गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं:पति को आरोपों से बरी किया; अत्याचार साबित करने को मारपीठ के ठोस सबूत चाहिए

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। जस्टिस गीता गोपी ने आदेश में कहा कि क्रूरता साबित करने के लिए लगातार और असहनीय मारपीट के ठोस सबूत जरूरी हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में यह भी दिखाना होगा कि आरोपी के कृत्य और आत्महत्या के बीच नजदीकी कारण संबंध था। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा संबंध साबित नहीं हुआ। अब जानिए क्या है पूरा मामला यह फैसला दिलीपभाई मंगलाभाई वरली की अपील पर आया। उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2003 के फैसले को चुनौती दी थी। सेशंस कोर्ट ने मई 1996 में पत्नी की आत्महत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए धारा 306 में सात साल और धारा 498ए में एक साल की सजा सुनाई थी। अपीलकर्ता की ओर से धवल व्यास ने दलील दी कि आरोप सामान्य थे और दहेज मांग या उकसाने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाद पति के रात में बैंजो बजाने के लिए बाहर जाने और देर से लौटने को लेकर होता था। राज्य की ओर से ज्योति भट्ट ने सजा बरकरार रखने की मांग की। हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन लगातार क्रूरता, मेडिकल रिकॉर्ड या पूर्व शिकायतें पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त सबूत के बिना सजा दी थी। —————- ये खबर भी पढ़ें… बिना वजह पति से दूरी बनाना मानसिक क्रूरता: 10 साल से मायके में पत्नी पत्नी ने बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाई, यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए पति की तलाक मंजूर कर ली है। पत्नी पिछले 10 साल से मायके में रह रही है। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं:अत्याचार साबित करने को मारपीट के ठोस सबूत चाहिए; पति को आरोपों से बरी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। जस्टिस गीता गोपी ने आदेश में कहा कि क्रूरता साबित करने के लिए लगातार और असहनीय मारपीट के ठोस सबूत जरूरी हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में यह भी दिखाना होगा कि आरोपी के कृत्य और आत्महत्या के बीच नजदीकी कारण संबंध था। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा संबंध साबित नहीं हुआ। अब जानिए क्या है पूरा मामला यह फैसला दिलीपभाई मंगलाभाई वरली की अपील पर आया। उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2003 के फैसले को चुनौती दी थी। सेशंस कोर्ट ने मई 1996 में पत्नी की आत्महत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए धारा 306 में सात साल और धारा 498ए में एक साल की सजा सुनाई थी। अपीलकर्ता की ओर से धवल व्यास ने दलील दी कि आरोप सामान्य थे और दहेज मांग या उकसाने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाद पति के रात में बैंजो बजाने के लिए बाहर जाने और देर से लौटने को लेकर होता था। राज्य की ओर से ज्योति भट्ट ने सजा बरकरार रखने की मांग की। हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन लगातार क्रूरता, मेडिकल रिकॉर्ड या पूर्व शिकायतें पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त सबूत के बिना सजा दी थी। —————- ये खबर भी पढ़ें… बिना वजह पति से दूरी बनाना मानसिक क्रूरता: 10 साल से मायके में पत्नी पत्नी ने बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाई, यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए पति की तलाक मंजूर कर ली है। पत्नी पिछले 10 साल से मायके में रह रही है। पूरी खबर पढ़ें…
West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee

Hindi News National West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee | Election 2026 कोलकाता17 घंटे पहले कॉपी लिंक 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं। टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया। भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है। एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है। वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए। वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें? चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें… सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा? जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है। सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें? जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें। सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे? जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी। सवालः फॉर्म जमा कहां करें? जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी? जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। सवालः नाम कब तक जुड़ेगा? जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। ……………………………….. SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके चुनाव आयोग ने शुक्रवार
West Bengal Voter List Row

Hindi News National West Bengal Voter List Row | TMC Claims 1.25 Cr Bengalis In Line; BJP Alleges Mamata Fears Ghost Vot कोलकाता4 मिनट पहले कॉपी लिंक 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं। टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया। भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है। एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है। वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए। वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें? चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें… सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा? जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है। सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें? जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें। सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे? जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी। सवालः फॉर्म जमा कहां करें? जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी? जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। सवालः नाम कब तक जुड़ेगा? जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। ……………………………….. SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा
NASA Admits Sunita Williams Space Incident Dangerous

वाशिंगटन9 मिनट पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को टाइप ए दुर्घटना की कैटेगरी में रखा है। टाइप ए दुर्घटना सबसे गंभीर श्रेणी है। यह वही श्रेणी है, जिसका उपयोग चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए किया गया था। मालूम हो, कोलंबिया शटल दुर्घटना में भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन हो गया था। 19 फरवरी 2026 को जारी 311 पेज की रिपोर्ट में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमान ने लिखा कि सुनीता विलियम्स के मिशन में गंभीर खामियां थी। उन्होंने कमियों को नजरअंदाज करने के लिए एजेंसी और बोइंग की कड़ी आलोचना की। सुनीता विलियम्स साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया था। सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया। जनवरी में सुनीता विलियम्स ने 27 साल बाद रिटायरमेंट लिया NASA की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल के बाद रिटायरमेंट लिया है। उनकी रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से लागू हुई है। हालांकि NASA ने इसकी घोषणा 20 जनवरी को की थी। सुनीता 27 साल पहले 1998 में नासा से जुड़ी थीं। उन्होंने NASA के 3 मिशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। पहली बार वह 9 दिसंबर 2006 में अंतरिक्ष में गई थी। सुनीता ने अंतरिक्ष में 9 स्पेसवॉक की। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री में सबसे ज्यादा है। सुनीता बोलीं- स्पेस से धरती देखने पर महसूस होता है कि हम सब एक हैं सुनीता पिछले महीने भारत दौरे पर आईं थीं। उन्होंने दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर’ सेमिनार में हिस्सा भी लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम सबके फायदे, सहयोग और पारदर्शिता के साथ, लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न हो और पूरी मानवता को इसका लाभ मिले। भारत आना घर वापसी जैसा: भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है, क्योंकि उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे। वहीं, चांद पर जाने के NDTV के सवाल पर मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैं चंद्रमा पर जाना चाहती हूं, लेकिन मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे। घर वापसी और जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। अंतरिक्ष खोज में अगली पीढ़ी को अपना स्थान बनाना होगा। अंतरिक्ष में बिताए दिन पर: क्या स्पेस ट्रैवल ने उनकी जिंदगी के नजरिए को बदला है, तो उन्होंने कहा- हां, बिल्कुल। जब आप धरती को स्पेस से देखते हैं, तो महसूस होता है कि हम सब एक हैं और हमें ज्यादा करीब से मिलकर काम करना चाहिए। अंतरिक्ष में फैले कचरे पर: पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है और इसे मैनेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है। अंतरिक्ष मिशन को याद किया: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बिताए समय और उस वक्त के चुनौतीपूर्ण दौर पर कहा, जब 8 दिन का मिशन तकनीकी दिक्कतों के कारण नौ महीने से ज्यादा का हो गया। इस दौरान ISS पर मल्टी-कल्चरल क्रू के साथ त्योहार मनाने के विजुअल्स भी दिखाए गए। —————– ये खबर भी पढ़ें… भास्कर से बोलीं सुनीता विलियम्स- भारतीय स्पेस प्रोग्राम से जुड़ना चाहूंगी, अंतरिक्ष से हिमालय देखना शानदार भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने स्पेस से लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दैनिक भास्कर इकलौता भारतीय न्यूज संस्थान रहा, जिसे सुनीता विलियम्स से सवाल पूछने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत स्पेस प्रोग्राम में अपनी जगह बना रहा है। वह इसका हिस्सा बनना चाहेंगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Sunita Williams Space ISS Station Incident; NASA

वाशिंगटन13 घंटे पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को दुर्घटना की टाइप ए कैटेगरी में रखा गया है। इसी कैटेगरी को दुर्घटना की सबसे गंभीर कैटेगरी माना जाता है। चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए भी इसी कैटेगरी का इस्तेमाल किया गया था। कोलंबिया शटल दुर्घटना में ही भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन हुआ था। 19 फरवरी 2026 को जारी 311 पेज की रिपोर्ट में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमान ने लिखा- सुनीता विलियम्स के मिशन में गंभीर खामियां थी। उन्होंने कमियों को नजरअंदाज करने के लिए एजेंसी और बोइंग की कड़ी आलोचना की। दरअसल, सुनीता विलियम्स साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया था। सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया। जनवरी में सुनीता विलियम्स ने 27 साल बाद रिटायरमेंट लिया NASA की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल के बाद रिटायरमेंट लिया है। उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से लागू हुआ। हालांकि NASA ने इसकी घोषणा 20 जनवरी को की थी। सुनीता 27 साल पहले 1998 में नासा से जुड़ी थीं। उन्होंने NASA के 3 मिशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। पहली बार वह 9 दिसंबर 2006 में अंतरिक्ष में गई थी। सुनीता ने अंतरिक्ष में 9 स्पेसवॉक की। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री में सबसे ज्यादा है। सुनीता बोलीं- स्पेस से धरती देखने पर महसूस होता है कि हम सब एक हैं सुनीता पिछले महीने भारत दौरे पर आईं थीं। उन्होंने दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर’ सेमिनार में हिस्सा भी लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम सबके फायदे, सहयोग और पारदर्शिता के साथ, लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न हो और पूरी मानवता को इसका लाभ मिले। भारत आना घर वापसी जैसा: भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है, क्योंकि उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे। वहीं, चांद पर जाने के NDTV के सवाल पर मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैं चंद्रमा पर जाना चाहती हूं, लेकिन मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे। घर वापसी और जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। अंतरिक्ष खोज में अगली पीढ़ी को अपना स्थान बनाना होगा। अंतरिक्ष में बिताए दिन पर: क्या स्पेस ट्रैवल ने उनकी जिंदगी के नजरिए को बदला है, तो उन्होंने कहा- हां, बिल्कुल। जब आप धरती को स्पेस से देखते हैं, तो महसूस होता है कि हम सब एक हैं और हमें ज्यादा करीब से मिलकर काम करना चाहिए। अंतरिक्ष में फैले कचरे पर: पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है और इसे मैनेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है। अंतरिक्ष मिशन को याद किया: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बिताए समय और उस वक्त के चुनौतीपूर्ण दौर पर कहा, जब 8 दिन का मिशन तकनीकी दिक्कतों के कारण नौ महीने से ज्यादा का हो गया। इस दौरान ISS पर मल्टी-कल्चरल क्रू के साथ त्योहार मनाने के विजुअल्स भी दिखाए गए। कल्पना चावला को 16 फरवरी 2003 को वापस धरती पर लौट आना था, लेकिन लैंडिंग से 16 मिनट पहले उनके यान में धमाका हो गया था। तस्वीर- नासा अब जानिए कल्पना चावला के बारे में… भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ने पहली बार 19 नवंबर 1997 को स्पेस के लिए उड़ान भरी थी। अपनी पहली स्पेस यात्रा में वो 372 घंटे अंतरिक्ष में रही थीं। इसके बाद उन्हें 16 जनवरी 2003 को दूसरी बार अंतरिक्ष में जाने का मौका मिला। 1 फरवरी 2003 को कल्पना चावला को सुरक्षित धरती पर वापस लौट आना था, लेकिन उनका यह मिशन फेल हो गया था। चावला के स्पेसक्राफ्ट कोलंबिया शटल STS-107 के टेकऑफ करते वक्त यान के ही फ्यूल टैंक से निकले इंसुलेटिंग फोम के टुकड़े शटल के बाएं पंख से टकरा गए थे। इस वजह से जैसे ही कल्पना चावला का स्पेसक्राफ्ट धरती के वायुमंडल में पहुंचा तो हवा के तेज घर्षण की गर्मी से एक बड़ा धमाका हुआ और सभी 7 अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… भास्कर से बोलीं सुनीता विलियम्स- भारतीय स्पेस प्रोग्राम से जुड़ना चाहूंगी, अंतरिक्ष से हिमालय देखना शानदार भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने स्पेस से लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दैनिक भास्कर इकलौता भारतीय न्यूज संस्थान रहा, जिसे सुनीता विलियम्स से सवाल पूछने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत स्पेस प्रोग्राम में अपनी जगह बना रहा है। वह इसका हिस्सा बनना चाहेंगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है।वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात आगे बढ़ेगी; वो टैरिफ देंगे, हम नहीं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 3 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आज महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में पेशी हुई। राहुल के वकील नारायण अय्यर ने कहा- यह केस 2014 का एक प्राइवेट क्रिमिनल मानहानि का केस है। शिकायत करने वाले, RSS कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि का केस किया था। केस की सुनवाई चल रही है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट हर्षवर्धन सपकाल ने अपने बेल पेपर्स जमा कर दिए हैं। केस तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पूरे भारत में MP और MLA केस जल्द से जल्द सुलझाए जाएं, हम सही समय पर कोर्ट में अपने गवाह और डॉक्यूमेंट्री सबूत पेश करेंगे और हमें पूरा भरोसा है कि हमें इस केस में न्याय मिलेगा। हमें भारत के ज्यूडिशियल सिस्टम पर पूरा भरोसा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… श्रीनगर में वाहन नहर में गिरा, CRPF के 7 जवान घायल श्रीनगर के डगपोरा इलाके में शनिवार सुबह सीआरपीफ जवानों का वाहन सड़क से फिसलकर नहर में गिर गया। घटना में 7 जवान घायल हुए हैं। घटना उमर हेयर-डगपोरा रोड पर हुआ। पुलिस ने बताया कि जवानों का सौरा के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में इलाज जारी है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कोर्ट में माफी मांगी, मानहानि केस खत्म शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के खिलाफ मानहानि का केस खत्म हो गया है। शनिवार को राउत ने नासिक में बताया कि महाराष्ट्र के मंत्री दादा भुसे ने उनके खिलाफ दायर केस वापस ले लिया। राउत ने भुसे पर मालेगांव की गिरना को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री में 178 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगया था। इस मामले में राउत ने कोर्ट के सामने माफी मांग ली है। शनिवार को दोनों नेता मालेगांव कोर्ट में पेश हुए थे। कोर्ट के सामने आपसी सहमति से मामला खत्म करने की बात कही। यह विवाद 2023 में शिवसेना (UBT) के मुखपत्र सामना में छपे एक लेख से शुरू हुआ था। इस लेख में राउत ने भुसे पर फैक्ट्री में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। कोर्ट में राउत ने स्वीकार किया कि उनके आरोप गलत जानकारी पर आधारित थे। उन्होंने इस पर खेद जताया और मालेगांव के किसानों व आम लोगों से माफी भी मांगी। भुसे ने कहा कि राउत के माफी मांगने और लोगों में फैले भ्रम को दूर करने के लिए उन्होंने केस वापस लेने का फैसला किया। दोनों नेताओं ने कहा कि अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है और संबंध सामान्य हैं। गुजरात में सड़क हादसा, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, 6 घायल गुजरात के ऊंझा-मेहसाणा हाईवे पर शनिवार सुबह मिनी वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने गाड़ी पर से कंट्रोल खो दिया था। परिवार राजस्थान के पाली जिले में शादी समारोह में शामिल होकर अहमदाबाद लौट रहा था। पुलिस ने बताया कि चार साल के बच्चे समेत 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को मेहसाणा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला ने दम तोड़ दिया। घायलों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। कर्नाटक के बागलकोट में ट्रैक्टर खाई में गिरा, दो साल के बच्चे समेत चार की मौत कर्नाटक के बागलकोट जिले में शुक्रवार देर रात 2 बजे ट्रैक्टर खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि ट्रैक्टर पर 20 लोग सवार थे। ये सभी गन्ना कटाई का काम करते हैं। घटना बागलकोट के कट्टे केरे इलाके में हुई। मरने वालों में मनीष पांडे (23), हलाकी पांडे (2), लक्ष्मी चिरमाडी (27) और रेखा भुके शामिल हैं। ये सभी महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के बुसा तालुक के गुपवाड़ी गांव के रहने वाले थे। मणिपुर के इंफाल वेस्ट में उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार-गोला-बारूद बरामद; 30 एकड़ की अवैध पोस्ता खेती नष्ट मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (PSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि एक और अभियान में इंफाल ईस्ट जिले से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। बरामद सामान में एक .303 राइफल मैगजीन सहित, एक .22 राइफल, एक 9 एमएम सबमशीन गन मैगजीन सहित, दो हैंड ग्रेनेड, एक इम्प्रोवाइज्ड बम (IED), एक एमके-1 ग्रेनेड और विभिन्न कैलिबर की 57 गोलियां शामिल हैं। दिल्ली के कार की टक्कर से डिलीवरी बॉय की मौत दिल्ली के सुभाष नगर इलाके में शनिवार सुबह तेज रफ्तार कार की टक्कर से डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ था। आरोपी कार ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है। कार भी जब्त की गई है। महाराष्ट्र में करेले की सब्जी बनाने पर बेटे ने मां की हत्या की महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में करेले की सब्जी बनाने से नाराज एक शख्स ने अपनी 65 साल की मां की हत्या कर दी। पीड़ित की पहचान सुमित्रा पेटकुले (65) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी जगदीश पेटकुले (37) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक जगदीश शराब का आदी था। उसकी पत्नी दो महीने पहले घर छोड़कर चली गई थी जिसके बाद से वह अपनी मां के साथ रह रहा था। घटना वाली रात, वह नशे में घर लौटा और करेला पकाने को लेकर अपनी मां से बहस करने लगा। फिर उनकी हत्या कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने ‘बाबरी’ नाम पर निर्माण रोकने की मांग खारिज की सुप्रीम कोर्ट ने मुगल शासक बाबर के नाम पर किसी भी धार्मिक ढांचे के निर्माण पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग संबंधी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस ले ली। याचिकाकर्ता के वकील ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के ऐलान का हवाला दिया। हुमायूं ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया है। याचिका में इस संबंध में केंद्र सरकार, राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश देने की मांग की गई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
प्रभारी मंत्री नरेंद्र पटेल का दो दिवसीय बैतूल दौरा:मेहदगांव और जुवाड़ी में स्थानीय कार्यक्रमों में होंगे शामिल

मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री और बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल 21 और 22 फरवरी को बैतूल जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रभारी मंत्री पटेल 21 फरवरी को सुबह 10:30 बजे भोपाल से बैतूल के लिए प्रस्थान करेंगे। वे दोपहर 1:30 बजे बैतूल सर्किट हाउस पहुंचेंगे। इसके बाद, दोपहर 2 बजे वे ग्राम मेहदगांव में एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। शाम 7 बजे, श्री पटेल घोड़ाडोंगरी के जुवाड़ी पोस्ट में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। उनका रात्रि विश्राम बैतूल सर्किट हाउस में रहेगा। 22 फरवरी को, प्रभारी मंत्री पटेल बैतूल में स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। दोपहर 2 बजे वे बैतूल से भोपाल के लिए रवाना होंगे और शाम 5 बजे भोपाल पहुंचेंगे।







