नर्मदापुरम में 4.22 करोड़ की मूंग हेराफेरी में FIR:वेयरहाउस संचालिका, रिश्तेदार और चौकीदार बने आरोपी, ताला बदलकर गायब की 9899 बोरी मूंग

नर्मदापुरम जिले के माखननगर के एकलव्य वेयरहाउस से गायब 9899 बोरी सरकारी मूंग मामले में आखिरकार शुक्रवार को एफआईआर हो गई। शाम 6 बजे माखननगर थाने में एकलव्य वेयरहाउस की संचालिका आरती पति नरेंद्र तोमर निवासी इंदौर, उसके रिश्तेदार अमित तोमर निवासी नर्मदापुरम और चौकीदार अमर कौल के खिलाफ अमानत में ख़यानत का केस दर्ज किया। मूंग की कीमत 4 करोड़ 22 लाख 21 हजार रुपए है। पांच दिन पहले वेयरहाउस से 8-9 हजार मूंग चोरी होने का मामला उजागर हुआ था। जिससे मामला गर्मा गया। मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन ब्रांच मैनेजर हेमंत चंदेल ने मूंग चोरी के शक में शिकायत की थी। मामले में मप्र वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरटे, जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे, नायब तहसीलदार अंकित मौर्य ने 16 फरवरी को वेयरहाउस का ताला तुड़वाकर मूंग देखी थी। जहां बड़ी मात्रा में मूंग से भरी बोरियां गायब मिली और स्टैक में रखी मूंग में मिट्टी, कचरे की मिलावट मिली थी। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया वेयरहाउस से सरकारी मूंग गायब मामले में संचालिका आरती नरेंद्र तोमर, उसके सहयोगी अमित तोमर और चौकीदार अमर कौल के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसकी जाँच कर रहे है। 9899 बोरी गायब, स्टॉक में मिलावट की टीम द्वारा वेयरहाउस में रखे मूंग का स्टॉक 18 फरवरी 19 फरवरी को चेक किया। अंतिम जांच प्रतिवेदन में एकलव्य वेयरहाउस ऑनलाइन WHR अनुसार कुल 62694 बोरी वजन 21345 कि. जमा होना दर्शित है जबकि गोदाम का रिस्टेकिंग के बाद भौतिक सत्यापन करने पर 52795 बोरी पाई गई है। 9899 बोरी कम पाई गई है। जिसकी कीमत WHR मूल्य 4 करोड़ 22 लाख 21 हजार 710 रुपए है। गोदाम संचालिका आरती नरेंद्र तोमर, उसके रिश्तेदार अमित तोमर और चौकीदार अमर कौल द्वारा गोदाम में रखी सरकारी मूंग की हेरा-फेरी अमानत में बयानत किया। सरकारी ताला तोड़कर उसी कंपनी का लगाया ताला वेयरहाउस में आरोपियों द्वारा एक शटल में लगा सरकारी एक ताला तोड़कर उसी कंपनी का दूसरा ताला भी लगाया गया। जांच में पाया गया कि गोदाम में लगे 11 तालों में से 10 ताले सही पाएं गए। एक ताला क्रमांक XG 49702 मौके पर नहीं मिला, गोदरेज नवताल उसके स्थान पर ताला क्रमांक ZB 35742 पाया गया। जो कि MPWLC का नहीं है, जिससे स्पष्ट है कि गोदाम संचालक द्वारा MPWLC का ताला तोड़कर उसी कंपनी का हू-बहू ताला मुख्य शटर (बड़ी शटर) पर लगाया गया। वेयरहाउस संचालिका आरती नरेंद्र तोमर ने वेयरहाउस से मूंग गायब होने के मामले में थाने में लिखित शिकायत 14 फरवरी को की। उसके बाद से अबतक संचालिका, उसके रिश्तेदार अमित तोमर मामला उजागर होने के बाद पांच दिन बाद भी सामने नहीं आएं। वेयरहाउस द्वारा उन्हें बुलाया भी गया। लेकिन अब तक सामने नहीं आ पाएं।
बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला:'जन आक्रोश रथ यात्रा' टीकमगढ़ पहुंची, वकीलों से चर्चा, हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा

टीकमगढ़ में शुक्रवार को पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शाम साढ़े सात बजे हाथों में मशालें लेकर जुलूस निकाला और अलग राज्य बनाने के लिए हुंकार भरी। इस दौरान केंद्र सरकार पर अपना वादा पूरा न करने के आरोप भी लगाए गए। मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने बताया कि 16 फरवरी से 13 मार्च तक ‘जन आक्रोश रथ यात्रा’ निकाली जा रही है। यह यात्रा चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू हुई है और बांदा, पन्ना, दमोह और सागर होते हुए टीकमगढ़ पहुंची है। यात्रा का समापन रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में होगा। उनका कहना है कि अब अलग राज्य के लिए संघर्ष अपने आखिरी दौर में है। जनप्रतिनिधियों को दी चेतावनी भानु सहाय ने उन जनप्रतिनिधियों पर कड़ा प्रहार किया जो राज्य निर्माण की मांग पर चुप हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो नेता निजी स्वार्थ की वजह से जनता की इस मांग के साथ नहीं खड़े हैं, उनके असली चेहरे उजागर किए जाएंगे। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि ऐसे नेताओं को ‘जनता की अदालत’ में सबक सिखाया जाए। वकीलों और जनता का मिला समर्थन टीकमगढ़ प्रवास के दौरान मोर्चा के सदस्यों ने जिला कोर्ट पहुंचकर वकीलों और आम लोगों से चर्चा की। इस अभियान को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के साथ-साथ बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। वकीलों ने भी इस मांग को जायज बताते हुए अपना समर्थन देने का भरोसा दिया। अगले पड़ाव की ओर बढ़ी यात्रा टीकमगढ़ में समर्थन जुटाने के बाद अब यह रथ यात्रा ललितपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाकों में प्रवेश करेगी। इस मशाल जुलूस और प्रदर्शन के दौरान अशोक सक्सेना, रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल और भगवान सिंह यादव सहित भारी संख्या में मोर्चा के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
रीवा में 30 हजार लेते चौकी प्रभारी का ड्राइवर पकड़ाया:लोकायुक्त की कार्रवाई; समझौता कराने की एवज में की थी 1 लाख की डिमांड

रीवा जिले के लोकायुक्त संभाग ने शुक्रवार को चौकी चचाई में बड़ी ट्रैप कार्रवाई की। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक रामपाल दाहिया के कहने पर उनके वाहन चालक अंकुर कुमार को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने बताया कि ग्राम चचाई निवासी 60 वर्षीय शिवकुमार कोल ने 18 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बहू मालती कोल का पड़ोसी से विवाद हुआ था। इसी मामले में चौकी प्रभारी ने उनके बेटे पुष्पेंद्र कोल के खिलाफ शिकायत में समझौता कराने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग की। शिकायत की जांच में रिश्वत मांगना सही पाए जाने पर 20 फरवरी को ट्रैप टीम गठित की गई। तय योजना के अनुसार चौकी प्रभारी के कहने पर उनका चालक अंकुर कुमार रिश्वत की पहली किश्त 30 हजार रुपए लेने पहुंचा। चचाई मोड़ स्थित एक घर के चौगान में जैसे ही उसने रकम ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार ने किया। टीम में निरीक्षक उपेंद्र दुबे सहित 12 सदस्य और दो स्वतंत्र गवाह शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो मोबाइल नंबर 9893607619 पर शिकायत करें। लोकायुक्त ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
20 मिनट में हेल्थ की पूरी जांच, रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार भी नहीं

Last Updated:February 20, 2026, 21:20 IST इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में क्लिनिक्स ऑन क्लाउड का हेल्थ एटीएम पेश हुआ, जो 20 मिनट में स्वास्थ्य जांच करता है. 150 शहरों में 3000 से ज्यादा मशीनें लग चुकी हैं. 80 रुपए में ज्यादातर जरूरी जांच कराई जा सकती हैं. नई दिल्ली. अब एटीएम का मतलब सिर्फ पैसे निकालना नहीं रहा. यहां पर स्वास्थ्य की जांच भी कराई जा सकती है. दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक ऐसा ‘हेल्थ एटीएम’ पेश किया गया है, जो चंद मिनटों में आपका पूरा स्वास्थ्य जांच लेता है. क्लिनिक्स ऑन क्लाउड कंपनी द्वारा विकसित यह मशीन ‘हेल्थ फॉर ऑल’ मिशन को मजबूती दे रही है और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रही है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ अभय अग्रवाल ने बताया कि यह हेल्थ एटीएम पोर्टेबल है और कहीं भी लगाया जा सकता है. इसमें सिर्फ 20 मिनट लगते हैं, जिसमें पूरे शरीर की जांच हो जाती है. जांच के बाद रिपोर्ट कुछ ही सेकेंड में आपके व्हाट्सएप नंबर पर पहुंच जाती है. इस मशीन से जनरल हेल्थ चेकअप के साथ-साथ हृदय, कान, आंख, फेफड़े, किडनी, डायबिटीज, त्वचा रोग, एनीमिया और मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी की जा सकती है. यह एआई आधारित मशीन गांवों और छोटे कस्बों के लिए वरदान है, जहां डॉक्टर और अस्पताल कम हैं. जांच बहुत सस्ती है और रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है. कंपनी ने ‘बॉक्स क्लिनिक’ भी लॉन्च किया है, जो एक पोर्टेबल हेल्थ यूनिट है. इसे डोर-टू-डोर मेडिकल सर्विस, हेल्थ कैंप और आशा वर्कर्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा ‘हेल्थ लाउंज’ स्कूल, फिटनेस सेंटर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल और विश्वविद्यालयों जैसी जगहों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. अभी तक देश के 150 शहरों में तीन हजार से ज्यादा हेल्थ एटीएम लग चुके हैं. इनके जरिए आठ मिलियन (80 लाख) से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य जांच हो चुका है. यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को हर घर तक पहुंचाने में मदद कर रही है. समिट में आने वाले लोग अपने स्वास्थ्य की जांच करा रहे हैं, उन्हें यह मशीन बहुत ही उपयोगी लग रही है. यह मशीन दूर दराज इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकती है. Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 20, 2026, 21:20 IST
होली 2026: होली पर मेथी साबूदाना पकौड़े, ठंडी और रंगीन ड्रिंक्स के साथ बेस्ट बेस्ट बेस्ट; नुस्खा बताएं

होली स्नैक्स: होली को लेकर सामुहिक शुभारम्भ हो गया है। रंगीन होली 4 मार्च को मनाई जाएगी, त्योहार को मजेदार बनाने के लिए हम आज आपको एक खास संप्रदाय के बारे में बताते जा रहे हैं। जो व्रत में भी खा सकते हैं। हम बात कर रहे हैं मेथी साबूदाना पकोड़े की। इन पकौड़े में ताजी मेथी की सब्जी, इलेक्ट्रिक आलू, आलू और आलू के चिप्स हैं, जबकि साबूदाना और मैश्ड आलू नरम और कुरकुरे हैं. ये गर्म चाय, स्वादिष्ट ठंडाई या कलरफुल होली ड्रिंक्स के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन देते हैं। ये बाहर से काले और भूरे रंग के होते हैं और अंदर से नग्न होते हैं। इसलिए पार्टी में जल्दी ख़त्म हो जाते हैं। मेथी साबूदाना पकौड़े कैसे बनायें? साबूदाना को 4-5 घंटे या रात भर का उपयोग करें। अच्छे से अच्छा पानी निकाल कर, बिल्कुल सूखा करलें। आलूकर चटनी और मैश कर लें। मेथी नामांकित को ढोकर नेपोलियन काट लें। बड़ी कटोरी में साबूदाना, मैश्ड आलू, कटी मेथी और मूंगफली पाउडर डोंडी हैंड्स हैंड्स। हरी मिर्च, अदरक पेस्ट, जीरा, लाल-काली मिर्च पाउडर, नींबू रस, चीनी और नमक सभी अच्छे से मिलाएं। धीरे-धीरे चावल का आटा डालें (शुरू में 4 मसाले) और गूंथें जब तक नॉन-स्टिकी दो न बन जाए। थोड़ा और आटा चाहिए। छोटा गोल या बेबी साइज पकौड़े खरीदें। मध्यम-तेज़ आँच पर तेल गर्म करें। पकौड़ों को बैच में मोनोलैन्ड ब्राउन और क्रिस्पी होने तक मुफ़्त में प्राप्त करें। टिशु पेपर पर आरंभ। ग्रीन, इमली की चटनी या होली स्पेशल डिप्स के साथ गरमा गरम सर्व करें। ये पकौड़े काफी देर तक क्रिस्पी रहते हैं। इसे पहले से 24 घंटे फ़र्ज़ी में रखा जा सकता है। फिर से मुफ़्त करें। होली के रंगों में इन टेस्टी पकौड़ों को शामिल कर परिवार और दोस्तों के साथ मजा लें। क्योंकि होली का त्योहार रंग-बिरंगा और स्वाद से भरपूर होना चाहिए।
Trump Tariff Cancelled by US Supreme Court

वॉशिंगटन डीसी40 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के तीन घंटे बाद ट्रम्प ने प्रेस कांफ्रेंस करके नए टैरिफ का ऐलान किया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। ट्रम्प ने इसकी आलोचना करते हुए कहा- यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। ट्रम्प ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ट्रम्प बोले- जजों में सही काम करने की हिम्मत नहीं ट्रम्प ने कहा कि जज ‘कट्टर वामपंथियों के पालतू’ हैं। वे देशभक्ति नहीं दिखा रहे हैं और संविधान के प्रति वफादार भी नहीं हैं। जज कुछ लोगों से डरते हैं इसलिए सही फैसला लेना नहीं चाहते। ट्रम्प ने इस फैसले को “बहुत निराशाजनक” बताया और कहा, “मुझे अदालत के कुछ लोगों पर शर्म आती है। बिल्कुल शर्म आती है कि उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।” उन्होंने उन तीन कंजरवेटिव जजों की तारीफ की, जिन्होंने इस फैसले से असहमति जताई थी। जिन जजों ने टैरिफ को रद्द किया, उनकी आलोचना करते हुए ट्रम्प ने कहा, “वे हर उस चीज के खिलाफ हैं जो अमेरिका को मजबूत और फिर से महान बनाती है। वे हमारे देश के लिए शर्म की बात हैं। वे हर बार ‘ना’ कहने वाले जज हैं।” ट्रम्प के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 अहम बातें… सुप्रीम कोर्ट के रद्द किए गए टैरिफ लागू करने के लिए मुझे संसद की जरूरत नहीं है। मैं इन्हें राष्ट्रपति के मिले अधिकारों के जरिए लागू कर सकता हूं। सुप्रीम कोर्ट में रिफंड को लेकर कोई साफ बात नहीं कही गई है। इसलिए अमेरिकी सरकार किसी भी कंपनी को टैरिफ के रूप में वसूला गया पैसा वापस नहीं करेगी। जज ने बहुत ही घटिया फैसला सुनाया है। मुझे लगता है कि अब इस मामले पर अगले दो साल तक कोर्ट में मुकदमा चलेगा। हम अगले 5 साल तक कोर्ट में ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विदेशी ताकतों का असर पड़ा है। अगर टैरिफ नहीं लगाए गए, तो विदेशी देश कुछ उद्योगों में अमेरिका से आगे निकलते रहेंगे। टैरिफ लगाने का यह कदम कई साल पहले के राष्ट्रपतियों को उठा लेना चाहिए था। उन्होंने हमारे देश को कमजोर होने दिया और दूसरे देशों को फायदा उठाने दिया। सेक्शन 122 के जरिए टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प सेक्शन 122 अमेरिका के एक कानून का हिस्सा है, जिसे ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 कहा जाता है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि अगर देश को अचानक व्यापार घाटे या आर्थिक संकट का खतरा हो, तो वे तुरंत आयात पर टैरिफ लगा सकते हैं। इसके तहत राष्ट्रपति बिना लंबी जांच प्रक्रिया के अस्थायी तौर पर टैरिफ लगा सकते हैं। आमतौर पर यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है। इस दौरान सरकार स्थिति की समीक्षा करती है और आगे का फैसला लेती है। NBC न्यूज के मुताबिक दुनिया के सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 10% का एक जैसा ग्लोबल टैरिफ लगाने का मतलब होगा कि जिन देशों पर ज्यादा टैरिफ लगा है वह खुद घट जाएगा। निक्सन ने 55 साल पहले लगाया था 10% ग्लोबल टैरिफ साल 1971 में अमेरिका और दुनिया के बीच व्यापार और भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट) में भारी असंतुलन हो गया था। अमेरिका लगातार ज्यादा आयात कर रहा था और निर्यात कम कर पा रहा था, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद निक्सन ने दुनियाभर के देशों पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद यह महसूस किया गया कि भविष्य में अगर ऐसी आर्थिक आपात स्थिति आती है, तो राष्ट्रपति के पास ऐसी चीजों से निपटने के लिए कानूनी अधिकार होने चाहिए। इसी मकसद से 1974 में “ट्रेड एक्ट 1974” पारित किया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सेक्शन 122 का पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसलिए यह भी साफ नहीं है कि अगर इसे अदालत में चुनौती दी गई, तो अदालतें इसकी व्याख्या किस तरह करेंगी। ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो) कोर्ट की ट्रम्प को फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे। जस्टिस ब्रेट कैवनॉ को राष्ट्रपति
क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी से तलाक लिया:बोले- कम उम्र में शादी की, इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी

क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी ईशानी जौहर से तलाक ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। राहुल ने लिखा कि कम उम्र में शादी होने से वह खुद को और अपने जीवन की दिशा को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे। पिछले 15 महीने अदालतों के चक्कर लगाते हुए बीते। उन्होंने लिखा, सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला मेरे फैसले के साथ समाप्त हुआ, लेकिन इसके लिए मुझे बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। राहुल उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने 22 साल की उम्र में 9 मार्च, 2022 को ईशानी के साथ गोवा में डेस्टिनेशन वेडिंग की थी। अब शादी के करीब 4 साल बाद दोनों ने अलग होने का फैसला लिया है। वहीं, तलाक को लेकर अब तक ईशानी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल ने लिखा- मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रहा हूं राहुल चाहर ने ‘X’ पर लिखा- मैंने कम उम्र में शादी की थी। उस समय मैं खुद को, अपनी कीमत को और उस जीवन को पूरी तरह नहीं समझ पाया था, जिसे मैं सच में बनाना चाहता था। इसके बाद मेरे जीवन में ऐसे साल आए, जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पिछले 15 महीने मैं अदालत के चक्कर लगाता रहा। इस दौरान मैंने धैर्य रखना, सहन करना और सच से मिलने वाली ताकत को समझना सीखा। आज मेरे जीवन का वह अध्याय कानूनी तौर पर खत्म हो गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला मेरे फैसले के साथ समाप्त हुआ, जिसकी मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ी। मैं इस अध्याय को गुस्से या पछतावे के साथ नहीं, बल्कि साफ सोच के साथ बंद कर रहा हूं। मैंने सीखा है कि कुछ रिश्ते हमेशा के लिए नहीं होते। वे हमें जगाने, सिखाने और बदलने के लिए आते हैं। अब मैं पहले से ज्यादा समझदार और आत्म-जागरूक हूं। मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रहा हूं, उस भविष्य की ओर, जिसे पाने का मुझे विश्वास है कि मैं हकदार हूं। 2022 में दोनों की शादी हुई थी राहुल चाहर और ईशानी की मुलाकात शादी से 4 साल पहले कॉमन दोस्तों के जरिए हुई थी। यहीं से दोनों की जान-पहचान शुरू हुई। धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं और दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कई साल तक डेट किया। फिर 9 मार्च, 2022 को गोवा में राहुल चाहर ने बेंगलुरु की फैशन डिजाइनर ईशानी से शादी की। इस शादी में कई क्रिकेटर, सेलिब्रिटी और दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार शामिल हुए थे। शादी के बाद दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोनों की तलाक की खबरें सामने आ रही थीं। क्रिकेटर राहुल और दीपक चाहर चचेरे भाई राहुल चाहर भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर के चचेरे और ममेरे भाई हैं। राहुल और दीपक की उम्र में 7 साल का अंतर है। दीपक बड़े हैं। दीपक चाहर के चाचा और उनकी मौसी ने आपस में शादी की है। इसके चलते उनकी मौसी ही उनकी चाची भी बन गईं। इसी वजह से राहुल उनके मौसी और चाचा के बेटे भी लगते हैं। राजस्थान में राहुल चाहर का जन्म हुआ था राहुल चाहर का जन्म 4 अगस्त 1999 को राजस्थान के भरतपुर में हुआ था। वह दाएं हाथ के लेग स्पिनर हैं। राहुल ने 16 साल की उम्र में 2016-17 रणजी ट्रॉफी में राजस्थान के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। एक स्पिनर के रूप में उन्होंने जल्दी ही पहचान बना ली। राहुल ने भारत अंडर-19 और इंडिया ए टीम में जगह बनाई। घरेलू लिस्ट ए और टी20 टूर्नामेंट में वह लगातार राजस्थान के प्रमुख विकेट लेने वालों में शामिल रहे। साल 2025 में उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप के लिए खेलते हुए डेब्यू मैच में 8/51 का रिकॉर्ड प्रदर्शन किया, जो किसी भी गेंदबाज का 166 साल में सर्वश्रेष्ठ डेब्यू रिकॉर्ड था। राहुल ने राइजिंग पुणे सुपरजायंट से IPL डेब्यू किया राहुल ने 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट से आईपीएल डेब्यू किया। लेकिन 2018 में मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद उन्हें खास पहचान मिली। मुंबई के 2019 और 2020 के खिताबी सीजन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। बाद में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपनी पकड़ मजबूत की। आईपीएल में वह करीब 80 मैचों में 75 विकेट ले चुके हैं और उनकी इकॉनमी लगभग 7.7 रही है। CSK ने इस साल राहुल चाहर को अपनी टीम के साथ जोड़ा है। टीम ने राहुल को 5.20 करोड़ रूपए में खरीदा है। अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर राहुल ने 2019 में टी20 इंटरनेशनल और 2021 में वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया। वनडे डेब्यू में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 3/54 का प्रदर्शन किया। अब तक उन्होंने एक वनडे और 6 टी20 मैच खेले हैं। अभी वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। ———- ये खबर भी पढ़ें ‘हम मुसलमान, सैनी से बेटी की शादी कैसे करते’:संभल में पिता बोला- प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी थी, बेटे ने मार डाला ‘मेरी बेटी शिवम सैनी नाम के लड़के से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी। गांववाले मेरा मजाक उड़ा रहे थे। इसके चलते मैं परेशान था। दो दिन पहले वह शिवम के साथ भाग गई। बाद में थाने पहुंची। वहां पंचायत हुई, तो बेटी हमारे साथ आने को राजी नहीं हुई। वह शिवम के साथ अमरोहा रिश्तेदारी में चली गई। पढ़ें पूरी खबर…
608 Engineer Posts, Merit Basis Selection

Hindi News Career HPCL Recruitment 2026: 608 Engineer Posts, Merit Basis Selection 6 घंटे पहले कॉपी लिंक हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) में अप्रेंटिस के 608 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट hindustanpetroleum.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग ले रखी है या जिनके पास एक साल या इससे ज्यादा का अनुभव है, वे आवेदन नहीं कर सकते हैं। स्टेट वाइस वैकेंसी डिटेल्स : स्टेट का नाम पदों की संख्या आंध्र प्रदेश 62 असम 8 बिहार 11 चंडीगढ़ 8 छत्तीसगढ 8 दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (यूटी) 1 दिल्ली 16 गोवा 5 गुजरात 29 हरयाणा 16 हिमाचल प्रदेश 3 जम्मू और कश्मीर 8 झारखंड 11 कर्नाटक 44 केरल 15 लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) 1 मध्य प्रदेश 22 महाराष्ट्र 114 ओडिशा 22 पंजाब 23 राजस्थान 39 तमिलनाडु 35 तेलंगाना 22 उतार प्रदेश। 40 उत्तराखंड 8 पश्चिम बंगाल 37 कुल 608 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 25 साल एससी/एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी-एनसील : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी : 10 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्टाइपेंड : 25,000 रुपए प्रतिमाह क्वालिफाइंग मार्क्स : सामान्य/ओबीसी-एनसील/ईडब्ल्यूएस : 60% अंक एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी : 50% अंक ऐसे करें आवेदन : एचपीसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट jobs.hpcl.co.in पर विजिट करें। करियर सेक्शन में अप्रेंटिस भर्ती से संबंधित बॉक्स में Click here to Apply लिंक पर क्लिक करें। अगले पेज पर आपको जिस पद के लिए आवेदन करना है, उस पर क्लिक करें। मांगी गई सभी डिटेल्स दर्ज करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें रेलवे में अप्रेंटिस के 5349 पदों पर निकली भर्ती; 10वीं पास को मौका, बिना एग्जाम, इंटरव्यू के सिलेक्शन रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC) ने पश्चिम रेलवे भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 फरवरी से शुरू होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.rrc-wr.com पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। यह ट्रेनिंग एक साल के लिए दी जाएगी। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत-अमेरिका ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी:मार्च में हस्ताक्षर होंगे; 1 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है।वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी
stress symptoms on face| cortisol face: क्या है कोर्टिसोल फेस

Last Updated:February 20, 2026, 19:27 IST What Is Cortisol Face: सोशल मीडिया पर इन दिनों कोर्टिसोल फेस हेल्थ अवेयरनेस का एक नया मुद्दा बना हुआ है. लोग काफी परेशान भी हैं और इससे बचाव के उपाय भी खोज रहे हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात है कि मेडिकली इस तरह किसी बीमारी, डिसऑर्डर का दावा नहीं किया गया है. ऐसे में डॉक्टर इस बार में क्या कहते हैं, परेशान होने से पहले समझना जरूरी है. What Is Cortisol Face: इंसान के शरीर में कई प्रकार के हार्मोन होते हैं, जो अलग-अलग कारणों से ट्रिगर होते हैं, और अलग-अलग कामों के लिए जिम्मेदार होते हैं. ऐसा ही एक हार्मोन है- कार्टिसोल इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है. इसके नाम के अनुसार, ये हार्मोन शरीर में उस समय रीलीज होता है तब हम तनाव में होते हैं. इसका काम इमरजेंसी और मुसीबत को समझने और इसे संभालने में मदद करता है. लेकिन मुश्किल तब हो जाती है, जब इसका लेवल शरीर में बढ़ने लगता है. इससे कई बार चेहरे पर सूजन, डलनेस और आखों के नीचे काले घेरे भी नजर आने लगता है. इसे ही सोशल मीडिया पर कोर्टिसोल फेस कहा जा रहा है. लेकिन ये शब्दी टिकटॉक तक ही सीमित है क्योंकि मेडिकल डिक्शनरी में ऐसी कोई बीमारी या डिसऑर्डर का जिक्र नहीं मिलता है. कार्टिसोल फेस नहीं मून फेस है असली परेशानीअमेरिकन डॉक्टर ब्रायना कॉनर ने Verywellmind को बताया कि कार्टिसोल फेस एक टेंपरेरी कंडीशन है, जिसमें चेहरा ज्यादा स्ट्रेस से गोल दिखने लगता है. लेकिन “Moon facies” असली मेडिकल स्थिति है. इसमें चेहरे पर ज्यादा सूजन या चर्बी जमा हो जाती है, जिससे चेहरा गोल और फूला हुआ दिखता है. इसमें कभी-कभी दर्द भी हो सकता है. यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है, जैसे कुशिंग सिंड्रोम. ये परेशानी लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं लेने से भी ऐसा हो सकता है. कब चिंता करें?अगर आपका चेहरा सिर्फ तनाव के समय सूजता है, दर्द नहीं है और कुछ समय बाद खुद ठीक हो जाता है, तो इसे कार्टिसोल फेस कहा जा सकता है. ये स्ट्रेस का एक नॉर्मल साइड इफेक्ट है. लेकिन अगर चेहरे पर सूजन लगातार बढ़ रही है. दर्द हो रहा हैऔर भी लक्षण हैं जैसे वजन बढ़ना, कमजोरी तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है. स्ट्रेस से निपटने के उपाययदि आप ज्यादा स्ट्रेस में हैं, तो इसे कंट्रोल करने के लिए गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें. इसके साथ ही रोज थोड़ा व्यायाम, मेडिटेशन अच्छी नींद लेना और स्क्रीन टाइम कम करना फायदेमंद साबित हो सकता है. ध्यान रखें अधिकतर मामलों में, चेहरे की हल्की सूजन सिर्फ तनाव की वजह से होती है और सही लाइफस्टाइल से ठीक हो जाती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 20, 2026, 19:27 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.








