Saturday, 23 May 2026 | 03:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

59 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब वो काम कर लेता है, जो कभी मैनेजमेंट की पढ़ाई का सबसे खास और जरूरी हिस्सा हुआ करते थे। स्ट्रेटेजी ड्राफ्ट, फाइनेंशियल मॉडल और कॉम्पिटिटिव स्कैन अब मिनटों में हो जाते हैं। ऐसे में MBA करने के फायदे की समीक्षा अब ज्यादा बारीकी से की जा रही है।

सवाल उठता है कि अगर मशीनें बड़े पैमाने पर एनालिसिस कर सकती हैं, तो मैनेजमेंट डिग्री की क्या भूमिका रह जाती है? इसी सवाल ने भारत में हुए AI Impact Summit के एजेंडा को आकार दिया। समिट में पॉलिसीमेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स को इकोनॉमी पर AI के असर को समझने के लिए बुलाया गया था।

देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी

देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस (जब AI कई अन्य तकनीकी क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करे) में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी, मैनेजमेंट एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के बीच एक सोची-समझी अलाइनमेंट के बारे में बताती है।

शिक्षा में AI के इस्तेमाल पर चर्चा को मॉडरेट करने वाले जयपुरिया नोएडा के डायरेक्टर डॉ. शुभज्योति रे ने इसे अच्छे से समझाया। टेक्नोलॉजी, संस्थाओं के काम करने के तरीकों के मुकाबले ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन, गवर्नेंस और जजमेंट अभी भी इंसान के हाथों में है। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा, “हम AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह इससे तय होगा कि यह मानवता की सेवा करता है या उसे गुलाम बनाता है।”

MBA के लिए इसका मतलब यह है कि भविष्य का मैनेजमेंट एजुकेशन इन्फॉर्मेशन रिकॉल पर AI से मुकाबला नहीं कर सकता। आपको इससे इंटरप्रिटेशन, सिंथेसिस और जजमेंट पर मुकाबला करना होगा।

इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी

जयपुरिया के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में इसी बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ज्ञान को डेमोक्रेटाइज किया गया है। “अगर सभी के पास एक जैसा ज्ञान है, तो फर्क पर बात होनी चाहिए।”

असल में इसका मतलब है कि पहले आउटपुट से आगे बढ़ना, ज्यादा तीखे सवाल पूछना, और अचानक आने वाली परिस्थितियों में निर्णय लेना। ऐसे माहौल में AI-इन्फॉर्म्ड एनालिसिस की जरूरत होती है, लेकिन इसका आउटकम इंसानी जजमेंट ही तय करता है।

Jaipuria Institute of Management का बनाया AI-रेडी MBA/PGDM मॉडल इसी सोच पर आधारित है, जो एक NIRF-रैंक वाला MBA कॉलेज है। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी है, जो फैकल्टी की अकाउंटेबिलिटी और मेंटरशिप को बनाए रखते हुए लर्निंग में AI को शामिल करता है।

सरल शब्दों में कहें तो यह मॉडल इस सिंपल सोच पर आधारित है कि टेक्नोलॉजी से पढ़ाई या ट्रेनिंग आसान और तेज हो सकती है, लेकिन एक बेहतर लीडर बनने के लिए इंसानों से बातचीत और जुड़ाव ही काम आता है। यह डिजाइन तकनीक के सामान्य इस्तेमाल के बजाय, करिकुलम में किए गए बुनियादी और सोचे-समझे बदलावों को दिखाता है।

AI टूल्स का इस्तेमाल

जयपुरिया इंस्टीट्यूट AI को इलेक्टिव या ऐड-ऑन सर्टिफिकेशन के तौर पर नहीं मानता। यह एम्बेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करता है। इंस्टीट्यूट में छात्र रेज्यूमे ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्क्रिप्ट/वनCV, AI-ड्रिवन इंटरव्यू सिमुलेशन के लिए रिहर्सल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए शोरनर, और रियल-टाइम क्लाइंट एंगेजमेंट के लिए AI-इनेबल्ड वर्कस्पेस जैसे प्रोप्राइटरी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

ये टेक्नोलॉजी के काम को आसान बनाते हैं, जिससे क्लास में समय बचता है और उस समय का उपयोग सही निर्णय लेने और लीडरशिप स्किल सिखाने में किया जा सकता है।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मेंटरशिप इंटेंसिटी, पीयर कोलेबोरेशन और स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एक्सपोजर में लगातार निवेश कर रहा है। AI असिस्टेड प्रोसेस से बचे हुए समय को लीडरशिप डेवलपमेंट, डिसीजन लैब्स, लाइव कंसल्टिंग असाइनमेंट और इटरेटिव फीडबैक एनवायरनमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। फाइनल इवैल्यूएशन अभी भी फैकल्टी यानी शिक्षकों के हाथ में है।

“शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकती है, लेकिन शिक्षा का असली मतलब है कि कोई इंसान कैसे सोचता है, फैसला करता है या जिम्मेदारी लेता है। हमें इंसान के भीतर शिक्षा को विकसित करना होगा।

अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला

टेक्नोलॉजी तैयारी के स्पीड को बढ़ा सकती है, लेकिन जजमेंट, एथिक्स और लीडरशिप को अंदर से सीखना होगा,” ऑटोमेशन और एजुकेशन के बीच के अंतर को और पक्का करते हुए श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में कहा।

कंसल्टिंग फर्म, BFSI इंस्टीट्यूशन, एनालिटिक्स कंपनियां और डिजिटल एंटरप्राइज AI की समझ रखने वाले उन MBAs को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं जो ऑटोमेटेड सिस्टम के साथ डेटा को इंटरप्रेट कर सकते हैं।

MBA प्लेसमेंट का तरीका अब इसी बदलाव को दिखाता है, जिसमें AI अब कंसल्टिंग, BFSI, एनालिटिक्स और डिजिटल फर्म में रोल डिस्क्रिप्शन में शामिल है।

हाल ही में हुए एक पोल ने इस ट्रेंड को कन्फर्म किया है, जिसमें कहा गया है कि 99% C-सूट लीडर और 94% एम्प्लॉई किसी न किसी तरह से जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करते हैं। बेहतर सैलरी उन कुछ बड़े विश्वविद्यालयों तक ही सीमित है, जिन्होंने अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला है।

यह बदलाव अभी के रिक्रूटमेंट आउटकम में पहले से ही दिख रहा है। PGDM 2024–26 बैच में, श्रीजन ताम्रकार, स्नेहा केशरी, आकांक्षा सोनी और नव्या मिश्रा ने BNY के साथ AI एनालिस्ट के तौर पर रोल हासिल किए, जो मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स की बढ़ती मांग को दिखाता है जो फाइनेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों को मिलाकर काम कर सकें।

AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे

क्लासरूम से इंडस्ट्री तक के इस बदलाव के बारे में बताते हुए, 2024-2026 बैच के छात्र श्रीजन ताम्रकार कहते हैं, “AI कॉर्पोरेट दुनिया में हलचल पैदा कर रहा है, लेकिन जयपुरिया में इसके चर्चा में आने से पहले से ही हम अपनी क्लासरूम, इंटरव्यू और प्रोजेक्ट्स में AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे।

AI-ड्रिवन एनालिसिस का वो शुरुआती अनुभव, Human Judgment और Decision-Making पर मेरा अधिक फोकस ने मुझे BNY में AI Analyst के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालने का भरोसा दिया” करिकुलम और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच का यह तालमेल जयपुरिया के सभी कैंपस में एक जैसा है।

हाल के साइकल में, इंस्टीट्यूट ने ₹36 लाख प्रति वर्ष से अधिक का सबसे बड़ा पैकेज और 100% समरटाइम इंटर्नशिप एम्प्लॉयमेंट रेट दर्ज किया गया है। ग्रेजुएट्स को पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में सीनियर एनालिस्ट, एडवाइजिंग में बिजनेस एनालिस्ट, लीडरशिप पाइपलाइन पर मैनेजेरियल ट्रेनी और प्रॉफिट और लॉस अकाउंटेबिलिटी वाले टेरिटरी मैनेजर के तौर पर नौकरी मिली।

हायरिंग प्रोसेस में BlackRock, Deloitte, Genpact, ICICI Bank और फाइनेंशियल सर्विसेज, कंसल्टिंग, FMCG और रिटेल ऑपरेशंस की 275 से ज्यादा कंपनियों के रिक्रूटर्स ने हिस्सा लिया।

PGDM/MBA 2026-28: प्रोग्राम की जानकारी एक्रेडिटेशन और रैंकिंग: 1. NIRF 2025: नोएडा (दिल्ली NCR) (41वां), लखनऊ (67वां), जयपुर (74वां), इंदौर (101-125) 2. AACSB एक्रेडिटेड (दुनिया भर में टॉप 6%) 3. NBA एक्रेडिटेड | NAAC A+ | AIU रिकॉग्नाइज्ड PGDM/MBA 2026–28 प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

March 27, 2026/
12:06 pm

Last Updated:March 27, 2026, 12:06 IST व्हिस्की का सेवन करने के बाद शरीर में होने वाली प्रतिक्रिया बहुत तेज होती...

Bengaluru Census Employee Assault Case Filed

May 1, 2026/
7:46 pm

बेंगलुरु9 मिनट पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु में नेशनल जनगणना के काम के दौरान एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी का...

पंजाबी सिंगर जस्सी बोले- मैं कब्रों पर जाकर नहीं गाता:₹35 लाख का ऑफर ठुकराया; डेरे चिट्‌टे से भी खतरनाक, माइंडवॉश करते हैं

March 11, 2026/
5:00 am

‘दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी’ फेम पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी ने कहा कि वह कब्रों पर जाकर नहीं गाते,...

authorimg

March 30, 2026/
4:52 pm

Last Updated:March 30, 2026, 16:52 IST Health Benefits of Onion: गर्मियों में प्याज को सुपरफूड माना जाता है, क्योंकि यह...

खालिस्तानी बोले- PAK गई सरबजीत हमारी बुआ, VIDEO:पंजाबी महिला का मुस्लिम पति फुफ्फड़; हमारी फुल सपोर्ट, कोई कुछ कहे तो बताना

March 14, 2026/
5:00 am

सिख श्रद्धालुओं की आड़ में पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत खालिस्तान समर्थकों की बुआ बन गई है। खालिस्तान समर्थक सरबजीत...

ग्रेड-बेस्ड ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लाएगी सरकार:ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द या सस्पेंड होगा, हादसे रोकने के लिए पहल

February 26, 2026/
5:40 pm

देश में सड़क हादसों को कम करने और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ग्रेड (अंक) आधारित ड्राइविंग...

आपका पैसा- क्या होम लोन का प्रीपेमेंट करना सही है:ब्याज के पैसे बचेंगे, लेकिन कैश क्रंच का डर भी, एक्सपर्ट से जानें फायदे-नुकसान

March 7, 2026/
4:30 am

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक अपना घर हो। इस सपने को साकार करने के लिए ज्यादातर...

Bill Gates Epstein Files Row; India AI Summit Speech

February 19, 2026/
9:27 am

नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना...

सोना ₹392 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹26 हजार महंगा हो चुका, चांदी ₹1494 गिरकर ₹2.66 लाख किलो पर आई

May 21, 2026/
12:19 pm

सोने के दाम में आज यानी 21 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

59 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब वो काम कर लेता है, जो कभी मैनेजमेंट की पढ़ाई का सबसे खास और जरूरी हिस्सा हुआ करते थे। स्ट्रेटेजी ड्राफ्ट, फाइनेंशियल मॉडल और कॉम्पिटिटिव स्कैन अब मिनटों में हो जाते हैं। ऐसे में MBA करने के फायदे की समीक्षा अब ज्यादा बारीकी से की जा रही है।

सवाल उठता है कि अगर मशीनें बड़े पैमाने पर एनालिसिस कर सकती हैं, तो मैनेजमेंट डिग्री की क्या भूमिका रह जाती है? इसी सवाल ने भारत में हुए AI Impact Summit के एजेंडा को आकार दिया। समिट में पॉलिसीमेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स को इकोनॉमी पर AI के असर को समझने के लिए बुलाया गया था।

देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी

देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस (जब AI कई अन्य तकनीकी क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करे) में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी, मैनेजमेंट एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के बीच एक सोची-समझी अलाइनमेंट के बारे में बताती है।

शिक्षा में AI के इस्तेमाल पर चर्चा को मॉडरेट करने वाले जयपुरिया नोएडा के डायरेक्टर डॉ. शुभज्योति रे ने इसे अच्छे से समझाया। टेक्नोलॉजी, संस्थाओं के काम करने के तरीकों के मुकाबले ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन, गवर्नेंस और जजमेंट अभी भी इंसान के हाथों में है। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा, “हम AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह इससे तय होगा कि यह मानवता की सेवा करता है या उसे गुलाम बनाता है।”

MBA के लिए इसका मतलब यह है कि भविष्य का मैनेजमेंट एजुकेशन इन्फॉर्मेशन रिकॉल पर AI से मुकाबला नहीं कर सकता। आपको इससे इंटरप्रिटेशन, सिंथेसिस और जजमेंट पर मुकाबला करना होगा।

इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी

जयपुरिया के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में इसी बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ज्ञान को डेमोक्रेटाइज किया गया है। “अगर सभी के पास एक जैसा ज्ञान है, तो फर्क पर बात होनी चाहिए।”

असल में इसका मतलब है कि पहले आउटपुट से आगे बढ़ना, ज्यादा तीखे सवाल पूछना, और अचानक आने वाली परिस्थितियों में निर्णय लेना। ऐसे माहौल में AI-इन्फॉर्म्ड एनालिसिस की जरूरत होती है, लेकिन इसका आउटकम इंसानी जजमेंट ही तय करता है।

Jaipuria Institute of Management का बनाया AI-रेडी MBA/PGDM मॉडल इसी सोच पर आधारित है, जो एक NIRF-रैंक वाला MBA कॉलेज है। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी है, जो फैकल्टी की अकाउंटेबिलिटी और मेंटरशिप को बनाए रखते हुए लर्निंग में AI को शामिल करता है।

सरल शब्दों में कहें तो यह मॉडल इस सिंपल सोच पर आधारित है कि टेक्नोलॉजी से पढ़ाई या ट्रेनिंग आसान और तेज हो सकती है, लेकिन एक बेहतर लीडर बनने के लिए इंसानों से बातचीत और जुड़ाव ही काम आता है। यह डिजाइन तकनीक के सामान्य इस्तेमाल के बजाय, करिकुलम में किए गए बुनियादी और सोचे-समझे बदलावों को दिखाता है।

AI टूल्स का इस्तेमाल

जयपुरिया इंस्टीट्यूट AI को इलेक्टिव या ऐड-ऑन सर्टिफिकेशन के तौर पर नहीं मानता। यह एम्बेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करता है। इंस्टीट्यूट में छात्र रेज्यूमे ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्क्रिप्ट/वनCV, AI-ड्रिवन इंटरव्यू सिमुलेशन के लिए रिहर्सल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए शोरनर, और रियल-टाइम क्लाइंट एंगेजमेंट के लिए AI-इनेबल्ड वर्कस्पेस जैसे प्रोप्राइटरी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

ये टेक्नोलॉजी के काम को आसान बनाते हैं, जिससे क्लास में समय बचता है और उस समय का उपयोग सही निर्णय लेने और लीडरशिप स्किल सिखाने में किया जा सकता है।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मेंटरशिप इंटेंसिटी, पीयर कोलेबोरेशन और स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एक्सपोजर में लगातार निवेश कर रहा है। AI असिस्टेड प्रोसेस से बचे हुए समय को लीडरशिप डेवलपमेंट, डिसीजन लैब्स, लाइव कंसल्टिंग असाइनमेंट और इटरेटिव फीडबैक एनवायरनमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। फाइनल इवैल्यूएशन अभी भी फैकल्टी यानी शिक्षकों के हाथ में है।

“शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकती है, लेकिन शिक्षा का असली मतलब है कि कोई इंसान कैसे सोचता है, फैसला करता है या जिम्मेदारी लेता है। हमें इंसान के भीतर शिक्षा को विकसित करना होगा।

अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला

टेक्नोलॉजी तैयारी के स्पीड को बढ़ा सकती है, लेकिन जजमेंट, एथिक्स और लीडरशिप को अंदर से सीखना होगा,” ऑटोमेशन और एजुकेशन के बीच के अंतर को और पक्का करते हुए श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में कहा।

कंसल्टिंग फर्म, BFSI इंस्टीट्यूशन, एनालिटिक्स कंपनियां और डिजिटल एंटरप्राइज AI की समझ रखने वाले उन MBAs को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं जो ऑटोमेटेड सिस्टम के साथ डेटा को इंटरप्रेट कर सकते हैं।

MBA प्लेसमेंट का तरीका अब इसी बदलाव को दिखाता है, जिसमें AI अब कंसल्टिंग, BFSI, एनालिटिक्स और डिजिटल फर्म में रोल डिस्क्रिप्शन में शामिल है।

हाल ही में हुए एक पोल ने इस ट्रेंड को कन्फर्म किया है, जिसमें कहा गया है कि 99% C-सूट लीडर और 94% एम्प्लॉई किसी न किसी तरह से जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करते हैं। बेहतर सैलरी उन कुछ बड़े विश्वविद्यालयों तक ही सीमित है, जिन्होंने अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला है।

यह बदलाव अभी के रिक्रूटमेंट आउटकम में पहले से ही दिख रहा है। PGDM 2024–26 बैच में, श्रीजन ताम्रकार, स्नेहा केशरी, आकांक्षा सोनी और नव्या मिश्रा ने BNY के साथ AI एनालिस्ट के तौर पर रोल हासिल किए, जो मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स की बढ़ती मांग को दिखाता है जो फाइनेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों को मिलाकर काम कर सकें।

AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे

क्लासरूम से इंडस्ट्री तक के इस बदलाव के बारे में बताते हुए, 2024-2026 बैच के छात्र श्रीजन ताम्रकार कहते हैं, “AI कॉर्पोरेट दुनिया में हलचल पैदा कर रहा है, लेकिन जयपुरिया में इसके चर्चा में आने से पहले से ही हम अपनी क्लासरूम, इंटरव्यू और प्रोजेक्ट्स में AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे।

AI-ड्रिवन एनालिसिस का वो शुरुआती अनुभव, Human Judgment और Decision-Making पर मेरा अधिक फोकस ने मुझे BNY में AI Analyst के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालने का भरोसा दिया” करिकुलम और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच का यह तालमेल जयपुरिया के सभी कैंपस में एक जैसा है।

हाल के साइकल में, इंस्टीट्यूट ने ₹36 लाख प्रति वर्ष से अधिक का सबसे बड़ा पैकेज और 100% समरटाइम इंटर्नशिप एम्प्लॉयमेंट रेट दर्ज किया गया है। ग्रेजुएट्स को पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में सीनियर एनालिस्ट, एडवाइजिंग में बिजनेस एनालिस्ट, लीडरशिप पाइपलाइन पर मैनेजेरियल ट्रेनी और प्रॉफिट और लॉस अकाउंटेबिलिटी वाले टेरिटरी मैनेजर के तौर पर नौकरी मिली।

हायरिंग प्रोसेस में BlackRock, Deloitte, Genpact, ICICI Bank और फाइनेंशियल सर्विसेज, कंसल्टिंग, FMCG और रिटेल ऑपरेशंस की 275 से ज्यादा कंपनियों के रिक्रूटर्स ने हिस्सा लिया।

PGDM/MBA 2026-28: प्रोग्राम की जानकारी एक्रेडिटेशन और रैंकिंग: 1. NIRF 2025: नोएडा (दिल्ली NCR) (41वां), लखनऊ (67वां), जयपुर (74वां), इंदौर (101-125) 2. AACSB एक्रेडिटेड (दुनिया भर में टॉप 6%) 3. NBA एक्रेडिटेड | NAAC A+ | AIU रिकॉग्नाइज्ड PGDM/MBA 2026–28 प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.