The ‘Zombie’ Flower In Epstein Files

वॉशिंगटन डीसी4 दिन पहले कॉपी लिंक हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ (धतुरा का पौधा) का जिक्र है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में इसके इस्तेमाल का जिक्र था। बताया गया कि इसके असर में व्यक्ति को कहीं भी ‘ले जाया’ जा सकता है, क्योंकि वह पूरी तरह आज्ञाकारी और भ्रमित हो जाता है। हिंदू परंपरा में धतूरा भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो शिव ने संसार की रक्षा के लिए उसे पी लिया। शिव मंदिरों में धतूरा के फूल और फल चढ़ाए जाते हैं। एपस्टीन फाइल्स में ‘जॉम्बी फ्लावर’ क्या है? ईमेल के स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि उसके फाइनेंसर ने ऐसे पौधों में रुचि दिखाई थी। धतुरा के पौधों से स्कोपोलामीन नाम का एक रसायन निकलता है, जो दिमाग पर गहरा असर डालता है। स्कोपोलामीन याददाश्त कमजोर कर सकता है, व्यक्ति को भ्रम की स्थिति में डाल सकता है। इसी वजह से कुछ विशेषज्ञ इसे ‘जॉम्बी ब्रीथ’ भी कहते हैं। इसमें बताया गया था कि यह दवा लोगों को बहुत ज्यादा असर डालती है और उन्हें आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। ईमेल्स से पता चलता है कि एपस्टीन धतुरा के पौधे के बारे में पूछताछ कर रहा था। हालांकि यह साफ नहीं है कि उसने इनका इस्तेमाल किया या नहीं। वहीं, 2022 के एक अन्य ईमेल में एक पीड़ित के बयान का जिक्र है, जिसमें स्कोपोलामीन के संपर्क में आने की बात कही गई। इन दस्तावेजों से यह साफ होता है कि एपस्टीन ऐसे पौधों से जुड़ा था, जिनमें दिमाग को प्रभावित करने की ताकत होती है। ईमेल्स में 3 बार इस पौधे का जिक्र पहला ईमेल (3 मार्च 2014): यह ईमेल सीधे एपस्टीन ने ‘एन रोड्रिगेज’ नाम के एक व्यक्ति को भेजा था। ईमेल में उन्होंने लिखा था कि नर्सरी में लगे उनके ट्रम्पेट पौधों के बारे में क्रिस से पूछो। इससे साफ संकेत मिलता है कि एपस्टीन की नर्सरी में ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा के पौधे लगे हुए थे। दूसरा ईमेल (27 जनवरी 2015): बताया जाता है कि यह ईमेल फ्रांसीसी फैशन फोटोग्राफर एंटोनी वेरग्लास की ओर से आगे भेजा गया था। ईमेल्स में जिस “जॉम्बी फ्लावर” का जिक्र है, वह दरअसल ट्रम्पेट आकार वाले पौधे हैं। फॉरवर्ड किए गए एक मैसेज का शीर्षक था- “स्कोपोलामीन: कोलंबिया के जंगलों में उगने वाली एक शक्तिशाली दवा, जो इंसान की चेतना को खत्म कर देती है।” यह मैसेज डेली मेल और वाइस की एक रिपोर्ट से जुड़ा था। रिपोर्ट में स्कोपोलामीन को ऐसा पदार्थ बताया गया था, जिसके असर में व्यक्ति बेहद आज्ञाकारी हो सकता है। लेख की कुछ पंक्तियों को खास तौर पर चिन्हित किया गया था। उनमें कहा गया था कि इस नशे के प्रभाव में व्यक्ति को कहीं भी ले जाया जा सकता है और वह छोटे बच्चे की तरह व्यवहार करने लगता है। तीसरा ईमेल (7 फरवरी 2022): तीसरा दस्तावेज सीधे एपस्टीन के साथ बातचीत नहीं है। यह गिलेरमो फारिनास नाम के व्यक्ति द्वारा जुआन एंटोनियो गोंजालेज को भेजा गया एक ईमेल बताया गया है, जिसकी कॉपी जोसेफ मंजारो को भी भेजी गई थी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये लोग कौन हैं। इसमें मंजारो ने दिसंबर 2014 की एक कथित घटना का जिक्र किया है। उनका दावा है कि उन्हें स्कोपोलामीन नाम के नशीले पदार्थ के जरिए बेहोश किया गया। यह पदार्थ कुछ खास पौधों से बनता है, जिनमें ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा भी शामिल है। बयान में साफ तौर पर स्कोपोलामीन का नाम लिया गया है। मंजारो का आरोप है कि उन्हें ले जा रहे दो लोगों में से एक ने कहा था, “मैंने उसे काफी मात्रा में स्कोपोलामीन दे दिया है।” इसके बाद उसने याददाश्त खोने और बेहद ज्यादा नींद आने जैसी हालत का दावा किया है। हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है धतूरे का फूल हिंदू परंपरा में बिगुल जैसे आकार वाला धतूरा फूल पवित्र माना जाता है। यह भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने पिया था, जिससे सृष्टि की रक्षा हुई। धतूरा उसी विष से जुड़ा प्रतीक माना जाता है। भारत में कई मंदिरों में, खासकर महाशिवरात्रि के समय, धतूरा के फूल और फल चढ़ाए जाते हैं। हालांकि यह पौधा जहरीला होता है, फिर भी इसे आध्यात्मिक शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस धार्मिक महत्व का एपस्टीन फाइल्स में बताए गए संदर्भ से कोई सीधा संबंध नहीं है। भारतीय लड़की भी यौन अपराधी एपस्टीन का शिकार हुई, नई फाइल्स में खुलासा यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसका शिकार हुई थी। दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने उसे पीड़ित मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के लिए भारत में तलाश शुरू की थी। 13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें भारत में मौजूद पीड़िता का पता और जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए उससे संपर्क किया जा सके। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की है। रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपाई गई हैं। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और
Gautam Gambhir Gets Triple-Role Offer from Rajasthan Royals Amid India Head Coach Duties

Hindi News Sports Gautam Gambhir Gets Triple Role Offer From Rajasthan Royals Amid India Head Coach Duties स्पोर्ट्स डेस्क4 दिन पहले कॉपी लिंक टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को IPL की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स से बड़ा प्रस्ताव मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम के नए निवेशकों में से एक ने गंभीर को पार्टनर, मेंटर और CEO का ऑफर दिया है। साथ ही उन्हें 2 से 3 प्रतिशत इक्विटी स्टेक देने की भी पेशकश की गई है। बताया जा रहा है कि फ्रेंचाइजी के अधिकतर मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नए मालिकों को बेच रहे हैं और सौदा ट्रांसफर प्रक्रिया में है। गंभीर इंडियन मेन्स क्रिकेट टीम के हेड कोच हैं हालांकि, गंभीर फिलहाल इंडियन मेन्स क्रिकेट टीम के हेड कोच हैं, ऐसे में वे यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर सकते। लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के तहत सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट नियम है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ टीम इंडिया और किसी IPL फ्रेंचाइजी के साथ आधिकारिक भूमिका में नहीं रह सकता। कॉन्ट्रैक्ट 2027 ODI वर्ल्ड कप के बाद खत्म होगा गंभीर के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह अभी पूरी तरह अपने मौजूदा पद पर रहेंगे। इनका BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट है, जो 2027 ODI वर्ल्ड कप के बाद खत्म हो जाएगा। संन्यास के बाद गंभीर IPL में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे 2022 और 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मेंटर रहे और टीम को दोनों बार प्लेऑफ तक पहुंचाया। इसके बाद 2024 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ जुड़कर फ्रेंचाइजी को तीसरा IPL खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल गंभीर टीम इंडिया के साथ टी-20 वर्ल्ड कप अभियान में व्यस्त हैं। भारत लगातार तीन ग्रुप मैच जीतकर सुपर-8 में पहुंच चुका है और बुधवार को नीदरलैंड से भिड़ेगा। ————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— यह खबर भी पढ़ें… चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL मैचों की इजाजत:शिवकुमार ने X पर पोस्ट कर दी जानकारी,कर्नाटक सरकार ने शर्तों के साथ दी मंजूरी 2025 में पहली बार IPL जीतने वाली टीम RCB का होमग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम है। कर्नाटक सरकार की कैबिनेट ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL मैच आयोजित करने की मंजूरी दे दी है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसकी जानकारी X पर दी है। कुछ शर्तों के साथ IPL मैच कराए जाएंगे। टिकटिंग, भीड़ नियंत्रण और स्टेडियम में प्रवेश से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। पूरी खबर पढ़े दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर हुआ रिलीज:तीन राज्यों की तीन कहानियां और प्यार के नाम पर धर्मांतरण; 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। 3 मिनट 27 सेकेंड का यह ट्रेलर पहले पार्ट से ज्यादा गंभीर और इंटेंस नजर आता है। इसमें तीन अलग-अलग राज्यों में धर्मांतरण से जुड़ी कहानियों को दिखाया गया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म तीन हिंदू लड़कियों उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा की झकझोर देने वाली कहानी को सामने लाती है। उनकी जिंदगी तब खौफनाक मोड़ लेती है, जब वे तीन मुस्लिम लड़कों के प्यार में पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे उन रिश्तों के पीछे कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का एक सोचा-समझा एजेंडा सामने आता है। जानिए कैसा है ट्रेलर ट्रेलर की शुरुआत एक रोंगटे खड़े कर देने वाली चेतावनी से होती है, जिसमें कहा जाता है कि अगले 25 सालों में भारत एक इस्लामिक स्टेट में बदल सकता है। इसके बाद कहानी राजस्थान की ओर बढ़ती है, जहां एक हिंदू परिवार पुलिस स्टेशन में पॉक्सो के तहत शिकायत दर्ज कराने पहुंचता है। परिवार का आरोप है कि उनकी 16 साल की बेटी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। माता-पिता का दर्द और बेबसी कहानी की गंभीरता को दर्शाते हैं। इसके बाद कहानी मध्य प्रदेश पहुंचती है, जहां कथित तौर पर एक हिंदू युवती को प्रेम और शादी के नाम पर धोखे से फंसाया जाता है और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। उसकी खामोश पीड़ा, अकेलापन और टूटा हुआ भरोसा ट्रेलर में एक भावनात्मक और डरावना माहौल तैयार करता है। फिर कहानी केरल में जाती है, जहां एक युवक अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड से साथ रहने की बात करता है। लेकिन जब लड़की साफ कह देती है कि वह अपना धर्म नहीं बदलेगी। आगे ट्रेलर में दिखाया गया है कि लड़की पर धर्म बदलने का दबाव डाला जाता है। 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म इस फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण ने किया है। विपुल अमृतलाल शाह इसके प्रोड्यूसर हैं, जबकि आशिन ए. शाह को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
हरियाणवी सिंगर मोहाली से गिरफ्तार:बदमाशों को हथियार-रुपए मुहैया कराए, विदेशी गैंगस्टरों से लिंक सामने आए

हरियाणवी सिंगर विवेक उर्फ हर्ष बुबका को यमुनानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मोहाली स्थित उसके फ्लैट में घुसकर विवेक सहित उसके 2 अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया है। ASP अमरिंद्र सिंह ने बताया कि 7 फरवरी को यमुनानगर के एक हॉस्पिटल और सिटी मॉल में बदमाशों ने फायरिंग की थी। विवेक ने इन बदमाशों को हथियार और रुपए मुहैया कराए थे। पुलिस से बचाने के लिए सिंगर ने इन आरोपियों को एक रूम भी दिलाया। उधर, पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के विदेश में बैठे गैंगस्टरों से लिंक थे। उनके इशारे पर कई वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, कोर्ट ने इन्हें 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया। सिलसिलेवार पढ़िए…सिंगर को क्यों गिरफ्तार किया गया अब पढ़िए, पुलिस ने सिंगर की गिरफ्तारी पर क्या बताया
पैट मैक्ग्रा की सौंदर्य प्रसाधन कंपनी संकट में:मैडोना-रिहाना इनकी क्लाइंट रहीं, किचन में बनाए उत्पादों से 9 हजार करोड़ की कंपनी खड़ी की

लंदन की अश्वेत लड़की पैट मैक्ग्रा, जिसने मां के किचन से शुरू करके पेरिस-मिलान के सबसे बड़े रैम्प तक मेकअप का जादू पहुंचाया। आज अपनी ही कंपनी पैट मैक्ग्रा लैब्स को दिवालियेपन से बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं। दुनिया उन्हें ‘मदर ऑफ मेकअप’ कहती है। मैडोना, टेलर स्विफ्ट, किम कार्दशियां से लेकर रिहाना तक के जिन चेहरों को हम रेड कार्पेट पर चमकता देखते हैं, उनमें पैट के ब्रश का स्पर्श होता है। 2015 में शुरू हुआ उनका ब्रांड पैट मैक्ग्रा लैब्स 2018 में 9000 करोड़ रु. से ज्यादा का सौंदर्य कारोबार कर रहा था। ऐसा करने वाला पहला अश्वेत महिला स्वामित्व का सौंदर्य ब्रांड बना। इसके आठ साल बाद ही पिछले महीने जनवरी में इसी कंपनी को कर्ज से राहत के लिए अमेरिका में दिवालिया होने की अर्जी देनी पड़ी। इसमें कंपनी पर 453 करोड़ रु. से अधिक के कर्ज की बात कही गई है। पेरिस या मिलान फैशन वीक में 80 बड़े सूटकेस के साथ आने के लिए मशहूर पैट के हर सूटकेस में हजारों आईशैडो, ग्लिटर और उनके बनाए सीक्रेट फॉर्मूले होते हैं। उनका सबसे चर्चित प्रोडक्ट ‘गोल्ड 001’ किसी हाई-टेक लैब में नहीं, बल्कि किचन में बना था। वे धातु जैसी चमक वाला गोल्ड शेड चाहती थीं और हाथ से पिगमेंट मिलाकर जो रंग निकला, वह पेरिस फैशन वीक में लॉन्च होते ही ऑनलाइन मिनटों में सोल्ड-आउट हो गया। 2024 के एक शो में उन्होंने मॉडल्स के चेहरे पर ऐसा ग्लास-स्किन इफेक्ट बनाया कि सोशल मीडिया में कई हफ्तों तक यही चर्चा होती रही कि यह ‘कांच की गुड़िया’ जैसा चेहरा आखिर कैसे बना। इस ग्लैमर की चमक के पीछे उनकी कंपनी की बैलेंस शीट बिगड़ गई। रिपोर्टों के अनुसार, तेज विस्तार, भारी मार्केटिंग खर्च, सप्लाई चेन में रुकावटें और रिटेल पार्टनरशिप की लागत ने पैट मैक्ग्रॉ लैब्स के बजट ढांचे को ध्वस्त कर दिया। पहचान: चलती-फिरती रिसर्च लैब लेकर घूमती हैं मैक्ग्रा ब्रिटेन में जमैका मूल की सिंगल मदर के घर जन्मी पैट मैक्ग्राॅ का रुझान बचपन से फैशन की ओर था। इटालियन वोग की कॉपियों को देखती थीं। 1990 के दशक में सोल सेकंड सोल की सिंगर कैरॉन व्हीलर के साथ टूर, फिर फोटोग्राफर स्टीवन मीजल के साथ काम ने उन्हें प्राडा, लुई वितां और वर्साचे जैसे फैशन हाउस की पहली पसंद बना दिया। वह शो में 70-80 बड़े ट्रंक मेकअप बैग लेकर पहुंचती हैं। कहा जाता है कि वे चलती-फिरती रिसर्च लैब लेकर घूमती हैं। 2021 में ब्रिटिश एम्पायर की ‘डेम’ की उपाधि मिली। सौंदर्य जगत से यह सम्मान पाने वाली वह पहली अश्वेत महिला हैं।
Bill Gates Out of India AI Summit After Epstein Files Mention; Govt Stands With Victims

Hindi News Business Bill Gates Out Of India AI Summit After Epstein Files Mention; Govt Stands With Victims नई दिल्ली4 दिन पहले कॉपी लिंक बिल गेट्स 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। -फाइल फोटो माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में शामिल होने को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है। गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता के अनुसार, बिल गेट्स तय कार्यक्रम के मुताबिक समिट में हिस्सा लेंगे और अपना कीनोट एड्रेस देंगे। आज 17 फरवरी को वेबसाइट पर गेस्ट की लिस्ट में उनका नाम नहीं था। ऐसे में खबरें चल रही थीं कि सरकार ने उनका निमंत्रण रद्द कर दिया है। इसकी वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादित दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया गया था। 16 फरवरी से दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई समिट 20 फरवरी तक चलेगी। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस दुनिया के सामने पेश किए है। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। गेट्स बोले- एपस्टीन से मुलाकात करना मेरी बड़ी गलती थी जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिस पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में जेल में उसकी आत्महत्या के बाद, हाल ही में उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इसमें बिल गेट्स का भी नाम था। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने कथित रूप से गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। गेट्स पहले भी कह चुके हैं कि उन्होंने एपस्टीन से केवल चैरिटी और फंडरेजिंग के सिलसिले में मुलाकात की थी, लेकिन अब वो इसे एक बड़ी गलती मानते हैं। एनवीडिया CEO ने भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। ———————————– समिट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया, जियो इंटेलिजेंस जैसे AI मॉडल्स को जाना भारत में आज 16 फरवरी से दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली। पूरा खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Price Falls ₹6,127; Silver Drops ₹32,169

नई दिल्ली4 दिन पहले कॉपी लिंक चांदी में आज 17 फरवरी को लगातार चौथे दिन गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 7,992 रुपए गिरकर ₹2.33 लाख पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,242 रुपए सस्ता होकर ₹1.51 लाख पर आ गया है। चार दिन में सोना ₹6 हजार और चांदी ₹33 हजार सस्ती पिछले 4 कारोबारी दिन में चांदी ₹33 हजार रुपए सस्ती हुई है। इसने 29 जनवरी को ₹3.86 लाख का हाई बनाया था। तब से अब तक चांदी ₹1.53 लाख सस्ती हो चुकी है। सोना भी बीते 4 कारोबारी दिन में ₹6 हजार रुपए सस्ता हुआ है। इसने भी 29 जनवरी को ₹1.76 लाख का हाई बनाया था। तब से अब तक सोना ₹24 हजार सस्ता हो चुका है। 2025 में सोना ₹57 हजार (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1.33 लाख रुपए हो गया। चांदी इस दौरान ₹1.44 लाख (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86 हजार की थी, जो साल के आखिरी दिन ₹2.30 लाख प्रति किलो हो गई। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें: ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। बल्क खरीदारी पर मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tarique Rahman to be Bangladesh PM After 17 Years Abroad; Profile

Hindi News Career Tarique Rahman To Be Bangladesh PM After 17 Years Abroad; Profile 4 दिन पहले कॉपी लिंक 17 फरवरी को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले तारिक रहमान 1971 में पाकिस्तान से आजादी की लड़ाई में 6 साल की उम्र में अपने भाई और मां सहित जेल गए थे। BNP तारिक को बांग्लादेश आजादी की लड़ाई का सबसे कम उम्र का कैदी बताती है। लॉ की पढ़ाई छोड़ बिजनेस में शिफ्ट हुए तारिक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ढाका में सैनिकों के बच्चों के लिए बने स्कूल BAF शाहिन कॉलेज से की। सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल फिर ढाका रेजिडेंशियल मॉडल कॉलेज से सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट और एडमजी कैंटनमेंट कॉलेज से हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट पूरा किया। 1985-86 में ढाका यूनिवर्सिटी में पहले लॉ डिपार्टमेंट में दाखिला लिया, फिर इंटरनेशनल रिलेशंस में शिफ्ट हो गए, लेकिन दूसरे साल 1987 में पढ़ाई छोड़ दी और टेक्सटाइल और शिपिंग बिजनेस में चले गए। इरशाद की निरंकुश सत्ता के खिलाफ आंदोलन में कूदे तारिक एक राजनीतिक परिवार से आते थे, इसलिए बचपन से ही उनकी रुचि राजनीति और सामाजिक मुद्दों में रही। उनके पिता जिय-उर-रहमान बांग्लादेश सेना के अधिकारी थे और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ शामिल रहे। पिता के युद्ध के दिनों से प्रेरित होकर उनके भीतर देश सेवा की भावना मजबूत हुई। 1988 में वे अपनी मां खालिदा जिया के साथ मोहम्मद इरशाद की निरंकुश सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रहे। बिजनेस के साथ राजनीति में भी सक्रिय तारिक टेक्सटाइल और एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री में एक सफल उद्यमी बने। 1988 में वे बीएनपी पार्टी के प्राइमरी मेंबर बने और बोगरा के गबताली ब्रांच में काम करने लगे। 1991 और 1996 के चुनाव में उन्होंने अपनी मां के लिए प्रचार किया। 2001 से 2006 तक बीएनपी सरकार के दौरान वे सक्रिय रहे, लेकिन कोई सरकारी पद नहीं लिया। वे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में लगे रहे। गांव गांव जाकर लोगों की समस्या सुनते और विकास के काम करते थे, जैसे किसानों को बीज और खाद बांटना तथा गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम चलाना। वे पर्यावरण, युवा ट्रेनिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों में भी खास रुचि रखते थे। इलाज के लिए लंदन गए और 17 साल तक वापस नहीं आए 7 मार्च 2007 को चुनाव की तैयारी के दौरान सेना समर्थित अंतरिम सरकार ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया। वे 18 महीने जेल में रहे, जहां उन्हें बिजली के झटके जैसे यातनाएं दी गईं। 3 सितंबर 2008 को वे जमानत पर रिहा हुए और 11 सितंबर 2008 को इलाज के लिए लंदन चले गए। 2008 से 2025 तक वे लंदन के किंग्सटन सबअर्ब में अपनी पत्नी डॉ जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के साथ रहते थे। पीठ की चोट के कारण उनका इलाज चलता रहा, लेकिन वे राजनीति से जुड़े रहे। निर्वासन के दौरान वे इंटरनेट और टीवी से बांग्लादेश की खबरें देखते, रिसर्च करते और विद्वानों से बातचीत करते थे। वे दूर से ही बीएनपी का नेतृत्व करते रहे। बांग्लादेश चुनाव 2014 का बहिष्कार, 2018 में स्काइप से इंटरव्यू और पार्टी के लिए पीआर फर्म रजिस्टर कराना इसी दौर में हुआ। 2018 में मां के जेल जाने के बाद वे बीएनपी के एक्टिंग चेयरमैन बने। 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटने पर ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने समर्थकों का अभिवादन करते हुए। 17 साल बाद वापस लौटने पर पीएम बनेंगे रहमान 25 दिसंबर 2025 को वे अपने परिवार के साथ बांग्लादेश लौटे। जनवरी 2026 में उन्हें बीएनपी का चेयरमैन चुना गया। फरवरी 2026 में बोगरा और ढाका से चुनाव जीतकर संसद सदस्य बने। अब वे 17 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद संभालने वाले हैं। स्टोरी- नीतीश कुमार —————————————————– यह खबर भी पढ़ें- आज की सरकारी नौकरी:AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारी ; झारखंड में 355 लेक्चरर की वैकेंसी, बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में अब 26,426 वैकेंसी आज की सरकारी नौकरी में जानकारी AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से की जाएगी। झारखंड में 355 लेक्चरर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 से होगी। साथ ही बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में अब 26,426 पदों पर भर्ती। इस भर्ती में 1107 नए पदों को जोड़ा गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Virat Anushka Vrindavan Visit; Premanand Maharaj Satsang 5AM VIDEO Update

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में विराट और अनुष्का ने भक्तों के साथ बैठकर सत्संग सुना। क्रिकेटर विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार सुबह 6 बजे प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। एक घंटे तक प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर बैठे रहे। सत्संग सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। हालांकि, इस दौ . विराट-अनुष्का सोमवार शाम को दिल्ली से वृंदावन पहुंचे थे। यहां एक होटल में स्टे किया। फिर मंगलवार सुबह प्रेमानंद जी के केली कुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, वे तय समय से पहले ही पहुंच गए थे और भक्तों के साथ सत्संग में शामिल हुए। दर्शन और सत्संग के बाद दोनों दिल्ली लौट गए। वापसी के दौरान आश्रम के बाहर उनकी गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। विराट के मौजूद होने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच गए। मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने भीड़ को कंट्रोल कर लगभग 15 मिनट में रास्ता साफ कराया, तब जाकर उनकी गाड़ी आगे बढ़ सकी। विराट-अनुष्का ने करीब एक घंटे तक सत्संग सुना। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर बैठे रहे। केलीकुंज आश्रम से विराट-अनुष्का निकले तो उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। इस दौरान उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ लग गई। प्रेमानंदजी ने सत्संग में दीक्षा-शरणागति में अंतर बताया सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा और पूर्ण शरणागति में अंतर बताया। उन्होंने कहा- दीक्षा पूर्ण शरणागति की पहली सीढ़ी है। यह बहुत समझने का विषय है। यह तब होता है, जब गलती से भी हमारी ज़ुबान से यह न निकले कि आपका ही भरोसा है, आपका सहारा है। नहीं, श्रीजी (राधा रानी) की कृपा है। श्रीजी का ही भरोसा है। बातचीत में भी हम किसी दूसरे को वह स्थान न दें, जो अपने इष्ट और गुरु को देते हैं। वह सिर्फ प्रभु के विषय में ही सोचता है- कैसे मैं अपने इष्ट को सुख पहुंचाऊं। जैसे अर्जुन का रथ स्वयं भगवान चला रहे थे। यानी अर्जुन पूर्ण शरणागत थे, तभी उनके हृदय में भगवान बैठकर स्वयं उसकी जीवन यात्रा संभालते हैं। प्रेमानंद महाराज से अनुष्का-विराट कब-कब मिले, और क्या बातें हुईं.… 16 दिसंबर 2025: गुरु दीक्षा की कंठी पहनी 16 दिसंबर 2025 को विराट और अनुष्का के गले में तुलसी माला (कंठी) नजर आई। दावा किया गया था कि दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली, क्योंकि वैष्णव परंपरा में दीक्षा लेने के बाद ही गुरु कंठी माला देता है। हालांकि, केली कुंज आश्रम ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। उस दिन अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से कहा- महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे। इस पर प्रेमानंद जी ने हंसते हुए कहा- हम सब श्रीजी के हैं। खूब आनंदपूर्वक रहो। भगवान के आश्रित रहो। अपने काम को भगवान की सेवा समझिए। जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है। एक बार ठाकुरजी को भी देखें, जिसके हम असली में हैं। 14 मई, 2025: विराट-अनुष्का 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का से पूछा- प्रसन्न हो? इस पर विराट ने मुस्कुराकर कहा- हां। महाराज ने दोनों को आशीर्वाद दिया- जाओ, खूब आनंदित रहो, नाम जप करते रहो। इस पर अनुष्का ने पूछा- बाबा क्या नाम जप से सबकुछ पूरा हो जाएगा? महाराज ने कहा- हां, सब पूरा होगा। प्रेमानंद महाराज ने कहा- वैभव मिलना कृपा नहीं है। यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है। इससे आपके अनंत जन्मों के संस्कार भस्म होते हैं और अगला जन्म बड़ा उत्तम होता है। भगवान जब कृपा करते हैं तो संत समागम देते हैं। अनुष्का-विराट करीब 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे थे। 10 जनवरी, 2025: प्रेमानंद महाराज ने कहा था- अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित अनुष्का-विराट ने दंडवत होकर प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया था। विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा और दोनों बच्चों के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से भक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। बातचीत के दौरान विराट ने पूछा, ‘असफलता से कैसे निकलें। महाराज ने जवाब में कहा, ‘अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। अपने अभ्यास को निरंतर और नियंत्रण में रखते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, ‘ जैसे मेरे लिए नाम जप एक साधना है, वैसे ही विराट के लिए क्रिकेट ही साधना है। बस बीच-बीच में भगवान का नाम लेते रहें। विजय के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है। एक अभ्यास और दूसरा प्रारब्ध। अगर प्रारब्ध नहीं है, सिर्फ अभ्यास है, तब जीत मुश्किल हो जाती है। इसके लिए प्रभु के ज्ञान के साथ-साथ उनका नाम जपना आवश्यक है।’ 4 जनवरी, 2023: पहली बार प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे विराट-अनुष्का 4 जनवरी, 2023 को पहली बार प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। दोनों सत्संग में शामिल हुए और महाराज जी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रेमानंदजी ने सीख दी कि जीवन में विपरीतता या कष्ट आना ईश्वर की कृपा का संकेत है। ऐसे समय में ईश्वर का नाम जपते रहना चाहिए। जीवन में यश और प्रसिद्धि की भावना को त्यागकर आंतरिक चिंतन में बदलाव लाना चाहिए। ——————————————- विराट कोहली से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट 6 घंटे बंद रहा , सर्च करने पर लिखा आ रहा था- प्रोफाइल उपलब्ध नहीं विराट कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट गुरुवार रात अचानक बंद हो गया था, जो करीब 6 घंटे बाद फिर से दिखाई देने लगा है। इस दौरान सर्च करने पर उनकी प्रोफाइल नहीं दिख रही थी और डायरेक्ट लिंक से भी अकाउंट नहीं खुल रहा था। पढ़ें पूरी खबर
नवजोत कौर सिद्धू से लेकर मणिशंकर अय्यर तक: कांग्रेस नेता जिन्होंने खुलेआम की राहुल गांधी की आलोचना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 फरवरी, 2026, 11:24 IST कांग्रेस से निष्कासित नेता नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि राहुल गांधी अच्छी बात करते हैं और समझदारी की बात करते हैं, लेकिन वह जो करते हैं और जो कहते हैं, वह बहुत अलग है। नवजोत कौर सिद्धू और मणिशंकर अय्यर दोनों ने हाल ही में राहुल गांधी की आलोचना की है. (छवि: पीटीआई) निष्कासित कांग्रेस नेता और पंजाब की पूर्व मंत्री नवजोत कौर सिद्धू उन नेताओं की सूची में नवीनतम हैं जिन्होंने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तीखी आलोचना की है। कौर ने कहा है कि उन्हें नेतृत्व के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझना मुश्किल लगता है, उन्होंने आरोप लगाया कि वह सभी के साथ समान व्यवहार नहीं करते हैं या बातचीत के लिए खुले नहीं रहते हैं। ”जमीनी हकीकतों से कटे रहने” के लिए गांधी की आलोचना करते हुए कौर ने कहा, ”मुझे लगता है कि जमीन से जुड़े रहना बहुत जरूरी है। ग्राउंड जीरो पर जो हो रहा है वह बहुत महत्वपूर्ण है… आप सपनों की दुनिया में नहीं रह सकते।” उन्होंने आगे कहा, “अगर आपको पता नहीं है कि आपके नीचे क्या हो रहा है… तो मुझे खेद है, आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी अच्छी बात करते हैं और समझदारी से बात करते हैं, लेकिन वह जो करते हैं और जो कहते हैं वह बहुत अलग है। उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ महीने से वह उन्हें यह बताने के लिए समय मांग रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष या पंजाब में नियुक्त व्यक्ति राज्य के साथ न्याय नहीं कर रहा है और पंजाब में कांग्रेस को नष्ट कर रहा है। कौर पहली कांग्रेस नेता (अब निष्कासित) नहीं हैं जिन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ बोला है। जबकि G-23 सदस्य खुले तौर पर गांधी के आलोचक रहे हैं, ऐसे अन्य कांग्रेस नेता भी हैं जिन्होंने उनके खिलाफ बोला है या नेतृत्व के खिलाफ हमला करते हुए कांग्रेस से अलग हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की आलोचना की मणिशंकर अय्यर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने हाल ही में राहुल गांधी की वर्तमान नेतृत्व शैली से खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह खुद को “गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी मानते हैं – लेकिन राहुलवादी नहीं,” राहुल गांधी जिस तरह से आज पार्टी नेतृत्व का प्रतीक हैं, उससे असहमति का संकेत देते हैं। “डॉ. अंबेडकर की एक जीवनी है जिसमें कहा गया है, ‘एक हिस्सा लेकिन अलग।’ तो यही एकमात्र चीज़ है जो मैं कह सकता हूँ। श्री राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं पार्टी का सदस्य हूं, और इसलिए मैं गांधीवादी हूं, मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं, लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं,” अय्यर ने सोमवार को एएनआई से बात करते हुए कहा। भूपेन बोरा असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन बोरा ने सोमवार को चीजों को चलाने के तरीके से असंतोष का हवाला देते हुए पार्टी से अपना इस्तीफा सौंप दिया – एक ऐसा कदम जिसे व्यापक रूप से पार्टी नेतृत्व (राहुल गांधी की भूमिका सहित) की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में समझा गया। हालांकि, पार्टी के हस्तक्षेप के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। शकील अहमद 2025 के बिहार चुनावों के बाद पार्टी छोड़ने के बाद, शकील अहमद ने राहुल गांधी को “डरपोक” (कायर) और असुरक्षित नेता करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी उन वरिष्ठ नेताओं से सीधे जुड़ने से बचते हैं जो उनसे असहमत हैं और इसके बजाय वे सलाहकारों के एक छोटे आंतरिक समूह पर भरोसा करते हैं। अहमद ने आगे दावा किया था कि राहुल गांधी एक “असुरक्षित” नेता हैं जो अनुभवी राजनेताओं को किनारे कर देते हैं और केवल वफादार माने जाने वाले लोगों को बढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार, इस संस्कृति ने पार्टी के भीतर खुली बातचीत को हतोत्साहित किया और राज्य इकाइयों को कमजोर किया – खासकर बिहार में, जहां कांग्रेस को चुनावी संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने “रिमोट-कंट्रोल राजनीति” की भी आलोचना की, जिसमें तर्क दिया गया कि महत्वपूर्ण निर्णय जमीनी स्तर के नेताओं के साथ पर्याप्त परामर्श के बिना लिए जाते हैं। अहमद ने सुझाव दिया कि जब तक अधिक आंतरिक लोकतंत्र और परामर्श की अनुमति देने के लिए नेतृत्व शैली में बदलाव नहीं किया जाता, पार्टी को चुनावी गिरावट का सामना करना पड़ता रहेगा। फुरकान अंसारी झारखंड के एक वरिष्ठ और लंबे समय से कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद राहुल गांधी की खुले तौर पर आलोचना की थी और खराब प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी सहित केंद्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने गांधी की लोगों से जुड़ने की क्षमता पर सवाल उठाया, उनके कार्यालय में एमबीए सलाहकारों पर निर्भरता की आलोचना की और कहा कि पार्टी को खुद को मजबूत करने के लिए अपनी रणनीति और सलाहकारों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था, “क्या वे जानते हैं कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं से कैसे जुड़ना है? बेहतर होगा कि राहुल उन्हें सही राजनीतिक सुझाव देने के लिए किसी राजनेता को अपना सलाहकार रखें।” झारखंड कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जी-23 जी-23 (23 का समूह) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं का एक समूह था, जिसने अगस्त 2020 में अंतरिम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को व्यापक संगठनात्मक सुधारों के लिए एक पत्र लिखा था। हालाँकि यह पत्र सोनिया गांधी को संबोधित था, लेकिन इसकी व्यापक रूप से राहुल गांधी सहित गांधी परिवार के नेतृत्व में पार्टी के कामकाज की आलोचना के रूप में व्याख्या की गई। गुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा सहित वरिष्ठ नेता इस समूह का हिस्सा हैं जिन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 फरवरी, 2026, 11:24 IST समाचार राजनीति नवजोत कौर सिद्धू से लेकर मणिशंकर अय्यर तक: कांग्रेस नेता जिन्होंने राहुल गांधी की खुलकर आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने









