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दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

धार जिले के सरदारपुर में विकलांग बल मध्यप्रदेश संगठन ने शुक्रवार शाम एसडीएम कार्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दिव्यांगों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की गई।ज्ञापन सौंपने के दौरान दिव्यांग एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तहसीलदार मुकेश बामनिया ने मौके पर पहुंचकर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने दिव्यांगों के बीच जमीन पर बैठकर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन 600 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई। दिव्यांगों को योग्यतानुसार नौकरी और रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। उन्हें रोजगार के लिए मंडी और सामुदायिक कार्यालयों में दुकानें उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। इस अवसर पर विकलांग बल के जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान और प्रदेश संगठन मंत्री भरतलाल मुनिया सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।

कई बीमारियों का काल है ये पौधा, सेहत के लिए अमृत समान, सर्दी-खांसी, बुखार हमेशा रहेगा दूर – Uttarakhand News

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Last Updated:February 20, 2026, 21:54 IST गिलोय, जिसे आयुर्वेद में अमृत बेल और अमृता कहा गया है. यह बेल किसी वरदान से कम नहीं क्योंकि यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर थकान मिटाने, बुखार और पाचन की समस्या को दूर करने तक हर तरह की बीमारियों में असरदार मानी जाती है. स्थानीय लोग इसे देसी डॉक्टर के नाम से भी जानते हैं. गिलोय का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है, जिसमें काढ़ा, चाय या जूस शामिल हैं. सुबह शाम इसका जूस लेने से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है. बुखार, कमजोरी या बार-बार बीमार पड़ना आज के बदलते मौसम में आम समस्या बन चुकी है. लोग छोटी-छोटी बीमारियों से परेशान रहते है और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उपाय ढूंढते है. ऐसे में आयुर्वेद की अमूल्य देन गिलोय को ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ और ‘आयुर्वेद में अमृत’ के रूप में जाना जाता है. गिलोय केवल एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य के कई पहलुओं में लाभकारी साबित होती है. लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गिलोय का सेवन आयुर्वेद में हजारों सालों से होता आया है. इसे आयुर्वेद की दृष्टि से कई लाभकारी गुणों वाला माना गया है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है और शरीर को बाहरी संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनाता है. बदलते मौसम में जहां लोग अक्सर बुखार, सर्दी-खांसी और कमजोरी जैसी परेशानियों से जूझते है, वहीं गिलोय इन समस्याओं को कम करने में फायदेमंद हो सकती है. अंगों का स्वास्थ्य बेहतर रहतागिलोय शरीर को डिटॉक्स करने में भी सहायक होती है. यह खून साफ करने और शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है. इसके सेवन से लीवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंगों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. इसके साथ ही यह पाचन शक्ति को मजबूत करती है और गैस, कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करती है. गिलोय का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है. सबसे आम तरीका इसके ताजे रस का है, जिसे लोग सुबह खाली पेट पीना पसंद करते हैं. इसके अलावा गिलोय की गोलियां, चूर्ण और कैप्सूल भी उपलब्ध है. ताकत और ऊर्जा बनाने में उपयोगीगिलोय केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और शरीर को तरोताजा बनाए रखती है. आयुर्वेद में इसे वृद्धावस्था में शरीर की ताकत और ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी उपयोगी बताया गया है. इस तरह गिलोय का नियमित और सही सेवन शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाने में सहायक होता है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : February 20, 2026, 21:54 IST

How To Start Morning: सुबह खाली पेट पानी पीने के कई फायदे

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Last Updated:February 20, 2026, 21:52 IST How To Start Morning: सुबह की शुरुआत ही आपके पूरे दिन को तय करती है. ऐसे में यदि आप दिन चमकते और एनर्जी से भरपूर रहना चाहते हैं, तो सुबह चाय या कॉफी नहीं बल्कि पानी में नींबू, शहद जैसी चीजों को मिलाकर पिएं. मॉर्डन लाइफस्टाइल में सुबह की शुरुआत कॉफी और टी के साथ होती है. लेकिन ये तरीका आपको बहुत ज्यादा देर तक और दिन तक फ्रेश फील करने में मदद नहीं करेंगे.नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि दिन की शुरुआत एक गिलास सादे पानी से करनी चाहिए. यह छोटी-सी आदत शरीर को तुरंत हाइड्रेट करती है और पूरे दिन के लिए ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती है. एनएचएम के अनुसार, रात भर सोने के दौरान शरीर से काफी पानी निकल जाता है, जिससे सुबह तक डिहाइड्रेशन की स्थिति बन जाती है. एक गिलास पानी पीने से यह कमी तुरंत पूरी हो जाती है और शरीर नए सिरे से सक्रिय हो उठता है. गुनगुना पानी पीने के फायदेस्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह उठकर सबसे पहले 1 या 2 गिलास गुनगुना पानी पिएं. इसमें नींबू या शहद मिलाना वैकल्पिक है, लेकिन सादा पानी सबसे अच्छा माना जाता है. ज्यादा ठंडा या बहुत गर्म पानी के सेवन से बचें. धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पीना चाहिए, एक साथ बहुत ज्यादा न पिएं. इस छोटी आदत को दिनचर्या में शामिल कर लंबे समय तक सेहतमंद रहा जा सकता है. सुबह पानी से शुरू होने वाला दिन तरोताजा, एनर्जी से भरपूर और सकारात्मक रहता है. सुबह खाली पेट पानी पीने के कई फायदेयह छोटी सी आदत इम्यून सिस्टम को मजबूती देता है. शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. इससे इम्यून सिस्टम बेहतर काम करता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. सुबह पानी पीने से आंतों की मूवमेंट तेज होती है. पेट साफ रहता है और भोजन अच्छी तरह पचता है. इससे एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं भी कम होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है. वेट लॉस में भी फायदेमंदसुबह का एक गिलास पानी वजन घटाने में भी सहायक है. सुबह पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है. इससे कैलोरी बर्निंग तेज होती है और भूख भी कंट्रोल रहता है, जो वजन कम करने में मददगार साबित होता है. साथ ही पर्याप्त पानी से त्वचा हाइड्रेटेड रहती है. इससे चेहरा चमकदार दिखता है, झुर्रियां कम होती हैं और मुंहासे जैसी समस्याएं भी घटती हैं. कब्ज में भी कारगरकब्ज से परेशान लोगों के लिए भी एक गिलास पानी राहत देता है. सुबह पानी पीने से आंतों में नमी बनी रहती है और मल त्याग आसान हो जाता है. नियमित रूप से यह आदत अपनाने से कब्ज की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 20, 2026, 21:52 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

छतरपुर हाईवे पर हादसा, मां-बच्चे बंदरों की मौत:राहगीरों और इवेंट ग्रुप ने किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

छतरपुर हाईवे पर हादसा, मां-बच्चे बंदरों की मौत:राहगीरों और इवेंट ग्रुप ने किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

छतरपुर जिले के खजुराहो-पन्ना नेशनल हाईवे पर ग्राम गठेवरा के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक मादा बंदर और उसके सीने से चिपके बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि मां और उसके शरीर से लिपटा शिशु वाहन की टक्कर से बच नहीं सके। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान कानपुर से आए वीर चक्रधारी झांकी ग्रुप और महाकाल इवेंट ग्रुप के सदस्य, जो छतरपुर में एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे, उन्होंने यह दृश्य देखा। ग्रुप के सदस्यों- वीर, पिंकी, राहुल, राहुल शुक्ला और राहुल महाकाल- ने अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत स्थानीय लोगों से संपर्क किया। उनकी सूचना पर नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रुप के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मिलकर दोनों मृत बंदरों को सम्मानपूर्वक सड़क से हटाया। इसके बाद हाईवे किनारे गड्ढा खोदकर पूजा-पाठ के साथ विधिवत अंतिम संस्कार किया गया, ताकि शवों को आवारा जानवर नुकसान न पहुंचा सकें। यह ग्रुप शादी और धार्मिक आयोजनों में शिव-पार्वती की झांकी प्रस्तुत करता है। राहुल महाकाल और अजय मिश्रा (वीर ग्रुप) ने इस अवसर पर कहा कि सच्ची श्रद्धा केवल मंच पर नहीं, बल्कि कर्मों में भी दिखनी चाहिए। इवेंट ग्रुप और एनएचएआई टीम की इस पहल को मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

सुमित्रा कासडेकर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं:बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने किया सम्मान

सुमित्रा कासडेकर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं:बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने किया सम्मान

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पंकजसिंह तेकाम ने बुरहानपुर जिले के नेपानगर से पूर्व विधायक सुमित्रा कासडेकर को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंतखंडेलवाल की सहमति से की गई। शुक्रवार शाम बुरहानपुर विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने श्रीमती कासडेकर का अंग वस्त्र पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया। विधायक चिटनिस ने इस अवसर पर कहा कि कासडेकर ऊर्जावान और भाजपा की निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि वे पार्टी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहती हैं, और प्रदेश के जनजाति क्षेत्र में उनकी पकड़ से संगठन को मजबूती मिलेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉक्टर मनोज माने ने कहा कि भाजपा संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी के प्रति समर्पित भाव से काम करता है। इस दौरान महामंत्री चिंतामन महाजन, भाजपा कोषाध्यक्ष कैलाश पारीक और पूर्व उपसरपंच सचिन मंडलकर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

एमएसपी गारंटी कानून, अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:अशोकनगर पहुंची किसान जागृति यात्रा, रैली निकाली; कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा

एमएसपी गारंटी कानून, अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:अशोकनगर पहुंची किसान जागृति यात्रा, रैली निकाली; कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही ‘किसान जागृति यात्रा’ शुक्रवार को अशोकनगर पहुंची। यात्रा के स्वागत में जिले भर के किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर-बाइक रैली निकाली, जिसने शहर में शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया। यह रैली त्रिदेव मंदिर, विदिशा रोड से शुरू हुई। सेन चौराहा और नया बस स्टैंड होते हुए यह राजमाता चौराहे पर समाप्त हुई, जहां एक आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, हरियाणा के अभिमन्यु कुहाड़ और राजस्थान के इंद्रजीत पन्नीवाला सहित कई किसान नेता शामिल हुए। इन नेताओं ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी को कानूनी दर्जा नहीं मिलेगा, किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिलेगा और उनका शोषण जारी रहेगा। किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अमेरिका से आयातित जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) उत्पादों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जीएम सोया तेल के आयात से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के सोयाबीन उत्पादकों को भारी नुकसान हो सकता है। इसका डेयरी उद्योग पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। रैली के समापन पर, किसान प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर डी.एन. सिंह को मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, अमेरिका के साथ हुई कृषि व्यापार डील को रद्द करना, पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक उपकरण और मुआवजा, गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित करना तथा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में, किसान नेताओं ने किसानों से 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

Jhalawar Accident | Car-Bike Collision Kills 4

Jhalawar Accident | Car-Bike Collision Kills 4

झालावाड़ में जीप और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में बाइक सवार 4 लोगों की मौत हो गई। झालावाड़ में बोलेरो और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। बाइक सवार चारों लोग राजस्थान से मध्य प्रदेश जा रहे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को चौमहला अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया। . बैग में मिले आधार कार्ड से 3 व्यक्तियों की पहचान हुई है, जो मध्य प्रदेश के मंदसौर के रहने वाले थे। दस्तावेज नहीं मिलने के कारण एक अन्य मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। हादसा शुक्रवार देर शाम करीब 7:30 बजे गंगधार थाना क्षेत्र में हुआ। पहले देखिए हादसे की 3 फोटो… कार और बाइक भिड़ंत में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में शिकार चार लोगों एक ही बाइक पर सवार थे। हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। एक ही बाइक पर बैठे थे 4 लोग डीएसपी हेमंत गौतम ने बताया- डग-चौमहला रोड पर करनपुरा गांव के पास बोलेरो और बाइक में भिड़ंत हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। बाइक डग से गंगधार की तरफ आ रही थी, जबकि बोलेरो गंगधार से डग की तरफ जा रही थी। इसी दौरान करनपुरा गांव के पास दोनों गाड़ियों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। भिड़ंत में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मरने वाले चारों लोग एक ही बाइक पर सवार थे। बैग से 3 आधार कार्ड मिले, मध्यप्रदेश के निवासी डीएसपी ने बताया- मृतकों के बैग से 3 आधार कार्ड मिले हैं। इनकी पहचान मंदसौर निवासी राजपाल पुत्र परबत सिंह निवासी झांगरिया गांव, थाना सीतामऊ, जवाहरलाल पुत्र रामचंद्र निवासी झांगरिया गांव, थाना सीतामऊ और नरेश पुत्र कालूलाल निवासी उदयपुर गांव के रूप में हुई है। परिजन को दी हादसे की जानकारी हेमंत गौतम ने बताया- थाना अधिकारी अमरनाथ योगी ने आधार कार्ड में लिखे पते पर परिजन से संपर्क किया और हादसे की जानकारी दी। मृतकों के परिजन के चौमहला पहुंचने के बाद ही उनकी अधिकृत पहचान हो पाएगी। हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें सरकारी टीचर पति-पत्नी और भाभी की मौत, 14 बच्चे अनाथ:ससुराल में शादी से लौट रहे थे घर, ट्रॉले में घुसी तेज रफ्तार बाइक डूंगरपुर में सरकारी टीचर, उनकी पत्नी और भाभी की सड़क हादसे में मौत हो गई। तीनों एक बाइक पर बैठकर शादी समारोह से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आगे चल रहे ट्रॉले ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे बाइक ट्रॉले में घुस गई। (पूरी खबर पढ़ें)

126 जोड़ों का विवाह, बेटियों को 49 हजार की सहायता:मंदसौर में वक्ता बोले-विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मिलन है

126 जोड़ों का विवाह, बेटियों को 49 हजार की सहायता:मंदसौर में वक्ता बोले-विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मिलन है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मन्दसौर के ग्राम बेहपुर में शुक्रवार को 126 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हुआ। इनमें से 60 जोड़ों ने योजना का लाभ प्राप्त किया। इसके तहत प्रत्येक वधू को राज्य सरकार की ओर से 49 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, वर-वधू के परिजन, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में साधु-संतों का सान्निध्य भी मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, जनपद अध्यक्ष बसंत शर्मा, नानालाल अटोलिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर भाग लिया। विवाह हमारी संस्कृति की आधारशिला इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, जो समाज और परिवार की आधारशिला है। सामूहिक विवाह सम्मेलन आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहयोग एवं संबल का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा के 16 संस्कारों में पाणिग्रहण संस्कार अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मिलन है, जो समाज में सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करता है। बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में पहल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करने के साथ उनके नए जीवन की शुरुआत को आर्थिक संबल प्रदान करना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल रही है और बेटियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी गईं। नवविवाहिता जोड़ों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।

'यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक लगाने की मांग:विदिशा में यादव समाज कलेक्टर से मिला; डायरेक्टर, प्रोड्यूसर पर FIR की अपील

'यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक लगाने की मांग:विदिशा में यादव समाज कलेक्टर से मिला; डायरेक्टर, प्रोड्यूसर पर FIR की अपील

यादव समाज ने प्रस्तावित बॉलीवुड फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के नाम को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने और इसके डायरेक्टर व प्रोड्यूसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री में यादव समाज की छवि को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है। समाज के प्रतिनिधियों का तर्क है कि किसी विशेष जाति को फिल्म के शीर्षक में इस तरह प्रस्तुत करना सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है और उसकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। समाजजनों ने इस बात पर जोर दिया कि यादव समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसी किसी भी प्रस्तुति को स्वीकार नहीं किया जाएगा जो समाज की छवि को नकारात्मक रूप में दर्शाती हो। प्रतिनिधियों ने पूर्व में आई फिल्म ‘120 बहादुर’ को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कुछ फिल्मों के नाम बदले जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जाति विशेष के नाम पर फिल्में बनाई जा रही हैं। इसे उन्होंने दोहरे मापदंड की नीति करार दिया। यादव समाज के प्रतिनिधि रविंद्र यादव ने चेतावनी दी कि समाज की भावनाओं को बार-बार ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

बालाघाट में कल 5 घंटे लाइट बंद रहेगी:दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक मेंटेनेंस कार्य चलेगा, कई इलाके प्रभावित

बालाघाट में कल 5 घंटे लाइट बंद रहेगी:दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक मेंटेनेंस कार्य चलेगा, कई इलाके प्रभावित

बालाघाट में 21 फरवरी को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली गुल रहेगी। 132 केवी सबस्टेशन में मरम्मत और रखरखाव का काम होना है, जिसकी वजह से बिजली कंपनी ने 4 घंटे का कट लगाने का फैसला किया है। बिजली कंपनी के मुताबिक, इस काम की वजह से शहर के सरेखा-1 और सरेखा-2 बिजली केंद्रों से जुड़े सभी इलाकों की बत्ती गुल रहेगी। सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि लालबर्रा, वरासिवनी, बैहर और लांजी जैसे ग्रामीण इलाकों की सप्लाई भी बंद रखी जाएगी। इससे घर, दुकान और बड़े कारखानों, सभी का काम प्रभावित होगा। इन खास इलाकों में कटेगी बिजली मरम्मत के दौरान गर्रा, कनकी, लोहरा और सालेटका जैसे उपकेंद्रों से जुड़ी सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इसका असर 36वीं बटालियन कनकी, कोसमी के पोहा उद्योग और मानेगांव की राइस मिलों पर भी पड़ेगा। साथ ही, भटेरा और बुढ़ी स्थित जल निगम की मशीनों को भी बिजली नहीं मिल पाएगी। जरूरी काम पहले ही निपटा लें कंपनी ने साफ किया है कि गर्रा, भमोडी, नवेगांव और छिंदगांव जैसे क्षेत्रों में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली नहीं आएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे पानी भरने या मोबाइल चार्ज करने जैसे जरूरी काम दोपहर 1 बजे से पहले ही निपटा लें, ताकि बिजली बंद होने पर कोई बड़ी परेशानी न हो।