Wednesday, 28 Oct 2026 | 11:22 PM

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ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी की छत से गिरा माली, मौत:अस्पताल ले जाते वक्त कहा- इलाज मत कराओ, मुझे मरना है; 19 दिन पहले हुआ था तबादला

ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी की छत से गिरा माली, मौत:अस्पताल ले जाते वक्त कहा- इलाज मत कराओ, मुझे मरना है; 19 दिन पहले हुआ था तबादला

ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी की छत से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम की है। 50 वर्षीय अंगद जाटव थाटीपुर के विवेक नगर के निवासी थे। वे जीवाजी विश्वविद्यालय में माली के पद पर कार्यरत थे। घटना से पहले दोपहर में अंगद ने पत्नी से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। घटना के बाद अंगद को घायल अवस्था में जीवाजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा के भाई लक्ष्य गुर्जर ने अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मेरा इलाज मत कराओ मुझे मरना है लक्ष्य गुर्जर ने बताया कि जब हम उन्हें अस्पताल ला रहे थे तब अंगद जाटव का कहना था कि मेरा इलाज मत कराओ मुझे मरना है। मुझे 19 दिन हो गए हैं, ये लोग ज्वाइनिंग नहीं दे रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। 19 दिन पहले ही हुआ था तबादला हालांकि, सूत्रों के अनुसार, अंगद का तबादला 19 दिन पहले सेंट्रल लाइब्रेरी से भाषा अध्ययन विभाग में कर दिया था। आरोप है कि उन्हें 19 दिनों से नई जगह पर जॉइनिंग नहीं दी जा रही थी, जिसके कारण वह तनाव में थे और संभवतः इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। परिजनों की ओर से अभी तक किसी पर कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया है।

DGCA Grounds VSR Planes | Ajit Pawar Flight Accident Audit

DGCA Grounds VSR Planes | Ajit Pawar Flight Accident Audit

नई दिल्ली/पुणे12 मिनट पहले कॉपी लिंक बारामती में 28 जनवरी को VSR वेंचर्स का प्लेन क्रैश हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत हुई थी। महाराष्ट्र के बारामती प्लेन क्रैश के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर सख्त कार्रवाई की है। DGCA ने मंगलवार को बताया कि कंपनी के चार लियरजेट 40/45 कैटेगरी के 4 चार्टर्ड प्लेन तत्काल प्रभाव से ग्राउंड कर दिए गए हैं। इन विमानों में VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI शामिल हैं। DGCA ने बताया कि बारामती हादसे के बाद स्पेशल सेफ्टी ऑडिट में विमानों के एयरवर्थिनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशंस से जुड़े कई प्रक्रियाओं में खामियां पाई गईं। रखरखाव में भी गंभीर कमियां सामने आई हैं। DGCA ने स्पष्ट किया है कि जब तक एयरवर्थिनेस मानकों की बहाली नहीं हो जाती, तब तक ये विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। DGCA ने कंपनी को डिफिशिएंसी रिपोर्टिंग फॉर्म जारी कर विमानों में खामियों पर डिटेल रिपोर्ट देने को कहा है। जवाबों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 28 जनवरी को VSR वेंचर्स का लियरजेट 45 (VT-SSK) बारामती के पास क्रैश हो गया था। हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद DGCA ने कंपनी का स्पेशल सेफ्टी ऑडिट कराया था। बारामती एयरपोर्ट के बाहर मेन रोड किनारे लगे CCTV में प्लेन क्रैश की घटना रिकॉर्ड हुई थी। AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार इधर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) 28 फरवरी से पहले हादसे पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर सकता है। हादसे को लेकर साजिश की आशंकाएं भी जताई गई हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। भतीजे का आरोप- प्लेन क्रैश बड़ी साजिश, कई धमाके हुए थे रोहित पवार ने शनिवार को दिल्ली में अजित पवार विमान हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने 21 फरवरी को अजित पवार के प्लेन क्रैश पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस में स्क्रीन पर डेटा और फोटो दिखाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स को लेकर शक जताया जा रहा था। उनके मुताबिक, दुर्घटना के समय सिर्फ एक धमाका नहीं हुआ था, बल्कि कई धमाके हुए थे। विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की। सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… रोहित बोले- एविएशन मिनिस्टर VSR के मालिकों के करीबी इससे पहले रोहित पवार ने सेंट्रल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू को पद से हटाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू VSR कंपनी को बचा रहे हैं। रोहित ने 18 फरवरी को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- जिस VSR कंपनी का लियरजेट विमान 28 जनवरी को बारामती में क्रैश हुआ, उसे बचाने की कोशिश हो रही है। एविएशन मिनिस्टर नायडू और उनकी पार्टी (तेलुगु देशम पार्टी) के सीनियर लीडर कंपनी के मालिकों के करीबी हैं। रोहित पवार ने कहा कि VSR मालिक वीके सिंह के बेटे रोहित सिंह की शादी में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और आंध्र प्रदेश के कई TDP नेता शामिल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि कंपनी अब भी संचालन कर रही है और नेता उसके लियरजेट विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 19 फरवरी: अजित के बेटे ने हादसे पर सवाल उठाया महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार के बेटे जय पवार ने 18 फरवरी को इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था- VSR वेंचर्स के विमानों के उड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए। प्लेन क्रैश में ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं होते। महाराष्ट्र के लोगों को इस दिल दहला देने वाली त्रासदी का पूरा, पारदर्शी और बिना किसी शक के सच जानने का अधिकार है। VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस में गड़बड़ियों की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने एक इमोशनल मैसेज भी शेयर किया और लिखा- मिस यू डैड। पूरी खबर पढ़ें… लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। अब जानिए 28 जनवरी को क्या हुआ था… पुणे के बारामती में 28 जनवरी को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 लोगों की प्लेन क्रैश में मौत हुई थी। अजित की पत्नी और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने मंगलवार को CM देवेंद्र फडणवीस से मिलकर मामले की CBI जांच की मांग की थी। ………………………. यह खबर भी पढ़ें… अजित पवार लियरजेट- 45 प्लेन में सवार थे: VSR वेंचर्स के इसी मॉडल का प्लेन 2023 में क्रैश हुआ था, मुंबई रनवे पर दो टुकड़े हुए थे अजित ‘लियरजेट 45’ प्रीमियम बिजनेस जेट में सवार थे, इसकी ऑपरेटर कंपनी VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड है। इसी कंपनी का ‘लियरजेट 45’ प्लेन 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी क्रैश हो गया था और दो हिस्सों में टूट गया था। पायलट, को-पायलट और 6 यात्रियों को चोटें आई थीं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

supreme court on NOTA in election voting leader quality

supreme court on NOTA in election voting leader quality

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NOTA (इनमें से कोई नहीं) विकल्प की उपयोगिता और असर पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने मंगलवार को सरकार से पूछा कि इसका क्या फायदा है, क्या NOTA के आने से चुने गए नेताओं की क्वालिटी में सुधार हुआ है? कोर्ट ने कहा कि NOTA किसी भी सीट को भर नहीं सकता और इसीलिए इसका प्रभाव सीमित है। यदि किसी सीट पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार होता है तो क्या इसके बाद भी इसकी जरूरत है? चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो 1951 के रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के उस प्रावधान को चुनौती देती है जो निर्विरोध (एकल) प्रत्याशी वाले चुनावों में मतदाताओं को NOTA का विकल्प नहीं देता। याचिका में मांग की गई है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ही नहीं, बल्कि अगर चुनाव में सिर्फ एक ही उम्मीदवार खड़ा हो, तब भी NOTA का विकल्प दिया जाए। मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। जस्टिस बागची ने पूछा- NOTA से कितना असर होता है सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा- क्या इसके आने के बाद से अच्छे नेता चुनकर आए हैं? एक चिंता की बात यह है कि पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से मजबूत लोग अक्सर कम वोट डालते हैं। वहीं महिलाएं और कम पढ़े-लिखे लोग ज्यादा संख्या में मतदान करते हैं। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि NOTA का असली असर कितना पड़ता है और क्या यह सच में चुनाव के नतीजों या नेताओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर पा रहा है। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह याचिका केवल कल्पना और अंदाजों पर आधारित है, इसके पीछे ठोस वजह नहीं है। वोट डालना एक संवैधानिक अधिकार है और चुनाव से जुड़े नियम कानून के अनुसार तय होते हैं। NOTA के बारे में जानें… इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के जरिए मतदान के दौरान वोटर्स को NOTA का विकल्प मिलता है जो सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करने की सुविधा देता है। साथ ही उनके वोट की गोपनीयता को बनाए रखता है। तकनीकी रूप से यह चुनाव परिणाम को प्रभावित नहीं करता है। मतलब यह हुआ कि यदि NOTA को किसी भी उम्मीदवार से ज्यादा वोट मिलते हैं तब भी सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीत जाता है। लेकिन यह नागरिकों को यह शक्ति देता है कि वे चुनावी प्रक्रिया से दूर रहे बिना अपने असंतोष को जाहिर कर सकें। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल SIR-ओडिशा-झारखंड के सिविल जज करेंगे वेरिफिकेशन में मदद, सुप्रीम कोर्ट बोला- इनका खर्च चुनाव आयोग उठाए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में सामने आए 80 लाख क्लेम निपटाने के लिए 2 राज्यों से सिविल जजों को तैनात करने की परमिशन दे दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि कलकत्ता हाईकोर्ट पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए झारखंड-ओडिशा के सिविल जजों की मदद ले सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना पिछले हफ्ते हुई। कुछ खबरों में दावा किया गया कि नॉर्वेजियन एडिटर्स एसोसिएशन ने उनके वकील के साथ मिलकर इस मामले को सार्वजनिक न करने पर सहमति जताई थी। हालांकि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्मस पर उनकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए यह खबर सामने आई। यह पूरा मामला यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनके संबंधों को लेकर चल रही जांच से जुड़ा है। जगलैंड पर ‘एग्रेवेटेड करप्शन’ यानी गंभीर भ्रष्टाचार का भी आरोप है, जिसमें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। उनके वकील की फर्म एल्डेन लॉ फर्म ने CNN को पुष्टि की कि उन पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप तय हुआ है, लेकिन उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी मामले की जांच कर रही नॉर्वे की आर्थिक अपराध जांच एजेंसी ‘ओकोक्रिम’ इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी के डायरेक्टर पॉल लोनसेथ ने कहा कि उनके खिलाफ जांच की मजबूत वजह मिली है। जांच के तहत ओस्लो स्थित उनके घर और दो अन्य प्रॉपर्टी की तलाशी ली गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उन्हें अपने पद के दौरान गिफ्ट, यात्राएं, कर्ज या अन्य फायदे मिले थे। तलाशी के बाद उन्हें औपचारिक रूप से संदिग्ध का दर्जा दे दिया गया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी। जगलैंड ने कहा था- एपस्टीन से रिश्ता गलत फैसला था जगलैंड 1996-1997 के बीच नॉर्वे के प्रधानमंत्री रहे। इसके अलावा वे विदेश मंत्री, नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के चेयरमैन (2009-2015) और यूरोप की मानवाधिकार संस्था काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव (2009-2019) भी रह चुके हैं। जगलैंड ने कहा है कि एपस्टीन से उनके संबंध ‘गलत फैसला’ या ‘खराब समझ’ का नतीजा थे, लेकिन उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और चाहते हैं कि सच्चाई पूरी तरह सामने आए। कई बार एपस्टीन के घर गए थे जगलैंड अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से 30 जनवरी को जारी दस्तावेजों से पता चला कि जगलैंड और उनका परिवार कई बार एपस्टीन की पेरिस, न्यूयॉर्क और पाम बीच वाली प्रॉपर्टी पर गए थे। यह भी सामने आया कि एपस्टीन ने उनसे बड़े नेताओं, जैसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कराने में मदद मांगी थी। साथ ही उसने कुछ अपने कारोबारी और वित्तीय प्लान आगे बढ़ाने के लिए भी मदद चाहता था। दस्तावेजों में जगलैंड को ‘नोबेल बिग शॉट’ कहा गया। इसमें यह भी लिखा था कि दोनों के रिश्ते ऐसे थे जिनमें एक तरफ जगलैंड का रसूख और पहचान काम आ रही थी, तो दूसरी तरफ एपस्टीन उन्हें लग्जरी ट्रिप, तोहफे और दूसरी सुविधाएं दे रहा था। हालांकि जांच एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि जगलैंड का नाम एपस्टीन के यौन अपराधों से नहीं जुड़ा है। जांच सिर्फ इस बात पर हो रही है कि क्या उन्हें अपने पद का इस्तेमाल करके कोई गलत फायदा मिला। यह जांच उस समय से जुड़ी है जब जगलैंड 2009 से 2015 तक नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष थे और 2009 से 2019 तक काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव रहे। जांच ठीक से हो सके, इसके लिए उनकी डिप्लोमेटिक छूट हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एपस्टीन फाइल्स-10 देशों में इस्तीफे, 80 ताकतवर लोगों की जांच अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए हैं। इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है। इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं। ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में 700 से 1000 असरदार लोगों का जिक्र है। कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं। ब्रिटेन में सबसे ज्यादा इस्तीफे हुए एपस्टीन खुलासे के बाद सबसे ज्यादा हड़कंप यूरोप में है। करीब 10 देशों में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा ब्रिटेन में 3 अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन, सलाहकार एडम पेरी और पीएम कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दिया। स्लोवाकिया में पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीरोस्लाव लाइचाक ने 300 से अधिक ईमेल और आपत्तिजनक चैट सामने आने पर इस्तीफा दिया। स्वीडन की सीनियर डिप्लोमेट जोआना रुबिनस्टीन ने पद छोड़ा। नॉर्वे की राजदूत मोना जूल, अमेरिका में लेबर मिनिस्टर एलेक्स एकोस्टा और MIT लैब प्रमुख जोइची इतो ने इस्तीफा दिया। पढ़ें पूरी खबर… कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। —————– यह खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू गिरफ्तार:12 घंटे बाद घर जाने दिया; एपस्टीन मामले में नाम, 17 साल की लड़की से रेप का आरोप अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के 2 महीने बाद दुनिया में पहली गिरफ्तारी हुई। ब्रिटिश पुलिस ने गुरुवार सुबह किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया। करीब 12 घंटे की गिरफ्तारी के बाद भारतीय समयानुसार रात 1:15 बजे पुलिस ने एंड्रयू को उनके घर जाने दिया। पढ़ें पूरी खबर…

बीजेपी का मल्टी-फ्रंट बंगाल ब्लिट्ज: अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन नबीन 1 मार्च को परिवर्तन रथ यात्रा शुरू करेंगे | राजनीति समाचार

Pakistan Vs England Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Stay updated with PAK vs ENG Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Pallekele. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 21:52 IST भाजपा द्वारा इतने व्यापक स्तर के राष्ट्रीय नेताओं को जुटाना उसके आउटरीच प्रयासों के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता का संकेत देता है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दक्षिण 24 परगना जिले के रायदीघी से यात्रा का उद्घाटन करेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नादिया में अभियान की शुरुआत करने वाले हैं, जबकि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तर बंगाल के कूच बिहार से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। फ़ाइल चित्र/एक्स भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 1 मार्च को परिवर्तन रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत के साथ पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए तैयार है। इस बड़े पैमाने पर अभियान में एक परिष्कृत बहु-आयामी रणनीति शामिल है, जिसमें पार्टी के कई सबसे वरिष्ठ राष्ट्रीय चेहरे राज्य के भौगोलिक रूप से विविध कोनों से एक साथ आउटरीच कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए निर्धारित हैं। उत्तर और दक्षिण बंगाल दोनों में एक हाई-प्रोफाइल नेतृत्व दल को तैनात करके, भाजपा का लक्ष्य आगामी चुनावी प्रतियोगिताओं के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समझे जाने वाले क्षेत्रों में सत्तारूढ़ व्यवस्था के लिए एक एकजुट और दुर्जेय चुनौती का प्रदर्शन करना है। अभियान के शुरुआती चरण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एक गहन यात्रा कार्यक्रम शामिल है, जो दक्षिण 24 परगना जिले के रैदिघी से यात्रा का उद्घाटन करेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नादिया में अभियान की शुरुआत करने वाले हैं, जबकि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तर बंगाल के कूच बिहार से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। यह एक साथ लॉन्च आंदोलन के पहले दिन से अधिकतम दृश्यता और क्षेत्रीय पैठ सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह गति दूसरे दिन भी जारी रहने की उम्मीद है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 मार्च को राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र संदेशखाली की यात्रा से पहले हावड़ा में कार्यक्रमों का उद्घाटन करने वाले हैं। अन्य प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं को भी प्रारंभिक रोलआउट में एकीकृत किया जा रहा है; धर्मेंद्र प्रधान के गरबेटा में एक कार्यक्रम में भाग लेने की पुष्टि की गई है, और अन्नपूर्णा देवी के आसनसोल के कुल्टी में यात्रा के शुभारंभ के लिए उपस्थित रहने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, देवेंद्र फड़नवीस को बीरभूम में रथ यात्रा का उद्घाटन करने का काम सौंपा गया है, जो अपने स्थानीय कथानक को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय दिग्गजों पर पार्टी की निर्भरता को उजागर करता है। व्यापक राज्यव्यापी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, भाजपा ने नौ अलग-अलग डिवीजनों या बिभागों के आसपास परिवर्तन यात्रा की संरचना की है। इस क्षेत्रीय संगठन में सिलीगुड़ी, मालदा, नबद्वीप, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, पुरुलिया और बर्दवान शामिल हैं। यह व्यवस्थित दृष्टिकोण विशिष्ट क्षेत्रीय शिकायतों को संबोधित करने और स्थानीय मतदाताओं के साथ अधिक विस्तृत स्तर पर जुड़ने की इच्छा का सुझाव देता है। जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इस पहल को “चुनावी पर्यटन” कहकर खारिज करने की मांग की है, वहीं भाजपा द्वारा इतने व्यापक स्तर के राष्ट्रीय नेताओं को जुटाना उसके आउटरीच प्रयासों के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता का संकेत देता है। 1 मार्च का लॉन्च आधिकारिक शुरुआती हथियार के रूप में कार्य करता है जो राजनीतिक प्रचार की गहन अवधि का वादा करता है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल की लंबाई और चौड़ाई में निरंतर जमीनी स्तर की भागीदारी और उच्च-डेसीबल नेतृत्व रैलियों के माध्यम से राज्य के राजनीतिक संतुलन को बदलना चाहती है। पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 21:52 IST समाचार राजनीति बीजेपी का मल्टी-फ्रंट बंगाल ब्लिट्ज: अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन नबीन 1 मार्च को परिवर्तन रथ यात्रा शुरू करेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)अमित शाह

नसबंदी कैंप में सर्जन ने ऑपरेशन नहीं किए:कहा- यहां सुविधाएं और सामान नहीं, लोग बोले- जब व्यवस्था नहीं थी, तो प्रचार क्यों किया?

नसबंदी कैंप में सर्जन ने ऑपरेशन नहीं किए:कहा- यहां सुविधाएं और सामान नहीं, लोग बोले- जब व्यवस्था नहीं थी, तो प्रचार क्यों किया?

बालाघाट जिले के लालबर्रा में 24 फरवरी को नसबंदी शिविर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी न होने के कारण शिविर को रद्द करना पड़ा, जिससे दूर-दराज से आए दर्जनों महिला-पुरुष बिना ऑपरेशन कराए ही लौट गए। मंगलवार को यह शिविर छात्रावास भवन में चल रहे अस्थाई अस्पताल में लगाया गया था। सुबह से ही लोग ऑपरेशन के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन दोपहर करीब 3-4 बजे मंडला से आए सर्जन डॉ. गौरव जेटली ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और सामान मौजूद नहीं था। ऐसे में ऑपरेशन करना मरीज की जान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। लोगों में नाराजगी और विभाग पर सवाल शिविर रद्द होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराने पहुंचे सागर और कांग्रेस नेता मनीष कुशवाहा ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में सुविधाएं ही नहीं थीं, तो गरीबों को परेशान करने के लिए शिविर का प्रचार क्यों किया गया? बीएमओ का आश्वासन इस मामले पर बीएमओ डॉ. रीतु धुर्वे ने कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि या तो इसी भवन में व्यवस्था सुधार कर दोबारा शिविर लगाया जाएगा, या फिर स्वास्थ्य विभाग खुद की गाड़ियों से लोगों को बालाघाट ले जाकर वहां ऑपरेशन करवाएगा।

टाटा संस के चंद्रशेखरन के तीसरे टर्म पर फैसला टला:मीटिंग में चेयरमैन बोले- ट्रस्ट-बोर्ड में तालमेल जरूरी; नोएल टाटा ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए रखीं 4 शर्तें

टाटा संस के चंद्रशेखरन के तीसरे टर्म पर फैसला टला:मीटिंग में चेयरमैन बोले- ट्रस्ट-बोर्ड में तालमेल जरूरी; नोएल टाटा ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए रखीं 4 शर्तें

टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा रही। मीटिंग के दौरान मतभेद उभरने के बाद खुद चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को टालने की बात कही। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप तभी सबसे अच्छा काम करता है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के फैसले एक समान हों। नोएल टाटा ने नए बिजनेस के घाटे पर जताई चिंता इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने मीटिंग के दौरान ग्रुप के कुछ नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग की। हालांकि, बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन करते हुए कहा कि ये घाटे ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स’ (नए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स) से जुड़े हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मुनाफा देने में थोड़ा समय लगता है और यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। कार्यकाल विस्तार के लिए नोएल टाटा की 4 शर्तें माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं: चंद्रशेखरन को जून में रिटायरमेंट नियमों से चाहिए होगी छूट एन चंद्रशेखरन इस साल जून में 63 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा संस के नियमों के मुताबिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल तय है। अगर उनका कार्यकाल फरवरी 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए बोर्ड को एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करना होगा और रिटायरमेंट नियमों में छूट देनी होगी। निदेशकों ने की वोटिंग की पेशकश, चेयरमैन ने टाला फैसला बोर्ड की पुनर्नियुक्ति समिति की प्रमुख अनीता जॉर्ज ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि नए प्रोजेक्ट्स में शुरुआती घाटे सामान्य बात है। चर्चा के बाद जब कुछ निदेशकों ने इस मुद्दे पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव दिया, तो चंद्रशेखरन ने खुद इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा संस और मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच पूर्ण सहमति होना ग्रुप के भविष्य के लिए जरूरी है। टाटा ग्रुप में विवाद, सरकार को दखल देना पड़ा रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया। वहीं नवंबर 2024 में नोएल को टाटा संस के बोर्ड में भी शामिल किया गया। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया यह फैसला ट्रस्ट के भीतर एकमत नहीं था। इससे टाटा संस को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स में बोर्ड सीट को लेकर सीधा-सीधा बंटवारा हो गया। एक गुट बोर्ड मेंबर नोएल टाटा के साथ है, तो दूसरा गुट मेहली मिस्त्री के साथ। मिस्त्री का कनेक्शन शापूरजी पल्लोनजी फैमिली से है जिसकी टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस की बोर्ड सीट को लेकर हुए विवाद के बीच 7 अक्टूबर को सीनियर लीडरशिप ने गृहमंत्री अमित शाह के घर पर 45 मिनट की मीटिंग की। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कहा कि घरेलू झगड़े को जल्द निपटा लिया जाए, ताकि कंपनी पर असर न हो। मीटिंग में गृहमंत्री शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा शामिल हुए। टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं। टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है। 2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।

कोकिलाबेन अंबानी ने नाथद्वारा में मनाया 92वां जन्मदिन:बिजनेसमैन मुकेश और अनिल अंबानी सहित पूरा परिवार रहा मौजूद; एकलिंगनाथ मंदिर में भी दर्शन किए

कोकिलाबेन अंबानी ने नाथद्वारा में मनाया 92वां जन्मदिन:बिजनेसमैन मुकेश और अनिल अंबानी सहित पूरा परिवार रहा मौजूद; एकलिंगनाथ मंदिर में भी दर्शन किए

नाथद्वारा के श्रीनाथजी की हवेली में बिजनेसमैन मुकेश और अनिल अंबानी की मां कोकिलाबेन ने 92वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर पूरा अंबानी परिवार मौजूद रहा। सभी ने श्रीनाथजी के दर्शन किए और युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा से आशीर्वाद लिया। अंबानी परिवार मंगलवार शाम 4 बजे मंदिर में पहुंचा, सभी लोग संध्या आरती में शामिल हुए। श्रीनाथ जी के दर्शन के बाद युवाचार्य विशाल बावा ने परिवार के सदस्यों को फेंटा बांधकर, रजाई एवं ऊपरना ओढ़ाकर प्रसाद और आशीर्वाद दिया। परिवार ने युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा के पिता तिलकायत गोस्वामी इंद्रदमन महाराज और मा राजेश्वरी गोस्वामी से वीडियो कॉल पर आशीर्वाद प्राप्त किया। तिलकायत ने कोकिला बेन अंबानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। अंबानी परिवार ढाई घंटे तक मंदिर में रहा। दोनों भाई समेत पूरा परिवार मौजूद रहा कोकिला बेन के जन्मदिन पर मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आकाश अंबानी, अनंत अंबानी, श्लोका मेहता अंबानी, राधिका अंबानी, अंशुल अंबानी, अनमोल अंबानी, नीना कोठारी, दीप्ती सालगांवकर सहित परिवारजन मौजूद रहे। उनके साथ उद्योगपति धनराज नाथवानी भी मौजूद रहे। बता दें कि कोकिला बेन अंबानी मंदिर मंडल नाथद्वारा की उपाध्यक्ष भी हैं। मोती महल चौक में हुई भजन संध्या इस अवसर पर महाप्रभुजी की बैठक में 51 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और मंगलाचरण के पाठ किए गए। मोती महल चौक में भजन संध्या का आयोजन कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। नाथद्वारा आने से पूर्व अंबानी परिवार ने मेवाड़ के प्रमुख आराध्य देव एकलिंगनाथ मंदिर मे भी दर्शन किए। कोकिलाबेन को माना जाता है अंबानी परिवार का मुखिया 24 फरवरी 1934 को जामनगर, गुजरात में जन्मी कोकिलाबेन को अंबानी परिवार की मुखिया माना जाता है। उन्हें न केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी की पत्नी के रूप में, बल्कि इस तेजी से बदलते दौर में परिवार का मार्गदर्शन और समर्थन करने में उनकी भूमिका के लिए भी सम्मान दिया जाता है। कोकिलाबेन परिवार को एकजुट रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। कोकिलाबेन बड़े पैमाने पर समाज सेवा के कार्यों में भी शामिल हैं। मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का नाम उनके नाम पर ही रखा गया है।

मसाले के रूप में रसोई में रखी ये लकड़ी, बड़े पैमाने पर काम का, प्रवासियों से लेकर उच्च रेलवे तक की छुट्टियों में है राहत; जानिए कैसे उपयोग किया जाता है

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24 फरवरी 2026 को 21:09 IST पर अद्यतन किया गया पियानो वुड की छात्रा जैसी दिखती है। लेकिन ये सिर्फ चाय और सब्जी का स्वाद नहीं बल्कि मसाले और चॉकलेट को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है, जानें कैसे। लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल जरूरी है।

‘तमिलनाडु के लोगों के लिए’: विधानसभा चुनाव से पहले शशिकला ने लॉन्च की नई राजनीतिक पार्टी | चुनाव समाचार

Pakistan Vs England Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Stay updated with PAK vs ENG Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Pallekele. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 21:08 IST निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता शशिकला, जिन्होंने केवल अपनी नई पार्टी का झंडा प्रकट किया, ने कहा कि वह जल्द ही नाम की घोषणा करेंगी और उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता वीके शशिकला ने 24 फरवरी, 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की। (छवि: न्यूज18) अपने “अच्छी खबर” टीज़र के कुछ घंटों बाद, अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती के अवसर पर एक नई द्रविड़ पार्टी लॉन्च की। केवल पार्टी के झंडे का खुलासा करने वाली शशिकला ने कहा कि वह जल्द ही नाम की घोषणा करेंगी और उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि द्रविड़ पार्टी तमिलनाडु के लोगों के लिए है और “गरीबों और आम लोगों के लिए काम करेगी और दुश्मनों और गद्दारों को उखाड़ फेंकेगी” – आखिरी बार उन्होंने पूर्व सहयोगी और एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी “पेरारिगनर अन्ना, पुरैची थलाइवर एमजीआर, और पुरैची थलाइवी अम्मा” द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेगी। “अगर मैं पिछले नौ वर्षों की तरह चुप रहता हूं, तो यह तमिलनाडु के लोगों के साथ विश्वासघात होगा। इसलिए, तमिलनाडु के लोगों और हमारे पार्टी कैडरों के लिए, हम एक नई पार्टी शुरू करने जा रहे हैं। तमिलनाडु के लोगों और हमारे कैडरों के लिए, हम एक नए युग की शुरुआत करने जा रहे हैं। हम एक नई पार्टी, एक नई द्रविड़ पार्टी शुरू कर रहे हैं जो पेरारिगनर अन्ना, पुरैची थलाइवर एमजीआर और पुरैची के रास्ते पर चलेगी। शशिकला ने कहा, थलाइवी अम्मा। यह गरीबों और आम लोगों के लिए एक पार्टी के रूप में काम करेगी और दुश्मनों और गद्दारों को उखाड़ फेंकेगीजयललिता की स्मृति में रामनाथपुरम में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए। उनकी पार्टी के झंडे में काले, सफेद और लाल रंग में अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें प्रदर्शित थीं। ‘मैं उनका नाम भी नहीं बताना चाहता’ उनका नाम लिए बिना, शशिकला ने पलानीस्वामी पर तीखा हमला करते हुए उन पर विश्वासघात का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके नेतृत्व में अन्नाद्रमुक का पतन हो गया है। एक समय एआईएडीएमके की कार्यवाहक महासचिव और जयललिता की करीबी सहयोगी रहीं शशिकला को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पार्टी से निकाल दिया गया था। उन्होंने कहा, “हमने जल्दबाजी में उन्हें (पलानीस्वामी को) मुख्यमंत्री के रूप में चुना। मैं उनके नाम का जिक्र भी नहीं करना चाहती। अगर वह अच्छे इंसान होते तो मैं उनका नाम जरूर लेती। जब वह मुख्यमंत्री बने, तो मुझे पूरी तरह से नहीं पता था कि वह किस तरह के व्यक्ति थे।” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उन्हें ऊपर उठाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने आगे कहा, “मैंने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया और चली गई। लेकिन अगर उन्होंने मुझे हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया तो वह किस तरह के व्यक्ति होंगे?” उसने आरोप लगाया कि जब वह जेल में थी, तो उसके निर्देश पर उसकी पैरोल अवधि कम कर दी गई थी। “जब मैं जेल में थी, तो जेल अधिकारियों ने मुझे 15 दिनों की पैरोल दी थी। हालांकि, चेन्नई कमिश्नर ने जेल एसपी (पुलिस अधीक्षक) से संपर्क किया और उन्हें सूचित किया कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि मुझे पांच दिनों से अधिक की पैरोल नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए उन्होंने हमें बताया कि वे कुछ नहीं कर सकते। यहां तक कि जब मेरे पति का निधन हो गया, तब भी शुरू में 15 दिनों की पैरोल दी गई थी, बाद में उन्होंने हमें सूचित किया कि केवल 10 दिनों की अनुमति दी जाएगी। जिस व्यक्ति को मैंने मुख्यमंत्री बनाया था, उसने ही मेरी पीठ में छुरा घोंपा था।” जोड़ा गया. ‘हमारे पीछे और आगे छुरा घोंपा’ शशिकला ने दावा किया कि मौजूदा नेतृत्व में अन्नाद्रमुक को बार-बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “अब तक अन्नाद्रमुक को दस बार हार का सामना करना पड़ा है और एक भी चुनाव नहीं जीता है। विपक्ष की कार्यप्रणाली बेहद खराब रही है।” एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) के साथ समानताएं बनाते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे एम करुणानिधि को सीएम बनने में मदद करने के बाद उन्हें डीएमके से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “जिन लोगों को हमने सत्ता के पदों पर बैठाया, उन्हीं लोगों ने हमें पीछे से और सामने से छुरा घोंपा है – जैसे कि हमें हर तरफ से भालों से छेदा जा रहा हो।” 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद की घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जयललिता के निधन के बाद, उसी रात हमारे सभी मंत्री आए। उन्होंने आकर मुझसे कहा, ‘चिन्नम्मा, तुम्हें मुख्यमंत्री बनना चाहिए।’ और परंपराएँ’। मैंने कहा नहीं। पन्नीरसेल्वम को पहले की तरह मुख्यमंत्री बने रहने दें।’ शशिकला की घोषणा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आई है, जो द्रविड़ राजनीतिक परिदृश्य में फिर से जगह बनाने की कोशिश का संकेत है। उनका मुकाबला न केवल अपनी पूर्व पार्टी से है, जो भाजपा के साथ गठबंधन में है, बल्कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के ‘द्रविड़ियन मॉडल 2.0’ और अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) से भी मुकाबला कर रही हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ) पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 21:08 IST समाचार चुनाव ‘तमिलनाडु के लोगों के लिए’: शशिकला ने विधानसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)वीके शशिकला नई द्रविड़ पार्टी(टी)शशिकला राजनीतिक पार्टी 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