PM Modi Letter West Bengal

Hindi News National PM Modi Letter West Bengal | CAA, Infiltration, Development, Law & Order नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के नागरिकों के नाम हिंदी और बांग्ला भाषा में एक खुला पत्र लिखा है। इमसें उन्होंने CAA का जिक्र करते हुए घुसपैठ पर लगाम, राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के मुद्दों पर अपनी बात रखी है। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री ने पत्र की शुरुआत जय मां काली के जयकारे के साथ की। उन्होंने लिखा कि अब बस कुछ ही महीने में पश्चिम बंगाल का भाग्य सुनिश्चित हो जायेगा। आने वाली पीढ़ी का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह आपके सोचे-समझे फैसले पर निर्भर करता है। मेरे सोनार बंगाल के सपने देखने वाला हर एक जवान, बूढ़ा और महिलाएं आज बहुत पीड़ा में हैं। उनकी पीड़ा से आज मेरा हृदय भी व्यथित है। इसलिए, मैंने मन की गहराइयों से एक संकल्प लिया है, पश्चिम बंगाल को ‘विकसित’ और समृद्ध बनाने का संकल्प। उन्होंने आगे लिखा- पिछले 11 वर्षों में देशवासियों के आशीर्वाद को ताकत बनाकर मेरी सरकार ने जनकल्याण और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों के कल्याण से लेकर युवाओं के सपनों को साकार करने तक, और मातृशक्ति के सशक्तिकरण से लेकर समाज के हर वर्ग तक, हमारी नीतियों और निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम आज साफ दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार के असहयोग और विरोध के बावजूद, आज पश्चिम बंगाल के करीब 5 करोड़ लोग ‘जन-धन योजना’ के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत राज्य में 85 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। जब राज्य की सत्ताधारी पार्टी गरीबों का निवाला छीन रही है, तब हमने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का लोन देकर मदद का हाथ बढ़ाया है। ‘अटल पेंशन योजना’ के तहत 56 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाने का सौभाग्य मुझे मिला है। ‘उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस देकर माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाकर मैं धन्य हूं। जो किसान पूरे देश का पेट भरते हैं, आज पश्चिम बंगाल में वही अन्नदाता अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कठिन परिस्थिति में ‘किसान सम्मान निधि’ के जरिए 52 लाख से अधिक किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाकर, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करता था और औद्योगिक विकास में अग्रणी था। लेकिन आज इस गौरवशाली राज्य की जर्जर हालत देखकर मेरा मन व्यथित हो उठता है। पिछले छह दशकों के कुशासन और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पश्चिम बंगाल को जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसे बयान नहीं किया जा सकता। स्वामी विवेकानंद और ऋषि अरविंद ने जिस बंगाल का सपना देखा था, वह आज वोट-बैंक की संकीर्ण राजनीति, हिंसा और अराजकता में जकड़ा हुआ है और यह हम सबके लिए अत्यंत पीड़ादायक है। पश्चिम बंगाल की धरती के सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के “आजादी के ललकार” ने कभी पूरे देश को प्रेरित किया था। आज उनकी ही पवित्र भूमि अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से कलंकित है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर के सोनार बंगाल पर नकली वोटर हावी हो रहे हैं। अराजकता के अंधेरे में डूबते पश्चिम बंगाल को देखकर आज पूरा देश चिंतित है। कब तक हम चुपचाप यह सब सहते रहेंगे? अब परिवर्तन अनिवार्य है। देश के कई राज्यों में आज जीवन स्तर बेहतर हुआ है, गरीबों के चेहरे पर मुस्कान आई है। ‘आयुष्मान भारत’ से स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है, युवाओं को रोजगार मिला है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। पश्चिम बंगाल भी इस विकास और प्रगति का पूरा हकदार है। माताओं-बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हमारे बच्चों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। बंगाल की संस्कृति अपना खोया हुआ गौरव वापस पाए। धार्मिक हिंसा के शिकार हमारे शरणार्थी भाई-बहनों को CAA के माध्यम से नागरिकता मिले और मेरा पश्चिम बंगाल अवैध घुसपैठ से मुक्त होकर सुशासन की राह पर आगे बढ़े। भारत माता के वीर सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अथक प्रयासों से ही आज पश्चिम बंगाल भारत का एक अभिन्न अंग है। आइए, उनके सपनों के पश्चिम बंगाल को फिर से जिंदा करें और कंधे से कंधा मिलाकर 2026 में ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ बनाने की शपथ लें। ————————– पीएम मोदी के बंगाल दौरे की ये खबरें भी पढ़ें… मोदी बोले-बिहार में दोबारा जंगलराज रोका,अब बंगाल से विदा करेंगे:घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग जरूरी पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में कहा कि यहां की जनता अब असली परिवर्तन चाहती है। हर कोई 15 साल के महाजंगल राज को बदलना चाहता है। अभी तो बीजेपी-एनडीए ने बिहार में जंगलराज को रोका है। अब टीएमसी के महाजंगलराज को विदा करने के लिए तैयार है। पूरी खबर पढ़ें… मोदी बंगाल में बोले- घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई होगी:भाजपा किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी, ये मोदी की गारंटी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में कहा- बंगाल में TMC ने अपने स्वार्थ के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दिया। इसके लिए इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। ये राज्य-देश और बांग्ला संस्कृति के लिए खतरा है। उन्होंने आगे कहा- TMC ने घुसपैठियों के पक्ष में नई मुहिम शुरू की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Pakistan China

11 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का निजी विमान ‘लोलिता एक्सप्रेस’ अब दक्षिणी अमेरिका के एक एयरक्राफ्ट यार्ड में जर्जर हालत में खड़ा है। करीब छह दशक पुराना यह बोइंग 727 अब दोबारा कभी उड़ान नहीं भरेगा। करीब 60 साल पुराना और 133 फीट लंबा लोलिता एक्सप्रेस कभी महंगी साज-सज्जा और निजी केबिन के लिए जाना जाता था। अब इसकी बाहरी सतह पर जंग और गंदगी की परत जमी है। इंजन वर्षों पहले हटा दिए गए, जिससे यह स्थायी रूप से जमीन पर खड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस विमान का इस्तेमाल नाबालिग लड़कियों को न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा ले जाने में किया गया। पीड़ितों ने बयान दिए कि उड़ानों के दौरान भी शोषण हुआ। एक सर्वाइवर वर्जीनिया जिउफ्रे ने भी दावा किया था कि उनके साथ विमान में यौन उत्पीड़न हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के भीतर अब भी फ्लाइट मैनुअल, फाइलें, नैपकिन और प्लेसमैट रखे हैं, जिन पर नंबर छपा है। बाथरूम कैबिनेट में टॉयलेट्री आइटम और निजी सामान पड़े हैं। मुख्य सोने वाले हिस्से में अब भी गद्दा मौजूद है, जिसके ऊपर इमरजेंसी ऑक्सीजन मास्क लटके हैं। लाल रंग के अपहोल्स्ट्री वाले सीटिंग लाउंज अब धूल से ढंके हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, 2001 में एपस्टीन से जुड़ी एक कंपनी ने यह विमान खरीदा था। 2019 में संघीय सेक्स-ट्रैफिकिंग आरोपों में उसकी गिरफ्तारी से ठीक पहले मालिकाना हक बदला गया। इसके बाद यह कई एविएशन कंपनियों के जरिए ट्रांसफर हुआ। हालांकि पहले इसे स्क्रैप करने की योजना थी, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह तोड़ा नहीं गया है। विमान को ‘लोलिता एक्सप्रेस’ उपनाम इसलिए दिया गया क्योंकि आरोप थे कि इसमें नाबालिग लड़कियों की तस्करी हुई। यह नाम 1955 के अडल्ट नॉवेल ‘लोलिता’ से लिया गया है, जिसमें एक पुरुष की 12 साल की लड़की के प्रति आसक्ति की कहानी है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… नेपाल- बस हाईवे से नदी में गिरी, 18 की मौत:25 घायल, मरने वालों में 2 विदेशी नागरिक; कंट्रोल खोने से हादसा नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार देर रात एक बस हाईवे से नदी में गिर गई। नेपाली मीडिया के मुताबिक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 घायल हैं। मृतकों में एक पुरुष और एक महिला विदेशी नागरिक शामिल हैं। हालांकि, यह किस देश से थे और इनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं। आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के मुताबिक, अब तक 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। बाद में एक अन्य यात्री की मौत की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों का आंकड़ा 18 हो गया। हादसे में घायल लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अब तक मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो सकी है। पूरी खबर पढ़ें… मेक्सिको में सेना ने सबसे बड़े ड्रग माफिया को मारा: ट्रम्प के दबाव के बाद एक्शन, देशभर में हिंसा शुरू, समर्थकों ने एयरपोर्ट-मॉल में आग लगाई मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई है। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया है और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। तलपला शहर में सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा कम से कम और 9 अपराधी भी मारे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सोना ₹3 हजार महंगा, ₹1.58 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹15 हजार महंगी होकर ₹2.65 लाख किलो हुई, इस साल 35 हजार बढ़ चुकी

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 23 फरवरी को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,362 रुपए बढ़कर 1,58,428 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,55,066 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 15,236 रुपए बढ़कर 2,65,550 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,50,314 रुपए किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में सोने-चांदी कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस साल सोना 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 23 फरवरी, 2026) 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
Gold Price Today; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (23 February 2026)

Hindi News Business Gold Price Today; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (23 February 2026) | Gold Silver Rate Today नई दिल्ली52 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में आज यानी 23 फरवरी को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,362 रुपए बढ़कर 1,58,428 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,55,066 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 15,236 रुपए बढ़कर 2,65,550 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,50,314 रुपए किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में सोने-चांदी कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस साल सोना 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 2025 में सोना ₹57 हजार (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1.33 लाख रुपए हो गया। चांदी इस दौरान ₹1.44 लाख (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86 हजार की थी, जो साल के आखिरी दिन ₹2.30 लाख प्रति किलो हो गई। 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नर्मदा परिक्रमा यात्रा 400 किमी तय कर खरगोन पहुंची:परिक्रमावासियों ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक किया, अगला पड़ाव महाराष्ट्र का प्रकाशा

नर्मदापुरम से शुरू हुई आचार्य सोमेश परसाई के सानिध्य में नर्मदा परिक्रमा तीर्थयात्रा खरगोन जिले में नर्मदा तट स्थित नावडाटौडी पहुंची। यह यात्रा लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंची है। श्री शालीवाहन शिव मंदिर परिसर में 300 से अधिक परिक्रमावासियों ने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर रुद्राभिषेक किया। इस अवसर पर आचार्य सोमेश परसाई ने सत्संग में भगवान शिव और नर्मदा की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम में नर्मदा अष्टक का पाठ भी हुआ। नावडाटौडी घाट पर सामूहिक आरती और पूजन-अर्चन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी शामिल हुए। संगीतमयी भजन और नर्मदा सत्संग का आयोजन भी हुआ। यह परिक्रमा यात्रा श्री विद्या ललिताम्ब समिति, नर्मदापुरम द्वारा आयोजित की जा रही है। एक माह की यह यात्रा लगभग 3000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। अगला सत्संग महाराष्ट्र के प्रकाशा में होगा। नावडाटौडी में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय शालीवाहन मंदिर के पुजारी पंडित मदनलाल दुबे, भडारी बाबा, चंद्रशेखर दुबे और करणसिंह पटेल ने परिक्रमावासियों की अगवानी की। सोमवार को यह यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए आगे बढ़ गई।
यूरिक एसिड के लिए योग: यूरिक एसिड रोगी जरूर करें ये योगासन, जोड़ों के दर्द से मिलेगी राहत; 7 दिन के अंदर अहसास होगा

यूरिक एसिड के लिए योग | छवि: फ्रीपिक यूरिक एसिड के लिए योग: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मिरते खान-पान के कारण ‘यूरिक एसिड’ की शुरुआत एक आम समस्या बन गई है। जब शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ती है, तो किडनी उसे पूरी तरह से फिल्टर नहीं कर पाती है, जिससे शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है। यह क्रिस्टल्स के रूप में जोड़ों में जाम हो जाता है, जिससे असाध्य दर्द, सूजन और पुनर्जनन में परेशानी होती है। विश्वास के साथ-साथ, यदि आप अपनी जीवनशैली में योग को शामिल करते हैं, तो इस समस्या को जड़ से नियंत्रित किया जा सकता है। यहां कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जो रामबाण में यूरिक एसिड कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानें। यूरिक एसिड कम करने के लिए ताड़ासन करें यह आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और जोड़ों के मूल्यांकन को पुनः प्राप्त करता है। यूरिक एसिड के सेवन के लिए यह प्रारंभिक और बहुत प्रभावी व्यायाम है। आप सीधे-सीधे दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और दोनों हाथों को सामने रखें। अब एराडाज़ को चित्रित किया गया है, पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचा गया है। यूरिक एसिड कम करने के लिए कपालभाति प्राणायाम करें कपालभाति न केवल फेफड़े के लिए है, बल्कि यह शरीर के मेटाबोलिज्म को तेज करता है। इस दस्तावेज़ को पुनर्प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद मिलती है। यूरिक एसिड कम करने के लिए वेस्टोत्तानासन का उपयोग करें यह आसन पेट के रोगों और रोगियों पर दबाव डालता है, जिससे उनकी नौकरी में सुधार होता है। यह पर्यटकों के जोड़ों में जमा टॉक्सिन्स को निकालने में मदद करता है।ज़मीन पर पर्यटकों को सामने फैलाया गया। सांसारिक तरीके से आगे झुकें और अपने पैर के छेद की कोशिश करें। अनाथालय से प्रवेश का प्रयास करें। ये भी पढ़ें – लेमन पॉसेट रेसिपी: बिना आंखों के सिर्फ 10 मिनट में तैयार होगी यह शाही मलाईदार मिठाई, जानें आसान रेसिपी और विधि यूरिक एसिड कम करने के लिए करें पवनमुक्तासन यह योगासन पेट की गैस और पाचन संबंधी विकारों को दूर करता है। बेहतर पाचन का सीधा संबंध यूरिक एसिड के नियंत्रण से है। यह पिज्जा के संयोजन भागों और मसालों के दर्द में भी राहत देता है। यूरिक एसिड कम करने के लिए करें भुजंगासन भुजंगासन किडनी को सक्रिय करता है। साथ ही खून को साफ करने में मदद मिलती है। यह शरीर के हिस्सों में बंधन को कम करता है।आप पेट के बल लेट जाएं, स्मारक को पास के स्थान पर और धीरे-धीरे अपने सिर और छाती को ऊपर की ओर ले जाएं। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
लच्छा प्याज़ पराठा रेसिपी: लच्छा प्याज़ पराठा रेसिपी, नोट करें रेसिपी

23 फरवरी 2026 को 11:35 IST पर अद्यतन किया गया How To Make प्याज़ पराठा: अटेस्ट में कुछ अलग और टेस्टी स्वाद बनाना हो, तो बनाएं लच्छेदार प्याज़ का पराठा. इसे बनाना बेहद आसान होता है।
लेमन पॉसेट रेसिपी: बिना आंखों के सिर्फ 10 मिनट में तैयार होगी यह शाही मलाईदार मिठाई, जानें आसान रेसिपी और विधि

नींबू पोसेट रेसिपी: अक्सर जब भी हम किसी ‘शाही’ या ‘क्लासिक’ मिठाई के बारे में बात करते हैं, तो हमारे मन में घड़े की मेहनत, मिलावट का इस्तेमाल या बहुत साडी सामग्री का पता चलता है। क्या आप दुनिया की सबसे बेहतरीन और मलाईदार मिठाइयों में से एक लेमन पॉसेट सिर्फ 3 सामग्री और 10 मिनट में बना सकते हैं? बता दें, लेमन पॉसेट एक क्लासिक ब्रिटिश डेजर्ट है जिसका स्वाद आपके लिए उतना ही आसान है, जिसे बनाना बेहद आसान है। ना तो इसमें अंडे की जरूरत है, ना ही किसान या जिलेटिन की। आइये इस लेख में लेमन पॉसेट बनाने की रेसिपी के बारे में विस्तार से जानते हैं। यह एक चॉकलेट, मलाईदार और नींबू का स्वाद वाला डेजर्ट है। इसकी खासियत यह है कि इसमें रस क्रीम के साथ मिलकर डिश तैयार की जाती है। जिससे यह बिना किसी एक्स्ट्राल्ट वर्क के अपने आप सेट हो जाता है। इसका टेक्सचर मखमली और स्वाद कनेक्टिविटी-मीठा होता है। लेमन पॉसेट कैसे बनाएं?
पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद कैसे हैं सलमान खान?:दोस्त संतोष शुक्ला बोले- बहुत शांत रहते हैं, किसी को परेशान नहीं करना चाहते

सलमान खान के पिता और मशहूर स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अब उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि आज उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा सकता है। इसी बीच सलमान खान के करीबी दोस्त संतोष शुक्ला ने बताया कि पिता की तबीयत खराब होने के बाद सलमान का क्या हाल है। अमर उजाला से बातचीत में संतोष शुक्ला ने कहा, मैं उनके पास नहीं गया, बस दूर से ही देख पाया। यह बहुत निजी पल होता है। परिवार का समय होता है और ऐसे में किसी को डिस्टर्ब न करना ही बेहतर है। हम लोग बाहर से मिल रहे हैं। लोगों से भी यही कहूंगा कि कुछ कहने के बजाय बस दुआ करें, वही सबसे अच्छा है सोचिए, उनके घरवालों पर क्या गुजर रही होगी। सलमान खान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, सलमान इस समय बिल्कुल शांत हैं। वह किसी को परेशान नहीं करना चाहते और खुद भी परेशान नहीं होना चाहते। कभी-कभी इंसान को थोड़ा स्पेस देना चाहिए और सलमान अभी वही कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में सब कुछ बेहतर होगा। संतोष ने यह भी बताया कि सलीम साहब की सेहत में अब सुधार है। उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है, जो एक बड़ी राहत की बात है। ऊपर वाले का शुक्र है कि स्थिति अब बेहतर दिशा में जा रही है। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। डॉक्टरों ने बताया था कि प्रक्रिया के बाद सलीम खान की हालत स्थिर रही। उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखने का फैसला लिया गया। मेडिकल टीम लगातार उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए है। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले।लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए।
मुकुल रॉय का ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी तक का राजनीतिक सफर

मुकुल रॉय का रविवार रात कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे और लंबे समय से कई बीमारियों से पीड़ित थे। वह लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी रहे थे। नेता को उनके संगठनात्मक कौशल और रणनीतिक कौशल के लिए बंगाल की राजनीति के “चाणक्य” के रूप में जाना जाता था। उन्हें अक्सर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में दूसरे नंबर के नेता के रूप में माना जाता था। बाद में, नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में चले गए। मुकुल रॉय का जन्म 17 अप्रैल 1954 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में हुआ था। रॉय ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीएससी में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बाद में 2006 में, उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में एमए की डिग्री हासिल की। मुकुल रॉय ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) के साथ अपनी राजनीतिक पहचान बनाई और उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। सारदा घोटाले में नाम आने और बनर्जी से अनबन होने के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। मुकुल रॉय ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत यूथ कांग्रेस से की और वह ममता बनर्जी के करीबी बन गए, जो उस समय यूथ कांग्रेस की नेता भी थीं। बाद में, रॉय और बनर्जी, अन्य नेताओं के साथ, जनवरी 1998 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस बनाने के लिए कांग्रेस से अलग हो गए। रॉय नई दिल्ली में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का चेहरा बने और 2006 में उन्हें पार्टी का महासचिव भी बनाया गया। मुकुल रॉय ने 2001 में अपनी चुनावी शुरुआत की जब उन्होंने जगतदल निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और कुल 56,741 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अप्रैल 2006 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 से 3 साल के लिए राज्यसभा में पार्टी के नेता बने। यूपीए 2 सरकार के तहत, रॉय को जहाजरानी मंत्रालय में राज्य मंत्री (एमओएस) बनाया गया था और फिर बाद में बनर्जी के इस्तीफा देने के बाद उन्हें रेलवे मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था। 2012 में, जब पार्टी के एक अन्य सहयोगी, दिनेश त्रिवेदी, जिन्होंने भी भाजपा के प्रति निष्ठा बदल ली थी, को रेल बजट में यात्री किराए में वृद्धि की घोषणा के कारण बनर्जी द्वारा रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था, रॉय नए रेल मंत्री बने। हालांकि, सारदा घोटाले में नाम आने के बाद रॉय का टीएमसी करियर खत्म हो गया। उनका नाम नारद स्टिंग ऑपरेशन में भी सामने आया था जिसमें टीएमसी नेताओं समेत कई राजनेता शामिल थे। इसके बाद, रॉय का पार्टी और बनर्जी से मतभेद हो गया। बाद में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था। टीएमसी से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने बीजेपी नेता अरुण जेटली और कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की. उन्होंने 11 अक्टूबर, 2017 को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। बाद में नवंबर 2017 में, रॉय औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। तब से, उन्होंने भाजपा के लिए अन्य टीएमसी नेताओं को लुभाने और 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)मुकुल रॉय









