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Punjab Chandigarh big news Update; Kotkapura Violence case | heritage street project cancel

Punjab Chandigarh big news Update; Kotkapura Violence case | heritage street project cancel

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़ी रही। हाईकोर्ट ने केस अब चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया है। इस केस में पूर्व CM समेत कई पुलिस अफसर आरोपी हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. कोटकपूरा गोलीकांड की सुनवाई अब चंडीगढ़ कोर्ट में होगी कोटकपूरा गोलीकांड केस की सुनवाई अब चंडीगढ़ कोर्ट में होगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर यह मामला फरीदकोट कोर्ट से चंडीगढ़ ट्रांसफर किया है। आरोपी चरणजीत सिंह की याचिका पर यह फैसला लिया गया। इससे पहले बहबल कलां गोलीकांड का मामला भी चंडीगढ़ ट्रांसफर किया जा चुका है। चरणजीत शर्मा के वकील तनहीर सिंह ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। जब भी उनके क्लाइंट पेशी पर जाते हैं, तो वे खुद को असहज महसूस करते हैं। 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना हुई। जिसके बाद प्रदर्शन के दौरान 14 अक्टूबर को पुलिस फायरिंग में 2 सिख युवकों की मौत हो गई थी। इस मामले में SIT ने पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल​​​​​​, अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, तत्कालीन DGP सुमेध सिंह सैनी, तत्कालीन IG परमराज उमरानंगल, SSP मोगा चरणजीत शर्मा, SSP फरीदकोट सुखमंदर मान, DIG फिरोजपुर अमरसिंह चाहल और तत्कालीन SHO सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह को आरोपी बनाया था। (पढ़ें पूरी खबर) 2. स्कूलों में बच्चों की गैरहाजिरी पर पेरेंट्स को आएगा मैसेज पंजाब सरकार की तरफ से आज से राज्य के 18 हजार सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर सिस्टम लागू किया गया है। जिससे अब बच्चों के स्कूल से गैरहाजिर रहने पर उनके पेरेंट्स के पास मैसेज जाएगा। अगर बच्चा तीन दिन से ज्यादा गैरहाजिर रहता है, तो स्कूल की तरफ से पेरेंट्स को कॉल की जाएगी। यदि यह सिलसिला बढ़ता है तो 15 दिन के बाद जिला व फिर मुख्यालय के अधिकारी बात करेंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि आज यह सिस्टम लॉन्च कर दिया गया है। इससे बच्चों की सिक्योरिटी भी मजबूत होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सारे स्टूडेंट्स कवर होंगे। सरकारी स्कूलों में 30 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2022 में जब वह मंत्री बने थे, तो उन्हें पता चला था कि सितंबर-अक्टूबर तक किताबें स्कूलों में नहीं पहुंचती थीं और फोटोस्टेट से बच्चों को पढ़ाया जाता था। लेकिन आप सरकार के आते ही सिस्टम में सुधार किया गया। इसके लिए स्ट्रेटजी बनाकर काम किया गया है। इस बार फरवरी में किताबें स्कूलों तक पहुंचाई गईं। (पढ़ें पूरी खबर) 3. तलाक लेकर नाची पत्नी, मेजर पति डिप्रेशन में उत्तर प्रदेश के मेरठ में तलाक के बाद ढोल पर नाचने वाली महिला प्रणिता शर्मा के पति गौरव अग्निहोत्री आर्मी में मेजर हैं और जालंधर में पोस्टेड है। माता-पिता ने बताया कि तलाक के बाद से बेटा गौरव डिप्रेशन में है। पिता ने कहा कि बहू अपने एडवोकेट भाइयों और जज पिता के दम पर झूठ बोल रही है। पहले भी 2019 में केस करवा चुकी है। उन्होंने कहा कि बहू प्रणिता झूठ बोल रही है। बहू हमारे बेटे से उसका बच्चा और हमसे हमारा पोता छीन लिया। रुंधे गले से मेजर के पिता ने कहा- बहू ने मुझसे दादा का अधिकार छीन लिया। बहू का जब ऑपरेशन हुआ और टांग टूटी तो सास ने मालिश कर सेवा की, जिसका यह सिला मिला। कोर्ट एग्रीमेंट तोड़कर हमें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है। मेजर के माता-पिता ने कहा कि बेटा आर्मी में है, जिसका एक डिसिप्लिन होता है। यहां महिला को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। एक मिनट में शिकायत पर फौज अपने जवान के खिलाफ कार्रवाई करती है। प्रणिता ने ससुराल पर प्रताड़ना के आरोप लगाकर तलाक मांगा और 4 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने तलाक मंजूर कर लिया। तलाक मिलते ही प्रणिता ढोल की थाप पर नाची। इसका वीडियो भी सामने आया। (पढ़ें पूरी खबर) 4. AAP विधायक बोलीं- अधिकारी फोन नहीं उठाते, ट्रांसफर करने मंत्री को पत्र बठिंडा की विधायक बलजिंदर कौर ने जिले के मुख्य कृषि अधिकारी (CAO) हरबंस सिंह के तबादले की मांग की है। उन्होंने कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी न तो लोगों के काम में सहयोग करते हैं और न ही कभी फोन उठाना जरूरी समझते हैं। विधायक बलजिंदर कौर ने अपने पत्र में कहा कि हरबंस सिंह के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं। हरबंस सिंह का बठिंडा से तबादला किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उधर, मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह ने बताया कि वे एक वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) में व्यस्त थे, जिस कारण फोन नहीं उठा पाए। हरबंस सिंह ने कहा कि बाद में जब उन्होंने विधायक को फोन किया, तो उनके पीए ने फोन उठाया। उन्होंने कहा कि वे आज व्यस्त हैं और बाद में संपर्क करें। बाकी सभी बातें विधायक को पता हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. AAP विधायक पठानमाजरा पटियाला से बठिंडा जेल में शिफ्ट, रेप केस में आरोपी आम आदमी पार्टी के सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पटियाला सेंट्रल जेल से बठिंडा सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। पठानमाजरा रेप केस में ज्यूडिशियल रिमांड पर पटियाला सेंट्रल जेल में थे। सुरक्षा कारणों से पठानमाजरा को बठिंडा जेल भेजा गया है। बठिंडा सेंट्रल जेल को सुरक्षित माना जाता है। वहां पर सुरक्षा के अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। हालांकि बठिंडा जेल में कई बड़े हार्डकोर क्रिमिनल भी बंद हैं। पठानमाजरा को कोर्ट ने तीन दिन पहले ही ज्यूडिशल रिमांड पर पटियाला सेंट्रल जेल में भेजा था। हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने 25 मार्च तड़के ग्वालियर के शिवपुरी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पटियाला पुलिस उन्हें लेकर पंजाब आई। पुलिस ने पठानमाजरा को कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया। (पढ़ें पूरी खबर) 6. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- चड्ढा को हटाने से AAP को नुकसान, लोगों को उनसे बड़ी उम्मीदें राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के विवाद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने

रायसेन में शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों में वर्चस्व की लड़ाई:भोपाल-सागर हाईवे पर 20 लोग भिड़े, सड़क पर लाठी-डंडे चले; बोलेरो में तोड़फोड़

रायसेन में शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों में वर्चस्व की लड़ाई:भोपाल-सागर हाईवे पर 20 लोग भिड़े, सड़क पर लाठी-डंडे चले; बोलेरो में तोड़फोड़

रायसेन के सागर रोड स्थित पठारी में सोमवार शाम दो शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और एक बोलेरो वाहन में तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रायसेन और नकतरा शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच यह विवाद क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि नकतरा ठेकेदार के कर्मचारी रायसेन क्षेत्र में शराब बेच रहे थे, जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। बोलेरो वाहन को घेरा, तोड़फोड़ की प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर 10 से 20 लोग मौजूद थे, जिन्होंने बोलेरो वाहन को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की। वाहन को पलटाने की भी कोशिश की। बताया जा रहा है कि वाहन के अंदर कुछ कर्मचारी मौजूद थे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया। पुलिस से किसी पक्ष ने नहीं की शिकायत हालांकि, इस मामले में अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से थाना कोतवाली में कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि दोनों ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच विवाद की जानकारी मिली है, लेकिन मामला थाने तक नहीं पहुंचा है और न ही किसी पक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि इस विवाद में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदार कंपनी के कुछ लोग क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

Pakistan Afghanistan War Ceasefire Violence Update; PAK Army

Pakistan Afghanistan War Ceasefire Violence Update; PAK Army

काबुल/इस्लामाबाद3 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 17 मार्च की रात काबुल में एयरस्ट्राइक की थी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर बुधवार को फिर से लड़ाई शुरू हो गई। अफगान तालिबान अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 2 आम नागरिकों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए। वहीं पाकिस्तान का भी एक नागरिक मारा गया। अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने मिलकर ईद को लेकर 5 दिनों का अस्थायी युद्धविराम घोषित किया था। 25 मार्च को सीजफायर खत्म होने के बाद दोनों देशों में फिर से झड़प शुरू हो गई। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक एक अफगान अधिकारी ने बताया कि युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तानी सेना ने नरई और सरकानो इलाकों में दर्जनों तोप के गोले दागे। उन्होंने कहा कि जवाब में अफगान सीमा बलों ने भी गोलीबारी की और तीन पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को तबाह कर दिया, इस हमले में 1 व्यक्ति मारा गया। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 17 मार्च को हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद पाकिस्तानी एयर फोर्स ने काबुल के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। पाकिस्तान के हमले में 400 लोगों की मौत हुई थी यह हिंसा उस समझौते के करीब एक हफ्ते बाद हुई है, जिसमें दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई थी। यह समझौता सऊदी अरब, तुर्किये और कतर के कहने पर हुआ था। इससे पहले पाकिस्तान ने 17 मार्च की रात अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हालांकि पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसने एक गोला-बारूद के भंडार पर हमला किया था। मीडिया और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में नशा मुक्ति केंद्र पर हमले की बात सामने आई, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने किसी नागरिक के मारे जाने की बात स्वीकार नहीं की। इसके बजाय पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया कि तालिबान नशे के आदी लोगों को आत्मघाती हमलों के लिए इस्तेमाल करता है। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान के सुरक्षाकर्मी एक तबाह कार के पास से गुजरते दिखे। TTP ने भी 3 दिनों का सीजफायर तोड़ा इधर, पाकिस्तान तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने भी कहा है कि उसने ईद के 3 दिन के अपने युद्धविराम के बाद पाकिस्तान के अंदर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। TTP, अफगान तालिबान से अलग है लेकिन उसके साथ जुड़ा हुआ है। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद से TTP ने पाकिस्तान में अपने हमले बढ़ा दिए हैं। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने TTP को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। पाकिस्तान का आरोप है कि काबुल TTP के नेताओं और हजारों लड़ाकों को पनाह दे रहा है, जो सीमा पार से हमले करते हैं। हालांकि अफगानिस्तान इस आरोप को खारिज करता है। पाकिस्तान ने साफ कहा है कि जब तक अफगान तालिबान सरकार यह भरोसा नहीं देती कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा, तब तक वह TTP और उसके समर्थकों को अफगानिस्तान के अंदर निशाना बनाता रहेगा। PAK का भारत पर आतंक फैलाने का आरोप पाकिस्तान का कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई है। उसके मुताबिक देश में आतंकी हमले बढ़े हैं और 2025 पिछले एक दशक का सबसे हिंसक साल रहा। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तालिबान अपने यहां ऐसे समूहों को पनाह देता है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं, और भारत पर भी ऐसे संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाता है। भारत और तालिबान दोनों ही इन आरोपों से इनकार करते हैं और कहते हैं कि पाकिस्तान में होने वाले हमले उसका आंतरिक मामला हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान में गुस्सा बढ़ता गया है। अक्सर किसी हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान के मंत्री इसका ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ देते हैं, जिस पर तालिबान कड़ा जवाब देता है। अब पाकिस्तान का कहना है कि बातचीत के लिए कुछ बचा नहीं है। वहीं तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान, अमेरिका जैसे देशों के साथ मिलकर अफगानिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने सीमा के पास सेना से जुड़े एक स्कूल को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले के लिए अफगान नागरिकों को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Manipur Violence Film Best Award | PRAHAR Policy Launch

Manipur Violence Film Best Award | PRAHAR Policy Launch

Hindi News Career Manipur Violence Film Best Award | PRAHAR Policy Launch | Feb 24 Current Affairs 1 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. असम- अरुणाचल के बीच पहला बॉर्डर पिलर बना 22 फरवरी को असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच पहला इंटर स्टेट यानी अंतर-राज्य बॉर्डर पिलर सिजोसा में स्थापित किया गया। असम और अरुणाचल के बीच लंबे समय से बॉर्डर को लेकर असहमति जारी थी। अंतर-राज्य बॉर्डर पिलर का फैसला लंबे समय से चले आ रहे बॉर्डर झगड़े को हल करने के लिए लिया गया है। 1951 नोटिफिकेशन के अनुसार, आदिवासी क्षेत्रों को असम से तत्कालीन नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) (बाद में अरुणाचल प्रदेश) में ट्रांसफर कर दिया गया था। असम ने दावा किया था कि इन सेक्टर्स में कुछ पर उसका अधिकार है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश का कहना था कि संवैधानिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार सीमा सही है। 1987 में अरुणाचल प्रदेश पूर्ण राज्य बना, लेकिन सीमा विवाद जारी रहा। 1989 में, एक त्रिपक्षीय समिति (जिसमें केंद्र और दोनों राज्य शामिल थे) ने कुछ विवादित क्षेत्रों को अरुणाचल में ट्रांसफर करने की सिफारिश की, मगर असम ने इस पर आपत्ति जताई थी। जुलाई 2022 में बॉर्डर विवाद को सुलझाने के लिए नामसाई घोषणा पर साइन किए गए। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू के बीच अरुणाचल प्रदेश के नामसाई में अंतर-राज्यीय सीमा विवाद सुलझाने के लिए समझौता किया गया था। दोनों राज्यों के बीच 804.1 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर 123 विवादित गांव हैं। इस समझौते के बाद विवादित गांवों की संख्या 123 से घटकर 86 रह गई है। बॉर्डर सहमति के बाद, अधिकारी इंटर स्टेट बॉर्डर को स्पष्ट करने के लिए बॉर्डर पर खंभे लगाना जारी रखेंगे, जिससे तनाव कम होगा। असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच पहला बॉर्डर पिलर 22 फरवरी को सेजोसा में लगाया गया। निधन (DEATH) 2. TMC नेता मुकुल रॉय का निधन 23 फरवरी को तृणमूल कांग्रेस के नेता मुकुल रॉय का निधन हो गया। वे 71 साल के थे। मुकुल, तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे और पश्चिम बंगाल की राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे। मुकुल 2009-2012 तक यूपीए सरकार में केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री रहे। 2012 में मुकुल रेल मंत्री भी रहे। नवंबर 2017 में मुकुल भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा के टिकट पर 2021 में मुकुल ने कृष्णानगर उत्तर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए थे। जून 2021 में, विधानसभा चुनाव के बाद, मुकुल अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में फिर से शामिल हो गए। 13 नवंबर 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट ने दलबदल कानून के तहत उन्‍हें विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किया था। 13 नवंबर 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट ने दलबदल कानून के तहत मुकुल को विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। अवार्ड (AWARD) 3. भारतीय फिल्म ‘बूंग’ को बाफ्टा अवॉर्ड मिला भारतीय मूल की फिल्म मणिपुरी भाषा की फिल्म बूंग ने बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। बूंग को ये अवॉर्ड बेस्ट चिल्ड्रन और फैमली कैटेगरी में मिला। बूंग को लक्ष्मीप्रिया देवी ने डायरेक्‍ट किया है। ये फिल्म विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स, रितेश सिधवानी और शुजात सौदागर के साथ फरहान अख्तर ने बनाई है। अवॉर्ड की घोषणा 79वीं बाफ्टा अवॉर्ड सेरेमनी में हुई। ये सेरेमनी लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित की गई थी। ये फिल्म एक स्कूली छात्र बूंग के बारे में है, जो अपने परिवार को फिर से एकजुट करने के लिए मणिपुर में नस्लीय तनाव और सीमा चुनौतियों का सामना करता है। फिल्म ने जूटोपिया 2, लिलो एंड स्टिच और आर्को जैसी इंटरनेशनल फिल्मों के बीच अवॉर्ड जीता। बूंग बाफ्टा में नॉमिनेट होने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म थी। फिल्म एक स्कूली छात्र बूंग के बारे में है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. कार्लोस अल्कारेज ने कतर ओपन जीता 21 फरवरी को स्पेन के 22 वर्षीय वर्ल्ड नंबर 1 टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्कारेज ने कतर ओपन जीता। कार्लोस ने फाइनल में फ्रांस के आर्थर फिल्स को हराकर ये खिताब जीता है। अल्कारेज के करियर का ये सबसे छोटा मैच, महज 50 मिनट का मैच था। 50 मिनट की जीत ने ATP (द एसोसिएट ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स ) सर्किट पर पिछले साल के सबसे छोटे फाइनल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। अल्कारेज 7 बार ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रहे हैं। इस साल अल्कारेज ने लगातार 12 मैच जीते हैं। 1 फरवरी को कार्लोस अलकरेज ने नोवाक जोकोविच को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 पुरुष सिंगल खिताब जीता था। ये अल्कारेज के करियर का 26वां खिताब है। 5. देश की पहली एंटी टेरर पॉलिसी ‘PRAHAR’ लॉन्‍च 23 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की पहली आतंकवाद विरोधी और सायबर सिक्योरिटी पॉलिसी ‘PRAHAR’ लॉन्‍च की। PRAHAR पॉलिसी आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद को रोकने और जवाब देने के लिए रणनीतिक रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी डॉक्युमेंट के मुताबिक, साइबर अटैक को रोकना और सोशल मीडिया पर टेरर एक्टिविटीज को रोकना इस पॉलिसी में शामिल होगा। कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए बेहतर कदम उठाना इस पॉलिसी का हिस्सा होगा। पॉलिसी में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के तहत काम करने वाली जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) का जिक्र किया गया है। JTFI देश में रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई के लिए काम करती है। आज का इतिहास 24 फरवरी : 1582 में पोप ग्रेगरी XII ने मौजूदा ग्रिगोरियन कैलेंडर अनाउंस किया। 2010 में वन डे इंटरनेशनल के इतिहास में सचिन तेंदुलकर ने पहली डबल सेंचुरी लगाई। ——————- ये खबरें भी पढ़ें… GTA-6 लॉन्‍च से 9 महीने पहले Xbox का CEO बदला: उपराष्‍ट्रपति ने अटल बिहारी पर किताब का विमोचन किया; 23 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Javed Akhtar Condemns Taliban Law on Domestic Violence

Javed Akhtar Condemns Taliban Law on Domestic Violence

59 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने तालिबान के उस नए कानून की कड़ी निंदा की है, जिसमें घरेलू हिंसा को जायज बताया गया है। उन्होंने इसे धर्म के नाम पर इंसानियत का अपमान कहा और भारतीय मौलवियों-मुफ्तियों से बिना शर्त इसे खारिज करने की अपील की। तालिबान की नई 90 पेज की दंड संहिता के तहत घरेलू हिंसा को बड़े स्तर पर अनुमति दी गई है। इस कानून के मुताबिक यदि पति अपनी पत्नी को बिना हड्डी टूटे या खुले घाव के मारता है, तो वह अपराध नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, यदि कोई महिला बिना पति की अनुमति अपने मायके जाती है, तो उसे तीन महीने तक जेल की सजा का सामना भी करना पड़ सकता है। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया x पर पोस्ट शेयर कर कहा कि तालिबान ने पत्नी की पिटाई को तभी अपराध माना है जब हड्डी टुटे या गंभीर चोट हो, और इसके लिए भी सबूत का जिम्मा महिला पर डाला है, जो कि एक भयावह सामाजिक चुनौति है। उन्होंने इसके लिए पूरे धार्मिक समुदाय की प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि इस तरह के नियमों को धर्म के नाम पर लागू होने से रोका जा सके। विश्लेषकों का कहना है कि तालिबान द्वारा जारी यह कोड महिलाओं के कानूनी अधिकारों को कमजोर करने वाला है और इससे घरेलू हिंसा जैसी कुप्रथाएं सरकारी मान्यता पाती दिखाई देती हैं। पहले के अधिकार, जैसे कि 2009 का EVAW (Elimination of Violence Against Women) कानून, अब पूरी तरह प्रभावहीन होते जा रहे हैं, जिससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में अब न्याय पाना और भी कठिन हो गया है। तालिबान के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारी आलोचना बटोरी है। कई मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ एक गंभीर और विघातक कदम बताया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून सिर्फ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देगा बल्कि उन्हें सामाजिक और कानूनी रूप से भी असमर्थ बनाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shivaji Jayanti Violence Photos; Hyderabad Hindu Muslim

Shivaji Jayanti Violence Photos; Hyderabad Hindu Muslim

Hindi News National Shivaji Jayanti Violence Photos; Hyderabad Hindu Muslim | Karnataka Stone Pelting बागलकोट/हैदराबाद1 दिन पहले कॉपी लिंक देशभर में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई। इस दौरान कुछ राज्यों से हंगामे की खबर भी आई। कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान पथराव हुआ। इसके बाद तनाव की स्थिति बन गई। यहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के लागू की गई। हैदराबाद में गुरुवार रात मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दो समुदाय के बीच विवाद की स्थिति बनी। यहां पहले एक यूट्यूबर से मस्जिद की रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और लोगों को मौके से हटाया। बागलकोट में शिवाजी जयंती के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों में विवाद हुआ। 1. कर्नाटक का पूरा मामला बागलकोट में गुरुवार रात करीब 10 बजे शिवाजी जयंती का जुलूस निकाला जा रहा था। जब वह पानका मस्जिद इलाके से गुजरा, तभी उस पर पत्थर और चप्पल फेंके गए। बागलकोट एसपी सिद्धार्थ गोयल ने कहा कि पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुआ। एसपी ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इलाके में 24 फरवरी की आधीरात तक BNS की धारा 163 लागू रहेगी। इलाके में स्थिति कंट्रोल में है। घटना के चश्मदीद उमेश के मुताबिक जुलूस के दौरान मस्जिद के पास घटना हुई। करीब 8-10 लोगों ने वहां पत्थर और चप्पल फेंके। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हैदराबाद के अंबरपेट में शिवाजी जयंती जुलूस को रोकते लोग। 2. हैदराबाद में विवाद हैदराबाद के अंबरपेट में गुरुवार रात एक यूट्यूबर जामा मस्जिद के पास वीडियो बना रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। दावा है कि यूट्यूबर से मारपीट हुई। इसी दौरान घटना मस्जिद के सामने से छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा भी गुजर रही थी। इस कारण दोनों समुदाय के बीच और हंगामा हो गया। दोनों समुदाय ने जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने लगी तो ज्यादा पुलिसफोर्स मौके पर बुलाया गया। भीड़ को मौके से हटाया गया। इस दौरान आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… शिवाजी जयंती- पुणे के शिवनेरी किले में भगदड़, 3 घायल: रास्ता संकरा होने से भीड़ जमा, महिलाएं और बच्चे फंस गए थे पुणे के जुन्नर इलाके में 18 फरवरी की रात शिवनेरी किले पर भगदड़ मचने से 3 लोग घायल हो गए थे। ये सभी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किला पहुंचे थे। लोग हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा से किले के अंदर जा रहे थे। रास्ता संकरा होने से भीड़ जमा हो गई। फिर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jabalpur Stone Pelting Violence; Durga Mandir Aarti Azan Dispute

Jabalpur Stone Pelting Violence; Durga Mandir Aarti Azan Dispute

जबलपुर में मारपीट और पथराव की तस्वीर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से करीब 40 किमी दूर सिहोरा तहसील में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर और मस्जिद के बीच आरती-अजान को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और मारपीट के बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। . भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। कैसे शुरू हुआ विवाद पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला झड़प तक पहुंच गया। आरोप है कि मस्जिद से 50-70 युवकों की भीड़ बाहर आई और विवाद बढ़ गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। हिंदू संगठन के लोग सड़क पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। सिहोरा थाने के सामने बस स्टैंड पर उपद्रवियों ने ठेले पलटा दिए। नमाज के बाद दूसरे संप्रदाय के लोग मस्जिद से निकले। पुलिस ने उन्हें वहां से रवाना कर दिया। आरती और अजान एक साथ होने के चलते गुरुवार रात तनाव की स्थिति बनी। मंदिर में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप दुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अंकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने मंदिर में घुसने की कोशिश की और उन्हें अंदर से घसीटकर बाहर निकाला गया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद 20-25 मिनट तक पथराव चलता रहा, जिसमें मंदिर के कांच टूट गए और कई लोग घायल हुए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को कंट्रोल किया। मस्जिद परिसर के पत्थरों से किया हमला बहोरीबंद विधायक के भाई प्रांजल पांडे को भी पत्थर लगने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मस्जिद में चल रहे निर्माण कार्य के कारण परिसर में रखे पत्थरों का इस्तेमाल पथराव में किया गया। शुक्रवार को फिर बढ़ा तनाव शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों ने सिहोरा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने मस्जिद तोड़ने और नमाज पर रोक लगाने की मांग की। कई लोग सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ ठेले भी पलटे गए। तस्वीर शुक्रवार सुबह की है। पुलिस स्थिति पर कंट्रोल बनाए हुए थी। 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। खितौला, गोसलपुर, पनागर समेत 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। इलाके में फ्लैग मार्च निकाला गया। एसपी संपत उपाध्याय के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने भीड़ को हटा दिया है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात है। शुक्रवार सुबह हालात सामान्य थे, लेकिन दोपहर में फिर से तनाव की स्थिति बन गई। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़…दो पक्षों में मारपीट-पथराव मध्य प्रदेश के जबलपुर में रात करीब 9 बजे एक युवक ने दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए एक्स्ट्रा फोर्स भेजी गई है। घटना आजाद चौक के वार्ड नंबर 5 में हुई। पूरी खबर पढ़ें…

एक्स हसबेंड ने X वाइफ से लिया ऐसा बदला, सन्न रह गया पूरा शहर, चारों तरफ मची चीख-पुकार | hyderabad sunitha murdered case ex husband arrested revenge inside story domestic violence canada visa passport suspension

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Last Updated:February 19, 2026, 13:28 IST हैदराबाद के वनस्थलीपुरम में एक पूर्व पति ने अपनी एक्स वाइफ के साथ जो सलूक किया, उसकी चर्चा सोशल मीडिया पर शुरू हो गई है. एक्स हसबेंड ने अपनी ही एक्स वाइफ को चाकू से गोदकर हत्या कर दी. पूर्व पत्नी ने पूर्व पति पर घरेलू हिंसा का केस क रखा था. इस कारण आरोपी का पासपोर्ट जब्त हो गया था और वह कनाडा नहीं जा पा रहा था. इसी रंजिश में उसने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. हैदराबाद पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है. हैदराबाद में एक्स पति ने एक्स वाइफ से लिया खौफनाक बदला. हैदरबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के वनस्थलीपुरम इलाके में बुधवार को दिन-दहाड़े एक ऐसी घटना घटी है, जिससे हर कोई हैरान और परेशान हो गया. एक पति-पत्नी की तलाक के बाद जो कहानी सामने आई, वह हर किसी को होश उड़ा रहा है. एक आईटी इंजीनियर ने पारिवारिक कलह और कोर्ट कचहरी के चक्कर से तंग आकर अपराधी बन गया. सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी एक्स वाइफ के घर में घुसकर मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद बाथरूम में बंद हो गया. पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की पहचान सुनीता के रूप में हुई है और आरोपी शख्स का नाम महेश है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह शख्स क्यों इस घटना को अंजाम दिया? क्या मां की मौत ने शख्स को अंदर से तोड़ दिया था? क्या यह हत्या केवल निजी दुश्मनी का नतीजा था या फिर इसके पीछे करियर की बर्बादी, कानूनी पचड़े और परिवार की मौत का बदला लेने की एक लंबी और सनकी दास्तां छिपी थी? कहानी शुरू होती है साल 2022 में जब आरोपी और 29 वर्षीय पीड़िता की शादी हुई थी. दोनों ही आईटी क्षेत्र में काम करते थे और एक खुशहाल भविष्य का सपना देख रहे थे. शादी के बाद पति कनाडा चला गया और कुछ समय बाद पत्नी भी उसके पास पहुंच गई. लेकिन सात समंदर पार जाने के बाद दोनों के बीच दूरियां कम होने के बजाय बढ़ने लगीं. आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि महिला वापस भारत लौट आई और उसने महाराष्ट्र में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया. सनक की वजह- पासपोर्ट जब्त और मां की मौत साल 2024 में दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया. महिला ने अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाते हुए अप्रैल 2025 में दूसरी शादी कर ली. वहीं दूसरी ओर आरोपी पति की मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं. मार्च 2025 में उसकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद वह भारत आया. लेकिन घरेलू हिंसा के केस के कारण उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी हो चुका था. इस वजह से उसका पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया और वह वापस कनाडा नहीं जा सका. 30-year-old woman allegedly stabbed multiple times by her ex-husband