बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

डर? वो क्या होता है? जब नीचे 117 मीटर गहरी खाई देखी, तो डर नहीं, रोमांच महसूस हुआ। बस मन में एक ही बात थी- आज तो उड़ना है। यह शब्द उस 65 वर्षीय महिला के हैं, जिन्होंने इस उम्र में वह कर दिखाया जिसे करने में अच्छे-भले युवाओं के पसीने छूट जाते हैं। मेरठ की रहने वाली गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश की वादियों में 117 मीटर की ऊंचाई से बंजी जंपिंग कर न केवल एक नया कीर्तिमान रचा है, बल्कि उम्र को महज एक आंकड़ा साबित कर दिया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा रहा है और लोग उन्हें ‘वंडर वुमन’ कह रहे हैं। बीती 18 फरवरी को जब मेरठ का यह परिवार ऋषिकेश पहुंचा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य कुछ ऐसा करेंगी कि पूरा देश उनका कायल हो जाएगा। गुरमीत अपनी बेटी वर्षा चौधरी और अपने बेटे के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। ऋषिकेश के नीलकंठ रोड स्थित ‘हिमालयन वन’ बंजी जंपिंग सेंटर पर जब वह पहुंचीं, तो उनकी आंखों में डर की जगह एक चमक थी। बेटी वर्षा बताती हैं, मम्मी का यह प्लान काफी पुराना था। हम पहले भी यहां आए थे, तब भीड़ और वेटिंग की वजह से नंबर नहीं आया। इस बार मौका मिला तो मम्मी ने एक सेकंड की भी देरी नहीं की। हमने उन्हें बिल्कुल रोका नहीं , बल्कि चीयर किया- गो मम्मी गो! 117 मीटर की ऊंचाई से लहराया हाथ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब ट्रेनर्स गुरमीत को हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) बांध रहे थे, तब भी उनके चेहरे पर मुस्कान थी। जैसे ही ‘थ्री-टू-वन-बंजी’ की आवाज गूंजी, गुरमीत ने बिना झिझके नीले आसमान और गहरी खाई के बीच छलांग लगा दी। हवा में झूलते हुए वह डर के मारे चीखीं नहीं, बल्कि दोनों हाथ लहराकर अपनी खुशी का इजहार करती रहीं। नीचे उतरने के बाद उनका पहला शब्द था- ‘एक बार और करा दो!’ दैनिक भास्कर से बात करते हुए गुरमीत सिंह 117 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाने के अनुभव को याद करते हुए हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, “डर बिल्कुल नहीं लगा। नीचे गहरी खाई दिख रही थी, लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। यह मेरी विश-लिस्ट में था। मुझे एडवेंचर पसंद है। जब नीचे गिर रही थी, तो ऐसा लगा जैसे चिड़िया की तरह उड़ रही हूं। उन्होंने बताया- मेरा परिवार ही मेरी ताकत है। बच्चों ने कहा- अगर आपका मन है तो जरूर कीजिए। उनके प्रोत्साहन से ही मैंने छलांग लगाई। फिटनेस के सवाल पर गुरमीत सिंह ने इसे किसी खास डाइट या जिम से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, मैं सादा जीवन जीती हूं। रोज टहलती हूं और खुश रहने की कोशिश करती हूं। परिवार के साथ समय बिताना ही मुझे ऊर्जा देता है। वही मुझे सक्रिय और जवान महसूस कराता है। बातचीत के दौरान यह साफ था कि उनके लिए यह सिर्फ एक एडवेंचर एक्टिविटी नहीं, बल्कि लंबे समय से संजोई इच्छा पूरी होने का क्षण था। ‘स्काई डाइविंग’ है अगला प्लान गुरमीत सिंह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनकी बेटी वर्षा ने बताया कि मम्मी का अगला टारगेट ‘स्काई डाइविंग’ है। हाल ही में यह परिवार सिंगापुर ट्रिप पर भी गया था, वहां भी गुरमीत ने कई एडवेंचर एक्टिविटीज में हिस्सा लिया था। अब वह किसी विदेशी लोकेशन पर हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने की तैयारी कर रही हैं। वर्षा कहती हैं, मम्मी पूरे परिवार और रिश्तेदारों की फेवरेट हैं। मेरे पैर में फ्रैक्चर था इसलिए मैं नहीं कूद पाई, लेकिन मम्मी को देखकर मेरा सारा दर्द गायब हो गया। आयोजक बोले- ऐसी जज्बे वाली महिला पहली बार देखी बंजी जंपिंग सेंटर ‘हिमालयन वन’ के संचालक रविंद्र सिंह नेगी ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके सेंटर पर सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। जंप से पहले 4 से 5 बार सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है। पार्टिसिपेंट से उनकी सेहत के बारे में पूछा जाता है। हालांकि, कोई मेडिकल टेस्ट नहीं होता, लेकिन दिल की बीमारी या गंभीर समस्या होने पर अनुमति नहीं दी जाती। नेगी ने बताया कि इससे पहले एक 73 वर्षीय विदेशी महिला ने जंप किया था, लेकिन भारतीय बुजुर्ग महिलाओं में गुरमीत सिंह का उत्साह और कॉन्फिडेंस मिसाल है। पति बैंक कर्मचारी, खुद रहीं हाउसवाइफ गुरमीत सिंह के पति पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे। अब वह एक हाउसवाइफ के तौर पर अपना जीवन बिता रही हैं, लेकिन उनका यह कदम समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो उम्र के कारण अपने सपनों को दबा देती हैं। गुरमीत सिंह सिंह ने साबित कर दिया है कि ‘बूढ़ा’ शरीर नहीं, सोच होती है। अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो 65 की उम्र में भी आसमान छोटा पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यही असली जिंदगी है। लोग रिटायरमेंट के बाद बैठ जाते हैं, लेकिन इन्होंने तो उड़ना शुरू किया है। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, इन्होंने अपनी बकेट लिस्ट टिक कर ली है, अब हमारी बारी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें : दिल्ली में राहुल गांधी से मिले ‘मोहम्मद दीपक’: गले लगाया; बोले- कोटद्वार आकर तुम्हारे जिम की मेंबरशिप लूंगा उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया। एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बचाने के लिए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने आज दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। (पढ़ें पूरी खबर)
Dehradun Train Tickets Sold Out, Fares Double

होली पर ट्रेनों में भारी भीड़, कन्फर्म टिकट मुश्किल। होली से पहले ट्रेनें फुल हैं, फ्लाइट के किराए महंगे हो चुके हैं और बसों में सीटों को लेकर मारामारी मची है। देहरादून से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए चलने वाली कई ट्रेनों में नो रूम (इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी जारी नहीं होगा, यानी सभी सीटें और वेटि . रेलवे के आरक्षण सिस्टम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, होली से ठीक पहले की तारीखों में यात्रियों का दबाव चरम पर है। देहरादून से दिल्ली, प्रयागराज, अमृतसर, कोटा, गोरखपुर और गुजरात की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग तीन अंकों तक पहुंच चुकी है और कुछ में ‘नो रूम’ का स्टेटस दिख रहा है। 3 मार्च के बाद कुछ ट्रेनों में आंशिक राहत जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन 6 से 10 मार्च के बीच वापसी की तारीखों में फिर से आरएसी और वेटिंग तेजी से बढ़ रही है, जिससे साफ है कि त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ भी उतनी ही ज्यादा रहने वाली है। एसी और स्लीपर कोच में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा। पहले जानिए ट्रेनों की स्थिति… हरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में भारी दबाव देहरादून से कोटा जाने वाली देहरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में होली से पहले जबरदस्त दबाव है। 28 फरवरी को थर्ड एसी (3A) में 26 और सेकंड एसी (2A) में 15 वेटिंग चल रही है। 1 मार्च को भी 3A में वेटिंग और 2A में आरएसी की स्थिति बनी हुई है। 2 मार्च को 3A में RAC 29 है, जबकि 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि 3 मार्च को 3A में 98 और 2A में 18 सीटें खाली हैं, जिससे आंशिक राहत मिल रही है। लेकिन 6 से 8 मार्च के बीच फिर से 3A में आरएसी शुरू हो गई है, जो त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ का संकेत है। अमृतसर रूट पर भी सीटों की किल्लत देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 28 फरवरी को 3A में 27 और स्लीपर में RAC 31 की स्थिति है। 1 और 2 मार्च को भी दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग बनी हुई है। 3 से 5 मार्च तक 3A में लगातार वेटिंग चल रही है। हालांकि 6 और 7 मार्च को स्लीपर में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन एसी कोच में दबाव बना हुआ है। इससे साफ है कि पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। प्रयागराज (सूबेदारगंज) लिंक एक्सप्रेस लगभग फुल देहरादून से सूबेदारगंज (प्रयागराज) जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में भी टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। 28 फरवरी को 3A में 65 और 2A में 49 वेटिंग दर्ज की गई है। 1 और 2 मार्च को भी वेटिंग लंबी बनी हुई है। 3 मार्च को 3A में 19 और 2A में 11 वेटिंग है। स्लीपर क्लास में 28 फरवरी को वेटिंग 128 तक पहुंच गई है। 4 मार्च को 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 3A में आरएसी चल रहा है। वहीं 12 और 13 मार्च को भी आरएसी की स्थिति बनी हुई है, जिससे वापसी के दौरान भी भीड़ अधिक रहने का अनुमान है। वापसी की तारीखों में फिर से वेटिंग तेजी से बढ़ रही। काठगोदाम और दिल्ली रूट पर भी बढ़ा दबाव देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस में 28 फरवरी को स्लीपर में 101 और फर्स्ट एसी में 4 वेटिंग है। 3 मार्च को स्लीपर में RAC 11 है, जबकि 6 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं। देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस में अधिकांश तारीखों पर सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 5 मार्च को चेयर कार में 30 वेटिंग दर्ज की गई है। देहरादून-शताब्दी एक्सप्रेस में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग देहरादून से दिल्ली और आनंद विहार के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग बढ़ गई है। 1 मार्च को चेयर कार में 98 तक वेटिंग दर्ज की गई है। 28 फरवरी को चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास दोनों में वेटिंग है। हालांकि 2 और 3 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 8 मार्च को फिर से वेटिंग शुरू हो गई है। गोरखपुर और गुजरात रूट की ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग देहरादून-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस में स्लीपर और एसी दोनों कोच में लंबी वेटिंग चल रही है। 26 फरवरी को स्लीपर में “नो रूम” की स्थिति है। मार्च के पहले सप्ताह में भी वेटिंग 70 से अधिक बनी हुई है। इसी तरह बंगाल जाने वाली कुंभ एक्सप्रेस और गुजरात के ओखा जाने वाली उत्तरांचल एक्सप्रेस में भी 2A, 3A और स्लीपर में लंबी वेटिंग दर्ज की गई है। कई तारीखों में इन ट्रेनों में भी नो रूम का स्टेटस दिख रहा है। रेलवे में भीड़ बढ़ने के साथ ही हवाई किराया बढ़ा। फ्लाइट के किराए में भी जबरदस्त बढ़ोतरी रेलवे में भीड़ बढ़ने के साथ ही हवाई किराए में भी जबरदस्त उछाल आया है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट का सामान्य किराया करीब 3000 रुपए है, लेकिन 28 फरवरी और 1 मार्च को यह बढ़कर 4174 से 5749 रुपए तक पहुंच गया है। मुंबई के लिए सामान्य किराया 7961 रुपए है, जो 28 फरवरी को 9301 और 1 मार्च को 9660 रुपए तक पहुंच गया। अहमदाबाद के लिए 5536 रुपए का किराया 28 फरवरी को 10,501 रुपए दिखा रहा है। बेंगलुरु के लिए सामान्य 8413 रुपए का किराया 9463 रुपए तक पहुंच गया है। जयपुर के लिए 4423 रुपए का किराया बढ़कर 8938 रुपए तक हो गया। बसों में भी सीटों के लिए मारामारी, किराया दोगुना देहरादून से लखनऊ और कानपुर जाने वाली स्लीपर वॉल्वो बसों में 28 फरवरी से सीटों को लेकर मारामारी है। आम दिनों में 1500 रुपए के आसपास रहने वाला किराया होली के आसपास 2500 से 3000 रुपए तक पहुंच गया है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि एडवांस बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है और अब स्पॉट बुकिंग पर किराया ज्यादा लिया जा रहा है। 3 मार्च को आंशिक राहत, वापसी में भी भीड़ रेलवे के
Donald Trump Tariff Collection Crisis; IEEPA Law Vs US Supreme Court

वॉशिंगटन डीसी52 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन पहले इन टैरिफ को गैरकानूनी बताया गया था। अमेरिकी US कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CPB) ने एक बयान में कहा- 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। एजेंसी ने इम्पोर्ट्स को निर्देश दिया है कि इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कोर्ट से इस फैसले से अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई वापस करनी पड़ सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक, IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से अमेरिका की हर दिन 50 करोड़ डॉलर (4,500 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई हो रही थी। अब इन्हें रद्द किए जाने के बाद कंपनियां रिफंड की मांग कर सकती हैं। ट्रम्प बोले- सुप्रीम कोर्ट ने मुझे पहले से ज्यादा अधिकार दे दिए राष्ट्रपति ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद सोमवार को कहा कि इस फैसले से उल्टा उनकी ताकत और बढ़ गई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने अनजाने में उन्हें पहले से ज्यादा अधिकार दे दिए हैं। ट्रम्प ने कहा कि वह कुछ समय तक ‘सुप्रीम कोर्ट’ स्माल लेट में लिखेंगे क्योंकि उन्हें इस फैसले से सम्मान नहीं रहा। उन्होंने फैसले को बेवकूफाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांटने वाला बताया। इसके बावजूद ट्रम्प का कहना है कि इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि वह दूसरे कानूनों के तहत टैरिफ लगाने की अपनी ताकत का और ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। कोर्ट ने बाकी बचे टैरिफ को कानूनी तौर पर मजबूत कर दिया है और अब वह उन्हें और ज्यादा सख्त तरीके से लागू कर सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वह लाइसेंस जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके देशों के खिलाफ कड़े कदम उठा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने बाकी सभी टैरिफ को मंजूरी दे दी है और ऐसे टैरिफ की संख्या काफी ज्यादा है। वसूला गया टैरिफ वापस होगा या नहीं इसकी जानकारी नहीं यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तीन दिन से ज्यादा समय बाद लागू किया जा रहा है। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि इन तीन दिनों में टैरिफ क्यों वसूले जाते रहे। यह भी साफ नहीं किया गया है कि जिन लोगों से पैसा लिया गया है, उन्हें वह वापस मिलेगा या नहीं। यह आदेश सिर्फ IEEPA कानून के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू होगा। जबकि नेशनल सिक्टोरिटी के नाम पर ‘सेक्शन 232’ के तहत और अनफेयर ट्रेड केस के ‘सेक्शन 301’ के तहत लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे और उन पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। CBP ने कहा है कि वह व्यापार से जुड़े लोगों को आगे की जानकारी आधिकारिक संदेशों के जरिए देती रहेगी। अमेरिकी कानून के सेक्शन 232 और सेक्शन 301 को जानिए अमेरिका के व्यापार कानून में सेक्शन 232 और सेक्शन 301 ऐसे नियम हैं, जिनके जरिए सरकार दूसरे देशों से आने वाले सामान पर टैरिफ लगा सकती है। सेक्शन 232- यह 1962 के कानून का हिस्सा है। अगर अमेरिकी सरकार को लगे कि किसी देश से ज्यादा सामान आने से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा हो सकता है, तो राष्ट्रपति उस सामान पर टैरिफ लगा सकते हैं। मतलब, अगर इम्पोर्ट से सेना, डिफेंस इंडस्ट्री या जरूरी घरेलू इंडस्ट्री कमजोर पड़ते दिखें, तो इस नियम का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में स्टील और एल्युमिनियम पर इसी सेक्शन के तहत टैरिफ लगाए थे। उनका कहना था कि ज्यादा इम्पोर्ट से अमेरिकी इंडस्ट्री कमजोर हो रही है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। सेक्शन 301- यह 1974 के कानून का हिस्सा है। अगर अमेरिका को लगे कि कोई देश उसके साथ गलत तरीके से व्यापार कर रहा है, जैसे नियमों का उल्लंघन, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) की चोरी या भेदभाव तो वह उस देश के सामान पर टैरिफ लगा सकता है। चीन के खिलाफ लगाए गए कई टैरिफ इसी सेक्शन 301 के तहत लगाए गए थे। ट्रम्प ने दुनिया भर पर 15% ग्लोबल टैरिफ लगाया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को ने 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने IEEPA कानून का इस्तेमाल करते हुए अपनी हद से ज्यादा ताकत ले ली थी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस कानून में राष्ट्रपति को इतने बड़े स्तर पर इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं है। कोर्ट का फैसला आते ही कुछ ही घंटों में ट्रम्प ने नए ग्लोबल टैरिफ ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार से अमेरिका में आने वाले हर सामान पर एक जैसा टैरिफ लगेगा। पहले यह 10% बताया गया, लेकिन बाद में अचानक इसे बढ़ाकर 15% कर दिया गया। इस अचानक बदलाव से कुछ अधिकारी भी हैरान रह गए। यह नया टैरिफ अमेरिकी व्यापार कानून के सेक्शन 122 के तहत लगाया गया है। इस नियम के तहत सरकार 15% तक टैरिफ लगा सकती है, लेकिन अगर इसे 150 दिनों से ज्यादा जारी रखना है तो कांग्रेस (संसद) की मंजूरी लेनी पड़ेगी। भारत भी 15% वाले टैरिफ के दायरे में इस फैसले का असर भारत पर भी पड़ेगा। पिछले एक साल में अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाला टैक्स कई बार बदला है। पहले करीब 26% था, फिर बढ़ाकर 50% तक कर दिया गया। उसके बाद इसे घटाकर 18% किया गया और अब कोर्ट के फैसले के बाद यह 15% वाले ग्लोबल टैरिफ में आ गया है। अब आगे भारतीय सामान पर असली असर क्या होगा, यह कुछ बातों पर टिका है। जैसे कि क्या अमेरिका की संसद 150 दिन की इस व्यवस्था को आगे बढ़ाती है या नहीं, भारत और अमेरिका के बीच जो अस्थायी व्यापार समझौता चल रहा है वह कब लागू होता है। इसके अलावा क्या अमेरिकी सरकार आगे कोई दूसरा कानूनी रास्ता अपनाती है या नहीं। मतलब साफ है कि अभी तस्वीर पूरी
टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना:पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा, हेटमायर ने 108 मीटर का सिक्स लगाया

टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे पर 107 रन की जीत दर्ज की। मुंबई के वनखड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। 19 बॉल पर फिफ्टी लगाने वाले शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। इस मैच में 10 रिकॉर्ड और रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। आगे पढ़िए… WI Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स 1. टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा सिक्स लगे इस मैच में कुल 31 छक्के लगे। यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एक मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। पिछला रिकॉर्ड 30 सिक्स का था। जो 2014 में आयरलैंड और नीदरलैंड के मैच में बना था। यह मैच सिलहट में खेला गया था। 2. हेटमायर ने टी-20 वर्ल्ड कप में विंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाई जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 19 गेंद पर फिफ्टी लगाई। यह टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज फिफ्टी है। वे इसी एडीशन में स्कॉटलैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स में 22 गेंदों पर फिफ्टी बना चुके हैं। हेटमायर से पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था। गेल ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में 23 बॉल पर अर्धशतक लगाया था। 3. टी-20 वर्ल्ड कप में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी जिम्बाब्वे के ब्रैडली इवांस और रिचर्ड नगारवा ने इस मैच में आखिरी विकेट के लिए 19 बॉल पर 44 रन की साझेदारी की। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 10वें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। पिछला रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और शेरफन रदरफोर्ड के नाम था। इन दोनों ने 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 37 रनों की नाबाद साझेदारी की थी। 4. बेनेट ने टी20 वर्ल्ड कप में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाए जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट 5 रन बनाकर आउट हुए। वे इस टूर्नामेंट में पहली बार आउट हुए हैं। वे पिछले 4 मैचों में नाबाद रहे थे। उन्होंने आउट होने से पहले इस एडीशन में नाबाद रहते हुए 180 रन बनाए। वे बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह रिकॉर्ड नीदरलैड के टॉम कूपर के नाम था, जिन्होंने 2014 में बिना आउट हुए 111 रन बनाए थे। 5. हेटमायर ने पूरन के 17 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 7 छक्के लगाए। वह इस टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक 17 छक्के लगा चुके हैं। हेटमायर एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले वेस्टइंडीज के ही निकोलस पूरन ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप 17 छक्के लगाए थे। अब बात मैच के टॉप मोमेंट्स की… 6. हेटमायर को 2 जीवनदान, दोनों कैच मुसेकिवा से छूटे मैच के टॉप स्कोर शिमरोन हेटमायर को दो जीवनदान मिले। दोनों मौकों पर वे कैच आउट होने से बच गए। आगे दोनों कैच ड्रॉप पढ़िए… 7. हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया 10वें ओवर की पहली गेंद पर शिमरोन हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया। उन्होंने सिकंदर रजा की शॉर्ट लेंथ की बॉल को पुल करते हुए मिडविकेट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। इस छक्के के साथ हेटमायर ने रोवमन पॉवेल के साथ तीसरे विकेट के लिए फिफ्टी पार्टनरशिप भी कर की। 8. पॉवेल का सिक्स सेकेंड टियर तक गया विंडीज की पारी के 13वें ओवर में रोवमन पॉवेल ने डायोन मायर्स की बॉल पर 106 मीटर का छक्का लगाया। जो वानखेड़े स्टेडियम के सेकेंड टियर तक पहुंच गया। मायर्स ने ऑफ स्टंप के बाहर फुलर लेंथ की बॉल डाली, जोकि पॉवेल के हिटिंग रेंज में थी। इसे पॉवेल ने लॉन्ग ऑफ बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 9. पावेल ने रजा के माथे पर किस किया कैरेबियाई पारी के 16वें ओवर में रोवमन पॉवेल का शॉर्ट गेंदबाजी कर रहे सिकंदर रजा के बाएं हाथ पर लगा। रजा दर्द से कराह उठे। ऐसे में कुछ देर के लिए खेल रोका गया। इस बीच बल्लेबाजी कर रहे पॉवेल उनके पास आए और पीठ थपथपाते हुए उनका हाल जाना और उन्हें गले लगाया और माथे पर किस भी किया। 10. अकिल हुसैन ने डबल विकेट का मेडन ओवर डाला जिम्बाब्वे की पारी में अकिल हुसैन ने डबल विकेट के साथ मेडन ओवर डाला। उन्होंने… अकिल हुसैन ने इस ओवर की आखिरी दो बॉल पर कोई रन नहीं दिया। क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————————————– WI और ZIM की मैच रिपोर्ट पढ़िए… वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे को 107 रन से हराया, हेटमायर-पॉवेल की फिफ्टी वेस्टइंडीज ने टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन के बड़े अंतर से हराया। वानखेड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

जापान में ठंड के मौसम में खुलेआम नंगे होकर नहाने की एक अनोखी परंपरा है। वहीं कबाड़ में पड़े 105 साल पुराने ट्रैक्टर ने शख्स को करोड़पति बना दिया। उधर छत्तीसगढ़ में एक समाज ने शादी में जूता छिपाने की रस्म पर बैन लगा दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Menstrual Blood Color; Periods Black Blood Reason And Warning Signs

Hindi News Lifestyle Menstrual Blood Color; Periods Black Blood Reason And Warning Signs | Hormone 1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल या गहरे लाल रंग का होता है। लेकिन कई बार यह काले या भूरे रंग का भी दिख सकता है। पीरियड ब्लड का कलर सामान्य से अलग दिखने पर मन में सवाल उठना लाजिमी है। क्या पीरियड ब्लड का ब्लैक होना सामान्य है या यह किसी हेल्थ कंडीशन का संकेत है? असल में ‘पीरियड ब्लड’ का रंग शरीर के अंदर की कुछ प्रक्रियाओं, हॉर्मोन्स और फ्लो पर निर्भर करता है। यह कई बार सामान्य होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में किसी गंभीर हेल्थ कंडीशन का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज पीरियड ब्लड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- पीरियड ब्लड काला होने का क्या मतलब है? किस स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है? सवाल- अमूमन पीरियड ब्लड रेड या डार्क रेड होता है। लेकिन अगर इसका कलर ब्लैक दिखे तो इसका क्या मतलब है? जवाब- पीरियड ब्लड का ब्लैक कलर आमतौर पर ‘ऑक्सीडाइज्ड ब्लड’ का संकेत होता है। यानी ब्लड गर्भाशय या वजाइना में ज्यादा समय तक रुकने और हवा के संपर्क में आने से काला हो गया है। रंग में ऐसा बदलाव आमतौर पर पीरियड्स के शुरुआती और अंतिम दिनों में अधिक दिखता है। अगर इसका रंग लगातार काला बना रहे या अन्य लक्षण भी दिखें तो डॉक्टर सेे कंसल्ट करना जरूरी है। सवाल- पीरियड ब्लड का कलर काला कब दिखता है? जवाब- आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल होता है, कुछ कंडीशंस में यह काला हो सकता है- अगर पीरियड्समें ब्लड फ्लो धीमा हो। अगर कम फ्लो के कारण ब्लड यूटेरस में ज्यादा समय तक रुका रहे। अगर शरीर में हॉर्मोनल इंबैलेंस हो। अगर मेंस्ट्रुअल साइकिल में देरी हो। सवाल- क्या पीरियड ब्लड का कलर ब्लैक होना नॉर्मल है या किसी खतरे का संकेत? जवाब- एक-दो दिन ब्लैक ब्लड दिखना सामान्य है। लेकिन अगर मेंस्ट्रुअल साइकिल में नीचे दिए संकेत भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- अगर लगातार ब्लैक ब्लीडिंग हो रही है। अगर पीरियड ब्लड से अजीब स्मेल आ रही है। अगर पीरियड्स के दौरान असामान्य दर्द हो रहा है। अगर असामान्य डिस्चार्ज हो रहा है। ये सभी लक्षण इन्फेक्शन, ब्लॉकेज या एंडोमेट्रियल समस्याओं (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में बदलाव) का संकेत हो सकते है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सवाल- किन कारणों से पीरियड ब्लड काला हो सकता है? जवाब- कुछ मामलों में यह सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ हेल्थ कंडीशन के कारण भी पीरियड ब्लड ब्लैक हो सकता है। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- ब्लड में काले रंग के साथ क्लॉट्स हों तो इसका क्या मतलब है? जवाब- ब्लैक कलर के साथ क्लॉट्स का मतलब है कि ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुका रहा और बाद में क्लॉट के रूप में बाहर आया। यह इन कंडीशंस में सामान्य हो सकता है- हैवी फ्लो होने पर। अनियमित पीरियड में। अगर क्लॉट्स की समस्या लगातार बनी हुई है तो यह कुछ हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकती है। जैसेकि- फाइब्रॉइड्स (यूटेरस में नॉन कैंसरस गांठें)। हॉर्मोनल डिसऑर्डर। एंडोमेट्रियल असामान्यता। अगर क्लॉट्स के साथ दर्द, कमजोरी या हैवी ब्लीडिंग हो तो गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है। सवाल- ब्लैक पीरियड ब्लड किन इन्फेक्शन या बीमारियों का संकेत हो सकता है? जवाब- लगातार ब्लैक ब्लड इन बीमारियों का संकेत हो सकता है- पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ( जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया) वजाइनल इन्फेक्शन अगर काले रंग के साथ बैड स्मेल, पेल्विक पेन (पेट के निचले हिस्से में दर्द) और अनयूजुअल डिस्चार्ज भी दिखे तो यह एंडोमेट्राइटिस (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में इंफ्लेमेशन या संक्रमण) का संकेत हो सकता है। सवाल- क्या PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस के कारण पीरियड ब्लड काला हो सकता है? जवाब- हां, PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) और हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है, जिससे मेंस्ट्रुअल साइकल लंबा हो सकता है। ऐसे मामलों में फ्लो और साइकिल इर्रेगुलर हो सकते हैं। साथ ही हैवी क्लॉटिंग भी हो सकती है। इसलिए PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर पीरयड ब्लड ब्लैक हो जाता है। सवाल- क्या मिसकैरेज या अधूरे मिसकैरेज के कारण भी पीरियड ब्लड काला हो सकता है? जवाब- हां, शुरुआती या अधूरे मिसकैरेज में यूटेरस से क्लॉट के साथ रुका हुआ ब्लड भी निकलता है। इससे ब्लड काला दिख सकता है। इसमें अक्सर सीवियर क्रैम्प्स, हैवी ब्लीडिंग, टिश्यू जैसे क्लॉट्स और कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखते हैं। अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो यह एक महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत है, जिसमें गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है। सवाल- पीरियड ब्लड के अलग-अलग रंग हमारे शरीर की सेहत के बारे में क्या बताते हैं? जवाब- महिलाओं में ब्राइट रेड पीरियड ब्लड हेल्दी फ्लो का संकेत है। डार्क रेड या ब्राउन कलर इस बात का इशारा है कि यूटेरस में ब्लड रुका हुआ था। पीरियड ब्लड के अलग-अलग कलर हॉर्मोनल हेल्थ, इन्फेक्शन से लेकर यूटेरस की कंडीशन तक कई महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत देते हैं। कौन सा रंग क्या बताता है, समझिए- ब्राइट रेड: इसका मतलब है कि आपकी ‘प्रोडक्टिव एंडोमेट्रियम शेडिंग’ (गर्भाशय की सफाई) सही तरीके से हो रही है। लेकिन अगर हैवी फ्लो हो और साथ में चक्कर या कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें। डार्क रेड: इसका मतलब है कि सब ठीक है, लेकिन ब्लड कुछ देर यूटेरस में रुका हुआ था। अक्सर पीरियड की शुरुआत में या आखिरी दिनों में ऐसा रंग दिखता है। ब्राउन: इसका मतलब है कि ब्लड ऑक्सीजन के संपर्क में आने से ‘ऑक्सीडाइज’ हो गया है। जब पीरियड का फ्लो धीमा होता है या साइकिल में देरी होती है, तब ऐसा रंग दिखता है। यह सामान्य है, लेकिन अगर इसके साथ बैड स्मेल, हैवी क्लॉटिंग या पेट में असामान्य दर्द हो, तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ब्लैक: काला रंग देखकर घबराएं नहीं, ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुकने के कारण ऐसा होता है। पीरियड के शुरू या अंत में यह सामान्य है। लेकिन, अगर लगातार काला रंग दिखे और साथ में हैवी क्रैंप्स हो, बैड स्मेल
Shiney Ahuja Rape Case Controversial Story; Maid

36 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-6 में जानिए शाइनी आहूजा रेप केस की कहानी। साल 2009 में शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। एक्टर के सीमन सैंपल मैच होने के बाद कोर्ट ने एक्टर को दोषी माना, हालांकि बाद में मेड ने बयान बदल दिया और कहा कि उनका रेप नहीं हुआ था। विवाद के बीच एक बड़े बाई गैंग का खुलासा हुआ, जो हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल कर इसी तरह फंसाती थीं। 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया- मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम करती हूं। मैं सुबह 9 बजे काम पर जाती हूं और शाम के 6 बजे तक वहीं रहती हूं। मेरे अलावा संगीता भी वहीं काम करती है, जो उसी अपार्टमेंट में रहती है। एक कुक भी है जो दिन में दो बार खाना बनाने आता है। संगीता दोपहर में बाहर गई थी। उसके जाने के बाद मैं घर में अकेली थी। शाइनी ने मुझसे पानी मांगा। मैं पानी देने कमरे में गई तो उसने कमरा लॉक कर लिया और फिर अत्याचार (रेप) किया। मैंने उसे धकेलने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी उसने मुझे पकड़ रखा था। इसके बाद उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने किसी से कहा तो उसका नतीजा बुरा होगा।उसने 2-3 घंटे मुझे उसी कमरे में बंद रखा। शाम को जैसे ही उसने मुझे जाने को कहा, मैं रोती हुई घर से निकली। ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, माधुरी जोशी, रेखा माने की मदद से एक्टर शाइनी आहूजा के घर काम पर लगी थीं। रेखा, एक्टर के पड़ोस के घर में काम करती थीं। शिकायतकर्ता रायगढ़ की रहनेवाली थीं। वो मई 2009 में काम की तलाश में मुंबई पहुंची थीं। रेखा माने उनकी परिचित थीं। जब उन्हें पता चला कि माधुरी काम की तलाश में हैं, तो उन्होंने बताया कि एक्टर शाइनी आहूजा के घर एक कामवाली की जगह खाली है। उन्हें ये भी बताया गया था कि शाइनी के परिवार में उनकी पत्नी और एक साल की बच्ची भी है। इसके अलावा घर में और भी नौकर हैं। घटना से करीब 8 दिन पहले शाइनी की पत्नी अनुपम आहूजा और बेटी दिल्ली चली गई थीं और जिस दिन घटना हुई, उस दिन वे फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। मेड का आरोप- घटना से एक दिन पहले भी छुए पैर FIR के अनुसार, घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जून 2009 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। जब वो काम पर पहुंचीं तो शाइनी के अलावा कुक और एक और नौकरानी संगीता भी घर में मौजूद थीं। कुक खाना बनाकर निकल गया। कुछ देर बाद संगीता भी अपनी बहन से मिलने घर से निकल गईं। इस समय शाइनी और माधुरी ही घर में थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे शाइनी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वो पानी के नल का कॉर्क चालू कर दें, जो एक ऊंचे लाफ्ट में था। रोज ये काम संगीता करती थीं, लेकिन उस रोज संगीता के न होने पर शाइनी ने उन्हें ये काम दिया। शिकायत में आगे कहा गया कि जैसे ही वो बेसिन और लकड़ी की मदद से नल चालू करने लगीं, तभी शाइनी ने उनके पैर के टखनों को पकड़ लिया। तभी उन्होंने टोकते हुए हाथ हटाने को कहा और नीचे उतर गईं। उन्होंने एक्टर को साफ कहा कि उन्हें इस तरह किसी का छूना पसंद नहीं है। शाइनी ने इस पर कहा- मैं तुम्हें इसलिए पकड़ रहा था, जिससे तुम गिर न जाओ। इसके बाद मेड के इनकार के बाद उन्होंने हाथ हटा लिए। रोज शाइनी के घर का काम करने के बाद मेड, रेखा माने के साथ ही घर लौटती थीं, जो पड़ोस के घरों में काम करती थीं। उस दिन भी वो साथ निकली थीं। अगले दिन 14 जून को वो फिर रेखा माने के साथ काम पर गईं। दोपहर करीब 3 बजे घर की दूसरी मेड संगीता चर्च जाने की परमिशन लेकर निकल गईं। माधुरी किचन में बर्तन धो रही थीं, तभी शाइनी ने उनसे पानी मांगा। जैसे ही वो पानी देने कमरे में पहुंचीं, शाइनी ने कमरा बंद कर उनका बलात्कार किया। इसके बाद एक्टर ने शाम 5 बजे तक उन्हें कमरे में बंद रखा। जैसे ही शाइनी ने दरवाजा खोला, वो भागकर किचन में गईं। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ देर बाद मैन डोर की बेल बजी। शाइनी ने दरवाजा खोला, तो रेखा माने लॉबी में खड़ी थीं। वो लगातार रो रही थीं, वजह पूछने पर उन्होंने रेखा को आपबीती सुनाई। मेड के बयान से पुलिस स्टेशन में हलचल मच गई। बयान दर्ज करते ही पुलिस ने शाइनी आहूजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 342 (गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाने) और 506 (2) (गंभीर धमकी देने) की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की। उनका घर भी सील कर दिया गया। शाइनी आहूजा ने बयान में कहा- हमने रजामंदी से संबंध बनाए शाइनी आहूजा ने पुलिस को दिए बयान में कबूल किया कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन उनके मुताबिक संबंध रजामंदी से बनाए गए थे। पूछताछ में पुलिस ने पूछा- क्या आप उस लड़की को जानते हैं? शाइनी ने कहा- हां, वो मेरी मेड है। पुलिस ने आगे पूछा- कितने समय से जानते हैं? शाइनी ने जवाब दिया- डेढ़ महीने से। मेरी दूसरी मेड संगीता उसे कुछ दिनों के लिए लाई थी। मेरा कुक मोहन और उसकी पत्नी भी ये जानते हैं। पुलिस ने फिर
Street Food Health Risk; Diabetes Obesity

8 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक क्या आप भी ऐसी कॉलोनी या मोहल्ले में रहते हैं, जहां आसपास हर गली-नुक्कड़ पर स्ट्रीट फूड की दुकानें हैं। अगर हां, तो यह स्टडी आपके लिए बेहद अहम है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि कभी-कभार स्ट्रीट फूड खाने से क्या ही फर्क पड़ेगा। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आपको इस स्टडी के बारे में जानना बेहद जरूरी है। ‘मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन’ की एक स्टडी के मुताबिक, जिन इलाकों में स्ट्रीट फूड के आउटलेट ज्यादा होते हैं, वहां रहने वालों में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग दो गुना तक बढ़ जाता है। यही स्थिति आगे चलकर डायबिसिटी (Diabesity) यानी मोटापा और डायबिटीज के खतरनाक मेल को जन्म देती है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम इस बारे में विस्तार से समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- लोग स्ट्रीट फूड की ओर क्यों ज्यादा आकर्षित होते हैं? घर के आसपास स्ट्रीट फूड होने से किन बीमारियों का रिस्क बढ़ता है? एक्सपर्ट: डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- स्ट्रीट फूड को लेकर हुई स्टडी क्या कहती है? जवाब- इस स्टडी से पता चलता है कि ज्यादा स्ट्रीट फूड वाले इलाकों में मेटाबॉलिक डिजीज (मोटापा, डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर) का रिस्क ज्यादा होता है। जहां अनहेल्दी फूड आउटलेट ज्यादा थे, वहां मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग दो गुना तक ज्यादा था। यह स्टडी ‘मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन’ के रिसर्चर्स ने UK के डॉक्टरों के साथ मिलकर की। सवाल- आसपास मिलने वाला फूड हमारी आदतों को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- आमतौर पर लोग अपने घर के आसपास की दुकानों और आउलेट्स से ज्यादा खरीदारी करते हैं। खाने-पीने के सामान खरीदने हों तो यह ज्यादा कॉमन है। यह फूड चॉइस से ज्यादा सुविधा की बात है। ऐसे में अगर घर के आसपास स्ट्रीट फूड/फास्ट-फूड के आउटलेट ज्यादा हैं तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि फास्टफूड ज्यादा खाएंगे। सवाल- आसपास स्ट्रीट फूड की उपलब्धता ज्यादा होने से किन बीमारियों का रिस्क बढ़ता है? जवाब- घर के आसपास स्ट्रीट फूड होने का मतलब है कि आप उसे ज्यादा खाएंगे। इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर दिखता है। इससे- वजन तेजी से बढ़ता है, शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है। मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। मई 2025, में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक रिव्यू रिपोर्ट के मुताबिक, घर के आसपास के फूड एनवायर्नमेंट और सेहत के बीच गहरा संबंध है। आसपास स्ट्रीट फूड/फास्ट फूड की दुकानें और रेस्तरां की उपलब्धता डायबिटीज, हार्ट डिजीज और मृत्यु दर के खतरे को बढ़ा सकती है। नीचे दिए ग्राफिक से स्ट्रीट फूड के हेल्थ रिस्क समझिए- सवाल- लोग आमतौर पर स्ट्रीट फूड ज्यादा क्यों खाते हैं? जवाब- इसके कई कारण हैं। जैसेकि- ये आसानी से मिल जाते हैं ऑर्डर पर जल्दी तैयार हो जाते हैं। सस्ते दामों में मिल जाते हैं। खाने में स्वादिष्ट होते हैं। मेहनत और समय बचाते हैं। इसके अलावा एक बड़ी वजह ये भी है कि स्ट्रीट फूड हमारे घरों के आसपास आसानी से मिल जाते हैं। सवाल- क्या स्ट्रीट फूड एडिक्टिव भी हो सकता है? जवाब- साइंस मैगजीन ‘क्लिनिकल केमिस्ट्री’ में साल 2018 में एक स्टडी पब्लिश हुई। इसके मुताबिक, फास्ट फूड में मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (जैसे चीनी, मैदा) शरीर में उसी तरह प्रतिक्रिया करते हैं जैसे नशीले पदार्थ। इन्हें खाने पर ब्लड में ग्लूकोज और इंसुलिन लेवल तेजी से बढ़ता है। इससे ब्रेन में डोपामिन (न्यूरोट्रांसमीटर) का लेवल बढ़ता है। डोपामिन एक हैपी हॉर्मोन है, जो हमें अच्छा महसूस कराता है। इसलिए ब्रेन बार-बार ऐसे फूड्स के लिए क्रेविंग पैदा करता है। स्टडी के मुताबिक, ऐसे फूड्स क्रेविंग के साथ फूड एडिक्शन की वजह भी बन सकते हैं। सवाल- स्ट्रीट फूड हमारे मेटाबॉलिज्म को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- नवंबर, 2013 में ‘रिसर्चगेट’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन मेटाबॉलिक सिंड्रोम (मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज) के खतरे को बढ़ाता है। इसमें मौजूद हाई-कैलोरी, सैचुरेटेड फैट, नमक और शुगर मेटाबॉलिज्म पर नेगेटिव असर डालते हैं। अगर फास्ट फूड ज्यादा खा रहे हैं तो शरीर को ब्लड शुगर और इंसुलिन के संतुलन के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और मेटाबॉलिक सिस्टम सुस्त हो जाता है। सवाल- क्या आसपास पार्क और जिम की कमी भी सेहत पर असर डालती है? जवाब- मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन की स्टडी में यह भी सामने आया कि समस्या सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है। एक्सरसाइज के लिए घर के आसपास पार्क, जिम, प्लेग्राउंड और स्पोर्ट्स क्लब नहीं होने से भी सेहत खराब हो सकती है। स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों में डायबिसिटी थी, उनमें से 56.2% लोग पार्क, जिम, प्लेग्राउंड और स्पोर्ट्स क्लब जैसी जगहों से 1.1 किलोमीटर से ज्यादा दूर रहते थे। यानी जिनके घर के पास चलने-फिरने और एक्सरसाइज की सुविधाएं नहीं थीं, उनमें मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कहीं ज्यादा पाया गया। सवाल- अपनी फूड हैबिट्स को कैसे सुधारें? जवाब- भूख लगने पर लोग सबसे पहले अपने किचन या फ्रिज में खाना तलाशते हैं। इसलिए फूड हैबिट्स की लड़ाई भी यहीं से शुरू हो जाती है। अच्छी फूड हैबिट के लिए जरूरी है कि जब आप बाजार जाएं तो उस समय ही हेल्दी फूड खरीदें। घर पर बना संतुलित खाना खाने और आसपास उपलब्ध हेल्दी विकल्प अपनाने से बीमारियों का रिस्क काफी हद तक कम किया जा सकता है। नीचे दिए ग्राफिक से फूड हैबिट्स सुधारने के टिप्स समझिए- सवाल- हेल्दी और फिट रहने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने की जरूरत है? जवाब- फिट रहने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ छोटे-छोटे प्रैक्टिकल बदलाव जरूरी हैं। जैसे कि- रोज कम-से-कम 30 मिनट तक फिजिकल एक्टिविटी करें। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। दिन में 2–3 बार हल्की स्ट्रेचिंग करें। ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठे न रहें। भोजन करते हुए मोबाइल फोन न देखें। रात का खाना सोने से 2–3 घंटे पहले खाएं। रोज 7–8 घंटे की नींद पूरी करें। रोज कम-से-कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- SC बोला-फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग लगाओ: पैकेट पर लिखा
PAK Vs ENG T20 World Cup LIVE Score Update; Sahibzada Farhan Babar Azam

स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज का पांचवां मुकाबला आज इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा।मैच कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शाम 07:00 बजे से शुरू होगा। जबकि मैच का टॉस 6:30 बजे होगा। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 3 मुकाबले हुए हैं, इन सभी मुकाबलों में इंग्लैंड को जीत मिली है। साल 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर खिताब जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड आगे इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच अब तक 31 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान इंग्लैंड ने 20 मैच अपने नाम किए हैं। पाकिस्तान को सिर्फ 9 मुकाबलों में जीत मिली है। 1 मैच टाई और 1 का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। दोनों टीमों के बीच आखिरी टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला साल 2024 में खेला गया था। जहां इंग्लिश टीम ने 15.3 ओवर में 158 रन का टारगेट हासिल करके पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया था। जैकब बेथेल इंग्लैंड के टॉप बैटर जैकब बेथेल ने इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 5 मैचों में 132.72 की स्ट्राइक रेट से 146 रन बनाए। एक पारी में उनका बेस्ट स्कोर 55 रन रहा है। वहीं, गेंदबाजी में आदिल रशीद टीम के लिए टॉप विकेट टेकर रहे हैं। उन्होंने 5 मैचों में 8.03 की इकोनॉमी से रन खर्च करते हुए 8 विकेट हासिल किए हैं। उस्मान तारिक पाकिस्तान के टॉप विकेट टेकर पाकिस्तान के लिए साहिबजादा फरहान ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 5 मैचों में 164.17 की स्ट्राइक रेट से 220 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 100* रहा है। वहीं, स्पिनर उस्मान तारिक पाकिस्तान के लिए टॉप विकेट टेकर रहे हैं। उन्होंने 4 मैचों में महज 5.82 की इकोनॉमी से 8 विकेट चटकाए हैं। पिच रिपोर्ट और रिकॉर्ड पल्लेकेले में अब तक 34 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 18 और चेज करने वाली टीमों ने 15 मैच जीते हैं। वहीं, 1 मैच की नजीता नहीं निकल सका है। यहां का पहली पारी का एवरेज स्कोर लगभग 157 है। इस वर्ल्डकप में यहां अब तक 4 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 2 मुकाबले जीते, जबकि इतने ही मैच दूसरी पारी में बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। कैंडी में 25% बारिश की आशंका 24 फरवरी को कैंडी में बादल छाए रहेंगे। यहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की 25% आशंका है। ऐसे में मैच के दौरान बारिश का थोड़ा खलल पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक (कप्तान), सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जैमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, आदिल रशीद। पाकिस्तान: साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमान, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, सलमान मिर्जा, उस्मान तारिक। कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Manipur Violence Film Best Award | PRAHAR Policy Launch

Hindi News Career Manipur Violence Film Best Award | PRAHAR Policy Launch | Feb 24 Current Affairs 1 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. असम- अरुणाचल के बीच पहला बॉर्डर पिलर बना 22 फरवरी को असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच पहला इंटर स्टेट यानी अंतर-राज्य बॉर्डर पिलर सिजोसा में स्थापित किया गया। असम और अरुणाचल के बीच लंबे समय से बॉर्डर को लेकर असहमति जारी थी। अंतर-राज्य बॉर्डर पिलर का फैसला लंबे समय से चले आ रहे बॉर्डर झगड़े को हल करने के लिए लिया गया है। 1951 नोटिफिकेशन के अनुसार, आदिवासी क्षेत्रों को असम से तत्कालीन नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) (बाद में अरुणाचल प्रदेश) में ट्रांसफर कर दिया गया था। असम ने दावा किया था कि इन सेक्टर्स में कुछ पर उसका अधिकार है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश का कहना था कि संवैधानिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार सीमा सही है। 1987 में अरुणाचल प्रदेश पूर्ण राज्य बना, लेकिन सीमा विवाद जारी रहा। 1989 में, एक त्रिपक्षीय समिति (जिसमें केंद्र और दोनों राज्य शामिल थे) ने कुछ विवादित क्षेत्रों को अरुणाचल में ट्रांसफर करने की सिफारिश की, मगर असम ने इस पर आपत्ति जताई थी। जुलाई 2022 में बॉर्डर विवाद को सुलझाने के लिए नामसाई घोषणा पर साइन किए गए। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू के बीच अरुणाचल प्रदेश के नामसाई में अंतर-राज्यीय सीमा विवाद सुलझाने के लिए समझौता किया गया था। दोनों राज्यों के बीच 804.1 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर 123 विवादित गांव हैं। इस समझौते के बाद विवादित गांवों की संख्या 123 से घटकर 86 रह गई है। बॉर्डर सहमति के बाद, अधिकारी इंटर स्टेट बॉर्डर को स्पष्ट करने के लिए बॉर्डर पर खंभे लगाना जारी रखेंगे, जिससे तनाव कम होगा। असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच पहला बॉर्डर पिलर 22 फरवरी को सेजोसा में लगाया गया। निधन (DEATH) 2. TMC नेता मुकुल रॉय का निधन 23 फरवरी को तृणमूल कांग्रेस के नेता मुकुल रॉय का निधन हो गया। वे 71 साल के थे। मुकुल, तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे और पश्चिम बंगाल की राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे। मुकुल 2009-2012 तक यूपीए सरकार में केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री रहे। 2012 में मुकुल रेल मंत्री भी रहे। नवंबर 2017 में मुकुल भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा के टिकट पर 2021 में मुकुल ने कृष्णानगर उत्तर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए थे। जून 2021 में, विधानसभा चुनाव के बाद, मुकुल अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में फिर से शामिल हो गए। 13 नवंबर 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट ने दलबदल कानून के तहत उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किया था। 13 नवंबर 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट ने दलबदल कानून के तहत मुकुल को विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। अवार्ड (AWARD) 3. भारतीय फिल्म ‘बूंग’ को बाफ्टा अवॉर्ड मिला भारतीय मूल की फिल्म मणिपुरी भाषा की फिल्म बूंग ने बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। बूंग को ये अवॉर्ड बेस्ट चिल्ड्रन और फैमली कैटेगरी में मिला। बूंग को लक्ष्मीप्रिया देवी ने डायरेक्ट किया है। ये फिल्म विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स, रितेश सिधवानी और शुजात सौदागर के साथ फरहान अख्तर ने बनाई है। अवॉर्ड की घोषणा 79वीं बाफ्टा अवॉर्ड सेरेमनी में हुई। ये सेरेमनी लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित की गई थी। ये फिल्म एक स्कूली छात्र बूंग के बारे में है, जो अपने परिवार को फिर से एकजुट करने के लिए मणिपुर में नस्लीय तनाव और सीमा चुनौतियों का सामना करता है। फिल्म ने जूटोपिया 2, लिलो एंड स्टिच और आर्को जैसी इंटरनेशनल फिल्मों के बीच अवॉर्ड जीता। बूंग बाफ्टा में नॉमिनेट होने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म थी। फिल्म एक स्कूली छात्र बूंग के बारे में है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. कार्लोस अल्कारेज ने कतर ओपन जीता 21 फरवरी को स्पेन के 22 वर्षीय वर्ल्ड नंबर 1 टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्कारेज ने कतर ओपन जीता। कार्लोस ने फाइनल में फ्रांस के आर्थर फिल्स को हराकर ये खिताब जीता है। अल्कारेज के करियर का ये सबसे छोटा मैच, महज 50 मिनट का मैच था। 50 मिनट की जीत ने ATP (द एसोसिएट ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स ) सर्किट पर पिछले साल के सबसे छोटे फाइनल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। अल्कारेज 7 बार ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रहे हैं। इस साल अल्कारेज ने लगातार 12 मैच जीते हैं। 1 फरवरी को कार्लोस अलकरेज ने नोवाक जोकोविच को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 पुरुष सिंगल खिताब जीता था। ये अल्कारेज के करियर का 26वां खिताब है। 5. देश की पहली एंटी टेरर पॉलिसी ‘PRAHAR’ लॉन्च 23 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की पहली आतंकवाद विरोधी और सायबर सिक्योरिटी पॉलिसी ‘PRAHAR’ लॉन्च की। PRAHAR पॉलिसी आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद को रोकने और जवाब देने के लिए रणनीतिक रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी डॉक्युमेंट के मुताबिक, साइबर अटैक को रोकना और सोशल मीडिया पर टेरर एक्टिविटीज को रोकना इस पॉलिसी में शामिल होगा। कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए बेहतर कदम उठाना इस पॉलिसी का हिस्सा होगा। पॉलिसी में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के तहत काम करने वाली जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) का जिक्र किया गया है। JTFI देश में रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई के लिए काम करती है। आज का इतिहास 24 फरवरी : 1582 में पोप ग्रेगरी XII ने मौजूदा ग्रिगोरियन कैलेंडर अनाउंस किया। 2010 में वन डे इंटरनेशनल के इतिहास में सचिन तेंदुलकर ने पहली डबल सेंचुरी लगाई। ——————- ये खबरें भी पढ़ें… GTA-6 लॉन्च से 9 महीने पहले Xbox का CEO बदला: उपराष्ट्रपति ने अटल बिहारी पर किताब का विमोचन किया; 23 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








