Wednesday, 24 Jun 2026 | 08:56 AM

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West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK

West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK

Hindi News National West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK | Mamata Banerjee नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में पहल फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और मारपीट हुई। मुर्शिदाबाद जिले में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। वहीं कुमारगंज सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट हुई। आसनसोल सीट से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल की कार पर भी हमला हुआ। 1. भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी करने के आदेश दे दिए हैं। 2. आसनसोल साउथ में भी भाजपा प्रत्याशी की कार पर हमला आसनसोल साउथ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में हमला हुआ। इससे उनकी गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। घटना के समय विधायक कार में ही मौजूद थीं। 3. हुमायूं कबीर समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट मुर्शिदाबाद के नौदा में वोटिंग से पहले बुधवार देर रात देसी बम फेंका गया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे तो उनका विरोध हुआ। इस दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प भी हुई। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। 4. सिलीगुड़ी में भाजपा और TMC कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी में भी वोटिंग के दौरान भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हुई। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में बने बूथ पर वोटिंग हो रही थी। इसी दौरान बूथ के बाहर दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ता देख सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। यहां से शंकर घोष भाजपा प्रत्याशी हैं। 5. मालदा में EVM खराब, भीड़ ने चुनाव अधिकारी को घेरा मालदा के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से हंगामा हो गया। बूथ के बाहर मौजूद लोगों ने चुनाव अधिकारी को घेर लिया और आपत्ति जताई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अधिकारी को भीड़ से बचाया और बूथ के अंदर भेजा। ———————————— चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बंगाल के कुमारगंज में BJP प्रत्याशी को दौड़ाकर पीटा, आसनसोल में भाजपा MLA अग्निमित्रा की कार पर हमला पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। पूरी खबर पढ़ें… मोदी बोले- झालमुड़ी मैंने खाई, झाल उन्हें लग रही, बंगाल के कृष्णानगर में कहा- 4 मई को बीजेपी जीतेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कृष्णानगर में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग चल रही है। मैं सभी मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि इस बार वोटिंग के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए। यह पिछले 50 साल में पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें हिंसा कम से कम हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

3 मिनट पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक रिटायर्ड आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों इंफाल से उखरुल जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था और कूकी तथा नागा समुदायों से शांति और संवाद बनाए रखने की अपील की थी। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है। कूकी काउंसिल ने घटना की निंदा की कूकी जो काउंसिल ने इस घटना में समुदाय की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमला कूकी SoO कैडरों ने किया है। कमेटी ने इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 6 अप्रैल बम हमले में 2 बच्चों की मौत 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत:सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

19 घंटे पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक रिटायर्ड आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) इंफाल से उखरुल जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था और कूकी तथा नागा समुदायों से शांति और संवाद बनाए रखने की अपील की थी। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है। कूकी काउंसिल ने घटना की निंदा की कूकी जो काउंसिल ने इस घटना में समुदाय की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमला कूकी समुदाय ने किया है। कमेटी ने इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 6 अप्रैल बम हमले में 2 बच्चों की मौत 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत:सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Noida Factory Workers Protest Minimum Wage & Violence

Noida Factory Workers Protest Minimum Wage & Violence

Hindi News Career Noida Factory Workers Protest Minimum Wage & Violence | Minimum Wage Act 2026 16 मिनट पहले कॉपी लिंक नोएडा में फैक्ट्री वर्कर्स का प्रदर्शन 8वें दिन भी जारी है। 8 दिन पहले, 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर लगभग 42 हजार कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। 13 अप्रैल को सैलरी बढ़ाने और बेहतर वर्किंग कंडीशन की मांग को लेकर हो रहा ये प्रदर्शन उग्र हो गया था। नोएडा सेक्टर 60, 62, 84 और फेज-2 सहित कई इलाकों में भड़की भीड़ ने फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक, हिंसा सबसे पहले नोएडा का फेज-2 से भड़की थी। यहां मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव कंपनियां हैं। इन कंपनियों के 1000 से ज्यादा वर्कर्स सैलरी बढ़ाने को लेकर पिछले 6 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। करीब 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जुटे थे। 16 अप्रैल को भी प्रदर्शन की तैयारी हरियाणा में हालिया सैलरी रिवीजन के बावजूद वर्कर नाखुश हैं। उनका कहना है कि बढ़ी हुई सैलरी महंगाई के मुकाबले बहुत कम है। गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इंप्लॉयज यूनियन के लीडर वसंत कुमार ने कहा कि इतनी सैलरी में गुरुग्राम जैसी सिटी में कोई कैसे जी सकता है? उन्होंने कहा, ‘नए लेबर कोड, LPG संकट और खराब वर्किंग कंडिशंस वर्कर्स के हित में नहीं है। इसलिए हम इन सबके खिलाफ प्रोटेस्ट जारी रखेंगे।’ यहां के वर्कर्स केंद्र सरकार के नए लेबर कोड्स के खिलाफ भी प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ये कोड्स बिना ओवरटाइम मुआवजे के 12 घंटे की शिफ्ट की अनुमति देते हैं। इससे फैक्ट्री मालिकों को वर्कर्स के शोषण का मौका मिलेगा। नए नियमों में ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडिशंस (OSH) कोड-2020 के मुताबिक, एंप्लॉयर्स और वर्कर्स को फ्लेसिबल शिफ्ट पैटर्न का मौका देती है। इसके तहत वर्कर्स से 12 घंटे तक काम करवाया जा सकता है, बशर्ते हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी भी मिलनी चाहिए। यानी हफ्ते में सिर्फ 48 घंटे ही काम करेंगे। अगर ओवरटाइम करते हैं तो उसका कम से कम डबल वेज मिलना चाहिए। लेकिन यूनियन और वर्कर्स को डर है कि फैक्ट्री मालिक 8 घंटे के पैसे में ही 12 घंटे काम करवाएंगे। ऐसे में म्युनिसिपल और स्टेट वर्कर्स ने 16 अप्रैल को तीन घंटे तक सारा काम बंद कर प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया है। नोएडा में प्रोटेस्टर्स ने कहा- ‘200 रुपए बढ़े, इसमें क्या होगा?’ प्रोटेस्टर्स में से रागिनी बताती हैं, ‘हम अपनी मांगों को लेकर लगभग महीने भर से प्रोटेस्ट कर रहे हैं। 200 रुपए बढ़े हैं, इसमें क्या होगा? सरकार 20 हजार सैलरी करे, वो भी तुरंत। जब तक ये नहीं होगा, हम लोग प्रोटेस्ट जारी रखेंगे!’ कई लोगों की शिकायत थी कि 8 घंटे से ज्यादा काम करवाते हैं। ओवरटाइम के हिसाब से पैसे नहीं मिलते। सैलरी कभी टाइम पर नहीं आती। सैलरी स्लिप में 20 हजार लिखते हैं पर देते 11 हजार हैं। कंपनी में सारे कर्मचारियों के लिए एक ही टॉयलेट है। कोई बीमार पड़े तो भी उसे जल्दी छुट्टी नहीं मिलती। प्रोटेस्टर्स का कहना है कि अभी के हालात तो और खराब हैं। किराया और खाना तो महंगा है ही, सिलेंडर ही 4-5 हजार का आ रहा है। इतनी सैलरी में खाएं, बच्चे पालें या बच्चों को पढ़ाएं? एक दूसरे प्रोटेस्टर ने कहा कि, ‘किस हिसाब से 341 रुपए बढ़े हैं? हम ज्यादा नहीं मांग रहें। हमें बस सरकारी आदेश के हिसाब से बढ़ी हुई सैलरी चाहिए।’ एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आखिरी बार साल 2012 में मिनिमम वेज रिवाइज हुए थे। मिनिमम वेजेस एक्ट के मुताबिक, हर सेक्टर के हिसाब से मिनिमम वेजेस तय किए गए हैं। इनमें भी रीजन के हिसाब से, यानी टियर 1, 2 और 3 सिटीज के हिसाब से अलग वेजेस तय किया गया है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि यूपी गवर्नमेंट के बढ़ाए रुपयों में तो रीजन और केटेगरी वाइज वैरिएशंस दिखते हैं। पर इससे पहले वाली सैलरी में ये वैरिएशंस नहीं है। हरियाणा में प्रोटेस्ट के बाद सरकार ने 35% सैलरी बढ़ाई नोएडा के वर्कर्स जैसी ही मांगों को लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते में हरियाणा के फैक्ट्री वर्कर्स ने भी प्रोटेस्ट किया था। पिछले हफ्ते ही मानेसर के इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) में भी झड़पें हुई थीं। तब भी हजारों कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स सड़कों पर उतर आए थे। इसके पहले फरवरी में पानीपत में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के लगभग 30 हजार कर्मचारी कंपनी के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद हरियाणा सरकार ने 35 फीसदी सैलरी बढ़ाने का फैसला लिया। जिसके बाद मजदूरों को रोजाना की बेगारी 580-750 मिलेगी। जबकि, नोएडा में अभी यही 350 से 400 के बीच है। वर्कर्स के मुताबिक, उनकी मंथली सैलरी 11000 है, जिसमें से 1000 कॉन्ट्रैक्टर काम देने के लेता है। इसमें से उनके पास सिर्फ 10 हजार बचते हैं जो इस महंगाई के दौर में गुजारे के लिए नाकाफी है। अगर हरियाणा की बात करें, तो आखिरी बार मिनिमम वेज अक्टूबर 2015 में रिवाइज हुए थे। मिनिमम वेज एक्ट क्या कहता है? मिनिमम वेज (Minimum Wage) एक्ट के तहत केंद्र सरकार एक फ्लोर वेज (floor wage) तय करती है, जिसके तहत राज्य सरकारों और उद्योगों को उतना या उससे ज्यादा सैलरी तय करने का प्रावधान है। राज्य सरकारें इससे कम वेतन तय नहीं कर सकतीं। वेतन को अब हर 3 साल में रिवाइज करना जरूरी है। पहले ये सीमा 5 साल तक थी। पहले इसके लिए Minimum Wages Act-1948 था, जिसे अब Code on Wages-2019 में शामिल कर दिया गया है। इसमें 4 लेबर लॉ को मिला दिया गया है, जिनमें Minimum Wages Act, 1948 Payment of Wages Act, 1936 Payment of Bonus Act, 1965 Equal Remuneration Act, 1976 मिनिमम वेज तय कैसे होता है? मिनिमम वेज व्यक्ति की स्किल और उसकी लोकेशन से तय होती है। स्किल के लिए सरकार ने 4 केटेगरीज तैयार की है- 1. अकुशल (अनस्किल्ड) 2. अर्ध-कुशल या अकुशल पर्यवेक्षक (सेमी-स्किल्ड/ अनस्किल्ड सुपरवाइजर) 3. कुशल या /लिपिकीय (स्किल्ड/ क्लेरिकल) 4. अत्यधिक कुशल (हाइली स्किल्ड) वहीं लोकेशन के हिसाब से जीने की लागत

Noida Factory Workers Protest Violence LIVE Video Update; Stone Pelting Photos

Noida Factory Workers Protest Violence LIVE Video Update; Stone Pelting Photos

गौतम बुद्ध नगरकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक नोएडा में मंगलवार को फिर बवाल हो गया। दूसरे दिन भी फैक्ट्री कर्मचारी कुछ जगहों पर सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प हो गई। भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। पुलिस ने थोड़ी देर में ही हालात पर काबू पा लिया। प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। फिलहाल, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से फ्लैग मार्च कर रहे हैं। CCTV और ड्रोन से मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी बीच, डीजीपी ने राजीव कृष्ण ने कहा- हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।क्षतिग्रस्त संपत्ति की भरपाई भी उपद्रवियों से कराई जाएगी। वहीं, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा- अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। अफवाह फैलानने वाले कुछ ग्रुप आइडेंटिफाई किए गए हैं। कुछ ऐसे लोग हैं, जो अलग-अलग जगहों पर भी पाए गए हैं। 50 X हैंडल के जरिए हिंसा के लिए उकसाया गया। इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। दरअसल, सोमवार को बवाल के बाद हाईलेवल कमेटी ने रात में कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद रात डेढ़ बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी। हंगामे की तस्वीरें देखिए- सेक्टर-121 फैक्ट्री कर्मचारी ने आज फिर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। सेक्टर-121 में हंगामा कर रहे दो लोगों को पुलिस ने पकड़कर थाने ले गई। इंडस्ट्रियल इलाकों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया। PAC और RAF की 16 टुकड़ियां तैनात हैं। कल 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की थी इससे पहले, नोएडा में सोमवार को अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्री कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया। 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की। 50 से ज्यादा गाड़ियां फूंक दीं। 150 वाहन तोड़ दिए। पुलिस पर पथराव किया था। नोएडा में बवाल से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 2 मिनट पहले कॉपी लिंक सेक्टर-80 में भी पुलिस पर पत्थर फेंके, लाठी फटकाकर खदेड़ा नोएडा के सेक्टर-70 और 121 के बाद सेक्टर-80 में भी भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को खदेड़ा। 7 मिनट पहले कॉपी लिंक जिस सेक्टर 121 में पथराव हुआ, वहां से अपडेट दे रहे रिपोर्टर दीपांकर 12 मिनट पहले कॉपी लिंक सेक्टर-121 के लोग बोले- पुलिस ने भीड़ को लाठीचार्ज करके खदेड़ा नोएडा के सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने बताया कि सुबह के समय रोजाना 100 से 150 मेड सोसाइटी में आती हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व वहां पहुंच गए। उन्होंने मेड को अंदर जाने से रोक दिया। सोसाइटी के लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस दौरान दो टावरों के गेट पर तोड़फोड़ की गई और पुलिस की गाड़ी पर भी पथराव किया गया। 26 मिनट पहले कॉपी लिंक सेक्टर 121 में भी पथराव, देखिए VIDEO 31 मिनट पहले कॉपी लिंक नोएडा के सेक्टर-2 में पथराव 45 मिनट पहले कॉपी लिंक DGP बोले- असामाजिक तत्वों को बख्शेंगे नहीं DGP राजीव कृष्ण ने कहा कि श्रमिक संयम और धैर्य बनाए रखें। सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त संपत्ति की भरपाई भी उपद्रवियों से कराई जाएगी। असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, घबराने की जरूरत नहीं है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी भ्रामक वीडियो या संदेश पर भरोसा न करें। 48 मिनट पहले कॉपी लिंक कंपनियों के बाहर पोस्टर लगे, लिखा- आज कंपनी बंद है नोएडा के सेक्टर-58 में कंपनियों के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में लिखा है-आज कंपनी बंद है। 04:57 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक PAC-RAF की 16 टुकड़ियां तैनात, दुकानें बंद; अपडेट दे रहे रिपोर्टर दीपांकर 04:54 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक कमिश्नर बोलीं- रातों-रात बने हजारों वॉट्सऐप ग्रुप कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया- इस आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए रातों-रात कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और क्यूआर कोड के माध्यम से कर्मचारियों को ऐसे ग्रुप से जोड़ा गया। कर्मचारियों को प्रदर्शन को हिंसक और उग्र बनाने के लिए उकसाया गया। लक्ष्मी सिंह बताती हैं- हरियाणा में हुए प्रदर्शन के बाद से ही हम लोग सजग थे और इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फोर्स तैनात भी कर दी गई थी। लेकिन बाहरी तत्वों के शामिल होने का अंदेशा नहीं था, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बिगड़ गई, लेकिन जल्द ही उसे काबू में कर लिया गया। 04:41 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक नोएडा की सड़कों पर सन्नाटा, पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च कर रहे, देखिए VIDEO 04:28 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक कमिश्नर लक्ष्मी सिंह बोलीं- कल 83 जगहों पर 42 हजार मजदूर सड़क पर उतरे थे पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि कल 83 जगहों पर 42,000 से अधिक मजदूर सड़कों पर उतरे थे। सिर्फ 2 जगहों पर हिंसक प्रदर्शन में पुलिस ने बल प्रयोग किया। 03:59 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पुलिस कमिश्नर बोलीं- सुबह 5 बजे से फ्लैग मार्च, अब तक 300 लोगों को गिरफ्तारी पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि सोमवार को हुए बवाल के बाद आज सुबह हर सेक्टर में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। तीन जगहों पर कर्मचारी इकट्ठा हुए थे, उन्हें समझा दिया गया। जनपद की सीमाओं पर फोर्स तैनात की गई है। सरकार लेबर की स्थिति को देखते हुए उनसे बातचीत कर रही है। उनकी हर समस्या का निस्तारण किया जाएगा। कर्मचारियों से अपील है कि वे अपने काम पर लौटें। पुलिस कमिश्नर ने कहा- अफवाह फैलानने वाले कुछ ग्रुप आइडेंटिफाई किए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर

Gurugram Manesar IMT Protest violence

Gurugram Manesar IMT Protest violence

मैसेज 1- ‘मैनेजर रामबीर को मारना है।’ . मैसेज 2- ‘आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो।’ मैसेज 3- “ठेके से बीयर लेकर आना और पेट्रोल भरकर आग लगा देना।’ 9 अप्रैल को गुरुग्राम के मानेसर IMT में सैलरी बढ़ाने को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों और मजदूरों के वॉट्सएप ग्रुप्स में इस तरह के काफी मैसेज किए गए। इन ग्रुप्स में अलग-अलग कंपिनयों में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर एड हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन्हीं मैसेज के बाद वहां दंगे भड़के। भीड़ बेकाबू हुई और पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के मैसेज करने वाले बाहरी लोग हैं। जानबूझकर लोगों को उकसाया गया। ये कंपनियों को पेट्रोल बम से जलाने की प्लानिंग कर रहे थे। कई जगह पर आगजनी और तोड़फोड़ भी हुई। इस मामले में पुलिस अभी तक 61 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें 15 महिलाएं भी हैं। कुछ को जमानत मिल चुकी है। बाकी भोंडसी जेल में बंद हैं। जानिए वॉट्सएप ग्रुप्स में किस तरह बनी प्लानिंग… मैनेजर को मारने की बात कही: एक ग्रुप में एक मैनेजर, रामबीर को मारने की बात लिखी गई है। एक मैसेज में यह भी लिखा है कि रामबीर को बाहर लेकर आओ, वह जरूर आएगा। इन मैसेज से साफ है कि वे मैनेजर को मारकर दंगा भड़काना चाहते थे। रात को हमला करवाना चाहते थे: एक मैसेज में लिखा है कि रात तक इंतजार करो और फिर आग लगा दो। देखते हैं पुलिस क्या करेगी। इस मैसेज को देखकर लगता है कि उपद्रवी मजदूरों को दिन में शांत रहने के लिए कह रहे थे और रात में, जब पुलिस बल कम हो जाए, तब कंपनियों में आग लगाने की बात कर रहे थे। पेट्रोल बम से हमले की तैयारी: कई मैसेज पेट्रोल बम से हमले के बारे में भी थे। वॉट्सएप ग्रुप में लिखा था कि ठेके से बीयर की बोतल लेकर आना और पेट्रोल भरकर कंपनी पर फेंक देना और धमकाना कर देना। इससे साफ़ है कि उपद्रवी कई कंपनियों को निशाना बनाना चाहते थे। एडवोकेट बोले- उपद्रवियों की वजह से बेकसूर फंसे अब जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद… 6 अप्रैल को होंडा कर्मचारियों का प्रदर्शन: 6 अप्रैल को होंडा कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर हड़ताल की। 7 अप्रैल को कंपनी ने उनकी मांग मान ली और कर्मचारी काम पर लौट गए। इस दिन, दूसरी कंपनियां तोयम, मुंजाल शोवा, रिको, रिचा ग्लोबल आदि के मजदूरों ने भी सैलरी बढ़ाने की मांग करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। 9 अप्रैल को पथराव और आगजनी: कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए धारा 163 लागू की गई। इस दिन कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। 9 अप्रैल को पुलिस ने कर्मचारियों को धारा 163 का हवाला देते हुए प्रदर्शन न करने को कहा। इस दौरान एक कंपनी पर पथराव हो गया। पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। जिसके बाद पुलिस की एक बाइक को आग लगा दी और कई गाड़ियों को तोड़ दिया। पुलिस बोली- बड़ी प्लानिंग थी: IMT मानेसर सेक्टर 7 थाने में 2 मामले दर्ज किए गए। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि वॉट्सएप ग्रुप में जिस तरीके के मैसेज मिले हैं, उनसे पता चलता है कि एक बड़ी साजिश की प्लानिंग की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने कंट्रोल कर लिया। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कंपनी मालिकों से मीटिंग की DCP प्रबीना और लेबर कमिश्नर नवीन कौशिक ने सोमवार को IMT मानेसर में स्थित विभिन्न कंपनियों के मालिकों/प्रतिनिधियों व उनके ठेकेदारों के साथ बैठक की। साथ ही निर्धारित वेतन का भुगतान करने, नोटिस बोर्ड पर वेतन संबंधी जानकारी लिखने, कर्मचारियों के बीच शांति बनाए रखने और मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार न करने के सख्त निर्देश दिए। पुलिस ने मजदूरों से अफवाहों से दूर रहने और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की। ———————————– ये खबर भी पढ़ें :- गुरुग्राम में हड़ताली कर्मचारियों पर लाठीचार्ज:एक का सिर फूटा-20 घायल, पुलिस की बाइक फूंकी-गाड़ी तोड़ी; महिलाओं ने छीनी लाठी हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मानेसर में धारा 163 लागू होने के बावजूद 9 अप्रैल को हजारों की संख्या में हड़ताली कर्मचारी जुट गए। जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस लाठीचार्ज किया। जिससे मामला भगदड़ की स्थिति बन गई। पढ़ें पूरी खबर…

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। . गुस्साए कर्मचारियों ने 13 इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले नोएडा में हिंसा भड़कने की वजह समझिए… नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों में गुस्से की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला है। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। 10 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया। जैसे ही ये खबर नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में फैली, यहां के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी। हरियाणा और यूपी में कर्मचारियों की सैलरी में कितना अंतर? हरियाणा- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 से बढ़ कर 16,780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 से बढ़ कर 18,500 रुपए किया गया। उच्च कुशल का वेतन 14,389 से 19,425 रुपए किया । यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश (नोएडा)- यहां अनस्किल्ड वर्करों को लगभग 11,313 रुपए की सैलरी ही मिल रही है। दैनिक मजदूरी- हरियाणा में रोजाना मजदूरी 580 से 750 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि नोएडा में केवल 435 से 535 रुपए के बीच है। वर्करों की 5 मांगें जिससे कंपनियां बच रहीं फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच मौजूदा सैलरी में गुजारा करना नामुमकिन है। ऐसे में वर्करों ने 5 मांगें उठाई हैं। 1. सैलरी बढ़ोतरी- हरियाणा की तरह पर यूपी में भी न्यूनतम सैलरी में कम से कम 35% बढ़ाई जाए। 2. ओवरटाइम का डबल पैसा- नए श्रम नियमों के हिसाब से अगर कर्मचारी एक्स्ट्रा काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से पेमेंट हो। 3. सैलरी स्लिप और टाइम पर भुगतान- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी बैंक खाते में आए। सैलरी स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए। 4. साप्ताहिक छुट्टी- सप्ताह में एक दिन का छुट्टी मिले। अगर छुट्टी के दिन काम लिया जाए, तो उसका भी डबल पैसा मिले। 5. बोनस का सीधा पेमेंट- बोनस सीधे बैंक खाते में जमा हो, न कि बिचौलियों या ठेकेदारों के जरिए वर्कर को मिले। गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है। अब जानिए क्या कहते हैं लेबर लॉ… वर्कस्पेस पर सिक्योरिटी- वर्कर को काम करने के लिए सुरक्षित और साफ माहौल मिले। काम के तय घंटे- एक निश्चित समय से ज्यादा काम कराने पर ‘ओवरटाइम’ देना जरूरी है। PF और ESI- सैलरी से कटने वाले प्रॉविडेंट फंड (PF) और बीमा (ESI) का लाभ सही समय पर मिले। मनमानी कटौती पर रोक- बिना किसी ठोस वजह से सैलरी काटना गैर-कानूनी है। हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। प्रशासन ने सहमति दी, इंडस्ट्री मालिक तैयार नहीं थे हरियाणा में 7 अप्रैल को फैक्ट्री कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। नोएडा में भी फैक्ट्री कर्मचारी 9 अप्रैल से प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन की ओर से समझौता और मांगों सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें इंडस्ट्री के मालिकों की सहमति नहीं थी। जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं था। स्थानीय श्रमिकों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था। प्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया। लेकिन शासन को सूचना है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे हैं। आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। अब पिछले 3 दिन का पूरा घटनाक्रम समझिए… 10 और 11 अप्रैल- होजरी कॉम्प्लेक्स और सूरजपुर-दादरी रोड पर करीब एक हजार फैक्ट्री वर्करों ने प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस के लाठीचार्ज से तनाव बढ़ गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मामला सुलझाने के निर्देश दिए। 12 अप्रैल- नोएडा की DM मेधा रूपम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इंडस्ट्री मालिकों के साथ बैठक की। प्रशासन ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और समय पर सैलरी दें। कंट्रोल रूम भी बनाया गया। 13 अप्रैल- आश्वासनों से फैक्ट्री वर्कर संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि मुख्य मांग यानी सैलरी बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। सोमवार सुबह हजारों वर्कर सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन हिंसक हो गया। ————————————- घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नोएडा पुलिस ने भास्कर रिपोर्टर से मारपीट की:कर्मचारियों का प्रदर्शन कवर कर रहे थे, वर्कर्स को घसीटकर बस में बैठाया नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पूरी खबर पढ़ें…

Noida Protest Violence; Journalist Vs Police

Noida Protest Violence; Journalist Vs Police

Hindi News National Noida Protest Violence; Journalist Vs Police | Gautambudh Nagar Factory Workers नोएडा13 मिनट पहले कॉपी लिंक नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पत्रकारों ने DCP नोएडा सेंट्रल सव्या गोयल से घटना पर नाराजगी जताई और आरोपी पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। DCP गोयल पत्रकारों ने पत्रकारों की बात तो पूरी सुनी, लेकिन कुछ भी एक्शन नहीं लिया। वह पुलिसवालों का बचाव करती नजर आईं। इस पर नाराज पत्रकारों ने कहा- आप एक्शन नहीं लेती हैं तो हम पुलिस वाले के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे। पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह ने भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से मारपीट की। घटना के वक्त DCP नोएडा सेंट्रल सव्या गोयल वहां मौजूद थीं। पत्रकारों ने उनसे एक्शन लेने के लिए कहा, लेकिन वह पुलिसकर्मी का बचाव करती नजर आईं। घटनाक्रम का पूरा वीडिया देखिए… भास्कर रिपोर्टर उदय भटनागर ने बताया आंखों देखा हाल मैं और मेरे साथ साकेत आनंद दैनिक भास्कर के लिए नोएडा में मजदूरों का जो प्रोटेस्ट चल रहा है उसे कवर करने आए थे। कई सेक्टर में ये प्रोटेस्ट चल रहा है। मैं सेक्टर 85 में पहुंचा। यहां निनजिन कंपनी है। उसके बाहर हम प्रोटेस्ट कवर कर रहे थे। यहां पुलिस आई और कंपनी के अंदर जो अधिकारी थे उन्हें बाहर निकालने आई। उसी समय पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। हम उसकी रिकार्डिंग कर रहे थे। उन्होंने मजदूरों को गाड़ी में भरा। साकेत आनंद के ऊपर भी लाठी चलाई गई। साकेत आनंद ने बताया कि इस पूरे इलाके में सुबह से प्रोटेस्ट चल रहा है। लगातार 3-4 दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है। आज ILGIN कंपनी के बाहर प्रोटेस्ट चल रहा है। इसके सामने प्रोटेस्ट हुआ। बाहर आगजनी और तोड़फोड़ हुआ। जब हम वहां खड़े थे तब पुलिस आई। पपुलिस के लिए गेट खोला गया। अधिकारी अंदर फंसे थे। पुलिस के बनाए सेफ पैसेज से उन्हें बाहर लाया गया। पुलिस ने वर्कर्स से बात करने की कोशिश की और हम जब उसे रिकार्ड कर रहे थे तो मीडिया को रिकार्ड करने से रोकागया। यानी जो मजदूरों से बात वो कर रहे थे उसे रिकार्ड करने से रोका जा रहा था। वर्कर्स बोल रहे थे कि हम नहीं थे फिर भी उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। मैं भी वहीं था मेरे ऊपर भी जितेंद्र कुमार नाम के पुलिस कर्मी ने लाठी चला दी। मैंने ‌उनके बोला कि मेरे पास आई कार्ड है मैं मीडिया से हूं। उसके बावजूद वो खींचातानी करते रहे। हमारी साथी जिस्ट की पत्रकार थी उनके साथ भी खींचतान की गई। उसके बाद पुलिस ने लगातार जवाब मांगा गया कि आप माफी मांगिये ये जिस पुलिसकर्मी ने लाठी चलाई उसके खिलाफ एक्शन लीजिए, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ किया नहीं और लगातार वर्कर्स को वैन में ले जाया गया। पता नहीं कहां ले जाया गया । हम सुबह से उसे कवर कर रहे थे जिस पुलिसकर्मी ने लाठी चलाई उसने भी हमें सुबह से देखा था कि हम मीडिया से हैं। हम कवर कर रहे हैं। पुलिसवाले भी हमसे बात कर रहे थे। लाठी चार्ज में भी हम दूर थे लेकिन फिर भी पुलिसकर्मी भागते हुए आया और सबसे पहले मीडियाकर्मी पर लाठी चलाई। लाठी चलाकर सबसे पहले गाड़ी की तरफ भागा। लाठी चलाने के बाद बाकी पुलिसवाले इधर उधर मारपीट करते रहे,लेकिन जिस पुलिसवाले ने लाठी मारी वो गाड़ी में गया और वहां जो लोग थे मजदूरों से भी मारपीट करने लगा। हम मीडिया से हैं ये बताने के बावजूद वो कोशिश करते रहे कि हम कवरेज न करें। जो एक मैडम थी वो भी लगातार बोल रही थी कि आपलोग वीडियो बंद करें और यहां से जाइये। प्रदर्शन कर रहे वर्कर्स को घसीटकर बस में डालकर हिरासत में लिया गया है। फैक्ट्री के लोगों को निकालने के लिए वर्कर्स से मारपीट भी की गई है। हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने एक कार शोरूम में आग लगा दी। नोएडा में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया। नोएडा के फेज-2 में मदरसन कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हिंसक हो गए। गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। उसे पलट दिया। कर्मचारियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी की। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को काबू किया जा सका। गुस्साए लोगों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर 15 और 62 में सड़क जाम की। बीच सड़क पर बैठकर कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की। नोएडा सेक्टर-57 में कर्मचारियों ने कंपनियों के दफ्तर में तोड़फोड़ की। नोएडा में हिंसक प्रदर्शन, 50 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़: कर्मचारियों ने 10 गाड़ियां फूंकी, पथराव नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार सुबह हिंसक हो गया। अलग-अलग इलाकों में गुस्साए कर्मचारियों ने 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव किया। तोड़फोड़ की। हाथ में डंडे लेकर सैकड़ों पर कर्मचारी जुलूस निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं। सबसे पहले हालात फेज-2 इलाके में खराब हुए। सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। पथराव कर दिया। कई गाड़ियों और बसों को आग लगा दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनकी गाड़ी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder

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इंफाल41 मिनट पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में 7 फरवरी को दो समुदायों के बीच हुए झगड़े के बाद से हिंसा जारी है। मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार को पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक कांस्टेबल मिथुन मंडल को शाम करीब 4:30 बजे गोली लगी। गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत इंफाल के अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि मिथुन मंडल पश्चिम बंगाल के भगजन टोला गांव के रहने वाले थे और 170 बटालियन BSF में तैनात थे। फरवरी में दो समुदायों के बीच हुई जातीय झड़पों के बाद कुकी गांव मोंगकोट चेपू और पड़ोसी तांगखुल नागा इलाके में गोलीबारी की घटनाएं होती रही हैं। यहां जारी तनाव के बीच पेट्रोलिंग कर रहे BSF जवान पर यह हमला हुआ है। मणिपुर पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि हमले के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल इलाके में सर्च ऑपरेशन और तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। शहीद BSF जवान मिथुन मंडल। CM खेमचंद ने हत्या पर दुख जताया मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा- कांस्टेबल मिथुन मंडल की दुखद शहादत की कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल के इस बहादुर बेटे के ड्यूटी के दौरान दिए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। शराब के नशे में हुए झगड़े के बाद हिंसा शुरू हुई हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग में शराब के नशे में हुए झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद उपद्रवियों ने उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर में आग लगा दी। हिंसा के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। 10 फरवरी की सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हिंसक झड़प के बाद से इलाके में सुरक्षाबल मौजूद हैं। उखरुल जिले में घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर में भी आग लगा दी थी। हिंसा के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ——————————— मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बम हमले में 2 बच्चों की मौत के बाद हिंसा, प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। मां घायल है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

इंफाल30 मिनट पहलेलेखक: एम मुबासिर राजी कॉपी लिंक मृत बच्चों की दादी और उनकी बहन। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में भर्ती बिनाता तीन दिन तक अपने बच्चों के बारे में पूछती रहीं। परिवार के लोग उनकी हालत को देखते हुए सच्चाई छिपाते रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों का इलाज चल रहा है। गुरुवार सुबह बिनाता को एक अखबार पढ़कर पता चला कि उनके दोनों बच्चे अब नहीं रहे। खबर पढ़ते ही बिनाता ओइनाम को गहरा सदमा लगा। वह रोने लगीं और बार-बार बेहोश होने लगीं। डॉक्टरों ने दवाएं देकर उन्हें शांत किया। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वहीं, परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। 6 अप्रैल की आधी रात बम हमले में दोनों बच्चों की मौत हुई थी। दादी बोलीं- हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए मृत बच्चों की दादी ओइनाम लोइदम ने कहा- मेरे दोनों पोतों की क्या गलती थी? इन बच्चों को क्यों सजा मिली? हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए। हमे पांच दिन के भीतर न्याय दिया जाए। उन्होंने कहा कि मैं अपनी बहू का चेहरा भी नहीं देख पा रही हूं। जब भी बच्चों के बारे में सोचती हूं, तो लगता है जैसे यह सब कोई सपना है। उसे आज सुबह ही इस घटना के बारे में पता चला, जब उसके हाथ अस्पताल में एक अखबार लग गया। मुझे लगता है कि सच छिपाने के लिए वह मुझसे नाराज होगी। मेरे दुख को कोई क्यों नहीं देखता? मैं सबसे बदकिस्मत इंसान हूं। इसी कमरे में बिनाता अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी। पांच से दस दिन में सच्चाई सामने लाने की मांग अस्पताल में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता देवी ने कहा कि परिवार के लोग खुद इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। हम सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में जो कहा गया है, वह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है। जांच की एक तय प्रक्रिया होनी चाहिए। अगर किसी को पकड़ा जाता है, तो उसे पहले राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। सीधे NIA को सौंपना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हम बार-बार यह सुनकर थक चुके हैं कि कार्रवाई होगी। पांच से दस दिन के भीतर सच्चाई सामने आनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया जाना चाहिए। प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय बलों को हटाया जाए और राज्य पुलिस को स्थिति संभालनी चाहिए। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई यह विजुअल मोइरांग इलाके के हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास बसा है मोइरांग इलाका मणिपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो ग्रुप्स के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां लगातार गोलीबारी हुई थी। एक और सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास के इलाके से एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, यह घिनौना काम आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कामों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। ———– ये खबर भी पढ़े मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। NDTV के अनुसार, महिला लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। गंभीर चोटों के कारण पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…