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन शिमला पुलिस कार्रवाई में बाधा डाल रही है। हालांकि हिमाचल पुलिस का कहना था कि इनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। तीनों का मेडिकल कराया, कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया, दिल्ली ले गए इसके बाद बुधवार रात 11.30 बजे हिमाचल पुलिस गिरफ्तार कांग्रेस नेताओं को मेडिकल कराने के लिए शिमला के रिपन अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराया गया। बुधवार रात 2 बजे यूथ कांग्रेस के एडवोकेट ने गिरफ्तार नेताओं से बात की। इसके बाद इन्हें चक्कर कोर्ट के CJM के घर पर पेश किया गया। जहां से उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया। फिर गुरुवार सुबह 5.45 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। शिमला से लगभग 15 किलोमीटर दूर शोघी बैरियर पर देर रात मौजूद शिमला और दिल्ली पुलिस के जवान। दिल्ली पुलिस की जांच में क्या निकला दिल्ली पुलिस के सोर्सेज के मुताबिक जिन 3 नेताओं, अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ होटल से गिरफ्तार किया गया, उन्हें लोकल कांग्रेसी नेता ने होटल में कमरा दिलाया था। ये तीनों 24 फरवरी से यहां पर गिरफ्तारी से बचने के लिए छुपे हुए थे। हालांकि कमरा किसके नाम पर बुक कराया गया था, इसके बारे में होटल के कागजात खंगाले जा रहे हैं। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए यह भी पता लगा रही
Delhi Congress Protest | Mumbai Rahul Gandhi Black Flags; AI Summit

नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता ‘कांग्रेस-राहुल गांधी = गद्दार’, ‘देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे’ के पोस्ट लेकर विरोध कर रहे हैं। इधर, कांग्रेस नेता आज महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे हैं। उनकी यहां 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी मामले में पेशी है। राहुल गांधी का काफीला जब कोर्ट की ओर बढ़ रहा था, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। दरअसल, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’ उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’ 20 फरवरी: राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को बस में भरकर अपने साथ ले गई। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख
AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi

Hindi News National AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi | Delhi Police नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया और लिखा- AI समिट के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’ उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’ राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को बस में भरकर अपने साथ ले गई। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कारण विवादों में आया AI समिट AI समिट उद्घाटन के बाद से लगातार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर रहा। विवाद तब और बढ़ा जब उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट के दौरान अपने स्टॉल पर रोबोटिक डॉग
Shehbaz Sharif Donald Trump; Board Of Peace Summit Video

वॉशिंगटन डीसी4 घंटे पहले कॉपी लिंक ट्रम्प ने पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को खड़े होकर अपनी बात सुनने को कहा और शरीफ खड़े हो गए। यह घटना गुरुवार की है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, शहबाज बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसे लेकर उनका मजाक भी बन रहा है। गाजा को लेकर हुई पहली बैठक में शहबाज पीछे की कतार में और अलग-थलग नजर आए। एक पल तो ऐसा भी आया जब ट्रम्प ने भाषण देते हुए शहबाज को इशारा किया और वे तुरंत अपनी सीट से खड़े भी हो गए। ट्रम्प ने मंच से कहा- ‘पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था। आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।’ यह सुनते ही शरीफ तुरंत खड़े भी हो गए। इस दौरान शहबाज बेहद असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इसे ‘स्कूल असेंबली वाला मोमेंट’ कहा गया यानी जब टीचर खड़ा होने को कहे और छात्र तुरंत खड़ा हो जाए। एक और वायरल वीडियो में शहबाज, ट्रम्प को गले लगाने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं। इस घटना का VIDEO शहबाज के दौरे की ‘गड़बड़ी’ से शुरुआत अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई थी। इसमें करीब 40 देशों के अधिकारी शामिल हुए थे। भारत भी इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ था। शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कई टाइपो थे, जैसे कि विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस रिलीज में ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और लोग सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठाने लगे। पिछले साल इजराइल के ईरान पर हमले की निंदा करते समय शरीफ ने आई कंडेम (I condemn) की जगह आई कंडोम ‘I condom’ लिख दिया था, जिसे तब काफी ट्रोल किया गया। सबसे पीछे नजर आए पाकिस्तानी PM वॉशिंगटन पहुंचने के बाद भी हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में शरीफ मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। ट्रम्प आगे की कतार में खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो थे। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे, जबकि शरीफ पीछे की ओर नजर आए। भाषण के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। शरीफ तुरंत खड़े हो गए, जिसका सोशल मीडिया पर मजाक बना और कुछ लोगों ने उन्हें ‘ट्रम्प का पपेट’ कहा। इसी दौरान ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महान व्यक्ति’ और ‘बहुत अच्छे दोस्त’ बताया, जिससे शरीफ और असहज दिखे। बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग गुरुवार को हुई, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दुनियाभर के नेता एक मंच पर नजर आए। शहबाज शरीफ पीछे की कतार में दाएं से तीसरे नंबर पर हैं। शहबाज ट्रम्प की चापलूसी करते दिखे अपने भाषण में शरीफ ने ट्रम्प को ‘मैन ऑफ पीस’ कहकर संबोधित किया और उन्होंने दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बता डाला। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट भी ट्रम्प को दे दिया। हालांकि इतनी तारीफ के बावजूद ट्रम्प को इससे खास फर्क नहीं पड़ा। शरीफ ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा- “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप सच में दक्षिण एशिया के मसीहा हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।” ————————————– पाकिस्तानी PM से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रूसी मीडिया ने पाकिस्तानी PM से जुड़ा वीडियो डिलीट किया:40 मिनट तक इंतजार करते रहे शहबाज, फिर पुतिन की मीटिंग में जबरन घुसे थे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मीटिंग में जबरन घुसने वाला वीडियो रशिया टुडे (आरटी न्यूज) ने सोशल मीडिया से हटा दिया। इसमें दिख रहा है कि पाकिस्तानी पीएम जबरन पुतिन के मीटिंग हॉल में घुस जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Current Affairs Updates; Bill Gates AI Summit

Hindi News Career Current Affairs Updates; Bill Gates AI Summit | Bihar Naxal Free 19 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. अमित शाह 2 दिन के असम दौरे पर जाएंगे 20 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह 2 दिन के असम दौरे पर जाएंगे। गृहमंत्री अपने असम दौरे के पहले चरण में बराक घाटी के सिलचर जाएंगे। अमित शाह भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कटिगोरा क्षेत्र के नतनपुर गांव भी जाएंगे। गृहमंत्री अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा और बाड़बंदी की समीक्षा करेंगे। गृहमंत्री सिलचर से जीवंत ग्राम कार्यक्रम के दूसरे चरण की आधिकारिक शुरुआत करेंगे। जीवंत ग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को आधुनिक सड़कों, दूरसंचार और स्थाई आजीविका देकर आत्मनिर्भर बनाना है। 21 फरवरी को गृहमंत्री CRPF की 87वीं वार्षिक स्थापना परेड में शामिल होंगे। अमित शाह 20 और 21 फरवरी को असम में रहेंगे। 2. शिवराज सिंह चौहान के पौधारोपण संकल्प के 5 साल पूरे 19 फरवरी को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दैनिक पौधारोपण संकल्प के पांच साल पूरे हुए। इस मौके पर नई दिल्ली के पूसा स्थित एपी शिंदे हॉल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी 2021 को नर्मदा जयंती पर अमरकंटक में ‘रूद्राक्ष’ और ‘साल’ के पौधे लगाकर संकल्प शुरू किया था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि वे रोज कम से कम एक पौधा लगाएंगे जिसे उन्होंने निभाया। शिवराज सिंह चौहान द्वारा ‘पौधारोपण के 5 साल’ यात्रा पर आधारित विशेष वीडियो और कार्यक्रम की प्रस्तुत दी गई। पिछले पांच सालों में शिवराज सिंह ने लगभग 6 हजार से ज्यादा पौधे लगाए हैं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. पांच साल में दो लाख टन चावल की आपूर्ति के लिए समझौता 18 फरवरी को भारत ने वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ एक MoU पर साइन किए। समझौते के तहत, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम मिलकर भुखमरी से जूझ रहे लोगों के लिए पांच साल में दो लाख टन चावल की आपूर्ति करेंगे। इस समझौते के तहत चावल की कीमत हर साल आपसी सहमति से तय होगी। 31 मार्च 2026 तक के लिए कीमत प्रति क्विंटल 2,800 रुपए तय की गई है। यह समझौता 5 साल तक के लिए वैलिड रहेगा। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम इससे पहले भी कई देशों में आपातकालीन राहत पहुंचाने के लिए काम करता रहा है। FCI और WHP के बीच नई दिल्ली में MoU साइन हुआ। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. AI समिट में शामिल नहीं हुए बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना भाषण नहीं दिया। 19 फरवरी को इसकी जानकारी गेट्स फाउंडेशन ने दी। समिट में बिल गेट्स की जगह अंकुर वोरा ने फाउंडेशन का पक्ष रखा। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स में उनका नाम आना है। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। 16 फरवरी को बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए को भारत आ चुके हैं। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. बिहार नक्सल मुक्त राज्य बना 19 फरवरी को बिहार पुलिस मुख्यालय ने दावा किया कि बिहार अब नक्सल मुक्त राज्य हो गया है। 18 फरवरी को आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद बिहार नक्सल मुक्त राज्य बना। सुरेश कोड़ा ने AK-47, AK-56 और राइफल्स के साथ आत्मसमर्पण किया। डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, DIG मुंगेर राकेश कुमार ने राज्य के नक्सल मुक्त होने का ऐलान किया। राज्य में अब कोई हथियारबंद नक्सली ग्रुप एक्टिव नहीं है। 2012 तक बिहार के 23 जिले नक्सल प्रभावित थे। नक्सली सुरेश कोड़ा पर 3 लाख का इनाम था। आज का इतिहास 20 फरवरी : 1959 में प्रसार भारती ने दूरदर्शन की शुरुआत की। 1987 में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश 23वें और 24वें राज्य बने। ——————— AI इम्पैक्ट समिट से गलगोटिया यूनिवर्सिटी को निकाला: इस्तीफा देकर फिर जापान की पीएम चुनी गईं ताकाइची; 19 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi AI Summit: Deepfake Labeling Essential

नई दिल्ली17 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर AI समिट से जुड़ी रही। यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए। वहीं सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। उधर, सोना-चांदी में बढ़त देखी गई। सोना करीब 3 हजार और चांदी 8 हजार रुपए महंगी हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… नई दिल्ली में चल रही AI समिट का पांचवां दिन है। आज शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. PM बोले-डीपफेक रोकने के लिए AI कंटेंट पर लेबल लगे:AI समिट में अंबानी ने कहा- डेटा की तरह सस्ता होगा AI, ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉर्मूला दिया। पीएम ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, 82,498 पर बंद:निफ्टी भी 365 अंक गिरकर 25,454 पर आया; ऑटो और रियल्टी शेयर्स में बिकवाली शेयर बाजार में आज यानी 19 फरवरी को गिरावट है। सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 365 अंक (1.41%) की गिरावट रही, ये 25,454 के स्तर पर बंद हुा। ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयर्स ज्यादा टूटे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3.सोना ₹2986 महंगा हुआ, ₹1.55 लाख पर पहुंचा:इस साल 21 हजार रुपए चढ़ा; चांदी एक दिन में ₹7974 महंगी सोना-चांदी के दाम में 19 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,986 रुपए बढ़कर होकर ₹1.55 लाख पहुंच गया है। वहीं, एक किलो चांदी 7,974 रुपए बढ़कर ₹2.45 लाख पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. अनिल अंबानी बोले- बिना अनुमति देश छोड़कर नहीं जाऊंगा:₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में SC में हलफनामा, जांच में सहयोग भी करेंगे अनिल अंबानी ने आज यानी 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है। इसमें उन्होंने वचन दिया है कि वे अदालत की अनुमति के बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। यह हलफनामा उनके रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कंपनियों से जुड़ी 40,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी की जांच के बीच आया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. AI समिट से पीछे हटे बिल गेट्स:एपस्टीन केस की फाइलों में नाम आने पर लिया फैसला; अब गेट्स फाउंडेशन के अंकुर वोरा स्पीच देंगे माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे। फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bill Gates Epstein Files Row; India AI Summit Speech

नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे। फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों में नाम आने पर हटे गेट्स बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया जा रहा है। इन गुप्त दस्तावेजों को हाल ही में जारी किया गया है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में आत्महत्या के बाद, उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। एनवीडिया CEO ने भी भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की थीम पर समिट इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं। तीन ‘सूत्रों’ पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है – पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- अगली पीढ़ी के लिए सही AI छोड़ना जरूरी: AI इम्पैक्ट समिट में गूगल CEO पिचाई ने कहा दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का आज चौथा दिन है। आज के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। इस पर किसी की मोनापॉली यानी एकाधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI में रफ्तार और पैमाना अकल्पनीय है। हमें इस क्षेत्र में बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi LIVE | Narendra Modi AI Impact Summit 2026 Speech Update

Hindi News Business PM Modi LIVE | Narendra Modi AI Impact Summit 2026 Speech Update TATA Google Wipro नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का गुरुवार को चौथा दिन है। समिट को आज कई ग्लोबल लीडर्स संबोधित कर रहे हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉर्मूला दिया। पीएम ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके। वहीं, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को ‘इंटेलिजेंस युग’ में ले जाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश का बड़ा एलान किया है। समिट को आज नरेंद्र मोदी और मुकेश अंबानी के अलावा गूगल के CEO सुंदर पिचाई और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे लीडर्स ने संबोधित किया। 16 फरवरी से शुरू समिट 20 फरवरी तक चलेगी। इसमें आज 110 से ज्यादा देश, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख और करीब 100 CEOs और फाउंडर्स शामिल हुए हैं। समिट को आज पीएम नरेंद्र मोदी और रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के अलावा गूगल के CEO सुंदर पिचाई जैसे लीडर्स ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें 1. एआई में भय नहीं ‘भाग्य’ और भविष्य: पीएम ने स्पष्ट किया कि दुनिया के कई देशों में जहां एआई को लेकर भय का माहौल है, वहीं भारत इसे अपने ‘भाग्य’ और उज्ज्वल भविष्य के रूप में देख रहा है। भारत इसे अपनी विकास यात्रा का अगला बड़ा टर्निंग पॉइंट मानता है। 2. M.A.N.A.V (मानव) विजन का प्रस्ताव: मोदी ने एआई के लिए एक नया ग्लोबल फ्रेमवर्क दिया। उन्होंने कहा कि एआई Moral (नैतिक), Accountable (जवाबदेह), National Sovereignty (संप्रभुता), Accessible (सुलभ) और Valid (वैध) होना चाहिए, ताकि यह केवल डेटा पॉइंट न बनकर मानवता के कल्याण का जरिया बने। 3. कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत: पीएम ने सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है। 4. AI को ‘ओपन सोर्स’ बनाएं: भारत ने दुनिया की ‘कॉन्फिडेंशियल’ सोच से अलग हटकर AI कोड को ‘ओपन शेयर’ करने की बात कही। पीएम का मानना है कि जब तकनीक सबके लिए खुली होगी, तभी दुनिया भर के युवा दिमाग उसे बेहतर और सुरक्षित बना पाएंगे। 5. ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच और नौकरियां: पीएम ने कहा कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युग में हैं जहां इंसान और मशीन मिलकर क्रिएट करेंगे। उन्होंने स्किलिंग और रिस्किलिंग को एक ‘मास मूवमेंट’ बनाने पर जोर दिया। अंबानी बोले- डेटा की तरह सस्ता होगा AI रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात साल में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेंगा बल्कि, यह हाई-स्किल काम के नए मौके पैदा करेगा। देश का पहला ‘नेक्स्ट जनरेशन’ डेटा सेंटर बनाएगा टाटा ग्रुप टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप अगली पीढ़ी की एआई ट्रेनिंग और इंफ्रेंस के लिए खास तौर पर तैयार भारत का पहला लार्ज-स्केल ‘AI-ऑप्टिमाइज्ड’ डेटा सेंटर बना रहा है। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने इसकी पहली 100 मेगावाट क्षमता बनाने के लिए ओपन एआई के साथ साझेदारी की है, जिसे आगे चलकर एक गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा। सुंदर पिचाई बोले- अरबों लोगों की जिंदगी बदलेगा AI गूगल भारत में अपने 15 बिलियन डॉलर (1.35 लाख करोड़ रुपए) के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के हिस्से के रूप में एक ‘फुल स्टैक AI हब’ स्थापित कर रहा है। इस हब में गीगावाट स्केल की कंप्यूटिंग और एक नया इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे होगा। हर किसी के लिए उपयोगी AI बनाने के लिए हमें साहसिक कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है और सबसे कठिन समस्याओं को हल कर सकता है। हमें उन क्षेत्रों की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी उतना ही साहसी होना चाहिए जहां अब तक तकनीक की पहुंच नहीं थी। नेमप्लेट पर ‘भारत’: जी-20 के बाद फिर दिखा वही संदेश समिट के प्लेनरी सेशन के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी मंच पर बैठे, तो उनके सामने रखी टेबल पर देश के नाम की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखा हुआ था। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम ‘भारत’ इस्तेमाल किया गया हो। इससे पहले 2024 में दिल्ली में हुए जी-20 समिट में भी पीएम की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखा था। उस समय राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए न्योता पत्र में भी ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया था, जिस पर काफी चर्चा हुई थी। ओपनएआई और एंथ्रोपिक के CEO ने ग्रुप फोटो में नहीं पकड़ा हाथ AI कंपनी ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच का कॉम्पिटिशन एक बार फिर चर्चा में है। आज इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एक ग्रुप फोटो ली जा रही थी। इस दौरान ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के को-फाउंडर डारियो अमोदेई एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा। खबर के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 07:32 AM19 फ़रवरी 2026 कॉपी लिंक पीएम मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें 1. ‘ब्लैक बॉक्स’ नहीं, ‘ग्लास बॉक्स’ अप्रोच की मांग एआई प्लेटफॉर्म्स को ‘ब्लैक बॉक्स’ (जहां अंदर क्या चल रहा है किसी को पता न हो) के बजाय ‘ग्लास बॉक्स’ की तरह होना चाहिए। इसका मतलब है कि एआई के सेफ्टी रूल्स इतने साफ और पारदर्शी हों कि उन्हें कोई









