DCGA-VSR Company Action | Thane Supporters Protest Ajit Pawar Plane Crash; Rohit, Yogendra Baramati

Hindi News National DCGA VSR Company Action | Thane Supporters Protest Ajit Pawar Plane Crash; Rohit, Yogendra Baramati बारामती5 मिनट पहले कॉपी लिंक अजित पवार के दोनों भतीजे विधायक रोहित पवार और योगेंद्र पवार ने पुलिस से मुलाकात की। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के दोनों भतीजे रोहित और योगेंद्र पवार गुरुवार सुबह बारामती पहुंचे। यहां दोनों ने बारामती ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचकर क्रैश मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट कंपनी VSR के खिलाफ एफआईआर की मांगी की। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP-SCP) के विधायक रोहित पवार ने थाने से बाहर आकर कहा- हमारी पुलिस के साथ 2 घंटे बातचीत हुई, पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है। उनका कहना है कि एक्सीडेंटल रिपोर्ट फाइल हुआ है। सीबीआई और सीआईडी मामले की जांच कर रही है। इसलिए हम एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते हैं। रोहित ने DGCA, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सीआईडी की भूमिका पर शक जताया। उन्होंने कहा VSR कंपनी को बचाने और सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है, पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है। VSR के 25 विमानों में से 5 को उड़ान भरने से रोकने वाले DGCA के सर्कुलर ने शक और बढ़ा दिया है। दरअसल, 28 जनवरी की सुबह VSR वेंचर्स का लियरजेट 45 (VT-SSK) बारामती के पास क्रैश हो गया था। हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद DGCA ने कंपनी का स्पेशल सेफ्टी ऑडिट कराया था। बारामती ग्रामीण पुलिस थाने के बाहर मौजूद अजित पवार के समर्थक। संजय राउत बोले- महाराष्ट्र सरकार DGCA और VSR वेंचर्स को बचा रही गुरुवार को शिवसेना (उद्धव गुट) संजय राउत ने आरोप लगाया कि अजित पवार प्लेन क्रैश मामला दबाया जा रहा है। कई प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है। रोहित पवार की शिकायत के बावजूद मुंबई पुलिस ने FIR दर्ज क्यों नहीं की। राउत ने दावा किया कि मुंबई में DCP को विधानसभा (विधान भवन) से फोन आया था, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर का रवैया बदल गया। यह मामला दबाया जा रहा है। सरकार कुछ छिपा रही है। कई नेताओं ने VSR वेंचर्स में निवेश किया है और कुछ मौजूदा मंत्रियों के कंपनी से वित्तीय संबंध हैं, जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो रही है। मुंबई पुलिस ने FIR से इनकार किया 25 फरवरी को रोहित मुंबई में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में इसी मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि शुरुआत में अधिकारियों ने हमारी बात सुनी और एफआईआर दर्ज की प्रोसेस भी शुरू की। बाद में एडिशनल डीसीपी वहां पहुंचे और एफआईर से मना कर दिया। रोहित का आरोप- प्लेन क्रैश बड़ी साजिश, कई धमाके हुए थे रोहित पवार ने 21 फरवरी को अजित पवार के प्लेन क्रैश पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस में स्क्रीन पर डेटा और फोटो दिखाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स को लेकर शक जताया जा रहा था। उनके मुताबिक, दुर्घटना के समय सिर्फ एक धमाका नहीं हुआ था, बल्कि कई धमाके हुए थे। विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की। सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 18 फरवरी: रोहित बोले- एविएशन मिनिस्टर VSR के मालिकों के करीबी इससे पहले रोहित पवार ने सेंट्रल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू को पद से हटाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू VSR कंपनी को बचा रहे हैं। रोहित ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- जिस VSR कंपनी का लियरजेट विमान 28 जनवरी को बारामती में क्रैश हुआ, उसे बचाने की कोशिश हो रही है। एविएशन मिनिस्टर नायडू और उनकी पार्टी (तेलुगु देशम पार्टी) के सीनियर लीडर कंपनी के मालिकों के करीबी हैं। रोहित पवार ने कहा कि VSR मालिक वीके सिंह के बेटे रोहित सिंह की शादी में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और आंध्र प्रदेश के कई TDP नेता शामिल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि कंपनी अब भी संचालन कर रही है और नेता उसके लियरजेट विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 19 फरवरी: अजित के बेटे ने हादसे पर सवाल उठाया महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार के बेटे जय पवार ने 18 फरवरी को इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था- VSR वेंचर्स के विमानों के उड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए। प्लेन क्रैश में ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं होते। महाराष्ट्र के लोगों को इस दिल दहला देने वाली त्रासदी का पूरा, पारदर्शी और बिना किसी शक के सच जानने का अधिकार है। VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस में गड़बड़ियों की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने एक इमोशनल मैसेज भी शेयर किया और लिखा- मिस यू डैड। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी: रोहित बोले- अजित पवार प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका NCP (SCP) विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि अजित पवार की मौत मामले में साजिश हुई है। रोहित पवार ने कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए, जो 28 जनवरी को हादसे वाले दिन अजित का विमान उड़ा रहे थे। वहीं, एविएशन पर नजर रखने वाली संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मंगलवारप को VSR वेंचर्स समेत नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेटर्स का स्पेशल सेफ्टी ऑडिट शुरू किया है। एजेंसी ने बताया कि ये ऑर्डर 2 फरवरी को दिया गया था जो कि 25 फरवरी तक है। पूरी खबर पढ़ें… लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। ………………… अजित पवार मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें NCP विधायक बोले-अजित पवार का राजीव गांधी जैसा मर्डर: पूछा-क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे? क्रैश के बाद महाराष्ट्र शांत कैसे नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने 23 फरवरी
मनी-लॉन्ड्रिंग केस में ED के सामने पेश हुए अनिल अंबानी:₹40 हजार करोड़ का बैंक कर्ज; ₹3,716 करोड़ का बंगला 'अबोड' कुर्क

रिलायंस ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी आज 26 फरवरी को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। अंबानी सुबह करीब 11 बजे जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड के डायवर्जन को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। मामला सरकारी बैंकों से उनकी कंपनियों को मिले लोन में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। सीबीआई की 2019 की FIR के आधार पर ED इस मामले की जांच कर रही है। एक दिन पहले ही जांच एजेंसी ने मुंबई के उनके 17 मंजिला घर ‘अबोड’ को कुर्क कर दिया था। सवालों के जवाब में समझें पूरा मामला… 1. अनिल अंबानी आज ED दफ्तर क्यों गए थे? अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए पहुंचे हैं। आरोप है कि उनकी कंपनियों ने बैंकों से लिए लोन का डायवर्जन किया और विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन किया। इससे पहले अगस्त 2025 में उनसे पूछताछ हुई थी। 2. RCOM और उनकी कंपनियों पर कुल कितना कर्ज है? ED के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देशी और विदेशी बैंकों से भारी कर्ज लिया था। वर्तमान में इन कंपनियों पर कुल बकाया ₹40,185 करोड़ है। 3. उनके मुंबई वाले घर ‘अबोड’ को कुर्क क्यों किया गया है? बैंकों से लिए गए कर्ज की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के कारण इस बंगले को अस्थाई तौर पर कुर्क किया गया है। ये घर मुंबई के पॉश पाली हिल इलाके में स्थित है। अनिल अंबानी के इस 17 मंजिला घर की कीमत ₹3,716 करोड़ बताई गई है। 4. ‘प्रोविजनल अटैचमेंट’ का क्या मतलब होता है? प्रोविजनल अटैचमेंट का मतलब है कि प्रॉपर्टी को कानूनी रूप से ‘फ्रीज’ कर दिया गया है ताकि आरोपी उसे बेचकर भाग न सके। जांच पूरी होने तक वे इस घर को किसी को ट्रांसफर भी नही कर सकते हैं। अगर कोर्ट में आरोप साबित हो जाते हैं, तब प्रॉपर्टी कब्जे में ले ली जा सकती है। 5. क्या इस घर का कुछ हिस्सा पहले भी कुर्क हुआ था? हां, नवंबर 2025 में इसी केस में ED ने इसी प्रॉपर्टी का एक हिस्सा कुर्क किया था, जिसकी कीमत ₹473.17 करोड़ थी। अब पूरी इमारत को इस कार्रवाई के दायरे में ले लिया गया है। 6. अब तक इस केस में कुल कितनी संपत्ति कुर्क की जा चुकी है? इस केस में कुर्क की गई कुल संपत्तियों की वैल्यू लगभग ₹15,700 करोड़ तक पहुंच गई है। ED प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई कर रही है। 7. अनिल अंबानी की मुश्किलें अचानक इतनी क्यों बढ़ गईं? सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, जांच एजेंसी ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। इसी वजह से जांच में अब तेजी आई है। 8. क्या मुकेश अंबानी का इस केस से कोई संबंध है? नहीं। अनिल अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के छोटे भाई हैं, लेकिन दोनों का बिजनेस साम्राज्य 20 साल पहले अलग हो चुका है। यह केस पूरी तरह से अनिल अंबानी के ग्रुप और उनकी कंपनियों के मैनेजमेंट से जुड़ा है। मुकेश अंबानी इसमें शामिल नहीं है। 9. आगे क्या हो सकता है? अनिल अंबानी के बयानों और कंपनी के दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। अगर गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो आने वाले समय में गिरफ्तारी या नई चार्जशीट दाखिल हो सकती है।
बाजरा मोमोज रेसिपी: मैदा नहीं, अब घर में बनाएं बाजरे के आटे मोमोज, सेहत को भी नहीं होगा नुकसान; बनाना भी बहुत आसान है

यहां लोग मैदा से बनी नेवी से दूरी बना रहे हैं और दस्तावेज विकल्प अपनाना चाहते हैं। ऐसे में अगर आपको मोमोज़ पसंद हैं, तो आप घर पर बाज़ार के टिकट से आसानी से मोमोज़ बना सकते हैं। ये मोमोज स्वाद में तो लाजवाब होते हैं, साथ ही सेहत के लिए भी काफी लाजवाब होते हैं। बाजरा, आयरन और आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है। तो जानिए क्या है बाजार के आटे से मोमोज़ बनाने की सबसे आसान विधि – बाजरे के मोमोज के फायदे क्या हैं? बाजरे के मोमोज के लिए आवश्यक सामग्री आटा गूंथने के लिए: सामग्री के लिए: बाजरे के मोमोज बनाने की आसान विधि अन्य खास टिप्स बाजरे के मोमोज़ स्वाद और सेहत के बेहतरीन मेल हैं। उदाहरण के तौर पर आप ब्रेकफ़ास्ट, बांसुरी या वैश्या रेस्तरां में भी खा सकते हैं। अगली बार जब मोमोज खाने का मन करे, तो मैदा ठीक कर लें यह क्लासिक रेसिपी जरूर ट्राई कर सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट) बाजरा मोमोज कैसे बनाएं(टी)मोमोज रेसिपी(टी)बाजरा मोमोज(टी)स्वस्थ आहार युक्तियाँ(टी)स्वस्थ मोमोज(टी)बाजरा मोमोज रेसिपी
Gold ₹1.59 Lakh10g, Silver ₹2.66 Lakhkg Today

Hindi News Business Gold ₹1.59 Lakh10g, Silver ₹2.66 Lakhkg Today | Gold Silver Price Hike नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में आज यानी 26 फरवरी को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 35 रुपए बढ़कर 1,59,043 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,59,008 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत आज 233 रुपए बढ़कर 2,65,650 रुपए पर पहुंच गई है। कल इसकी कीमत 2,65,417 रुपए किलो थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,59,043 22 ₹1,45,683 18 ₹1,19,282 14 ₹93,040 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,61,830 मुंबई ₹1,61,680 कोलकाता ₹1,61,680 चेन्नई ₹1,62,770 जयपुर ₹1,61,830 भोपाल ₹1,61,730 पटना ₹1,61,730 लखनऊ ₹1,61,830 रायपुर ₹1,61,680 अहमदाबाद ₹1,61,730 सोर्स: goodreturns 26 फरवरी, 2026) इस साल सोना 26,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 26,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 10 जनवरी 2026 ₹1,37,122 ₹2,42,808 20 जनवरी 2026 ₹1,47,409 ₹3,09,345 30 जनवरी 2026 ₹1,65,795 ₹3,39,350 10 फरवरी 2026 ₹1,56,255 ₹2,59,100 20 फरवरी 2026 ₹1,55,066 ₹2,50,314 26 फरवरी 2026 ₹1,59,043 ₹2,65,650 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 2025 में सोना ₹57 हजार (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1.33 लाख रुपए हो गया। चांदी इस दौरान ₹1.44 लाख (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86 हजार की थी, जो साल के आखिरी दिन ₹2.30 लाख प्रति किलो हो गई। 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
छतरपुर में सिलेंडर फटने से घर में आग:लाखों का सामान और कैश जला, खाना बनाते समय हादसा

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्राहा में बुधवार शाम एक मकान में सिलेंडर फटने से आग लग गई। इस घटना में घर का लाखों का सामान और नकदी जलकर राख हो गई। हालांकि, परिवार के सदस्यों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पीड़ित परिवार को करीब ढाई से तीन लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। यह घटना कुर्राहा निवासी सफीक खान के घर में शाम लगभग 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई। सफीक खान की पत्नी रसोई में खाना बना रही थीं, तभी अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। घर में मौजूद महिलाओं ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे मकान में आग फैल गई। दो लाख का नुकसान हुआ धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। आग की लपटों ने घर के अंदर रखे सभी सामान को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग दो लाख रुपए नकद, फ्रिज, टीवी, पलंग, गोदरेज अलमारी और दैनिक उपयोग का अन्य सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
अधिकतर इंजेक्शन नसों में ही क्यों लगाए जाते हैं? क्या इससे जल्दी असर होता है या कोई अन्य वजह, डॉक्टर से समझिए

Why IV Injections Work Faster: जब भी किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है, तो डॉक्टर दवाएं लेने की सलाह देते हैं. कुछ दवाएं गोली या कैप्सूल की फॉर्म में होती हैं, जबकि कुछ ड्रग्स इंजेक्शन के जरिए दिए जाते हैं. अक्सर आपने देखा होगा कि इमरजेंसी कंडीशन में जब मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जाता है, तब डॉक्टर सबसे पहले इंट्रावेनस (IV) ड्रिप लगा देते हैं. इसके जरिए मरीज को दवाएं, सलाइन और ग्लूकोज दिया जाता है. अधिकतर मरीजों का ट्रीटमेंट अब ओरल ड्रग्स के बजाय इंजेक्टिबल ड्रग्स के जरिए किया जा रहा है. यह तरीका इलाज में ज्यादा असरदार माना जा रहा है. आपने देखा होगा कि कई इंजेक्शन लोगों की नसों में लगाए जाते हैं, जबकि कुछ मसल्स में इंजेक्ट किए जाते हैं. डॉक्टर्स बताते हैं कि नसों में दिए जाने वाले इंजेक्शन को इंट्रावेनस (IV) इंजेक्शन कहा जाता है, जबकि मांसपेशियों में लगाए जाने वाले इंजेक्शन को इंट्रामस्क्युलर कहा जाता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि ज्यादातर इंजेक्शन नसों में ही क्यों लगाए जाते हैं? क्या इससे दवा जल्दी असर करती है या इसके पीछे कोई और मेडिकल कारण होता है? इन सभी सवालों के जवाब लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता से समझने की कोशिश करते हैं. नसों में इंजेक्शन लगाने की क्या है वजह? डॉक्टर लोकेंद्र ने News18 को बताया कि नसों में इंजेक्शन इसलिए लगाया जाता है, ताकि दवा का असर जल्दी हो सके. जब दवा सीधे नस के जरिए दी जाती है, तो वह तुरंत ब्लड स्ट्रीम में मिल जाती है और पूरे शरीर में तेजी से पहुंचती है. ओरल टेबलेट्स को पेट और लिवर से होकर गुजरना पड़ता है. इससे दवा का असर होने में काफी वक्त लगता है और कई बार असर कम भी हो जाता है. नस में इंजेक्ट की गई दवा इस पूरी प्रक्रिया को बायपास कर देती है. इससे इमरजेंसी कंडीशन जैसे- हार्ट अटैक, स्ट्रोक, एलर्जी रिएक्शन या गंभीर संक्रमण में जल्द असर दिखता है और मरीज की कंडीशन स्टेबल हो जाती है. एक्सपर्ट के अनुसार कुछ ओरल दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें खाने से उनका असर सही तरीके से नहीं होता है या पाचन तंत्र उन्हें सही से अवशोषित नहीं कर पाता है. कुछ एंटीबायोटिक्स, कीमोथेरेपी की दवाएं और सलाइन या ग्लूकोज जैसे फ्लूड सीधे नस में देने पड़ते हैं. इससे शरीर को जरूरी फ्लूड, इलेक्ट्रोलाइट्स या पोषक तत्व तेजी से मिलते हैं. डिहाइड्रेशन या खून की गंभीर कमी होन पर यह तरीका लाइफ सेविंग साबित हो सकता है. इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए यह तरीका सटीक है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. हर इंजेक्शन नस में क्यों नहीं लगाया जाता? डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि सभी इंजेक्शन नसों में नहीं लगाए जाते हैं. कुछ दवाएं मांसपेशियों में इंजेक्ट की जाती हैं, जिन्हें इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन कहा जाता है. कुछ इंजेक्शन स्किन के नीचे भी दी जाती हैं, जिन्हें सबक्यूटेनियस इंजेक्शन कहा जाता है. यह इस बात पर डिपेंड करता है कि दवा किस तरह की है और उसका असर कितनी तेजी से चाहिए और मरीज की कंडीशन क्या है. नस में इंजेक्शन लगाने के लिए प्रशिक्षित हेल्थ प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है, क्योंकि गलत तरीके से लगाने पर सूजन, संक्रमण या नस को नुकसान हो सकता है. गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से कंडीशन बिगड़ सकती है. डॉक्टर के अनुसार नसों में इंजेक्शन लगाने का उद्देश्य केवल तेजी से असर पाना ही नहीं, बल्कि दवा की सटीक डिलीवरी और बेहतर कंट्रोल भी है. कई बीमारियों में मसल्स में इंजेक्शन लगाना ज्यादा बेहतर होता है, जबकि कुछ परेशानियों में ओरल दवाएं ज्यादा असरदार होती हैं. डॉक्टर मरीज की हालत, दवा की प्रकृति और इलाज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ही यह निर्णय लेते हैं. इसलिए अगर आपको नस में इंजेक्शन दिया जाता है, तो यह समझिए कि यह चिकित्सकीय दृष्टि से सबसे उपयुक्त और प्रभावी तरीका चुना गया है.
'फैमिली एंटरटेनमेंट के लिए सही समय':एकता कपूर ने धुरंधर 2 और टॉक्सिक के तीन हफ्तों बाद ‘भूत बंगला’ रिलीज करने पर प्रतिक्रिया दी

प्रोड्यूसर एकता कपूर ने बुधवार को अपनी फिल्म भूत बंगला की रिलीज टाइमिंग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि फिल्म को ‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ के कुछ हफ्तों बाद शेड्यूल करना फैमिली एंटरटेनमेंट और छुट्टियों के समय को ध्यान में रखकर किया गया है। गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। अब फिल्म का दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज होगा, जो यश की फिल्म टॉक्सिक से बॉक्स ऑफिस पर क्लैश करेगा। वहीं, एकता कपूर की प्रोड्यूस की हुई फिल्म भूत बांग्ला 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर एकता ने कहा, “हमारी फिल्म के रिलीज तक ‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ अच्छा रन ले चुकी होंगी। उस समय कुछ स्कूलों के एग्जाम खत्म हो जाएंगे। हॉलिडे पीरियड भी रहेगा। मेरे बेटे के आईबी बोर्ड के एग्जाम मई में खत्म होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि फैमिलीज ऐसी फिल्में देखना पसंद करती हैं। हमारा मकसद अलग तरह का एंटरटेनमेंट लाना है। दर्शकों के लिए अलग-अलग तरह की फिल्में बननी चाहिए।” ‘भूत बंगला’ के साथ प्रियदर्शन और अक्षय कुमार 14 साल बाद फिर साथ काम कर रहे हैं। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर प्रेजेंट किया जा रहा है। एकता कपूर ने इस जोड़ी को “सोलमेट्स” कहा। उन्होंने बताया, “यह विंटेज प्रियदर्शन और अक्षय सर वाली फिल्म है। जब हमने स्क्रिप्ट लिखी और अक्षय सर को सुनाई, उन्हें कहानी पसंद आई। हमने उनसे कहा कि हम चाहते हैं कि प्रियदर्शन ही इसे डायरेक्ट करें। उन्होंने तुरंत हामी भर दी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद हम स्क्रिप्ट लेकर प्रियदर्शन सर के पास गए। उन्हें कहानी पसंद आई। उन्होंने कुछ बदलाव भी किए।” फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। इसमें एक्टर असरानी भी होंगे, जिनका अक्टूबर 2025 में निधन हुआ था। एकता कपूर ने कहा, “राजपाल यादव, असरानी, परेश रावल, तब्बू और अक्षय सर प्रियदर्शन के साथ मजबूत कॉम्बिनेशन हैं।” फ्रेंचाइजी के सवाल पर उन्होंने कहा, “फ्रेंचाइजी पहले से प्लान नहीं होती। अगर फिल्म चलती है, तो खुद फ्रेंचाइजी बन जाती है।”
Dandruff Kaise Htaye: बालों से डैंड्रफ हटाने के लिए करें ये 4 घरेलू नुस्खे, दिखेंगे आकर्षक

Dandruff Kaise Htaye: मौसमी मौसम में बालों में डैंड्रफ की समस्या आम हो गई है। यह न केवल आपके स्कैल्प में खुजली पैदा करता है, बल्कि आपके कपड़े को भी कम कर देता है, खासकर जब आप काले कपड़े और साधारण पर सफेद पापड़ी डालने लगते हैं। बाजार में मिलने वाले एंटी-डैंड्रफ शैंपू अक्सर केमिकल से भरपूर होते हैं, जो बालों को रूखा बना सकते हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खे सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित होते हैं। आइए जानते हैं बालों से डैंड्रफ निकालने के लिए घरेलू उपाय। बालों में डैंड्रफ फ़्लोरिडा का रस और नारियल का तेल लगाएं प्रयोगशाला में मौजूद साइट्रिक एसिड स्कैल्प के पीएच स्तर को वितरित किया जाता है, जबकि नारियल तेल बालों को पोषण और फार्मास्युटिकल प्रदान करता है।आप दो बड़े पैमाने पर गुनगुने नारियल तेल में एक बड़े पैमाने पर उपयोग का रस स्टॉक। इस मिश्रण से अपने स्कैल्प पर हाथ से मसाज करें। इसे 20-30 मिनट तक रखें और फिर किसी भी माइल्ड शैम्पू से धो लें। सप्ताह में दो बार इसका इस्तेमाल जादुई असर दिखाने वाला होता है। डैंड्रफ फ़्लोरिअम के लिए उत्पाद विवरण नीम और दही का हेयर मास्क नीम में एंटी-एकांत और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो डैंड्रफ पैदा करने वाले फंगस को खत्म करते हैं। वहीं, दही स्कैल्प को ठंडक देता है और प्राकृतिक रूप से बनाए रखने का काम करता है।आप भीरे भरिया नीमच का पेस्ट बना लें और इसे आधा दही कप में रख लें। इस मास्क में स्कैल्प और बालों पर अच्छी तरह से सजावट है। 30 मिनट बाद बालों को धो लें। यह तितली स्कैल्प की खुजली से तुरंत राहत देती है। डैंड्रफ फ़्लोरिडा सेब का सिरका के लिए स्कैल्प की डेड स्किन को हटाना और फंगस की ग्रोथ को रोकना सबसे बेहतरीन माना जाता है। आप में पानी और सेब का सिरका पर्याप्त मात्रा में है। बालों को धोने के बाद इस मिश्रण को स्कैल्प पर स्प्रे करें या धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीमे करें। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ें और फिर से पानी से धो लें। डेंड्रफ फ़्लोरिडा के लिए रिमोट प्लांट सोडा बेस्ट सोडा सबसे अच्छा एक्सफोलिएटर है, जो स्कैल्प से अतिरिक्त तेल और जमी हुई रुसी को साफ करता है।कच्चे बालों में एक लॉजिस्टिक सोडा स्ट्रेट स्कैल्प पर राँचें। इसे सिर्फ 1-2 मिनट और फिर पानी से धो लें। ध्यान रहे, इसके बाद तुरंत शैम्पू न करें। शुरुआती कुछ सामान्य में बाल साधारण रूखे लग सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी।
'फैमिली में कोई नेगेटिविटी नहीं है':हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार में तनाव की अफवाहों को किया खारिज

एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार में तनाव की चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए एक्ट्रेस और उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने कहा कि परिवार में किसी तरह की कोई नेगेटिविटी नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा, “पापा हैं ना। पापा के लिए हम सब कुछ करेंगे, चाहे ये बच्चे ईशा और अहाना हों या वो बच्चे सनी और बॉबी हों। सबको धरमजी से बहुत प्यार है और सब एक-दूसरे से भी बहुत प्यार करते हैं। परिवार में किसी तरह की कोई कड़वाहट नहीं है। जब धरमजी साथ हैं, तो नेगेटिविटी की कोई जगह ही नहीं है।” बता दें कि हाल ही में हेमा की दोनों बेटियां, ईशा और अहाना, सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 की स्क्रीनिंग पर पहुंचीं और तीनों ने साथ में तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। हालांकि, फिल्म की स्क्रीनिंग में हेमा मालिनी शामिल नहीं हुईं, जिस पर भी उन्होंने अब प्रतिक्रिया दी है। हेमा मालिनी ने इस पर कहा, “धरमजी हमेशा प्यार, हिम्मत और अच्छे संस्कार देने वाले रहे हैं। वही सब उन्होंने बच्चों को दिया है। मुझे भी बुलाया गया था, लेकिन मैं जा नहीं पाई। सब चाहते थे कि मैं आकर फिल्म देखूं। हम हर बात को पब्लिक में दिखाते नहीं हैं और दिखाएं भी क्यों? ये सब हमारे परिवार की बातें हैं। लोगों को समझना चाहिए, यूं इधर-उधर की बातें नहीं करनी चाहिए। हम सब ठीक हैं और इस कमी को मिलकर संभाल लेंगे।” BAFTA अवॉर्ड्स सेरेमनी में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई बता दें कि 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का निधन हुआ था। पिछले रविवार लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेक्शन में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई। इस साल इस सेक्शन में शामिल होने वाले वे एकमात्र भारतीय एक्टर थे। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमा ने कहा, “यह बहुत खूबसूरत पल था। वह इसके हकदार थे। यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। धर्मेंद्र के फैंस सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में थे।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अफसोस है कि वह धर्मेंद्र के साथ आखिरी बार स्क्रीन शेयर नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा, “हमने जो काम साथ किया, वही अब दर्शकों की यादें हैं। यह मानना मुश्किल है कि वह अब नहीं हैं।”
World News Updates; Trump Pakistan China

54 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन ने 85 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए बुधवार से इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जरूरी कर दिया है। इस नियम के तहत बिना वैध ETA, ई-वीजा या अन्य जरूरी दस्तावेज के यात्रियों को एयरलाइंस बोर्डिंग की अनुमति नहीं देंगी। ETA योजना 2023 में शुरू की गई थी। इसके तहत जिन यात्रियों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें यात्रा से पहले ऑनलाइन आवेदन कर 16 ब्रिटिश पाउंड (करीब 1970 रुपए) शुल्क देकर प्री-ट्रैवल परमिट लेना होगा। ETA एक डिजिटल एंट्री परमिट है जो उन विदेशी यात्रियों के लिए जरूरी होता है, जिन्हें वीजा की जरुरत नही होती। यह पासपोर्ट से इलेक्ट्रोनिक रूप से जुड़ा होता है और यात्री की सुरक्षा जाचं के लिए यूज किया जाता है। वहीं ई-वीजा डिजिटल वीजा होता है जो पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी। अप्रैल 2024 में इसे यूरोपीय यात्रियों तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब तक सख्त अमल नहीं हो रहा था। 25 फरवरी से यह पूरी तरह लागू हो गया है। यह नई व्यवस्था पुराने पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी। ब्रिटिश और आयरिश नागरिकों, दोहरी नागरिकता रखने वालों और ब्रिटेन में रहने का अधिकार रखने वालों को इस नियम से छूट दी गई है। ब्रिटेन के माइग्रेशन और सिटिजनशिप मिनिस्टर माइक टैप ने कहा कि यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और प्रणाली को अधिक आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। ब्रिटेन के माइग्रेशन मंत्री माइक टैप ने कहा कि ETA स्कीम देश की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, इससे एंट्री सिस्टम अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगा, जिससे यात्रियों और ब्रिटिश नागरिकों दोनों को लाभ होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









