Monday, 06 Apr 2026 | 07:20 AM

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PM Modi Slams Congress Over Woman MPs Parliament Protest

PM Modi Slams Congress Over Woman MPs Parliament Protest

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिन पहले लोकसभा में कांग्रेस की महिला सांसदों के प्रदर्शन पर चुप्पी तोड़ी है। पीएम ने रविवार को मेरठ में कहा, कुर्सी पर बैठने से पहले जनता का दिल जीतना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सांसदों को आगे कर सीट पर कब् . पीएम मोदी ने कांग्रेस से सवाल पूछा- क्या आप इतने खोखले हो गए हैं कि माताओं-बहनों को इसके लिए आगे कर रहे हो? पीएम ने आगे कहा, कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है और उसकी राजनीति जनभावनाओं से कट चुकी है। पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस के बेलगाम नेता देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं। पीएम मोदी बोले- कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के बेलगाम नेता देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं। अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है, तो पहले आपको जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला सांसदों को भेज कर, सीट पर कब्जा करके आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो। क्या आप लोग इतने खोखले हो गए हो कि माताओं-बहनों को इसके लिए आगे कर रहे हो? पीएम ने कहा, कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है। मुझे इस बात का संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं इसके लिए विपक्ष के इन साथियों का उनका सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं। ओम बिरला ने कहा था- पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी दरअसल, 4 फरवरी को पीएम मोदी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। हंगामा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही स्थगित कर दी गई। अगले दिन 5 फरवरी को कार्रवाई फिर शुरू हुई। स्पीकर ओम बिरला ने एक दिन पहले सदन स्थगित करने और पीएम का भाषण टालने का कारण बताया। उन्होंने कहा, ‘जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे।’ बिरला ने आगे कहा, ‘अगर ये घटना हो जाती, तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती। इसे टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना।’ बिरला ने महिला सांसदों का पीएम की कुर्सी तक जाना मर्यादा के खिलाफ बताया। उन्होंने विपक्षी सांसदों से कहा, ‘आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंचीं, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था।’ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम की कुर्सी का घेराव करने वालों में विपक्षी सांसद वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि भी शामिल थीं। पीएम की स्पीच से पहले क्या हुआ था? पीएम मोदी का भाषण शुरू होने से करीब 15 मिनट पहले विपक्षी सांसदों ने छोटे-छोटे ग्रुप बनाए और आपस में पोस्टर बांटे। विपक्ष की महिला सांसद ये पोस्टर लेकर सदन के वेल में आ गईं और प्रदर्शन करने लगीं। इसके बाद वो ट्रेजरी बेंच यानी सत्ता पक्ष की सीटों की तरफ बढ़ीं और पीएम की कुर्सी को घेर लिया। महिला सांसदों के हाथ में बड़े-बड़े बैनर भी थे, जिन पर लिखा था- ‘जो उचित लगे वो करो।’ इस विरोध में केसी वेणुगोपाल, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, डिंपल यादव, जेनीबेन नागाजी ठाकोर, वर्षा गायकवाड़, प्रतिभा सुरेश धनोरकर, ज्योतिमणि, रंजीता कोल जैसे सांसद शामिल थे। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि वरिष्ठ मंत्रियों के बार-बार कहने पर भी महिला सांसद अपनी सीट पर नहीं गईं। वे प्रधानमंत्री के बैठने की जगह पर चढ़ गए। उन्होंने खूब हंगामा किया। वे प्रधानमंत्री पर हमला भी कर सकते थे। हालांकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इन आरोपों पर कहा कि यह पूरी तरह से झूठ और गलत है कि महिलाएं पीएम पर हमला करने वाली थीं। PM ने मेरठ में रैपिड–मेट्रो रेल का उद्घाटन किया पीएम मोदी ने रविवार को मेरठ में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने रैपिड रेल में सफर करते हुए बच्चों से बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI समिट में कपड़े उतारकर प्रदर्शन करने को लेकर कांग्रेस पर भड़क गए। मेरठ में रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ। पूरा देश गर्व से भर गया, लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया? वैश्विक आयोजन को गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए। मोदी ने कहा- मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं- देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो। फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी? कांग्रेस के नेताओं ने जो कुछ किया, वो दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी वैचारिक रूप से कितनी दिवालिया और दरिद्र हो गई है। मोदी ने कहा- देखिए दिल्ली में जो हुआ, क्या उसमें TMC, DMK या बसपा के लोगों ने पाप किया… नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस के सरफिरे और बेलगाम नेता देश को तबाह करने पर तुले हैं। अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है तो पहले आपको लोगों के दिल जीतने होंगे। पढ़ें पूरी खबर…

प्रोटीन पाचन के लिए काली मिर्च, अदरक और पपीता कैसे मदद करते हैं

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Last Updated:February 22, 2026, 20:14 IST आजकल मसल्स बनाने के लिए कई लोग प्रोटीन सप्लीमेंट ले रहे हैं और जिम में खूब मेहनत भी कर रहे हैं. फिर भी कई बार मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता और बॉडी में खास बदलाव नहीं दिखता. ऐसे में समझना जरूरी है कि सिर्फ प्रोटीन लेना ही काफी नहीं, उसके सही पाचन पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है. ख़बरें फटाफट यह सभी जानते हैं कि प्रोटीन शरीर के लिए बेहद आवश्यक पोषक तत्व है. मांसपेशियों की ग्रोथ से लेकर नई कोशिकाओं के निर्माण तक हर महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इसकी अहम भूमिका होती है. खानपान से पर्याप्त प्रोटीन न मिल पाने पर आजकल युवा सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं. खासतौर पर व्हे प्रोटीन फिटनेस पसंद करने वालों की पहली पसंद बन चुका है. हालांकि कई लोग नियमित व्हे प्रोटीन लेने के बाद भी न तो वजन बढ़ा पाते हैं और न ही मसल्स में खास फर्क देख पाते हैं. दरअसल सिर्फ प्रोटीन लेना ही काफी नहीं है, उसका शरीर में सही तरीके से पचना और अवशोषित होना भी उतना ही जरूरी है. व्हे प्रोटीन लेने के बाद कुछ लोगों को पेट फूलना, गैस, भारीपन या अपच की शिकायत होने लगती है. इसका कारण यह है कि शरीर प्रोटीन को पूरी तरह तोड़ और पचा नहीं पा रहा होता. आयुर्वेद के अनुसार इसे मंद जठराग्नि कहा जाता है. प्रोटीन एक भारी तत्व है जिसे पचाने में शरीर को अधिक ऊर्जा और मेहनत लगती है. अगर पाचन अग्नि कमजोर हो तो प्रोटीन सही से नहीं टूटता, जिससे शरीर में टॉक्सिन बनने लगते हैं और फायदा मिलने के बजाय असहजता बढ़ जाती है. ऐसे में जरूरी है कि प्रोटीन के साथ पाचन शक्ति को भी मजबूत किया जाए. आयुर्वेद में काली मिर्च और अदरक को पाचन तंत्र का रक्षक माना गया है. अगर प्रोटीन शेक में एक चुटकी काली मिर्च और अदरक का चूर्ण मिला लिया जाए तो यह पाचन प्रक्रिया को आसान बना सकता है. इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और प्रोटीन का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है. साथ ही गैस और भारीपन जैसी समस्याएं भी कम हो सकती हैं. इसके अलावा कुछ फल भी प्रोटीन पचाने में मददगार होते हैं. पपीते में पैपेन नामक एंजाइम पाया जाता है, जबकि अनानास में ब्रोमेलैन मौजूद होता है. ये एंजाइम प्रोटीन को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ने में सहायता करते हैं, जिससे शरीर उसे आसानी से उपयोग कर सके. इसलिए डाइट में पपीता और अनानास को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. आयुर्वेदिक नजरिए से देखें तो त्रिकुट चूर्ण भी लाभकारी माना जाता है. इसमें अदरक, काली मिर्च और पीपली का मिश्रण होता है जो पाचन अग्नि को प्रज्वलित करने में मदद करता है. इसके साथ पर्याप्त और गहरी नींद लेना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि अच्छी नींद के दौरान ही शरीर रिकवरी करता है और पोषक तत्वों का सही उपयोग करता है. इसलिए यदि आप प्रोटीन सप्लीमेंट ले रहे हैं तो सिर्फ मात्रा पर नहीं, बल्कि पाचन और अवशोषण पर भी ध्यान दें. सही संयोजन और संतुलित जीवनशैली अपनाकर ही प्रोटीन का पूरा लाभ उठाया जा सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 20:11 IST

ट्रम्प के रिजॉर्ट में घुस रहे युवक को गोली मारी,मौत:गन और फ्यूल केन लेकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था

ट्रम्प के रिजॉर्ट में घुस रहे युवक को गोली मारी,मौत:गन और फ्यूल केन लेकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसोर्ट में रविवार को घुसने की कोशिश करने वाले एक युवक को सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि एक शख्स गैरकानूनी तरीके से अंदर घुसने की कोशिश कर था। जब उसने सुरक्षित इलाके में घुसने की कोशिश की, तो सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने उसे गोली मार दी। सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, युवक शॉटगन जैसी बंदूक और फ्यूल कैन लेकर आया था। मारे गए युवक की उम्र 20 साल थी, हालांकि उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस में मौजूद थे। आमतौर पर वह वीकेंड पर मार-ए-लागो में समय बिताते हैं। ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हुई ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हो चुकी है। 13 जुलाई 2024 में ट्रम्प को एक रैली के दौरान एक हमलावर ने गोली मार दी थी। उस वक्त वे राष्ट्रपति नहीं थे। उन पर यह हमला राष्ट्रपति चुनाव से ठीक 4 महीने पहले हुआ था। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट की दूरी से ट्रम्प पर असॉल्ट राइफल से गोली चलाई थी। यह गोली उनके कान को छूते हुए गुजरी थी। इसके बाद ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया था। ट्रम्प के रिसोर्ट में एंट्री के लिए मेंबरशिप जरूरी ट्रम्प के रिसॉर्ट में बिना कार्ड यहां एंट्री नहीं होती है। इसकी लाइफटाइम मेंबरशिप फीस 8.50 करोड़ रुपए है। पैसा होने पर भी सभी को मेंबरशिप नहीं मिलती है। इसके लिए पहले उसकी हिस्ट्री चेक होती है। मसलन बैंक अकाउंट डिटेल, सोशल स्टेट्स और फैमिली बैकग्राउंड। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में दुनिया भर के अमीर लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन कुछ को ही मेंबरशिप मिलती है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

‘तेलंगाना उनके लिए एटीएम है’: बीजेपी ने गांधी परिवार को 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश के लिए रेवंत रेड्डी की आलोचना की | राजनीति समाचार

India vs South Africa Live Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Follow Scorecard And Match Action From Ahmedabad. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:22 फरवरी, 2026, 19:48 IST गांधी परिवार को रेड्डी की 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने सवाल किया कि क्या वह एक परिवार की मांगों के लिए तेलंगाना के राजस्व का उपयोग कर रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (फाइल फोटो: कांग्रेस/एक्स) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित तौर पर “गांधी परिवार की वित्तीय आवश्यकताओं” के लिए 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश करने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की मेहनत से अर्जित राजस्व सार्वजनिक कल्याण से संबंधित है। हाल ही में एक भाषण में, रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी परिवार के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के लिए तैयार हैं, अगर उन्हें किसी भी प्रकार की वित्तीय अस्थिरता का अनुभव होता है। “क्या देश की खातिर तीन पीढ़ियों का बलिदान देने वाले गांधी परिवार के लिए पैसा प्राथमिकता है? अगर सच में पैसा गांधी परिवार की जरूरत थी, तो क्या कांग्रेस कार्यकर्ता उनके लिए 10,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था नहीं कर सकते थे?” उसने कहा उन्होंने कहा, ”कांग्रेस और देश को अलग नहीं किया जा सकता। कांग्रेस इस देश की आत्मा है।” उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस कार्यकर्ता परिवार के लिए 1,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। टिप्पणियों पर भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष और पार्टी के आईटी प्रभारी अमित मालवीय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने सवाल किया कि क्या रेड्डी राज्य के राजस्व का उपयोग गांधी परिवार के लिए एटीएम के रूप में कर रहे थे। “तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी का चौंकाने वाला बयान! ऐसे समय में जब तेलंगाना के युवा डीएससी अधिसूचनाओं का इंतजार कर रहे हैं और किसान रायथु भरोसा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मुख्यमंत्री गांधी परिवार की “वित्तीय आवश्यकताओं” के लिए ₹1,000 करोड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं,” मालवीय ने एक्स पर कहा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का चौंकाने वाला बयान! ऐसे समय में जब तेलंगाना के युवा डीएससी अधिसूचनाओं का इंतजार कर रहे हैं और किसान रायथु भरोसा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मुख्यमंत्री गांधी परिवार की “वित्तीय आवश्यकताओं” के लिए ₹1,000 करोड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। नहीं… pic.twitter.com/i5XW0ZusnL – अमित मालवीय (@amitmalviya) 22 फ़रवरी 2026 “बहुत पहले नहीं, तेलंगाना के सीएम ने दावा किया था कि उनके पास ऋण चुकाने और बुनियादी ढांचे के लिए पैसे नहीं हैं। क्या तेलंगाना की कड़ी मेहनत से अर्जित राजस्व सार्वजनिक कल्याण के लिए है या दिल्ली में एक राजवंश की सेवा के लिए है? कांग्रेस के लिए, क्या तेलंगाना विकास करने वाला राज्य है, या केवल 10 जनपथ के लिए एक एटीएम है?” उसने पूछा. मालवीय ने कहा कि तेलंगाना के लोग ऐसी सरकार के हकदार हैं जो आलाकमान की मांगों के बजाय उनकी आकांक्षाओं, आजीविका और भविष्य को प्राथमिकता दे। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने भी तेलंगाना के मुख्यमंत्री की आलोचना की. बीआरएस अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा, “पिछले दो वर्षों से, हमने बार-बार कहा है कि तेलंगाना राज्य कांग्रेस पार्टी के लिए एटीएम में बदल गया है। अब, रेवंत रेड्डी ने खुद बेशर्मी से इसे स्वीकार कर लिया है।” “केवल दो वर्षों में, इस सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपये का ऋण लिया है, फिर भी राज्य में एक ईंट भी नहीं रखी है। उन्होंने कहा, “वे सब कर रहे हैं – डकैतों के एक गिरोह की तरह – तेलंगाना को लूटना, इसे अपने लिए जमा करना और सिर्फ अपनी स्थिति बचाने के लिए दिल्ली में बैग ले जाना!” उन्होंने आगे कहा। तेलंगाना AICC के लिए एटीएम बन गया है एक और अधिक पढ़ें एक नया क्रेडिट कार्ड डाउनलोड यह एक अच्छा विकल्प है। ऋण, ऋण, ऋण, क्रेडिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड ठीक है… pic.twitter.com/JNuc8W4Zgx – केटीआर (@KTRBRS) 22 फ़रवरी 2026 बीआरएस प्रवक्ता कृष्णक मन्ने ने कहा, “तेलंगाना कांग्रेस से गांधी परिवार को 1000 करोड़ रुपये देने के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयानों से अब यह साबित हो गया है कि तेलंगाना राज्य एआईसीसी का एटीएम बन गया है।” यह तब हुआ जब रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उनका अपमान करने के लिए भाजपा पर हमला किया। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार को चुप कराने की साजिश का आरोप लगाया, जिन्होंने कहा कि वे दलितों, एसटी और अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 22 फरवरी, 2026, 19:48 IST समाचार राजनीति ‘तेलंगाना उनके लिए एटीएम है’: बीजेपी ने गांधी परिवार को 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश के लिए रेवंत रेड्डी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में स्थित अंजनी क्रेशर की पत्थर खदान में कार्यरत एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्रिल मशीन की चपेट में आने से हादसा हुआ है। घटना गोहद थाना क्षेत्र के डिरमन पाली गांव स्थित अंजनी क्रेशर की खदान की है। मृतक की पहचान विनोद यादव (21) पुत्र राजलाल यादव निवासी सीधी जिले के रूप में हुई है, जो लंबे समय से क्रेशर पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार शाम वह ड्रिल एलएनटी मशीन के पास काम कर रहा था, तभी हादसा हो गया। प्रथम दृष्टया सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होना बताया जा रहा है। हालांकि सिर में चोट किस परिस्थिति में आई, यह जांच का विषय बना हुआ है। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलते ही गोहद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। गोहद टीआई अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस एक्सीडेंट और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

दिल्ली: वजीराबाद से लापता 16 वर्षीय लड़की चार दिन में मिली

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होमताजा खबरक्राइम खत्‍म हुए आंसुओं से भरे दिन, परिवार की दुनिया फिर से हुई रोशन, मिली लापता बेटी Last Updated:February 22, 2026, 19:35 IST वजीराबाद में 17 फरवरी 2026 को 16 साल की नाबालिग लड़की लापता हो गई. दिल्ली पुलिस AHTU की टीम ने चार दिन की मेहनत के बाद इंदरपुरी मेन मार्केट में उसे खोज निकाला. Missing Girls: दिल्ली जैसे तेज रफ्तार शहर में हर दिन हजारों कहानियां जन्म लेती हैं. इसमें कुछ कहानियां उम्मीद की होती हैं और कुछ डर की. लेकिन जब किसी घर की 16 साल की बेटी अचानक लापता हो जाए, तो वह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे मोहल्ले और शहर की बेचैनी बन जाती है. वजीराबाद इलाके में 17 फरवरी 2026 को ऐसा ही हुआ, जब एक नाबालिग लड़की के अचानक गायब होने की खबर ने परिवार की दुनिया ही बदल दी. जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी गूंजती थी, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. मां की आंखें दरवाजे पर टिक गई थीं और पिता हर फोन कॉल पर चौंक उठते थे. पड़ोसी भी रात-रात भर जागकर परिवार को दिलासा दे रहे थे. दिल्ली वालों के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं थी, बल्कि हर उस माता-पिता का डर था, जो रोज अपने बच्चों को स्कूल या बाहर भेजते हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए वजीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई. बच्‍ची की तलाश के लिए बनाई गई स्‍पेशल टीम चूंकि लड़की नाबालिग थी, इसलिए यह मामला तुरंत संवेदनशील श्रेणी में आ गया. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने इसे प्राथमिकता पर लिया. इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा और महिला हेड कांस्टेबल मोनिका की टीम ने एसीपी सुरेश कुमार की निगरानी में जांच शुरू की. दिल्ली जैसे विशाल शहर में किसी एक व्यक्ति को ढूंढना आसान नहीं होता. हर गली, हर बाजार और हर भीड़ में अनगिनत चेहरे होते हैं. चार दिन की कवायद लाई रंग, पुलिस को मिली बच्‍ची लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी. उन्होंने लड़की के परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से लगातार बातचीत की, हर छोटी जानकारी को सुराग बनाया और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन तलाशने में जुटे रहे. दिन-रात की मेहनत आखिर रंग लाई. गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर टीम ने इंदरपुरी के मेन मार्केट में लड़की को ट्रेस कर लिया. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में कई दिनों बाद राहत की सांस सुनाई दी. मां की आंखों से आंसू रुके नहीं, लेकिन इस बार डर के नहीं, सुकून के थे. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 19:35 IST

दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

X दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें सेहत का ख्याल तो नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत   सर्दियों का मौसम अंतिम चरण में है और तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियां बढ़ रही हैं. दिन की धूप और रात की ठंड शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती है, जिससे सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं. जमुई जिला के आयुष चिकित्सक डॉ. रास बिहारी तिवारी (बीएएमएस) के अनुसार यह समय कफ और वात असंतुलन का होता है. वे सुबह गुनगुना पानी, शहद-नींबू का सेवन और तुलसी, अदरक, काली मिर्च का काढ़ा लेने की सलाह देते हैं. संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या से रोगों से बचाव संभव है.

होली वेलकम ड्रिंक्स: होली मिलन को खास यादगार, विक्रेताओं के लिए बनाएं ये 5 खास वेलकम ड्रिंक

होली वेलकम ड्रिंक्स: होली मिलन को खास यादगार, विक्रेताओं के लिए बनाएं ये 5 खास वेलकम ड्रिंक

होली स्वागत पेय: खुशियों भरी होली, रंग बिरंगी और स्वादिष्ट होली के साथ अलग-अलग खाने वाली, नी के साथ, साखी का त्योहार है। इस दिन समूह में रिश्तेदारों और दोस्तों का आना-जाना रहता है और हर किसी कलाकार के साथ मिलकर जश्न का आनंद मिलता है। ऐसे खास मसालों पर अगर पार्टियों का स्वागत किया जाए तो ठंडे और स्वादिष्ट वेलकम ड्रिंक से बनाया जाए तो त्योहारों की पसंद की पेशकश हो जाती है। ठंडाई, गुलाब शरबत और आम पना जैसे पारंपरिक पेय न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि शरीर को ठंडक भी पहुंचाते हैं। वहीं अन्य पंचों जैसे कि इलेक्ट्रॉनिकी प्लेसमेंट पार्टी में अलग-अलग रंग भर देते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही 5 मीठे ड्रिंक्स के बारे में… होली का ज़िक्र होता ही है ठंडी-ठंडी का स्वाद। दूध, काली मिर्च, काली मिर्च, मिर्च और मेवों से तैयार यह पारंपरिक पेय ठंडक देता है और ऊर्जा भी बढ़ाता है। यदि केसर या गुलाब की पंखुड़ियाँ मिला दी जाएँ तो इसका रस और स्वाद दोनों और भी खस हो जाते हैं। होली मिलन में ठंडाई डिजाइन मनो परंपरा को निभाना जैसा है। गुलाबी रंग का गुलाब शरबत होली के रंग से सुंदरता से मेल खाता है। इसे ठंडा पानी या दूध में मिलाया जाता है, जिससे यह तेज़, मीठा और बेहद ताज़ा भारी पेय बन जाता है। दोस्तों के स्वागत के लिए यह है एक आसान तरीक़े की ड्रिंक। कच्चे आम से बना आम पन्ना हीट से राहत पाने के लिए बहुत ही बेहतर माना जाता है। इसका कटा-मीठा स्वाद होली के दिन के खास पसंद किया जाता है। यह शरीर को प्रमाणित रखने में मदद करता है और ऊर्जा भी देता है, इसलिए इसे पार्टी मेन्यू में शामिल करके बेहतर प्रयोगशाला साबित किया जाता है। पुदीना, धनिया, जीरा और इमली से तैयार जलजीरा पिज्जा बेहद स्वादिष्ट माना जाता है। होली पर जब तरह-तरह के व्यंजन जाते हैं, तब जलजीरा शरीर को निखारता है और ताजगी से भर देता है। यह पारंपरिक पेय स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए अद्भुत है। मिक्स फलों के रस से बना दिखता है लाइक पंच रंग-बिरंगा और स्वादभरी ड्रिंक। यह बच्चा हो या बड़ा, हर कोई इसे पसंद करता है। होली पार्टी में यह एक मान्यता और स्टाइलिश टच शामिल है, जिसमें जश्न और खास भी शामिल है। (टैग्सटूट्रांसलेट) होली 2026 पेय (टी) होली स्वागत पेय विचार (टी) ठंडाई रेसिपी (टी) गुलाब शरबत के फायदे (टी) गर्मियों के लिए आम पन्ना (टी) होली पार्टी पेय (टी) पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थ (टी) होली विशेष व्यंजन (टी) गर्मियों में ठंडा पेय भारत

‘100 विधायक लाओ, सीएम बनो’: यूपी के डिप्टी सीएम को अखिलेश यादव की पेशकश से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया | राजनीति समाचार

India vs South Africa Live Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Follow Scorecard And Match Action From Ahmedabad. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:22 फरवरी, 2026, 19:11 IST अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को 100 विधायक जुटाने पर मुख्यमंत्री बनने का मौका देने की पेशकश की, जिस पर बीजेपी की आलोचना शुरू हो गई. अखिलेश यादव (सपा): अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष हैं. वह 2017 से राष्ट्रीय पार्टी प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले, उन्होंने 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। वह 52 वर्ष के हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निर्धारित विदेश यात्रा से कुछ घंटे पहले राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, अखिलेश यादव ने कहा कि वह एक बार फिर उत्तर प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्रियों – केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक – को मुख्यमंत्री बनने का मौका दे रहे हैं, अगर वे 100 विधायकों का समर्थन जुटा सकें। उन्होंने टिप्पणी की कि जो कोई भी 100 विधायक लाएगा वह स्वाभाविक रूप से शीर्ष पद का दावा करने की स्थिति में होगा। उन्हें यह कहते हुए सुना गया, “100 विधायक लाओ और एक हफ्ते के लिए मुख्यमंत्री बनो, लेकिन ऑफर सीमित समय के लिए है।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तुरंत राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई। पार्टी नेताओं ने इस टिप्पणी को विपक्षी खेमे के भीतर हताशा का प्रतिबिंब बताया। बीजेपी नेता और प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अखिलेश यादव की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी राजनीतिक हताशा को दर्शाती है. शुक्ला ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एक गंभीर राजनेता की तरह कम और एक कार्टून चरित्र की तरह अधिक दिखते हैं, उन्होंने कहा कि जब लोग उन्हें टेलीविजन पर देखते हैं तो मुस्कुराने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश गंभीर मामलों को भी हल्के में लेते हैं और दावा किया कि जनता अब उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है. बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस टिप्पणी से अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भ्रम और निराशा सामने आई है. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश की जनता कटाक्ष और राजनीतिक बयानबाजी के बजाय विकास और स्थिरता चाहती है. योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। अपनी यात्रा के दौरान, वह सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे, जिसमें प्रधान मंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मामलों के मंत्री विवियन बालाकृष्णन, जनशक्ति मंत्री टैन सी लेंग और राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम शामिल हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : उत्तर प्रदेश, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 22 फरवरी, 2026, 19:11 IST समाचार राजनीति ‘100 विधायक लाओ, सीएम बनो’: यूपी के डिप्टी सीएम को अखिलेश यादव की पेशकश से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अखिलेश यादव का राजनीतिक बयान(टी)समाजवादी पार्टी(टी)उत्तर प्रदेश की राजनीति(टी)योगी आदित्यनाथ सिंगापुर यात्रा(टी)बीजेपी की प्रतिक्रियाअखिलेश यादव(टी)उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश(टी)राजनीतिक विवाद उत्तर प्रदेश(टी)अखिलेश यादव मुख्यमंत्री की पेशकश

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होमताजा खबरक्राइम रिश्तों का कत्ल: जमीन विवाद में बेटों ने पिता को उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार Last Updated:February 22, 2026, 19:06 IST Renwal Jaipur Rural News: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र के गुमानपुरा गांव में जमीन विवाद के चलते दो बेटों ने अपने पिता की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी. आरोप है कि शंकर सिंह और अमर सिंह जमीन बेचने की बात से नाराज थे और शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए. मृतक की पत्नी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. Renwal Jaipur Rural News जयपुर ग्रामीण: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया. गुमानपुरा गांव में दो बेटों ने कथित रूप से अपने ही पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जिस पिता ने उन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत की जमीन बेचने को लेकर विचार कर रहे थे. इसी बात से उनके दोनों बेटे शंकर सिंह और अमर सिंह नाराज चल रहे थे. परिवार के भीतर कई दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी. घटना वाले दिन भी पिता और बेटों के बीच इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पुत्र शराब के नशे में थे. गुस्से और नशे के मिश्रण ने स्थिति को इतना भयावह बना दिया कि उन्होंने अपने ही पिता पर हमला कर दिया. मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पत्नी की चीखों से गूंज उठा गांवमृतक की पत्नी ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मां की आंखों के सामने बेटों द्वारा पिता की हत्या का यह मंजर पूरे गांव को स्तब्ध कर गया. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में पहले भी विवाद होते रहे थे, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि बात इतनी दूर तक पहुंच जाएगी. मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश जारीसूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. घटना के बाद दोनों आरोपी बेटे मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. रिश्तों पर लगा सवालयह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों की दर्दनाक कहानी है. जिस घर में कभी हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है. गांव के लोग स्तब्ध हैं और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है—क्या जमीन के एक टुकड़े की कीमत पिता की जिंदगी से ज्यादा हो सकती है? About the Author Jagriti Dubey With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 22, 2026, 19:06 IST