Wednesday, 09 Sep 2026 | 09:29 AM

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मेथी की चटनी रेसिपी: जब खाएंगे घर में बनी मेथी की खट्टी-मीठी चटनी, नोट कर लें आसान विधि

मेथी की चटनी रेसिपी: जब खाएंगे घर में बनी मेथी की खट्टी-मीठी चटनी, नोट कर लें आसान विधि

मेथी की चटनी बनाने की आसन विधि: अगर आप रोज-रोज वही हरी धनिया या पुदीने की सब्जी खा रहे हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें। मेथी की खट्टी-मीठी चटनी का स्वाद लाजवाब है और सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक है। इसे आप परांठे, पूरी, समोसे, पकौड़े या दाल-चावल के साथ भी खा सकते हैं. तो जानें घर पर आसानी से बनने वाली मेथी की आसान रेसिपी। मेथी की रचना बनाने के लिए आवश्यक सामग्री मेथी की खट्टी-मीठी रेसिपी बनाने की आसान विधि मेथी की पसंद को गरमागरम पराठे या पूरी तरह से साथ बनाएं। समोसा, पकौड़े, कचौड़ी और चाट के साथ भी यह बेहद स्वादिष्ट लगता है। बता दें कि आप इसे फ़र्ज़ी में 3-4 दिन तक स्टोर भी कर सकते हैं। मेथी की चटनी के फायदे क्या हैं? अगर आप अपने खाने में स्वाद के साथ सेहत भी जोड़ना चाहते हैं, तो आज ही घर पर मेथी की खट्टी-मीठी बना सकते हैं। यह झटपट बनने वाली रेसिपी सभी को बहुत पसंद आएगी। (टैग्सटूट्रांसलेट) मेथी की चटनी रेसिपी(टी)मेथी की चटनी(टी)घर पर बनी मेथी चटनी(टी)मेथी चटनी(टी)मेथी की चटनी बनाने का आसन तारिका(टी)मेथी की चटनी बनाने की आसन विधि(टी)मेथी रेसिपी(टी)मेथी की चटनी(टी)चटनी रेसिपी(टी)खट्टी मीठी चटनी

खजुराहो महोत्सव- मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग:नाराज इटालियन कपल बोला-हम डांस देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने

खजुराहो महोत्सव- मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग:नाराज इटालियन कपल बोला-हम डांस देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने

विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव का आगाज हो चुका है, लेकिन शुक्रवार को पहले ही दिन मंच पर ऐसी स्थिति बनी जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। यह महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक चलने वाला है और शुभारंभ समारोह में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे। निर्धारित समय शाम 6:30 बजे था, लेकिन मुख्य अतिथि और अन्य मंत्री देर से पहुंचे। कार्यक्रम देरी से शुरु होने से दर्शक में नाराजगी इस वजह से दर्शक दीर्घा में बैठे देसी और विदेशी पर्यटक लंबे समय तक इंतजार करते रहे। समारोह लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे कई लोगों का धैर्य जवाब दे गया। मंत्रालय ने बताया कि देरी मुख्य अतिथि की यात्रा और सुरक्षा इंतजाम के कारण हुई। इसके बावजूद मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर महोत्सव की भव्यता बनाए रखी। दर्शकों ने रंग-बिरंगे नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उत्सव का स्वागत उत्साहपूर्वक किया। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के बीच ‘गो बैक’ के नारे लगे इस बीच मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपना संबोधन दिया और सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी 3 मिनट तक अपनी बात रखी। लेकिन जब संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों को कला और नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनके सब्र का बांध तोड़दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ ‘गो बैक’ के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से ‘हो-हो’ का शोर सुनाई देने लगा। भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी भाषण देते रहे हैरानी की बात यह रही कि इतनी भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी अपना भाषण देते रहे। वे करीब 6 मिनट तक बोले और अंत में जब शोर और बढ़ा, तो वे चार पंक्तियां सुनाने की जिद पर अड़ गए। दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए वे मंच से नीचे नहीं उतरे। विदेशी बोले-हम नृत्य देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने इस पूरे घटनाक्रम पर वहां मौजूद विदेशी सैलानियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। इटली के फ्लोरेंस से आए एलेसांद्रो ने कहा कि “हम इटली में माहौल को महसूस करने और नृत्य देखने के आदी हैं, न कि लंबे भाषण सुनने के। हम अनुभव को जीना चाहते थे।” वहीं उनकी साथी जूलिया ने बताया कि “यह जगह और माहौल बेहद शानदार है, लेकिन मंत्री जी ने शायद कुछ ज्यादा ही बातें कर दीं। हम वास्तव में केवल नृत्य देखना चाहते थे।” खजुराहो के इस भव्य आयोजन में पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम ने व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दूर-दराज से आए पर्यटक कला देखने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे, जबकि मंच से सियासी भाषणों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा था।

Kainchi Dham Spiritual Experience | Baba Neem Karoli Meditation Center

Kainchi Dham Spiritual Experience | Baba Neem Karoli Meditation Center

कैंची धाम श्रद्धालुओं के लिए ध्यान-आध्यात्म का केंद्र बनेगा। नीब करौली बाबा की तपोभूमि कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अब ध्यान और साधना के लिए समर्पित स्थान मिलेगा। मंदिर परिसर से लगी पर्यटन विभाग की भूमि पर मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, यहां भक्त शांत वातावरण में बैठकर ध्यान कर सकेंगे और आध . मेडिटेशन सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जा रहा है। यह केंद्र करीब 900 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है और इसे हट (कुटिया) के आकार में विकसित किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहे। हरियाली और शांत परिवेश के बीच तैयार हो रहे इस केंद्र में एक समय में लगभग 30 श्रद्धालु बैठकर ध्यान कर सकेंगे। इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को एकाग्रता और शांति का अनुभव मिल सके। कैंची धाम में सालभर भारी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे बैठकर करते हैं ध्यान कैंची धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे भक्तों की होती है, जो मंदिर में ध्यान और साधना करना चाहते हैं। लेकिन अभी तक इसके लिए कोई समर्पित स्थान नहीं है। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे या आसपास के स्थानों पर बैठकर ध्यान करते हैं, जिससे उन्हें व्यवस्थित और शांत वातावरण नहीं मिल पाता। कई बार भीड़ और आवाजाही के कारण ध्यान में भी बाधा आती है। श्रद्धालु ध्यान के दौरान भीड़भाड़ के कारण परेशान नहीं होंगे। मेडिटेशन सेंटर बनने से मिलेगा शांत-सुरक्षित वातावरण मेडिटेशन सेंटर बनने के बाद श्रद्धालुओं को ध्यान और साधना के लिए अलग और शांत स्थान मिलेगा। इससे भक्त बिना किसी व्यवधान के ध्यान कर सकेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। यह केंद्र कैंची धाम को एक प्रमुख स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान देने में भी मदद करेगा। भक्तों को ध्यान के लिए अलग और शांत स्थान मिलेगा डिस्पेंसरी, पाथवे और अन्य सुविधाएं भी हो रहीं विकसित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और पुलिस चौकी का भी निर्माण किया जा रहा है। डिस्पेंसरी बनने से श्रद्धालुओं को अचानक तबीयत खराब होने पर तुरंत प्राथमिक इलाज और दवाओं की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। CBDD योजना के तहत 17.59 करोड़ से हो रहा काम केंद्र सरकार की चैलेंज बेस्ड डिवोशनल डेस्टिनेशन (CBDD) योजना के तहत कैंची धाम का समग्र विकास किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मेडिटेशन सेंटर, डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर कुल 17.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को अधिक व्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह विकास कार्य कैची धाम को विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने कहा, CBDD योजना के तहत कैंची धाम में मेडिटेशन सेंटर और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने से श्रद्धालुओं को ध्यान के लिए समर्पित स्थान और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे धाम का आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व और बढ़ेगा। स्टेट ऑफ द आर्ट थीम के तहत तैयार ग्लास ब्रिज का डिजाइन। शिप्रा नदी पर ‘ओम’ आकार का ग्लास ब्रिज बनेगा कैची धाम में श्रद्धालु जल्द ही ‘ओम’ आकार के कांच के पुल से गुजरते हुए बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से शिप्रा नदी पर 36 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है। इस पुल का डिजाइन ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें एंटी-स्लिप सतह, मजबूत रेलिंग और व्यू-पॉइंट जैसी सुविधाएं होंगी। पुल से गुजरते समय श्रद्धालुओं को नीचे बहती शिप्रा नदी और घाटी का स्पष्ट दृश्य दिखाई देगा, जिससे उन्हें रोमांच और आध्यात्म का अनोखा अनुभव मिलेगा। इस ब्रिज का निर्माण मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत किया जा रहा है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैंची धाम में प्रस्तावित मल्टीलेवल कार पार्किंग का डिजाइन। 340 पाइलों वाली मल्टीलेवल पार्किंग का काम भी तेज धाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की पुनरीक्षित लागत से कई बड़े कार्य चल रहे हैं। इनमें (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रमुख है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पार्किंग के लिए सभी 340 पाइलों और 89 कॉलमों का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 1960 में शिप्रा नदी किनारे स्थापित हुआ था धाम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। बाबा नीब करौली महाराज ने 1960 के दशक में शिप्रा नदी के किनारे इस आश्रम और हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ———————- ये खबर भी पढ़ें : नैनीताल का कैंची धाम बन रहा युवाओं की पहली पसंद: सर्वे के मुताबिक श्रद्धालुओं में 70% सिर्फ युवा; मार्क जुकरबर्ग-विराट कोहली भी टेक चुके माथा उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वविख्यात बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर सुर्खियों में है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके इस मंदिर में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (पढ़ें पूरी खबर)

Microsoft Gaming CEO: Asha Sharma Replaces Phil Spencer

Microsoft Gaming CEO: Asha Sharma Replaces Phil Spencer

सैन फ्रांसिस्को17 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से इस पद को संभाल रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी। स्पेंसर लगभग 40 साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद रिटायर हो रहे हैं। वें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी। मेटा और इंस्टाकार्ट में लीडरशिप रोल निभा चुकी हैं आशा आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालने से पहले कंपनी के ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले वे मशहूर डिलीवरी फर्म ‘इंस्टाकार्ट’ में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘मेटा’ में प्रोडक्ट लीडरशिप जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। आशा ने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की डिग्री ली है। उन्हें बिजनेस स्केल करने और मुश्किल समय में टीमों को लीड करने का एक्सपर्ट माना जाता है। आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालने से पहले कंपनी के ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का हिस्सा थीं। नियुक्ति के बाद पहला आधिकारिक मेमो भेजा आशा ने अपना पहला आधिकारिक मेमो भेजा है, जिसमें उन्होंने एक्सबॉक्स के भविष्य और गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर अपनी विजन साफ कर दी है। उन्होंने कहा आज मैं माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी शुरू कर रही हूं। मैं इस वक्त दो चीजें एक साथ महसूस कर रही हूं: विनम्रता और काम को लेकर तेजी। विनम्रता इसलिए क्योंकि इस टीम ने दशकों की मेहनत से कुछ बहुत ही शानदार खड़ा किया है। और काम में तेजी इसलिए क्योंकि गेमिंग की दुनिया बहुत बदलावों से गुजर रही है। मेरा पहला काम बहुत सीधा है: यह समझना कि यह सब कैसे काम करता है और इसे सुरक्षित रखना। इसकी शुरुआत तीन वादों के साथ होती है… 1. पहला, बेहतरीन गेम्स हर चीज की शुरुआत यहीं से होती है। इससे पहले कि हम कुछ और करें, हमारे पास ऐसे गेम्स होने चाहिए जिन्हें खिलाड़ी पसंद करें। यादगार किरदार, दिल को छू लेने वाली कहानियां, खेलने का नया तरीका और बेहतरीन क्रिएटिविटी। हम अपने स्टूडियो को और ताकत देंगे, बड़े ब्रांड्स में निवेश करेंगे और नए आइडियाज का साथ देंगे। हम रिस्क लेंगे। मैंने इसी वादे को पूरा करने के लिए मैट बूटी को प्रमोट किया है। वे गेम बनाने की कला और इसकी चुनौतियों को समझते हैं। पूरी इंडस्ट्री के डेवलपर्स उन पर भरोसा करते हैं। 2. दूसरा, एक्सबॉक्स की वापसी हम अपने उन पुराने एक्सबॉक्स फैंस और खिलाड़ियों के लिए फिर से पूरी लगन से काम करेंगे, जो पिछले 25 सालों से हमारे साथ जुड़े हैं। साथ ही उन डेवलपर्स के लिए भी जो ऐसी शानदार दुनिया और अनुभव बनाते हैं जिन्हें दुनिया भर के खिलाड़ी पसंद करते हैं। गेमिंग अब केवल एक हार्डवेयर तक सीमित नहीं है, यह हर डिवाइस पर मौजूद है। जैसे-जैसे हम PC, मोबाइल और क्लाउड की तरफ बढ़ रहे हैं। हम उन बाधाओं को दूर करेंगे ताकि डेवलपर्स एक बार गेम बनाएं और बिना किसी समझौते के हर जगह खिलाड़ियों तक पहुंच सकें। 3. तीसरा, गेमिंग का भविष्य हम गेमिंग के बदलते तौर-तरीकों को देख रहे हैं। इस दौर की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम नए बिजनेस मॉडल और खेलने के नए तरीके खोजेंगे। इसके लिए हम अपने पास मौजूद मशहूर टीमों, किरदारों और दुनिया का सहारा लेंगे जिन्हें लोग प्यार करते हैं। जैसे-जैसे कमाई के तरीके और AI भविष्य को प्रभावित करेंगे, हम केवल थोड़े समय के फायदे के पीछे नहीं भागेंगे और न ही अपने इकोसिस्टम में बिना जान वाला ‘AI स्लोप’) भरेंगे। गेम्स हमेशा एक आर्ट रहेंगे, जिसे इंसानों ने बनाया है और हमारी सबसे नई टेक्नोलॉजी ने उसे निखारा है। फिल स्पेंसर गर्मियों तक सलाहकार की भूमिका में रहेंगे गेमिंग जगत का बड़ा चेहरा माने जाने वाले फिल स्पेंसर अचानक कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं। वे इस साल गर्मियों तक कंपनी के साथ एक सलाहकार के तौर पर जुड़े रहेंगे। स्पेंसर के कार्यकाल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने ‘एक्टिविज़न ब्लिज़ार्ड’ जैसी बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया था। फिल स्पेंसर लगभग 40 साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद रिटायर हो रहे हैं। गेमिंग डिवीजन में और भी कई बड़े बदलाव हुए सिर्फ सीईओ ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने पूरी लीडरशिप टीम में फेरबदल किया है। मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है, जो अब गेम स्टूडियो और नए टाइटल्स की जिम्मेदारी देखेंगे। सारा बॉन्ड ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है। इन बदलावों से साफ है कि माइक्रोसॉफ्ट अब एआई और क्लाउड गेमिंग के जरिए एक्सबॉक्स की पहचान बदलने की तैयारी में है। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई सीईओ आशा शर्मा और चीफ कंटेंट ऑफिसर मैट बूटी। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सामने 3 बड़ी चुनौतियां प्रॉफिट मार्जिन: हार्डवेयर की बढ़ती लागत और घटता मुनाफा। कंपटीशन: सोनी प्लेस्टेशन के एक्सक्लूसिव गेम्स से मुकाबला। इंटीग्रेशन: $69 बिलियन की ‘एक्टिविज़न ब्लिज़ार्ड’ डील के बाद के बदलाव। सत्या नडेला की कोर टीम में एक और भारतीय चेहरा सत्या नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट में भारतीय मूल के अधिकारियों का दबदबा बढ़ा है। वहीं आशा शर्मा की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कंपनी गेमिंग को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एआई और क्लाउड बिजनेस का भविष्य मान रही है। नॉलेज बॉक्स: 1. ‘AI Slop’ क्या है जिसका जिक्र आशा ने किया? टेक की भाषा में ‘AI Slop’ उस कंटेंट को कहा जाता है जो एआई द्वारा बिना किसी मानवीय रचनात्मकता या गुणवत्ता जांच के भारी मात्रा में तैयार किया जाता है। आशा का कहना है कि गेमिंग में इमोशन्स और ह्यूमन टच जरूरी है, जो केवल मशीनें नहीं दे सकतीं। 2. क्या है Xbox? यह माइक्रोसॉफ्ट का वीडियो गेमिंग ब्रांड है। इसमें गेमिंग कंसोल, गेम्स और स्ट्रीमिंग सेवाएं (गेम पास) शामिल हैं। दुनिया भर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं और यह गेमिंग इंडस्ट्री का एक बड़ा स्तंभ है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

खिलचीपुर में 5 घंटे बिजली कटौती:अर्थिंग बोरिंग कार्य के कारण दोपहर 12:30 से 5:30 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

खिलचीपुर में 5 घंटे बिजली कटौती:अर्थिंग बोरिंग कार्य के कारण दोपहर 12:30 से 5:30 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर शहर और आसपास के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में आज शनिवार को करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, खिलचीपुर सब स्टेशन पर अर्थिंग बोरिंग का कार्य किए जाने के कारण दोपहर 12:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक बिजली पूरी तरह बंद रखी जाएगी। विभागीय जानकारी के मुताबिक, 132 केवी सब स्टेशन से 33 केवी लाइन बंद रहने के कारण खिलचीपुर सब स्टेशन से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडर प्रभावित होंगे। इसका असर नगर क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि कार्य की प्रगति के अनुसार, बिजली बंद रहने की अवधि में आवश्यकता पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने जरूरी बिजली संबंधी कार्य निर्धारित समय से पहले निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। विद्युत विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

धीरेंद्र शास्त्री का गांव अब प्रॉपर्टी हब:बागेश्वर धाम की आड़ में खेती की जमीन पर बना रहे कॉलोनी, भोपाल-इंदौर से ऊंचे दाम

धीरेंद्र शास्त्री का गांव अब प्रॉपर्टी हब:बागेश्वर धाम की आड़ में खेती की जमीन पर बना रहे कॉलोनी, भोपाल-इंदौर से ऊंचे दाम

‘हीरे जैसी रिटर्न’, ‘6 महीने में 50% मुनाफा’, ‘धाम के सबसे नजदीक प्लॉट’ जैसे दावे हर दीवार पर चिपके हैं। ये दीवारें मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बसे गढ़ा गांव की हैं। इसकी पहचान अब पूरी दुनिया में बागेश्वर धाम के नाम से है। हाल ही में यहां धीरेंद्र शास्त्री ने 305 गरीब, दलित और जरूरतमंद लड़कियों का सामूहिक विवाह कराया। दावा है कि कार्यक्रम में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे और 200 एकड़ में पांडाल सजा। इस भव्य आयोजन के बीच एक और तस्वीर उभरकर सामने आई- समूचे गांव में धार्मिक कार्यक्रम के पोस्टरों से ज्यादा कॉलोनियों, प्लॉट्स और लैंड प्रोजेक्ट्स के बैनर लगे मिले। दैनिक भास्कर की टीम ने जब इन प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत जानने के लिए गढ़ा गांव में पड़ताल की, तो सामने आया खेती की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का बड़ा नेटवर्क फल-फूल रहा है। गांव में बागेश्वर धाम के कारण जमीनों की कीमतें भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों के बराबर या उनसे भी ज्यादा हो गई है, इसी का फायदा उठाने के लिए आज गढ़ा गांव में दर्जनभर से ज्यादा कॉलोनाइजर खेतों में प्लॉट बेच रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पड़ताल में ये बातें सामने आईं – दर्जनभर कॉलोनाइजर ½-2 एकड़ में बिना प्लानिंग के कॉलोनियां काट रहे। – गांववालों से सस्ते में खरीदी खेती की जमीन को आवासीय/कमर्शियल प्लॉट्स के रूप में बेचा जा रहा (बिना लैंड यूज चेंज)। – खरीदने वालों को लालच: बागेश्वर धाम से 6 महीने में 50-60% मुनाफा। – न कोई अनुभव, न प्लानिंग; नाली, पानी, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं लगभग नदारद। – प्रशासनिक हस्तक्षेप पर धमकी: ‘हम यहां बैठे हैं, कोई दिक्कत नहीं होगी।’ जानिए भास्कर ने कैसे एक्सपोज किया ये फर्जीवाड़ा दैनिक भास्कर के रिपोर्टर कुछ कॉलोनाइजर्स के पास जमीन खरीदने के बहाने मिले और यह जानने की कोशिश की कि बागेश्वर धाम की आढ़ में कैसे लोगों को ठगने की कोशिश हो रही है… इन कॉलोनियों की गड़बड़ी समझिए… क्या हो रहा– खेती की जमीन पर बिना डायवर्जन के कॉलोनियां काट दी गई हैं। इस कॉलोनी में न तो सड़क बनी और न ही स्ट्रीट लाइट के पोल हैं, लेकिन यहां रेसिडेंशियल और कमर्शियल एक्टिविटीज चल रही है। सारा प्रोजेक्ट अवैध है। धीरेंद्र शास्त्री के बड़े पापा के बेटे की दो कॉलोनियां बागेश्वर धाम स्थित बागेश्वर बालाजी मंदिर के रास्ते पर एक बिल्डिंग पर बागेश्वर धाम प्रॉपर्टीज का पोस्टर लगा था। जिस पर राघवपुरम कॉलोनी, बागेश्वर धाम, गढ़ा लिखा हुआ था। कॉलोनी का नक्शा भी बना था। हमने इस पोस्टर पर लिखे नंबर पर कॉल कर प्रॉपर्टी देखने की बात कही। फोन अखिलेश गर्ग नाम के व्यक्ति ने उठाया था। हमें ऑफिस में बैठने को कहा गया। उन्होंने कहा कि वे एक लड़के को भेज रहे हैं जो हमें साइट पर ले आएगा। ऑफिस में अखिलेश गर्ग के बारे में पूछने पर बताया कि वे दादा गुरु हैं। दादा गुरु धीरेंद्र शास्त्री के बड़े पापा के लड़के हैं। बागेश्वर धाम और गांव गढ़ा में इनका प्रॉपर्टी का बड़ा काम है। हमने ऑफिस में बैठकर इस प्रोजेक्ट का नक्शा देखा। पता चला कि अभी दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। एक राघवपुरम और दूसरा सनातन धाम के नाम से। दोनों जगह मिलाकर करीब 100 से ज्यादा प्लॉट है। ये दोनों ही बागेश्वर धाम मंदिर से 500 मीटर और गुरुजी निवास से 300 मीटर दूर है। दोनों प्रोजेक्ट 3-4 माह पहले शुरू, धड़ल्ले से बिक रहे प्लॉट हमें साइट दिखाने आए शख्स ने ऑफिस में पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल बताई। यहां जमीन खरीदने के लिए कम से कम आपको 25 से 30 लाख रुपए प्रति हजार स्क्वायर फीट खर्च करने पड़ेंगे। इससे कम पर कोई सौदा नहीं हो पाएगा। राघवपुरम कैंपस में जमीन की कीमत 2500 से लेकर 4000 रुपए प्रति स्क्वायर फीट है। और ये कीमतें आप जो प्लॉट पसंद करेंगे उसकी लोकेशन के हिसाब से तय होगी। आगे बताया कि दोनों प्रोजेक्ट्स 3-4 महीने पहले शुरू हुए हैं। इसके अलावा पहले से भी कुछ प्रोजेक्ट हैं जिनके लगभग सभी प्लॉट बिक चुके हैं। राघवपुरम में भी ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 महीने में सारे प्लॉट बुक हो जाएंगे। यहां सबसे बड़ी बात है कि 2027 में कैंसर हॉस्पिटल बनकर तैयार हो जाएगा तब तक यहां जमीन की कीमतें हीरे से भी ज्यादा हो जाएंगी। जमीन सुरक्षा की पूरी गारंटी दे रहे भास्कर रिपोर्टर ने प्रॉपर्टी डीलर से पूछा कि मेरी जमीन क्या यहां सुरक्षित रहेगी? हमें यहां सिर्फ इन्वेस्टमेंट के हिसाब से जमीन लेनी है। डीलर ने कहा, आप अपने जमीन पर चार पिलर खड़े कर दीजिए। उसके बाद आप भूल जाइए आपकी जमीन 1 इंच भी कोई इधर से उधर नहीं कर सकता। जब हमने पूछा कि जमीनों के भाव पिछले 1 साल में कितने बढ़े हैं, तो उन्होंने बताया कि 1500 रुपए प्रति वर्ग फीट वाले प्लॉट अब 2500 रुपए प्रति वर्ग फीट के हो गए और 3000- 3500 रुपए प्रति वर्ग फीट वाले प्लॉट की कीमत आज 5000 रुपए स्क्वायर फीट हो गई है। हमारे यहां लोन का कोई सिस्टम नहीं है। वो आप अपने हिसाब से देखो। यहां से हम राघव पुरम में पहुंचे।यहां टेंट लगाकर तीन- चार लोग बैठे हुए थे। हमें यहां अखिलेश गर्ग मिले। जिन्हें यहां लोग बड़े दादा कह रहे थे। कॉलोनाइजर अखिलेश गर्ग से भास्कर रिपोर्टर की बातचीत… रिपोर्टर– इस कॉलोनी को किस ने डेवलप किया है? अखिलेश- मैं ही इस जमींन का मालिक हूं। मैंने अभी दो प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इसके अलावा सनातन धाम प्रोजेक्ट भी है। इस कॉलोनी से महाराज जी का नया आवास पास ही है। कॉलोनी में डामर रोड डलवा कर देंगे, नाली बनवा कर देंगे। (फिलहाल कच्ची सड़क है। न नाली बनी है और न ही स्ट्रीट लाइट के पोल लगे हैं।) रिपोर्टर– यहां निर्माण कब शुरू कर सकते हैं? अखिलेश– यहां आप होटल बनाएं, दुकान बनाएं या फिर घर या आश्रम बनाएं। जिस दिन रजिस्ट्री हो जाए उसी दिन से आपको जाे बनाना है, बनाइए। जब हमने उनसे पूछा कि पैसे कैसे देने हैं तो उसके लिए उन्होंने बताया की 10 दिन के अंदर पूरी राशि एकमुश्त देनी है। रिपोर्टर– किसी तरह का फ्रॉड तो नहीं होगा? अखिलेश– आप भरोसा कर के देखिए। हमने कह दिया वह

योगी बोले- पिछली सरकारों में गोलियां चलती थीं:आज जेवर देश का गहना बना, PM मोदी ने नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी

योगी बोले- पिछली सरकारों में गोलियां चलती थीं:आज जेवर देश का गहना बना, PM मोदी ने नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी

पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी में इंडिया चिप सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी। उन्होंने कहा- आज भारत विकसित होने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है। भारत के पास रुकने का समय नहीं है। 2026 की शुरुआत से ही देश ने अपनी कदम ताल तेज कर दी है। ये नई फैक्ट्री टेक्नोलॉजी पावर हाउस के रूप में काम करेगी। इंडिया चिप सेमीकंडक्टर यूनिट से यूपी के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। बीते 11 सालों में भारत ने बार-बार सिखाया है कि हम जो ठानते हैं, वो हासिल करते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में यहां गोलियां चलती थीं। आज जेवर प्रदेश ही नहीं देश का जेवर बनकर उभरा है। इस दौरान रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव भी मौजूद रहे। मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ये सेमीकंडक्टर यूनिट लगाई है। ये कंपनी HCL और फॉक्सकॉन का जाइंट वेन्चर है। कंपनी के लिए सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी यमुना सिटी में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी। सबसे पहले 2 तस्वीरें देखिए… योगी बोले- पहले लोग शाम को घर से नहीं निकलते थे सीएम योगी ने कहा- पीएम ने देश को टेक्नॉलॉजी के रूप में विकसित किया है। पिछली सरकारों में यहां गोलियां चलती थी, अपहरण होते थे। अराजकता होती थी। लोग सूर्यास्त होने के बाद घर से बाहर नहीं निकल पाते थे। भारत सरकार नए विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। पीएम मोदी की सकारात्मक भूमिका ही है, जिसके कारण मोबाइल और इलेक्ट्रानिक हब के रुप में विकसित हो रहा है। रेल मंत्री ने कहा- ये ऐतिहासिक दिन रेल मंत्री अश्वनी वैष्ण्व ने कहा- आज का दिन एतिहासिक है। सबसे पहला सेमी कंडक्टर प्लांट जेवर की भूमि में रख रहे हैं। सेमीकंडक्टर फांउडेशन टेक्नॉलाजी है। सेमी कंडक्टर जिस देश में होता है, वहां पर कई तरह की मैन्यूफैक्चरिंग संभव हो जाती है। साढ़े ग्यारह साल में पीएम ने किस तरह से देश को पावर हाउस बना दिया। जहां इलेक्ट्रॉनिक्स नगण्य थी, वहां 12 लाख करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स मन्युफैक्चरिंग है। सेमीकंडक्टर यूनिट कार्यक्राम का पल-पल का अपडेट जानने के लिए नीचे लगे ब्लॉग से गुजर जाइए…

केंद्रीय मंत्री नड्डा आज नई वैक्सीन लॉन्च करेंगे:CRI कसौली आएंगे, टीटनेस-डिफ़्थीरिया से मिलेगी सुरक्षा, यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में उपलब्ध होंगे टीके

केंद्रीय मंत्री नड्डा आज नई वैक्सीन लॉन्च करेंगे:CRI कसौली आएंगे, टीटनेस-डिफ़्थीरिया से मिलेगी सुरक्षा, यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में उपलब्ध होंगे टीके

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा आज (शनिवार को) हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI) कसौली आएंगे। केंद्रीय मंत्री यहां पर टीटनेस और एडल्ट डिफ़्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ करेंगे। यह नई वैक्सीन विशेष रूप से किशोरों व वयस्कों में टीटनेस और डिफ़्थीरिया से सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई है। Td वैक्सीन, टीटनेस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन की जगह लेने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे डिफ़्थीरिया के खिलाफ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। टीटनेस क्या है? टीटनेस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मिट्टी, धूल और जानवरों की गंदगी में पाए जाते हैं। जब यह बैक्टीरिया किसी घाव, कट या चोट के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है, तो स्नायु तंत्र को प्रभावित करने वाला एक ज़हरीला टॉक्सिन छोड़ता है। टॉक्सिन मांसपेशियों में कठोरता और दर्दनाक ऐंठन पैदा करता है। गंभीर मामलों में चोक, निगलने में कठिनाई, सांस लेने में समस्या और मृत्यु भी हो सकती है। इसके लक्षण मांसपेशियों की कठोरता, विशेषकर जबड़े व गर्दन में दर्द, निगलने व बोलने में कठिनाई, तेज बुखार व पसीना आता है। डिफ़्थीरिया क्या है? डिफ़्थीरिया कोराइनेबैक्टीरियम डिफ्थीरिए नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से सांस की नली, गले और त्वचा को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया एक जहरीला टॉक्सिन पैदा करता है। यह टॉक्सिन शरीर में फैलकर हृदय, तंत्रिका तंत्र और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमण से सांस लेने में कठिनाई, हृदय की समस्याएं, पक्षाघात और मृत्यु तक हो सकती है। इसके लक्षण गले में गाढ़ी सफेद व ग्रे परत या झिल्ली, गले में दर्द व सूजन, सांस लेने व निगलने में कठिनाई, तेज बुखार व कमजोरी आती है। टीटनेस और डिफ़्थीरिया से सुरक्षा प्रदान करेगी Td वैक्सीन Td वैक्सीन इन दोनों रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है और रोग से होने वाली मृत्यु और जटिलताओं को कम करने में मदद करेगी। CRI ने Td वैक्सीन के निर्माण और परीक्षण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम में उपलब्ध होगी वैक्सीन वैक्सीन अब यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के तहत उपलब्ध होगी। दावा किया जा रहा है कि लॉन्च के बाद अप्रैल 2026 तक 55 लाख खुराकें UIP को उपलब्ध कराई जाएंगी, और भविष्य में आपूर्ति बढ़ती रहेगी। ये नेता-अधिकारी मौजूद रहेंगे इस अवसर पर शिमला के सांसद सुरेश कश्यप, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक मंत्री सुबह 11.30 बजे CRI कसौली आएंगे।

हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने मासूम शर्मा की गलती मानी:बोले-पूर्व सरपंच को भड़काया तो आया गुस्सा, मासूम की ओर से मैं माफी मांगू

हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने मासूम शर्मा की गलती मानी:बोले-पूर्व सरपंच को भड़काया तो आया गुस्सा, मासूम की ओर से मैं माफी मांगू

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा जींद लाइव शो में हुए झगड़े से एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। अब उनके करीबी दोस्त हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने भी मासूम शर्मा की गलती मानी है। कलाकार मुकेश जाजी ने वीडियो जारी किया है। जिसमें कह रहे हैं कि पूर्व सरपंच को स्टेज के नीचे खड़े लोगों ने भड़काया गया और स्टेज पर आने लगे। इस पर मासूम को भी गुस्सा आ गया और उनको रोकने को साथियों को बोल दिया। तभी हाथापाई हो गया और इसे गलत तरीके से पेश किया गया, जबकि प्रोग्राम उसके बाद भी चला था। नए विवाद के बीच सिंगर मासूम शर्मा ने तीन नई फॉर्च्यूनर लिजेंडर गाड़ियां ली है और ये गाड़ियां गुरुग्राम से टोयोटा शोरूम से खरीदी है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है। बताया जा रहा है कि विवादों में आने के बाद अपनी पर्सनल सिक्योरिटी बढ़ा सकते हैं। वहीं, जींद जिले के गांव मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने चेतावनी दी है कि मासूम ने उनका अपमान किया है, चुने गए सरपंच, विधायक और मंत्रियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। अगर गांव में आकर माफी नहीं मांगी तो वह महापंचायत करेंगे। मासूम को पंच का चुनाव जीतकर दिखाने की चुनौती दी है। हरियाणवी इंडस्ट्रीज और लोगों में इसकी खूब चर्चा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लीप पर तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं, मुकेश जाजी ने कैसे पूरा घटनाक्रम बताया मीडिया में अगली-अगली फोटोज फैला दी हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी जारी वीडियो में कह रहे हैं कि हम कभी-कभार ही लाइव आते हैं। आज एक खास मुद्दे पर लाइव आए हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। परसों जींद में मामला हुआ था, जिसमें मासूम भाई थोड़ा हाइपर हो गए थे। उसमें मैं ये नहीं बोल सकता कि मासूम भाई गलत थे। इसलिए लाइव आना पड़ रहा है कि कलाकार प्रोग्राम में इकट्‌ठे जाया करै। हम उस प्रोग्राम में साथ थे और मासूम हमारा घर का बंदा है। सबका चहेता है। उसमें पूरी सिचुएशन बतावा कि के बनी थी। मीडिया में अगली-अगली फोटोज फैला दी। बाद में पूर्व सरपंच आराम से बैठे भी थे और प्रोग्राम सुना भी था, सारी चीजें हुई थी। शुरू से बताते हैं। हमने मंच पर एक साथ एंट्री की थी मुकेश जाजी आगे बोले-स्टेज पर सीनम जी गा रही थी। हम (मासूम शर्मा) सबने एक साथ एंट्री की थी। मासूम भाई के हाथ में माइक आया और पहले सभी को राम-राम करी। वहां उनके बहनोई धरमू थे और हमारी बहन कविता की सिल्वर जुबली थी। उसी के उपलक्ष्य में प्रोग्राम था। स्टेज पर भीड़ ज्यादा थी, मुझे भी दिक्कत हो रही थी कि व्हील चेयर सही से खड़ी नहीं हो पा रही थी। भीड़ से मासूम भाई बोले-स्टेज खाली कर दो। मेरा साजिंदा गेल को-ऑर्डिनेट नहीं हो रहा। कलाकार लाइव गावै गा नी तो साजिंदा तै आंखां तै बात होया करै। जब वो बोल गा तो वे रूक जागें। प्लीज, आप स्टेज खाली कर दो। जितना देखा, पूर्व सरपंच का खोट नहीं मुकेश जाजी ने आगे बताया, तब तक ये भी नहीं पता था कि स्टेज पर पूर्व सरपंच खड़े हैं। जितना मैंने देखा, इसमें पूर्व सरपंच का जमा भी खोट नहीं है, क्योंकि न मासूम को पता था न हमें। मासूम ने ये कहा था कि स्टेज खाली कर दो। स्टेज से नीचे से किसी की आवाज आई कि-सरपंच जी स्टेज से नीचे नहीं उतरेगा। मासूम भाई बोले-पूर्व सरपंच क्यों नहीं उतरेगा। कलाकार है, हमारे खातिर है, पूर्व सरपंच नीचे बैठकर देखो। फिर आवाज आई कि पूर्व सरपंच नीचे नहीं उतरेगा। फेर मासूम शर्मा का एक फाल्ट मानू, सच्चाई नै सच्चाई कहवांगे। मासूम भाई जल्दी हाईपर हो जा है, वो उस दिन नहीं कि उस दिन होए हैं। पूर्व सरपंच को उकसाया तो मासूम ने उनको रोकना चाहा हमारे बीच भी बैठे हो तो हंसमुख इंसान है, पर एक मिनट में गुस्सा हो जा हैं। मासूम भाई प्यार से बोले, पर भीड़ से आवाज आई कि सरपंच नीचे नहीं उतरेगा। फिर मासूम बोले-ठीक है तो सरपंच गा लेगा। मासूम भाई को रोक दिया और पूर्व सरपंच भी नीचे उतर गए। स्टेज से नीचे खड़े लड़कों ने पूर्व सरपंच को पता नहीं क्या बोला। फेर पूर्व सरपंच और उनके साथ 10-15 लड़के वापस स्टेज के ऊपर आने लगे। हालांकि, स्टेज पर पहले से भीड़ थी। फेर मासूम भाई ने बोला था कि स्टेज पर मत आओ प्लीज। चाहे आप देख लेना। पूर्व सरपंच को जी कहकर बोल रहे थे। वो मान नहीं रहे। मासूम भाई गुस्से में बोले ना, तो स्टेज से नीचे जाने लगे। मासूम भाई गोपी और अमन को बोलते हैं कि जाओ, उनको रोको। तब तक हाथापाई हो जाती है। मानता हूं कि मासूम भाई टॉप के कलाकार है। पूर्व सरपंच से मैं माफी मांगू, मासूम की ओर से मुकेश जाजी ने आगे बताया, प्रोग्राम बाद में भी चला और परिवार वालों का झगड़ा हो गया। परिवार वालों को किसी को थप्पड़ लगा है। वहां प्रोग्राम जमाने जा रहे थे। स्टेज के नीचे ही तीन से चार आदमी थे, जो बार-बार उस बात को उकसा रहे थे। उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। धरमू बाद में पूर्व सरपंच को स्टेज पर लेकर आते हैं। वो फैमिली का प्रोग्राम था। कई बार बाउंसर लेकर जाते हैं, जिससे पब्लिक जल्दी से वहां नहीं आती। पूर्व सरपंच साहब से मैं माफी मांगू हूं और मासूम भाई की तरफ से, कि मासूम भाई को उस टोन में बात नहीं करनी चाहिए थी। उस टोन में इसलिए करी गई कि बार-बार स्टेज से लड़कों की आवाज आ रही थी कि नीचे नहीं उतार देना। वहां हाथापाई हो रही थी तो खून खोलना बण था। मासूम से बात की तो कहा-गुस्सा ज्यादा एक होवै मुकेश जाजी ने आगे बताया, वे युवा, जिसके भी साथ है, इस मामले को घणी हवा मत दो। उसे जल्द खत्म करो। स्टेज पर करीब 70-80 लोग थे, वो कलाकारों के लिए हैं। सरपंच गांव का राजा होता है तो नीचे बैठे अच्छे लगते। बाद में बताते तो उनको स्टेज पर बुला लेते। इस पर मासूम भाई से भी बात हुई

'ओ रोमियो’ में छोटू बन छाए हुसैन दलाल:विशाल भारद्वाज को भेजा मैसेज और मिल गया रोल, शाहिद कपूर संग काम करने का सपना पूरा

'ओ रोमियो’ में छोटू बन छाए हुसैन दलाल:विशाल भारद्वाज को भेजा मैसेज और मिल गया रोल, शाहिद कपूर संग काम करने का सपना पूरा

फिल्म ओ रोमियो हाल ही में रिलीज हुई है और दर्शकों के बीच काफी पसंद की जा रही है। फिल्म में हुसैन दलाल ने ‘छोटू’ का किरदार निभाया है, जिसमें उन्होंने अपनी सहज अभिनय क्षमता दिखाई है। हुसैन अक्सर शर्मीले और शांत स्वभाव के हैं, लेकिन इस फिल्म के लिए उन्होंने अपने डर को पार किया और डायरेक्टर विशाल भारद्वाज को सीधे मैसेज भेजा, जिसके बाद उन्हें मौका मिला। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ काम करना उनके लिए सपनों के सच होने जैसा अनुभव था। दैनिक भास्कर ने हुसैन दलाल से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म यात्रा, सेट पर अनुभव और निजी संघर्षों के बारे में खुलकर बताया की हैं। आपकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर रही है। सबसे पहले जानना चाहेंगे कि आप इस स्क्रिप्ट तक कैसे पहुंचे? सुजात सौदागर, जो कि डायरेक्टर हैं, उन्होंने The Underbug नाम की एक फेस्टिवल फिल्म बनाई थी, जिसमें अली फजल और मैं मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म उन्होंने कुछ साल पहले तैयार की थी और उसे विभिन्न फेस्टिवल में दिखाया गया। विशाल भारद्वाज सर ने यह फिल्म तीन-चार साल पहले देखी और उन्हें यह बहुत पसंद आई। उनकी तारीफ और फिल्म के बारे में उनका संदेश मेरे पास आया। मैं आम तौर पर किसी को काम के लिए डायरेक्ट मैसेज नहीं करता, लेकिन इस बार मैंने हिम्मत जुटाई और उन्हें मैसेज किया। सर ने बहुत ही शालीनता और आदर के साथ मुझे जवाब दिया। इसके बाद मुझे टेस्ट के लिए बुलाया गया। मैंने टेस्ट दिया और कुछ महीने तक परिणाम का इंतजार किया। फिर अचानक मुझे कॉल आया और बताया गया कि मैं फिल्म में चुना गया हूं। यह मेरे लिए एक बड़ा मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव था। जब आपको स्क्रिप्ट मिली, तो आपके मन में क्या ख्याल आया? आपने कहा कि यह कहानी आपको करनी है, आपकी अपेक्षाएं पूरी हुईं? मैं बस विशाल भारद्वाज की फिल्म में काम करना चाहता था। अगर वे कहते कि तुम बस एक गाड़ी का रोल करोगे, मैं उसे भी पूरे विश्वास के साथ करता। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास था। शूटिंग के दौरान सेट पर आपका अनुभव कैसा रहा? विशाल भारद्वाज सर के साथ काम करना और अपने सपनों की फिल्म में शामिल होना आपके लिए कैसा अनुभव था? जब मैंने मकबूल फिल्म देखी थी, मैं केवल 15-16 साल का था और उस फिल्म ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैंने सोचा कि क्या कभी मेरे साथ भी ऐसा होगा। 20 साल बाद, 2024 में मैं विशाल भारद्वाज सर के साथ काम कर रहा था। यह मेरे लिए बिल्कुल सपनों के सच होने जैसा अनुभव था। सेट पर हर पल सीखने और उत्कृष्टता को नजदीक से महसूस करने का अवसर मिला। शूटिंग के दौरान कोई ऐसा सीन जो आपके लिए चुनौतीपूर्ण और यादगार दोनों रहा? एक सीन है जिसमें शाहिद कपूर सड़क पर गुंडों से लड़ते हैं और फिर मैं आता हूं। उसके बाद हम नाचते हैं। इसमें पांच भावनाएं थीं गुस्सा, रोना, हंसना और फिर डांस करना। यह एक ही दिन और रात में शूट हुआ। मेरे लिए यह सबसे मुश्किल और सबसे यादगार सीन रहा। शाहिद कपूर के साथ काम करने का अनुभव आपके लिए कैसा रहा? उन्होंने आपको कैसे मार्गदर्शन किया और आपकी तैयारी में मदद की? शाहिद कपूर एक शानदार अभिनेता हैं और पूरी तरह टीम प्लेयर भी। उन्होंने मुझे कई तरीकों से मार्गदर्शन किया चाहे वह कैरेक्टर ग्राफ समझना हो, अलग-अलग ट्रायल्स करना हो, या रिहर्सल में सुधार करना। शाहिद हमेशा धैर्य और सहायक तरीके से मेरी मदद करते रहे। उनके साथ काम करना मेरे लिए बिल्कुल मास्टर क्लास जैसा अनुभव था, जहाँ मैंने एक्टिंग की बारीकियों और टीम वर्क को करीब से महसूस किया। शाहिद के लिए सफलता या स्टारडम किसी तरह की प्राथमिकता नहीं है। वह हमेशा एक्सीलेंस और क्वालिटी पर ध्यान देते हैं, और बस अपने काम में पूरी मेहनत लगाते हैं। यह देखकर मुझे भी प्रेरणा मिली कि असली कला सिर्फ नाम या सफलता से नहीं बल्कि मेहनत और लगन से नापी जाती है। फिल्म में कटिंग और सीबीएफसी के बदलावों पर आपका क्या विचार हमें अपने हिस्से की पूरी फिल्म पब्लिक को दिखाई नहीं गई। पब्लिक ने अनकट वर्जन नहीं देखा। इसलिए ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। आपकी फिल्म और एक्टिंग की यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? बचपन से लेकर इंडस्ट्री में कदम रखने तक का सफर कैसा रहा? मेरी शुरुआत बहुत ही बचपन में हुई थी। मैं केवल 15 साल का था जब मैंने स्कूल खत्म किया और थिएटर में कदम रखा। थिएटर ने मेरे लिए कला का पहला अनुभव और मार्गदर्शन दिया। इसके बाद लगातार 20 साल से मैं थिएटर में काम कर रहा हूँ। धीरे-धीरे, थिएटर के अनुभव और मेहनत के जरिए मैं फिल्म इंडस्ट्री में भी प्रवेश करने में सफल हुआ। रास्ता आसान नहीं था कई बार कठिन समय आया, चुनौतियां थीं, लेकिन लगातार मेहनत और समय के साथ सब कुछ ठीक हो गया। यही मेरी यात्रा का आधार है संघर्ष, धैर्य और कला के प्रति समर्पण।