Friday, 10 Jul 2026 | 11:05 PM

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1.85 Lakh Teachers, Exam Leave for Teachers

1.85 Lakh Teachers, Exam Leave for Teachers

14 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2 से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन कर रहा है। यूपी सरकार ने इस एग्जाम को लेकर सेवारत शिक्षकों के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। पहला अब कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET आयोजित की जाएगी। दूसरा UPTET में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए स्कूल से छुट्‌टी भी मिलेगी। यह परीक्षा साल में 2 बार कराई जाएगी। विभाग ने परीक्षा पास करने के लिए 2 साल का समय तय किया है। इसके बाद भी परीक्षा पास न कर पाने पर नौकरी जाएगी। फिर चाहे टीचर्स की उम्र 40-45 साल ही क्यों न हो। 1.85 लाख टीचर्स नौकरी बचाने के लिए दे रहे UPTET 1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने फैसला दिया कि बगैर TET पास किए प्राइमरी शिक्षक बने उम्‍मीदवारों को भी अब TET पास करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उन्‍हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। ऐसे में 1.85 लाख कैंडिडेट्स ऐसे हैं जो अपनी नौकरी बचाने के लिए परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि, शिक्षकों ने इस फैसले का जमकर विरोध किया। इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे गए और संसद में भी इस कानून में संशोधन की मांग उठी। लेकिन ये सारी कोशिशें सुप्रीम कोर्ट के परीक्षा अनिवार्य करने के फैसले के सामने बेकार ही रहीं। तनाव में हुई 2 शिक्षकों की मौत कई ऐसे शिक्षक भी हैं, जो 20 – 25 साल से पढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना कहां तक तर्कसंगत है? शिक्षक संघों का दावा है कि इसी तनाव में 2 शिक्षकों की मौत भी हो चुकी है। 1 लाख 85 हजार टीचर देंगे यूपी टीईटी यूपी टीईटी 2026 में 1 लाख 85 हजार 791 उम्मीदवार ऐसे हैं जो कि पहले से बेसिक स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और अब टीईटी परीक्षा पास करना चाहते हैं। वहीं 18 लाख 08 हजार 870 नये उम्मीदवार टीईटी परीक्षा में शामिल होंगे। इस साल यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इसमें कुल 19 लाख 94 हजार 661 उम्मीदवार शामिल होंगे। प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश: TET परीक्षा के दौरान शहर में भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। परीक्षार्थी और उनके माता-पिता एक घंटे से ज़्यादा समय तक फंसे रहे और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुँचने में मुश्किल हुई। CO सिटी आशुतोष मिश्रा और ट्रैफिक पुलिस ने… pic.twitter.com/DPC0coad3h— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 2, 2026 सबसे ज्यादा सेंटर वाराणसी में यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव संजय सिंह के मुताबिक, वाराणसी में सबसे ज्यादा 68 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटर पर 1 लाख 27 हजार 239 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। जबकि प्रयागराज में बनाए गए 53 एग्जाम सेंटर पर 76 हजार 634 और राजधानी लखनऊ में बनाए गए 45 सेंटर पर 76 हजार 720 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। ये ले एक और नोटिस UPTET 🚨🙊🙊UP TET NOTICE FOR NIOS 👇👇केवल वे अभ्यर्थी जिनके पास 18 माह का D.El.Ed. (ODL) कोर्स है तथा जो 31.03.2015 अथवा उससे पूर्व सेवा में थे, उन्हें UPTET 2026 में औपबन्धिक रूप से सम्मिलित होने की अनुमति दी जायेगी तथा यह अनुमति मा० उच्च न्यायालय में… pic.twitter.com/VV49qyZh2W— Raj Academy Prayagraj (@rajacademypra) July 1, 2026 बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी से निगरानी यूपी टीईटी परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए हर जिले में आब्जर्वर भेजे गए हैं। आयोग के सदस्य, रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को आब्जर्वर बनाकर भेजा गया है। परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सुरक्षा और बायोमेट्रिक आइरिस स्कैन लागू किया गया है। इसके साथ ही पूरी परीक्षा की सीसीटीवी लाइव फीड के जरिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग भी की जाएगी। नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए एसटीएफ की तैनाती रहेगी। साढ़े चार साल बाद हो रहा यूपी टीईटी यूपी टीईटी परीक्षा साढ़े चार साल के लंबे अंतराल बाद हो रही है। इसके पहले यूपी टीईटी परीक्षा 2022 में हुई थी। साल 2021 में पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद परीक्षा 2022 में हो सकी थी। —————– ये खबर भी पढ़ें… 50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UPTET 2026 Exam July: 16 Lakh Students Appear

UPTET 2026 Exam July: 16 Lakh Students Appear

Hindi News Career UPTET 2026 Exam July: 16 Lakh Students Appear | UP Shikshak Patrata Pariksha 1 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2 से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन करेगा। आयोग ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन, डिजिटल लॉक और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम के साथ इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। राज्य के 60 जिलों में 955 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं, जहां कुल 15.99 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. केवल प्रयागराज में ही 53 केंद्रों पर 96,626 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे। प्रश्नपत्र के बॉक्स कलर-कोडेड होंगे और उनमें वन-टाइम डिजिटल लॉक लगाए जाएंगे। इन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले ही खोला जाएगा ताकि पेपर लीक की आशंका न रहे। यूपी में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए **UPTET 2026** से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:### **UPTET 2026: परीक्षा और सुरक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी**उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने UPTET 2026 परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली है। यह परीक्षा… pic.twitter.com/qQ3QJ8OD6x— Virendra Singh (@Virendrasing97) June 29, 2026 राज्य के 60 जिलों में 955 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं, जहां कुल 15.99 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. केवल प्रयागराज में ही 53 केंद्रों पर 96,626 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे. दो शिफ्ट में होगी परीक्षा : पेपर – 1 (प्राथमिक स्तर – कक्षा 1 से 5) : सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक पेपर – 2 (उच्च प्राथमिक स्तर – कक्षा 6 से 8) : दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक आधे घंटे पहले तय होगी टीचर की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसमें आईरिस स्कैन और लाइव फोटो कैप्चर की प्रोसेस शामिल होगी। वहीं, परीक्षा कक्षों में किस टिचर की ड्यूटी होगी, इसका चयन परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले रैंडमाइजेशन प्रोसेस के जरिए किया जाएगा, ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो सके। इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 30 जून को जारी किए जाएंगे। खबरें और भी …. यहां पढ़ें महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, कल एग्जाम होना था:सरकार ने परीक्षा रद्द की, पेपर ठाणे से बरामद; सरकारी टीचर्स के लिए ये परीक्षा जरूरी महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी है। नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा। राज्य सरकार ने पेपर लीक की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

लखनऊ अग्निकांड: यूपी सरकार ने भीषण अग्निकांड के बाद 4 अधिकारियों को निलंबित किया | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड: यूपी सरकार ने भीषण अग्निकांड के बाद 4 अधिकारियों को निलंबित किया | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार ने घटना के संबंध में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब अधिकारी आग लगने के आसपास की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा उपायों, प्रशासन और निगरानी में संभावित खामियों का आकलन कर रहे हैं। अधिकारियों का निलंबन त्रासदी के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि जवाबदेही और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। जांचकर्ता घटना के पीछे की घटनाओं की जांच कर रहे हैं और क्या लापरवाही या प्रक्रियात्मक विफलताओं ने स्थिति में योगदान दिया है। -newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 23 जून, 2026, 17:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रशासनिक कार्रवाई(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)आपदा प्रबंधन(टी)आपातकालीन(टी)आग लगने की घटना(टी)अग्नि जांच(टी)अग्नि सुरक्षा(टी)सरकारी जवाबदेही(टी)सरकारी कार्रवाई(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)लखनऊ आग(टी)लखनऊ आग मामला(टी)लखनऊ समाचार(टी)लखनऊ अपडेट(टी)लापरवाही जांच(टी)आधिकारिक निलंबन(टी)सार्वजनिक सुरक्षा(टी)निलंबित अधिकारी(टी)यूपी सरकार(टी)यूपी समाचार आज(टी)उत्तर प्रदेश सरकार(टी)उत्तर प्रदेश समाचार

Haryanvi Dancer Accuses UP Police of Cover-Up in Hathras Case

Haryanvi Dancer Accuses UP Police of Cover-Up in Hathras Case

हाथरस में 3 जून को स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान कमर छूने के मामले में हरियाणवी डांसर यूपी पुलिस से खासी नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती की है। डांसर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने आयोजन . उन्होंने कहा- शुरुआत में मैंने पुलिस से संपर्क नहीं किया था। पुलिस ने ही मुझे फोन कर थाने बुलाया और शिकायत देने को कहा। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब मैं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ मांगूंगी। बता दें कि हरियाणवी डांसर की शिकायत पर सासनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 के तहत छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। हाथरस के सीओ सिटी हिमांशु माथुर के अनुसार, 3 जून को नगला नाई निवासी देवेंद्रपाल सिंह की बेटी का जन्मदिन था। इस कार्यक्रम का आयोजन देवेंद्रपाल सिंह और श्रीपाल सिंह ने बिना अनुमति के किया था। इसी समारोह के दौरान डांसर के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी। पुलिस ने मामले में देवेंद्रपाल सिंह, श्रीपाल सिंह और छेड़छाड़ के आरोपी सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। डांसर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ मांगूंगी। डांसर ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप…5 पॉइंट में पढ़िए ‘पुलिस ने खुद बुलाकर शिकायत दिलवाई, अब कार्रवाई नहीं कर रही’ डांसर का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्होंने शुरुआत में कोई शिकायत देने की इच्छा नहीं जताई थी। घटना के बाद वीडियो वायरल हुई तो पुलिस ने खुद उनसे संपर्क किया और बार-बार थाने बुलाकर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। डांसर का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। मगर, शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अपने वादे से पीछे हट गई और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने पहले सहानुभूति दिखाई और बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। ‘आरोपी की पहचान होने के बावजूद पुलिस उसे बचा रही’ डांसर ने दावा किया कि पुलिस के पास आरोपी की पूरी जानकारी मौजूद है। थाने में बुलाए जाने पर एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें आरोपी का आधार कार्ड तक दिखाया था और उसकी पूरी जानकारी साझा की थी। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। डांसर का कहना है कि जब पुलिस आरोपी की पहचान जानती है तो उसे पकड़ने में देरी क्यों हो रही है। आरोपी के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ है और इसी कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से बच रही है। ‘पुलिस ने सोशल मीडिया से दूर रहने का दबाव बनाया’ हरियाणवी डांसर ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा था कि वह मीडिया से बातचीत न करें और सोशल मीडिया पर कोई वीडियो भी अपलोड न करें। उनका दावा है कि 10 जून को उन्हें अलग-अलग कमरों में बैठाकर रखा गया और तीन दिनों तक सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश की गई। कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस के खिलाफ उनकी नाराजगी और मामले से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही थी। हरियाणवी डांसर ने आरोप लगाया कि बदसलूकी करने वाले युवक को बचाने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर पैसे लेकर सेटिंग कर ली है। ‘पुलिस ने पैसे लेकर आरोपी को बचाने की सेटिंग कर ली’ हरियाणवी डांसर ने पुलिस पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस युवक ने उनके साथ बदसलूकी की थी, उसके सरकारी नौकरी में होने की चर्चा है और उसे बचाने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर पैसे लेकर सेटिंग कर ली है। कहना है कि पुलिस केवल पैसे के लिए काम करती है और इसी वजह से आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही। पूरे मामले में पैसे और रसूख का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके कारण पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा। ‘मुख्य आरोपी को छोड़ कमेटी सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही’ हरियाणवी डांसर का आरोप है कि पुलिस पूरे मामले में असली आरोपी को बचाने और ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार पुलिस सोशल मीडिया पर तीन लोगों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, जबकि उनके साथ बदसलूकी करने वाला केवल एक युवक था। डांसर का कहना है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे कार्यक्रम की अनुमति और आयोजन से जुड़े मामले में पकड़े गए हैं, उनका छेड़छाड़ की घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है, जबकि निर्दोष कमेटी सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। ‘महिला इंस्पेक्टर ने भरोसा दिया था, इसलिए उम्मीद जगी’ डांसर ने बताया कि घटना के बाद जब वह भावुक होकर रो रही थीं, तब महिला इंस्पेक्टर विपिन कुमारी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि पुलिस उनकी मदद करेगी और उन्हें न्याय मिलेगा। इसी भरोसे के कारण उन्होंने कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि शुरू में उन्हें लगा था कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है, इसलिए उन्होंने पूरा सहयोग किया। आगे कहा कि अब वह पुलिस कमिश्नर, महिला आयोग और अन्य उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो वह सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सरकार से न्याय की उम्मीद है और वह अपने मामले को अंतिम स्तर तक लेकर जाएंगी। हाथरस के सासनी थाने में दर्ज हैं मामला… डिप्रेशन से गुजर रही हरियाणवी डांसर की 5 बातें पढ़िए…. ‘तीन बार हुई बदसलूकी, तब जाकर मारा थप्पड़’ :हरियाणवी डांसर का दावा है कि 3 जून को स्टेज कार्यक्रम के दौरान युवक ने उनके साथ एक बार नहीं बल्कि तीन बार अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि शुरुआत में उन्होंने मामले को नजरअंदाज किया और संयम बनाए रखा, लेकिन जब युवक लगातार हरकतें करता रहा तो उन्होंने स्टेज पर ही उसे थप्पड़ मार दिया। डांसर के मुताबिक यह प्रतिक्रिया

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने गुल्लक से रुपए निकालकर भेजने वाले शाहजहांपुर के बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान राजपाल यादव भावुक नजर आए। बच्चे भी बहुत खुश थे। राजपाल यादव ने बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाईं। उन बेंचों पर भी बैठे, जहां बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों ने राजपाल को तोहफा दिया, तो वह कहने लगे कि हमें गिफ्ट नहीं चाहिए। हम आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। राजपाल ने अपने जेल में बिताए समय को भी याद किया। कहा- वह ऐसा समय था, जब इन बच्चों का ‘भाव’ देखने को मिला था। इस स्नेह की कीमत अमूल्य है। जल्द ही बच्चों के इस भाव को लौटाएंगे। बच्चों के साथ आधा घंटा रहे राजपाल यादव राजपाल यादव मंगलवार दोपहर साढ़े 3 बजे गुरुकुल सेवा ट्रस्ट कोचिंग पहुंचे। यहां करीब आधा घंटा रहे। गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के संचालक कुमार सागर ने उनका वेलकम किया। बच्चे भी अपने फेवरेट अभिनेता को देखकर खुशी से झूम उठे। ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किया राजपाल ने बच्चों के साथ फोटो खिंचवाई। बच्चों ने उन्हें अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किए। जिन्हें देखकर राजपाल ने बच्चों की खूब तारीफ की। उन्हें थैंक्यू बोला। कहा- हमें आपसे गिफ्ट नहीं चाहिए। अब हम आपसे लगातार मिलते रहेंगे और आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। करीब 4 बजे राजपाल सभी को बाय बोलते हुए वहां से निकल गए। बच्चों से उन्होंने फिर आने का वादा भी किया। राजपाल बोले- मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है राजपाल यादव ने कहा- बच्चों के प्रति मेरा लगाव हमेशा से खास रहा है। वो ऐसा समय था (जेल जाने के दौरान का), जब बच्चों का भाव मेरे पास आया था। मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है। मुझे बच्चे हमेशा से बहुत प्यारे रहे हैं। ये हमारे शाहजहांपुर के बच्चे हैं। इनका जो स्नेह मिला, उसकी कोई कीमत नहीं है। कोशिश करेंगे कि इस प्यार को कैसे लौटाएं, यह अभी बताना नहीं चाहेंगे, लेकिन ये बच्चे हमारे अपने हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ करना सौभाग्य उन्होंने बताया- इस कोचिंग में 60 बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सभी आसपास के क्षेत्रों से आते हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। शिक्षा को लेकर मेरा पूरा जीवन मिशन की तरह रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ कर पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। हर बच्चा मेरे दिल के करीब राजपाल यादव ने कहा- एक-एक बच्चा मेरे दिल के बेहद करीब है। शाहजहांपुर के कटिया टोला में मेरा पहला स्कूल सरदार पटेल स्कूल था। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज और ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में हमने 2 साल तक अप्रेंटिसशिप की। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय से पत्राचार से बीए किया। शाहजहांपुर की एक-एक गली में मैं पैदल घूम चुका हूं। इन बच्चों के लिए मेरा पूरा जीवन कुर्बान है। उन्होंने शाहजहांपुर को शहीदों, शिक्षा और प्यार-मोहब्बत की नगरी बताते हुए कहा कि इस शहर से उनका विशेष जुड़ाव है। अब जानिए क्यों जेल गए थे राजपाल यादव ————————- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में तूफान, 7 जिलों में आंधी-बारिश, सैकड़ों पेड़-पोल उखड़े, घरों की टंकियां उड़ीं; 2 दिन बाद पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट यूपी में नौतपा में मौसम बदल गया है। सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और लू से लोग बेहाल रहे। देर रात आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। लखनऊ में 90 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफान आया। बदायूं, अयोध्या, उन्नाव, बस्ती, गोंडा, संभल और सीतापुर में आंधी के साथ बारिश हुई। बस्ती-गोंडा में पेड़-पोल उखड़ गए। सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए

हॉस्टल रूम में वॉर्डन के कथित चोरी का वीडियो वायरल:एग्जाम देने गए छात्र के कमरे में घुसकर की चोरी, छात्र बोले-'ऐसा पहले भी हुआ'

हॉस्टल रूम में वॉर्डन के कथित चोरी का वीडियो वायरल:एग्जाम देने गए छात्र के कमरे में घुसकर की चोरी, छात्र बोले-'ऐसा पहले भी हुआ'

वॉर्डन का हॉस्टल रूम में घुसकर कथित चोरी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो गाजियाबाद के ABES इंजीनिरिंग कॉलेज का है। इसमें कॉलेज का वॉर्डन छात्र के रूम में घुसकर अलमारी और बाकी सामान खंगालता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में वॉर्डन स्टूडेंट के वॉलेट से कुछ रुपए निकालकर जेब में रखते दिखाई दे रहा है। वीडियो शेयर कर रहे यूजर्स के मुताबिक, ये घटना उस समय की है जब छात्र सेमेस्टर एग्जाम देने गए हुए थे। इसी दौरान हॉस्टल वॉर्डन सुनील कुमार, जिसे छात्र ‘मारियो’ के नाम से बुलाते हैं, कमरे में दाखिल हुआ। वीडियो में वह अलमारी, बैग और दराज खोलकर देखता नजर आता है। कुछ देर बाद वो अलमारी से छात्र का वॉलेट चेक करता है और उसमें से नकदी निकालकर जेब में रख लेता है। वीडियो में वो छात्रों के कमरे से लाइटर भी चेक करता दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन छात्र ‘चोर वॉर्डन’ कह रहे लोग इस वीडियो को ऑनलाइन शेयर करते वॉर्डन को चोर कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, कई छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पहले भी सामान गायब होने की शिकायतें होती रही हैं। लेकिन कभी गंभीर कार्रवाई नहीं हुई। कुछ छात्रों ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान कमरों में चोरी की घटनाएं पहले भी हुईं। कुछ यूजर्स बोलें- ‘वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर हो रहा’ हालांकि, कई यूजर्स कंमेंट में इसे भ्रामक बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘हमारे हॉस्टल के दिनों में भी ऐसा होता था। ये आमतौर पर हॉस्टल में बैन गैरकानूनी चीजें ढूंढने के लिए किया जाता था। वो (वॉर्डन) कुछ चोरी नहीं कर रहा। इसे ‘साइलेंट रेड’ कहते हैं।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘ये थोड़ा मिसलीडिंग लग रहा है। वो बस लाइटर उठा रहा है। ज्यादा संभावना यही है कि वीडियो उसने खुद रिकॉर्ड किया हो, ताकि ये दिखा सके कि वो हॉस्टल में रहने वाले लोगों पर झूठा आरोप नहीं लगा रहा।’ कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग वॉर्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और मामले ने कॉलेज कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ गई है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Health Tips: गर्मी में अमृत समान हरा पुदीना, पेट, त्वचा और शरीर को देता है ठंडक व ताजगी, जाने इसके फायदे

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गर्मी के मौसम में हरा पुदीना शरीर को ठंडक देने, पेट की समस्याओं से राहत पहुंचाने और ताजगी बनाए रखने में बेहद फायदेमंद माना जाता है. चटनी, शरबत और घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाला पुदीना त्वचा, सिरदर्द और मुंह की बदबू जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है.

Benefits Of Arandi: अरंडी का तेल के फायदे

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Last Updated:May 20, 2026, 16:41 IST गांवों और खेतों के आसपास आसानी से दिखाई देने वाला अरंडी का पौधा आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना जाता है. इसके तेल, पत्तों और बीजों का इस्तेमाल वर्षों से घरेलू उपचारों में किया जा रहा है. शरीर दर्द, सूजन, कब्ज, त्वचा और बालों की देखभाल में अरंडी के फायदे लोगों के बीच आज भी काफी लोकप्रिय हैं. गांवों और खेतों के आसपास अक्सर दिखाई देने वाला अरंडी का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके गुण बेहद खास माने जाते हैं. आयुर्वेद में अरंडी को एक उपयोगी औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है. इसके पत्ते, बीज और तेल का इस्तेमाल वर्षों से घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग कई छोटी-बड़ी समस्याओं में अरंडी का उपयोग करते हैं। यही वजह है कि यह पौधा लोगों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लंबे समय से अरंडी के तेल का इस्तेमाल शरीर के दर्द में करते आ रहे हैं. माना जाता है कि यह तेल शरीर की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है. कई लोग घुटनों, कमर और जोड़ों के दर्द में अरंडी के तेल की मालिश करते हैं. बुजुर्गों के बीच यह घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है. कुछ लोग इसे हल्का गर्म करके मालिश करते हैं, जिससे शरीर को राहत महसूस होती है. अरंडी के तेल में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि कई लोग मोच या हल्की सूजन होने पर भी इसका उपयोग करते हैं. हालांकि किसी गंभीर बीमारी या लगातार दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. अरंडी के पत्ते भी काफी उपयोगी माने जाते हैं. गांवों में पुराने समय से लोग इसके पत्तों को गर्म करके दर्द वाले हिस्से पर बांधते रहे हैं. माना जाता है कि इससे दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है. कई महिलाएं पारंपरिक घरेलू उपायों में भी अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल करती हैं. कुछ लोग सिरदर्द या शरीर दर्द में भी इसके पत्तों का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पुराने समय से अरंडी के तेल का उपयोग कब्ज की समस्या में घरेलू उपाय के रूप में किया जाता रहा है. गांवों में लोग पेट साफ करने के लिए थोड़ी मात्रा में अरंडी के तेल का सेवन करते थे. माना जाता है कि इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो आंतों की सफाई करने और पेट को साफ रखने में मदद कर सकते हैं. खासकर जब किसी को लंबे समय तक कब्ज की शिकायत रहती थी, तब बुजुर्ग लोग अरंडी के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह देते थे. सुषमा चतुर्वेदी का कहना है कि अरंडी के बीज सीधे खाने योग्य नहीं होते. इनमें कुछ जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए इसका उपयोग हमेशा सावधानी और सही जानकारी के साथ करना चाहिए. बिना विशेषज्ञ सलाह के इसका सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है. आयुर्वेद में भी अरंडी का उपयोग सही मात्रा और सही तरीके से करने की सलाह दी जाती है. किसी भी बीमारी में घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी माना जाता है. सुषमा चतुर्वेदी बताती है कि अरंडी का पौधा प्रकृति का एक अनमोल उपहार माना जाता है. यह स्वास्थ्य, घरेलू उपयोग और खेती तीनों क्षेत्रों में लोगों के काम आता है. गांवों में वर्षों से इसका इस्तेमाल होता आ रहा है और आज भी इसकी उपयोगिता बनी हुई है. आधुनिक समय में भी अरंडी के तेल और इसके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि यह साधारण दिखने वाला पौधा लोगों के लिए बेहद खास माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग अरंडी के तेल का इस्तेमाल त्वचा को मुलायम रखने के लिए भी करते हैं. सर्दियों में फटी एड़ियों और सूखी त्वचा पर भी इसका उपयोग किया जाता है. माना जाता है कि यह त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी तेल या घरेलू उपाय का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.  अरंडी का तेल बालों के लिए भी काफी उपयोगी माना जाता है. कई लोग इसे बालों में लगाने से बाल मजबूत और चमकदार बने रहने की बात कहते हैं. बाजार में मिलने वाले कई हेयर ऑयल और ब्यूटी प्रोडक्ट में भी अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. यह बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है. कुछ लोग इसे नारियल तेल या दूसरे तेलों में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं. यही कारण है कि सौंदर्य उत्पादों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

दिल, दिमाग और पाचन का रक्षक वचा पौधा, आयुर्वेद में इसे क्यों माना जाता है संपूर्ण स्वास्थ्य का चमत्कारी उपाय?

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Last Updated:May 19, 2026, 15:45 IST वचा (वच) एक औषधीय आयुर्वेदिक पौधा माना जाता है, जो दिल, दिमाग और पाचन के लिए लाभकारी बताया गया है. यह रक्त संचार सुधारने, तनाव कम करने, मानसिक शांति देने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से हृदय पर दबाव कम होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. हालांकि इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, वचा पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है और दिल को मजबूत रखने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा यह तनाव कम करने, दिमाग को शांत रखने और पाचन सुधारने में भी उपयोगी बताया गया है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है. आयुर्वेद में वचा (वच) पौधे को एक खास औषधीय पौधा माना गया है. इसे पारंपरिक रूप से हृदय से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी बताया जाता है. वाच का उपयोग प्राचीन समय से आयुर्वेदिक उपचार में किया जा रहा है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि इसके अलावा वचा पौधा पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. आयुर्वेद में माना जाता है कि खराब पाचन कई बीमारियों की जड़ होता है. वाच गैस, अपच और पेट की अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में पोषक तत्व अच्छी तरह से अवशोषित होते हैं, जिससे हृदय समेत पूरे शरीर को लाभ मिलता है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. अभिषेक मिश्रा के अनुसार, वचा पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है. जब शरीर में खून का प्रवाह सही तरीके से होता है, तो हृदय पर दबाव कम पड़ता है और दिल स्वस्थ रहता है. वाच के सेवन से नसों में जमा गंदगी को हटाने में मदद मिलती है, जिससे हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. यही कारण है कि आयुर्वेदाचार्य इसे दिल को मजबूत बनाने वाला पौधा मानते हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान रामनाथ आरोग्यधाम के वैद्य (डॉ.) अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा (वच) के पौधे दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. माना जाता है कि इसके पंचमूल का प्रयोग करके दिल से और दिमाग से संबंधित बीमारियों को दूर किया जा सकता है. वचा पौधे का एक बड़ा गुण यह भी है कि यह तनाव और मानसिक थकान को कम करने में सहायक होता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण बन चुका है. वाच दिमाग को शांत रखने में मदद करता है और चिंता को कम करता है. जब मन शांत रहता है, तो इसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घट जाता है. डॉ. अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि इसके जड़ को सुखाकर पाउडर बनाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है और इसके पांचों मूल का भी प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग 4 रत्ती से 3 ग्राम तक किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी आयुर्वेदाचार्य से एक बार सलाह जरूर लें. डॉ अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा (वच) का पौधा लगाना भी काफी आसान है. इसको गमले में या किचन गार्डन में आसानी से लगाया जा सकता है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा का उपयोग सिर्फ दिल और पाचन के लिए ही नहीं, बल्कि सर्दी-खांसी, दमा और आवाज से जुड़ी समस्याओं में भी किया जाता है. कई जगहों पर इसे बच्चों की याददाश्त बढ़ाने और बोलने की क्षमता सुधारने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, वाच में मौजूद औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

रायबरेली में राहुल गांधी बोले- आर्थिक तूफान आने वाला है:बहुत कठिन समय आ रहा है, एक्शन लेने के बजाए मोदीजी विदेश चले गए

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल आज से दो दिन के यूपी दौरे पर हैं। मंगलवार दोपहर 12.15 बजे राहुल रायबरेली पहुंचे। बड़े मंगल पर चुरुवा मंदिर में बजरंगबली के दर्शन किए। पुजारी ने उन्हें माला पहनाई। प्रसाद दिया। यहां राहुल ने दर्शन करने आए लोगों से बात भी की। मंदिर से राहुल सीधे बछरावां पहुंचे। सांसद निधि से बने मैरिज हॉल का उद्घाटन किया। गांव के लोगों से बात की। यहां से राहुल खीरों जाएंगे और जनसभा करेंगे। फिर लालगंज में महिला संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। कल यानी 20 मई को जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों से मिलेंगे। स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण करेंगे। जनसभा के बाद अमेठी रवाना हो जाएंगे। इससे पहले, राहुल सुबह 11.30 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने उनका स्वागत किया। बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक भी एयरपोर्ट पहुंचे। ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। राहुल एयरपोर्ट से निकलकर सीधे अपनी कार में बैठे और रायबरेली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान राहुल के हाथ में चॉकलेट नजर आई। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राहुल गांधी 6 बार रायबरेली आ चुके हैं। यह उनका 7वां दौरा होगा। इससे पहले, राहुल 19 जनवरी 2026 को रायबरेली दौरे पर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल के दौरे का फोकस संगठन की समीक्षा के साथ-साथ 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियों पर होगा। राहुल बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। 2 तस्वीरें- राहुल गांधी के रायबरेली-अमेठी दौरे की पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…