Wednesday, 24 Jun 2026 | 02:05 PM

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Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Hindi News National Bengal Election ED Arrests I PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls | TMC नई दिल्ली/कोलकाता7 घंटे पहले कॉपी लिंक ED ने गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को दिल्ली में जज के सामने पेश कर कस्टडी मांगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार शाम दिल्ली में पकड़ा गया। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से 10 दिन पहले हुई यह कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाती है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियों की चुनाव जैसे संवेदनशील समय पर कार्रवाई से डर का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं। बनर्जी ने कहा- अमित शाह और BJP, ज्ञानेश कुमार और अपनी हर एजेंसी के साथ 4-5 मई को बंगाल आएं। बंगाल न डरेगा, न चुप रहेगा और न झुकेगा। यहां दबाव का जवाब विरोध से दिया जाता है। 2 अप्रैल: ED ने चंदेल के ठिकानों पर छापेमारी की जांच एजेंसी ने दिल्ली में विनेश चंदेल के ठिकानों के अलावा बेंगलुरु में I-PAC के दूसरे को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह, मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। विनेश चंदेल I-PAC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और इस राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर, प्रतीक जैन और ऋषिराज सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा था- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। तस्वीर 8 जनवरी की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। ED ने शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग की ED ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा कथित शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग भी की है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। ED ने आरोप लगाया था कि जांच से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण राज्य प्रशासन की मौजूदगी में वहां से ले जाए गए, जिससे एजेंसी की कार्रवाई में बाधा पहुंची। वहीं TMC और राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ED चुनाव से पहले I-PAC की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही थी। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… I-PAC रेड में दखल, सुप्रीम कोर्ट ने ममता से पूछा:केंद्र में आपकी सरकार होती तो क्या करते सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले जोर आजमाइश तेज की: अमित शाह 30 रैलियों के साथ आगे | चुनाव समाचार

Chennai Super Kings' Khaleel Ahmed, centre, celebrates with captain Ruturaj Gaikwad the wicket of Delhi Capitals' KL Rahul during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Delhi Capitals in Chennai, India, Saturday, April 11, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में. (फाइल फोटो: एक्स/अमित शाह) 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले, अभियान परिदृश्य भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के नेतृत्व में एक मजबूत और संरचित प्रयास को दर्शाता है, जिसमें प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियों की उच्च आवृत्ति होती है। इस लामबंदी में सबसे आगे हैं अमित शाह, 30 रैलियों के साथ, जो सभी राष्ट्रीय नेताओं में सबसे अधिक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं। समानांतर रूप से, योगी आदित्यनाथ ने भी 11 रैलियों को संबोधित किया है, जिससे अभियान की पहुंच मजबूत हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी एकीकरण की मांग कर रही है। स्मृति ईरानी ने 13 रैलियां कीं, जो राज्य में व्यापक राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में योगदान दे रही हैं। अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लगातार प्रचार की गति बनाए रखी है। माणिक साहा ने नौ रैलियां की हैं, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा और बिप्लब कुमार देब ने आठ-आठ रैलियां की हैं। जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह ने छह-छह रैलियों को संबोधित किया है, जो संगठनात्मक और सरकारी नेतृत्व दोनों की भागीदारी को दर्शाता है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 10 रैलियां की हैं, जबकि नितिन गडकरी ने दो रैलियां की हैं. इसके अतिरिक्त, मोहन चरण माझी ने छह रैलियों को संबोधित किया है, और रेखा गुप्ता ने पांच रैलियों का संचालन किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मुख्य राजनीतिक नेतृत्व के बाहर के प्रचारकों में से, कंगना रनौत ने सात रैलियों को संबोधित किया है, जबकि हेमा मालिनी ने कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। संचयी डेटा पूरे बंगाल में राष्ट्रीय आंकड़ों की एक केंद्रित तैनाती का संकेत देता है, खासकर पहले चरण की शुरुआत में। रैलियों का पैमाना और आवृत्ति केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उच्च-दृश्यता वाले अभियान के माध्यम से मतदाता पहुंच को अधिकतम करने पर केंद्रित रणनीति का सुझाव देती है। जिलों में यह व्यापक लामबंदी व्यापक चुनावी रणनीति में चरण 1 के महत्व को रेखांकित करती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं की निरंतर भागीदारी अभियान दृष्टिकोण का एक प्रमुख घटक है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST समाचार चुनाव भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले तैयारी तेज की: अमित शाह ने 30 रैलियों का नेतृत्व किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

BJP Manifesto Bengal | narendra Modi, rahul gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting

BJP Manifesto Bengal | narendra Modi, rahul gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting

Hindi News National BJP Manifesto Bengal | Narendra Modi, Rahul Gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting कोलकाता/चेन्नई11 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी समेत अन्य दल अब बंगाल और तमिलनाडु में अपने प्रचार अभियान को और तेज करने जा रहे हैं। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में वोटिंग हुई। बंगाल में वोटिंग दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। भाजपा आज पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शाह पश्चिमी मेदिनीपुर में जनसभा और खड़गपुर में रोड शो करेंगे। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन बड़ी चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम में जनसभा की। पीएम मोदी ने भाजपा की 6 गारंटी दीं। साथ ही कहा- मैं आपको एक और गारंटी भी देता हूं कि अब तक जिन्होंने प. बंगाल को लूटा है, उन सबका हिसाब होगा। पीएम मोदी की बंगाल में 6 गारंटियां भय के माहौल में आज लोगों को बार-बार कानून से मदद मांगनी पड़ती है। लेकिन हमारी सरकार में आपको न्याय मिलेगा। सरकारी सिस्टम जनता के लिए जवाबदेह होगा। घोटाले, दुष्कर्म हर क्राइम की फाइल खुलेगी। जिसने भी करप्शन किया है, उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री, जनता का पैसा नहीं खाने देंगे। जो शरणार्थी हैं, उन्हें सम्मान मिलेगा, जो घुसपैठी हैं, उन्हें खदेड़ा जाएगा। सभी सरकारी कर्मचारियों को इस निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी सरकार आपके साथ खड़ी है। सरकार बनते ही यहां 7वां पे कमीशन लागू करवाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead of Assam Polls

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Hindi News National Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead Of Assam Polls कोलकाता5 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां करेंगे। भाजपा उन इलाकों में अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसे बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा वहां भी पैठ बनाने की कोशिश है जिसे सत्ताधारी TMC का गढ़ माना जाता है। मोदी अपनी पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में करेंगे। इसके बाद, दोपहर में आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में होगी। हल्दिया को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनावों में इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। बीरभूम जिले को TMC का गढ़ माना जाता है। बीरभूम में सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव रहा है हालांकि जिले के कुछ हिस्सों में लंबे समय से आरएसएस का संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद है। भाजपा यहां एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहती है। असम चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी छोड़ी असम में वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और लोग अभी भी उन्हें वोट दे सकते हैं क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

मुर्शिदाबाद, मालदा, नादिया में सबसे ज्यादा कटे वोटर्स के नाम, जानें जिलेवार वोटर्स का पूरा हिसाब

मुर्शिदाबाद, मालदा, नादिया में सबसे ज्यादा कटे वोटर्स के नाम, जानें जिलेवार वोटर्स का पूरा हिसाब

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच चुनाव आयोग ने एक इंटरव्यू वाला डेटा जारी किया है। राज्य में चलाए गए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिजन’ (SIR) अभियान के बाद करीब 91 लाख लाख के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आयोग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नए वोटरों का वोट नहीं दिया है, उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल वोटरों में से लगभग 11.85 प्रतिशत की कटौती की गई है। इस बड़े बदलाव ने राज्य की मोटरसाइकिल को और तेज कर दिया है। 91 लाख नाम अर्थशास्त्र का पूरा गणितचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर तक बंगाल में 7.66 करोड़ वोट थे. जांच प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 90.83 लाख लाख का बकाया चुकाया गया है। इनमें से करीब 27.16 लाख नाम अकेले तो प्रमुख अधिकारियों की उस जांच (न्यायनिर्णय) के दौरान कटे, जिसमें 60.06 लाख मतदाताओं की पात्रता पर सवाल उठाए गए थे। यानी जांच के दस्तावेजों में करीब 45 प्रतिशत वोट वोट के लिए अलग-अलग वोट मिले हैं। मुस्लिम बाहुल्य और शैतान में भारी कटारआंकड़ों में सबसे बड़े हिस्से मुस्लिम बाहुल्य जिले मुर्शिदाबाद में बताए गए हैं, जहां जांच के आंकड़ों में 11 लाख लोगों में से 4.55 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। इसी तरह बांग्लादेश की सीमा से उत्तर 24 परगना में 3.25 लाख और मालदा में 2.39 लाख नाम बताए गए हैं। दक्षिण 24 परगना में भी करीब 2.23 लाख वोटर्स की छुट्टी कर दी गई है। नादिया और मतुआ बाहुल्य एशिया का हालप्रतिशत के हिसाब से देखें तो नदिया और उत्तर 24 परगना में कितनी स्थिति है और भी स्कूटर वाली है। नादिया जिले में जांच के अनुभाग में आये ओस्टल में से रिकॉर्ड 77.86 प्रतिशत और उत्तर 24 परगना में 55.08 प्रतिशत नाम जारी किये गये हैं। बता दें कि ये इलाका हिंदू ‘नमोशूद्र मतुआ’ समुदाय के प्रभाव वाले माने जाते हैं। ममता बनर्जी के गढ़ कोलकाता में क्या हुआ?मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर वाले ‘कोलकाता दक्षिण’ क्षेत्र में भी करीब 28,000 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। वहीं ‘कोलकाता उत्तर’ में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां आंकड़ों के मुताबिक 64 फीसदी यानी करीब 39,000 लोगों को वोट के लिए वोट मिले हैं। मतदाता सूची ‘फ़्रीज़’ के लिए प्रथम चरणचुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया के तरीके और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत दिया गया है। सोमवार आधी रात के बाद पहले चरण (23 अप्रैल) की 152वीं पोस्ट के लिए वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ कर दिया गया है, यानी अब इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण की 142 की सूची 9 अप्रैल को लॉक कर देगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल मतदाता सूची संशोधन(टी)बंगाल चुनाव 2026 मतदाता कटौती(टी)91 लाख मतदाता हटाए गए(टी)चुनाव आयोग सर ड्राइव(टी)बंगाल राजनीतिक समाचार(टी)मतदाता सूची विवाद भारत(टी)मुर्शिदाबाद मतदाता विलोपन(टी)उत्तर 24 परगना मतदाता सूची(टी)मालदा मतदाता कटौती समाचार(टी)कोलकाता मतदाता सूची अपडेट(टी)ममता बनर्जी निर्वाचन क्षेत्र समाचार(टी)भारत चुनाव आयोग अपडेट(टी)मतदाता पात्रता जांच भारत(टी)बंगाल चुनाव विवाद(टी)ब्रेकिंग न्यूज पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट(टी)बंगाल चुनाव 2026 खबर(टी)91 लाख वोटर लिस्ट विवाद(टी)चुनाव आयोग एसआईआर अभियान(टी)मतदाता सूची विवाद(टी)मुर्शिदाबाद सुपरस्टार(टी)उत्तर 24 परगना सुपरस्टार(टी)मालदा वोटर निकाले गए(टी)कोलकाता वोटर लिस्ट अपडेट(टी)ममता बनर्जी सीट खबर(टी)भारत चुनाव आयोग अपडेट(टी)मतदाता सूची जांच(टी)बंगा चुनावी विवाद

‘उनके घरों में घुसकर मारेंगे’: कोलकाता पर हमले की पाकिस्तान की धमकी पर टीएमसी का जवाब | भारत समाचार

Prime Minister Narendra Modi during a roadshow ahead of the Kerala Assembly elections, in Thiruvananthapuram. (PTI/File)

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 07:30 IST अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, एचएम अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना की। अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने कोलकाता की धमकी पर केंद्र की आलोचना की। फ़ाइल चित्र/पीटीआई राज्य चुनावों के लिए प्रचार के बीच, अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में पाकिस्तान की हालिया धमकी पर केंद्र की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कड़ी टिप्पणी करके राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। सिलीगुड़ी में एक रैली में बोलते हुए, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने कहा कि एक बार ममता बनर्जी और भारत गठबंधन केंद्र में सत्ता में आ जाएगा, “हम उनके घरों में प्रवेश करेंगे और उन्हें मार डालेंगे।” उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की टिप्पणियों का जिक्र किया, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में शत्रुता की स्थिति में कोलकाता को निशाना बनाया जा सकता है। टीएमसी ने केंद्र की चुप्पी की निंदा की अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना की. उन्होंने कहा, “दो दिन पहले पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता पर हमले की धमकी दी थी। पीएम मोदी चुप हैं, एचएम अमित शाह चुप हैं और रक्षा मंत्री भी चुप हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कागज के एक टुकड़े पर आसिफ का नाम लिखा था और कहा था, “जिस दिन केंद्र में ममता बनर्जी और भारत के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आएगी, हम उसके घर जाएंगे और उसे सबक सिखाएंगे। घर में घुस के मारेंगे।” बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर खतरे को नजरअंदाज करते हुए कूचबिहार में चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी बाहरी दुश्मनों के बजाय राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सेना और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या यह आपकी 56 इंच की छाती है?” एक अन्य चुनाव प्रचार में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कोलकाता को खुलेआम धमकी दी थी लेकिन प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल में लोगों का जीवन केंद्र के लिए मायने रखता है और पूछा कि क्या राज्य केवल चुनावों के दौरान ही प्रासंगिक है। “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने खुले तौर पर कोलकाता पर हमला करने की धमकी दी है। और क्या दिया है।” @नरेंद्रमोदी ने कहा? कुछ नहीं। कल कूच बिहार में प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित किया लेकिन एक प्रमुख भारतीय शहर और उसके लोगों के लिए इस गंभीर खतरे के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। क्या उनके और उनके गृह मंत्री के लिए बंगालियों का जीवन इतना कम मायने रखता है? क्या हम भारतीय संघ के एक राज्य के रूप में नहीं गिने जाते? क्या हमारे लोगों की जान कोई मायने नहीं रखती? या क्या बंगाल केवल चुनाव के दौरान वोट बटोरने के लिए उपयोगी है और जब बाहरी आक्रमण का खतरा होता है तो उसे पूरी तरह से छोड़ दिया जाता है?”, ममता बनर्जी ने कहा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने खुलेआम कोलकाता पर हमले की धमकी दी है. और क्या है @नरेंद्र मोदी कहा? कुछ नहीं। कल कूच बिहार में प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित किया लेकिन एक प्रमुख भारतीय शहर और उसके लोगों के लिए इस गंभीर खतरे के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। क्या यह… pic.twitter.com/WygaUKX5LF – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 6 अप्रैल 2026 पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा? ख्वाजा आसिफ ने पहले भारत को किसी भी “दुस्साहस” पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। सियालकोट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर उकसाया गया तो पाकिस्तान कोलकाता को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत “झूठा झंडा” ऑपरेशन का प्रयास कर सकता है, जिसमें संभवतः भारतीय हिरासत में स्थानीय कार्यकर्ता या पाकिस्तानी शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। गुरुवार को आसिफ ने कहा था कि किसी भी हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया “तेज, संतुलित और निर्णायक” होगी। यह आदान-प्रदान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी के बाद आया है कि पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस पर “अभूतपूर्व और निर्णायक” प्रतिक्रिया होगी। दोनों देशों के बीच तनाव पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद से है, जिसके बाद चार दिनों तक ऑपरेशन सिन्दूर चला। पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 07:28 IST न्यूज़ इंडिया ‘उनके घरों में घुसकर मारेंगे’: कोलकाता पर हमले की पाकिस्तान की धमकी पर टीएमसी का जवाब अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)अभिषेक बेनर्जी(टी)ममता बनर्जी(टी)पीएम मोदी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)अभिषेक बनर्जी पाकिस्तान धमकी टिप्पणी(टी)अभिषेक बनर्जी विवाद(टी)ममता बनर्जी आलोचना(टी)कोलकाता को पाकिस्तान की धमकी(टी)ख्वाजा आसिफ चेतावनी(टी)मोदी सरकार की प्रतिक्रिया(टी)भारत पाकिस्तान तनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पाकिस्तान

TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी:हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला

TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी:हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोलकाता की भवानीपुर सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को हटाने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी है। TMC के मुताबिक, RO की शुवेंदु अधिकारी से नजदीकी से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और वे नंदीग्राम से भी उम्मीदवार हैं। चुनाव से जुड़े अपडेट्स

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में जनसभा की। उन्होंने कहा- कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशियाई देश भारत को अपना दुश्मन समझें। हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें, कोई ऐसा बयान दे दें जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को वहां से बाहर निकलने में मुसीबत आ जाए, इसलिए कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और कांग्रेस को मोदी को गालियां देने का मौका मिले। मैं कांग्रेस, UDF, LDF के लोगों से कहना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह पर है, चुनाव आते जाते रहेंगे लेकिन केरलम के लाखों भाई-बहन वहां हैं उनकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मोदी ने कहा- इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। मैं पहले भी केरलम आया हूं, लेकिन इस बार हवा का रुख कुछ अलग है। केरल एक ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। इस बार सत्ता परिवर्तन होगा। चुनाव से जुड़े अपडेट्स पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…