tarn taran law college classroom shooting video: लॉ कॉलेज के क्लासरूम में 2 कत्ल, एकतरफा प्यार या कुछ और? जानें तरन तारन कांड की इनासइड स्टोरी | sandeep kaur prince raj love story | punjab police investigation

पंजाब के तरन तारन जिले के ऊसमा गांव स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार को वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद फिल्म के खौफनाक सीन में भी नहीं की जाती है. दो सेकेंड में ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं. सुबह का वक्त था, लेक्चर शुरू होने ही वाला था, लेकिन किताबों के पन्नों की जगह वहां खून की छीटें बिखर गईं. कानून की पढ़ाई करने आए एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी की जान ले ली और फिर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया. यह पूरी घटना छोटी उम्र के ‘इश्क’ या ‘सनक’ का सबसे काला चेहरा पेश करती है. आखिर इस खौफनाक कहानी के पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं कैसे एक लड़के ने अपनी ही दोस्त की हत्या कर दी. जिस कॉलेज में रोज की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं आपस में बात करते हैं और फिर अपनी-अपनी क्लासरूम में बैठ जाते हैं. सोमवार को भी यही हुआ लेकिन, फर्स्ट ईयर के क्लास में अचानक ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा कॉलेज सन्न रह गदया. जैसे ही पढ़ाई शुरू हुई, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा कॉलेज परिसर दहल उठा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर आने के साथ ही ऐसा क्या हुआ कि छात्र बाहर निकल कर भाग रहे हैं. लेकिन सच ये था कि महज दो सेकेंड के भीतर ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो जिंदगियां अब इस दुनिया में नहीं रहा. तरन तारन कांड की इनसाइड स्टोरी तरनतारन पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र की पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में कानून (Law) के प्रथम वर्ष का छात्र है. सोमवार सुबह जैसे ही छात्र क्लासरूम में इकट्ठा हुए, प्रिंस अचानक अपनी सीट से उठा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपनी जेब से एक पिस्तौल निकाली और अपनी क्लासमेट संदीप कौर के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही क्लासरूम में सन्नाटा पसर गया और अगले ही पल प्रिंस ने वही पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबा दिया. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी भी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद हुआ खूनी खेल कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज ने इस वारदात की भयावहता को साफ कर दिया है. फुटेज में दिख रहा है कि कुछ छात्र अपनी डेस्क पर बैठे हैं और लेक्चर शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. तभी प्रिंस एक डेस्क के पास खड़ा होता है, हैंडगन निकालता है और पास बैठी संदीप पर फायरिंग कर देता है. गोली चलते ही पूरी क्लास में भगदड़ मच गई और छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागते नजर आए. क्या ‘एकतरफा प्यार’ था वजह? डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि दोनों छात्र एक ही बैच में थे. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ‘एकतरफा प्यार’ या ‘रिश्ते में कड़वाहट’ के एंगल से देख रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चला है. पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं. पहला, क्या संदीप ने प्रिंस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था? प्रिंस के पास यह अवैध हथियार कहां से आया? क्या वह पिछले कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था? जांच और फॉरेंसिक सबूत पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को जब्त कर लिया है. फॉरेंसिक टीम ने क्लासरूम से फिंगरप्रिंट और खून के नमूने इकट्ठा किए हैं. कॉलेज के स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन दोनों के बीच पहले कभी कोई विवाद हुआ था. इस घटना ने पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक छात्र कॉलेज के अंदर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या कॉलेज गेट पर कोई चेकिंग नहीं थी? छोटी उम्र में भावनाओं पर काबू न रख पाना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक कदम उठाना युवाओं में बढ़ती गंभीर समस्या है. जिन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने यह मंजर देखा, वे गहरे सदमे में हैं.
बेंगलुरु में प्रेग्नेंट बिल्ली क्यों हुई किडनैप? मामला खुला तो पुलिस भी रह गई हैरान, 9 लोगों पर FIR दर्ज

Last Updated:February 09, 2026, 17:58 IST बेंगलुरु के HAL इलाके में एक गर्भवती बिल्ली की किडनैपिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षाकर्मियों सहित 9 लोगों ने बिल्ली को प्लास्टिक में लपेटकर ऑटो से अज्ञात स्थान पर फिंकवा दिया. निवासियों का आरोप था कि वह दूध चुराती और वाहनों को नुकसान पहुंचाती थी. पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है. अब आरोपी बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर सौंपने पर सहमत हुए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बेंगलुरु के पॉश इलाके HAL से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पशु प्रेमियों और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. एक गर्भवती बेजुबान बिल्ली जो वनश्री अपार्टमेंट्स की छतों और गलियारों में अपना सुरक्षित आशियाना तलाश रही थी, अचानक गायब हो गई. जब इस किडनैपिंग की परतें खुलीं तो पता चला कि यह किसी बाहरी अपराधी का काम नहीं बल्कि अपार्टमेंट के ही रसूखदार लोगों की सोची-समझी साजिश थी. प्लास्टिक में लपेटा, टोकरी में डाला और ले गएघटना की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी है. अपार्टमेंट के कुछ निवासियों को बिल्ली का वहां रहना रास नहीं आ रहा था. आरोप है कि अपार्टमेंट मालिक, सिक्योरिटी मैनेजर और स्टाफ सहित कुल 9 लोगों ने मिलकर इस बेजुबान को हटाने का प्लान बनाया. FIR के अनुसार, गर्भवती बिल्ली को बेरहमी से एक प्लास्टिक कवर में लपेटा गया उसे एक टोकरी में बंद किया गया और गुपचुप तरीके से एक ऑटो-रिक्शा में लादकर अज्ञात स्थान पर फेंक दिया गया. इस क्रूरता का पता तब चला जब पशु प्रेमी और अपार्टमेंट निवासी हरीश ने बिल्ली को न पाकर शोर मचाया. बेजुबान की जान को खतरा देख उन्होंने तुरंत HAL पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. क्यों बनी बिल्ली ‘दुश्मन’? जब पुलिस ने अपार्टमेंट के लोगों से पूछताछ की तो चौंकाने वाली वजहें सामने आईं. निवासियों का दावा था कि बिल्ली उनक वाहनों की सीटों को नुकसान पहुंचा रही थी. इतना ही नहीं, कुछ लोगों की शिकायत थी कि वह दूध की तलाश में अक्सर पड़ोस के घरों में घुस जाती थी. अपनी इन छोटी-छोटी परेशानियों के लिए उन्होंने एक गर्भवती जीव को मौत के मुंह में धकेलने जैसा कदम उठा लिया. पुलिस की कार्रवाईशुरुआत में बिल्ली का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिससे उसकी हत्या की आशंका गहरा गई थी. हालांकि, पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अब मामला ‘बी रिपोर्ट’ (B-report) की ओर बढ़ा है. अपार्टमेंट के निवासियों ने अपनी गलती मानते हुए अब बिल्ली को वापस लाकर एक ‘एनिमल एडॉप्शन सेंटर’ को सौंपने पर सहमति जताई है ताकि उसकी सुरक्षा और आने वाले बच्चों की देखभाल सुनिश्चित हो सके. मामले के मुख्य अपडेट:· आरोपी: अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षा कर्मचारियों सहित कुल 9 लोग. · जुर्म: प्लास्टिक में लपेटकर अवैध रूप से बिल्ली को किडनैप और रिलोकेट करना. · कानूनी धारा: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act). · ताजा स्थिति: निवासियों ने बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर भेजने का वादा किया है. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें Location : Bangalore,Bangalore,Karnataka First Published : February 09, 2026, 17:58 IST
बिस्तर के नीचे से निकला खजाना, 30 लाख के गहने और नकदी लेकर नौकरानी हुई थी रफूचक्कर, ऐसे हुई गिरफ्तार | treasure found under the bed maid arrest with jewellery and cash worth rs 30 lakh how she was arrested by delhi police

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने द्वारका में घर में काम करने वाली नौकरानी द्वारा की गई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है. द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल आरोपी महिला को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है. पकड़ी गई महिला के पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं, जिसको वह अपने बिस्तर के नीचे छुपा रखी थी. दिल्ली पुलिस ने नौकरानी को कैसे पकड़ा? घटना 1 फरवरी 2026 की है. द्वारका सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से भारी मात्रा में सोने के गहने और नकदी गायब है. उन्हें अपनी महिला नौकरानी पर शक था, जो वारदात के बाद से ही लापता थी. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया. पुलिस टीम और ‘ऑपरेशन इस्सापुर खेड़ा’ डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के निर्देश पर एसएचओ सेक्टर-23 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई. इस टीम में एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल मुकेश, अनिल कुमार, महिला एएसआई भगवती और कांस्टेबल अलका शामिल थीं पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया. जल्द ही पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि संदिग्ध महिला कापसहेड़ा इलाके के गांव इस्सापुर खेड़ा बमनोली में छिपी हुई है. छापेमारी और भारी बरामदगी पुलिस टीम ने बिना समय गवाए बताए गए पते पर दबिश दी. महिला पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी महिला को काबू किया गया. घर की तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गई. नौकरानी ने चोरी किए गए सारे गहने एक जगह छिपा कर रखे थे. बिस्तर के नीचे से सोने की 4 चूड़ियां, जिसका वजन लगभग 80 ग्राम, सोने की 2 कड़े, जिसका वजन लगभग 50 ग्राम, सोने की एक चेन, जिसका वजन लगभग 25 ग्राम, एक सोना और प्लेटिनम ब्रेसलेट, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम, सोने की 3 अंगूठियां ,जिसका वजन लगभग 18 ग्राम, एक जोड़ी कान के झुमके, जिसका वजन लगभग 5 ग्राम, चांदी के 2 सिक्के, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम और 18000 रुपये नकद बरामद हुए. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि बरामद सोने की वजन 190 ग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये है. गिरफ्तार की गई महिला की उम्र 38 वर्ष है और वह मूल रूप से इस्सापुर खेड़ा, दिल्ली की रहने वाली है. पूछताछ में उसने कबूल किया कि लालच में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया और उसे लगा था कि वह गांव में छिपकर पुलिस की नजरों से बच जाएगी. दिल्ली पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.
Pappu Yadav Vs Anant Singh: Beur Jail history | Who is the biggest rangbaaz inside Beur Jail

Pappu Yadav Vs Anant Singh: पटना का बेऊर जेल क्या एक बार फिर से बाहुबलियों का अखाड़ा बनेगा? पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की बेऊर में एंट्री से क्या बदल जाएगा जेल में बाहुबली नेताओं का गणित? बिहार का वह जेल जहां जहां सत्ता और जुर्म का ‘कॉकटेल’ पकता है, क्या पप्पू यादव की एंट्री और पहले से ही जेल में बंद मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू होगी? बेऊर कारा का इतिहास गवाह है कि बाहुबलियों के लिए यह जेल कम गेस्ट हाउस ज्यादा मानी जाती है. बीते शुक्रवार रात को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उन्हें बेऊर जेल भेजे जाने के आदेश ने इस हाई-प्रोफाइल जेल को एक फिर से चर्चा में ला दिया है. सियासी हलकों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पप्पू यादव की जमानत जल्दी नहीं मिलती है तो वह लंबे समय तक बेऊर जेल में रह सकते हैं. ऐसे में क्या वह वहां शांति से रह पाएंगे? हालिया पुलिस रिपोर्टों के अनुसार पटना और आसपास के इलाकों में होने वाली रंगदारी और हत्या की कई साजिशें बेऊर जेल के अंदर रची गई थीं. इस जेल में बंद बाहुबली विधायक रीतिलाल यादव पर जेल से ही रंगदारी मांगने के आरोप लगे थे. इसके बाद चुनाव से ठीक पहले उन्हें भागलपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया था. अब पप्पू यादव जैसे कद्दावर नेता की मौजूदगी जेल के अधिकारियों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होने वाली है. क्योंकि पप्पू यादव भी जेल में जनता दरबार लगा सकते हैं. बेऊर जेल में बंद दो बड़े ‘रंगबाज’ अनंत सिंह और पप्पू यादव आमने-सामने बेऊर जेल बिहार की राजनीति और अपराध की दुनिया का वो हॉटस्पॉट है जहां बाहुबली नेता और गैंगस्टर सब आराम फरमाते हैं. यह जेल कोई साधारण जगह नहीं. इस जेल का उद्घाटन करने वाले बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव भी चारा घोटाले में आरोपी होने के बाद इसी जेल में कई रात बिताए थे. इस जेल में सेलफोन, चाकू, ड्रग्स और यहां तक कि पॉलिटिकल डील्स की खबरें बाहर आती रहती हैं. अक्सर इस जेल में छापे पड़ते रहते हैं. बेऊर जेल बाहुबलियों का नया ठिकाना पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की एंट्री ने सबको चौकन्ना कर दिया है. क्या जेल में एक बार फिर से ‘रंगबाजी’ का नया दौर शुरू होने वाला है? पिछले पांच साल में कई बड़े चेहरे इस जेल में आए और फिर रिहा होकर निकल गए. इस जेल में ऐसे-ऐसे ‘मेहमान’ रहे हैं, जिनके नाम सुनकर ही पुलिस की नींद उड़ जाती है. वर्तमान में अनंत सिंह और पप्पू यादव जैसे नेता इस जेल में बंद हैं. इससे पहले सूरजभान सिंह, आनंद मोहन, मुन्ना शुक्ला और रीतलाल यादव जैसे बाहुबली नेता भी बंद रह चुके हैं. मुन्ना शुक्ला पिछले दिनों भागलपुर जेल से बेऊर जेल शिफ्ट हुए थे. फिर वह भागलपुर जेल चले गए हैं. इसी तरह रीतलाल यादव भी अबी भागलपुर जेल में ही हैं. हालांकि, वह रहने वाले पटना जिला के हैं. बेऊर जेल में कौन-कौन बाहुबली हैं बंद? बड़े बाहुबली नामों में इस समय अनंत सिंह और पप्पू यादव ही दो नेता हैं, जो इस जेल में बंद हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने फोर्जरी केस में अरेस्ट किया गया. पहले उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रखा गया, फिर कोर्ट के ऑर्डर पर बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया. पप्पू यादव इस जेल में कोई नया ‘मेहमान’ नहीं हैं, वो पहले भी कई बार जेल के ‘गेस्ट’ रह चुके हैं. 2004 में तो सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बेऊर से तिहाड़ शिफ्ट कर दिया था, क्योंकि वो जेल से सेलफोन पर पॉलिटिकल डील्स कर रहे थे. वहीं अनंत सिंह बिहार चुनाव से ठीक पहले दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं. बेऊर में विकी जैसे ड्रग्स किंग और अनंत सिंह जैसे नेता पहले से मौजूद हैं. पप्पू की वोकल पर्सनैलिटी और पुरानी दुश्मनी से टेंशन बढ़ सकती है. लेकिन पुलिस सतर्क है. पप्पू यादव की एंट्री से जेल का ‘बैलेंस’ बिगड़ सकता है. पप्पू अपनी ‘जन सेवा’ वाली इमेज अगर जेल में भी चलाएंगे तो हो सकता है कि कुछ दिक्कतें शुरू हो जाएं. कुलमिलाकर बेऊर जेल का इतिहास बताता है कि बाहुबली जेल से भी ‘शो’ चलाते रहे हैं. ऐसे में अगला ट्विस्ट कब आएगा, यह देखने वाली बात है.
इश्क, इंतकाम या कुछ और? तरनतारन लॉ कॉलेज में छात्रा की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली

Last Updated:February 09, 2026, 14:06 IST Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में लॉ कॉलेज की छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. पुलिस ने दोनों की पहचान कर जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की तलाश की जा रही है. पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. Punjab News: पंजाब के तरनतारन जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां पढ़ाई और भविष्य बनाने की जगह समझे जाने वाले कॉलेज कैंपस में अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. क्लासरूम के भीतर हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना इतनी अचानक और खौफनाक थी कि कॉलेज में मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ भी कुछ समझ नहीं पाए. इस वारदात ने कॉलेज सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के बीच बढ़ते विवादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद मामला और सनसनीखेज तब हो गया जब छात्रा को गोली मारने वाले युवक ने खुद को भी गोली मार ली. दो जिंदगियां कुछ ही मिनटों में खत्म हो गईं. पुलिस के मुताबिक दोनों मृतकों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और छात्रा एक-दूसरे को जानते थे. हालांकि घटना के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है. पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाकर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. संदीप कौर की मां ने क्या कहा? मृतक छात्रा संदीप कौर की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी सुबह ठीक तरह से तैयार होकर घर से कॉलेज गई थी और उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था. उन्होंने कहा कि कॉलेज की मैडम का फोन आया कि उनकी बेटी को गंभीर चोट लगी है और उन्हें तुरंत आने को कहा गया. जब वह कॉलेज पहुंचीं तो देखा कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी और उसका शव पूरी तरह खून से लथपथ था. परिजनों के मुताबिक संदीप कौर के सिर में गोली मारी गई थी. उन्हें जानकारी मिली है कि तरनतारन के एक युवक ने गोली चलाई और पिस्टल भी मौके पर ही मिली. बताया गया कि छात्रा के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में उसकी छह बहनें और एक छोटा भाई है. तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में यह वारदात हुई. पुलिस के अनुसार मृत छात्रा की पहचान नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली संदीप कौर के रूप में हुई है. वहीं आरोपी युवक की पहचान गांव मल्लियां निवासी प्रिंस राज सिंह के तौर पर की गई है. बताया जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज पहुंचा और क्लासरूम के भीतर छात्रा पर गोली चला दी. गोली लगते ही छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस टीम ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत कब्जे में ले लिए हैं. फिलहाल पुलिस दोनों के बीच संबंधों और घटना के कारणों की जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम भी मौके से जरूरी सबूत इकट्ठा कर रही है. घटना कब और कहां हुई? यह घटना पंजाब के तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में हुई. आरोपी युवक कॉलेज परिसर में पहुंचा और क्लासरूम के अंदर छात्रा को गोली मार दी. घटना दिन के समय हुई, जिससे कॉलेज परिसर में दहशत फैल गई. मृतकों की पहचान क्या है? पुलिस ने मृत छात्रा की पहचान संदीप कौर के रूप में की है, जो नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली थी और लॉ कॉलेज की छात्रा थी. वहीं आरोपी युवक की पहचान प्रिंस राज सिंह के रूप में हुई है, जो गांव मल्लियां का निवासी बताया जा रहा है. पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया है? पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में दोनों के बीच जान-पहचान होने की बात सामने आई है. पुलिस घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत जुटा चुकी है. फोरेंसिक जांच भी जारी है और घटना के पीछे की वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है. पुलिस जांच जारी, रिश्तों की पड़ताल शुरू पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज तक कैसे पहुंचा और वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी या नहीं. पुलिस दोनों परिवारों और कॉलेज प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है. इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. About the Author Sumit Kumar सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें First Published : February 09, 2026, 12:23 IST
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST
Delhi Police Caught Chines Agent: मोबाइल तोड़ा, चेक बुक जलाये, फिर भी नहीं बच सका गिरफ्तारी से, ऐसे दबोचे गए 3 चीनी एजेंट | delhi police busts international stock market scam cyber fraud racket 3 chines agent held

Last Updated:February 09, 2026, 12:40 IST Delhi Police Caught Chines Agent: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार चीन से जुड़े हैं और ये ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेजते थे. दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.5 लाख की ठगी का मामला सुलझाया है. दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन नई दिल्ली. दिल्ली में साइबर ठगों ने अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जड़ें जमा ली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘Cy-Hawk’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह न केवल भारतीय नागरिकों को स्टॉक मार्केट के नाम पर ठग रहा था, बल्कि ठगी की रकम को चीनी हैंडलर्स की मदद से क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन साइबर ठगों को गिरप्तार किया है. उत्तम नगर के 56 साल के शख्स रंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी की गई है. क्राइम ब्रांच ने 17 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच और पहली गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की टीम ने जब पैसों के लेन-देन (Money Trail) का पीछा किया, तो पता चला कि ठगी की रकम 36 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. इनमें से एक खाता सब्बीर अहमद निवासी मुनिरका के नाम पर था, जिसमें यूको बैंक के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये आए थे और उसी दिन चेक के जरिए निकाल लिए गए थे. इसके बाद होने लगी ताबड़तोड़ गिरफ्तारी पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को सब्बीर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह महज 2% कमीशन के लिए 9-10 बैंक खाते खुलवाकर उनकी किट दूसरे गैंग को सौंप चुका है. सब्बीर की निशानदेही पर पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को बाटला हाउस से दो और आरोपियों मो. सरफराज और मो. दिलशाद को गिरफ्तार किया. इन दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उनके सीधे संबंध चीनी हैंडलर्स के साथ हैं. क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भेजते थे ये आरोपी ठगी के पैसों का इस्तेमाल चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने के लिए करते थे, जिससे पैसा आसानी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चला जाता था. ये बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर डमी उम्मीदवारों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाते थे. सब्बीर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इन्होंने चेक बुक जला दी और सिम कार्ड तोड़ दिए, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले. हालांकि, पुलिस ने उस मोबाइल हैंडसेट को बरामद कर लिया है जिससे यह पूरा खेल संचालित हो रहा था. पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हें दिल्ली की ‘साइबर वेस्ट’ पुलिस ने ठगी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आते ही इन्होंने फिर से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए काम करना शुरू कर दिया. डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों और चीनी एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर मिले ‘स्टॉक मार्केट टिप्स’ पर भरोसा न करें. निवेश के लिए केवल सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 12:40 IST
Peeragarhi flyover 3 death body | पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में 3 लाश, एक महिला संग 2 पुरुष कौन थे, सॉफ्ट ड्रिंक खोलेगा रहस्य, अब तक क्या पता चला? | Peeragarhi flyover 3 death body in car 1 woman 2 men who were those how they killed soft drink bottle mystery what police found

Peeragarhi Flyover Death Mystery: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार के अंदर तीन लोग मृत पाए गए. मृतकों की पहचान रंधीर, शिवनरेश और लक्ष्मी के रूप में हुई है. इनमें से एक वाहन का मालिक भी था. दोपहर बाद करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि फ्लाईओवर की सर्विस लेन के पास एक कार में बैठे तीन लोग बेहोश पड़े हैं. दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर दो पुरुष और एक महिला के शव मिले हैं. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह खुद ही जान देने का मामला लगता है. बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है. डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हमें एक कार में तीन शव होने की सूचना मिली थी. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं लगता कि कोई जोर-जबरदस्ती हुई है. पुलिस अभी जांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि शवों पर किसी प्रकार की चोट के स्पष्ट निशान नहीं हैं. इस घटना से जुड़ी हर डिटेल इस तरह से है -: घटना कहां हुई?दिल्ली के पश्चिमी इलाके में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई. यह कार सर्विस लेन के पास खड़ी थी. दिल्ली पुलिस को सूचना कैसे मिली?करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली कि कार में बैठे लोग प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और बेहोश लग रहे हैं. मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने क्या पाया?पुलिस ने कार खोलकर देखा तो अंदर तीनों लोग मृत मिले और वाहन में जहरीले पदार्थ की तेज गंध थी. कार से सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल बरामद किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. क्या मृतकों की पहचान हुई है?मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रंधीर सिंह, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है. मृतक कहां के रहने वाले थे?रंधीर सिंह और शिव नरेश सिंह बापरोला गांव के निवासी थे, जबकि लक्ष्मी देवी का पता अभी स्पष्ट नहीं है. कार में उनकी स्थिति कैसी थी?रंधीर सिंह ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि शिव नरेश और लक्ष्मी देवी पीछे की सीट पर बैठे मिले. सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजहों का पता चल सकेगा. कार किसकी थी?पुलिस के अनुसार कार मृतकों में से एक की ही थी. क्या शरीर पर चोट के निशान थे?पुलिस ने बताया कि किसी भी शव पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?कार से मोबाइल फोन, नकदी और महिला के पहने हुए गहने सुरक्षित मिले हैं. सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल भी मिला है. क्या कोई संदिग्ध वस्तु मिली?फॉरेंसिक टीम को कार में एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल मिली है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस की शुरुआती जांच क्या कहती है?पुलिस की मानें तो प्राथमिक जांच में यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हत्या की आशंका पर क्या कहा गया?फिलहाल जबरन कार्रवाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं की जांच जारी है. परिजनों से संपर्क कैसे हुआ?दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने रंधीर सिंह के परिजनों से संपर्क किया और एक रिश्तेदार मौके पर पहुंचा. लक्ष्मी देवी का अन्य दो से क्या संबंध था?परिजन उनके संबंध के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं. शवों का क्या किया गया है?तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि मौत की वजहों का पता चल सके. मौत के कारणों की पुष्टि कैसे होगी?पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सही कारणों का पता चलेगा. पुलिस अधिकारियों ने क्या बयान दिया?डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि मामला संदिग्ध नहीं लग रहा, लेकिन जांच जारी है. इलाके में क्या कदम उठाए गए?पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए. क्या कोई लूटपाट या संघर्ष के संकेत मिले?नहीं, सभी कीमती सामान सुरक्षित मिले हैं और संघर्ष के कोई निशान नहीं पाए गए. आगे की कार्रवाई क्या होगी?फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी.
महाराष्ट्र जिला परिषद रिजल्ट लाइव: महाराष्ट्र में जिला परिषद के ऐसे चल रहे नतीजे, जानें कहां मिलेगी जीत का परचम?

महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: महाराष्ट्र के 12 जिला परिषद (जिला परिषद चुनाव 2026) और 125 पंचायत समिति चुनाव (महाराष्ट्र पंचायत समिति चुनाव 2026) का अनाउंसमेंट किया गया है। प्रदेश में 29 नगर निगमों के चुनाव के बाद जिला परिषद के चुनाव के बाद बेरंग का फैसला आज हो गया है। एक ओर राज्य में घटते मतदान प्रतिशत को लेकर महाराष्ट्र में चिंता की स्थिति बनी हुई है तो दूसरी ओर संयुक्त राज्य अमेरिका में युवाओं से लेकर युवाओं तक ने सभी जिला परिषद चुनावों में जोरदार मतदान किया, जिससे जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया और एक आशाजनक तस्वीर सामने आई। परभणी में सबसे ज्यादा बहुमत महाराष्ट्र में इस सप्ताह 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत पदों पर 68.28 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग (महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग) ने रविवार को यह जानकारी दी. परभणी जिले में सबसे अधिक 74.89 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि रत्नागिरि में सबसे कम 55.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शनिवार को रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धराशिव और नाटकूर में 731 मंडलों के चुनाव के लिए मतदान हुआ, जिसमें 2,624 प्रतियोगी क्षेत्र शामिल थे। फैजाबाद की गिनती नौ फरवरी को होगी। एसईसी के अनुसार, परभणी के बाद कोल्हापुर का स्थान रहा, जहां 74.45 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि छत्रपति संभाजीनगर में 72.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह चुनाव, जो मूल रूप से पांच फरवरी को होने वाला था, अधूरे असिडेंट के निधन और उसके बाद तीन दिनों के सरकारी शोक की घोषणा के कारण को अलग कर दिया गया था। इस त्रासदी के बाद पहली बड़ी कांग्रेस पार्टी के भविष्य की दिशा के लिए जिला परिषद के चुनाव में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की पहली बड़ी कांग्रेस परीक्षा के रूप में देखी जा रही है।









