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ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, 8 की मौत:लखीमपुर में अंदर बैठे लोग सीट के बीच दबे, कई बाहर गिरे; 4 गंभीर

ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, 8 की मौत:लखीमपुर में अंदर बैठे लोग सीट के बीच दबे, कई बाहर गिरे; 4 गंभीर

लखीमपुर खीरी में सोमवार सुबह 7.30 बजे भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही मैजिक को टक्कर मार दी। मैजिक में दो महिलाओं समेत 12 लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक पलट गई। घिसटते हुए 10 फीट दूर जाकर रुकी। अंदर बैठे कई लोग सीट के बीच में ही फंस गए। कुछ लोग उछलकर सड़क पर गिरे। मैजिक और सड़क पर खून ही खून फैल गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- ट्रक तेज रफ्तार में था। अचानक बेकाबू हो गया। उसने सामने से आ रही मैजिक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा जिला मुख्यालय से 40 किमी. दूर पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर गांव अदलीसपुर के पास हुआ। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Chitrak Cheeta Benefits I चित्रक जड़ के फायदे

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Last Updated:May 17, 2026, 17:19 IST आयुर्वेद में चित्रक चीता को एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना गया है. पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग कफ, गैस, अपच, कमजोरी और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है. हालांकि इसकी तासीर तेज मानी जाती है, इसलिए इसका सेवन हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार कुछ औषधीय पौधों को शरीर में जमा कफ को संतुलित करने में सहायक माना जाता है. चित्रक चीता भी ऐसे पौधों में शामिल बताया जाता है, पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, कफ और मौसम बदलने पर होने वाली कुछ सामान्य परेशानियों में किया जाता रहा है. माना जाता है कि यह शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसका उपयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है. भारत में आयुर्वेद का इतिहास काफी पुराना है. प्राचीन समय से ही कई औषधीय पौधों का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता रहा है. ऐसे ही खास पौधों में चित्रक चीता का नाम भी शामिल है. आयुर्वेद में इसे महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है. इसकी जड़ और कुछ अन्य हिस्सों का उपयोग पारंपरिक उपचारों में लंबे समय से किया जाता रहा है. हालांकि किसी भी औषधीय पौधे का इस्तेमाल डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए. आयुर्वेद में चित्रक चीता का उपयोग कुछ त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बताया गया है. पारंपरिक उपचारों में इसका इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाता रहा है. माना जाता है कि इसके कुछ गुण त्वचा से जुड़ी परेशानियों में सहायक हो सकते हैं. हालांकि इसकी तासीर तेज मानी जाती है, इसलिए इसका उपयोग बहुत सावधानी और सही मात्रा में करना जरूरी होता है. बिना जानकारी या विशेषज्ञ की सलाह के इसका प्रयोग करना नुकसानदायक भी हो सकता है. किसी भी औषधीय पौधे की तरह इसका उपयोग भी चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना बेहतर माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google  आजकल अनियमित खानपान और तली-भुनी चीजों के अधिक सेवन से कई लोगों को गैस और पेट फूलने की समस्या हो जाती है. आयुर्वेद में चित्रक चीता को पेट से जुड़ी परेशानियों में उपयोगी माना गया है. पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और गैस की समस्या को कम करने के लिए किया जाता रहा है. हालांकि, किसी भी औषधीय पौधे का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि आयुर्वेद में चित्रक चीता को पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना गया है. कहा जाता है कि यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. अपच, पेट भारी रहना, गैस या भोजन ठीक से न पचने जैसी समस्याओं में पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है. हालांकि इसका सेवन हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार चित्रक चीता को शरीर की कमजोरी और थकान दूर करने में उपयोगी माना जाता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह शरीर को ऊर्जा देने और सुस्ती कम करने में मदद कर सकता है. जब व्यक्ति लगातार थकान या कमजोरी महसूस करता है, तब पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग बताया जाता है। हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं. कुछ आयुर्वेदिक जानकारों के अनुसार चित्रक चीता में ऐसे गुण बताए जाते हैं, जो शरीर की सूजन से जुड़ी समस्याओं में सहायक हो सकते हैं. कई बार शरीर में सूजन थकान, चोट या अन्य कारणों से भी हो सकती है. पारंपरिक उपचारों में चित्रक चीता का उपयोग ऐसी परेशानियों को कम करने के लिए किया जाता रहा है. हालांकि इसके प्रभाव को लेकर हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है. आज के समय में लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चीजों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. लेकिन किसी भी पौधे को चमत्कारी मानकर इस्तेमाल करने से पहले सही जानकारी लेना जरूरी है. आयुर्वेद में चित्रक चीता का विशेष महत्व जरूर बताया गया है, लेकिन सुरक्षित और सही उपयोग ही सबसे ज्यादा जरूरी होता है. स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी में डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर विकल्प माना जाता है. बढ़ती उम्र, बदलती जीवनशैली और शरीर में पोषण की कमी के कारण कई लोगों को जोड़ों के दर्द और शरीर में अकड़न की समस्या होने लगती है. इससे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो सकती है. आयुर्वेद में चित्रक चीता को ऐसी समस्याओं में उपयोगी माना गया है. पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है. कुछ आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि यह जोड़ों से जुड़ी परेशानियों में सहायक हो सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|

Prateek Yadav Ashes Immersion Haridwar

Prateek Yadav Ashes Immersion Haridwar

लखनऊ4 मिनट पहले कॉपी लिंक सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां आज हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। शनिवार सुबह 9:15 बजे पत्नी अपर्णा अपनी बड़ी बेटी प्रथमा, पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन के साथ अस्थियां लेकर निकली हैं। परिवार लखनऊ एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन से हरिद्वार के लिए रवाना होगा। शिवपाल के बेटे बदायूं से सांसद आदित्य यादव भी साथ जा रहे हैं। वह अमौसी एयरपोर्ट पर प्रतीक का अस्थि कलश लेकर अपर्णा से आगे चलते दिखे। परिवार ने 6 सीटर चार्टर्ड प्लेन बुक किया है। हालांकि, सपा प्रमुख अखिलेश यादव जाएंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। चार्टर्ड प्लेन देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से परिवार कार से हरिद्वार पहुंचेगा। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की मौजूदगी में अस्थि-विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रतीक यादव का लखनऊ में 13 मई को 38 साल की उम्र में निधन हो गया था। अगले दिन 14 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी थी। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं और वर्तमान में यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। 2 तस्वीरें देखिए- लखनऊ एयरपोर्ट पर शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव (बदायूं सांसद) प्रतीक का अस्थि कलश लेकर जाते दिखे। उनके पीछे अपर्णा, उनके भाई अमन, बेटी पद्मजा हैं। लखनऊ से शनिवार सुबह 9:15 बजे ससुर अरविंद बिष्ट, साले अमन और प्रतीक यादव की बड़ी बेटी प्रथमा अस्थियां लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हुए। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपए बताई गई थी। प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है। प्रतीक यादव के अस्थी विसर्जन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 7 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तराखंड में है अपर्णा यादव का मायका अपर्णा यादव मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनका उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक स्थित गढ़बरसाली (कुरा) गांव में मायका है। अपर्णा का परिवार लंबे समय से उत्तराखंड से जुड़ा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में जैसे ही यह दुखद समाचार पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। प्रतीक के निधन की खबर जैसे ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव के पैतृक गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों ने गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 14 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरपोर्ट पर अस्थिकलश लेकर जाते दिखे आदित्य अमौसी एयरपोर्ट पर शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव अस्थिकलश लेकर जाते दिख रहे हैं। उनके पीछे अपर्णा यादव छोटी बेटी पद्मजा और अपने भाई अमन बिष्ट के साथ चल रही हैं। पद्मजा को प्रतीक बहुत प्यार करते थे। 22 मिनट पहले कॉपी लिंक अपर्णा ने रात 1 बजे सोशल मीडिया पर डाला था पोस्ट अपर्णा यादव ने रात के 1 बजे सोशल मीडिया पर अस्थि विसर्जन से संबंधित पोस्ट किया था। इस पोस्ट में लिखा- ‘पूज्य स्मरणीय श्री प्रतीक यादव की पवित्र अस्थियों के विसर्जन का कार्यक्रम हरिद्वार के चौधरी चरण सिंह वीवीआईपी घाट पर दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया जाएगा। सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना है कि वो पहुंचें जिससे हमें शक्ति मिलेगी। 34 मिनट पहले कॉपी लिंक अमौसी एयरपोर्ट पर VIP लाउंज में बैठी हैं अपर्णा अपर्णा यादव भी अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंच चुकी हैं। वह VIP लाउंज में बैठी हुई हैं। यह जानकारी दैनिक भास्कर रिपोर्टर को विश्वस्त सूत्रों ने दी है। 04:47 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक थोड़ी देर में हरिद्वार के लिए रवाना होगा परिवार प्रतीक की अस्थियां लेकर परिवार लखनऊ एयरपोर्ट पहुंच गया है। थोड़ी देर में चार्टर प्लेन से परिवार रवाना होगा। परिवार के पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 04:31 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक प्रतीक अस्थियां लेकर परिवार लखनऊ से हरिद्वार के लिए रवाना प्रतीक यादव की अस्थियां आज हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। शनिवार सुबह 9:15 बजे ससुर अरविंद बिष्ट, साले अमन और प्रतीक की बड़ी बेटी प्रथमा घर से अस्थियां लेकर निकले हैं। चार्टर्ड प्लेन सीधे देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से परिवार कार से हरिद्वार पहुंचेगा। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की मौजूदगी में अस्थि-विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 03:57 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक 14 मई को हुए प्रतीक के अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें देखिए- अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं। दोनों ने पिता की चिता पर लकड़ी रखी। अपर्णा के पिता यानी ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने प्रतीक की चिता को मुखाग्नि दी। प्रतीक की डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर शव वाहन पर लगाई गई। अखिलेश प्रतीक की छोटी बेटी पद्मजा से बातचीत करते रहे। उन्होंने बच्ची को चॉकलेट भी दी। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी तो उनके सामने अपर्णा फूट-फूटकर रोईं। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने अपर्णा यादव को ढांढस बंधाया। देवर

Khabar Hatke- Quirky News: Dog Puja, Transformer Charging, ATM Barber

Khabar Hatke- Quirky News: Dog Puja, Transformer Charging, ATM Barber

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी से पहले उनकी पूजा की गई और तिलक लगाया गया। वहीं, बिहार की राजधानी में एक एटीएम के अंदर बाल काटने की दुकान खोल दी गई। इसके साथ ही बिहार में ही लोग सीधे ट्रांसफॉर्मर से मोबाइल चार्ज करते नजर आए। . उधर, कांगो में गुप्तांग सिकुड़ने की अफवाह के बाद 17 लोगों की हत्या कर दी गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ और ‘रेन-रेन गो अवे’ जैसी अंग्रेजी कविताओं को बैन करने की मांग की है। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

बच्चों के पैरों में दर्द I leg pain in childrens

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Last Updated:May 11, 2026, 15:54 IST बच्चों के पैरों में बार-बार होने वाला दर्द सिर्फ थकान नहीं, बल्कि ग्रोथ पेन, कमजोरी या पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति सिंह ने बच्चों की डाइट, मसाज और घरेलू उपायों को लेकर जरूरी सलाह दी है. मिर्जापुर. अक्सर छोटे बच्चों के पैरों में दर्द होता है, बच्चों के पैरों में दर्द होने के बाद कई बार मालिश के बाद भी दर्द ठीक नहीं होता है. अगर आपके बच्चों के पैरों में दर्द है तो इसके कुछ खास वजह हो सकती है. पहले ग्रोथ हो सकता है और दूसरा कारण थकान हो सकता है. वहीं, कई बार न्यूट्रिएंट्स की कमी की वजह से भी दर्द होता है. मंडलीय अस्पताल में तैनात डाइटीशियन डॉक्टर ज्योति सिंह ने बच्चों को लेकर टिप्स दिए हैं. डॉक्टर ज्योति सिंह ने घरेलू नुस्खे के साथ ही चिकित्सकीय पद्धति से बच्चों का ध्यान रखने की बात कही है. उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रॉपर न्यूट्रिएंट्स दें और शाम में जरूर पैरों की मालिश करें. मंडलीय अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति सिंह ने लोकल 18 से बताया कि बच्चों के पैरों में दो चीजों से दर्द होता है. एक होता है ग्रोथ पैन, जो बच्चों के शारीरिक विकास की वजह से होता है. वहीं, दूसरा दर्द ज्यादा खेल-कूद आदि की वजह से होता है, कभी दर्द कमजोरी की वजह से भी हो सकता है. ऐसे में सबसे जरूरी बच्चों का खान-पान होता है. बच्चों को प्रॉपर प्रोटीन वाले सामान पनीर, अंडे, राजमा, सोयाबीन आदि को डाइट में रखना चाहिए. बच्चों को दूसरी जरूरी चीज कैल्शियम की आवश्यकता होती है. कैल्शियम के लिए बच्चों को रागी, चौराई, रामदाना, शिमला मिर्च, चने, खजूर और अंजीर आदि दे सकते हैं. बच्चों के पैरों में दर्द है तो इप्सम सॉल्ट है तो कुनकुने पानी में डालकर पैर को कुछ देर के लिए रोककर रखना चाहिए. ये टिप्स भी है बेहद कारगरडॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि ध्यान रहे कि ज्यादा देर तक पैरों को पानी के अंदर नहीं रखे, वरना लूज मोशन जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में कम से कम समय तक पैरों को पानी में रखे. उन्होंने बताया कि बच्चों के पैरों में दर्द होन पर देसी तरीका है मसाज. थोड़ा मसाज बच्चों का रात में करना चाहिए. इसको करने से सोते समय बच्चों को बेहतर फील होता है. उनको अच्छी नींद लगती है, ये कुछ तरीके थे, जिनका उपयोग बच्चों के लिए पैरों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए कर सकते हैं. अगर दर्द असहनीय हो या ज्यादा हो तो किसी पीडियाट्रिक को दिखा सकते हैं. मंडलीय अस्पताल में भी बाल रोग विशेषज्ञ है, यहां सम्पूर्ण इलाज है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mirzapur,Uttar Pradesh

किडनी फंक्शन टेस्ट I किडनी बीमारी के लक्षण

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Last Updated:May 11, 2026, 14:55 IST सिर्फ क्रिएटिनिन टेस्ट से किडनी की असली हालत का पता नहीं चलता. डॉक्टरों के मुताबिक पेशाब जांच, eGFR और UACR जैसे टेस्ट शुरुआती किडनी डैमेज पकड़ने में बेहद जरूरी हैं. समय रहते जांच और इलाज से डायलिसिस जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. कानपुर. जब भी लोगों को किडनी से जुड़ी कोई परेशानी होती है या डॉक्टर जांच लिखते हैं, तो ज्यादातर लोग सिर्फ क्रिएटिनिन और किडनी फंक्शन जांच करवाकर निश्चिंत हो जाते हैं. रिपोर्ट सामान्य आते ही उन्हें लगता है कि उनकी किडनी पूरी तरह स्वस्थ है. लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है. कई बार किडनी अंदर ही अंदर खराब होती रहती है और साधारण जांच में इसका पता तक नहीं चलता. बीमारी जब गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है, तब जाकर क्रिएटिनिन स्तर बढ़ा हुआ नजर आता है. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर युवराज गुलाटी ने बताया कि सिर्फ किडनी फंक्शन जांच के भरोसे रहना खतरनाक हो सकता है. किडनी की असली स्थिति जानने के लिए दूसरी जरूरी जांचें भी करानी चाहिए. इनमें सबसे महत्वपूर्ण पेशाब की जांच मानी जाती है. इससे यह पता चलता है कि कहीं पेशाब में प्रोटीन या खून तो नहीं आ रहा. पेशाब में प्रोटीन आना किडनी खराब होने का शुरुआती संकेत माना जाता है. डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में क्रिएटिनिन सामान्य रहता है, लेकिन पेशाब की जांच में गड़बड़ी सामने आ जाती है. ऐसे मामलों में अगर समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है. GSVM Medical College के डॉक्टरों के मुताबिक किडनी की बीमारी पकड़ने के लिए सिर्फ एक जांच काफी नहीं होती. किडनी फंक्शन जांच के अलावा ईजीएफआर जांच भी बेहद जरूरी है. इस जांच से यह पता चलता है कि किडनी कितनी क्षमता से खून साफ कर रही है. इसके साथ ही यूएसीआर जांच भी अहम मानी जाती है, जिससे पेशाब में एल्ब्यूमिन यानी प्रोटीन की मात्रा का पता चलता है. यह जांच शुरुआती दौर में ही किडनी की खराबी का संकेत दे सकती है. पेशाब की जांच को हल्के में लेना पड़ सकता है भारीविशेषज्ञों का कहना है कि बहुत से लोग पेशाब की जांच को सामान्य समझकर टाल देते हैं, जबकि यही जांच कई बार बड़ी बीमारी का संकेत दे देती है. पेशाब में झाग बनना, खून आना या बार-बार संक्रमण होना किडनी की खराबी की तरफ इशारा कर सकता है. डॉक्टर युवराज गुलाटी के मुताबिक शरीर भी पहले से संकेत देने लगता है. जैसे पैरों और चेहरे पर सूजन आना, बिना वजह थकान रहना, भूख कम लगना, रात में बार-बार पेशाब आना या रक्तचाप लगातार बढ़ा रहना किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. मधुमेह और रक्तचाप के मरीजों को ज्यादा खतरा डॉक्टरों का कहना है कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. ऐसे लोगों को नियमित रूप से किडनी फंक्शन जांच, ईजीएफआर, यूएसीआर और पेशाब की जांच जरूर करानी चाहिए. समय रहते बीमारी पकड़ में आ जाए तो दवा और खानपान से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. लेकिन लापरवाही करने पर मरीज को डायलिसिस तक की जरूरत पड़ सकती है. विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सिर्फ एक सामान्य रिपोर्ट देखकर निश्चिंत न हों. अगर शरीर में लगातार कोई परेशानी महसूस हो रही है तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेकर पूरी जांच कराएं. समय पर जांच ही किडनी को गंभीर बीमारी बनने से बचा सकती है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

खबर हटके- पिटते प्रेमी को बचाने मंडप से भागी दुल्हन:फास्ट फूड खाकर कबूतर ने वजन बढ़ाया, उड़ना मुश्किल; ChatGPT से IPL टिकट बनाकर ठगी

खबर हटके- पिटते प्रेमी को बचाने मंडप से भागी दुल्हन:फास्ट फूड खाकर कबूतर ने वजन बढ़ाया, उड़ना मुश्किल; ChatGPT से IPL टिकट बनाकर ठगी

उत्तर प्रदेश में पिटते प्रेमी को बचाने के लिए मंडप छोड़कर दुल्हन बीच में आ गई। वहीं, चीन में फास्ट फूड खाने की वजह से एक कबूतर का वजन इतना बढ़ गया कि उसे उड़ने में परेशानी होने लगी। उधर, यूपी में ही ChatGPT की मदद से IPL टिकट बनाकर बेचने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया। यूपी के गोरखपुर में एक लड़की को मरा समझकर परिजन अस्पताल में छोड़ गए थे, लेकिन 98 दिन बाद वह ठीक होकर घर पहुंच गई। वहीं, दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने काम बढ़ने की वजह से खुद का डिमोशन कराने की मांग कर दी। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी I GIMS Greater Noida

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Last Updated:May 10, 2026, 15:34 IST ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जिम्स में बच्चों के लिए एडवांस पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी यूनिट शुरू की गई है. अब हड्डियों और जोड़ों की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को सरकारी अस्पताल में ही आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से बेहतर इलाज मिल सकेगा. इस सुविधा से खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. ग्रेटर नोएडा. अब बच्चों के इलाज के लिए लोगों को प्राइवेट अस्पतालों के महंगे खर्च और लंबी भागदौड़ का सामना कम करना पड़ेगा. जिम्स हॉस्पिटल में बच्चों के लिए एडवांस पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी यूनिट की शुरुआत की गई है. इस नई हाईटेक सुविधा के शुरू होने से हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को अब सरकारी अस्पताल में ही आधुनिक इलाज मिल सकेगा. जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने बताया कि नई यूनिट में बच्चों की सर्जरी के लिए आधुनिक मशीनें और अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से जटिल ऑपरेशन भी आसानी से किए जा सकेंगे. उन्होंने बताया की यूनिट में हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ड्रिल सिस्टम, पीडियाट्रिक हिप प्लेटिंग सेट, स्मॉल बोन ड्रिल सिस्टम और पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक इंस्ट्रूमेंट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं. इन उपकरणों के आने से बच्चों की हड्डियों की सर्जरी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और बेहतर तरीके से हो सकेगी. खास बात यह है कि इन सेवाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी मिलेगा, जो अब तक महंगे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर थे. देश में मेडिकल डिवाइस की तेजी से बढ़ रही है मांग  उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल डिवाइस की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी बड़ी मात्रा में उपकरण विदेशों से मंगाने पड़ते हैं. ऐसे में सरकार मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और आधुनिक तकनीक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. उन्होंने यह भी कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े.  जिम्स हॉस्पिटल के ऑर्थो डिपार्टमेंट के प्रोफेसर हेड विकास सक्सेना ने बताया कि इस यूनिट से हर साल एक हजार से अधिक बच्चों को फायदा मिलने की संभावना है. जन्मजात हड्डी संबंधी समस्याएं, दुर्घटनाओं में लगी चोटें और ऑर्थोपेडिक बीमारियों से पीड़ित बच्चों का इलाज अब बेहतर तरीके से हो सकेगा. उन्होंने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि समय पर इलाज मिलने से बच्चों को भविष्य में होने वाली गंभीर परेशानियों से भी बचाया जा सकेगा. अस्पताल में शुरू हुई इस नई सुविधा को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल है. लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी. अब बच्चों के इलाज के लिए महंगे प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Greater Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

घमौरी का इलाज I skin care tips in summers

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Last Updated:May 07, 2026, 16:00 IST गर्मी और उमस के बढ़ते असर से त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. जिला एमएमजी अस्पताल में घमौरी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसमें छोटे बच्चों से लेकर बड़े लोग तक शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार, अधिक पसीना आने और पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाने से त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने उभर आते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण और पस का रूप ले सकते हैं. गाजियाबाद. गर्मियों की बढ़ती तपिश और उमस अब लोगों की त्वचा पर भी असर दिखाने लगी है, जिला एमएमजी अस्पताल में इन दिनों घमौरी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक इस समस्या से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी और ज्यादा पसीना आने के कारण त्वचा की पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिससे पसीना बाहर नहीं निकल पाता और त्वचा के अंदर ही फंस जाता है. यही स्थिति आगे चलकर घमौरी का रूप ले लेती है. शुरुआत में छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, लेकिन लापरवाही करने पर इनमें लालपन, जलन और पस तक पड़ सकती है.जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि मई की शुरुआत के साथ ही तापमान लगातार बढ़ रहा है. गर्मी के कारण शरीर से अधिक पसीना निकलता है.  कई बार पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं जिससे पसीना त्वचा के अंदर जमा हो जाता है और छोटे-छोटे लाल दाने बनने लगते हैं. इन दानों में पानी जैसा पदार्थ भी भरा दिखाई देता है, उन्होंने बताया कि घमौरी तीन चरणों में बढ़ती है. शुरुआत में हल्के दाने निकलते हैं फिर उनमें लालपन आता है और समय पर इलाज न मिलने पर उनमें संक्रमण होकर पस भी पड़ सकता है. अधिक पसीना आने पर शरीर को रखें साफ  डॉक्टरों के अनुसार घमौरी से बचने के लिए शरीर को ठंडा और सूखा रखना बेहद जरूरी है. कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा देर तक धूप और गर्मी में न रहें, घर से बाहर निकलने पर ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि हवा शरीर तक पहुंच सके. टाइट कपड़े, लेगिंग और ज्यादा फिटिंग वाले कपड़े गर्मियों में परेशानी बढ़ा सकते हैं. अधिक पसीना आने पर समय-समय पर शरीर को साफ करना चाहिए और दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से नहाना फायदेमंद रहता है. डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि छोटे बच्चों में भी घमौरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में माता-पिता को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, कई लोग बच्चों के शरीर पर ज्यादा मात्रा में पाउडर लगा देते हैं लेकिन यह नुकसानदायक हो सकता है. पाउडर पसीने वाली ग्रंथियों को और बंद कर देता है जिससे समस्या बढ़ जाती है. इसकी जगह ठंडे या गीले सूती कपड़े से शरीर को साफ करना बेहतर होता है. डॉक्टरों ने लोगों को गर्मियों में ज्यादा पानी पीने, तरल पदार्थ लेने और मौसमी फलों का सेवन करने की सलाह दी है. साथ ही यदि घमौरी में ज्यादा लालपन, जलन या पस दिखाई दे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh

खबर हटके- इंस्टाग्राम पर जिसे प्रपोज किया वो पत्नी निकली:पेशाब करने से रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए शीशे; वायरल हुआ पेंटर चूहा

खबर हटके- इंस्टाग्राम पर जिसे प्रपोज किया वो पत्नी निकली:पेशाब करने से रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए शीशे; वायरल हुआ पेंटर चूहा

उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर जिस लड़की को प्रपोज किया, वो असल में उसकी ही पत्नी निकली। वहीं, कर्नाटक में सड़क किनारे पेशाब करने से रोकने के लिए शीशे लगा दिए गए। उधर, इंस्टाग्राम पर पेंटिंग करने वाला चूहा तेजी से वायरल हो रहा है। एक दूल्हे ने दहेज में स्कॉर्पियो मांगी तो लड़की के परिवार ने उसे खिलौने वाली कार गिफ्ट कर दी। वहीं, यूपी में ही एक कांग्रेस नेता के घर के बाहर सफाई कर्मियों ने 3 ट्रॉली कूड़ा डाल दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…