Raghav Chadha AAP Target: Kumar Vishwas Video Viral

राघव चड्ढा ने नया वीडियो जारी किया है। उसमें वह पंजाब के लोगों के बीच दिख रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) से चल रही तकरार के बीच राघव चड्ढा ने नया पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने लिखा है- मेरे उन सहयोगियों के लिए जो मजबूर होकर वीडियो जारी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राघव चड्ढा ने संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में असफल रहे। उनके . चड्ढा ने आगे लिखा- पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है। राघव ने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने पार्लियामेंट में अपने स्पीच दिखाए हैं। इनमें चड्ढा को पंजाब के मुद्दे उठाते सुना जा सकता है। इधर, मशहूर कवि कुमार विश्वास का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि AAP का अगला शिकार राघव चड्ढा होंगे। उसने हीरोइन से शादी कर ली और रील दिखने लगी है। कुमार विश्वास का यह वीडियो करीब डेढ़ साल पुराना है, जिसमें वह पॉडकास्ट के दौरान बात कर रहे हैं। कुमार भी AAP के फाउंडर मेंबरों में से एक हैं। दिल्ली में सरकार बनने के बाद उनका अरविंद केजरीवाल व उनकी टीम से मनमुटाव हो गया, जिसके बाद उन्होंने AAP छोड़ दी थी। पॉडकास्ट में राघव चड्ढा के बारे में बात करते कवि कुमार विश्वास। राघव ने एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा से शादी की है। – फाइल फोटो कुमार विश्वास ने चड्ढा को लेकर क्या कहा था कुमार विश्वास ने 29 अगस्त 2024 को एक पॉडकास्ट में कहा था- अब अगला शिकार कौन है, अगला शिकार वह बालक है, जो खुद ने ही पैदा किया। इसकी कोई औकात भी नहीं है, बस वह थोड़ा लोकप्रिय हो गया है। हीरोइन (परिणीति चोपड़ा) से शादी कर ली है। अब रील दिखने लगी। यह नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने कहा- दिखेगा नहीं, दिख भी नहीं रहा। जब यह हुआ था, मैंने तभी कह दिया था, यह गया। इसे नहीं छोड़ेगा अब निश्चित रूप से, क्योंकि आप इतने ज्यादा डरे हुए हैं कि आपको किसी आदमी की आभा बर्दाश्त ही नहीं है। राघव चड्ढा ने एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा के साथ शादी की है। – फाइल फोटो राघव चड्ढा के मामले में अब तक क्या–क्या हुआ AAP ने उपनेता पद से हटाया 2 अप्रैल को AAP ने राघव चड्ढा को AAP के राज्यसभा सांसदों के उपनेता पद से हटा दिया। इस बारे में राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को चिट्ठी दी गई, जिसमें यह भी कहा गया कि उन्हें पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। AAP ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा के वाइस चासंलर अशोक मित्तल को उपनेता बना दिया। राघव 2022 से पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। उनकी टर्म 2028 तक है। राघव चड्ढा ने कहा- खामोश कराया, हारा नहीं हूं इसके बाद 3 अप्रैल को राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा- मैंने संसद में जनता के मुद्दे उठाए, क्या यह अपराध है। ये मुद्दे उठाने से आम आदमी का फायदा हुआ तो AAP का क्या नुकसान हुआ? जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है। AAP नेता सामने आए, कहा- पार्टी लाइन से हटे राघव के वीडियो के सामने आते ही अनुराग ढांडा, सौरभ भारद्वाज, आतिशी मार्लेना, सीएम भगंवत मान जैसे कई AAP नेता सामने आए। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल अरेस्ट हुए तो राघव चड्ढा आंखों के ऑपरेशन की बात कह UK में थे। संसद में केंद्र सरकार और PM मोदी से सवाल नहीं पूछते, वह मोदी से डरते हैं। राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय समोसे के रेट जैसे छोटे मुद्दे उठाते हैं। पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव में साइन करने से राघव चड्ढा ने इनकार किया। पार्टी के वॉकआउट पर सदन से बाहर नहीं आए। राघव ने दूसरा VIDEO जारी कर कहा- स्क्रिप्टेड कैंपेन चला रहे राघव ने 4 अप्रैल को फिर वीडियो जारी कर कहा- कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई को-इंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए। फिर लगा कि एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए, मैंने सोचा कि जवाब दूं। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए गया हूं। आखिर में राघव ने धुरंधर फिल्म का डायलॉग, ‘घायल हूं, इसलिए घातक हूं’ कहते हुए AAP को चेतावनी दी। ॰॰॰॰॰॰ ये खबरें भी पढ़ें… राघव चड्ढा का जवाब- खामोश कराया, हारा नहीं:AAP बोली- कोई मोदी से डर जाए तो क्या लड़ेगा; कल राज्यसभा उपनेता पद से हटाया था आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने को लेकर शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में कहा- मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है। पढ़ें पूरी खबर… राघव चड्ढा बोले- संसद गाली देने-माइक तोड़ने नहीं गया:मेरे खिलाफ कोऑर्डिनेटेड अटैक, स्क्रिप्टेड कैंपेन; धुरंधर के डायलॉग से AAP को चेतावनी आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपों को लेकर सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को दूसरा वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया (X) पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा- मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया झूठ भी सच लगने लगता। 3 आरोपों में जीरो सच्चाई है। पढ़ें पूरी खबर…
MP के कोतमा में 4 मंजिला लॉज गिरी, 1 मौत:3 लोग गंभीर, कई लोग मलबे में दबे, रातभर चलेगा रेस्क्यू; बिल्डिंग गिरने का VIDEO

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम करीब 5:30 बजे चार मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं।शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कई लोग मलबे में दबे हैं। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी बिल्डिंग ढहती नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान हनुमान दीन यादव (55) के रूप में हुई है, जो टाइल्स लगाने का काम करता था। लॉज की चौथी मंजिल में काम कर रहा था। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली और एसपी मोती उर रहमान मौके पर पहुंचे। 3 घायलों को शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं शव मॉर्च्यूरी में रखे गए हैं। घटनास्थल पर 10-12 एंबुलेंस मौजूद हैं। वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… 100 लोगों की टीम रेस्क्यू में जुटी SDRF और प्रशासन की करीब 100 लोगों की टीम मलबा हटाने में लगी है। 3 क्रेन और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। लॉज के गिरने से आसपास की कई दुकानें भी चपेट में आ गई हैं। अफरा-तफरी और जान बचाकर भागते लोग बिल्डिंग गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ लोग मलबे की चपेट में आ गए। लॉज के सामने खड़ा एक ट्रैक्टर भी फुटेज में दिखाई देता है, जिसे चालक ने बिल्डिंग गिरते ही तुरंत स्टार्ट कर भाग गया प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शी अरुण सोनी के मुताबिक, बिल्डिंग एकतरफा गड्ढे की ओर गिरी। हादसे के बाद पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया और चीख-पुकार मच गई। उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ की मौत भी हुई है। मलबे के अंदर से लोगों के फंसे होने और चीखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। 12 फीट गहरी खुदाई बनी वजह नगर पालिका उपाध्यक्ष बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में करीब 20 बाई 50 फीट के प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए लगभग 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिससे लॉज की नींव कमजोर हो गई। इसके बाद इमारत का एक हिस्सा उसी दिशा में धंस गया और पूरी बिल्डिंग गिर गई। कलेक्टर बोले- CM मोहन करेंगे मुआवजे का ऐलान कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तत्परता से जारी है। अब तक 4 लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें एक की मौत हो गई है। घायलों का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री जल्द मुआवजे का ऐलान करेंगे। वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने हादसे को दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें पूरी क्षमता के साथ राहत कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन है, जांच बाद में की जाएगी। हादसे पर CM मोहन यादव ने जताया दुख वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत होना पीड़ादायक है। जिला प्रशासन, पुलिस एवं SECL द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक तीन नागरिकों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला गया है, जबकि NDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। लॉज हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Sunil Pal Insulted | Comedian Mic Grabbed On Stage, Viral Video

1 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के विनर सुनील पाल हाल ही में एक इवेंट में हुए अपने अपमान को लेकर चर्चा में हैं। एक शायरी प्रोग्राम के दौरान उन्हें स्टेज पर बुलाकर न सिर्फ माइक देने से मना किया गया, बल्कि उनके हाथ से माइक छीन भी लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुनील पाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और उस शाम की पूरी आपबीती सुनाई है। सुनील ने कहा मुझे इवेंट में बहुत उलझन और शर्मिंदगी हुई। दोस्त के बुलावे पर प्रोग्राम में पहुंचे थे सुनील सुनील पाल ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह उर्दू और अरबी शायरी का एक कार्यक्रम था। उन्हें उनके एक बेहद करीबी दोस्त ने वहां बुलाया था। सुनील वहां का माहौल एन्जॉय कर रहे थे और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके साथ स्टेज पर ऐसा बर्ताव किया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं वहां मौजूद कवियों का सम्मान करना चाहता था और उनके अच्छे काम के लिए उन्हें थैंक यू कहना चाहता था। स्टेज पर माइक के लिए बार-बार की गुजारिश वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुनील पाल को स्टेज पर बुलाकर फूलों का गुलदस्ता दिया गया। जब उन्होंने शिष्टाचार के नाते कुछ शब्द कहने के लिए माइक मांगा, तो मंच संचालक ने मना कर दिया। सुनील ने बताया, मैंने उस व्यक्ति से कई बार माइक देने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मुझे बोलने का मौका नहीं दिया। मुझे वहां बहुत उलझन और शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। हाथ से छीना माइक, दर्शक बना रहे थे वीडियो हद तो तब हो गई जब सुनील के हाथ से माइक छीन लिया गया और आयोजकों ने उन्हें मंच छोड़ने के लिए कह दिया। सुनील पाल के मुताबिक, वहां मौजूद दर्शक अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, जो उनके लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाला पल था। उन्होंने कहा, सब मुझे देख रहे थे, उन्हें लगा मेरा सम्मान हो रहा है, लेकिन वहां मुझे अपमानित किया गया। इसके बाद मैं वहां और नहीं रुका और तुरंत चला गया। दोस्त ने कहा- जो हुआ उसे भूल जाओ इवेंट से निकलने के बाद सुनील ने उस दोस्त को फोन किया जिसने उन्हें इनवाइट किया था। जब उन्होंने दोस्त से पूछा कि उन्हें माइक क्यों नहीं दिया गया, तो दोस्त के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं था। दोस्त ने बस इतना कहा, भूल जाओ और आगे बढ़ो।” सुनील ने कहा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ, क्योंकि वह बस वहां मौजूद कवियों की सराहना करना चाहते थे। 2005 में जीता था लाफ्टर चैलेंज 50 वर्षीय सुनील पाल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ का पहला सीजन जीतकर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। वह कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। सुनील अपनी क्लीन कॉमेडी और फिल्मी सितारों की मिमिक्री के लिए जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Sunil Pal Insulted | Comedian Mic Grabbed On Stage, Viral Video

1 घंटे पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के विनर सुनील पाल हाल ही में एक इवेंट में हुए अपने अपमान को लेकर चर्चा में हैं। एक शायरी प्रोग्राम के दौरान उन्हें स्टेज पर बुलाकर न सिर्फ माइक देने से मना किया गया, बल्कि उनके हाथ से माइक छीन भी लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुनील पाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और उस शाम की पूरी आपबीती सुनाई है। सुनील ने कहा मुझे इवेंट में बहुत उलझन और शर्मिंदगी हुई। दोस्त के बुलावे पर प्रोग्राम में पहुंचे थे सुनील सुनील पाल ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह उर्दू और अरबी शायरी का एक कार्यक्रम था। उन्हें उनके एक बेहद करीबी दोस्त ने वहां बुलाया था। सुनील वहां का माहौल एन्जॉय कर रहे थे और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके साथ स्टेज पर ऐसा बर्ताव किया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं वहां मौजूद कवियों का सम्मान करना चाहता था और उनके अच्छे काम के लिए उन्हें थैंक यू कहना चाहता था। स्टेज पर माइक के लिए बार-बार की गुजारिश वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुनील पाल को स्टेज पर बुलाकर फूलों का गुलदस्ता दिया गया। जब उन्होंने शिष्टाचार के नाते कुछ शब्द कहने के लिए माइक मांगा, तो मंच संचालक ने मना कर दिया। सुनील ने बताया, मैंने उस व्यक्ति से कई बार माइक देने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मुझे बोलने का मौका नहीं दिया। मुझे वहां बहुत उलझन और शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। हाथ से छीना माइक, दर्शक बना रहे थे वीडियो हद तो तब हो गई जब सुनील के हाथ से माइक छीन लिया गया और आयोजकों ने उन्हें मंच छोड़ने के लिए कह दिया। सुनील पाल के मुताबिक, वहां मौजूद दर्शक अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, जो उनके लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाला पल था। उन्होंने कहा, सब मुझे देख रहे थे, उन्हें लगा मेरा सम्मान हो रहा है, लेकिन वहां मुझे अपमानित किया गया। इसके बाद मैं वहां और नहीं रुका और तुरंत चला गया। दोस्त ने कहा- जो हुआ उसे भूल जाओ इवेंट से निकलने के बाद सुनील ने उस दोस्त को फोन किया जिसने उन्हें इनवाइट किया था। जब उन्होंने दोस्त से पूछा कि उन्हें माइक क्यों नहीं दिया गया, तो दोस्त के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं था। दोस्त ने बस इतना कहा, भूल जाओ और आगे बढ़ो।” सुनील ने कहा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ, क्योंकि वह बस वहां मौजूद कवियों की सराहना करना चाहते थे। 2005 में जीता था लाफ्टर चैलेंज 50 वर्षीय सुनील पाल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ का पहला सीजन जीतकर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। वह कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। सुनील अपनी क्लीन कॉमेडी और फिल्मी सितारों की मिमिक्री के लिए जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
नागदा में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त:51 फीट की हनुमान प्रतिमा के पीछे बिजली चमकी,VIDEO; लहसुन की फसल को नुकसान

उज्जैन जिले के नागदा में गुरुवार रात मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। रात 8 बजे के बाद शुरू हुई तेज आंधी और गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। जहां दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शाम को आए इस तूफान से ग्रामीण इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे घंटों तक अंधेरा छाया रहा। हनुमान जयंती के कार्यक्रमों में बाधा बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हनुमान जयंती के भंडारे और प्रसादी वितरण कार्यक्रमों में व्यवधान पड़ा। इंगोरिया रोड स्थित खड़े हनुमान मंदिर में 51 फीट ऊंची प्रतिमा के ठीक पीछे आसमान में बिजली चमकने का शानदार वीडियो सामने आया। भक्तों ने मूसलाधार बारिश के बीच भीगते हुए भी भगवान की आरती पूरी की। लहसुन और भूसा खराब बेमौसम बारिश से खेतों में खुला रखा गेहूं का भूसा पूरी तरह गीला हो गया, जिससे पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष देव सिंह गुर्जर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी गेहूं की कटाई नहीं की है और जिनकी लहसुन की फसल खेतों में है, उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। 2 घंटे तक गुल रही तहसील की बिजली एमपीईबी के टाउन इंजीनियर मेहरबान सूर्यवंशी के अनुसार, क्षेत्र में बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण पूरे नागदा शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।
रियलिटी चेक में जीतू पटवारी फेल, भरी सभा में फजीहत:छींक आई और कट गई पंडोखर सरकार की चोटी; सज्जन वर्मा का छलका दर्द

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भरी मीटिंग में जीतू पटवारी को मिली नसीहत मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद का रियलिटी चेक किया, लेकिन उनका यह दांव उलटा पड़ गया। भरी मीटिंग में उन्हें पता चल गया कि वे कितने पानी में हैं। साथ ही उन्हें बड़ी नसीहत भी मिल गई। दरअसल, जीतू पटवारी युवा कांग्रेस की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछ लिया कि मेरे नेतृत्व में संगठन कैसा चल रहा है, मेरा कामकाज कैसा है। एक कार्यकर्ता ने उनसे कहा कि आप कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। कार्यकर्ता ने जीतू पटवारी को उनके मंत्रीकाल के दौरान का एक किस्सा सुना दिया कि कैसे वह डेढ़-दो घंटे उनसे मिलने के लिए इंतजार करता रहा। पटवारी आए और कार में बैठकर चले गए, उससे नहीं मिले। कार्यकर्ता ने सबके सामने जीतू पटवारी को नसीहत दी कि कोई कार्यकर्ता आपसे मिलने आए, अपनी बात कहना चाहे तो थोड़ा सा, दो मिनट उसे गंभीरता से सुन लें। वैसे खरी बात यह है कि इसी ‘चलो-चलो’ के चक्कर में कांग्रेस की सरकार चली गई थी। ऐसे में कार्यकर्ता ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की आंखें खोलने का काम किया है। उम्मीद है पीसीसी चीफ कार्यकर्ता से मिले इस दिव्य ज्ञान को आत्मसात करेंगे। सज्जन वर्मा का दर्द छलका, पार्टी पर किया तंज मध्य प्रदेश कांग्रेस के ज्यादातर सीनियर नेता खुद को राज्यसभा जाने की दौड़ से बाहर बता चुके हैं। जब पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा से राज्यसभा जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मेरे मन में तो है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपना दर्द भी बयां किया। सज्जन वर्मा ने कहा कि हम जैसे लोगों को बड़ा मुश्किल होता है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हम लोग पहुंच जाएं राज्यसभा में, तो दूसरे नेताओं की दुकान बंद हो जाएगी। अब कांग्रेस एकजुटता के भले ही लाख दावे करे, लेकिन सज्जन वर्मा के इस तंज ने बता दिया कि पार्टी में ‘ऑल इज वेल’ जैसी स्थिति तो नहीं है। शिखा नहीं रखने पर फंसे पं. गुरु शरण शर्मा दतिया में पंडोखर धाम में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए कथावाचक पंडित गुरु शरण शर्मा मीडिया के एक सवाल पर फंस गए। फिर गोलमोल जवाब देते हुए एक कहानी सुना दी। मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि जब आप सनातन और धर्म की मजबूती की बात करते हैं, तो खुद शिखा धारण क्यों नहीं किए हुए हैं। इस सवाल पर पहले तो पंडित गुरु शरण शर्मा मुस्कुराए, फिर कहा कि हाल ही में उनके पिता का निधन हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान मुंडन कराते समय अचानक तेज छींक आ गई, जिससे उनकी शिखा कट गई। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने जवाब को गंभीरता से लेते हुए माफी भी मांगी और कहा कि वे जल्द ही फिर से शिखा धारण करेंगे। उन्होंने शिखा का महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल कर्मकांडी ब्राह्मणों के लिए ही नहीं, बल्कि हर सनातनी के लिए महत्वपूर्ण है। कैलाश विजयवर्गीय के भजन पर झूमे श्रद्धालु मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर अपना टैलेंट दिखाया है। उन्होंने इंदौर में एक धार्मिक आयोजन में ऐसा भजन गाया कि वहां मौजूद हर कोई खुद को थिरकने से नहीं रोक सका। कैलाश विजयवर्गीय ने माइक थामते ही लोगों से पूछा कि सीरियस भजन सुनोगे या नाचने वाला। फिर पब्लिक की ओर से आवाज आई- नाचने वाला। इस पर विजयवर्गीय ने ‘मीठे रस से भरी राधा रानी लागे’ भजन सुनाया। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया) ये भी पढ़ें – बिजली बिल मांगा तो नगर परिषद ने बिजली ऑफिस के आगे कचरा उड़ेला; भाजपा नेता ने गड्ढे में लगाया आसन सागर के शाहगढ़ में नगर परिषद ने हैरान कर देने वाला कारनामा किया है। यहां बिजली विभाग ने अपने बकाया बिल की राशि मांगी तो नगर परिषद ने बिजली कंपनी के दफ्तर के गेट पर कचरा डाल दिया। इधर, ग्वालियर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर भाजपा पार्षद ने सड़क के बीच गड्ढे में बैठकर धरना दिया। पूरी खबर पढ़ें
Barnala House Lift Accident | Labour Struggle Continues | Punjab viral video

बरनाला में मकान गिरने से 3 लोगों की मौत हुई है। बरनाला में आज (रविवार) सुबह एक मकान गिरने से 3 लोग उसके मलबे में दब गए। इससे तीनों लोगों की मौत हो गई। ये तीनों मकान में अंदर सोए हुए थे। इन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इनकी मौत की पुष्टि की। . मलबा हटाने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की टीमें पहुंची थीं। उन्होंने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटवाया। अधिकारियों ने 3 शव बरामद होने के बाद भी कई घंटे तक जेसीबी चलवाई, ताकि यदि कोई और भी मलबे में दबा हो तो उसे भी निकाला जा सके। बताया जा रहा है कि मकान की नींव धंस जाने के बाद उसे जैक से ऊपर उठाने का काम चल रहा था। जिन लोगों की मौत हुई है, वे इसी काम में लगे हुए थे। ये कुल 4 लोग थे, लेकिन एक व्यक्ति शनिवार शाम को ही घर निकल गया था, जिससे उसकी जान बच गई। घर गिरने का VIDEO… सरपंच ने हादसे के बारे में ये जानकारी दी… जैक से उठाई जा रही थी बिल्डिंग: यह हादसा बरनाला जिले के फरवाही गांव में हुआ। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि हादसा सुबह करीब सवा 4 बजे हुआ है। दिवंगत जीवन कुमार के बेटे विशाल के मकान को जैक की मदद से ऊपर उठाने का काम चल रहा था। 3 मजदूर अंदर मौजूद थे: सरपंच ने बताया कि यह काम कई सप्ताह से लगा हुआ है। इसके लिए मोगा के ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है। काम में 4 मजदूर लगे हुए थे। ये लोग इस बिल्डिंग में ही काम करने के बाद सोते थे। रविवार को काम की छुट्टी थी, इसलिए इनमें से एक मजदूर अपने घर चला गया था। जबकि, 3 मजदूर घर में मौजूद थे। बिल्डिंग के बाहर मौजूद व्यक्ति ने वारदात देखी: सरपंच बताते हैं कि आज सुबह करीब सवा 4 बजे यह बिल्डिंग गिर गई। हादसे के समय बिल्डिंग में काम करने वाले 3 मजदूर सोए हुए थे। वे मलबे में दब गए। हादसे के समय एक व्यक्ति बिल्डिंग के बाहर गली में मौजूद था। उसने यह वारदात देखी। गुरुद्वारे से ऐलान कर मदद मांगी गई: उन्होंने बताया- बिल्डिंग गिरने की जोरदार आवाज भी हुई, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने तुरंत गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट कर लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू का काम शुरू किया। डॉक्टर ने तीनों की मौत की पुष्टि की: लोगों ने खुद ही मलबा हटाना शुरू किया और पुलिस को भी सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई, जिसकी मदद से 3 लोगों के शवों को निकाला गया। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उनकी मौत की पुष्टि की। दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोग… सरपंच ने कहा- प्रशासनिक मदद नहीं मिली सरपंच ने बताया कि पहले पता चला कि मलबे में 4 मजदूर दबे हैं, लेकिन पुष्टि 3 की ही हुई है। चौथा मजदूर कल रात 10 बजे के करीब अपने घर पहुंच गया। इस हिसाब से कोई अब दबा नहीं है। फिर भी हम मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कोई फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि सारे गांव ने मिलकर मलबा हटाया। प्रशासन के कुछ अधिकारी पहुंचे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिन लोगों की जान गई है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। जो मकान का नुकसान हुआ है, उन्हें सीएम फंड से राशि जारी की जाए। मलबे से निकालकर 3 लोगों को अस्पताल भेजा गया। बूंदाबांदी होने के चलते लोग ऊपर तिरपाल डालकर मलबा हटाने में लगे रहे। DSP बोले- मोगा के लोग मरम्मत कर रहे थे इस मामले में बरनाला के DSP सतवीर सिंह ने बताया कि गांव फरवाही में विशाल के घर की मरम्मत मोगा का ठेकेदार रणजीत करवा रहा था। इस मकान की दीवारों में सीवर का पानी घुसने के कारण यह एक तरफ धंस गया था। उसी की मरम्मत के लिए काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि मकान की मरम्मत में 4 युवक बॉबी सिंह, प्रिंस, गुरजीत सिंह और एक अज्ञात लगे हुए थे। ये सभी मोगा के रहने वाले थे। आज सुबह अचानक मकान की दीवार एक तरफ झुक गई और मकान गिर गया। इसमें 3 युवकों की मौत हो गई, जिनके शव सिविल अस्पताल बरनाला में रखवा दिए गए हैं। एक अज्ञात युवक कल रात अपने घर पहुंच गया। मलबे को खंगालने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। विधायक बोले- मुआवजे की मांग रखेंगे मौके पर पहुंचे बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने बताया मलबे में दबने से 3 लोगों की मौत हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग रखेंगे। मकान मालिक को मुआवजा देने की बात करेंगे। अब देखते हैं कि प्रशासन क्या मदद कर सकता है? मैं भी पत्र लिखने जा रहा हूं कि मुआवजा दिया जाए। मृतक बॉबी की मां ने रोते हुए सरकार से मदद की मांग की। मृतक की मां बोलीं- ठेकेदार चिट्टा पिलाकर काम करवाता था एक मृतक की मां चरणजीत कौर ने रोते हुए बताया- मेरे बेटे का नाम बरिंदर सिंह बॉबी था। मेरे एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। वह 16 साल का था। मेरे पति भी गुजर चुके हैं। यह मेरा आखिरी बेटा था। मेरी आंखों का तारा था। वह शादीशुदा था। उसके 3 बच्चे हैं। अब मैं अपनी बहू को क्या दिलासा दूंगी? चरणजीत कौर ने कहा- हम मोगा में दोसांझ तलवंडी के रहने वाले हैं। यहां हमें रणजीत लेकर आया था। वह खुद नशे-पत्ते में लगा था। रणजीत इन लोगों (मदजूरों) को भी चिट्टा पिलाता था। चिट्टा पिलाकर काम लगवाता था। कैप्सूल और गोलियां खिलाकर काम पर लगाया था। उन्होंने बताया- रणजीत ठेकेदार है। उसने हमें घटना के बारे में एक भी फोन नहीं किया। हमें पंडित ने फोन कर बताया है। हम सरकार से मांग करते हैं, हमारा साथ दो। मैं इन बच्चों को कैसे पालूंगी?
US Iran Missile Attack Video; Tomahawk Cruise

वॉशिंगटन डीसी22 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसे अमेरिकी हथियारों के जखीरे का अहम हथियार माना जाता है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक चार हफ्तों में 850 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं। अनुमान है कि अमेरिकी नौसेना के पास लगभग 4,000 टॉमहॉक मिसाइलें थीं। अगर यह सही है तो टॉमहॉक मिसाइलों का करीब एक चौथाई हिस्सा खत्म हो चुका है। रक्षा मंत्रालय के भीतर इसको लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब 34 करोड़ रुपए की टॉमहॉक बनाने में करीब 2 साल लग सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस कमी पूरी करने में कई साल लगेंगे। अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूएंस ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए सैन्य अभियान के दौरान टॉमहॉक क्रूज मिसाइल दागी अमेरिका के पास करीब 4000 टॉमहॉक मिसाइलें टॉमहॉक अमेरिका की खास क्रूज मिसाइल है। यह 1,000 मील (1609 किमी) तक उड़कर 1,000 पाउंड (453 किलो) विस्फोटक सटीक निशाने पर गिरा सकती है। इसके एडवांस वर्जन की रेंज 2500 किमी है। टॉमहॉक का बड़े पैमाने पर पहला इस्तेमाल 1991 के खाड़ी युद्ध में हुआ। अमेरिका ने इराक पर दूर से सैकड़ों मिसाइलें दागीं। इसे रिमोट वार कहा गया, क्योंकि पहली बार इतनी सटीक और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें इस्तेमाल हुईं। टॉमहॉक को समुद्र में मौजूद युद्धपोतों और पनडुब्बियों से भी दागा जा सकता है, जिससे दुश्मन के इलाके में घुसे बिना हमला संभव हो जाता है। अमेरिका बीते एक महीने से ईरान पर हमले कर रहा है। यह पूरी तरह ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ है। यानी हमला इतनी दूर से किया गया कि अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ रही है। एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक अमेरिका के पास फिलहाल 4000 के करीब टॉमहॉक मिसाइलें हैं। यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया में बढ़ते खतरों के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को टॉमहॉक मिसाइलों की बहुत जरूरत है। अगर युद्ध लंबा चला, तो अमेरिका के पास अपने उपयोग के लिए भी टॉमहॉक खत्म हो सकते हैं, सहयोगियों को देना मुश्किल होगा। एक साल में 600 टॉमहॉक मिसाइल बनाता है अमेरिका अमेरिका टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन बहुत सीमित मात्रा में करता है। मौजूदा क्षमता के मुताबिक एक साल में करीब 600 टॉमहॉक मिसाइलें बनाई जा सकती हैं। एक टॉमहॉक की लागत करीब 36 लाख डॉलर (34 करोड़ रुपए) है, जिससे तेज इस्तेमाल ने सप्लाई पर दबाव बढ़ाया है। समस्या यह है कि एक टॉमहॉक बनने में लगभग 2 साल लगते हैं, इसलिए ऑर्डर के बाद तुरंत उपलब्ध नहीं होती। यही वजह है कि जब युद्ध में इनका तेजी से इस्तेमाल होता है, जैसे अभी ईरान संघर्ष में हुआ, तो स्टॉक जल्दी घट जाता है और उसे भरने में कई साल लग सकते हैं। जापान के साथ मिसाइल बनाने की डील अटकी 2024 में टॉमहॉक की कमी का समाधान दिखा, जब अमेरिका जापान में जॉइंट प्रोडक्शन के करीब पहुंचा, जिससे उत्पादन दोगुना हो सकता था। प्लान यह था कि जापान, अमेरिका के लिए टॉमहॉक मिसाइल के कुछ हिस्से का उत्पादन करे। इसका फायदा दोनों देशों को मिलता। जापान अपनी रक्षा नीति में बदलाव कर रहा है और लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। यही वजह है कि उसने मिसाइल बनाने में मदद करने की हामी भरी। हालांकि अमेरिका ने इस साझेदारी के लिए कई सख्त शर्तें रखी थीं। जैसे कि मिसाइलों की तकनीक और डिजाइन पर पूरा कंट्रोल अमेरिका का रहेगा जापान इन मिसाइलों को बिना अमेरिका की मंजूरी के किसी तीसरे देश को नहीं बेच सकेगा इनका इस्तेमाल भी तय नियमों और शर्तों के तहत ही होगा संवेदनशील तकनीक के ट्रांसफर को सीमित रखा जाएगा हालांकि अमेरिका के अंदर ही इस डील का विरोध शुरू हो गया। दोनों ही पार्टी में कई नेताओं और विशेषज्ञों को डर था कि एडवांस्ड मिसाइल टेक्नोलॉजी विदेश में शेयर करना जोखिम भरा हो सकता है। टोमहॉक बनाने वाली कंपनी RTX के एक सीनियर अधिकारी ने भी इस विरोध में साथ दिया। यह भी चिंता थी कि इससे अमेरिका की रक्षा इंडस्ट्री को नुकसान होगा और देश की इकोनॉमी पर भी असर पडे़गा। इस वजह से यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई और मामला अटका गया। अमेरिका मिडिल ईस्ट में मौजूद वॉरशिप से ईरान के खिलाफ टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका से 6 गुना तेज हथियार बना रहा चीन न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक यह मामला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी समस्या दिखाता है। वह अकेले चीन की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का मुकाबला नहीं कर पा रहा, जो अब सैन्य शक्ति में बदल रही है। चीन वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का 28% और अमेरिका 17% हिस्सेदारी रखता है। अनुमान है कि चीन 5-6 गुना तेजी से एडवांस हथियार हासिल कर रहा है। चीन का एक शिपयार्ड अमेरिका के सभी शिपयार्ड्स से ज्यादा जहाज बना सकता है। अमेरिका को चीन से पिछड़ने का खतरा अब अमेरिका को यह खतरा है कि वह इतिहास में ब्रिटेन, जर्मनी और जापान की तरह किसी उभरती औद्योगिक ताकत से सैन्य रूप से पिछड़ जाए। इतिहास बताता है कि ऐसी प्रतिस्पर्धाओं अक्सर विनाशकारी युद्धों में खत्म होती हैं। समाधान यह है कि अमेरिका अकेले नहीं, बल्कि जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर चीन का मुकाबला करे। काफी समय तक कई सहयोगी देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका पर छोड़ते रहे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे ‘फ्री राइडिंग’ कहा था। ये देश अपनी अर्थव्यवस्था का बहुत छोटा हिस्सा रक्षा पर खर्च करते थे और अमेरिका पर निर्भर रहते थे। ट्रम्प अक्सर फ्री राइडर्स के खिलाफ सख्ती का श्रेय लेते हैं। पिछले 60 सालों में अमेरिका ने अपनी जीडीपी का 3 से 9.4 प्रतिशत तक रक्षा पर खर्च किया है, जबकि कई सहयोगी देशों का खर्च 1 प्रतिशत से भी कम रहा है। अब एशिया में चीन की बढ़ती आक्रामकता और यूरोप में रूस की जंगबाजी को देखते हुए यह व्यवस्था अब टिकाऊ नहीं रही। अब अमेरिका को दुनिया में अपनी भूमिका और गठबंधनों को नए सिरे से सोचना होगा, क्योंकि अब वह अकेला सबसे ताकतवर देश नहीं रहा। —————————————– ईरान जंग से जुड़ी यह खबर भी
तेज रफ्तार बाइक सवारों ने राह चलते युवक को पीटा:बीच-बचाव करने आईं पत्नी और अन्य महिलाओं से भी की मारपीट, VIDEO सामने आया

मुरैना के जौरा कस्बे में गुरुवार शाम घर के बाहर टहल रहे एक युवक को तेज रफ्तार बाइक सवारों ने पीछे से टक्कर मार दी, जिसके बाद हुए विवाद में आरोपियों ने अपने साथियों को बुलाकर युवक की जमकर पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचीं युवक की पत्नी और घर की अन्य महिलाओं के साथ भी हमलावरों ने मारपीट की। पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसके आधार पर जौरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश और पहचान शुरू कर दी है। टहल रहे युवक को मारी टक्कर, विवाद बढ़ने पर बुलाए साथी जौरा कस्बे के निवासी आशीष सिंघल गुरुवार शाम अपने घर की गली में टहल रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें टक्कर मार दी। इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद बाइक सवार युवकों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया और सबने मिलकर आशीष की मारपीट कर दी। घंटी बजाकर घर वालों को बुलाया, महिलाओं को भी पीटा मारपीट के दौरान आशीष ने अपने घर की घंटी बजा दी। घंटी सुनकर जब उनकी पत्नी रेणु सिंघल घर से बाहर आईं और पति को बचाने का प्रयास किया, तो युवकों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद घर की अन्य महिलाओं ने रेणु को बचाने की कोशिश की, तो हमलावर युवकों ने उन महिलाओं को भी पीटा। सड़क पर हुई इस पूरी मारपीट का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। एसडीओपी बोले- सीसीटीवी के आधार पर कर रहे पहचान जौरा एसडीओपी नितिन बघेल ने घटना के संबंध में बताया कि, बाइक के टकराने से हुआ विवाद और पति पत्नी की मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज की है आरोपियों की सीसीटीवी के आधार पर पहचान की जा रही है।
बस में ‘मोगा-लुधियाना’ बोलकर वायरल हुआ जिम्बाब्वे का स्टूडेंट:कंडक्टर बनकर बनाया VIDEO; गोल्ड टेंपल को सुकून देने वाला बताया, बोला-यहां घर जैसा एहसास

लुधियाना में जिम्बाब्वे का स्टूडेंट तान्याराद्ज़वा प्रॉस्पेरा देंगु उर्फ तान्या इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हैं। CT यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय इस विदेशी छात्र का एक बस में बनाया गया वीडियो इंस्टाग्राम पर कुछ ही दिनों में 24 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। तान्या ने बताया कि यह वीडियो उन्होंने जगराओं में शूट किया था। जब बस से लोग उतर रहे थे, तभी उन्होंने कंडक्टर को “मोगा-मोगा” आवाज लगाते देखा। तान्या ने कहा कि “मैंने सोचा कि मैं भी मदद कर दूं। फिर मैंने खुद ‘मोगा-मोगा, आजो-आजो’ बोलना शुरू किया और कंडक्टर से वीडियो बनाने को कहा। वीडियो वायरल हो गया और मैं फेमस हो गया। पंजाबी भाषा और खाने के दीवाने तान्या अब धीरे-धीरे पंजाबी सीख रहे हैं और उन्हें यहां का खाना भी बेहद पसंद है। परांठे और बटर चिकन उनके फेवरेट हैं। उन्होंने कहा कि “पंजाबी लोग बहुत मददगार हैं और विदेशियों को बहुत सम्मान देते हैं। मुझे यहां घर जैसा महसूस होता है। रोजमर्रा में इस्तेमाल करते हैं ये पंजाबी शब्द तान्या ने बताया कि “सत श्री अकाल, नमस्ते, हांजी, ओ पाजी किवें हो तुसी” जैसे शब्द अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। हाल ही में अमृतसर घूमकर लौटे तान्या गोल्ड टेंपल की खूबसूरती और शांति से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि वहां का सरोवर, लंगर सेवा और आध्यात्मिक माहौल बहुत सुकून देता है। वह जगह सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बहुत खास है। तान्या ने मनाली समेत देश के कई हिस्सों की यात्रा की है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता पहाड़ों से लेकर पंजाब की रौनक तक उनके लिए यादगार अनुभव रही है। अब LPG संकट पर बनाएंगे वीडियो वायरल होने के बाद तान्या अब नए कंटेंट पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह देशभर में चर्चा में चल रहे LPG सिलेंडर की कमी के मुद्दे पर वीडियो बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि एक अंतरराष्ट्रीय छात्र के नजरिए से इस समस्या को दिखा सकें। भविष्य को लेकर असमंजस अपने भविष्य को लेकर तान्या ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पहले जिम्बाब्वे लौटने की सोच रहे थे। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब भारत में रुकने पर विचार कर रहे हैं। तान्या ने दूसरे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और वही करें जो आपको खुशी देता है, यही सबसे जरूरी है।









