Wednesday, 08 Apr 2026 | 07:41 PM

Trending :

तीन बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:एक की हालत गंभीर, दो को आईं मामूली चोटें आपके चेहरे पर भी लालपन? गोरेपन की चाह में खराब हो रही किडनी, कानपुर में ये कैसी आफत प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge अमृतसर के हरिमंदिर साहिब पहुंचे ईरानी प्रतिनिधि:​दिल्ली में खामेनेई की याद में आयोजित कार्यक्रम के लिए SGPCअध्यक्ष व जत्थेदार को दिया निमंत्रण, अमेरिका को 11वें दिन हमले की चेतावनी साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार
EXCLUSIVE

बेटी के जन्म को याद कर इमोशनल हुईं प्रियंका:बताया – जल्दबाजी में करनी पड़ी मालती के जन्म की घोषणा, कठिन समय में मंत्र बने सहारा

बेटी के जन्म को याद कर इमोशनल हुईं प्रियंका:बताया – जल्दबाजी में करनी पड़ी मालती के जन्म की घोषणा, कठिन समय में मंत्र बने सहारा

प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में सरोगेसी से जन्मी बेटी मालती मैरी के समय से पहले जन्म के समय को याद कर इमोनल हो गई। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि वह दौर उनके लिए निजी तौर पर बेहद मुश्किल और ट्रॉमेटिक था। उसी समय उन्हें एक मैसेज मिला कि मीडिया में बच्ची के जन्म की खबर आने वाली है। प्रियंका ने बताया कि वे सही समय पर खुद यह खबर शेयर करना चाहते थे, लेकिन लीक के कारण उन्हें जल्दी में पब्लिक अनाउंसमेंट करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस वक्त वे तैयार नहीं थे, क्योंकि बच्ची की सेहत को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 27 हफ्ते में पैदा हुई थी और 100 दिनों से अधिक समय तक एनआईसीयू में रही। उस कठिन समय के दौरान मेंटल सपोर्ट के लिए उन्होंने बच्ची के पास धीमी आवाज में महामृत्युंजय मंत्र जैसे मंत्र चलाए थे। प्रियंका ने बताया कि जन्म के वक्त बच्ची की हालत नाजुक थी। एक्ट्रेस ने कहा, “वह पर्पल (रंग) दिख रही थी।” यह समय एक्ट्रेस और उनकी पति के निक जोनस के लिए काफी कठिन रहा। उन्होंने माना कि यह उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक था। यह समय कोविड-19 महामारी के दौरान था, इसलिए अस्पताल में नियम सख्त थे। शुरुआत में मिलने की अनुमति सीमित थी। प्रियंका ने बताया कि बच्ची बहुत छोटी थी। मेडिकल प्रोसीजर के दौरान नर्सों को खास सावधानी रखनी पड़ती थी। एक्ट्रेस ने कहा कि शुरुआती घंटों में वह सुन्न महसूस कर रही थीं। सरोगेट की रिकवरी ठीक रही, लेकिन वह खुद स्थिति को समझने की कोशिश कर रही थीं। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि कई लोग बच्ची के लिए दुआ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालती का इस दुनिया में आना आसान नहीं था। इलाज के दौरान बच्ची को कई मेडिकल सपोर्ट देने पड़े और छह ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी हुए। एनआईसीयू में मंत्र क्यों चलाए? एनआईसीयू में रहने के दौरान प्रियंका और निक जोनस ने शिफ्ट्स में समय बिताया। दोनों कोशिश करते थे कि बच्ची अकेली न रहे। निक जोनस कभी-कभी गिटार पर गाने गाते थे। प्रियंका ने बच्ची के पास एक आईपॉड रखा। उसमें महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ओम नमः शिवाय जैसे मंत्र धीरे आवाज में चलते थे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मेंटल सपोर्ट मिला। इससे ध्यान और बैलेंस मेंटेन करने में मदद मिली। प्रियंका ने बताया कि शुरुआत में अस्पताल में एक समय पर एक ही व्यक्ति को मिलने की अनुमति थी। उन्होंने बच्ची की पहली आवाज को बहुत हल्का बताया। उन्होंने कहा, “आवाज बिल्ली जैसी धीमी थी।” डॉक्टरों ने कई मेडिकल सपोर्ट दिए। बच्ची को ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी लगे। इस दौरान दोनों ने अपने प्रोफेशनल वर्क रोक दिए। वे अस्पताल में बच्ची के साथ रहे। प्रियंका ने कहा कि उन्होंने खुद को मजबूत रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मुझे डरने या टूटने का विकल्प नहीं था। मुझे मां के रूप में मौजूद रहना था।” वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म ‘द ब्लफ’ का प्रमोशन कर रही हैं। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर 25 फरवरी को रिलीज हुई।

Kerala High Court Stays The Kerala Story 2 Release

Kerala High Court Stays The Kerala Story 2 Release

तिरुवनंतपुरम4 मिनट पहले कॉपी लिंक केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर उठे सवालों के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को दोबारा फिल्म का रिव्यू करने का निर्देश दिया। फिल्म शुक्रवार यानी 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि फिल्म का नाम और कहानी केरल की छवि खराब कर सकती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फिल्म में जबरन धर्म परिवर्तन और आतंकवाद जैसे मुद्दे दिखाए गए हैं। इससे पूरे केरल के बारे में गलत संदेश जा सकता है और लोगों की भावनाएं भड़क सकती हैं। कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि वह फिल्म देखकर फैसला करेगा, लेकिन निर्माता ने फिल्म दिखाने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि केरल में आपसी सद्भाव है, लेकिन फिल्म में ऐसा दिखाया गया है जैसे ऐसी घटनाएं पूरे राज्य में हो रही हों। फिल्म द केरल स्टोरी 2 में मुख्य भूमिकाओं में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा नजर आएंगी। सेंसर बोर्ड बोला- हमने टीजर को पास नहीं किया था फिल्म निर्माता के वकील ने कहा कि यह मामला जनहित याचिका जैसा है और याचिकाकर्ताओं ने अपना व्यक्तिगत नुकसान नहीं बताया है। याचिकाकर्ताओं ने जवाब दिया कि अगर कई लोगों को एक जैसी चिंता है तो उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। टीजर को लेकर भी बहस हुई। सेंसर बोर्ड ने कहा कि उसने टीजर या ट्रेलर को पास नहीं किया है, इसलिए सोशल मीडिया पर डाले गए कंटेंट के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। प्रोड्यूसर ने टाइटल में बदलाव से इनकार किया था प्रोड्यूसर विपुल शाह ने बुधवार को सुनवाई के दौरान फिल्म के टाइटल में बदलाव करने का भी विरोध किया था। उनका कहना था कि फिल्म में तीन राज्यों की कहानियां दिखाई गई हैं, जिनमें केरल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि फिल्म के टाइटल में जो “Goes Beyond” लिखा है, उसका मतलब ही यही है कि कहानी सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे आगे की घटनाओं को भी दिखाती है। प्रोड्यूसर ने टाइटल का बचाव करते हुए कहा कि फिल्म केरल को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाती है। तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिन्हें तीन अलग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और CBFC के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी। क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2 फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया था, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है। केरल स्टोरी-2 के टीजर के कुछ दृश्य। – यू-ट्यूब ट्रेलर जारी होने के बाद केरल के कई लोगों ने फिल्म रिलीज के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाए कि फिल्म राज्य की छवि बिगाड़ने वाली है। ………………… द केरल स्टोरी 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर हुआ रिलीज:तीन राज्यों की तीन कहानियां और प्यार के नाम पर धर्मांतरण; 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बुखार में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से करना चाहिए परहेज? सही डाइट से जल्द होगी रिकवरी

authorimg

What To Eat and Avoid in Fever: जब हमारे शरीर में किसी तरह का इंफेक्शन हो जाए, तो बुखार आने लगता है. दरअसल शरीर इंफेक्शन फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए अपना तापमान बढ़ाता है, जिससे लोगों को बुखार महसूस होने लगता है. बुखार के कारण लोगों को कमजोरी, भूख न लगना, सिरदर्द और बदन दर्द जैसी समस्याएं होती हैं. ऐसे समय में सही खानपान बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि सही डाइट रिकवरी में मदद करती है. इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और पाचन तंत्र पर अत्यधिक दबाव भी नहीं पड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार बुखार में दवाओं के साथ हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक खाना लेना चाहिए, ताकि शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत मिल सके. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि बुखार में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है. तेज बुखार में पसीना ज्यादा आता है, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है. इसलिए नारियल पानी, सादा पानी, नींबू पानी, छाछ, सूप और ओआरएस जैसे तरल पदार्थ फायदेमंद होते हैं. सब्जियों का गर्मागर्म सूप या दाल का पतला सूप शरीर को एनर्जी देने के साथ पाचन में भी आसान होता है. पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और कमजोरी भी कम महसूस होती है. बुखार से रिकवरी के लिए पर्याप्त पानी और फ्लूड लेना बहुत जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि खाने की बात करें, तो बुखार में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना लेना चाहिए. खिचड़ी, दलिया, उबले चावल, दाल, उबली सब्जियां और टोस्ट जैसे विकल्प बेहतर रहते हैं. इनमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की संतुलित मात्रा होती है, जो शरीर को एनर्जी देती है. अगर बुखार की वजह से भूख कम लग रही हो, तो थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार खाना बेहतर होता है. इसके अलावा फल जैसे सेब, केला, पपीता और मौसमी भी शरीर को विटामिन और मिनरल्स प्रदान करते हैं. फीवर से निजात पाने के लिए प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना भी जरूरी है, क्योंकि प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है. दाल, मूंग की खिचड़ी, दही, उबले अंडे या पनीर का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी या उल्टी की समस्या बढ़ सकती है. लोगों को इन चीजों से परहेज करना चाहिए. बुखार के दौरान जंक फूड, तली-भुनी चीजें, ज्यादा मसालेदार खाना, कोल्ड ड्रिंक्स, चाय-कॉफी और कैफीन वाली चीजों से परहेज करना चाहिए. ये चीजें शरीर में सूजन बढ़ा सकती हैं और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ाती हैं.

WhatsApp SIM Binding Deadline August 2026

WhatsApp SIM Binding Deadline August 2026

4 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि ‘सिम बाइंडिंग’ के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत फोन में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉग-आउट हो जाएगा। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? 1. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। 2. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। 3. मार्च के बाद यूजर्स को क्या करना होगा? यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर सकता है। 4. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉग-आउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा जो काम के लिए वॉट्सएप वेब पर निर्भर हैं। साथ ही उन परिवारों को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। 5. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक ​​कंपनियों को ​120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस ‘स्टारलिंक’ के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी “हेल्दी कैश फ्लो” जेनरेट कर रही है। नॉलेज पार्ट: क्या है सिम बाइंडिंग? सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ ‘लॉक’ कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बैतूल में पुलिया निर्माण से परेशान छात्रों का चक्काजाम:2 महीने से रास्ता बंद, डायवर्शन न होने से हो रही परेशानी, अफसरों ने दी समझाइश

बैतूल में पुलिया निर्माण से परेशान छात्रों का चक्काजाम:2 महीने से रास्ता बंद, डायवर्शन न होने से हो रही परेशानी, अफसरों ने दी समझाइश

बैतूल शहर के जेएच कॉलेज चौक पर निर्माणाधीन पुलिया को लेकर गुरुवार को छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिया निर्माण के कारण पिछले दो माह से कॉलेज की मुख्य सड़क बंद है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी असुविधा के चलते छात्रों ने दोपहर में कॉलेज चौक पर चक्काजाम कर दिया, जिससे लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। डायवर्शन न होने से परेशानी छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिया निर्माण स्थल पर ठेकेदार और नगर पालिका द्वारा सुरक्षित डायवर्शन रोड की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण परीक्षा देने और कॉलेज पहुंचने वाले छात्र-छात्राएं रोजाना देरी से पहुंच रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि पुलिया निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है, जिससे असुविधा लगातार बढ़ती जा रही है। मौके पर पहुंचे टीआई को छात्रों ने एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कॉलेज चौक पर निर्माणाधीन पुलिया में अनियमितताएं हो रही हैं। छात्रों के अनुसार, यहां साधारण पाइप पुलिया पर्याप्त होती, लेकिन जानबूझकर बॉक्स पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये के शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका है। ठेकेदार से छात्रों की कहासुनी ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सांसद/विधायक निधि से स्थापित बस स्टॉप को बिना किसी वैधानिक आदेश या अनुमति के हटा दिया गया है। छात्रों ने इसे शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में रखा। प्रदर्शन के दौरान पुलिया निर्माण करवा रहे ठेकेदार और छात्र नेताओं के बीच कहासुनी भी हुई, जिसे पुलिस ने बीच-बचाव कर शांत कराया। बाद में मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस ने पास से डायवर्शन निकालकर यातायात सुचारू कराया और छात्रों को समझाइश देकर जाम खत्म करवाया। छात्रों ने मांग की है कि पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी और वित्तीय जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, आवागमन के लिए सुरक्षित डायवर्शन रोड तुरंत बनाई जाए।

भारत-जिम्बाब्वे मैच से पहले अमेरिका से आया ड्यू क्योर केमिकल:इसके स्प्रे से ओस का असर कम होगा, आज चेन्नई में होगा मैच

भारत-जिम्बाब्वे मैच से पहले अमेरिका से आया ड्यू क्योर केमिकल:इसके स्प्रे से ओस का असर कम होगा, आज चेन्नई में होगा मैच

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आज ओस (ड्यू) को बड़ा फैक्टर बनने से रोकने के लिए खास तैयारी की गई है। आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, रात के समय मैदान पर काफी ओस पड़ेगी। जिससे ऐसे हालात में बैटिंग आसान और बॉलिंग उतनी ही मुश्किल हो जाती है। ऐसे में मैच को बराबरी पर लाने के लिए इम्पोर्टेड केमिकल इस्तेमाल किया जाएगा। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चेपॉक स्टेडियम में ओस का प्रभाव कम करने के लिए ‘ड्यू क्योर’ नाम का एक इम्पोर्टेड केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे अमेरिका से मंगाया गया है। चेन्नई में बढ़ते तापमान से ओस की चिंता अब तक खेले गए शाम के मुकाबलों में ओस बहुत बड़ा कारण नहीं बनी है, लेकिन इस सप्ताह चेन्नई में तापमान बढ़ने के कारण ओस चिंता का विषय बन सकती है। आज मैच के दौरान ह्यूमिडिटी लेवल 80 से 90 परसेंट के बीच रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि दूसरी पारी के दौरान आउटफील्ड पर ओस का असर देखने को मिलेगा। मेजर लीग बेसबॅाल के मैदानों में इस्तेमाल होता है रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि मंगलवार और बुधवार को ग्राउंड पर ‘ड्यू क्योर’ स्प्रे किया गया था, और आज दोपहर को भी इसे स्प्रे किया जाएगा। जिससे भारत और जिम्बाब्वे के बीच रात के मैच के दौरान ओस का असर कम हो सके। यह केमिकल मेजर लीग बेसबॅाल के मैदानों में इस्तेमाल होता है। IPL में भी हो सकता है इस्तेमाल संभावना है कि BCCI इस तरीके का उपयोग सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में भी कर सकता है। IPL 2026 में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि हाल के साल में ओस ने टी-20 मैचों के नतीजों पर बड़ा असर डाला है। पिच रिपोर्ट और रिकॉर्ड चेपॉक की पिच धीमी और स्पिनर्स को मदद करने वाली होती है, लेकिन इस बार फ्रेश पिच तैयार की गई है। इस बार अच्छा बाउंस देखने को मिल रहा है। ऐसे में यहां रन भी बन रहे हैं। इस वर्ल्ड कप में यहां अब तक 6 मैच खेले गए और सभी में 170+ स्कोर बना है। यहां अब तक 9 टी-20 खेले गए। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 4 और चेज करने वाली टीम ने 5 मैच जीते हैं। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 200/4 है, जो अफगानिस्तान ने इसी वर्ल्ड कप में कनाडा के खिलाफ बनाया था। यहां पहली पारी का एवरेज स्कोर 182 है। भारतीय टीम ने इस मैदान पर अब तक 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें से 2 में जीत दर्ज की है, जबकि 1 मैच में उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं, जिम्बाब्वे पहली बार यहां खेलेगी। गुरुवार को चेन्नई में मौसम अच्छा रहेगा। आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा। 32 डिग्री सेल्शियस अधिकतम और 24 डिग्री सेल्शियस न्यूनतम तापमान रहने की संभावना है। बारिश नहीं होगी। —————————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विजक्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सुपर-8 में आज भारत के सामने जिम्बाब्वे:हारने वाली टीम बाहर होगी, टीम इंडिया को वेस्टइंडीज की हार का भी इंतजार टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का 8वां मैच आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7 बजे से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू होगा। टॉस शाम 6.30 बजे होना है। दोनों ही टीमों के लिए करो या मरो का मुकाबला है। हारने वाली टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी। जीतने वाली टीम के पास चांस बना रहेगा। जीतने वाली टीम को वेस्टइंडीज की हार का इंतजार भी है, अगर विंडीज आज का पहला मैच जीत गई तो रात का मैच जीतकर भी टीम की राह मुश्किल ही रहेगी। सुपर-8 स्टेज में दोनों ही टीमों की शुरुआत खराब रही। भारत को साउथ अफ्रीका ने 76 रन से हराया। वहीं जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज ने 107 रन से हरा दिया। पूरी खबर

भारत-जिम्बाब्वे मैच से पहले अमेरिका से आया ड्यू क्योर केमिकल:इसके स्प्रे से ओस का असर कम होगा, आज चेन्नई में होगा मैच

भारत-जिम्बाब्वे मैच से पहले अमेरिका से आया ड्यू क्योर केमिकल:इसके स्प्रे से ओस का असर कम होगा, आज चेन्नई में होगा मैच

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आज ओस (ड्यू) को बड़ा फैक्टर बनने से रोकने के लिए खास तैयारी की गई है। आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, रात के समय मैदान पर काफी ओस पड़ेगी। जिससे ऐसे हालात में बैटिंग आसान और बॉलिंग उतनी ही मुश्किल हो जाती है। ऐसे में मैच को बराबरी पर लाने के लिए इम्पोर्टेड केमिकल इस्तेमाल किया जाएगा। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चेपॉक स्टेडियम में ओस का प्रभाव कम करने के लिए ‘ड्यू क्योर’ नाम का एक इम्पोर्टेड केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे अमेरिका से मंगाया गया है। चेन्नई में बढ़ते तापमान से ओस की चिंता अब तक खेले गए शाम के मुकाबलों में ओस बहुत बड़ा कारण नहीं बनी है, लेकिन इस सप्ताह चेन्नई में तापमान बढ़ने के कारण ओस चिंता का विषय बन सकती है। आज मैच के दौरान ह्यूमिडिटी लेवल 80 से 90 परसेंट के बीच रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि दूसरी पारी के दौरान आउटफील्ड पर ओस का असर देखने को मिलेगा। मेजर लीग बेसबॅाल के मैदानों में इस्तेमाल होता है रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि मंगलवार और बुधवार को ग्राउंड पर ‘ड्यू क्योर’ स्प्रे किया गया था, और आज दोपहर को भी इसे स्प्रे किया जाएगा। जिससे भारत और जिम्बाब्वे के बीच रात के मैच के दौरान ओस का असर कम हो सके। यह केमिकल मेजर लीग बेसबॅाल के मैदानों में इस्तेमाल होता है। IPL में भी हो सकता है इस्तेमाल संभावना है कि BCCI इस तरीके का उपयोग सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में भी कर सकता है। IPL 2026 में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि हाल के साल में ओस ने टी-20 मैचों के नतीजों पर बड़ा असर डाला है। पिच रिपोर्ट और रिकॉर्ड चेपॉक की पिच धीमी और स्पिनर्स को मदद करने वाली होती है, लेकिन इस बार फ्रेश पिच तैयार की गई है। इस बार अच्छा बाउंस देखने को मिल रहा है। ऐसे में यहां रन भी बन रहे हैं। इस वर्ल्ड कप में यहां अब तक 6 मैच खेले गए और सभी में 170+ स्कोर बना है। यहां अब तक 9 टी-20 खेले गए। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 4 और चेज करने वाली टीम ने 5 मैच जीते हैं। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 200/4 है, जो अफगानिस्तान ने इसी वर्ल्ड कप में कनाडा के खिलाफ बनाया था। यहां पहली पारी का एवरेज स्कोर 182 है। भारतीय टीम ने इस मैदान पर अब तक 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें से 2 में जीत दर्ज की है, जबकि 1 मैच में उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं, जिम्बाब्वे पहली बार यहां खेलेगी। गुरुवार को चेन्नई में मौसम अच्छा रहेगा। आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा। 32 डिग्री सेल्शियस अधिकतम और 24 डिग्री सेल्शियस न्यूनतम तापमान रहने की संभावना है। बारिश नहीं होगी। —————————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विजक्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सुपर-8 में आज भारत के सामने जिम्बाब्वे:हारने वाली टीम बाहर होगी, टीम इंडिया को वेस्टइंडीज की हार का भी इंतजार टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का 8वां मैच आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7 बजे से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू होगा। टॉस शाम 6.30 बजे होना है। दोनों ही टीमों के लिए करो या मरो का मुकाबला है। हारने वाली टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी। जीतने वाली टीम के पास चांस बना रहेगा। जीतने वाली टीम को वेस्टइंडीज की हार का इंतजार भी है, अगर विंडीज आज का पहला मैच जीत गई तो रात का मैच जीतकर भी टीम की राह मुश्किल ही रहेगी। सुपर-8 स्टेज में दोनों ही टीमों की शुरुआत खराब रही। भारत को साउथ अफ्रीका ने 76 रन से हराया। वहीं जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज ने 107 रन से हरा दिया। पूरी खबर

हल्दी दूध हैं पीते, तो इसमें मिलाएं ये छोटी सी चीज और फिर देखिए कैसे दौड़ती है नसों में ताकत

authorimg

Last Updated:February 26, 2026, 14:18 IST लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह शरीर की सूजन कम करने, जोड़ों के दर्द में राहत देने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है.  ऋषिकेश: हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में पीढ़ियों से एक प्राकृतिक औषधि की तरह इस्तेमाल होता आया है. सर्दी-जुकाम से लेकर शरीर के दर्द और कमजोर इम्यूनिटी तक, हर छोटी-बड़ी परेशानी में इसे फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में इसे गोल्डन मिल्क भी कहा जाता है. लेकिन अक्सर लोग इसे सही तरीके से नहीं बनाते. यही कारण है कि नियमित सेवन के बाद भी उन्हें वह पूरा लाभ नहीं मिल पाता जिसकी उम्मीद होती है. दरअसल हल्दी में मौजूद मुख्य तत्व करक्यूमिन शरीर के लिए बेहद उपयोगी है, पर यह अकेले सही तरह से डिजॉल्व नहीं हो पाता. गर्म दूध के साथ हल्दी के फायदे लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह शरीर की सूजन कम करने, जोड़ों के दर्द में राहत देने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है. जब इसे गर्म दूध के साथ लिया जाता है, तो इसके गुण और भी प्रभावी हो जाते हैं. दूध में मौजूद हेल्दी फैट करक्यूमिन को घुलने में मदद करता है, क्योंकि करक्यूमिन फैट सॉल्यूबल तत्व है. लेकिन सिर्फ दूध और हल्दी मिलाकर पी लेना ही पर्याप्त नहीं है. कैसे बढ़ाएं गुण आयुर्वेद के अनुसार हल्दी का असली फायदा तभी मिलता है जब उसमें चुटकी भर काली मिर्च या फिर घी मिलाई जाए. काली मिर्च में पिपरीन नामक तत्व पाया जाता है. यह पिपरीन करक्यूमिन के अवशोषण को कई गुना बढ़ा देता है. शोध बताते हैं कि बिना काली मिर्च के शरीर करक्यूमिन का बहुत कम हिस्सा ही उपयोग कर पाता है. लेकिन जब हल्दी और काली मिर्च साथ में ली जाती हैं तो इसका असर 20 गुना तक बढ़ सकता है. यही छोटी सी गलती अधिकतर लोग कर देते हैं. हल्दी दूध में मिलाएं काली मिर्च  अगर आप रोज रात में हल्दी दूध पीते हैं, लेकिन उसमें काली मिर्च नहीं डालते, तो आप उसके पूर्ण लाभ से वंचित रह सकते हैं. एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी ताजी पिसी काली मिर्च मिलाना पर्याप्त होता है. स्वाद को बेहतर बनाने के लिए चाहें तो थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं, लेकिन शहद को कभी भी उबलते दूध में न डालें. दूध थोड़ा ठंडा होने पर ही मिलाएं. सर्दी-जुकाम में राहत और इम्यूनिटी मजबूत हल्दी और काली मिर्च का यह संयोजन इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ सर्दी-जुकाम में राहत देता है. यह शरीर की अंदरूनी सूजन कम करता है और डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है. जिन लोगों को जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में जकड़न की समस्या रहती है, उनके लिए यह खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा यह त्वचा की चमक बढ़ाने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद कर सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : February 26, 2026, 14:16 IST

फिटनेस के चक्कर में न कर बैठें गलती! अचानक भारी वजन उठाना कितना खतरनाक? जानिए सब कुछ

authorimg

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में युवाओं के बीच जिम का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. बदलती लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम को बेहतर विकल्प मान रहे हैं. सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोग अब अपनी सेहत को लेकर सजग हो गए हैं. ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. अचानक हैवी वेट उठाना हो सकता है खतरनाकआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक और फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. आशीष मित्तल के अनुसार, जिम में शुरुआत करते समय अचानक भारी वजन उठाना खतरनाक साबित हो सकता है. ज्यादा वजन उठाने से जोड़ों (जॉइंट्स) में समस्या हो सकती है, जो लंबे समय तक परेशानी का कारण बनती है. उन्होंने सलाह दी कि एक्सरसाइज हमेशा जिम ट्रेनर के निर्देशानुसार ही करनी चाहिए. शुरुआत में हल्के वजन से अभ्यास करें और धीरे-धीरे शरीर की क्षमता के अनुसार वजन बढ़ाएं. बिना ट्रेनिंग और निगरानी के हैवी वर्कआउट करना जोखिम भरा हो सकता है. ज्यादा एक्सरसाइज भी बन सकती है समस्याडॉ. मित्तल ने बताया कि कई लोग कम समय में जल्दी रिजल्ट पाने के लिए जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज कर लेते हैं. इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए ट्रेनर की सलाह के अनुसार ही वर्कआउट करना चाहिए. हैवी वेट उठाते समय ट्रेनर की मदद जरूर लें, ताकि किसी तरह की चोट से बचा जा सके. जिम के साथ हेल्दी डाइट भी जरूरीफिटनेस सिर्फ एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि सही खानपान से भी जुड़ी है. डॉ. आशीष मित्तल के अनुसार, जिम करने वालों को देशी और हेल्दी प्रोटीन युक्त भोजन अपनाना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि डाइट में अंडा, दाल, स्प्राउट्स, दूध, दही, हरी सब्जियां और खासकर पालक को शामिल करें. बाजार के सप्लीमेंट्स या प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स की बजाय घर का बना भोजन ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है. घर पर भी बना सकते हैं हेल्दी प्रोटीन शेकएक्सपर्ट के मुताबिक, घर पर ही पौष्टिक प्रोटीन शेक तैयार किया जा सकता है. इसके लिए बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स का पाउडर बनाकर दूध में मिलाकर पी सकते हैं. यह शरीर को प्राकृतिक रूप से प्रोटीन और ऊर्जा प्रदान करता है. जिम क्यों बन रहा है पहली पसंद?बदलते दौर में जहां पार्क या खुले मैदान की सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं है, वहां जिम एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है. एक ही स्थान पर सभी तरह की एक्सरसाइज की सुविधा मिलने से लोग जिम को प्राथमिकता दे रहे हैं. हालांकि, फिट रहने के लिए जिम अच्छा विकल्प है, लेकिन सही तरीके और संतुलित डाइट के साथ ही इसका पूरा लाभ लिया जा सकता है.

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत का वादा किया, कहा- हर घुसपैठिये को बाहर निकालेंगे राजनीति समाचार

West Indies vs South Africa Live Cricket Score: Follow WI-SA T20 World Cup 2026 Super 8 match from Ahmedabad. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 13:58 IST अमित शाह ने सुरक्षा और जनसांख्यिकीय चिंताओं का हवाला देते हुए कसम खाई कि भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव जीतेगी और बिहार के सीमांचल से घुसपैठियों को हटाने का वादा किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (एएनआई) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव जीतेगी, और कहा कि सत्ता में आने पर पार्टी राज्य से “हर एक घुसपैठिये को बाहर निकालेगी”। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे बिहार के सीमांचल क्षेत्र के अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल के एक समारोह को संबोधित करते हुए। समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि बीजेपी जीतेगी। नई सरकार बनने पर हम हर एक घुसपैठिये को बाहर निकालेंगे।” केंद्रीय मंत्री ने घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और आरोप लगाया कि इससे प्रभावित क्षेत्रों का जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि घुसपैठिये राशन और नागरिकों के लिए बनी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार, खासकर सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी. शाह ने जोर देकर कहा कि “घुसपैठियों से मुक्ति का मतलब सिर्फ मतदाता सूची से उनके नाम हटाना नहीं है,” उन्होंने कहा कि सरकार “भारतीय धरती से हर एक घुसपैठिए को हटाने” के लिए एक कार्यक्रम लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। #घड़ी | अररिया, बिहार | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं, “…घुसपैठियों से मुक्ति का मतलब सिर्फ मतदाता सूची से उनका नाम हटाना नहीं है। हम भारत की धरती से हर एक घुसपैठिए को बाहर करने के लिए एक कार्यक्रम लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं…नरेंद्र मोदी सरकार… pic.twitter.com/glbvRo1QTk– एएनआई (@ANI) 26 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “बिहार में घुसपैठियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी, खासकर सीमांचल क्षेत्र में। हमने इसी मुद्दे पर पिछले साल यहां विधानसभा चुनाव जीता था। और, विरोधियों के हमारे एजेंडे की आलोचना करने के बावजूद हमें जनादेश मिला।” शाह ने कहा, “बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम इस तरह की जनसांख्यिकीय गड़बड़ी के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। नरेंद्र मोदी सरकार जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” शाह ने स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को भी उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सावरकर को एक निडर देशभक्त बताया, जिनके लेखन ने राष्ट्रवादी भावना को प्रेरित किया और उन्हें 1857 के विद्रोह के विचार को भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के रूप में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया। शाह ने कहा, “चाहे वह अस्पृश्यता उन्मूलन हो, भाषाओं का शुद्धिकरण हो या शुद्ध राष्ट्रवाद की दृष्टि हो, वीर सावरकर ने इन सभी के लिए अपार प्रयास किए।” पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आने वाले महीनों में होने वाले हैं, जिसके चलते राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : अररिया, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 13:58 IST समाचार राजनीति अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत का वादा किया, कहा- हर घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें