Saturday, 06 Jun 2026 | 10:00 AM

Trending :

EXCLUSIVE

NASA Admits Sunita Williams Space Incident Dangerous

NASA Admits Sunita Williams Space Incident Dangerous

वाशिंगटन9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं। - Dainik Bhaskar

यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को टाइप ए दुर्घटना की कैटेगरी में रखा है। टाइप ए दुर्घटना सबसे गंभीर श्रेणी है। यह वही श्रेणी है, जिसका उपयोग चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए किया गया था। मालूम हो, कोलंबिया शटल दुर्घटना में भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन हो गया था।

19 फरवरी 2026 को जारी 311 पेज की रिपोर्ट में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमान ने लिखा कि सुनीता विलियम्स के मिशन में गंभीर खामियां थी। उन्होंने कमियों को नजरअंदाज करने के लिए एजेंसी और बोइंग की कड़ी आलोचना की।

सुनीता विलियम्स साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया था।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया।

जनवरी में सुनीता विलियम्स ने 27 साल बाद रिटायरमेंट लिया

NASA की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल के बाद रिटायरमेंट लिया है। उनकी रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से लागू हुई है। हालांकि NASA ने इसकी घोषणा 20 जनवरी को की थी।

सुनीता 27 साल पहले 1998 में नासा से जुड़ी थीं। उन्होंने NASA के 3 मिशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। पहली बार वह 9 दिसंबर 2006 में अंतरिक्ष में गई थी।

सुनीता ने अंतरिक्ष में 9 स्पेसवॉक की। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री में सबसे ज्यादा है।

सुनीता बोलीं- स्पेस से धरती देखने पर महसूस होता है कि हम सब एक हैं

सुनीता पिछले महीने भारत दौरे पर आईं थीं। उन्होंने दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर’ सेमिनार में हिस्सा भी लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम सबके फायदे, सहयोग और पारदर्शिता के साथ, लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न हो और पूरी मानवता को इसका लाभ मिले।

भारत आना घर वापसी जैसा: भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है, क्योंकि उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे। वहीं, चांद पर जाने के NDTV के सवाल पर मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैं चंद्रमा पर जाना चाहती हूं, लेकिन मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे। घर वापसी और जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। अंतरिक्ष खोज में अगली पीढ़ी को अपना स्थान बनाना होगा।

अंतरिक्ष में बिताए दिन पर: क्या स्पेस ट्रैवल ने उनकी जिंदगी के नजरिए को बदला है, तो उन्होंने कहा- हां, बिल्कुल। जब आप धरती को स्पेस से देखते हैं, तो महसूस होता है कि हम सब एक हैं और हमें ज्यादा करीब से मिलकर काम करना चाहिए।

अंतरिक्ष में फैले कचरे पर: पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है और इसे मैनेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है।

अंतरिक्ष मिशन को याद किया: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बिताए समय और उस वक्त के चुनौतीपूर्ण दौर पर कहा, जब 8 दिन का मिशन तकनीकी दिक्कतों के कारण नौ महीने से ज्यादा का हो गया। इस दौरान ISS पर मल्टी-कल्चरल क्रू के साथ त्योहार मनाने के विजुअल्स भी दिखाए गए।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

भास्कर से बोलीं सुनीता विलियम्स- भारतीय स्पेस प्रोग्राम से जुड़ना चाहूंगी, अंतरिक्ष से हिमालय देखना शानदार

भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने स्पेस से लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दैनिक भास्कर इकलौता भारतीय न्यूज संस्थान रहा, जिसे सुनीता विलियम्स से सवाल पूछने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत स्पेस प्रोग्राम में अपनी जगह बना रहा है। वह इसका हिस्सा बनना चाहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर रिलीज:राजपाल और परेश रावल के साथ पुराने अंदाज में दिखे; 16 अप्रैल से पेड प्रिव्यूज

April 6, 2026/
2:53 pm

अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी...

घर की चारदीवारी से निकलकर मैदान में उतरेंगे 150 दिव्यांग-खिलाड़ी:27 मार्च से दून में शुरू होंगे पैरालंपिक गेम्स; सभी 13 जिलों से खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग

March 24, 2026/
2:20 pm

उत्तराखंड के दिव्यांग खिलाड़ियों (पैरा एथलीट्स) के लिए अच्छी खबर है। पैरालंपिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वावधान में 27 से...

भीड़ कम होने पर शंकराचार्य बोले-यह शराब की दुकान नहीं:मुझे सपा समर्थक कहते हैं, मेरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा भाजपाई हैं

March 11, 2026/
6:36 am

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करना...

'सर देश की सुरक्षा जरूरी, बीजेपी से कोई संबंध नहीं', पश्चिम बंगाल में बोले केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार

April 7, 2026/
7:45 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में...

पंजाब बजट, महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन बैसाखी पर:MLAs को ₹10 करोड़; 7 नए मेडिकल कॉलेज, शिक्षा क्रांति पर ₹3500 करोड़ खर्च होंगे

March 8, 2026/
5:00 am

पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने रविवार (8 मार्च) को 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ढाई घंटे से...

सूरत में एक मकान में आग से 5 की मौत:घर में भर रखा था 10 टन साड़ियों का स्टॉक, पैदल चलने तक की जगह नहीं थी

March 31, 2026/
1:24 pm

सूरत18 घंटे पहले कॉपी लिंक गुजरात के सूरत में एक मकान में मंगलवार दोपहर को आग लगने से 5 लोगों...

Ollie Robinson celebrates taking his fifth wicket, the wicket of New Zealand's Matt Henry (Picture credit: AP)

June 5, 2026/
7:55 pm

आखरी अपडेट:05 जून, 2026, 19:55 IST अंततः, अन्नामलाई का भविष्य प्रक्षेपवक्र क्षीण महत्व या खंडित वापसी के पारंपरिक नुकसान से...

राजनीति

NASA Admits Sunita Williams Space Incident Dangerous

NASA Admits Sunita Williams Space Incident Dangerous

वाशिंगटन9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं। - Dainik Bhaskar

यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में युवाओं के साथ हुए इंटरैक्टिव सेशन में पहुंचीं थीं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को टाइप ए दुर्घटना की कैटेगरी में रखा है। टाइप ए दुर्घटना सबसे गंभीर श्रेणी है। यह वही श्रेणी है, जिसका उपयोग चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए किया गया था। मालूम हो, कोलंबिया शटल दुर्घटना में भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन हो गया था।

19 फरवरी 2026 को जारी 311 पेज की रिपोर्ट में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमान ने लिखा कि सुनीता विलियम्स के मिशन में गंभीर खामियां थी। उन्होंने कमियों को नजरअंदाज करने के लिए एजेंसी और बोइंग की कड़ी आलोचना की।

सुनीता विलियम्स साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया था।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया।

सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के साथ 6 जून 2024 को स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। 8 दिन का उनका सफर 9 महीनों में बदल गया।

जनवरी में सुनीता विलियम्स ने 27 साल बाद रिटायरमेंट लिया

NASA की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल के बाद रिटायरमेंट लिया है। उनकी रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से लागू हुई है। हालांकि NASA ने इसकी घोषणा 20 जनवरी को की थी।

सुनीता 27 साल पहले 1998 में नासा से जुड़ी थीं। उन्होंने NASA के 3 मिशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। पहली बार वह 9 दिसंबर 2006 में अंतरिक्ष में गई थी।

सुनीता ने अंतरिक्ष में 9 स्पेसवॉक की। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री में सबसे ज्यादा है।

सुनीता बोलीं- स्पेस से धरती देखने पर महसूस होता है कि हम सब एक हैं

सुनीता पिछले महीने भारत दौरे पर आईं थीं। उन्होंने दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर’ सेमिनार में हिस्सा भी लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम सबके फायदे, सहयोग और पारदर्शिता के साथ, लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न हो और पूरी मानवता को इसका लाभ मिले।

भारत आना घर वापसी जैसा: भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है, क्योंकि उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे। वहीं, चांद पर जाने के NDTV के सवाल पर मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैं चंद्रमा पर जाना चाहती हूं, लेकिन मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे। घर वापसी और जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। अंतरिक्ष खोज में अगली पीढ़ी को अपना स्थान बनाना होगा।

अंतरिक्ष में बिताए दिन पर: क्या स्पेस ट्रैवल ने उनकी जिंदगी के नजरिए को बदला है, तो उन्होंने कहा- हां, बिल्कुल। जब आप धरती को स्पेस से देखते हैं, तो महसूस होता है कि हम सब एक हैं और हमें ज्यादा करीब से मिलकर काम करना चाहिए।

अंतरिक्ष में फैले कचरे पर: पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है और इसे मैनेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है।

अंतरिक्ष मिशन को याद किया: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बिताए समय और उस वक्त के चुनौतीपूर्ण दौर पर कहा, जब 8 दिन का मिशन तकनीकी दिक्कतों के कारण नौ महीने से ज्यादा का हो गया। इस दौरान ISS पर मल्टी-कल्चरल क्रू के साथ त्योहार मनाने के विजुअल्स भी दिखाए गए।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

भास्कर से बोलीं सुनीता विलियम्स- भारतीय स्पेस प्रोग्राम से जुड़ना चाहूंगी, अंतरिक्ष से हिमालय देखना शानदार

भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने स्पेस से लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दैनिक भास्कर इकलौता भारतीय न्यूज संस्थान रहा, जिसे सुनीता विलियम्स से सवाल पूछने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत स्पेस प्रोग्राम में अपनी जगह बना रहा है। वह इसका हिस्सा बनना चाहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.