Saturday, 19 Sep 2026 | 09:17 PM

Trending :

EXCLUSIVE

UP Police Woman Constable MMS Video: bijnor rehar police station head constable and woman constable viral mms video | bijnaur sp abhishek jha action

authorimg

Last Updated:February 11, 2026, 23:20 IST UP Police Woman Constable MMS Video: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है. रेहड़ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. वर्दी की मर्यादा तार-तार होने पर SP अभिषेक झा ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है. जानिए यूपी पुलिस के उन पुराने ‘MMS’ कांडों के बारे में जिन्होंने महकमे को हिला दिया था. बिजनोर एसपी अभिषेक झा (फाइल फोटो) बिजनौर. यूपी में एक बार फिर से खाकी की मर्यादा तार-तार हुई है. बिजनौर के थाना रेहड़ में तैनात एक हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक स्थिति देखा जा रहा है. खास बात यह है कि महिला कांस्टेबल यूपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही हैं. जैसे ही इस बात की जानकारी जिले के एसपी अभिषेक झा को मिली. एसपी ने दोनों को अनुशासन और मर्यादा का ख्याल न रखने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस, जो प्रदेश में अनुशासन और सुरक्षा का दावा करती है, एक बार फिर अपने ही कर्मियों की करतूतों की वजह से सुर्खियों में है. बिजनौर के थाना रेहड़ का यह मामला महकमे का सिर शर्म से झुका दिया है. सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों ने इस पर कई तरह के तंज कस रहे हैं. एसपी ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश तो दिए ही हैं. इसके साथ यह भी जांच के आदेश दिए हैं कि वीडियो किसने वायरल किया है? यूपी पुलिस और MMS विवादों का पुराना नाता इस वायरल वीडियो को यूपी पुलिस के कई ग्रुपों में सर्कुलेट किय गया है. क्योंकि मामला पुलिस महकमे और एक महिला से जुड़ा है इसलिए यह वीडियो न्यूज 18 हिंदी दिखा नहीं रहा है. लेकिन इस वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. सबसे ज्यादा हैरानी और नाराजगी इस बात को लेकर है कि महिला कांस्टेबल पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही है. यह पहली बार नहीं है जब यूपी पुलिस के सिपाहियों ने वर्दी को शर्मसार किया हो. बिजनौर की यह घटना उन पुराने जख्मों को ताजा कर गई है जब पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़ ‘इश्क’ और ‘अश्लीलता’ में मशगूल पाए गए थे. उन्नाव का वायरल वीडियो: कुछ समय पहले उन्नाव जिले में भी एक सिपाही का महिला मित्र के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे थाने की काफी किरकिरी हुई थी. मथुरा पुलिस कांड: मथुरा में एक दारोगा जी का कमरे के अंदर महिला के साथ वीडियो सामने आया था, जिसमें वर्दी जमीन पर पड़ी मिली थी. कानपुर की घटना: कानपुर में भी एक सिपाही ने वीडियो कॉल के दौरान अश्लील हरकतें की थीं, जो बाद में रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. जांच के घेरे में ‘तीसरा’ शख्स एसपी अभिषेक झा ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह वीडियो थाने के भीतर बनाया गया या किसी निजी स्थान पर? क्या यह वीडियो दोनों की सहमति से बना था या किसी ने ‘ब्लैकमेल’ करने के इरादे से इसे रिकॉर्ड किया? सबसे बड़ा सवाल यह वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा? क्या महकमे के ही किसी शख्स ने रंजिश निकालने के लिए इसे लीक किया? पुलिस महकमे में बढ़ते सोशल मीडिया के क्रेज और रील बनाने की आदत ने पहले ही कई विवाद पैदा किए हैं. लेकिन ड्यूटी के दौरान वर्दी में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्तिगत छवि खराब करती हैं, बल्कि पूरी ‘यूपी पुलिस’ की साख पर सवालिया निशान लगाती हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि जिस वर्दी को जनता के सम्मान के लिए पहना जाना चाहिए, उसका इस्तेमाल ऐसी हरकतों के लिए किया जा रहा है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Bijnor,Bijnor,Uttar Pradesh First Published : February 11, 2026, 19:38 IST

tarn taran law college classroom shooting video: लॉ कॉलेज के क्लासरूम में 2 कत्ल, एकतरफा प्यार या कुछ और? जानें तरन तारन कांड की इनासइड स्टोरी | sandeep kaur prince raj love story | punjab police investigation

authorimg

पंजाब के तरन तारन जिले के ऊसमा गांव स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार को वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद फिल्म के खौफनाक सीन में भी नहीं की जाती है. दो सेकेंड में ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं. सुबह का वक्त था, लेक्चर शुरू होने ही वाला था, लेकिन किताबों के पन्नों की जगह वहां खून की छीटें बिखर गईं. कानून की पढ़ाई करने आए एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी की जान ले ली और फिर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया. यह पूरी घटना छोटी उम्र के ‘इश्क’ या ‘सनक’ का सबसे काला चेहरा पेश करती है. आखिर इस खौफनाक कहानी के पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं कैसे एक लड़के ने अपनी ही दोस्त की हत्या कर दी. जिस कॉलेज में रोज की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं आपस में बात करते हैं और फिर अपनी-अपनी क्लासरूम में बैठ जाते हैं. सोमवार को भी यही हुआ लेकिन, फर्स्ट ईयर के क्लास में अचानक ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा कॉलेज सन्न रह गदया. जैसे ही पढ़ाई शुरू हुई, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा कॉलेज परिसर दहल उठा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर आने के साथ ही ऐसा क्या हुआ कि छात्र बाहर निकल कर भाग रहे हैं. लेकिन सच ये था कि महज दो सेकेंड के भीतर ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो जिंदगियां अब इस दुनिया में नहीं रहा. तरन तारन कांड की इनसाइड स्टोरी तरनतारन पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र की पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में कानून (Law) के प्रथम वर्ष का छात्र है. सोमवार सुबह जैसे ही छात्र क्लासरूम में इकट्ठा हुए, प्रिंस अचानक अपनी सीट से उठा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपनी जेब से एक पिस्तौल निकाली और अपनी क्लासमेट संदीप कौर के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही क्लासरूम में सन्नाटा पसर गया और अगले ही पल प्रिंस ने वही पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबा दिया. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी भी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद हुआ खूनी खेल कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज ने इस वारदात की भयावहता को साफ कर दिया है. फुटेज में दिख रहा है कि कुछ छात्र अपनी डेस्क पर बैठे हैं और लेक्चर शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. तभी प्रिंस एक डेस्क के पास खड़ा होता है, हैंडगन निकालता है और पास बैठी संदीप पर फायरिंग कर देता है. गोली चलते ही पूरी क्लास में भगदड़ मच गई और छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागते नजर आए. क्या ‘एकतरफा प्यार’ था वजह? डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि दोनों छात्र एक ही बैच में थे. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ‘एकतरफा प्यार’ या ‘रिश्ते में कड़वाहट’ के एंगल से देख रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चला है. पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं. पहला, क्या संदीप ने प्रिंस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था? प्रिंस के पास यह अवैध हथियार कहां से आया? क्या वह पिछले कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था? जांच और फॉरेंसिक सबूत पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को जब्त कर लिया है. फॉरेंसिक टीम ने क्लासरूम से फिंगरप्रिंट और खून के नमूने इकट्ठा किए हैं. कॉलेज के स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन दोनों के बीच पहले कभी कोई विवाद हुआ था. इस घटना ने पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक छात्र कॉलेज के अंदर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या कॉलेज गेट पर कोई चेकिंग नहीं थी? छोटी उम्र में भावनाओं पर काबू न रख पाना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक कदम उठाना युवाओं में बढ़ती गंभीर समस्या है. जिन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने यह मंजर देखा, वे गहरे सदमे में हैं.

Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

authorimg

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST