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मेक्सिको- गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको- गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में कुख्यात ड्रग सरगना नेमेसियो ओसेगेरा सर्वांतेस उर्फ ‘एल मेंचो’ मारा गया। इसके बाद 31 में से 13 राज्यों में हिंसा भड़क उठी। कई जगह रोडब्लॉक लगाए गए, गाड़ियों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं जिनमें 25 जवान हैं। ऑपरेशन के दौरान बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित भारी हथियार जब्त हुए। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के मेक्सिको एनालिस्ट डेविड मोरा के मुताबिक, यह कार्रवाई शेनबाम सरकार की कार्टेल के खिलाफ सख्ती और अमेरिका के दबाव दोनों के लिहाज से टर्निंग पॉइंट है। ‘एल मेंचो’ के रिश्तेदार कार्टेल की कमान लेते हैं तो हिंसा जारी रह सकती है। विशेषज्ञ 1990 के दशक में कोलंबिया में कार बम, हत्याएं और विमानों पर हमले जैसा इतिहास दोहराने की आशंका जता रहे। मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया था। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई है। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था। 2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है। मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है। दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं। ट्रम्प भी ड्रग कार्टेल को खत्म करने की धमकी दे चुके वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का कब्जा है। यह अमेरिका में हर साल 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से ड्रग्स की तस्करी को 97% तक रोक दिया है, इसलिए अब जमीन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने योजनाओं के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र का मालिक नहीं है। न्यू जेनरेशन कार्टेल के पास मशीन गन, टैंक भी मौजूद द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के सबसे बड़े सिनालोआ कार्टेल के पास 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर हैं। ये संख्या मेक्सिको की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयरो मेक्सिको से पांच गुना ज्यादा है। कार्टेल्स अब ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जैसे जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के पास मशीन गन, टैंक और बॉडी आर्मर से लैस ग्रुप्स हैं। कुल मिलाकर, कार्टेल्स की प्राइवेट सेना या मेंबर्स की संख्या 2022-2023 में 160,000 से 185,000 अनुमानित थी, जो मेक्सिको में पांचवीं सबसे बड़ी एम्प्लॉयर बनाती है मेक्सिको गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार कार्टेल के पास एके-47 और एम-80 जैसे असॉल्ट राइफलों का जखीरा है। हर साल सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ड्रग कार्टेल के कब्जे से 20 हजार से ज्यादा असॉल्ट राइफलों की बरामदगी की जाती है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के रिजॉर्ट में घुस रहे युवक को गोली मारी,मौत: गन और फ्यूल केन लेकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड

मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा:समर्थकों ने 20 बैंक फूंके, 32 मौतें, इनमें 25 सैनिक; रॉकेट लॉन्चर-हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा:समर्थकों ने 20 बैंक फूंके, 32 मौतें, इनमें 25 सैनिक; रॉकेट लॉन्चर-हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको में ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी है। कई जगह रोडब्लॉक लगाए गए, गाड़ियों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। दरअसल, मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा दूसरे 9 अपराधी भी मारे गए। हिंसा की 6 तस्वीरें… 136 करोड़ रुपए का इनामी था मेंचो न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है। इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे। पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था। 2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है। मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है। दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं। ट्रम्प भी ड्रग कार्टेल को खत्म करने की धमकी दे चुके वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का कब्जा है। यह अमेरिका में हर साल 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से ड्रग्स की तस्करी को 97% तक रोक दिया है, इसलिए अब जमीन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने योजनाओं के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र का मालिक नहीं है। न्यू जेनरेशन कार्टेल के पास मशीन गन, टैंक भी मौजूद द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के सबसे बड़े सिनालोआ कार्टेल के पास 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर हैं। ये संख्या मेक्सिको की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयरो मेक्सिको से पांच गुना ज्यादा है। कार्टेल्स अब ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जैसे जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के पास मशीन गन, टैंक और बॉडी आर्मर से लैस ग्रुप्स हैं। कुल मिलाकर, कार्टेल्स की प्राइवेट सेना या मेंबर्स की संख्या 2022-2023 में 160,000 से 185,000 अनुमानित थी, जो मेक्सिको में पांचवीं सबसे बड़ी एम्प्लॉयर बनाती है मेक्सिको गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार कार्टेल के पास एके-47 और एम-80 जैसे असॉल्ट राइफलों का जखीरा है। हर साल सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ड्रग

Donald Trump Resort Security Breach Case; White House Briefing

Donald Trump Resort Security Breach Case; White House Briefing

वाशिंगटन10 घंटे पहले कॉपी लिंक डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को वाइट हाउस में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बात कही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा, ‘मैं कब तक जिंदा रहूंगा, यह मुझे नहीं पता। मैं बहुत लोगों की गोली के निशाने पर हूं।’ ट्रम्प ने वाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही। ट्रम्प के इस बयान को दो दिन पहले उनके रिजॉर्ट में हुई घुसपैठ से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, रविवार को एक शख्स डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो रिजॉर्ट में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। घटना स्थानीय समयानुसार रविवार रात 1.30 बजे हुई। राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि युवक गैरकानूनी तरीके से सुरक्षित इलाके में घुसने की कोशिश कर रहा था। वह अपने साथ शॉटगन और फ्यूल केन लेकर आया था। मारे गए युवक की उम्र 20 साल थी, वह नॉर्थ कैरोलीना का रहने वाला था। फिलहाल उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी में वाइट हाउस में मौजूद थे। आमतौर पर वह वीकेंड पर मार-ए-लागो में समय बिताते हैं। अधिकारियों ने युवक से बरामद हुई शॉटगन की एक तस्वीर जारी की है। इसमें एक लाल फ्यूल केन भी दिख रही है। कार की आड़ में अंदर घुसने की कोशिश की सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रिजॉर्ट के नॉर्थ गेट से एक कार के बाहर निकल रही थी, इसी दौरान युवक ने अंदर घुसने की कोशिश की। उसके पास शॉटगन और फ्यूल केन थी। सीक्रेट सर्विस के दो एजेंट्स ने उसे रोका और उससे हथियार और केन गिराने को कहा गया। युवक ने केन तो रख दी, लेकिन शॉटगन को गोली चलाने की पोजिशन में उठा लिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने गोली चलाई और वह मारा गया। जांच में पता चला कि इस शख्स परिवार ने कुछ दिन पहले उकसे लापता होने की रिपोर्ट की थी। वह नॉर्थ कैरोलीना से साउथ की ओर आया था और रास्ते में शॉटगन खरीदी। उसकी कार में गन का डिब्बा मिला भी है। ट्रम्प को चुनावी रैली में गोली मारी थी ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हो चुकी है। 13 जुलाई 2024 में ट्रम्प को एक चुनावी रैली के दौरान एक हमलावर ने गोली मार दी थी। उस वक्त वे राष्ट्रपति नहीं थे। उन पर यह हमला राष्ट्रपति चुनाव से 4 महीने पहले हुआ था। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट की दूरी से ट्रम्प पर असॉल्ट राइफल से गोली चलाई थी। यह गोली उनके कान को छूते हुए गुजरी थी। इसके बाद ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया था। गोली लगने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने ट्रम्प को कवर कर लिया था। हाथ उठाते हुए ट्रम्प की यह तस्वीर दुनियाभर में वायरल हुई थी। सीक्रेट सर्विस के पास राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस (USSS) के पास होता है। यह एक फेडरल एजेंसी है, जो होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के तहत काम करती है। सीक्रेट सर्विस की शुरुआत 1865 में हुई थी। शुरू में इसका मुख्य काम नकली नोट रोकना था, लेकिन 1901 में राष्ट्रपति विलियम मैकिन्ले की हत्या के बाद संसद ने इसे राष्ट्रपति की सुरक्षा का काम सौंप दिया। 1902 से यह सीक्रेट सर्विस की फुल-टाइम जिम्मेदारी बन गई। 1906 में कांग्रेस ने इसके लिए फंड्स और कानूनी अधिकार दिए। किन-किनकी सुरक्षा करती है सीक्रेट सर्विस? राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति (उनके परिवार) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनने वाले उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति (जीवनभर), उनकी पत्नी और 16 साल से कम उम्र के बच्चे विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख (जो अमेरिका आते हैं) राष्ट्रपति पद के प्रमुख उम्मीदवार और उनकी पत्नी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए यह सुरक्षा अनिवार्य है। वे इसे मना नहीं कर सकते। बाकी लोग मना कर सकते हैं। सीक्रेट सर्विस कैसे काम करती है? सीक्रेट सर्विस के स्पेशल एजेंट्स हमेशा तैनात रहते हैं। जब भी कोई अमेरिकी राष्ट्रपति कहीं जाता है, घर में रहता है या विदेश यात्रा करता है तो सीक्रेट सर्विस ही उसकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। एजेंट्स पहले से जगह का सर्वे करते हैं, खतरे की जानकारी इकट्ठा करते हैं और हर संभावित जोखिम को पहले ही रोकने की कोशिश करते हैं। ट्रम्प केरिजॉर्टमें एंट्री के लिए मेंबरशिप जरूरी ट्रम्प के रिजॉर्ट में बिना कार्ड यहां एंट्री नहीं होती। इसकी लाइफटाइम मेंबरशिप फीस 8.50 करोड़ रुपए है। पैसा होने पर भी सभी को मेंबरशिप नहीं मिलती है। इसके लिए पहले उसकी हिस्ट्री चेक होती है। मसलन बैंक अकाउंट डिटेल, सोशल स्टेट्स और फैमिली बैकग्राउंड। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में दुनियाभर के अमीर लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन कुछ को ही मेंबरशिप मिलती है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… टैरिफ में बदलाव से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बैठक टली:इसमें भारत पर 18% टैरिफ लगना था, अब ट्रम्प ने खुद ही ग्लोबल टैरिफ 15% किया भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर होने वाली बैठक टल गई है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी। बैठक 23-26 फरवरी को वॉशिंगटन में होनी थी। दरअसल समझौते में भारत को 18% टैरिफ देना था, लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सभी ग्लोबल टैरिफ रद्द कर दिए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 11 मिनट पहले कॉपी लिंक ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के पोर्ट टाउन पारादीप में चार मंजिला बिल्डिंग के नीचे एक महिला की लाश मिली। आशंका है कि महिला की छत से गिरकर मौत हुई है। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। अंडरगार्मेंट बिल्डिंग की बाहरी दीवार से सटे पाइपलाइन पर लटके थे। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक सहित 8 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में मृत्यु के दो प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल इमेजिंग के जरिए इन कैंसरों की समय पर पहचान हजारों जानें बचा सकती है। हालांकि, देश में प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसका असर खासतौर पर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। इसी चुनौती का समाधान निकालते हुए आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एल्गोरिदम [डेवपल किए हैं। ये मेडिकल इमेज में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की बेहद सटीक पहचान और लोकेशन तय करने में सक्षम हैं। यह तकनीक न केवल कैंसर की जल्दी पहचान करती है, बल्कि अनावश्यक बायोप्सी की जरूरत को भी कम कर सकती है। आईआईटी इंदौर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की MODSS लैब में प्रोफेसर कपिल आहूजा के नेतृत्व में यह रिसर्च किया गया है। टीम में पीएचडी छात्र सौरभ सैनी, पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता डॉ. दीप्ति ताम्रकार और पूर्व पीएचडी छात्र डॉ. आदित्य ए. शास्त्री शामिल रहे। मैमोग्राम से ब्रेस्ट कैंसर की सटीक पहचान ब्रेस्ट कैंसर की जांच में उपयोग होने वाले मैमोग्राम में बारीक टेक्सचर पैटर्न होते हैं, जो कैंसर की स्थिति में अनियमित हो जाते हैं। आईआईटी इंदौर की टीम ने ‘हिस्टोग्राम ऑफ ओरिएंटेड टेक्सचर (HOT)’ डिस्क्रिप्टर एल्गोरिदम के जरिए इन पैटर्न का गहराई से विश्लेषण किया, जिससे घने ब्रेस्ट टिशू की स्थिति में भी स्वस्थ और कैंसरग्रस्त ऊतकों के बीच स्पष्ट अंतर संभव हो सका। सर्वाइकल कैंसर के लिए डीप लर्निंग समाधान सर्वाइकल कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली कोल्पोस्कोपी इमेज के लिए शोधकर्ताओं ने ‘ब्लॉक-फ्यूज्ड अटेंशन-ड्रिवन एडाप्टिवली-पूल्ड रेसनेट’ नामक डीप लर्निंग एल्गोरिदम डेवलप किया है। यह तकनीक रंग, किनारे, आकार और संरचना जैसी सूक्ष्म व अमूर्त विशेषताओं को एक साथ पहचानने में सक्षम है। पारदर्शिता और भरोसे पर जोर आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि यह शोध राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डेवलप AI सिस्टम यह भी स्पष्ट करता है कि वह किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचा, जिससे डॉक्टरों का भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ती हैं। भारतीय मरीजों पर होगा ट्रायल प्रोफेसर कपिल आहूजा ने बताया कि अब तक एल्गोरिदम को वैश्विक डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन अब भारतीय मरीजों के लिए विशेष प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टीम ने एचसीजी कैंसर अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेणु दुबे शर्मा के साथ सहयोग किया है। इस ‘लैब-टू-मार्केट’ पहल को दृष्टि साइबर फिजिकल सिस्टम्स फाउंडेशन का समर्थन मिला है। शोधकर्ताओं का लक्ष्य भविष्य में इसी AI तकनीक को थायरॉयड, फेफड़े, ओरल, कोलोरेक्टल और इसोफेगल कैंसर जैसे अन्य प्रमुख कैंसरों तक विस्तार देने का है, जो भारत में कैंसर से होने वाली मौतों के शीर्ष कारणों में शामिल हैं।

किसान महाचौपाल के लिए आज भोपाल पहुंचेंगे राहुल गांधी:जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से कार्यक्रम, कई मार्गों पर डायवर्जन

किसान महाचौपाल के लिए आज भोपाल पहुंचेंगे राहुल गांधी:जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से कार्यक्रम, कई मार्गों पर डायवर्जन

शहर में मंगलवार, 24 फरवरी को “बेहतर ट्रैफिक, बेहतर भोपाल” अभियान के बीच कांग्रेस कमेटी द्वारा जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से किसान महाचौपाल का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक पार्किंग व डायवर्जन प्लान जारी किया है। मंच पर बैठने वाले करीब 200 विशिष्ट अतिथियों के वाहन रंगमहल चौराहा से यादव मेडिकल तिराहा, काटजू तिराहा और राजस्थान स्वीट्स तिराहा होते हुए मॉडल स्कूल के पास ड्रॉप किए जाएंगे। इसके बाद वाहन निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। रूट प्लान ये रहेंगे प्रमुख डायवर्जन यात्रियों से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों से विशेष रूप से अपील की है कि वे परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

जबलपुर में नेशनल हाईवे ओवरब्रिज धंसने का मामला:ठेकेदार पहले से ब्लैकलिस्ट, कंस्ट्रक्शन कंपनी व जिम्मेदारों पर हुई एफआईआर

जबलपुर में नेशनल हाईवे ओवरब्रिज धंसने का मामला:ठेकेदार पहले से ब्लैकलिस्ट, कंस्ट्रक्शन कंपनी व जिम्मेदारों पर हुई एफआईआर

जबलपुर में नेशनल हाईवे के जबलपुर–हिरन नदी मार्गखंड के 28 किमी पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की रिटेनिंग वॉल 22 फरवरी 2026 की शाम क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद एहतियातन प्रभावित हिस्से पर यातायात रोक दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) का अमला मौके पर पहुंचा। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक की शिकायत पर 23 फरवरी 2026 को शाहपुरा थाने में FIR दर्ज की गई। मामला धारा 285, 290, 324(5), 125 एवं 3(5) के तहत पंजीबद्ध है। जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार धुर्वे को सौंपी गई है। 2017 में अनुबंध, 2022 में निर्माण पूरा; लागत 400 करोड़ जबलपुर–हिरन नदी मार्ग के पैकेज-1 अंतर्गत 4-लेन उन्नयन कार्य का अनुबंध 19 दिसंबर 2017 को हुआ था। परियोजना का निर्माण 7 फरवरी 2022 को पूरा किया गया, जिसे लगभग 4 वर्ष 2 माह में पूर्ण किया गया। इस परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निर्माण कार्य ईपीसी मोड पर मैसर्स आरएसआरआईपीएल‑मेर्सी जॉइंट वेंचर द्वारा किया गया था। 50 वर्ष की आयु, 4 साल में दूसरी बार क्षति विभागीय जानकारी के अनुसार आरओबी की अनुमानित आयु 50 वर्ष बताई गई थी। इससे पहले 9 सितंबर 2025 को भी इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। अब दोबारा रिटेनिंग वॉल धंसने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत में मानकों के पालन में कमी का उल्लेख किया गया है। कंपनी पहले ही ब्लैकलिस्ट, मार्ग डीएलपी में एमपीआरडीसी के अनुसार गुणवत्ता से जुड़े कारणों के चलते संबंधित कंपनी को 2 जनवरी 2026 को डिबार (ब्लैकलिस्ट) किया जा चुका है। मार्ग वर्तमान में Defect Liability Period (DLP) में है, इसलिए मरम्मत कार्य और उससे जुड़ा पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा ही वहन किया जाएगा। मंत्री बोले- एक माह में सुरक्षित यातायात का लक्ष्य लोकनिर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि आरओबी की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि सड़क विकास निगम ने युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और एक माह के भीतर सुधार कर सुरक्षित यातायात बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, FIR दर्ज कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा के लिहाज से डायवर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और संकेतक लगाए गए हैं। साथ ही रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर पूर्व की लेवल क्रॉसिंग को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

X गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!   आजकल हेल्थ और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कब्ज, एसिडिटी, पेट में जलन और मानसिक बेचैनी जैसी परेशानियां आम हो चुकी हैं. ऐसे समय में एक पुराना भारतीय उपाय फिर से चर्चा में है – गुनगुने पानी के साथ घी का सेवन. इस विषय पर एक प्रभावशाली वक्तव्य में सद्गुरु बताते हैं कि सही तरीके से घी का उपयोग हमारे पाचन तंत्र, खासकर कोलन की सफाई और आंतों की सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है. भारतीय भोजन संस्कृति में हजारों वर्षों से घी को विशेष स्थान दिया गया है. परंपरा के अनुसार भोजन की पहली ग्रास में घी लेना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी माना गया. सद्गुरु समझाते हैं कि घी आहार नली को चिकनाई देता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और आंतों में कुछ भी चिपकता नहीं. खासकर मसालेदार भोजन करने वाले क्षेत्रों में घी को पाचन सुरक्षा कवच की तरह देखा जाता रहा है.

Bengaluru Villa Gang-Rape Case Update | Bengaluru Sugar Daddy vs Gang Rape Case | Bengaluru 19-Year-Old Student Gang Rape | ‘शुगर डैडी चाहिए था उसे’, बेंगलुरु 19 साल की छात्र गैंगरेप केस में घूम गई जांच, क्या है ₹25 लाख वाला गेम

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Last Updated:February 24, 2026, 00:00 IST बेंगलुरु के एक पॉश विला में हुई कथित गैंगरेप की घटना ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. जहां एक तरफ 19 साल की कॉलेज छात्रा ने दो युवकों पर नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया है, वहीं आरोपियों में से एक ने दावा किया है कि लड़की शुगर डैडी की तलाश में थी और अब पत्रकार के साथ मिलकर उसे ब्लैकमेल कर रही है. बेंगलुरु रेप केस में ब्लैकमेलिंग का नया ट्विस्ट (फोटो- सोशल मीडिया) बेंगलुरु के जक्कुर इलाके में एक विला में हुई पार्टी के बाद शुरू हुआ बवाल फंसता हुआ दिख रहा है. पुलिस की जांच में अब दो अलग-अलग कहानियां सामने आई हैं. कहानी सुन पुलिस का भी माथा घूम गया है. पुलिस के लिए ये केस पेचीदा बनता जा रहा है. जहां एक तरफ लड़की ने दोनों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर आरोपी ने छात्रा पर जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वह एक पत्रकार से मिलकर 25 लाख रुपये के लिए ब्लैकमेलिंग कर रही है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैंगरेप का मामला दर्ज होने से एक दिन पहले, यानी 21 फरवरी को ही एक आरोपी ने छात्रा के खिलाफ रंगदारी की शिकायत दर्ज कराई थी. आरोपी राजाजीनगर में सेकंड हैंड कार का बिजनेस करता है, उसने पुलिस को बताया कि 14 फरवरी की वेलेंटाइन डे पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात इस छात्रा से हुई थी. उसे शुगर डैडी की तलाश थी आरोपी का आरोप है कि कार में ड्रॉप करने के दौरान छात्रा ने खुद को ‘शुगर बेबी’ बताया था. वह किसी ‘शुगर डैडी’ से मिलवाने की बात कह रही थी. उसने दावा किया कि 18 फरवरी को लड़की ने इंस्टाग्राम पर उस पर रेप का झूठा आरोप लगाया और फिर उसे राज न्यूज के कथित पत्रकार इमरान के फोन आने लगे. आरोपी के अनुसार, उससे मामला रफा-दफा करने के लिए मोटी रकम मांगी गई. पैसे न देने पर टीवी पर बदनाम करने वाला प्रोमो चलाने की धमकी दी गई. नशीली गोली और हैवानियत दूसरी ओर, मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली और बेंगलुरु में प्रथम वर्ष की छात्रा ने अपनी शिकायत में रूह कंपा देने वाली दास्तां सुनाई है. छात्रा के अनुसार, उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए डिक्सन सांडो (21) से हुई थी. 14 फरवरी की रात डिक्सन ने उसे जक्कुर के रेक्स विला में पार्टी के लिए बुलाया. डिक्सन ने उसे निखिल (35) नाम के व्यक्ति से मिलवाया. आरोप है कि दोनों ने उसे जबरन एक गुलाबी रंग की गोली खिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई. छात्रा ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और बाद में एक मॉल के पास छोड़ दिया गया. छात्रा ने 17 फरवरी को अस्पताल में इलाज कराया और फिर अपने भाई को जानकारी देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस के सामने ‘दोहरी’ चुनौती बेंगलुरु पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज कर लिया है. लेकिन, आरोपी की ओर से दर्ज रंगदारी की FIR ने मामले को संदिग्ध बना दिया है. पुलिस अब दोनों पक्षों के मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और विला के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि असलियत क्या है. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें Location : Bangalore,Karnataka First Published : February 24, 2026, 00:00 IST