Pakistan Army Vs BLA; PAK Soldier Hostage Video Update

इस्लामाबाद7 घंटे पहले कॉपी लिंक कैमरे पर रोते हुए असलियत बताते पाकिस्तानी सैनिक। यह वीडियो हक्काल मीडिया ने जारी किया है। पाकिस्तानी उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक और वीडियो जारी किया है। इसमें पाकिस्तानी सैनिक सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में 7 पाकिस्तानी सैनिकों को दिखाया गया है। वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कह रहा है कि वह पाकिस्तान के लिए लड़ता रहा, लेकिन आज सेना उसे अपना नहीं मान रही। सैनिक कह रहा है- ‘मेरे पास पाकिस्तानी सेना का ID कार्ड है, फिर क्यों कहा जा रहा है कि मैं पाकिस्तानी सैनिक नहीं हूं।’ यह वीडियो पाकिस्तान की सेना के उस बयान को सीधी चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि उसके कोई भी सैनिक लापता नहीं हैं और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में हैं। BLA ने 14 फरवरी को इन सैनिकों को पकड़ा था। इनकी रिहाई के लिए BLA ने बलूच लड़ाकों की रिहाई की मांग की है। इसके लिए पाकिस्तान सरकार को 22 फरवरी तक का वक्त दिया गया है। पाकिस्तानी सैनिकों के कैद करने का यह वीडियो BLA से जुड़े हक्काल मीडिया ने जारी किया है। पाकिस्तान सरकार के पास और 3 दिन का वक्त यह वीडियो BLA के आधिकारिक चैनल ‘हक्काल’ पर जारी किया गया है। वीडियो में बंदी बनाए गए सैनिकों से BLA लड़ाके कहते हैं, “पाकिस्तान सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन वो आप लोगों को अपना मानने से इनकार कर रही है। आप कैसे साबित करेंगे कि पाकिस्तानी सैनिक हैं?” इसके जवाब में सैनिक रोते हुए कहते हैं, “आर्मी कैसे कह सकती है कि हम उनके ‘बंदे’ नहीं हैं।” सैनिक कैमरे के सामने अपने ऑफिशियल सर्विस और आइडेंटिटी कार्ड दिखाते हुए कहते हैं- ‘ये आर्मी का ही तो है न। इन्होंने ही तो हमें ये सब दिया था। हमने खुद ये तो नहीं बनाया है। आप किस तरह ये कह रहे हैं कि ये हमारे बंदे नहीं हैं।’ एक सैनिक अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अपील करते हुए कहता है, ‘हमें भर्ती किया गया था, जरूरी दस्तावेज दिए गए और अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया था। ऐसे में अब संबंधित अधिकारी उन्हें अपना जवान मानने से इनकार क्यों कर रहे हैं।’ पाकिस्तान सरकार बोली- कोई सैनिक लापता नहीं पहले खबरें आई थीं कि 7 सैनिकों को पकड़ा गया है, हालांकि इस वीडियो में 8 लोग नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में कुछ लोग ऊबड़-खाबड़ इलाके में जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके पास हथियारबंद लोग खड़े हैं। BLA ने चेतावनी दी है कि अगर 22 फरवरी तक पाकिस्तानी सरकार सैनिकों की अदला-बदली को लेकर बातचीत शुरू नहीं करती तो बंदी बनाए गए लोगों को फांसी दी जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों का दावा है कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। पाकिस्तान का सबसे गरीब राज्य बलूचिस्तान बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है, जबकि यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के मामले में यह देश के बाकी हिस्सों से काफी पीछे है। यह इलाका लंबे समय से हिंसा और विद्रोह से जूझ रहा है। यह खनिज संसाधनों से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जिसकी सीमा अफगानिस्तान और ईरान से लगती है। यहां लड़ाके अक्सर सरकारी बलों, विदेशी नागरिकों और दूसरे प्रांतों से आए लोगों को निशाना बनाते हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान का सबसे सक्रिय अलगाववादी संगठन माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में बलूच अलगाववादियों ने दूसरे प्रांतों से आए पाकिस्तानी मजदूरों और विदेशी कंपनियों पर हमले तेज कर दिए हैं। उनका आरोप है कि ये लोग और कंपनियां बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। ————————————– BLA से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… BLA का दावा- 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया:10 रिहा किए, 7 अभी भी कैद में; अदला-बदली के लिए 7 दिन की मोहलत बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने रविवार को दावा किया कि उसने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया है। इनमें से 10 को छोड़ दिया गया है, जबकि बाकी 7 को कैद कर लिया है। इनके बदले बलूच लड़ाकों की रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार को एक हफ्ते की मोहलत दी गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Shehbaz Sharif Donald Trump; Board Of Peace Summit Video

वॉशिंगटन डीसी4 घंटे पहले कॉपी लिंक ट्रम्प ने पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को खड़े होकर अपनी बात सुनने को कहा और शरीफ खड़े हो गए। यह घटना गुरुवार की है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, शहबाज बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसे लेकर उनका मजाक भी बन रहा है। गाजा को लेकर हुई पहली बैठक में शहबाज पीछे की कतार में और अलग-थलग नजर आए। एक पल तो ऐसा भी आया जब ट्रम्प ने भाषण देते हुए शहबाज को इशारा किया और वे तुरंत अपनी सीट से खड़े भी हो गए। ट्रम्प ने मंच से कहा- ‘पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था। आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।’ यह सुनते ही शरीफ तुरंत खड़े भी हो गए। इस दौरान शहबाज बेहद असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इसे ‘स्कूल असेंबली वाला मोमेंट’ कहा गया यानी जब टीचर खड़ा होने को कहे और छात्र तुरंत खड़ा हो जाए। एक और वायरल वीडियो में शहबाज, ट्रम्प को गले लगाने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं। इस घटना का VIDEO शहबाज के दौरे की ‘गड़बड़ी’ से शुरुआत अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई थी। इसमें करीब 40 देशों के अधिकारी शामिल हुए थे। भारत भी इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ था। शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कई टाइपो थे, जैसे कि विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस रिलीज में ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और लोग सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठाने लगे। पिछले साल इजराइल के ईरान पर हमले की निंदा करते समय शरीफ ने आई कंडेम (I condemn) की जगह आई कंडोम ‘I condom’ लिख दिया था, जिसे तब काफी ट्रोल किया गया। सबसे पीछे नजर आए पाकिस्तानी PM वॉशिंगटन पहुंचने के बाद भी हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में शरीफ मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। ट्रम्प आगे की कतार में खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो थे। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे, जबकि शरीफ पीछे की ओर नजर आए। भाषण के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। शरीफ तुरंत खड़े हो गए, जिसका सोशल मीडिया पर मजाक बना और कुछ लोगों ने उन्हें ‘ट्रम्प का पपेट’ कहा। इसी दौरान ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महान व्यक्ति’ और ‘बहुत अच्छे दोस्त’ बताया, जिससे शरीफ और असहज दिखे। बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग गुरुवार को हुई, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दुनियाभर के नेता एक मंच पर नजर आए। शहबाज शरीफ पीछे की कतार में दाएं से तीसरे नंबर पर हैं। शहबाज ट्रम्प की चापलूसी करते दिखे अपने भाषण में शरीफ ने ट्रम्प को ‘मैन ऑफ पीस’ कहकर संबोधित किया और उन्होंने दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बता डाला। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट भी ट्रम्प को दे दिया। हालांकि इतनी तारीफ के बावजूद ट्रम्प को इससे खास फर्क नहीं पड़ा। शरीफ ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा- “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप सच में दक्षिण एशिया के मसीहा हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।” ————————————– पाकिस्तानी PM से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रूसी मीडिया ने पाकिस्तानी PM से जुड़ा वीडियो डिलीट किया:40 मिनट तक इंतजार करते रहे शहबाज, फिर पुतिन की मीटिंग में जबरन घुसे थे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मीटिंग में जबरन घुसने वाला वीडियो रशिया टुडे (आरटी न्यूज) ने सोशल मीडिया से हटा दिया। इसमें दिख रहा है कि पाकिस्तानी पीएम जबरन पुतिन के मीटिंग हॉल में घुस जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
राजपाल यादव जेल में स्मोकिंग रूम चाहते:शाहजहांपुर में बोले- तिहाड़ मेरे लिए चिंतन शिविर जैसा था; VIDEO में चेक बाउंस स्टोरी

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में 30 दिनों की अंतरिम जमानत पर हैं। तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद बुधवार को शाहजहांपुर में अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे। राजपाल यादव ने कहा, मेरे लिए जेल एक चिंतन शिविर जैसा रहा है। जिस तरह देश की हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही है, वैसे ही जेलों को भी आधुनिक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, जेलों में स्मोकिंग जोन बनाया जाना चाहिए। ताकि दूसरों को कोई बीमारी न हो। कोई प्रभावित न हो। VIDEO में देखिए चेक बाउंस होने से जेल और रिहाई तक का सफर…
चड्डी-बनियान, ठक-ठक और बैंड-बाजा के बाद राजधानी में ‘गला घोटू गैंग’ का आतंक! मौजपुर वाली घटना से दिल्ली सन्न | gala ghotu gang active in delhi after maujpur cctv video thak thak band baja chaddi bnaiyan gangs delhi police

नई दिल्ली. दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के मौजपुर इलाके से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है. 10 फरवरी 2026 की रात करीब 1:00 बजे एक युवक अपने काम से घर लौट रहा था. तभी ‘गला घोटू गैंग’ के तीन सदस्यों ने उसे पीछे से दबोच लिया. एक बदमाश ने उसका गला इतनी जोर से घोंटा कि वह बेदम होकर सड़क पर गिर पड़ा. इसके बाद बदमाशों ने उसकी जेब से 250 रुपये और बैग छीना और फरार हो गए. सबसे शर्मनाक बात यह रही कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कई गाड़ियां वहां से गुजरीं, लेकिन किसी ने रुककर मदद करना जरूरी नहीं समझा. दिल्ली में ठक-ठक, चड्डी बनियान और बैंड-बाजा गैंग के बाद गला घोटू गैंग ने आतंक फैला रखा है. दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड और हालिया ‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट 2026’ के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की सड़कों पर फिलहाल एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े गैंग सक्रिय हैं. बढ़ते अपराधों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2026 में एक बड़ा अभियान शुरू कर रखा है. इसके बाद भी इस तरह के वारदा सामने आ रहे हैं, जो हैरान करने वाले हैं. मौजपुर की घटना के बाद पुलिस ने विशेष गश्त बढ़ा दी है और ‘गला घोटू गैंग’ के कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है. 1. गला घोटू गैंग: यह गैंग अंधेरे और सुनसान रास्तों पर पैदल चलने वालों को निशाना बनाता है. एक सदस्य पीछे से अचानक गला दबाता है जिससे शिकार बेहोश या सुन्न हो जाता है और बाकी सदस्य कुछ ही सेकंड में लूटपाट कर भाग जाते हैं. 2. ठक-ठक गैंग: यह दिल्ली का सबसे पुराना और शातिर गैंग है. ये कार की खिड़की थपथपाकर ड्राइवर को झांसा देते हैं कि ‘नीचे तेल गिर रहा है’ या ‘आपका टायर पंचर है’ जैसे ही ड्राइवर बाहर निकलता है, ये कार के अंदर रखे बैग या कीमती सामान लेकर चंपत हो जाते हैं. 3. नमस्ते गैंग: इस गैंग के सदस्य बहुत ही सभ्य बनकर आते हैं. ये राहगीरों को ‘नमस्ते’ करते हैं और ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वे पुराने जानकार हों. बातों-बातों में ये हाथ मिलाते हैं या गले मिलते हैं और इसी दौरान चेन या मोबाइल उड़ा लेते हैं. 4. छल्ला गैंग: ये सड़क पर नकली ‘सोने का छल्ला’ गिरा देते हैं और राहगीर से पूछते हैं कि क्या यह उनका है. जैसे ही शिकार लालच में आता है, इनके अन्य साथी वहां आकर विवाद शुरू कर देते हैं और इसी शोर-शराबे में शिकार का पर्स या फोन लूट लिया जाता है. 5. बैंड-बाजा गैंग: ये गैंग शादियों के सीजन में सक्रिय होता है. अच्छे कपड़े पहनकर ये शादियों में मेहमान बनकर घुसते हैं और शगुन के लिफाफे या गहनों के बैग पर हाथ साफ करते हैं. दिल्ली की सड़कों पर ‘गला घोटू गैंग’ जैसी वारदातें एक-दो नहीं बल्कि कई अलग-अलग गिरोहों के सक्रिय होने की वजह से हो रही हैं. दिल्ली में पुलिस की रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी में कुल लगभग 95 से ज़्यादा गैंग सक्रिय हैं जो लूट-डकैती, हत्या, रंगदारी, शस्त्र अपराध और अन्य संगठित अपराधों में शामिल हैं.
Virat Anushka Vrindavan Visit; Premanand Maharaj Satsang 5AM VIDEO Update

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में विराट और अनुष्का ने भक्तों के साथ बैठकर सत्संग सुना। क्रिकेटर विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार सुबह 6 बजे प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। एक घंटे तक प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर बैठे रहे। सत्संग सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। हालांकि, इस दौ . विराट-अनुष्का सोमवार शाम को दिल्ली से वृंदावन पहुंचे थे। यहां एक होटल में स्टे किया। फिर मंगलवार सुबह प्रेमानंद जी के केली कुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, वे तय समय से पहले ही पहुंच गए थे और भक्तों के साथ सत्संग में शामिल हुए। दर्शन और सत्संग के बाद दोनों दिल्ली लौट गए। वापसी के दौरान आश्रम के बाहर उनकी गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। विराट के मौजूद होने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच गए। मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने भीड़ को कंट्रोल कर लगभग 15 मिनट में रास्ता साफ कराया, तब जाकर उनकी गाड़ी आगे बढ़ सकी। विराट-अनुष्का ने करीब एक घंटे तक सत्संग सुना। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर बैठे रहे। केलीकुंज आश्रम से विराट-अनुष्का निकले तो उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। इस दौरान उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ लग गई। प्रेमानंदजी ने सत्संग में दीक्षा-शरणागति में अंतर बताया सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा और पूर्ण शरणागति में अंतर बताया। उन्होंने कहा- दीक्षा पूर्ण शरणागति की पहली सीढ़ी है। यह बहुत समझने का विषय है। यह तब होता है, जब गलती से भी हमारी ज़ुबान से यह न निकले कि आपका ही भरोसा है, आपका सहारा है। नहीं, श्रीजी (राधा रानी) की कृपा है। श्रीजी का ही भरोसा है। बातचीत में भी हम किसी दूसरे को वह स्थान न दें, जो अपने इष्ट और गुरु को देते हैं। वह सिर्फ प्रभु के विषय में ही सोचता है- कैसे मैं अपने इष्ट को सुख पहुंचाऊं। जैसे अर्जुन का रथ स्वयं भगवान चला रहे थे। यानी अर्जुन पूर्ण शरणागत थे, तभी उनके हृदय में भगवान बैठकर स्वयं उसकी जीवन यात्रा संभालते हैं। प्रेमानंद महाराज से अनुष्का-विराट कब-कब मिले, और क्या बातें हुईं.… 16 दिसंबर 2025: गुरु दीक्षा की कंठी पहनी 16 दिसंबर 2025 को विराट और अनुष्का के गले में तुलसी माला (कंठी) नजर आई। दावा किया गया था कि दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली, क्योंकि वैष्णव परंपरा में दीक्षा लेने के बाद ही गुरु कंठी माला देता है। हालांकि, केली कुंज आश्रम ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। उस दिन अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से कहा- महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे। इस पर प्रेमानंद जी ने हंसते हुए कहा- हम सब श्रीजी के हैं। खूब आनंदपूर्वक रहो। भगवान के आश्रित रहो। अपने काम को भगवान की सेवा समझिए। जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है। एक बार ठाकुरजी को भी देखें, जिसके हम असली में हैं। 14 मई, 2025: विराट-अनुष्का 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का से पूछा- प्रसन्न हो? इस पर विराट ने मुस्कुराकर कहा- हां। महाराज ने दोनों को आशीर्वाद दिया- जाओ, खूब आनंदित रहो, नाम जप करते रहो। इस पर अनुष्का ने पूछा- बाबा क्या नाम जप से सबकुछ पूरा हो जाएगा? महाराज ने कहा- हां, सब पूरा होगा। प्रेमानंद महाराज ने कहा- वैभव मिलना कृपा नहीं है। यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है। इससे आपके अनंत जन्मों के संस्कार भस्म होते हैं और अगला जन्म बड़ा उत्तम होता है। भगवान जब कृपा करते हैं तो संत समागम देते हैं। अनुष्का-विराट करीब 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे थे। 10 जनवरी, 2025: प्रेमानंद महाराज ने कहा था- अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित अनुष्का-विराट ने दंडवत होकर प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया था। विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा और दोनों बच्चों के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से भक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। बातचीत के दौरान विराट ने पूछा, ‘असफलता से कैसे निकलें। महाराज ने जवाब में कहा, ‘अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। अपने अभ्यास को निरंतर और नियंत्रण में रखते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, ‘ जैसे मेरे लिए नाम जप एक साधना है, वैसे ही विराट के लिए क्रिकेट ही साधना है। बस बीच-बीच में भगवान का नाम लेते रहें। विजय के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है। एक अभ्यास और दूसरा प्रारब्ध। अगर प्रारब्ध नहीं है, सिर्फ अभ्यास है, तब जीत मुश्किल हो जाती है। इसके लिए प्रभु के ज्ञान के साथ-साथ उनका नाम जपना आवश्यक है।’ 4 जनवरी, 2023: पहली बार प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे विराट-अनुष्का 4 जनवरी, 2023 को पहली बार प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। दोनों सत्संग में शामिल हुए और महाराज जी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रेमानंदजी ने सीख दी कि जीवन में विपरीतता या कष्ट आना ईश्वर की कृपा का संकेत है। ऐसे समय में ईश्वर का नाम जपते रहना चाहिए। जीवन में यश और प्रसिद्धि की भावना को त्यागकर आंतरिक चिंतन में बदलाव लाना चाहिए। ——————————————- विराट कोहली से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट 6 घंटे बंद रहा , सर्च करने पर लिखा आ रहा था- प्रोफाइल उपलब्ध नहीं विराट कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट गुरुवार रात अचानक बंद हो गया था, जो करीब 6 घंटे बाद फिर से दिखाई देने लगा है। इस दौरान सर्च करने पर उनकी प्रोफाइल नहीं दिख रही थी और डायरेक्ट लिंक से भी अकाउंट नहीं खुल रहा था। पढ़ें पूरी खबर
Doxing Scam Alerts; I4C Indore Teacher VIDEO | Trolling, Threatening Call Messages

Hindi News Lifestyle Doxing Scam Alerts; I4C Indore Teacher VIDEO | Trolling, Threatening Call Messages Cyber Rules 5 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने ‘डॉक्सिंग स्कैम’ को लेकर लोगाें को अलर्ट किया है। डॉक्सिंग का मतलब होता है, ‘किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी निजी या पहचान संबंधी जानकारी इंटरनेट पर सार्वजनिक करना।’ I4C ने वीडियो में इंदौर की एक घटना का जिक्र किया है, जहां एक स्टूडेंट ने अपने टीचर की पर्सनल जानकारी (जैसे नाम, पता, फोन नंबर और अन्य डिटेल्स) पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर शेयर कर दीं। साथ ही लोगों को उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन उन्हें परेशान करने के लिए उकसाया। इसके बाद टीचर को ट्रोलिंग, धमकी भरे कॉल्स-मैसेजेस और काफी अपमान का सामना करना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई बिना सहमति के किसी की पर्सनल इन्फॉर्मेशन पब्लिक प्लेटफार्म्स पर शेयर कर सकता है। क्या इसके लिए कोई कानून है? चलिए, आज जरूरत की खबर में हम इस बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- क्या किसी व्यक्ति की पर्सनल इन्फॉर्मेशन ऑनलाइन लीक करना कानूनन अपराध है? पर्सनल जानकारी लीक होने के क्या खतरे हो सकते हैं? एक्सपर्ट: रूद्र विक्रम सिंह, एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट सवाल- क्या किसी व्यक्ति की पर्सनल इन्फॉर्मेशन ऑनलाइन लीक करना कानूनन अपराध है? जवाब- हां, किसी भी व्यक्ति की पर्सनल इन्फॉर्मेशन उसकी सहमति के बिना ऑनलाइन लीक करना कानूनन अपराध है। यह साइबर क्राइम की कैटेगरी में आता है। ऐसे मामलों में दो धाराएं लागू हो सकती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66E – प्राइवेसी (निजता) का उल्लंघन। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 72 – गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग। अगर जानकारी लीक करने के साथ बदनाम करना, धमकाना या उत्पीड़न भी शामिल हो, तो मामला और गंभीर हो जाता है। ऐसी स्थिति में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मानहानि, आपराधिक धमकी और उत्पीड़न से जुड़ी धाराएं लागू हो सकती हैं। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, कारावास या फिर दोनों हो सकता है। सवाल- पर्सनल इन्फॉर्मेशन लीक करने पर आरोपी पर कानून की कौन सी धारा लागू होती है और इसके लिए कितनी सजा हो सकती है? जवाब- ऐसे मामलों में मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धाराएं लागू हो सकती हैं। इसे नीचे दिए गए ग्राफिक से समझिए- सवाल- पर्सनल इन्फॉर्मेशन लीक होने के संभावित खतरे क्या हैं? जवाब- इससे आइडेंटिटी की चोरी, आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और सामाजिक बदनामी जैसे गंभीर रिस्क हो सकते हैं। कई मामलों में लोग ट्रोलिंग, ब्लैकमेलिंग और धमकियों का शिकार भी हो जाते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर किसी की पर्सनल इन्फॉर्मेशन लीक हो जाए, तो उसे तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। सबसे पहले लीक हुई जानकारी के स्क्रीनशॉट और लिंक सुरक्षित रखें, ताकि बाद में सबूत के तौर पर काम आ सकें। जिस प्लेटफॉर्म पर जानकारी शेयर हुई है, उसके एडमिन को तुरंत रिपोर्ट करें और कंटेंट हटाने की मांग करें। अपने सोशल मीडिया और ईमेल अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें। साथ ही टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें, ताकि आगे इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके। परिवार और दोस्तों को भी सूचित करें, जिससे वे किसी झांसे में न आएं। जरूरत पड़ने पर साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अपने ऑनलाइन डेटा और जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें? जवाब- आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया अकाउंट्स हमारी पहचान बन चुके हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी बैंक फ्रॉड, हैकिंग या डेटा चोरी का कारण बन सकती है। इसलिए कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। जैसेकि- सोशल मीडिया के पासवर्ड मजबूत रखें। कभी भी किसी से OTP शेयर न करें। फोन में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें। पब्लिक Wi-Fi पर सोशल मीडिया और बैंकिंग एप्स यूज न करें। अनजाने लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। मोबाइल फोन और उसमें मौजूद एप्स हमेशा अपडेट रखें। सोशल मीडिया प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें। संदिग्ध कॉल/मैसेज तुरंत ब्लॉक करें। सवाल- कौन सी जानकारी हमें कभी भी ऑनलाइन नहीं शेयर करनी चाहिए? जवाब- ऑनलाइन दुनिया में एक छोटी-सी जानकारी भी साइबर ठगों के लिए बड़ा हथियार बन सकती है। इसलिए कुछ जानकारियां ऐसी हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर ऑनलाइन शेयर नहीं करना चाहिए। जैसेकि- सवाल- कई बार साइबर अपराधी भी धोखे से हमारा पर्सनल डेटा चुरा लेते हैं। इससे बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- साइबर अपराधी अक्सर तकनीकी हैकिंग से ज्यादा सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करते हैं। सोशल इंजीनियरिंग वह तरीका है, जिसमें अपराधी लोगों को झांसा देकर, डराकर या भरोसा जीतकर उनसे खुद ही उनकी निजी जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी हासिल कर लेते हैं। ऐसे में कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स मांगे तो समझें वह फ्रॉड है। असली संस्थाएं कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगती हैं। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका URL ध्यान से चेक करें। किसी भी बैंकिंग या सरकारी कामों के लिए हमेशा आधिकारिक एप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें। पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या पेमेंट करने से बचें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी न शेयर करें। सवाल- अगर ऑनलाइन डेटा चोरी होने का शक हो और अभी तक उसका कोई दुरुपयोग न हुआ हो तो क्या हम कोई एहतियातन कदम उठा सकते हैं? जवाब- इससे आप बड़ा नुकसान होने से खुद को बचा सकते हैं। डेटा चोरी के मामलों में फास्ट एक्शन ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। जितनी जल्दी आप सावधानी बरतेंगे, उतना ही फ्रॉड का खतरा कम होगा। सबसे पहले सभी जरूरी अकाउंट्स, जैसे ईमेल, बैंकिंग एप्स और सोशल मीडिया के पासवर्ड तुरंत बदलें। जहां संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें, ताकि कोई भी बिना OTP के लॉगिन न कर सके। बैंक अकाउंट और कार्ड ट्रांजैक्शन को नियमित रूप से मॉनिटर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक को सूचित करें। डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग अस्थायी रूप से तुरंत ब्लॉक कराएं। फिशिंग या फ्रॉड
UP Police Woman Constable MMS Video: bijnor rehar police station head constable and woman constable viral mms video | bijnaur sp abhishek jha action

Last Updated:February 11, 2026, 23:20 IST UP Police Woman Constable MMS Video: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है. रेहड़ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. वर्दी की मर्यादा तार-तार होने पर SP अभिषेक झा ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है. जानिए यूपी पुलिस के उन पुराने ‘MMS’ कांडों के बारे में जिन्होंने महकमे को हिला दिया था. बिजनोर एसपी अभिषेक झा (फाइल फोटो) बिजनौर. यूपी में एक बार फिर से खाकी की मर्यादा तार-तार हुई है. बिजनौर के थाना रेहड़ में तैनात एक हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक स्थिति देखा जा रहा है. खास बात यह है कि महिला कांस्टेबल यूपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही हैं. जैसे ही इस बात की जानकारी जिले के एसपी अभिषेक झा को मिली. एसपी ने दोनों को अनुशासन और मर्यादा का ख्याल न रखने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस, जो प्रदेश में अनुशासन और सुरक्षा का दावा करती है, एक बार फिर अपने ही कर्मियों की करतूतों की वजह से सुर्खियों में है. बिजनौर के थाना रेहड़ का यह मामला महकमे का सिर शर्म से झुका दिया है. सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों ने इस पर कई तरह के तंज कस रहे हैं. एसपी ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश तो दिए ही हैं. इसके साथ यह भी जांच के आदेश दिए हैं कि वीडियो किसने वायरल किया है? यूपी पुलिस और MMS विवादों का पुराना नाता इस वायरल वीडियो को यूपी पुलिस के कई ग्रुपों में सर्कुलेट किय गया है. क्योंकि मामला पुलिस महकमे और एक महिला से जुड़ा है इसलिए यह वीडियो न्यूज 18 हिंदी दिखा नहीं रहा है. लेकिन इस वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. सबसे ज्यादा हैरानी और नाराजगी इस बात को लेकर है कि महिला कांस्टेबल पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही है. यह पहली बार नहीं है जब यूपी पुलिस के सिपाहियों ने वर्दी को शर्मसार किया हो. बिजनौर की यह घटना उन पुराने जख्मों को ताजा कर गई है जब पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़ ‘इश्क’ और ‘अश्लीलता’ में मशगूल पाए गए थे. उन्नाव का वायरल वीडियो: कुछ समय पहले उन्नाव जिले में भी एक सिपाही का महिला मित्र के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे थाने की काफी किरकिरी हुई थी. मथुरा पुलिस कांड: मथुरा में एक दारोगा जी का कमरे के अंदर महिला के साथ वीडियो सामने आया था, जिसमें वर्दी जमीन पर पड़ी मिली थी. कानपुर की घटना: कानपुर में भी एक सिपाही ने वीडियो कॉल के दौरान अश्लील हरकतें की थीं, जो बाद में रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. जांच के घेरे में ‘तीसरा’ शख्स एसपी अभिषेक झा ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह वीडियो थाने के भीतर बनाया गया या किसी निजी स्थान पर? क्या यह वीडियो दोनों की सहमति से बना था या किसी ने ‘ब्लैकमेल’ करने के इरादे से इसे रिकॉर्ड किया? सबसे बड़ा सवाल यह वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा? क्या महकमे के ही किसी शख्स ने रंजिश निकालने के लिए इसे लीक किया? पुलिस महकमे में बढ़ते सोशल मीडिया के क्रेज और रील बनाने की आदत ने पहले ही कई विवाद पैदा किए हैं. लेकिन ड्यूटी के दौरान वर्दी में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्तिगत छवि खराब करती हैं, बल्कि पूरी ‘यूपी पुलिस’ की साख पर सवालिया निशान लगाती हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि जिस वर्दी को जनता के सम्मान के लिए पहना जाना चाहिए, उसका इस्तेमाल ऐसी हरकतों के लिए किया जा रहा है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Bijnor,Bijnor,Uttar Pradesh First Published : February 11, 2026, 19:38 IST
tarn taran law college classroom shooting video: लॉ कॉलेज के क्लासरूम में 2 कत्ल, एकतरफा प्यार या कुछ और? जानें तरन तारन कांड की इनासइड स्टोरी | sandeep kaur prince raj love story | punjab police investigation

पंजाब के तरन तारन जिले के ऊसमा गांव स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार को वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद फिल्म के खौफनाक सीन में भी नहीं की जाती है. दो सेकेंड में ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं. सुबह का वक्त था, लेक्चर शुरू होने ही वाला था, लेकिन किताबों के पन्नों की जगह वहां खून की छीटें बिखर गईं. कानून की पढ़ाई करने आए एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी की जान ले ली और फिर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया. यह पूरी घटना छोटी उम्र के ‘इश्क’ या ‘सनक’ का सबसे काला चेहरा पेश करती है. आखिर इस खौफनाक कहानी के पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं कैसे एक लड़के ने अपनी ही दोस्त की हत्या कर दी. जिस कॉलेज में रोज की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं आपस में बात करते हैं और फिर अपनी-अपनी क्लासरूम में बैठ जाते हैं. सोमवार को भी यही हुआ लेकिन, फर्स्ट ईयर के क्लास में अचानक ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा कॉलेज सन्न रह गदया. जैसे ही पढ़ाई शुरू हुई, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा कॉलेज परिसर दहल उठा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर आने के साथ ही ऐसा क्या हुआ कि छात्र बाहर निकल कर भाग रहे हैं. लेकिन सच ये था कि महज दो सेकेंड के भीतर ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो जिंदगियां अब इस दुनिया में नहीं रहा. तरन तारन कांड की इनसाइड स्टोरी तरनतारन पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र की पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में कानून (Law) के प्रथम वर्ष का छात्र है. सोमवार सुबह जैसे ही छात्र क्लासरूम में इकट्ठा हुए, प्रिंस अचानक अपनी सीट से उठा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपनी जेब से एक पिस्तौल निकाली और अपनी क्लासमेट संदीप कौर के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही क्लासरूम में सन्नाटा पसर गया और अगले ही पल प्रिंस ने वही पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबा दिया. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी भी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद हुआ खूनी खेल कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज ने इस वारदात की भयावहता को साफ कर दिया है. फुटेज में दिख रहा है कि कुछ छात्र अपनी डेस्क पर बैठे हैं और लेक्चर शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. तभी प्रिंस एक डेस्क के पास खड़ा होता है, हैंडगन निकालता है और पास बैठी संदीप पर फायरिंग कर देता है. गोली चलते ही पूरी क्लास में भगदड़ मच गई और छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागते नजर आए. क्या ‘एकतरफा प्यार’ था वजह? डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि दोनों छात्र एक ही बैच में थे. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ‘एकतरफा प्यार’ या ‘रिश्ते में कड़वाहट’ के एंगल से देख रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चला है. पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं. पहला, क्या संदीप ने प्रिंस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था? प्रिंस के पास यह अवैध हथियार कहां से आया? क्या वह पिछले कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था? जांच और फॉरेंसिक सबूत पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को जब्त कर लिया है. फॉरेंसिक टीम ने क्लासरूम से फिंगरप्रिंट और खून के नमूने इकट्ठा किए हैं. कॉलेज के स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन दोनों के बीच पहले कभी कोई विवाद हुआ था. इस घटना ने पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक छात्र कॉलेज के अंदर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या कॉलेज गेट पर कोई चेकिंग नहीं थी? छोटी उम्र में भावनाओं पर काबू न रख पाना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक कदम उठाना युवाओं में बढ़ती गंभीर समस्या है. जिन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने यह मंजर देखा, वे गहरे सदमे में हैं.
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST








