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गर्मी में रोज पीएं छाछ…पेट की गैस से लेकर एसिडिटी तक कई समस्याएं रहेंगी दूर, नोट करें बच्चों की आसान रेसिपी

गर्मी में रोज पीएं छाछ...पेट की गैस से लेकर एसिडिटी तक कई समस्याएं रहेंगी दूर, नोट करें बच्चों की आसान रेसिपी

जीरा छाछ रेसिपी: जैसे-जैसी गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे पेट की समस्या जैसे गैस, कब्ज, अपच और एसिडिटी हो रही है। ऐसे में घरेलू देसी ड्रिंक जीरा छाछ एक बेहतरीन सूची में है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है, साथ ही पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। गर्मियों में रोज़ छाछ प्लांट स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है। वहीं, जीरा छाछ के और भी फायदे हैं। छाछ में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो छीछ में अनमोल चर्च की मूर्तियां हैं। जीरा मिलाने से यह और भी प्रभावशाली हो जाता है। जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी कम करते हैं। यह ऑर्डर के रूप में पेट को ठंडा करने और डाइटिंग से शुरू करने का तरीका है। प्रतिदिन एक कैप्सूल जीरा छाछ पीने से कब्ज दूर रहता है और पाचन क्रिया द्रव्य बनी रहती है। ख़ास बात यह है कि यह रेसिपी बहुत आसान है और 5 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है। तड़का वाली जीरा छाछ ऐसे करें तैयार गर्मी के मौसम में छाछ को शामिल करने से शरीर पर शोध किया जाता है और पेट की छोटी-मोटी जिंदगी खुद-ब-खुद दूर हो जाती है।

Human Eye Evolution: How a One-Eyed Creature Became Our Ancestor? | इंसानी आंखों का रहस्य: 600 मिलियन साल पहले एक आंख वाले जीव से हुआ हमारा विकास

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नई दिल्ली: इंसानी शरीर कुदरत का सबसे जटिल और अनोखा करिश्मा है. सालों से वैज्ञानिक इस बात की खोज में जुटे थे कि हमारी आंखों की बनावट अन्य जीवों से इतनी अलग क्यों है. हाल ही में लुंड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स के रिसर्चर्स ने इस राज से पर्दा उठाया है. रिसर्च के मुताबिक, हम सभी कशेरुकी (Vertebrates) जीवों के पूर्वज करोड़ों साल पहले एक आंख वाले जीव हुआ करते थे. यह स्टडी हमारी आंखों के इतिहास के साथ-साथ दिमाग के विकास पर भी नई रोशनी डालती है. लूंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एमेरिटस डैन-ई निल्सन कहते हैं, ‘ये नतीजे बेहद हैरान करने वाले हैं. इन्होंने आंखों और दिमाग के विकास को लेकर हमारी पूरी समझ को उलट दिया है.’ 600 मिलियन साल पहले कैसा था हमारा वो पूर्वज? आज से करीब 600 मिलियन (60 करोड़) साल पहले हमारा यह पूर्वज एक छोटे कीड़े जैसा जीव था. यह समुद्र की गहराइयों में रहता था और पानी से प्लवक (Plankton) छानकर अपना पेट भरता था. हैरानी की बात यह है कि इस जीव की जीवनशैली बहुत ही शांत थी. वह एक जगह टिककर रहने वाला जीव था. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस दौर से पहले इस जीव के पास शायद दो आंखें थीं. लेकिन जैसे-जैसे उसकी लाइफस्टाइल सुस्त हुई, उसे शिकार करने या बचने के लिए दो आंखों की जरूरत महसूस नहीं हुई. नतीजा यह हुआ कि विकास की प्रक्रिया (Evolution) के दौरान उसने अपनी दोनों आंखें खो दीं. कैसे बनी सिर के बीचों-बीच वो इकलौती आंख? जब इस जीव ने अपनी जोड़ीदार आंखें खो दीं, तब उसके सिर के बिल्कुल बीच में प्रकाश के प्रति संवेदनशील कोशिकाओं (Light-sensitive cells) का एक ग्रुप बच गया. इसी ग्रुप ने एक आदिम ‘मिडियन आई’ यानी सिर के बीच वाली एक आंख का रूप ले लिया. इस छिपकली के सिर के बीच में हल्का धब्बा बीच की आंख बनाता है. जानवर की रेगुलर आंखें दिखाई नहीं दे रही हैं क्योंकि तस्वीर पीछे से ली गई है. (Image Credit: Bruno Frías Morales/iNaturalist/Creative Commons) यह आंख आज के दौर की आंखों की तरह साफ तस्वीरें तो नहीं देख सकती थी, लेकिन यह दिन और रात के फर्क को बखूबी समझती थी. इस इकलौती आंख की मदद से वह जीव यह जान पाता था कि ऊपर क्या है और नीचे क्या. यह एक तरह का कुदरती सेंसर था जो उसे समुद्र के अंधेरे में सर्वाइव करने में मदद करता था. इंसानी आंखों का सफर दोबारा कैसे शुरू हुआ? लाखों साल बीतने के बाद हमारे पूर्वजों ने दोबारा एक एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाई. उन्होंने समुद्र में तैरना और शिकार करना शुरू किया. अब उन्हें ऐसी आंखों की जरूरत थी जो साफ देख सकें और दूरी का अंदाजा लगा सकें. रिसर्च बताती है कि इसी मिडियन आई के हिस्सों से दोबारा दो नई आंखों का विकास हुआ. यही वजह है कि इंसानी आंखें कीड़ों या स्क्विड (Squid) की आंखों से पूरी तरह अलग हैं. प्रोफेसर निल्सन बताते हैं कि हमारी आंखों की रेटिना दिमाग के हिस्से से विकसित हुई है. वहीं दूसरी तरफ कीड़ों की आंखें उनके सिर के किनारों की स्किन से बनी होती हैं. बार-बार लाइफस्टाइल में बदलाव की वजह से रीढ़ वाले जानवरों की आंखों का अनोखा विकास हुआ. (Graphic Credit: Current Biology (2026). DOI: 10.1016/j.cub.2025.12.028) दिमाग की पीनियल ग्लैंड और ‘तीसरी आंख’ का क्या कनेक्शन है? सबसे रोमांचक बात यह है कि हमारे उस एक आंख वाले पूर्वज की वो आंख आज भी हमारे शरीर में मौजूद है. विकास के क्रम में वह आंख चेहरे से हटकर दिमाग के अंदर चली गई और ‘पीनियल ग्लैंड’ (Pineal Gland) बन गई. आज यह ग्रंथि हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन बनाती है. यह वही हार्मोन है जो हमारी नींद और जागने के चक्र (Circadian Rhythm) को कंट्रोल करता है. यह सोचना भी दिमाग चकरा देने वाला है कि आपकी आज की नींद का कनेक्शन 600 मिलियन साल पहले वाले उस एक आंख वाले जीव से जुड़ा हुआ है. इस स्टडी ने पहली बार उन न्यूरल सर्किट्स के ओरिजिन को समझाया है, जो हमारी रेटिना में इमेज का एनालिसिस करते हैं. वैज्ञानिकों ने दुनिया भर के तमाम जीव जंतुओं की लाइट-सेंसिटिव सेल्स का एनालिसिस किया और उनकी पोजीशन की जांच की. इससे यह साबित हो गया कि हमारी आंखों का रास्ता एक खास ‘डिटूर’ यानी घुमावदार मोड़ से होकर गुजरा है. अगर हमारा वो पूर्वज एक आंख वाला न बना होता, तो शायद आज हमारी आंखों की बनावट और देखने का तरीका कुछ और ही होता.

‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया | राजनीति समाचार

New Zealand defeat Sri Lanka by 61 runs. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 23:12 IST एक वीडियो में मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज पढ़ते हुए दिखाए जाने के बाद भाजपा नेता नितेश राणे ने घटना की निंदा की। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज अदा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को कड़ी कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए, राणे ने कड़ी टिप्पणी की, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। हमारे देश में किसी को भी इस तरह से धर्म का पालन करने, उपदेश देने या जिहाद करने की अनुमति नहीं है… क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए? ऐसे निकायों को भंग करने की मांग क्यों नहीं की जानी चाहिए?” #घड़ी | मालेगांव नगर निगम बिजली विभाग के कार्यालय के अंदर नमाज अदा करने पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे का कहना है, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। यहां किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं है…क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए?… pic.twitter.com/HFhWYA6JC0– एएनआई (@ANI) 25 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “यह सब सिर्फ नाटक है, अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें किसी इस्लामिक देश में जाना चाहिए… जब इतनी सारी मस्जिदें हैं तो उन्हें वहां नमाज क्यों पढ़नी चाहिए? हम निश्चित रूप से कार्रवाई के लिए कहेंगे।” राणे ने राज्य में मदरसों की भी आलोचना की, उन्हें “आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल” कहा और कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से उन्हें बंद करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने अपने गृह जिले सावंतवाड़ी के एक अलग वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें एक पादरी सदस्य कथित तौर पर एक छात्र की पिटाई कर रहा है। उन्होंने कहा, “आपने बच्चों की पिटाई का मौलवी का वीडियो देखा है। यह मेरे गृह जिले सावंतवाड़ी का है और मैं जिले का संरक्षक मंत्री भी हूं। आपको यह भी पता चल जाएगा कि जल्द ही उस पर क्या सख्त कार्रवाई होने वाली है।” मंत्री ने इस्लामिक स्कूलों की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया, “आपको मदरसों की आवश्यकता क्यों है? यही मूल बिंदु है। ये मदरसे आतंकवाद के केंद्र हैं। वे वहां आतंकवादियों को आकार देते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, “अगर आप कुरान पढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास मस्जिदें हैं। कभी-कभी इन मदरसों में हथियार पाए जाते हैं, और कभी-कभी बच्चों की पिटाई जैसी घटनाएं होती हैं।” राणे ने आगे सवाल किया कि क्या कोई इस्लामिक देश हिंदुओं के लिए ऐसे स्कूलों की इजाजत देगा जहां केवल भगवद गीता पढ़ाई जाती हो। उन्होंने कहा, “मैं सीएम से बात करूंगा और उनसे सभी मदरसों को बंद करने के लिए कहूंगा, क्योंकि ये आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल हैं।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 25 फरवरी, 2026, 23:12 IST समाचार राजनीति ‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र नमाज विवाद(टी)नितेश राणे का बयान(टी)मालेगांव नगर निगम नमाज(टी)महाराष्ट्र में मदरसे(टी)मदरसों पर आतंकवाद के आरोप(टी)मदरसों के खिलाफ कार्रवाई(टी)वायरल नमाज वीडियो(टी)हिंदू राष्ट्र टिप्पणियां

मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

शहडोल में ऑनलाइन गेम की लत और इसके चलते कर्ज से परेशान होकर मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर पिला दिया। फिर खुद पी लिया। इलाज के दौरान पहले बेटी, फिर कारोबारी की जान चली गई। पत्नी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मौत से जंग लड़ रही है। मामला शहडोल के कोतवाली थाना इलाके में पुरानी बस्ती का है। यहां रहने वाले शंकर लाल गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम ‘बीडीजी’ खेलने की लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। इसके लिए लोगों से कर्ज भी लिया था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से शंकर लाल काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। घर से बाहर होने की वजह से बचा बेटा 24 फरवरी की रात शंकर लाल बाजार से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाया। इसमें जहर मिला दिया। फिर पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति (16) को पिला दी। खुद भी पी ली। शंकर लाल का 15 वर्षीय बेटा घर से बाहर गया था। रात में चीखपुकार सुनकर पड़ोसी शंकर लाल के घर पहुंचे। देखा कि तीनों लोगों की तबीयत खराब है। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह स्वाति की मौत हो गई। शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कोतवाली के एसआई उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा- शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीर सोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीद हैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मा समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।

न्यूट्रिएंट्स से भरपूर काला टमाटर, हार्ट के लिए फायदेमंद, आंखों की रोशनी भी रहेगी सलामत

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Last Updated:February 25, 2026, 21:21 IST Black Tomato Benefits: काला टमाटर सेहतमंद गुणों से भरपूर सब्जी है. इसके सेवन से हार्ट अटैक का रिस्क कम होता है. साथ ही आंखों के रेटिना के लिए भी फायदेमंद होता है, जिससे आंखों की रोशनी कम होने का रिस्क नहीं होता. ख़बरें फटाफट देश भर के बाजारों में आमतौर पर लाल टमाटर बिकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं काला टमाटर भी होता है और ये लाल टमाटर की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होते है.भारत के कई हिस्सों में काले टमाटर की खेती की जा रही है, लेकिन अभी तक उसकी खेती सीमित इलाकों में हो रही है और बाजार में आसानी से काले टमाटर उपलब्ध भी नहीं हैं, लेकिन अगर आपके आसपास काले टमाटर मिलते हैं, तो उन्हें अपने आहार में जरूर शामिल करें. ब्रिटेन में काले टमाटर की उपज होती है, लेकिन अब हमारे देश में किसान उसके फायदों को देखते हुए खेती कर रहे हैं. आमतौर पर लाल टमाटर का स्वाद खट्टा होता, लेकिन काले टमाटर का स्वाद थोड़ा नमकीन और मीठा होता है. उसका कारण है एन्थोसाइनिन और एंटीऑक्सीडेंट की ज्यादा मात्रा और यही कारण है कि इसके सेवन के लाभ भी बहुत ज्यादा हैं. ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने में कारगरकाले टमाटर में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. उनके सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है, क्योंकि रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं. इसके साथ ही यह रक्त में शुगर की मात्रा को भी संतुलित रखते हैं. काले टमाटर में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो पैनक्रिया को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं. यही कारण है कि रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती हो तो पैनक्रिया से बनने वाले हॉर्मोन शरीर को संतुलित करने का काम करते हैं. हार्ट अटैक का खतरा भी कमकाला टमाटर दिल की सेहत को स्वस्थ रखता है. काले टमाटर में एंथोसाइनिन होता है, जो दिल पर पड़ रहे तनाव को कम करता है और हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है, इसलिए दिल की सेहत को बरकरार रखने के लिए काले टमाटर का सेवन दवा की तरह काम करेगा. ये भी हैं फायदेइसके साथ ही काले टमाटर में विटामिन ए और सी होता है, जो आंखों की रोशनी को बढ़ाने और रेटिना को दुरुस्त रखने में मदद करता है. काला टमाटर वजन को कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मददगार है. काले टमाटर में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 25, 2026, 21:21 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

नीमच में चार दिवसीय फाग महोत्सव शुरू:पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली निशान यात्रा; तीन दिन होंगे आयोजन

नीमच में चार दिवसीय फाग महोत्सव शुरू:पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली निशान यात्रा; तीन दिन होंगे आयोजन

नीमच शहर में बुधवार से चार दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत हो गई है। महोत्सव के पहले दिन मनासा रोड स्थित बोरखेड़ी के नीलकंठ महादेव मंदिर से एक विशाल निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्याम भक्त शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह निशान यात्रा नीलकंठ महादेव मंदिर से शुरू होकर मनासा नाका और नीमच सिटी होते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान भक्त श्याम भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। देर शाम यह यात्रा खाटू श्याम मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। यह आयोजन प्राचीन श्री श्याम मंदिर और बावड़ी वाले बालाजी के नेतृत्व में किया गया। पालकी यात्रा और छप्पन भोग होगा महोत्सव के तहत अगले तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे: 26 फरवरी (गुरुवार): नरसिंह मंदिर घंटाघर से बाबा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। 27 फरवरी (शुक्रवार): फागुन एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार होगा। इस दिन छप्पन भोग लगाकर महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। 28 फरवरी (शनिवार): अखंड जोत और भव्य कीर्तन के साथ चार दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पूर्व सरपंच के संस्कार में जर्मनी से आए उसके भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूर्व सरपंच का भाई अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपनी स्कॉर्पियो में घर आ रहा था। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो 90 डिग्री तक घूम गई। इसमें कार चला रहे पूर्व सरपंच के भाई NRI गुरदीप सिंह (60) ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ बैठे गांव के ही जगविंदर सिंह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह उनके शव को बाहर निकाला। साथ ही घायल जगविंदर को भी बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया गया है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….

Bihar Police Constable Operator Recruitment

Bihar Police Constable Operator Recruitment

Hindi News Career Bihar Police Constable Operator Recruitment | 993 Posts Notification Out 30 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी बिहार में 993 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 116 पदों पर निकली भर्ती। साथ ही GAIL में 70 पदों पर वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. बिहार में 993 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती (CSBC) की ओर से राज्य में पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सामान्य 408 ईडब्ल्यूएस 99 एससी 157 एसटी 10 ईबीसी 175 बीसी 113 बीसी महिलाएं 31 कुल पदों की संख्या 993 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 12वीं पास सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने गणित, भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50%, एससी/ एसटी ने न्यूनतम 45 फीसदी अंक प्राप्त किये हों। शारीरिक योग्यता : लंबाई न्यूनतम : सामान्य, पिछड़ा वर्ग : 165 सेमी अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी : न्यूनतम लंबाई 160 सेमी महिला उम्मीदवार : न्यूनतम 155 सेमी सीना : बिना फुलाए 81 सेमी फुलाकर : 86 सेमी एससी/ एसटी : सीना बिना फुलाए 79 और फुलाकर 84 सेमी एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 25 साल फीस : सभी वर्ग के लिए : 100 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : लेवल 3 के अनुसार 21,700 – 69,100 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : क्वेश्चन टाइप : ऑब्जेक्टिव ड्यूरेशन : 2 घंटे पेपर लेवल : इंटरमीडिएट विषय क्वेश्न नंबर टोटल मार्क्स जनरल नॉलेज एंड करेंट अफेयर्स 25 25 फिजिक्स 25 25 केमेस्ट्री 25 25 मैथमेटिक्स 25 25 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाएं। अपना पासवर्ड क्रिएट करने के बाद कैंडिडेट्स का नाम और अन्य डिटेल्स भरें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 116 पदों पर निकली भर्ती स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के 100 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट 12 डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) 43 डिप्टी मैनेजर (CA) 61 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट : 50% स्कोर के साथ बीई, बीटेक, बीएससी कम्प्यूटर साइंस, एमटेक डिग्री। 6 साल का वर्किंग एक्सपीरियंस जरूरी डिप्टी मैनेजर (CA) और डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) : बीई, बीटेक, बीएससी, कम्प्यूटर साइंस, एमटेक डिग्री। वर्किंग एक्सपीरियंस 3 साल एज लिमिट : असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट : 27 – 45 साल डिप्टी मैनेजर (CA) और डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) : 25 – 35 साल सिलेक्शन प्रोसेस : इंटरव्यू के बेसिस पर सैलरी : 64,820 – 50 लाख रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 750 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। नाम, पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म प्रिव्यू और सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. GAIL में 70 पदों पर निकली भर्ती गेल इंडिया लिमिटेड ने एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट gailonline.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (केमेस्ट्री) 17 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इंस्ट्रुमेंटेशन) 21 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इलेक्ट्रिकल) 16 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (मैकेनिकल) 16 कुल पदों की संख्या 70 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (केमेस्ट्री) : न्यूनतम 65% अंकों के साथ केमिकल, पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इंस्ट्रुमेंटेशन) : कम से कम 65% अंकों के साथ इंस्ट्रुमेंटेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स या संबंधित ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इलेक्ट्रिकल) : न्यूनतम 65% अंकों के साथ इलेक्ट्रिकल या संबंधित क्षेत्र में बीई। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (मैकेनिकल) : कम से कम 65% अंकों के साथ मैकेनिकल या संबंधित ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम 26 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी (NCL) : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी (OBC) : 13 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : GATE मार्क्स के बेसिस पर ग्रुप डिस्कशन इंटरव्यू सैलरी : 60,000 – 1,80,000 रुपए प्रति माह ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट gailonline.com पर जाएं। होम पेज पर करियर ऑप्शन पर क्लिक करें। अप्लाई नाउ लिंक पर क्लिक करें। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके आवेदन करें। डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें और प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. बैंक ऑफ बड़ौदा में 166 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 26 फरवरी बैंक ऑफ बड़ौदा ने मैनेजर सहित 166 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 26 फरवरी तय की गई है। उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सीनियर मैनेजर – MSME रिलेशनशिप 113 सीनियर मैनेजर – क्रेडिट एनालिस्ट 19 मैनेजर – क्रेडिट एनालिस्ट 34 कुल पदों की संख्या 166 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन, एमबीए/पीजीडीएम, सीए/सीएफए/सीएमए एज लिमिट : सीनियर मैनेजर : MSME रिलेशनशिप : 30-40 साल सीनियर मैनेजर : क्रेडिट एनालिस्ट : 29-37 साल मैनेजर : क्रेडिट एनालिस्ट : 25-34 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूडी : 10 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइकोमेट्रिक टेस्ट इंटरव्यू फीस : सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 850 (जीएसटी सहित) + पेमेंट गेटवे फीस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, पूर्व सैनिक/देशवासी महिलाएं 175 (जीएसटी सहित) + पेमेंट गेटवे फीस सैलरी : एमएमजी/एस-II (मैनेजर) : 64,820 – 93,960 रुपए प्रतिमाह एमएमजी/एस-III (सीनियर मैनेजर) : 85,920 – 1,05,280 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : ड्यूरेशन : 150 मिनट सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या

Salman Khan Father Condition Improves

Salman Khan Father Condition Improves

46 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की सेहत को लेकर एक्ट्रेस डेजी शाह ने बताया कि उनकी हालत में सुधार है। फिल्म जय हो में सलमान खान की को-स्टार डेजी शाह ने फिल्मीज्ञान से बातचीत में कहा, “मैं सलीम सर से मिल नहीं पाई, लेकिन सलमान सर और उनके परिवार के संपर्क में हूं। सलीम सर अब ठीक हैं। उनकी हालत स्थिर है। सर्जरी सफल रही। वह फिलहाल ऑब्जर्वेशन में हैं और खतरे से बाहर हैं।” डेजी शाह ने बॉलीवुड में लीड एक्ट्रेस के तौर पर सलमान स्टारर फिल्म जय हो (2014) से डेब्यू किया था और बाद में उनके साथ रेस 3 (2018) में भी नजर आईं। बता दें कि 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, इससे पहले, अमर उजाला से बातचीत में एक्टर और सलमान खान के करीबी संतोष शुक्ला ने भी बताया था कि सलीम खान की सेहत में सुधार है और वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। संतोष शुक्ला ने सलमान खान की फिल्मों ‘जय हो’ और ‘दबंग 3’ में भी काम किया। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। डॉ. जलील पार्कर मुंबई में एक जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट यानी सांस की बीमारी के स्पेशलिस्ट हैं, जो लीलावती हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर से जुड़े हैं। वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…