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Hindi News National Breaking News Today Headlines , Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान (रीपोल) की जरूरत नहीं पड़ी। आयोग के मुताबिक, सभी 44,376 पोलिंग स्टेशनों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान के 44,376 पोलिंग स्टेशनों में से किसी पर भी रीपोल की सिफारिश नहीं की गई है। यह बयान इस बात का संकेत देता है कि पहले चरण का चुनाव कुल मिलाकर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। गौरतलब है कि पहले चरण में राज्य की कई विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली में डॉक्टर ने तेज रफ्तार कार से ई-रिक्शा को मारी टक्कर, 1 की मौत, 5 घायल दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, हादसा शुक्रवार देर शाम को रिंग रोड पर एक अस्पताल के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्पीड से आ रही कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, जिससे चालक और उसमें सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा पलट गया। घायलों को कार चालक ने ही तुरंत विनायक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, कार चला रहे व्यक्ति की पहचान डॉ. सिद्धार्थ के रूप में हुई है, जो रोहिणी के निवासी हैं और GB पंत अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट (रेडियोलॉजिस्ट) हैं। मुंबई में मंत्री गिरीश महाजन पर चिल्लाने वाली महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज बीजेपी की रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम पर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को खरी-खोटी सुनाने वाली महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। वर्ली पुलिस स्टेशन में यह शिकायत अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते की बेटी जेन सदावर्ते ने दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में जेन सदावर्ते ने आरोप लगाया कि महिला ने हंगामा किया, अपशब्दों का इस्तेमाल किया, रैली में बाधा डाली और सार्वजनिक शांति भंग की। मंगलवार को हुई रैली के दौरान एक नाराज महिला ने मंत्री महाजन को उस समय घेर लिया था, जब वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। महिला ने सड़कों पर जाम लगाने को लेकर गुस्सा जताते हुए मंत्री को खरी-खोटी सुनाई थी और कहा था- यहां से निकल जाइए, आप ट्रैफिक जाम कर रहे हैं। उसने यह भी सवाल उठाया कि रैली पास के खुले मैदान में क्यों नहीं की गई। इससे पहले, मंत्री गिरीश महाजन ने कहा था कि महिला का गुस्सा कुछ हद तक जायज था, लेकिन उसकी भाषा अनुचित थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा कस्टोडियल टॉर्चर केस में DSP बरी, 7 अन्य पर चलेगा ट्रायल जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में कस्टोडियल टॉर्चर मामले में कोर्ट ने DSP को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने DSP ऐजाज अहमद नाइक को आरोपों से मुक्त कर दिया, जबकि अन्य 7 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, यह आदेश प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज मनजीत सिंह मनहास की अदालत ने शुक्रवार को दिया। यह मामला फरवरी 2023 में पुलिसकर्मी खुर्शीद अहमद चोहन के कथित कस्टोडियल टॉर्चर से जुड़ा है, जिसकी जांच CBI कर रही थी। CBI की चार्जशीट के अनुसार, पूछताछ के दौरान पीड़ित के जननांग और टेस्टिकल्स काट दिए गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल CBI से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि DSP के खिलाफ कोई prima facie केस नहीं बनता। फैसले में कहा गया कि अभियोजन पक्ष के सबूतों में कहीं भी यह संकेत नहीं है कि DSP ने कथित घटनाओं में सीधे तौर पर हिस्सा लिया। महाराष्ट्र के बीड़ में LPG सिलेंडर ब्लास्ट दो घर जलकर खाक, मृत्युभोज की तैयारी के दौरान हुआ हादसा महाराष्ट्र के बीड़ जिले में LPG सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। विस्फोट के बाद लगी आग में दो घर जलकर खाक हो गए। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बालासाहेब जाधव के घर पर उनकी पत्नी के निधन के दसवें दिन के कार्यक्रम के लिए खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे में अचानक आग भड़क गई, जिसने गैस सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद लगी आग तेजी से फैल गई और मिट्टी-लकड़ी से बना जाधव का घर पूरी तरह जल गया। पास का एक और घर भी इस आग की चपेट में आ गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 22:21 IST प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है बिस्वास ने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। छवि/न्यूज़18 शुक्रवार सुबह लगभग 6.30 बजे, जब कोलकाता के प्रिंसेप घाट पर नाविकों ने दिन के लिए अपनी नियमित तैयारी शुरू की, तो हुगली नदी के तट पर एक अप्रत्याशित क्षण सामने आया। स्थानीय नाविक गौरंगा बिस्वास और उनके साथियों ने अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाट की ओर आते देखा। पिछले 17 वर्षों से घाट पर माझी (नाविक) के रूप में काम कर रहे गौरंगा ने कहा कि वह क्षण भर के लिए स्तब्ध रह गए। उन्होंने News18 को बताया, “मैंने प्रधानमंत्री को अपनी ओर आते देखा। एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं।” घाट के आसपास भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें संभलने में कुछ समय लगा। गौरंगा के अनुसार, प्रधानमंत्री एक नाव पर सवार हुए और नदी पर 40 मिनट से अधिक समय बिताया। यात्रा के दौरान, उन्हें हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु सहित प्रमुख स्थलों की तस्वीरें लेते देखा गया। बातचीत को याद करते हुए, गौरंगा ने कहा, “सवारी के बाद, उन्होंने मुझे बुलाया, मेरा नाम पूछा और मेरे साथ एक तस्वीर ली। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं आज प्रधान मंत्री से मिला।” उन्होंने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। यह घटना तब से स्थानीय नाव ऑपरेटरों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है, जिनमें से कई ने गौरंगा को “भाग्यशाली” बताया है। न्यूज18 से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर कोई मुझसे कह रहा है कि यह कोई बड़ी बात है. मैं अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि क्या सच में ऐसा हुआ था.” प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है। हालाँकि, गौरंगा बिस्वास के लिए, यह अनुभव बेहद व्यक्तिगत है – एक अप्रत्याशित मुठभेड़ जिसने उन्हें स्पष्ट रूप से अभिभूत कर दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 22:20 IST न्यूज़ इंडिया ‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)नरेंद्र मोदी
पश्चिम बंगाल चुनाव: हाथ में डीएसएलआर कैमरा, आंखों पर काला चश्मा, बंगाल चुनाव के बीच नाव से मोदी ने हुगली में किया उद्घाटन

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कोलकाता और वहां हुगली नदी के तट पर कुछ समय के लिए मतदान हुआ। इस दौरान उन्होंने मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और बंगाल के लोगों के लिए अपना संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि हर बैल के लिए गंगा का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि यह बंगाल की आत्मा में बसती है। इसका पवित्र जल एक ऐसी सभ्यता की भावना को अपने में समेटे हुए है, जो सदैव जीवित रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज सुबह जब उन्होंने हुगली नदी के तट पर शांति स्थापित की, तो उनके लिए मां गंगा का रथ धारण करने का एक खास मौका था। इस दौरान उन्हें नाविकों से मिलने का मौका मिला,प्रामाणिक श्रम और लग्न की उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। साथ ही उन्होंने सुबह टहलने वाले लोगों से भी बातचीत की और उनके जीवन के बारे में जाना। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के विकास और वहां के लोगों की खुशहाली के लिए काम करने के अपने संकल्प को भी सुनिश्चित करने के लिए यह योजना बनाई। उन्होंने कहा कि राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार लगातार प्रयास करती रहेगी। यह दौरा ऐसे समय पर हुआ जब जब राज्य में तानाशाही बनी। ऐसे में प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में लोगों से जुड़ना और अपनी-अपनी बात को शामिल करना एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। प्रत्येक बंगाली के लिए गंगा का बहुत विशेष स्थान है। कोई कह सकता है कि गंगा बंगाल की आत्मा से होकर बहती है। उसका दिव्य जल संपूर्ण सभ्यता की शाश्वत भावना को धारण करता है। आज सुबह कोलकाता में, मैंने हुगली नदी के तट पर कुछ समय बिताया, और… pic.twitter.com/I3Y0gsFl3E -नरेंद्र मोदी (@नरेंद्रमोदी) 24 अप्रैल 2026 ये भी पढ़ें: समझाया: बंगाल में 92% तो तमिल में 85% मतदान! बम्पर वोट के बारे में क्या, बेपरवाह मत के बारे में मत पूछो असर? पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव में बम्पर वोट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में इस बार कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। 152 पर करीब 92.6 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है, जो अब तक सबसे ज्यादा बताई जा रही है। तीन बड़े स्तर पर लोगों के वोट के लिए अपने आप में एक अहम संकेत माना जा रहा है। इस स्थिति की तुलना पहले भी की जा रही है। साल 2011 में भी पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 85.55 फीसदी मतदान हुआ था. उस समय के चुनाव में राज्य की राजनीति पूरी तरह से बदल गयी थी। 34 साल तक सत्ता में रही वामपंथी सरकार को हार का सामना करना पड़ा और ममता बनर्जी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में आई थी। ये भी पढ़ें: ‘मुस्लिम घरों और मस्जिदों को गिराने से क्या निकलेगा’, गुजरात में गरीबे सोलंकी ने कहा- बाबा साहेब के संविधान से हटे मुज़ाहिर (टैग्सटूट्रांसलेट)हुगली नदी(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी कोलकाता(टी)हुगली नदी(टी)बंगाल में गंगा का महत्व(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मोदी का भाषण कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी) कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)के कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)के कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)को कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)को कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोल काटा(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोल काटा(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता (टी)हुगली नदी(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी) पीएम मोदी(टी) पीएम मोदी कोलकाता(टी)हुगली नदी(टी)बंगाल में गंगा महत्वपूर्ण का(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मोदी कोलकाता कोलकाता
Bengal & TN Election Voting: Violence, BJP MLA Attack

कोलकाता/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बंगाल की 294 में से 152 सीटों पर पहले फेज में 92.72% मतदान हुआ। दो भाजपा कैंडिडेट पर हमला हुआ। एक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहीं, मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। नादौ में हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों की टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। वे नौदा के बाद जहां-जहां भी गए, वहां झड़प और हिंसा की घटनाएं हुईं। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85.14% वोटिंग हुई। दोनों राज्यों में आजादी के बाद अब तक सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। इससे पहले तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% था, जबकि बंगाल में 2011 में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था। ममता ने वोटिंग के बाद कहा कि बंगाल की जनता ने SIR के खिलाफ बंपर वोटिंग की है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि TMC का सूरज ढल चुका है। इससे पहले असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे। पूरी खबर पढ़ें… SIR के बाद वोटिंग बढ़ने का ट्रेंड बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग की वजह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) भी मानी जा रही है। इसी साल 9 अप्रैल को केरल, असम, पुडुचेरी और नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ था। केरलम में 78.27% वोटिंग के साथ 39 साल का रिकॉर्ड टूटा था। असम में 85.91%, बिहार में 66.90% और पुडुचेरी 89.87% में इतिहास की सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। बंगाल-तमिलनाडु की तरह इन राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में SIR हुई है। पश्चिम बंगाल में पहली बार 90% से ज्यादा वोटिंग बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजह SIR: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता संख्या घट गई है। आंकड़े बताते हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर वोटिंग करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में करीब 82.17% रही थी। यानी कुल मतदाता घटे, लेकिन वोट डालने वालों की संख्या लगभग बराबर या ज्यादा रही। एंटी इनकंबेंसी: राज्य में 15 साल से तृणमूल सरकार है। नेताओं से असंतोष, रोजगार, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट जैसे मुद्दे भी ज्यादा मतदान की वजह हो सकते हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों और सीमावर्ती इलाकों में यह SIR और NRC के डर से उपजी प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है। इस बार ध्रुवीकरण भी जबरदस्त है। इसलिए माना जा रहा है कि हिंदू मतदाताओं का भी वोट प्रतिशत ज्यादा रहा होगा। प्रवासी कामगार: यह भी बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से केवल वोट डालने बंगाल लौटे हैं। उन्हें लगा कि इस बार वोट नहीं दिया, तो हमेशा के लिए अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेन भर कर वोट डालने के लिए लोगों को ला रही है। आयोग की सख्ती: निर्वाचन आयोग की अभूतपूर्व निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण मतदाताओं ने बिना किसी डर के मतदान किया। तमिलनाडु में अब तक 14 बार चुनाव, इस बार रिकॉर्ड वोटिंग तमिलनाडु के 5.73 करोड़ वोटर्स ने नया इतिहास रचा। 1967 से अब तक राज्य में कभी इतनी वोटिंग नहीं हुई। इससे पहले सबसे ज्यादा 78.12% वोटिंग 2011 में हुई थी, तब एआईएडीएमके की मुखिया रहीं जयललिता डीएमके को हराकर सत्ता में आई थीं और 10 साल राज्य किया था। SIR में करीब 74 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। 2021 में कुल 6.29 करोड़ वोटर थे। तब इन 234 सीटों पर 72.81% मतदान हुआ था, जो 2016 की तुलना में करीब 2% कम था। तब इसे कोविड के असर से जोड़ा गया था। वैसे राज्य में औसत मतदान प्रतिशत आमतौर पर 70 से 75% के बीच रहता था, लेकिन इस बार यह करीब 12% बढ़ा है। बंगाल में MLA की कार तोड़ी; तमिलनाडु में पुलिस को चाकू मारा, 5 घटनाएं बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ था। इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। भीड़ ने भाजपा कैंडिडेट को खदेड़ा और दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़-मुक्कों से पीटा। पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर में आसनसोल साउथ सीट से भाजपा की मौजूदा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। इससे गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। अग्निमित्रा ने बताया कि उनकी कार पर पत्थर फेंके गए। घटना के समय अग्निमित्रा पॉल कार में मौजूद थीं। तमिलनाडु के पोरैयार स्थित जमालिया मिडिल स्कूल में वोटिंग के दौरान हेड कांस्टेबल पर एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दिया। हमलावर एक रिटायर्ड सेना कर्मीचारी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल कांस्टेबल को पोरैयार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावर ने धारदार चाकू पर कई ब्लेड भी चिपकाए हुए थे। बंगाल की बेरहामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी एजेंट पर TMC कार्यकर्ताओं ने हमला किया। सुरक्षाबल और अन्य लोग पोलिंग बूथ से घायलों को गोद में उठाकर ले गए। एक युवक के सिर पर भी चोटें आईं। पोलिंग बूथ पर घायल एक शख्स को अस्पताल ले जाते जवान। मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे चले। मुर्शिदाबाद : भास्कर रिपोर्टर के सामने महज 50 सेकेंड में हिंसा भड़की बंगाल के नौदा में हिंसा के दौरान भास्कर की टीम वहीं मौजूद थी। उनके सामने महज 50 सेकेंड के भीतर हिंसा भड़क उठी। हुमायूं कबीर दैनिक भास्कर के पत्रकार से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘TMC के कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहे हैं। उनके कार्यकर्ता हमें बूथ के पास नहीं जाने दे रहे हैं। उनके कहने पर पुलिस ने भी हमें रोक लिया।’ हुमायूं इसके विरोध में धरने पर बैठे थे। आसपास भारी
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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 24 April Delhi Rajasthan Mp Cg Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 24 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पोस्ट-पोल के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें मतदान के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों का मकसद मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी रखना है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, पोलिंग बूथ पर लगे कैमरों के SD कार्ड मतदान खत्म होते ही नहीं निकाले जाएंगे। कैमरे को हटाने के बाद भी उसे सेक्टर ऑफिसर की निगरानी में रखा जाएगा। SD कार्ड केवल निर्धारित डेटा कलेक्शन और रिसीविंग सेंटर पर ही निकाले जा सकेंगे। यह प्रक्रिया असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड किया गया पूरा वीडियो डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए। इसके अलावा, किसी भी पोलिंग पार्टी या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तब तक पोलिंग स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह हट नहीं जाते। आज की अन्य बड़ी खबरें… सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश कर रहीं 9 महिलाएं गिरफ्तार महाराष्ट्र में सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने नाकाम कर दिया है। इस मामले में 9 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रेन में लूट की योजना बना रही थीं। कुर्डुवाडी रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात RPF की टीम ने तीन महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में देखा। पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन वे लातूर एक्सप्रेस में सवार हो गईं। इसके बाद RPF ने अन्य स्टेशनों को अलर्ट किया। ये महिलाएं जेऊर स्टेशन पर उतरकर मुंबई-सोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में चढ़ गईं, जहां RPF टीम ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा। आखिरकार सोलापुर स्टेशन पर इन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हैं, जो सोलापुर और पुणे रेलवे डिवीजन में सक्रिय है। आरोपियों की उम्र 18 से 40 साल के बीच है और वे धाराशिव जिले की रहने वाली हैं। विवेक त्रिपाठी को RBI से मिली हरी झंडी, बनेंगे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विवेक त्रिपाठी को बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 24 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर अगले तीन साल के लिए होगी। विवेक त्रिपाठी वर्तमान में बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और 2014 से AU Small Finance Bank के साथ जुड़े हुए हैं। उनका क्रेडिट और रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। दिल्ली में 7 साल के बच्चे को पुलिस ने किडनैपर से बचाया, आरोपी टेलर बिहार ले जा रहा था दिल्ली में अगवा किए गए 7 साल के बच्चे को पुलिस ने 5 घंटे के अंदर सुरक्षित बचा लिया। दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह बच्चे को बिहार ले जाने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान मोहम्मद आदिल अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। आरोपी ने डाबरी इलाके से बच्चे का किडनैप किया था। सूचना मिलते ही डाबरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में नजर आने के बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे अरेस्ट कर लिया। आरोपी मोहम्मद आदिल अंसारी डाबरी इलाके में ही टेलर का काम करता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 24 April Delhi Rajasthan Mp Cg Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 7 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनगर में एक होटल की लिफ्ट गिरने से शुक्रवार को छह पर्यटक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा शहर के हैदरपोरा इलाके में बने एक नए होटल में हुआ। घायल पर्यटकों को बारजुल्ला स्थित बोन एंड जॉइंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… बंगाल चुनाव के लिए EC की नई गाइडलाइंस, कैमरों के SD कार्ड तुरंत नहीं हटेंगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पोस्ट-पोल के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें मतदान के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों का मकसद मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी रखना है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, पोलिंग बूथ पर लगे कैमरों के SD कार्ड मतदान खत्म होते ही नहीं निकाले जाएंगे। कैमरे को हटाने के बाद भी उसे सेक्टर ऑफिसर की निगरानी में रखा जाएगा। SD कार्ड केवल निर्धारित डेटा कलेक्शन और रिसीविंग सेंटर पर ही निकाले जा सकेंगे। यह प्रक्रिया असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड किया गया पूरा वीडियो डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए। इसके अलावा, किसी भी पोलिंग पार्टी या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तब तक पोलिंग स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह हट नहीं जाते। सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश कर रहीं 9 महिलाएं गिरफ्तार महाराष्ट्र में सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने नाकाम कर दिया है। इस मामले में 9 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रेन में लूट की योजना बना रही थीं। कुर्डुवाडी रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात RPF की टीम ने तीन महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में देखा। पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन वे लातूर एक्सप्रेस में सवार हो गईं। इसके बाद RPF ने अन्य स्टेशनों को अलर्ट किया। ये महिलाएं जेऊर स्टेशन पर उतरकर मुंबई-सोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में चढ़ गईं, जहां RPF टीम ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा। आखिरकार सोलापुर स्टेशन पर इन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हैं, जो सोलापुर और पुणे रेलवे डिवीजन में सक्रिय है। आरोपियों की उम्र 18 से 40 साल के बीच है और वे धाराशिव जिले की रहने वाली हैं। विवेक त्रिपाठी को RBI से मिली हरी झंडी, बनेंगे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विवेक त्रिपाठी को बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 24 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर अगले तीन साल के लिए होगी। विवेक त्रिपाठी वर्तमान में बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और 2014 से AU Small Finance Bank के साथ जुड़े हुए हैं। उनका क्रेडिट और रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। दिल्ली में 7 साल के बच्चे को पुलिस ने किडनैपर से बचाया, आरोपी टेलर बिहार ले जा रहा था दिल्ली में अगवा किए गए 7 साल के बच्चे को पुलिस ने 5 घंटे के अंदर सुरक्षित बचा लिया। दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह बच्चे को बिहार ले जाने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान मोहम्मद आदिल अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। आरोपी ने डाबरी इलाके से बच्चे का किडनैप किया था। सूचना मिलते ही डाबरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में नजर आने के बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे अरेस्ट कर लिया। आरोपी मोहम्मद आदिल अंसारी डाबरी इलाके में ही टेलर का काम करता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK

Hindi News National West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK | Mamata Banerjee नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में पहल फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और मारपीट हुई। मुर्शिदाबाद जिले में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। वहीं कुमारगंज सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट हुई। वहीं, आसनसोल सीट से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। 1. भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी करने के आदेश दे दिए हैं। 2. आसनसोल साउथ में भी भाजपा प्रत्याशी की कार पर हमला आसनसोल साउथ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में हमला हुआ। इससे उनकी गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। घटना के समय विधायक कार में ही मौजूद थीं। 3. हुमायूं कबीर समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट मुर्शिदाबाद के नौदा में वोटिंग से पहले बुधवार देर रात देसी बम फेंका गया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे तो उनका विरोध हुआ। इस दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प भी हुई। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। 4. सिलीगुड़ी में भाजपा और TMC कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी में भी वोटिंग के दौरान भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हुई। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में बने बूथ पर वोटिंग हो रही थी। इसी दौरान बूथ के बाहर दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ता देख सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। यहां से शंकर घोष भाजपा प्रत्याशी हैं। 5. मालदा में EVM खराब, भीड़ ने चुनाव अधिकारी को घेरा मालदा के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से हंगामा हो गया। बूथ के बाहर मौजूद लोगों ने चुनाव अधिकारी को घेर लिया और आपत्ति जताई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अधिकारी को भीड़ से बचाया और बूथ के अंदर भेजा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK

Hindi News National West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK | Mamata Banerjee नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में पहल फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और मारपीट हुई। मुर्शिदाबाद जिले में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। वहीं कुमारगंज सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट हुई। आसनसोल सीट से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल की कार पर भी हमला हुआ। 1. भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी करने के आदेश दे दिए हैं। 2. आसनसोल साउथ में भी भाजपा प्रत्याशी की कार पर हमला आसनसोल साउथ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में हमला हुआ। इससे उनकी गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। घटना के समय विधायक कार में ही मौजूद थीं। 3. हुमायूं कबीर समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट मुर्शिदाबाद के नौदा में वोटिंग से पहले बुधवार देर रात देसी बम फेंका गया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे तो उनका विरोध हुआ। इस दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प भी हुई। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। 4. सिलीगुड़ी में भाजपा और TMC कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी में भी वोटिंग के दौरान भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हुई। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में बने बूथ पर वोटिंग हो रही थी। इसी दौरान बूथ के बाहर दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ता देख सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। यहां से शंकर घोष भाजपा प्रत्याशी हैं। 5. मालदा में EVM खराब, भीड़ ने चुनाव अधिकारी को घेरा मालदा के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से हंगामा हो गया। बूथ के बाहर मौजूद लोगों ने चुनाव अधिकारी को घेर लिया और आपत्ति जताई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अधिकारी को भीड़ से बचाया और बूथ के अंदर भेजा। ———————————— चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बंगाल के कुमारगंज में BJP प्रत्याशी को दौड़ाकर पीटा, आसनसोल में भाजपा MLA अग्निमित्रा की कार पर हमला पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। पूरी खबर पढ़ें… मोदी बोले- झालमुड़ी मैंने खाई, झाल उन्हें लग रही, बंगाल के कृष्णानगर में कहा- 4 मई को बीजेपी जीतेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कृष्णानगर में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग चल रही है। मैं सभी मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि इस बार वोटिंग के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए। यह पिछले 50 साल में पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें हिंसा कम से कम हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नई13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकी आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। ————————– राज्यों में चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इलेक्शन एक्सप्लेनर: मुस्लिम बहुल 6 जिले ममता को बनाते हैं अजेय, TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी हवा का रुख: तमिलनाडु में BJP का खाता खुलना मुश्किल, 120-140 सीटों के साथ स्टालिन की वापसी के आसार, थलापति विजय को 5 से 15 सीटें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की वोटिंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। 5 मिनट पहले कॉपी लिंक 29 अप्रैल को दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: पिछले 2 चुनाव से 80% से ज्यादा वोटिंग 7 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। 8 मिनट पहले कॉपी लिंक पहले फेज में पश्चिम बंगाल की 4 हॉट सीटें 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में पिछले 2 चुनाव से 75% से कम वोटिंग 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु की 4 हॉट सीटें: सीएम स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि भी मैदान में 14 मिनट पहले कॉपी लिंक 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। दैनिक भास्कर को Google पर 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