Monday, 13 Apr 2026 | 05:20 AM

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US Iran Israel War Photos; Ali Khamenei Trump Netanyahu

US Iran Israel War Photos; Ali Khamenei Trump Netanyahu

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल जंग का सोमवार को तीसरा दिन है। इजराइल लगातार ईरान समेत बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। रविवार रात इजराइली सेनाओं ने मिसाइलें दागीं। उधर, ईरान ने भी गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा किया। 23 फोटोज में देखें, हमलों के बाद के हालात… हिजबुल्लाह के दागे रॉकेट को रोकने के लिए इजराइल ने पहली बार आयरन बीम का इस्तेमाल किया। आयरन बीम इजराइल की एडवांस लेजर एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका काम कम दूरी से दागे गए रॉकेट, मोर्टार, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट करना है। गल्फ देशों में ईरान के हमले और असर की तस्वीरें… ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आरामको की है। इसकी क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास मानी जाती है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर स्कायलाइट को निशाना बनाया। इससे उसके एक भाग में आग लग गई। बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी हमले का फुटेज। ईरान के हमलों की वजह से दुबई में सोमवार को इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। कुवैत ने गलती से अमेरिका के फाइटर जेट गिराए कुवैत ने सोमवार को गलती से अमेरिकी फाइटर जेट गिरा दिए। अमेरिकी सेना के मुताबिक, कुवैत के एयरडिफेंस सिस्टम ने गलती से इन विमानों को दुश्मन समझकर निशाना बनाया। कुवैत ने अमेरिका के 3 F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को गिरा दिया। सभी पायलट सुरक्षित। अमेरिकी फाइटर पायलट ने जेट से कूद कर अपनी जान बचाई। बेरूत में इजराइल के हमले की तस्वीरें इजराइल ने बेरूत में रविवार को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इजराइल ने बेरूत के लोगों से शहर छोड़ने को कहा। इसके बाद लोग देर रात से ही देश बाहर जा रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। इजराइल ने ईरान में फिर मिसाइलें दागीं इजराइल ने रविवार को रातभर ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले किए। इजराइली एयरफोर्स ने तेहरान में स्थित गांधी हॉस्पिटल को निशाना बनाया है। इसमें हॉस्पिटल की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो गई। ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें 2 लोग मारे गए हैं। ईरान के शाजारे तैय्यबेह एलीमेंट्री स्कूल में लगातार तीसरे दिन रेस्क्यू का काम जारी है। अब तक यहां 180 छात्राओं की मौत हो चुकी है। 28 मार्च को एक इजराइली मिसाइल यहां गिरी थी। ईरान ने सोमवार को अपनी भूमिगत सुरंगों की फुटेज जारी की। इसमें ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर दिखाई दे रहे हैं। इजराइल में हमले की फोटोज एक ईरानी मिसाइल हमले में मारी गई मां और बेटी के अंतिम संस्कार के दौरान सोमवार को इजराइल के बेइत शेमेश स्थित एक कब्रिस्तान में सायरन बजते ही शोक मनाने वाले लोग बचते दिखाई दिए। यह वायरल वीडियो यरूशलम का है। दावा है कि ईरान की एक मिसाइल ने इजराइल के 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा दिया और तय टारगेट को निशाना बनाया। यह तस्वीर यरूशलम की है। रविवार देर रात ईरान ने यहां एक मिसाइल दागी। वह सड़क पर जा गिरी। इजराइली सुरक्षा बल हमले के बाद के हालात का जायजा ले रहे हैं। तेल अवीव में ईरानी हमलों में एक महिला घायल हो गई। बचावकर्मी उसे अस्पताल ले जाते हुए। इजराइल में हजारों लोग ईरानी हमलों से बचने के लिए बंकर और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। 1 मार्च: अमेरिका-इजराइल की ईरान पर हमले की 3 तस्वीरें इजराइली सेना IDF ने रविवार को तेहरान में हमले का एक और फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने ईरान के एयरबेस पर खड़े एक विमान को निशाना बनाया। फुटेज अमेरिकी सेना ने जारी किया है। —— ये खबरें भी पढ़ें अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 50 PHOTOS-VIDEO: एंकर ने रोते हुए खामेनेई की मौत की खबर पढ़ी अमेरिका-इजराइल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक है। रविवार को खामेनेई समर्थकों ने सड़कों पर मातम मनाया। शोक सभाएं और विरोध-प्रदर्शन किया। उधर, कई शहरों से जश्न की खबरें भी आईं। अमेरिका-जापान में भी खामेनेई विरोधियों ने खुशी जताई। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran Khamenei US Israel Attack Punjab Teacher viral Video

Iran Khamenei US Israel Attack Punjab Teacher viral Video

वीडियो में परेशानी बताते वक्त एसएसडी गर्ल्स कॉलेज बठिंडा की प्रिंसीपल नीरू गर्ग घबराई हुई नजर आईं। US-इजराइल और ईरान जंग से मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने लगे हैं, जिसका असर अब पंजाब के लोगों पर भी दिख रहा है। एयरस्पेस बंद होने से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में दुबई के शारजाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई पंजाबी यात्री फंस गए हैं। . बठिंडा की प्रिंसिपल नीरू गर्ग ने एयरपोर्ट से वीडियो जारी कर बताया कि उनके पास बीपी और शुगर जैसी जरूरी दवाइयां खत्म हो चुकी हैं और हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत सरकार से मदद की अपील की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रबंध नहीं हुआ। नीरू ने बताया कि रात करीब 10 बजे उन्हें एयरपोर्ट से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। उन्हें इंडिगो से भी शिकायत है, क्योंकि एयरलाइन ने बाहर अधिकारियों के मिलने की बात कही थी, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। काफी देर इंतजार के बाद उन्होंने होटल तलाश किया, पर सभी होटल भरे हुए थे। अंत में 20 किलोमीटर दूर एक महंगा होटल मिला, जहां उन्होंने रात बिताई। अब होटल प्रबंधन ने उन्हें कमरा खाली करने को कहा है और उनके पास पैसे भी लगभग खत्म हो चुके हैं। नीरू ने कहा कि उनकी दवाइयां खत्म हो चुकी हैं और कोई कुछ बताने वाला नहीं है। उन्होंने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित निकासी की मांग की है। नीरू ने कहा कि उनके परिचित आर्थिक मदद की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन वे चाहती हैं कि सरकार जल्द हस्तक्षेप कर सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाए। वे अपने बच्चों से मिलने गईं थी। वीडियो में बोलते वक्त टीचर काफी बैचेन नजर आईं। दुबई में फंसी टीचर ने बताए हालात… एयरपोर्स से निकाल दिया, कोई हेल्प नहीं मिली: एसएसडी गर्ल्स कॉलेज बठिंडा की प्रिंसीपल नीरू गर्ग ने कहा कि मैंने भारत सरकार से गुहार लगाई थी कि हमारे लिए कोई प्रबंध किया जाए। मैं आपको ताजा हालात बताना चाहती हूं कि कल हमें रात 10 बजे एयरपोर्ट से बाहर निकाल दिया गया। हमें कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए और न ही कोई सहायता मिली। एयरलाइंस और होटल की समस्या: नीरू गर्ग ने कहा कि हमें सबसे ज्यादा शिकायत इंडिगो एयरलाइंस से है, क्योंकि उन्होंने कहा था कि बाहर उनके अधिकारी मिलेंगे पर वहां कोई नहीं था। हम आधा घंटा बाहर बैठे रहे फिर हमने होटल ढूंढे पर सब भरे हुए थे। 20 किलोमीटर दूर हमें एक बहुत महंगा होटल मिला जहां रात काटी। दवाइयां खत्म हो गई हैं और सरकारी मदद दी जाए: नीरू गर्ग ने बताया कि अब होटल छोड़ने का समय हो चुका है। हमारे पास पैसे खत्म हो गए हैं और सबसे जरूरी बात कि हमारी बीपी और अन्य दवाइयां भी खत्म हो चुकी हैं। मेरी भारत सरकार से विनती है कि कृपया हमसे संपर्क करें और जल्द से जल्द हमें यहां से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। जंग में फंसे पंजाबी यात्रियों की परेशानी के 3 PHOTOS…. दुबई एयरपोर्ट पर परेशान पंजाबी यात्री ने कहा कि वे डरे हुए हैं। उन्हें सुरक्षा दी जाए। दुबई एयरपोर्ट पर परेशान पंजाब के यात्री। इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने से सभी फंसे हैं। दुबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी देता पंजाब का यात्री। हमें एक घंटे पहले बताया कि फ्लाइट कैंसिल हैं शारजाह एयरपोर्ट पर पंजाब के एक यात्री ने बताया कि वह दोपहर ढाई बजे से एयरपोर्ट पर हैं। फ्लाइट की जिम्मेदारी हमारी केयर करना है, लेकिन मैनेजर आया था, हमें कहा कि इंतजाम कर रहे हैं। वह हमें मीठी गोली देकर निकल गया। इसके बाद से कोई पूछने वाला नहीं है। मैं पांच दिन के वीजा पर बच्चों से मिलने आया था। अब मेरा वीजा भी खत्म हो चुका है। एक अन्य पंजाबी यात्री ने बताया कि हम सब यहां पर डरे हुए हैं। घर से बार-बार फोन आ रहे हैं। यहां न रहने के लिए हमारे पास कोई इंतजाम है और न ही कोई एयरपोर्ट की तरफ से व्यवस्था की गई है। अमृतसर से खाड़ी देश जाने वाली कई फ्लाइट रद्द अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं। इससे सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। सुरक्षा कारणों से अमृतसर से दुबई, शारजाह, मस्कट और दोहा जाने वाली लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अचानक मिली इस जानकारी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोहा जाने वाले यात्री अरविंदर सिंह ने बताया, ‘मैं पिछले दो साल से दोहा में लेबर का काम कर रहा हूं। छुट्टी काटकर आज वापस जाना था, लेकिन फ्लाइट रद्द है। अब समझ नहीं आ रहा क्या करूं। पंजाबी यात्रियों के लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर जारी करते खालसा एड के सदस्य। खासला एड आगे आई, हेल्पलाइन नंबर जारी किया UAE में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए ग्लोबल NGO खालसा एड ने हेल्पलाइन नंबर 772 54-7520711 जारी किया है। खालसा एड के सदस्यों ने वीडियो जारी कर कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि मिडिल ईस्ट के देशों में एयरपोर्ट बंद होने की वजह से हमारे बहुत से लोग वहां फंसे हुए हैं। उनके लिए सलाह यह है कि आप जहां भी हैं, वहीं रहें और ज्यादा इधर उधर न घूमें। खाने-पीने का सामान और खासकर पानी का पर्याप्त स्टॉक अपने पास रखें। इंडियन एंबेंसी की वेबसाइट पर नजर रखें खालसा एड ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि भारतीय दूतावास यानी इंडियन एंबेंसी की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज पर लगातार नजर रखें और अपनी जानकारी वहां अपडेट करते रहें, अगर आप अपना होटल या रहने की जगह बदलते हैं, तो उसकी सूचना तुरंत दूतावास को दें ताकि जब सरकार आपको निकालने के लिए जहाज भेजे तो उन्हें आपकी सही लोकेशन पता हो और वे आप तक आसानी से पहुंच सकें। एक-दूसरे की मदद करें, सुरक्षित रहें और घबराएं नहीं। भारत सरकार ने भरोसा दिया है कि हालात मिलते ही फ्लाइट्स भेजकर सबको सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। ************** ये खबर भी पढ़ें: ईरान-इजराइल युद्ध असर अमृतसर से कई उड़ाने रद्द: एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से

India GDP Grows 7.8% in Q3 Amidst Trump Tariffs; Gold & Silver Prices Surge

India GDP Grows 7.8% in Q3 Amidst Trump Tariffs; Gold & Silver Prices Surge

Hindi News Business India GDP Grows 7.8% In Q3 Amidst Trump Tariffs; Gold & Silver Prices Surge 34 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी के दाम से जुड़ी रही। सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार 27 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,075 रुपए बढ़कर ₹1.59 लाख पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज शेयर बाजार बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सोना आज ₹1,075 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा: इस साल कीमत में ₹26 हजार का इजाफा; चांदी ₹6,033 महंगी होकर ₹2.66 लाख/किलो हुई सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार 27 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,075 रुपए बढ़कर ₹1.59 लाख पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 6,033 रुपए बढ़कर ₹2.66 लाख पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.61 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही: ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। इस नई सीरीज के हिसाब से तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पिछले साल 7.1% था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. जैक डॉर्सी की कंपनी ब्लॉक ने 4,000 कर्मचारियों को निकाला: बोले- AI की वजह से टीम छोटी कर रहे, यह कंपनी के इतिहास का सबसे कठिन फैसला जैक डॉर्सी की डिजिटल पेमेंट कंपनी ‘ब्लॉक’ ने कंपनी में बड़े स्तर पर छंटनी का ऐलान किया। कंपनी अपनी टोटल वर्कफोर्स में से करीब 40% यानी 4,000 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर निकाल रही है। कंपनी के को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने इस छंटनी का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता यूज और कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों को कम करना बताया। डॉर्सी ने X पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. रियल-टाइम सर्च पावर के साथ आया नैनो बनाना 2: शब्दों से तुरंत 4K इमेज बनाएगा; फोटो का बैकग्राउंड भी ज्यादा सटीकता से बदलेगा गूगल ने अपना अब तक का सबसे तेज और एडवांस AI इमेज जनरेशन मॉडल नैनो बनाना 2 लॉन्च कर दिया है। CEO सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का ‘बेस्ट इमेज मॉडल’ बताया है। यह नया टूल कल्पना को हाई-क्वालिटी तस्वीर में बदल सकता है। गूगल सर्च की मदद से रियल-टाइम जानकारी का इस्तेमाल कर सटीक और असली दिखने वाली इमेज भी तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स की तुलना में ज्यादा तेजी से और ज्यादा बारीकी के साथ रिजल्ट देता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

54 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन ने 85 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए बुधवार से इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जरूरी कर दिया है। इस नियम के तहत बिना वैध ETA, ई-वीजा या अन्य जरूरी दस्तावेज के यात्रियों को एयरलाइंस बोर्डिंग की अनुमति नहीं देंगी। ETA योजना 2023 में शुरू की गई थी। इसके तहत जिन यात्रियों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें यात्रा से पहले ऑनलाइन आवेदन कर 16 ब्रिटिश पाउंड (करीब 1970 रुपए) शुल्क देकर प्री-ट्रैवल परमिट लेना होगा। ETA एक डिजिटल एंट्री परमिट है जो उन विदेशी यात्रियों के लिए जरूरी होता है, जिन्हें वीजा की जरुरत नही होती। यह पासपोर्ट से इलेक्ट्रोनिक रूप से जुड़ा होता है और यात्री की सुरक्षा जाचं के लिए यूज किया जाता है। वहीं ई-वीजा डिजिटल वीजा होता है जो पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी। अप्रैल 2024 में इसे यूरोपीय यात्रियों तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब तक सख्त अमल नहीं हो रहा था। 25 फरवरी से यह पूरी तरह लागू हो गया है। यह नई व्यवस्था पुराने पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी। ब्रिटिश और आयरिश नागरिकों, दोहरी नागरिकता रखने वालों और ब्रिटेन में रहने का अधिकार रखने वालों को इस नियम से छूट दी गई है। ब्रिटेन के माइग्रेशन और सिटिजनशिप मिनिस्टर माइक टैप ने कहा कि यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और प्रणाली को अधिक आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। ब्रिटेन के माइग्रेशन मंत्री माइक टैप ने कहा कि ETA स्कीम देश की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, इससे एंट्री सिस्टम अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगा, जिससे यात्रियों और ब्रिटिश नागरिकों दोनों को लाभ होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

China Nuclear weapons Test Vs US; Donald Trump Xi Jinping

China Nuclear Arms Race | US Claims Secret 2020 Test

वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि चीन ने छह साल पहले 2020 में एक सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव ने सोमवार को कहा कि 22 जून 2020 को चीन के पश्चिमी इलाके में स्थित लोप नूर में अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट सेंटर पर एक विस्फोट हुआ था। यह विस्फोट 2.75 तीव्रता का था, जिसकी जानकारी पड़ोसी देश कजाकिस्तान के स्टेशन से मिली। येव ने इसे एक परमाणु विस्फोट बताया। उन्होंने कहा कि भूंकप माइनिंग विस्फोट से अलग थे। यह एक सिंगल फायर एक्सप्लोजन की तरह था, जो परमाणु परीक्षण की निशानी है। येव ने कहा कि चीन ने जानबूझकर अपनी परमाणु ताकत बढ़ाई है। उन्होने बताया कि 2020 से अब तक चीन के परमाणु हथियार 200 से बढ़कर 600 से ज्यादा हो गए हैं। अनुमान है कि 2030 तक यह संख्या 1,000 से ऊपर पहुंच जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित परमाणु सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए। अमेरिका का दावा- चीन अपने परमाणु जखीरे का विस्तार कर रहा यह दावा ऐसे समय में आया है जब इस महीने अमेरिका और रूस के बीच का आखिरी बड़ा परमाणु समझौता न्यू स्टार्ट संधि खत्म हो गया है। इस संधि के खत्म होने के साथ ही दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के हथियारों पर लगी सीमाएं हट गई हैं, जिससे नए न्यूक्लियर हथियारों की दौड़ की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका अब चीन और रूस से पारदर्शिता और खतरनाक हथियारों को सीमित करने की मांग कर रहा है, जबकि चीन इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है। येव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित निरस्त्रीकरण (हथियारों का त्याग) कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू स्टार्ट समझौते की सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें चीन के तेजी से बढ़ते और गोपनीय परमाणु कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया। अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा समझौता चाहते हैं ट्रम्प पिछले कुछ सालों में परमाणु हथियारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई विवाद हुए हैं। 2010 में अमेरिका और रूस ने न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जो दोनों देशों के रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती थी। इस संधि के तहत दोनों देशों को अपने परमाणु वारहेड्स को 1,550 तक सीमित रखना था और मिसाइलों और बॉम्बर्स की संख्या पर भी पाबंदी थी। इस संधि में रूस के गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों, जैसे छोटी दूरी के हथियारों को शामिल नहीं किया गया था। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा परमाणु समझौते की कोशिश की थी, लेकिन यह असफल रही। ट्रम्प ने 2020 में अमेरिका के परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की बात भी कही थी, हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि इसमें विस्फोटक परीक्षण नहीं होंगे। 1992 के बाद अमेरिका ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है। चीन का आरोप- अमेरिका खुद परीक्षण शुरू करना चाहता चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सम्मेलन में चीन के राजदूत जियान शेन ने कहा कि अमेरिका के दावे पूरी तरह झूठे हैं। यह अमेरिका का बहाना है ताकि वह खुद परीक्षण शुरू कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने हमेशा परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का पालन किया है और पांच परमाणु शक्तियों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की प्रतिबद्धता के मुताबिक कोई परीक्षण नहीं किया। चीन का कहना है कि उसका परमाणु भंडार अमेरिका या रूस जितना बड़ा नहीं है, इसलिए तीन तरफा वार्ता की मांग गलत है। उन्होंने बताया कि चीन की रणनीतिक स्थिति अलग है और वह केवल रक्षा के लिए परमाणु हथियार रखता है। वॉशिंगटन में कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के विशेषज्ञ टोंग झाओ ने कहा कि अगर चीन ने सच में परीक्षण किया तो उसकी जिम्मेदार परमाणु शक्ति वाली छवि खराब हो सकती है और अमेरिका को परीक्षण बहाल करने का मौका मिल सकता है। दूसरे देशों पर दबाव बना रहे ट्रम्प अमेरिका अब इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा रहा है। येव ने सम्मेलन में दूसरे देशों चीन और रूस पर बहुपक्षीय बातचीत में शामिल होने के लिए दबाव डालने के लिए कहा है। अमेरिका ने रूस और चीन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है और फ्रांस, ब्रिटेन जैसे सहयोगियों के साथ चर्चा जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कम परमाणु हथियार चाहता है, लेकिन चीन और रूस की वृद्धि को देखते हुए चुप नहीं बैठेगा। यह पूरा मामला वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। अगर परमाणु परीक्षण फिर शुरू हुए तो हथियार दौड़ और तेज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता और बातचीत से ही इस समस्या का समाधान निकल सकता है। परमाणु हथियारों की टेस्टिंग का आदेश दे चुके ट्रम्प ट्रम्प खुद भी साल 2025 के अंत में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को परमाणु हथियारों की तुरंत टेस्टिंग शुरू करने का आदेश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्टिंग चीन और रूस के बराबर होनी चाहिए। अमेरिका ने आखिरी बार 23 सितंबर 1992 को परमाणु परीक्षण किया था। यह अमेरिका की 1,030वीं टेस्टिंग थी। टेस्टिंग रेनियर मेसा पहाड़ी के 2300 फीट नीचे नेवादा टेस्ट साइट पर की गई, ताकि रेडिएशन बाहर न फैले। इसका कोडनेम था- डिवाइडर। विस्फोट जमीन के नीचे इतनी जोर से हुआ कि नीचे की चट्टानें पिघल गई थीं। जमीन की सतह लगभग 1 फुट ऊपर उठकर फिर धंस गई। वहां अभी भी 150 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा गड्ढ़ा दिखाई देता है। चीन हर साल 100 नए परमाणु हथियार बना रहा दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देश अपनी न्यूक्लियर ताकत लगातार बढ़ा रहे हैं। सबसे तेज रफ्तार से यह काम चीन कर रहा है, जिसने हर साल औसतन 100 नए वॉरहेड अपने जखीरे में जोड़े हैं। अब उसके पास कम से कम 600 परमाणु वॉरहेड हो चुके हैं। ये जानकारी स्वीडन स्थित थिंक टैंक SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ताजा रिपोर्ट में दी गई है। SIPRI की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया

World News Updates; Trump Pakistan China

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30 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सेना ने सोमवार को कैरेबियन सागर में ड्रग-तस्करों की नावों पर हवाई हमला किया। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई। ट्रम्प प्रशासन के अभियान के तहत सितंबर से अब तक 151 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी सरकार के मुताबिक यह लोग ड्रग तस्करी में शामिल थे। यूएस कमांड के मुताबिक यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें आउटबोर्ड इंजन लगी छोटी नाव को नष्ट होते दिखाया गया है। सेना ने दावा किया कि नाव नार्को-ट्रैफिकिंग रूट पर चल रही थी और ड्रग-तस्करी में शामिल थी। इन हमलों को लेकर विवाद तब और बढ़ गया, जब खुलासा हुआ कि पहली नाव पर हमले के बाद बचे लोगों को फॉलो-अप स्ट्राइक में मार दिया गया था। ट्रम्प बोले- अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका के जनरल ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी खबरे 100 फीसदी गलत हैं। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘मीडिया में कई खबरें चल रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि जनरल डैनियल केन ईरान के खिलाफ युद्ध के फैसले के विरोध में हैं। इन खबरों में इस जानकारी का कोई स्रोत नहीं बताया गया है और पूरी तरह गलत है।’ उन्होंने लिखा, ‘’जनरल केन हम सबकी तरह युद्ध नहीं देखना चाहते, लेकिन अगर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया जाता है, तो उनकी राय है कि यह काफी आसान होगा। वह ईरान को अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि उन्होंने मिडनाइट हैमर ऑपरेशन को लीड किया था, जिसमें ईरान के परमाणु एनरिचमेंट प्रोग्राम पर हमला हुआ था। ट्रम्प ने लिखा, ‘ईरान के साथ युद्ध के बारे में जो कुछ भी लिखा गया है, वह गलत और जानबूझकर फैलाया गया भ्रम है। फैसला मैं करता हूं। मैं समझौता करना ज्यादा पसंद करूंगा, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ, तो उस देश के लिए और दुर्भाग्य से उसके लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा। वे लोग कमाल के हैं उनके साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए।’ ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है। लेकिन अभी तक इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली है। ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। वहीं ट्रम्प बार-बार हमले की धमकी दे चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… आज से ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद: अमेरिका को ₹16 लाख करोड़ लौटाने पड़ सकते हैं; कोर्ट ने 3 दिन पहले रोक लगाई अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन पहले इन टैरिफ को गैरकानूनी बताया गया था। अमेरिकी US कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CPB) ने एक बयान में कहा- 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। एजेंसी ने इम्पोर्ट्स को निर्देश दिया है कि इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कोर्ट से इस फैसले से अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई वापस करनी पड़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें… मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा :25 सैनिकों समेत 32 मौतें, 20 बैंक फूंके; गर्लफ्रेंड से लोकेशन का पता चला मेक्सिको में ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी। कई जगह रोडब्लॉक लगाए, गाड़ियों और 20 से ज्यादा सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। दरअसल, मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा अन्य 8 अपराधी भी मारे गए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Donald Trump Tariff Collection Crisis; IEEPA Law Vs US Supreme Court

Donald Trump Tariff Collection Crisis; IEEPA Law Vs US Supreme Court

वॉशिंगटन डीसी52 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन पहले इन टैरिफ को गैरकानूनी बताया गया था। अमेरिकी US कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CPB) ने एक बयान में कहा- 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। एजेंसी ने इम्पोर्ट्स को निर्देश दिया है कि इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कोर्ट से इस फैसले से अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई वापस करनी पड़ सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक, IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से अमेरिका की हर दिन 50 करोड़ डॉलर (4,500 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई हो रही थी। अब इन्हें रद्द किए जाने के बाद कंपनियां रिफंड की मांग कर सकती हैं। ट्रम्प बोले- सुप्रीम कोर्ट ने मुझे पहले से ज्यादा अधिकार दे दिए राष्ट्रपति ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद सोमवार को कहा कि इस फैसले से उल्टा उनकी ताकत और बढ़ गई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने अनजाने में उन्हें पहले से ज्यादा अधिकार दे दिए हैं। ट्रम्प ने कहा कि वह कुछ समय तक ‘सुप्रीम कोर्ट’ स्माल लेट में लिखेंगे क्योंकि उन्हें इस फैसले से सम्मान नहीं रहा। उन्होंने फैसले को बेवकूफाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांटने वाला बताया। इसके बावजूद ट्रम्प का कहना है कि इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि वह दूसरे कानूनों के तहत टैरिफ लगाने की अपनी ताकत का और ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। कोर्ट ने बाकी बचे टैरिफ को कानूनी तौर पर मजबूत कर दिया है और अब वह उन्हें और ज्यादा सख्त तरीके से लागू कर सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वह लाइसेंस जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके देशों के खिलाफ कड़े कदम उठा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने बाकी सभी टैरिफ को मंजूरी दे दी है और ऐसे टैरिफ की संख्या काफी ज्यादा है। वसूला गया टैरिफ वापस होगा या नहीं इसकी जानकारी नहीं यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तीन दिन से ज्यादा समय बाद लागू किया जा रहा है। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि इन तीन दिनों में टैरिफ क्यों वसूले जाते रहे। यह भी साफ नहीं किया गया है कि जिन लोगों से पैसा लिया गया है, उन्हें वह वापस मिलेगा या नहीं। यह आदेश सिर्फ IEEPA कानून के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू होगा। जबकि नेशनल सिक्टोरिटी के नाम पर ‘सेक्शन 232’ के तहत और अनफेयर ट्रेड केस के ‘सेक्शन 301’ के तहत लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे और उन पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। CBP ने कहा है कि वह व्यापार से जुड़े लोगों को आगे की जानकारी आधिकारिक संदेशों के जरिए देती रहेगी। अमेरिकी कानून के सेक्शन 232 और सेक्शन 301 को जानिए अमेरिका के व्यापार कानून में सेक्शन 232 और सेक्शन 301 ऐसे नियम हैं, जिनके जरिए सरकार दूसरे देशों से आने वाले सामान पर टैरिफ लगा सकती है। सेक्शन 232- यह 1962 के कानून का हिस्सा है। अगर अमेरिकी सरकार को लगे कि किसी देश से ज्यादा सामान आने से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा हो सकता है, तो राष्ट्रपति उस सामान पर टैरिफ लगा सकते हैं। मतलब, अगर इम्पोर्ट से सेना, डिफेंस इंडस्ट्री या जरूरी घरेलू इंडस्ट्री कमजोर पड़ते दिखें, तो इस नियम का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में स्टील और एल्युमिनियम पर इसी सेक्शन के तहत टैरिफ लगाए थे। उनका कहना था कि ज्यादा इम्पोर्ट से अमेरिकी इंडस्ट्री कमजोर हो रही है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। सेक्शन 301- यह 1974 के कानून का हिस्सा है। अगर अमेरिका को लगे कि कोई देश उसके साथ गलत तरीके से व्यापार कर रहा है, जैसे नियमों का उल्लंघन, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) की चोरी या भेदभाव तो वह उस देश के सामान पर टैरिफ लगा सकता है। चीन के खिलाफ लगाए गए कई टैरिफ इसी सेक्शन 301 के तहत लगाए गए थे। ट्रम्प ने दुनिया भर पर 15% ग्लोबल टैरिफ लगाया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को ने 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने IEEPA कानून का इस्तेमाल करते हुए अपनी हद से ज्यादा ताकत ले ली थी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस कानून में राष्ट्रपति को इतने बड़े स्तर पर इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं है। कोर्ट का फैसला आते ही कुछ ही घंटों में ट्रम्प ने नए ग्लोबल टैरिफ ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार से अमेरिका में आने वाले हर सामान पर एक जैसा टैरिफ लगेगा। पहले यह 10% बताया गया, लेकिन बाद में अचानक इसे बढ़ाकर 15% कर दिया गया। इस अचानक बदलाव से कुछ अधिकारी भी हैरान रह गए। यह नया टैरिफ अमेरिकी व्यापार कानून के सेक्शन 122 के तहत लगाया गया है। इस नियम के तहत सरकार 15% तक टैरिफ लगा सकती है, लेकिन अगर इसे 150 दिनों से ज्यादा जारी रखना है तो कांग्रेस (संसद) की मंजूरी लेनी पड़ेगी। भारत भी 15% वाले टैरिफ के दायरे में इस फैसले का असर भारत पर भी पड़ेगा। पिछले एक साल में अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाला टैक्स कई बार बदला है। पहले करीब 26% था, फिर बढ़ाकर 50% तक कर दिया गया। उसके बाद इसे घटाकर 18% किया गया और अब कोर्ट के फैसले के बाद यह 15% वाले ग्लोबल टैरिफ में आ गया है। अब आगे भारतीय सामान पर असली असर क्या होगा, यह कुछ बातों पर टिका है। जैसे कि क्या अमेरिका की संसद 150 दिन की इस व्यवस्था को आगे बढ़ाती है या नहीं, भारत और अमेरिका के बीच जो अस्थायी व्यापार समझौता चल रहा है वह कब लागू होता है। इसके अलावा क्या अमेरिकी सरकार आगे कोई दूसरा कानूनी रास्ता अपनाती है या नहीं। मतलब साफ है कि अभी तस्वीर पूरी

Donald Trump Resort Security Breach Case; White House Briefing

Donald Trump Resort Security Breach Case; White House Briefing

वाशिंगटन10 घंटे पहले कॉपी लिंक डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को वाइट हाउस में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बात कही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा, ‘मैं कब तक जिंदा रहूंगा, यह मुझे नहीं पता। मैं बहुत लोगों की गोली के निशाने पर हूं।’ ट्रम्प ने वाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही। ट्रम्प के इस बयान को दो दिन पहले उनके रिजॉर्ट में हुई घुसपैठ से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, रविवार को एक शख्स डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो रिजॉर्ट में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। घटना स्थानीय समयानुसार रविवार रात 1.30 बजे हुई। राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि युवक गैरकानूनी तरीके से सुरक्षित इलाके में घुसने की कोशिश कर रहा था। वह अपने साथ शॉटगन और फ्यूल केन लेकर आया था। मारे गए युवक की उम्र 20 साल थी, वह नॉर्थ कैरोलीना का रहने वाला था। फिलहाल उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी में वाइट हाउस में मौजूद थे। आमतौर पर वह वीकेंड पर मार-ए-लागो में समय बिताते हैं। अधिकारियों ने युवक से बरामद हुई शॉटगन की एक तस्वीर जारी की है। इसमें एक लाल फ्यूल केन भी दिख रही है। कार की आड़ में अंदर घुसने की कोशिश की सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रिजॉर्ट के नॉर्थ गेट से एक कार के बाहर निकल रही थी, इसी दौरान युवक ने अंदर घुसने की कोशिश की। उसके पास शॉटगन और फ्यूल केन थी। सीक्रेट सर्विस के दो एजेंट्स ने उसे रोका और उससे हथियार और केन गिराने को कहा गया। युवक ने केन तो रख दी, लेकिन शॉटगन को गोली चलाने की पोजिशन में उठा लिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने गोली चलाई और वह मारा गया। जांच में पता चला कि इस शख्स परिवार ने कुछ दिन पहले उकसे लापता होने की रिपोर्ट की थी। वह नॉर्थ कैरोलीना से साउथ की ओर आया था और रास्ते में शॉटगन खरीदी। उसकी कार में गन का डिब्बा मिला भी है। ट्रम्प को चुनावी रैली में गोली मारी थी ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हो चुकी है। 13 जुलाई 2024 में ट्रम्प को एक चुनावी रैली के दौरान एक हमलावर ने गोली मार दी थी। उस वक्त वे राष्ट्रपति नहीं थे। उन पर यह हमला राष्ट्रपति चुनाव से 4 महीने पहले हुआ था। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट की दूरी से ट्रम्प पर असॉल्ट राइफल से गोली चलाई थी। यह गोली उनके कान को छूते हुए गुजरी थी। इसके बाद ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया था। गोली लगने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने ट्रम्प को कवर कर लिया था। हाथ उठाते हुए ट्रम्प की यह तस्वीर दुनियाभर में वायरल हुई थी। सीक्रेट सर्विस के पास राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस (USSS) के पास होता है। यह एक फेडरल एजेंसी है, जो होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के तहत काम करती है। सीक्रेट सर्विस की शुरुआत 1865 में हुई थी। शुरू में इसका मुख्य काम नकली नोट रोकना था, लेकिन 1901 में राष्ट्रपति विलियम मैकिन्ले की हत्या के बाद संसद ने इसे राष्ट्रपति की सुरक्षा का काम सौंप दिया। 1902 से यह सीक्रेट सर्विस की फुल-टाइम जिम्मेदारी बन गई। 1906 में कांग्रेस ने इसके लिए फंड्स और कानूनी अधिकार दिए। किन-किनकी सुरक्षा करती है सीक्रेट सर्विस? राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति (उनके परिवार) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनने वाले उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति (जीवनभर), उनकी पत्नी और 16 साल से कम उम्र के बच्चे विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख (जो अमेरिका आते हैं) राष्ट्रपति पद के प्रमुख उम्मीदवार और उनकी पत्नी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए यह सुरक्षा अनिवार्य है। वे इसे मना नहीं कर सकते। बाकी लोग मना कर सकते हैं। सीक्रेट सर्विस कैसे काम करती है? सीक्रेट सर्विस के स्पेशल एजेंट्स हमेशा तैनात रहते हैं। जब भी कोई अमेरिकी राष्ट्रपति कहीं जाता है, घर में रहता है या विदेश यात्रा करता है तो सीक्रेट सर्विस ही उसकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। एजेंट्स पहले से जगह का सर्वे करते हैं, खतरे की जानकारी इकट्ठा करते हैं और हर संभावित जोखिम को पहले ही रोकने की कोशिश करते हैं। ट्रम्प केरिजॉर्टमें एंट्री के लिए मेंबरशिप जरूरी ट्रम्प के रिजॉर्ट में बिना कार्ड यहां एंट्री नहीं होती। इसकी लाइफटाइम मेंबरशिप फीस 8.50 करोड़ रुपए है। पैसा होने पर भी सभी को मेंबरशिप नहीं मिलती है। इसके लिए पहले उसकी हिस्ट्री चेक होती है। मसलन बैंक अकाउंट डिटेल, सोशल स्टेट्स और फैमिली बैकग्राउंड। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में दुनियाभर के अमीर लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन कुछ को ही मेंबरशिप मिलती है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… टैरिफ में बदलाव से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बैठक टली:इसमें भारत पर 18% टैरिफ लगना था, अब ट्रम्प ने खुद ही ग्लोबल टैरिफ 15% किया भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर होने वाली बैठक टल गई है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी। बैठक 23-26 फरवरी को वॉशिंगटन में होनी थी। दरअसल समझौते में भारत को 18% टैरिफ देना था, लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सभी ग्लोबल टैरिफ रद्द कर दिए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

World News Updates; Trump Pakistan China

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11 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का निजी विमान ‘लोलिता एक्सप्रेस’ अब दक्षिणी अमेरिका के एक एयरक्राफ्ट यार्ड में जर्जर हालत में खड़ा है। करीब छह दशक पुराना यह बोइंग 727 अब दोबारा कभी उड़ान नहीं भरेगा। करीब 60 साल पुराना और 133 फीट लंबा लोलिता एक्सप्रेस कभी महंगी साज-सज्जा और निजी केबिन के लिए जाना जाता था। अब इसकी बाहरी सतह पर जंग और गंदगी की परत जमी है। इंजन वर्षों पहले हटा दिए गए, जिससे यह स्थायी रूप से जमीन पर खड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस विमान का इस्तेमाल नाबालिग लड़कियों को न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा ले जाने में किया गया। पीड़ितों ने बयान दिए कि उड़ानों के दौरान भी शोषण हुआ। एक सर्वाइवर वर्जीनिया जिउफ्रे ने भी दावा किया था कि उनके साथ विमान में यौन उत्पीड़न हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के भीतर अब भी फ्लाइट मैनुअल, फाइलें, नैपकिन और प्लेसमैट रखे हैं, जिन पर नंबर छपा है। बाथरूम कैबिनेट में टॉयलेट्री आइटम और निजी सामान पड़े हैं। मुख्य सोने वाले हिस्से में अब भी गद्दा मौजूद है, जिसके ऊपर इमरजेंसी ऑक्सीजन मास्क लटके हैं। लाल रंग के अपहोल्स्ट्री वाले सीटिंग लाउंज अब धूल से ढंके हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, 2001 में एपस्टीन से जुड़ी एक कंपनी ने यह विमान खरीदा था। 2019 में संघीय सेक्स-ट्रैफिकिंग आरोपों में उसकी गिरफ्तारी से ठीक पहले मालिकाना हक बदला गया। इसके बाद यह कई एविएशन कंपनियों के जरिए ट्रांसफर हुआ। हालांकि पहले इसे स्क्रैप करने की योजना थी, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह तोड़ा नहीं गया है। विमान को ‘लोलिता एक्सप्रेस’ उपनाम इसलिए दिया गया क्योंकि आरोप थे कि इसमें नाबालिग लड़कियों की तस्करी हुई। यह नाम 1955 के अडल्ट नॉवेल ‘लोलिता’ से लिया गया है, जिसमें एक पुरुष की 12 साल की लड़की के प्रति आसक्ति की कहानी है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… नेपाल- बस हाईवे से नदी में गिरी, 18 की मौत:25 घायल, मरने वालों में 2 विदेशी नागरिक; कंट्रोल खोने से हादसा नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार देर रात एक बस हाईवे से नदी में गिर गई। नेपाली मीडिया के मुताबिक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 घायल हैं। मृतकों में एक पुरुष और एक महिला विदेशी नागरिक शामिल हैं। हालांकि, यह किस देश से थे और इनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं। आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के मुताबिक, अब तक 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। बाद में एक अन्य यात्री की मौत की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों का आंकड़ा 18 हो गया। हादसे में घायल लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अब तक मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो सकी है। पूरी खबर पढ़ें… मेक्सिको में सेना ने सबसे बड़े ड्रग माफिया को मारा: ट्रम्प के दबाव के बाद एक्शन, देशभर में हिंसा शुरू, समर्थकों ने एयरपोर्ट-मॉल में आग लगाई मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई है। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया है और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। तलपला शहर में सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा कम से कम और 9 अपराधी भी मारे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nifty GDP Data & Trump Tariffs Watch; 25,900 Crucial for Markets

Nifty GDP Data & Trump Tariffs Watch; 25,900 Crucial for Markets

मुंबई2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। अब सोमवार 23 फरवरी से शुरू हो रहे नए कारोबारी हफ्ते में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ से लेकर भारत के जीडीपी जैसे आर्थिक आंकड़ों तक, कई ऐसी चीजें हैं जो निवेशकों की जेब पर असर डालेंगी। चलिए समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ट्रम्प के फैसलों से भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता पैदा हो गई है। निफ्टी के लिए 25,500–25,600 के लेवल को सपोर्ट बताया, जबकि ऊपर की ओर 25,700 से 25,900 के बीच रेजिस्टेंस दिख रहा है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी के लिए 25,400 का लेवल बहुत अहम सपोर्ट है और 25,800–26,000 का जोन मुख्य रेजिस्टेंस बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निफ्टी 25,400 के नीचे गिरता है, तो यह 25,100 के लेवल तक जा सकता है। अब 3 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगे… 1. ट्रम्प के नए टैरिफ और अमेरिका-भारत ट्रेड डील अमेरिका की टैरिफ से जुड़ी घोषणाओं पर पूरी दुनिया की नजर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। इस फैसले के बाद ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही। फिर एक दिन बाद 21 फरवरी को ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया। बार-बार टैरिफ को लेकर किए जा रहे इस बदलाव से दुनियाभर में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी बीच भारतीय अधिकारी एक ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अमेरिका जा रहे हैं। इस डील से जुड़ी कोई भी पॉजिटिव खबर बाजार के लिए बूस्टर का काम कर सकती है। 2. शुक्रवार को आएंगे भारत के GDP के आंकड़े सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) 27 फरवरी को नई सीरीज के आधार पर GDP के अनुमान जारी करेगा। इसके अलावा सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी इसी हफ्ते आएंगे। ये आंकड़े बताएंगे कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार कैसी है। 3. F&O एक्सपायरी से बढ़ेगी अस्थिरता फरवरी महीने की मंथली F&O एक्सपायरी 24 फरवरी को है। आमतौर पर एक्सपायरी वाले हफ्ते में बाजार में काफी उठापटक देखने को मिलती है। ट्रेडर अपनी पुरानी पोजीशन को सेटल करते हैं या अगली सीरीज में ले जाते हैं, जिससे मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। शुक्रवार को 316 अंक चढ़कर बंद हुआ था सेंसेक्स पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 0.2% चढ़ा। वहीं शुक्रवार को यह 316 अंक यानी 0.38% चढ़कर 82,814 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इस हफ्ते 0.4% मजबूत हुआ। शुक्रवार को इसमें 117 अंक यानी 0.46% की तेजी आई और यह 25,571 पर बंद हुआ। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी और सीखने के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…