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RPSC SI Re-Exam 2026 | Rajasthan Admit Card & Center List Update

RPSC SI Re-Exam 2026 | Rajasthan Admit Card & Center List Update

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को प्रदेश के 11 जिलों में उप-निरीक्षक / प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। परीक्षा में 2.18 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। इसके लिए 666 सेंटर बनाए गए है। . परीक्षा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आरपीएससी अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह की अध्यक्षता में पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या डमी अभ्यर्थी बैठाने के प्रयास को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बायोमेट्रिक जांच और फेस रिकग्निशन से फर्जीवाड़े की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म होंगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर ‘राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022’ के तहत त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 131 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए अजमेर में 74, अलवर में 48, भरतपुर में 58, बीकानेर में 47, हनुमानगढ़ में 23, जयपुर में सर्वाधिक 187, जोधपुर में 81, कोटा में 58, श्रीगंगानगर में 10, टोंक में 16 और उदयपुर में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन दो पारियों में किया जाएगा। प्रथम पारी में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा, जबकि द्वितीय पारी में दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। ​17 सितंबर को जारी होंगे प्रवेश पत्र परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 17 सितंबर 2026 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी अपने आवश्यक विवरण दर्ज कर समय पर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। ​ओएमआर शीट में 5वां विकल्प भरना होगा अनिवार्य वर्तमान नियमानुसार, इस बार अभ्यर्थियों के लिए ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प (अनुत्तरित प्रश्न) भरना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे यह पांचवां गोला आवश्यक रूप से भरना होगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। आयोग द्वारा इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी किया जा चुका है। अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना पहली प्राथमिकता। ​केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचना होगा, 60 मिनट पहले बंद होंगे प्रवेश द्वार परीक्षा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बायोमेट्रिक जांच, मेटा ग्लासेस एवं हाईटेक डिवाइसेज पर पैनी नजर परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, नकल या डमी अभ्यर्थी को रोकने के लिए थंब इंप्रेशन और फेस रिकॉगनीशन का उपयोग करते हुए सघन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया गया है। प्रवेश के दौरान एचएचएमडी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त मेटा ग्लासेस एवं ब्लूटूथ डिवाइसेज़ जैसे हाईटेक उपकरणों की रोकथाम के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। ​पुलिस और प्रशासन की सघन निगरानी वीसी में मौजूद पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी, रिक्रूटमेंट एवं क्राइम), सहित सभी कलक्टर और एसपी से परीक्षा के निर्बाध एवं शुचितापूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध तथा सघन सुरक्षा व्यवस्था का आग्रह किया गया हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण पाबंदी रहेगी तथा परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित एसओपी के अनुसार वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। पूर्व में डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर एसओजी एवं एटीएस द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। पिछली भर्ती में 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2021 का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए पहले हुई परीक्षा में 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी पिछली परीक्षा (13 से 15 सितंबर 2021) में शामिल हुए थे। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। जब री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया, तब 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका दिया गया था। बाद में सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की छूट दे दी गई। है।

Samantha Prabhu Seemantam Ceremony | Actress Baby Shower Photos Update

Samantha Prabhu Seemantam Ceremony | Actress Baby Shower Photos Update

5 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु और उनके पति राज निदिमोरु जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं। पहली बार मां बनने जा रही सामंथा के लिए पारंपरिक ‘सीमंतम’ (बेबी शावर) सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस सेरेमनी में सामंथा फूलों की माला पहने श्रीविद्या परंपरा के तहत पूजा-पाठ और अभिषेक कराती नजर आ रही हैं। इस दौरान उनके पति राज निदिमोरु भी उनके साथ रस्मों में हिस्सा लेते दिखे। एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर इस सेरेमनी की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। देखें बेबी शावर सेरेमनी की तस्वीरें …. सामंथा का पारंपरिक ‘सीमंतम’ (बेबी शावर) सेरेमनी का आयोजन किया गया। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर इस सेरेमनी की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। सेरेमनी में सामंथा फूलों की माला पहने श्रीविद्या परंपरा के तहत पूजा-पाठ कराती नजर आ रही हैं। श्रीविद्या परंपरा से हुई ‘सीमंतम’ की रस्म सामंथा ने बताया कि इस सेरेमनी का आयोजन तमिल और तेलुगू परंपराओं के अनुसार किया गया। हल्के ऑरेंज कलर के सूट और गले में फूलों की माला पहने सामंथा एक खुली जगह पर बैठी दिखीं। पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के जाप के साथ उन पर पवित्र जल से अभिषेक किया और सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। सामंथा ने बताया कि हालांकि वे हर रस्म का पूरा मतलब नहीं समझतीं, लेकिन मंत्रों के जाप से पैदा हुई सकारात्मक ऊर्जा और पीढ़ियों से चली आ रही इन परंपराओं के प्रति उनका मन हमेशा से सम्मान से भरा रहा है। अभिषेक के बाद ‘श्री चक्र यंत्र’ के केंद्र में बैठीं एक्ट्रेस । पूजा के दौरान सामंथा पर फूल चढ़ाए गए। ‘रस्म में मां को देवी का रूप माना गया’ इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर सामंथा ने लिखा कि सेरेमनी में श्रीविद्या उपासक पुजारी ने हर रस्म का अर्थ समझाया। उन्होंने बताया कि ‘कला आवरण’ (श्री कल्पम) रस्म के जरिए देवी की 94 कलाओं का सम्मान किया जाता है। इसके तहत गर्भवती महिला के सात चक्रों को पवित्र जल और मंत्रों से ऊर्जावान बनाया जाता है। सामंथा ने कहा कि इस रस्म की सबसे खास बात यह थी कि इसमें होने वाली मां को खुद एक देवी और पवित्र रचनाकार के रूप में देखा जाता है, जो एक नए जीवन को जन्म देने जा रही है। पूजा में उनके पति राज निदिमोरु भी उनके साथ रस्मों में हिस्सा लेते दिखे। श्री चक्र यंत्र के केंद्र में बैठकर किया जाप पूजा के अगले चरण के बारे में बताते हुए सामंथा ने लिखा कि अभिषेक के बाद होने वाली मां को ‘श्री चक्र यंत्र’ के केंद्र में बिठाया जाता है। यह यंत्र नौ आवरणों से बना होता है जो आध्यात्मिक यात्रा के अलग-अलग चरणों को दर्शाते हैं। देवी खड्गमाला के पाठ के दौरान नौ घेरों से जुड़ी दैवीय शक्तियों के नामों का जाप किया गया। सामंथा के मुताबिक, यह प्रक्रिया मन को भीतर की ओर मोड़ने और आने वाले बच्चे व मां दोनों की सुरक्षा का आशीर्वाद देती है। सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने पिछले साल शादी की थी। राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी। ये खबर भी पढ़ें सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Samantha Prabhu Seemantam Ceremony | Actress Baby Shower Photos Update

Samantha Prabhu Seemantam Ceremony | Actress Baby Shower Photos Update

14 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु और उनके पति राज निदिमोरु जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं। पहली बार मां बनने जा रही सामंथा के लिए पारंपरिक ‘सीमंतम’ (बेबी शावर) सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस सेरेमनी में सामंथा फूलों की माला पहने श्रीविद्या परंपरा के तहत पूजा-पाठ और अभिषेक कराती नजर आ रही हैं। इस दौरान उनके पति राज निदिमोरु भी उनके साथ रस्मों में हिस्सा लेते दिखे। एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर इस सेरेमनी की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। देखें बेबी शावर सेरेमनी की तस्वीरें …. सामंथा ने बताया कि इस सेरेमनी का आयोजन तमिल और तेलुगू परंपराओं के अनुसार किया गया। रस्म में गर्भवती महिला को पवित्र जल और मंत्रों से ऊर्जावान बनाया जाता है। सामंथा का पारंपरिक ‘सीमंतम’ (बेबी शावर) सेरेमनी का आयोजन किया गया। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर इस सेरेमनी की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। सेरेमनी में सामंथा फूलों की माला पहने श्रीविद्या परंपरा के तहत पूजा-पाठ कराती नजर आ रही हैं। श्रीविद्या परंपरा से हुई ‘सीमंतम’ की रस्म सामंथा ने बताया कि इस सेरेमनी का आयोजन तमिल और तेलुगू परंपराओं के अनुसार किया गया। हल्के ऑरेंज कलर के सूट और गले में फूलों की माला पहने सामंथा एक खुली जगह पर बैठी दिखीं। पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के जाप के साथ उन पर पवित्र जल से अभिषेक किया और सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। सामंथा ने बताया कि हालांकि वे हर रस्म का पूरा मतलब नहीं समझतीं, लेकिन मंत्रों के जाप से पैदा हुई सकारात्मक ऊर्जा और पीढ़ियों से चली आ रही इन परंपराओं के प्रति उनका मन हमेशा से सम्मान से भरा रहा है। अभिषेक के बाद ‘श्री चक्र यंत्र’ के केंद्र में बैठीं एक्ट्रेस । पूजा के दौरान सामंथा पर फूल चढ़ाए गए। ‘रस्म में मां को देवी का रूप माना गया’ इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर सामंथा ने लिखा कि सेरेमनी में श्रीविद्या उपासक पुजारी ने हर रस्म का अर्थ समझाया। उन्होंने बताया कि ‘कला आवरण’ (श्री कल्पम) रस्म के जरिए देवी की 94 कलाओं का सम्मान किया जाता है। इसके तहत गर्भवती महिला के सात चक्रों को पवित्र जल और मंत्रों से ऊर्जावान बनाया जाता है। सामंथा ने कहा कि इस रस्म की सबसे खास बात यह थी कि इसमें होने वाली मां को खुद एक देवी और पवित्र रचनाकार के रूप में देखा जाता है, जो एक नए जीवन को जन्म देने जा रही है। पूजा में उनके पति राज निदिमोरु भी उनके साथ रस्मों में हिस्सा लेते दिखे। श्री चक्र यंत्र के केंद्र में बैठकर किया जाप पूजा के अगले चरण के बारे में बताते हुए सामंथा ने लिखा कि अभिषेक के बाद होने वाली मां को ‘श्री चक्र यंत्र’ के केंद्र में बिठाया जाता है। यह यंत्र नौ आवरणों से बना होता है जो आध्यात्मिक यात्रा के अलग-अलग चरणों को दर्शाते हैं। देवी खड्गमाला के पाठ के दौरान नौ घेरों से जुड़ी दैवीय शक्तियों के नामों का जाप किया गया। सामंथा के मुताबिक, यह प्रक्रिया मन को भीतर की ओर मोड़ने और आने वाले बच्चे व मां दोनों की सुरक्षा का आशीर्वाद देती है। सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने पिछले साल शादी की थी। राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी। ये खबर भी पढ़ें सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

RPSC SI Re-Exam 2021 Update

RPSC SI Re-Exam 2021 Update

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर (री-एग्जाम)-2021 परीक्षा में 20 सितंबर को होगी। वहीं इस परीक्षा से RPSC पहली बार भर्ती एग्जाम में फेस रिकग्निशन-थंब इम्प्रेशन लागू करेगा। साथ ही पहले लागू किए गए ओएमआर शीट में पांचवें व . यह भर्ती एग्जाम 859 पदों के लिए होगी। वहीं परीक्षा के लिए आवंटित सेंटर के जिले की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। इसकी जानकारी SSO पोर्टल पर लॉगिन कर प्राप्त कर सकेंगे। एडमिट कार्ड 17 सितंबर को अपलोड किए जाएंगे। इसे RPSC की वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। एग्जाम में करीब दो लाख 35 हजार कैंडिडेट्स शामिल होंगे। पिछली भर्ती में 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2021 का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए पहले हुई परीक्षा में 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी पिछली परीक्षा (13 से 15 सितंबर 2021) में शामिल हुए थे। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। जब री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया, तब 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका दिया गया था। बाद में सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की छूट दे दी गई। हालांकि इसमें केवल 2 लाख 35 हजार ने सहमति दी। एक घंटे पहले तक ही मिलेगी एंट्री परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम सेंटर पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के लगभग 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए उपस्थित हों, ताकि सुरक्षा जांच, फेस रिकग्निशन-थंब इम्प्रेशन आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान का काम समय पर पूरा हो सके। फोटो युक्त पहचान जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा सेंटर पर नया कलर आधार कार्ड लेकर आना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र जैसे मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें कलर और नई स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नई कलर फोटो ही चिपकाएं। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अपील- बहकावे में नहीं आएं अभ्यथी आयोग की ओर से अपील की गई है कि आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग के कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचना दें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने और अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ………. ये खबर भी पढ़ें… SI भर्ती-2021: 2.30 लाख कैंडिडेट ही देंगे री-एग्जाम:7 लाख 97 हजार ने भरा था फॉर्म; RPSC अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 का री-एग्जाम केवल 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी ही देंगे। इसका कारण यह है कि री-एग्जाम के लिए पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। पहले यह परीक्षा 3 दिन में आयोजित की गई थी। अब परीक्षा एक ही दिन (20 सितंबर 2026) को होगी। ऐसे में नॉर्मलाइजेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिजल्ट भी जल्दी घोषित हो सकेगा। (पूरी खबर पढें)

China India | PM Narendra Modi Xi Jinping Meeting Update; BRICS 2026

China India | PM Narendra Modi Xi Jinping Meeting Update; BRICS 2026

Hindi News National China India | PM Narendra Modi Xi Jinping Meeting Update; BRICS 2026 Galwan Clash नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक शी जिनपिंग भारत मंडपम पहुंचे उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। गलवान झड़प के बाद यह जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। BRICS समिट में शामिल होने के बाद वह आज शाम पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। जिनपिंग के भारत पहुंचने से पहले चीन ने स्टेटमेंट जारी कर कहा- हम भारत के साथ बातचीत बढ़ाकर और आपसी मतभेदों को सुलझाकर काम करने के लिए तैयार हैं। जिनपिंग 11 अक्टूबर 2019 को भारत आए थे। 15 जून 2020 को गलवान झड़प हुई थी। इसके बाद भारत-चीन रिश्तों में तनाव बढ़ा, लेकिन कारोबार नहीं रुका। 2020-21 में चीन से भारत का आयात करीब 65 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 132 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। यानी गलवान झड़प के बाद चीन से आयात दोगुना हो गया है। जिनपिंग के साथ भारत आए चीन के दूसरे बड़े नेता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कै शी भी भारत आए हैं। वे चीन की सत्ता के दूसरे सबसे बड़े नेता में शामिल हैं। उन्हें मिली अहम जिम्मेदारियों की वजह से कै शी को जिनपिंग के बाद देश के सबसे ताकतवर नेताओं में माना जाता है। कै शी कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल कमेटी के जनरल ऑफिस के प्रमुख हैं। यह पार्टी के सबसे बड़े नेताओं के कामकाज को संभालने वाला दफ्तर है। यहां बड़े नेताओं की मीटिंग, जरूरी कागज और सूचनाओं से जुड़े काम देखे जाते हैं। कै शी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की शक्तिशाली पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के पांचवें सदस्य हैं और पार्टी सचिवालय के पहले रैंकिंग वाले सदस्य हैं। यानी बड़े नेता कब मिलेंगे, कौन-सी बैठक होगी और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार करने से लेकर कई दूसरे काम इसी दफ्तर के जरिए होते हैं। कै शी इसी दफ्तर के मुखिया हैं। यानी उनका काम सीधे शी जिनपिंग और पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं के रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ा है। इसी वजह से उन्हें शी जिनपिंग का ‘डी फैक्टो चीफ ऑफ स्टाफ’ कहा जाता है। गोवा में BRICS समिट से पहले 15 अक्टूबर 2016 को चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारतीय अंदाज के कपड़ों में नजर आए थे। जिनपिंग की 18 फीट लंबी होंगकी N701 कार जिनपिंग पालम एयरपोर्ट से अपनी स्पेशल होंगकी N701 से रवाना हुए। करीब 18 फीट यानी 5.5 मीटर लंबी यह खास स्टेट लिमोजिन जिनपिंग के लिए तैयार की गई है। 2019 में भारत आए थे जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग 11 अक्टूबर, 2019 को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ‘कृष्णाज बटर बॉल’ पर। यह जिनपिंग की आखिरी भारत यात्रा थी। 2019 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तमिलनाडु के ऐतिहासिक तटीय शहर मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) में पीएम मोदी ने स्वागत किया था। दोनों नेताओं ने पंच रथ और शोर मंदिर जैसे प्राचीन स्मारकों का भ्रमण करते हुए द्विपक्षीय संबंधों पर अनौपचारिक बातचीत की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को कम करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए उच्च स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनी थी। ———————————————- ये खबर भी पढ़ें… BRICS में मोदी बोले- हम किसी के खिलाफ नहीं:हमारी सोच सबको साथ लेकर चलने की; ईरान-सऊदी-UAE में मतभेद के बावजूद संयुक्त बयान पर सहमति बनी पीएम मोदी ने शनिवार को 18वें BRICS समिट को संबोधित करते हुए कहा कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि सबको साथ लेकर चलने का मंच है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Government Jobs Recruitment 2026 | IBPS Railway Vacancy List Update

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Hindi News Career Government Jobs Recruitment 2026 | IBPS Railway Vacancy List Update 7 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते निकली हैं इंडिया पोस्ट ऑफिस और रेलवे सहित कई विभागों में 22,265 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… DRDO में 93 पदों पर निकली भर्ती: 11 हजार से ज्यादा स्टाइपेंड; बिना एग्जाम के होगा सिलेक्शन 0:47Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर SSC ने जूनियर इंजीनियर के 1,748 पदों पर निकाली भर्ती: एज लिमिट 32 साल, सैलरी 1 लाख 12 हजार तक 0:40Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर सूरत के बाद बेंगलुरु में भी हॉस्‍टल छात्राओं का प्रदर्शन: वाई-फाई और खराब लिफ्ट की शिकायत, कहा- खाने में कीड़े, नहाने को गर्म पानी नहीं 0:58Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर

India-Belgium Renewable Energy MoU | PM Visit Delhi Latest Update

India-Belgium Renewable Energy MoU | PM Visit Delhi Latest Update

Hindi News Career India Belgium Renewable Energy MoU | PM Visit Delhi Latest Update 15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. बेल्जियम के पीएम 3 दिन की यात्रा पर भारत आए 3 सितंबर को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 3 दिनों के आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे। नई दिल्ली में बार्ट डी ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और द्विपक्षीय वार्ता की। साथ ही भारत और बेल्जियम ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रिनेबल एनर्जी पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया। द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करते हुए अगले 5 सालों के लिए आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ पर भी साइन किया है। दोनों देशों ने डिजिटल दुनिया के खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों ने साइबर क्राइम के सेक्टर में भी आपसी सहयोग के लिए समझौता किया। इस बैठक में ट्रेड और इंवेस्ट, डिफेंस और सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, एनर्जी कनेक्टिविटी और पीपल टू पीपल रिलेशन पर बात हुई। पीएम बार्ट डी वेवर ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी। वे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद डी वेवर की ये पहली भारत यात्रा है। भारत और बेल्जियम ने डिप्लोमेटस की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी एक स्पेशल MoU साइन किया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. भारत पहली ICC महिला चैंपियंस की मेजबानी करेगा 3 सितंबर को ICC ने महिला चैंपियंस ट्रॉफी भारत में खेलने को मंजूरी दी। छह टीमों का ये टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक मुंबई और वडोदरा में खेला जाएगा। दरअसल टी-20 फॉर्मेट में होने वाली इस टूर्नामेंट की मेजबानी श्रीलंका को मिली थी लेकिन ICC ने 30 अगस्त को श्रीलंका से मेजबानी छीन ली थी। ICC ने आरोप लगाया था कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में वहां की सरकार का दखल है। श्रीलंका से मेजबानी छिनने के बाद टूर्नामेंट कराने के लिए बांग्लादेश, भारत और साउथ अफ्रीका ने दावा किया था। ICC ने तय मानकों के आधार पर भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दी। टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका खेलेंगी। इन सभी टीमों ने 6 जुलाई की कटऑफ तारीख पर ICC महिला टी-20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में अपनी स्थिति के आधार पर क्वालिफाई किया है। निधन (DEATH) 3. गुजराती गायक गौरांग व्यास का निधन 3 सितंबर को गुजराती संगीत के प्रसिद्ध गायक संगीतकार गौरांग व्यास का निधन हुआ। वे 87 साल के थे। गौरांग व्यास ने गुजराती सिनेमा, लोक संगीत और सुगम संगीत में कई दशकों तक योगदान दिया। गौरांग ने 100 से ज्यादा गुजराती फिल्मों के लिए संगीत दिया है। उनके चर्चित संगीत में ‘भवनी भवई’ और ‘दीकरी तो पारकी थापण’ जैसे गीत शामिल हैं। गौरांग को 2022 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। गौरांग ने शुरुआत में मुंबई की एक इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी की और बाद में संगीत को अपना जीवन समर्पित किया। मिसलीनीयस 4. ASI ने गोल्लाला गुड़ी मंदिर को स्मारक घोषित किया 3 सितंबर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट स्थित गोल्लाला गुड़ी मंदिर को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक ये मंदिर यूनेस्को की लिस्ट में शामिल रामप्पा मंदिर के पास स्थित है और अपनी उत्कृष्ट नक्काशी तथा स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। ये मंदिर त्रिकूटालय शैली का है। इसमें पूर्व दिशा की ओर एक मंडप और उसके चारों ओर तीन गर्भगृह हैं। देश में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षण प्रदान किया जाता है। ASI ऐसे स्मारकों के संरक्षण, रखरखाव और आम लोगों के लिए नियंत्रित प्रवेश की व्यवस्था करता है। 5. तमिलनाडु में ओलिंपिक सिटी बनाई जाएगी 3 सितंबर को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई में ‘ओलिंपिक सिटी’ बनाने की घोषणा की। अब राज्य में इंटरनेशनल रेसिंग के लिए एक ‘मोटर स्पोर्ट्स सिटी’ भी बनाई जाएगी। सीएम ने चेन्नई में 1,200 करोड़ रुपए की लागत से एक नया सचिवालय-सह-विधानसभा परिसर बनाने की भी घोषणा की। इसके अलावा तमिलनाडु विधानसभा ने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य भाषा के रूप में तमिल को मान्यता देने का प्रस्ताव भी अपनाया है। विधानसभा द्वारा पारित तमिल भाषा के प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा। तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत ये मंजूरी दी गई है। इसका डेवलपमेंट स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ तमिलनाडु (SDAT) के जरिए किया जाएगा। आज का इतिहास 1985 में टाइटैनिक के डूबने के 73 साल बाद पहली बार तस्वीर सामने आई थी। 1997 में आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक और नाटककार धर्मवीर भारती का निधन हुआ। ————————- 3 सितंबर के करेंट अफेयर्स:स्पेस से लाइव रिपोर्टिंग करने वाले पहले जर्नलिस्ट का निधन, एयर इंडिया को पहली नॉन मेडिकल ऑफिसर मिली आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Himalaya Glacier Collapse | China-Nepal Border Disaster Update

Himalaya Glacier Collapse | China-Nepal Border Disaster Update

37 मिनट पहले कॉपी लिंक 26 अगस्त को चीन-नेपाल सीमा पर हिमालय की एक घाटी में ऐसी तबाही आई, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हैरानी की बात ये थी कि चीन इस इलाके में ऐसी आपदा से निपटने की तैयारी पहले ही कर चुका था। 14 महीने पहले इसी इलाके में ग्लेशियर की एक झील फटने से भूस्खलन हुआ था। ट्रक, घर और एक पुल बह गए थे। इसके बाद चीन ने करीब छह महीने तक बॉर्डर पोर्ट बंद रखा और बाढ़ से बचाव का सिस्टम मजबूत किया। पानी के स्तर पर 24 घंटे नजर रखने लगी, तटबंध और बाढ़ रोधी दीवारें बनाई गईं और पानी का रास्ता बदलने के लिए नहरें तैयार की गईं। अधिकारियों और ग्रामीणों की ट्रेनिंग हुई, मॉक ड्रिल कराई गई और जुलाई में तैयारियों की समीक्षा भी हुई। यानी पिछली आपदा से सबक लेने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई थी। फिर भी 26 अगस्त को कुछ ऐसा हुआ, जिसके लिए ये पूरा सिस्टम तैयार ही नहीं था। इस बार झील नहीं, ग्लेशियर टूटा इस बार बाढ़ किसी ग्लेशियल झील के फटने से नहीं आई। एक ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गया। इसके साथ बर्फ, बड़े पत्थर और पानी इतनी तेजी से नीचे आए कि कुछ ही देर में ये सब सुनामी जैसी लहर में बदल गया। ग्यिरोंग पोर्ट कॉम्पलेक्स में पहुंचते ही इस लहर ने 27 इमारतों को तबाह कर दिया। इसके बाद ये तबाही नेपाल की ओर बढ़ गई। अधिकारियों के मुताबिक, ग्लेशियर का हिस्सा टूटने और ग्यिरोंग पोर्ट तक पहुंचने के बीच सिर्फ छह-सात मिनट का समय था। इतनी कम अवधि में लोगों को चेतावनी देना और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाना बेहद मुश्किल था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लेशियर का यह हिस्सा अचानक क्यों टूटा, इसकी पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है। इसके पीछे ग्लोबल वार्मिंग के कारण पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने और चट्टानों के कमजोर होने जैसी वजहें हो सकती हैं। एक ही जगह बार-बार क्यों हो रही तबाही? इस आपदा ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। ग्यिरोंग पोर्ट जैसी बड़ी सीमा चौकी इतनी जोखिम वाली जगह पर क्यों बनाई गई? यह पोर्ट एक संकरी घाटी में उस जगह बना है, जहां ल्हेंडे खोला और त्रिशूली नदी मिलती हैं। दोनों नदियों में ग्लेशियरों का पानी आता है। इसी छोटी सी समतल जमीन पर पुल, कस्टम यार्ड, ड्राई पोर्ट और ट्रकों की पार्किंग है। यानी ऊपर पहाड़ों से पानी, बर्फ या मलबा नीचे आता है तो सबसे पहले यही इलाका उसकी चपेट में आता है। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट सस्वता सन्याल के मुताबिक, 2025 में भी लोग इसी कस्टम यार्ड से बह गए थे और इस साल भी यह इलाका फिर तबाही की चपेट में आ गया। चीन के तिब्बत में ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए। खतरनाक होने के बावजूद व्यापार के लिए जरूरी है ग्यिरोंग बार-बार प्राकृतिक आपदा झेलने के बाद भी चीन के लिए इस जगह को छोड़ना आसान नहीं है। पिछले एक दशक में ग्यिरोंग पोर्ट चीन और नेपाल के बीच मुख्य व्यापारिक रास्ता बन गया है। दोनों देशों के कुल व्यापार का करीब एक-तिहाई हिस्सा इसी रास्ते से होता है। हर साल 1.80 लाख से ज्यादा लोग भी यहां से दोनों देशों के बीच आते-जाते हैं। इससे पहले चीन-नेपाल के बीच झांगमू-कोदारी बॉर्डर रूट मुख्य रास्ता था। लेकिन 2015 के नेपाल भूकंप में यह रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद ग्यिरोंग का महत्व बढ़ता गया। समस्या यह है कि झांगमू वाला रास्ता भी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित नहीं है। 2016 में इसी इलाके में ग्लेशियल झील फटने से बाढ़ आई थी। यानी हिमालय में एक रास्ते से दूसरे रास्ते पर जाने से आपदा का खतरा खत्म नहीं होता। एक एक्सपर्ट ने इस स्थिति की तुलना ‘व्हैक-ए-मोल’ गेम से की है। यानी एक जगह खतरा पैदा होता है तो उससे बचने के लिए दूसरी जगह जाते हैं, लेकिन वहां कोई नया खतरा सामने आ जाता है। जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी। अब सिर्फ बाढ़ पर नजर रखना काफी नहीं इस घटना ने दिखा दिया कि हिमालय में अब किसी एक प्राकृतिक खतरे को देखकर तैयारी करना काफी नहीं है। पहले निगरानी व्यवस्था बाढ़, अचानक आने वाली बाढ़ या हिमस्खलन जैसे खतरों पर अलग-अलग नजर रखती थी। लेकिन इस बार खतरे एक के बाद एक जुड़े। पहले ग्लेशियर का हिस्सा टूटा, फिर बर्फ और चट्टानें नीचे आईं। देखते ही देखते ये मलबे और पानी की तेज धार में बदल गईं और कुछ ही मिनटों में नीचे के इलाकों में तबाही मचा दी। विशेषज्ञ इसे ‘कैस्केड ऑफ हैजर्ड्स’ यानी एक के बाद एक आने वाली आपदाओं की कड़ी कहते हैं। बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ऐसे में आपदाओं का यह सिलसिला और जटिल हो सकता है, जिसका पहले से अनुमान लगाना भी मुश्किल होगा। ICIMOD की विशेषज्ञ सस्वता सन्याल के मुताबिक, पहाड़ों में अब सिर्फ एक खतरे को ध्यान में रखकर तैयारी नहीं की जा सकती। यही इस आपदा की सबसे बड़ी विडंबना है। चीन ने पिछली बाढ़ से निपटने के लिए सेंसर और निगरानी व्यवस्था तो तैयार कर ली थी, लेकिन इस बार तबाही बाढ़ से पहले ही शुरू हो गई। ग्लेशियर का हिस्सा टूटा और उसे पकड़ने के लिए वहां कोई सिस्टम नहीं था। यानी चीन ने पिछली आपदा से सबक लिया था, लेकिन अगली आपदा ने खतरे का तरीका ही बदल दिया। —————————– नेपाल बाढ़, लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला:अलर्ट डेढ़ घंटे बाद आया; आरोप- चीन ने नहीं चेताया नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IBPS PO Recruitment 2026 | Vacancy Increased to 7565 Posts Update

IBPS PO Recruitment 2026 | Vacancy Increased to 7565 Posts Update

Hindi News Career IBPS PO Recruitment 2026 | Vacancy Increased To 7565 Posts Update 2 मिनट पहले कॉपी लिंक आईबीपीएस ने प्रोबेशनरी ऑफिसर/मैनेजमेंट ट्रेनी भर्ती 2026-27 के लिए पदों की संख्या बढ़ा दी हे। पहले इस भर्ती के तहत 7,365 पद भरे जाने थे। अब पदों कीसंख्या बढ़कर 7,565 हो गई है। यानी आईबीपीएस पीओ भर्ती में कुल 200 पदों की बढ़ोतरी हुई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। आईबीपीएस पीओ/एमटी भर्ती 2026 के लिए प्रीलिम्स एग्जाम 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित की गई। प्रीलिम्स का रिजल्ट सितंबर 2026 में जारी हो सकता है। इसके बाद सफल उम्मीदवार मेन्स एग्जाम में शामिल होंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट सैलरी : 48,480 – 85,920 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम पर्सनालिटी टेस्ट इंटरव्यू फीस : एससी/एसटी/दिव्यांग : 175 रुपए अन्य: 850 रुपए इन बैंकों में होगी भर्ती : बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक ऑफ इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र केनरा बैंक भारतीय केंद्रीय बैंक भारतीय बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक पंजाब नेशनल बैंक पंजाब और सिंध बैंक यूको बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ग्रेजुएशन की मार्कशीट उम्मीदवार का आधार कार्ड जाति प्रमाण पत्र मूल निवासी प्रमाण पत्र मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी पासपोर्ट साइज फोटो पर सिग्नेचर ऐसे करें आवेदन : उम्मीदवार वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। इसका प्रिंट आउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक बढ़े हुए पदों की संख्या का नया नोटिफिकेशन ——————————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें… डाक विभाग में 25 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती: 10वीं पास को मौका, एज लिमिट 40 साल इंडिया पोस्ट ऑफिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इस भर्ती के लिए 31 अगस्त से आवेदन शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jharkhand Student Protest Success | BPSC Teacher Recruitment Update

Jharkhand Student Protest Success | BPSC Teacher Recruitment Update

Hindi News Career Jharkhand Student Protest Success | BPSC Teacher Recruitment Update 3 मिनट पहले कॉपी लिंक हाल ही में हुए छात्र आंदोलन में यह तीसरा आंदोलन है जिसमें सरकार ने छात्रों की मांगे मान ली हैं। इसके चलते BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक ही चरण में करने का फैसला किया है। इस एग्जाम के लिए अब प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम का आयोजन नहीं किया जाएगा। ये घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। सरकार के इस फैसले से बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा सिस्टम को खत्म करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है। बिहार में BPSC TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र गर्दनीबाग में डटे हुए थे। सरकार के बैकफुट पर आने और सम्राट चौधरी द्वारा छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार करने के बाद आंदोलन खत्म हुआ और धरना स्थल जीत के जश्न में डूब गया। CM सम्राट बोले- छात्रों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा – छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। इस पर अब कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस बार TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव और अनुशंसा देने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया गया है। पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी। सीएम ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर किया जा रहा है। छात्र नेता ने तोड़ा अनशन सरकार के इस फैसले के बाद पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से धरने पर बैठे छात्र नेता अमन और जहान्वी ने अपना अनशन तोड़ दिया। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। छात्र नेता सौरभ ने कहा कि सरकार ने सभी मांगे मान ली हैं। छात्र एकता और संघर्ष की जीत हुई है। छात्रों के सामने सरकार झुकी है। वहीं, पटना के गर्दनीबाग में जश्न मना रहे छात्रों ने कहा, मिस्टेक तिवारी का माफीनामा आया है। सरकार के फैसले के बाद गर्दनीबाग में बैठे छात्रों ने जश्न मनाया, कहा मिस्टेक तिवारी का माफीनामा आया है। जंतर – मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले : जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा छात्र आंदोलन शुरू हुआ। रांची की सड़कों पर JPSC और JSSC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लिया। झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन की जीत ने विद्यार्थियों को अपनी मांगे उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह आंदोलन कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हुआ। आंदोलनरत छात्रों को विभिन्न राजनीतिक दलों का भी समर्थन भी मिला। छात्रों ने दिखाया अपना जोश, धरना स्थल पर ही रहे छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर परीक्षा की व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो उनका यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले लेगा। छात्रों ने धरना स्थल पर रहने का ही फैसला किया। यहां उन्होंने अपना खाना खुद बनाया। इस धरने के बीच भी छात्रों ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने टेंट के अंदर ही पढ़ाई भी की। तेज बारिश में भी उनके हौसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने धरना स्थल पर तिरपाल लगाकर अपने लिए टेंट बना लिया। छात्रों ने यह तय कर लिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की गारंटी नहीं दे देती, तब तक वे इस धरने से नहीं उठेंगे और उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। आंदोलन का असर – स्थगित हुई परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC ) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को स्थगित कर दिया है। जेपीएससी के अध्यक्ष रहे एल. खियांगते ने इस्तीफा दे दिया है और जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों मामले की जांच सीआईडी कर रही है। सीजेपी की जीत से भड़का झारखंड आंदोलन PSC/JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी, पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग के चलते 25 जुलाई को झारखंड में छात्र आंदोलन की शुरुआत हुई। यह आंदोलन 12 अगस्त तक जारी रहा। इसमें 6 प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। इस आंदोलन की भड़कती आग को देखते हुए 27 अगस्त को सरकार ने JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए तीन सदस्यीय हाईलेवल कमेटी गठित की। 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द हुईं झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने बड़ा फैसला किया। इसके तहत 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई। इनकी पूरी सूचना कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की तरफ से जारी की गई। रद्द हुई परीक्षाओं को लेकर नया आंदोलन झारखंड आंदोलन के बाद JSSC-CGL में चयनित लगभग 2,950 उम्मीदवार परीक्षा रद्द करने के फैसले से गुस्से में आए। ये उम्मीदवार परीक्षा पास करके नियुक्ति की प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे, इसलिए सरकार के फैसले के बाद उनकी स्थिति को लेकर विरोध शुरू हुआ। उम्मीदवारों का गुस्सा फूटा उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने दोबारा बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा – सरकार के फैसले के बाद वह सड़क पर आ गया है। बता दें कि JSSC-CGL में लगभग 2950 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए थे। ये खबर भी पढ़ें : डाक विभाग में 25 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती:10वीं पास को मौका, एज लिमिट 40 साल इंडिया पोस्ट ऑफिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इस भर्ती के लिए 31 अगस्त से आवेदन शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔