How To Make Teeth Shiny: चमकते-मजबूत दांत चाहते हैं? इनेमल को नुकसान से बचाने के लिए बदलें ये आदतें

Last Updated:February 27, 2026, 23:50 IST How To Make Teeth Shiny: दांतों की ऊपरी परत जिसे इनेमल कहा जाता है, वही दांतों को मजबूती और सुरक्षा देती है. लेकिन आपकी रोजाना की कुछ आदते इसे डैमेज कर रही है. यदि आप मजबूत चमकते दांत लंबे समय तक चाहते हैं, तो सावधान हो जाएं. ख़बरें फटाफट चमकते मजबूत दांत सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि कॉन्फिडेंस भी बढ़ाते हैं. लेकिन हम अनजाने में ऐसी चीजें खाने लगते हैं, जिनमें अम्लीय तत्व यानी एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे में दांतों में कमजोरी, पीलापन और सड़न का खतरा अधिक हो जाता है. दांतों की ऊपरी परत जिसे इनेमल कहा जाता है, वही दांतों को मजबूती और सुरक्षा देती है. जब यह परत धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है, तो दर्द, सेंसिटिविटी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. दांतों का इनेमल वैसे तो शरीर की सबसे मजबूत परतों में से एक होता है, लेकिन लगातार अम्लीय प्रभाव से टूटने लगता है. ज्यादा एसिडिक चीजें दांतों के इनेमल को हटाने की कोशिश करती हैं. शुरुआत में इसका एहसास नहीं होता, लेकिन समय के साथ दांतों की सतह खुरदुरी होने लगती है. फिर हल्का ठंडा-गर्म या मीठा खाते ही झनझनाहट शुरू हो जाती है. दांतों की बनावट में आए इस बदलाव से बैक्टीरिया को जमने का मौका मिलता है, जिससे कैविटी और मसूड़ों की समस्या बढ़ सकती है. फल-सब्जियां सेहत के लिए जरूरी हैं, खासकर विटामिन-सी से भरपूर फल, जो इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं और रोगों से बचाव करते हैं. संतरा, अंगूर, अनार और स्ट्रॉबेरी जैसे फल शरीर के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन विज्ञान कहता है कि इनमें से कुछ फलों में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इनका सेवन समझदारी से करना जरूरी है. किसी भी खाद्य पदार्थ की अम्लीयता को उसके पीएच मान से मापा जाता है. वैज्ञानिक मानकों के अनुसार, जिन चीजों का पीएच 7 से कम होता है, वे अम्लीय मानी जाती हैं. सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि सोडा, कोल्ड ड्रिंक, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक भी दांतों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. इनमें मौजूद एसिड और शुगर मिलकर इनेमल को कमजोर बनाते हैं. धीरे-धीरे दांतों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है. ऐसे में बस कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर दांतों को सुरक्षित रखा जा सकता है. खट्टे फल या नींबू को सीधे खाने से बचें, क्योंकि इससे एसिड सीधे इनेमल पर हमला करता है. खट्टा खाने के बाद पानी से कुल्ला करना भी मददगार होता है, क्योंकि इससे मुंह का एसिड संतुलित हो जाता है. फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का नियमित इस्तेमाल दांतों की ऊपरी परत को मजबूत बनाए रखता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 27, 2026, 23:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
52 साल की उम्र में भी इतनी फिट हैं मलाइका अरोड़ा? रोज सुबह खाली पेट पीती हैं ये ड्रिंक

मैडम अरोड़ा के फिटनेस का हर कोई दीवाना है। वो सिर्फ खुद एक एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो ना करती हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए अपने फॉलोअर्स को भी मोटिवेट करती हैं। छवि: इंस्टाग्राम मल्लिका अरोड़ा 52 साल की हैं लेकिन उनका पतला फिगर और बेदाग चेहरा देखने वाले लोग 25 साल के हैं। हालाँकि, आपको बता दें कि ऐसे स्ट्रेचर स्किन और बॉडी पाना जरा भी आसान नहीं है। छवि: इंस्टाग्राम मॅलाइक अपनी फिटनेस को काफी सीरियसली प्लास्टिसिन में पेश करती हैं, जो उनकी डेली सोसाइटियों में धूम मचाती है। वो रोज सुबह की कथा ही एक जादुई पेय पीती है जिसका रहस्योद्घाटन एक व्याख्या में किया गया है। यह वो वॉटर थेरेपी विशेषज्ञ हैं। छवि: इंस्टाग्राम मलाइका अरोड़ा ने खुलासा किया कि वो रोज सुबह खाली पेट जीरा और परेशानी का पानी पीती हैं। रात भर एक गिलास पानी में जीरा और सस्तेकर रचते हैं, सुबह पानी गर्म करके, अच्छाकर पी बेचते हैं। छवि: इंस्टाग्राम जीरा और पानी के बहुत से फायदे हैं। ये पाचन शक्ति, पेट की गैस-एसिडिटी दूर करने और मेटाबोलिज्म को बढ़ाने में प्रभावशाली है। छवि: इंस्टाग्राम जीरा और अजीब पानी से मेटाबॉलिज्म का दायरा बढ़ता है और ये पेट की सूजन कम करता है इसलिए ये वजन में सहायक होता है। इससे शरीर की इम्युनिटी भी अधिक होती है। छवि: इंस्टाग्राम अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मलाइका अरोड़ा(टी)मलाइका अरोड़ा फिटनेस(टी)मलाइका अरोड़ा डाइट(टी)मलाइका अरोड़ा फिटनेस सीक्रेट(टी)आंत स्वास्थ्य(टी)जीरा अजवाइन सौंफ पानी
ये 10 ‘हेल्दी’ चीजें सेहत के लिए हो सकती हैं ज़हर समान, जब करेंगे इनका गलत तरीकों से सेवन

10 Healthy foods can be unhealthy: आप हर दिन सुबह, दोपहर और रात में कई तरह की चीजें खाते हैं. कोई गुड़ के साथ शहद को मिलाकर खाता है, कोई फल खाने की बजाय जूस पीता है. दही सादा खाने की बजाय फ्लेवर्ड दही खाना पसंद करता है. लेकिन, कई बार कुछ हेल्दी चीजें भी सेहत के लिए अनहेल्दी हो जाती हैं, जब आप इसे गलत तरीके से सेवन करते हैं. डॉ. सलीम ज़ैदी ने अपने यूट्यूब चैनल हेल्दी हमेशा (Healthy Hamesha) पर एक बेहद उपयोगी वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे बता रहे हैं 10 फूड्स के बारे में जिसे आमतौर पर आप फायदेमंद समझकर खाते हैं, लेकिन ये होते अनहेल्दी हैं.
Why cant you sleep first night in new place: जानिए ‘फर्स्ट-नाइट इफेक्ट’ क्या है

Last Updated:February 27, 2026, 23:19 IST What Is First Night Effect: फर्स्ट नाइट इफेक्ट यह हमारी सिक्योरिटी सिस्टम का हिस्सा है. यह हमें खतरों से बचाने में मदद करता है.अच्छी बात यह है कि जैसे-जैसे जगह परिचित लगने लगती है, यह सतर्कता कम हो जाती है. ख़बरें फटाफट What Is First Night Effect: क्या आप भी किसी नई जगह पर ठीक से सो नहीं पाते हैं? यदि हां तो आप अकेले नहीं है. ये प्रॉब्लम ज्यादातर लोगों को होती है. लेकिन ऐसा होता क्यों है, इस बारे में जानने के लिए जब हमने इंटरनेट पर मेडिकल और साइंटिफिक स्टडीज को देखा तो एक टर्म सामने आया फर्स्ट नाइट इफेक्ट. वैज्ञानिकों के अनुसार जब हम किसी नई जगह पर सोते हैं तो दिमाग पूरी तरह रिलेक्स नहीं होता. इसे “फर्स्ट नाइट इफेक्ट” कहते हैं. ऐसे में नए जगह जाने पर आपकी बॉडी और ब्रेन दोनों अलर्ट मोड में चले जाते हैं, जिससे जरा सी भी आवाज से आवाज छूमंतर हो जाता है. ब्रेन को चाहिए सिक्योरिटी सोना हमारे लिए एक अनसेफ कंडीशन है, इस वक्त हम खुद को डिफेंड करने के पॉजीशन में नहीं होते हैं. इसलिए सेफ्टी को सुनिश्चित करने तक हमारा ब्रेन अलर्ट मोड पर रहता है. ऐसी जगह और ऐसे लोग जिन्हें आप ट्रस्ट करते हैं या परिचित हैं, वहां आप आसानी से सो जाते हैं, लेकिन दूसरों जगहों पर नींद या तो आती नहीं या फिर बार-बार टूटती रहती है. शरीर के अंदर क्या होता है?जब आप रिलेक्स मोड में होते हैं, तो शरीर का तापमान थोड़ा कम होता है. मलाटोनिन नाम का हार्मोन बढ़ता है, जो नींद लाने में मदद करता है. सतर्कता कम होने लगती है. लेकिन नए जगहों पर इन चीजों के अभाव से सोना मुश्किल होता है, जो नींद के लिए जरूरी हैं. बाहर का माहौल क्यों जरूरी है?घर में आपकी एक तय दिनचर्या होती है जैसे सोने से पहले लाइट कम करना, फोन दूर रखना, एक ही बिस्तर पर सोना, ये सब आपके दिमाग को संकेत देते हैं कि अब सोने का समय है, और आप सुरक्षित हैं. लेकिन नई जगह पर रोशनी अलग हो सकती है. आवाजें नई होती हैं. गद्दा या तकिया अलग हो सकता है. ये सब आपके दिमाग को भ्रमित कर देते हैं. कुछ लोगों को बाहर बेहतर नींद क्यों आती है?दिलचस्प बात यह है कि कुछ लोग घर से बाहर ज्यादा अच्छी नींद लेते हैं. ऐसा क्यों होता है? इसमें घर के काम और जिम्मेदारियां न होने, अधूरे काम याद न आने, काम और आराम के बीच साफ सीमा क्लियर होने जैसे कारण शामिल होते हैं. अगर आपको बाहर बेहतर नींद आती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका घर का माहौल बहुत व्यस्त हो गया है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 27, 2026, 23:19 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
होली स्किन केयर: होली से पहले अपनाएं ये घरेलू टिप्स, ना चेहरे पर रंग चढ़ेगा; त्वचा और बाल भी सुरक्षित

होली पर त्वचा की सुरक्षा: होली का त्योहार रंगों से भरा होता है, लेकिन केमिकल वाले रंग-बिरंगे बालों और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई लोगों को एलर्जी, जलन या रूखापन झेलने की आदत होती है, ऐसे में होली खेलने से पहले अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं, क्योंकि होली पर चेहरे की सही देखभाल जरूरी है, नहीं तो बाद में रंग-बिरंगी चीजों में काफी त्वचा का सामना करना पड़ सकता है। नारियल तेल सबसे अच्छा पौधा क्यों? भिन्न भिन्न का प्रयोग किया जाता है नारियल का तेल त्वचा को पोषण देता है और सूखापन दूर करता है। कई लोग इसे बालों में भी 1-2 घंटे पहले लगाते हैं ताकि चमक बनी रहे। कुछ विद्वान जैतून तेल या बादाम तेल की भी सलाह देते हैं, लेकिन नारियल तेल सबसे लोकप्रिय और आसानी से उपलब्ध है। ध्यान रहे कि हमेशा शुद्ध, वर्जिन नारियल तेल का इस्तेमाल करें और हाथों से धागे लगाएं, ताकि स्टिक हट न हो। सुझाव त्वचा वाले पहले ही पैच टेस्ट करना ना भूलें। यह सुझाव सामान्य जानकारी पर आधारित है। अगर आपको एलर्जी या त्वचा संबंधी कोई समस्या है तो डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। होली वाले दिन केमिकल कलर से अछूता और न्यूट्रल कलर का इस्तेमाल करें। इससे आप होली का पूरा मजा ले लेंगे। लेकिन त्वचा की सुरक्षा पर भी ध्यान दें और ये नारियल तेल वाला उपाय आप अपना सकते हैं, क्योंकि ये छोटी-सी तैयारी आपको रंग के बाद भी चमकदार त्वचा देगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली त्वचा की सुरक्षा(टी)होली से पहले नारियल का तेल(टी)होली के रंगों के दाग को रोकें(टी)होली युक्तियाँ त्वचा की देखभाल(टी)प्राकृतिक होली सुरक्षा
भोपाल में घर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद:पड़ोसियों ने पुलिस से की शिकायत, कहा- मस्जिद के रूप में हो रहा उपयोग

भोपाल के साकेत नगर इलाके में एक मकान में नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने थाने में आवेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई है। आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित मकान का उपयोग मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। एडीशनल डीसीपी गौतम सौलंकी ने बताया कि साकेत नगर क्षेत्र से एक आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत में कहा है कि एक घर में नमाज पढ़ी जा रही है और उसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने आवेदन को जांच में लिया है और तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अब तक वहां किसी प्रकार की मस्जिद संचालित होने की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित स्थल एक आवासीय मकान है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जताई नाराजगी ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपने निजी मकान में इबादत कर रहा है और वह सार्वजनिक स्थल पर आयोजन नहीं कर रहा, तो उस पर आपत्ति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर आवेदन देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। धर्म के नाम पर विवाद खड़ा करना शहर की सांस्कृतिक परंपरा के विपरीत है। अपन घर में इबादत कर सकता है व्यक्ति ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में संबंधित मकान आवासीय ही पाया गया है और वहां स्थायी रूप से मस्जिद संचालित होने के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने घर में इबादत कर सकता है, बशर्ते वह सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न करे। राजधानी जैसे शहर में आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
Lemon grass benefits: लेमन ग्रास के फायदे जान होंगे हैरान, डाइट में करें शामिल

Lemon grass health benefits: आयुर्वेद में औषधीय पौधों का इस्तेमाल कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है. इसी में से एक है लेमन ग्रास, जो देखने में बिल्कुल घास जैसा होता है. क्या आप जानते हैं कि लेमन ग्रास कोई घास नहीं, बल्कि एक बेहद ही हेल्दी हरा पत्ता है, जिसका इस्तेमाल सेलिब्रिटीज से लेकर फिटनेस से जुड़े लोग भी कर रहे हैं. आजकल लोग लेमन ग्रास को नया समझकर इस्तेमाल करना शुरू किए हैं, लेकिन ये सदियों से आयुर्वेद का हिस्सा रहा है और कई रोगों के उपचार में उपयोग में लाया जाता रहा है. लेमन ग्रास के फायदे -लेमन ग्रास में कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. आयुर्वेद में लेमन ग्रास को ‘भूस्तृण’ कहते हैं. इसका इस्तेमाल वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में मदद करता है. जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाता है. -स्वाद में थोड़ा कड़वा-तीखा, लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके सेवन से नसों की समस्या शांत होती है. तंत्रिका तंत्र मजबूत करता है. मस्तिष्क को हेल्दी रखता है. -लेमन ग्रास खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों की सूजन, मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त की अशुद्धि से जुड़े विकारों में भी काम आता है. -लेमनग्रास का तेल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. मतली, उल्टी, पीरियड्स से संबंधित समस्याओं और सिरदर्द से राहत देता है. लेमनग्रास का लेप त्वचा संबंधी परेशानियों में बेहद कारगर होता है. कैसे करें लेमन ग्रास का इस्तेमाल आप हर दिन लेमन ग्रास का ताजा जूस पी सकते हैं. इससे शरीर के अंदर मौजूद टॉक्सिन पदार्थों से छुटकारा मिलता है. शरीर अंदर से साफ और हेल्दी बनता है. आप चाहें तो इसकी चाय बनाकर भी पी सकते हैं. कैफीन की जगह आप लेमन ग्रास टी का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह स्वाद और सेहत दोनों में बेहतर है. आप लेमनग्रास ऑयल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. नींद की परेशानी और तनाव दूर करने में कारगर साबित हो सकता है लेमनग्रास का तेल. इसे आप सिर में लगाकर मालिश कर सकते हैं. सिरदर्द में आराम महसूस होगा. साथ ही स्किन पर भी लेमनग्रास ऑयल लगा सकते हैं. ड्राइनेस दूर होगी. स्किन हेल्दी रहेगी.
हेल्थ टिप्स: देर रात खाना और तुरंत सोना छोड़ें, ये नियम बचाएगा स्वास्थ्य, जानिए डॉक्टर सलाह

Last Updated:February 27, 2026, 22:14 IST रामपुर: आधुनिक जीवनशैली में देर रात खाना और तुरंत सो जाना आम हो गया है, लेकिन यह आदत दिल और शरीर दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, सोने से कम से कम 3 घंटे पहले हल्का और संतुलित रात का खाना खाने से पाचन तंत्र सही रहता है, ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है और दिल स्वस्थ रहता है. यह सरल आदत हर उम्र के व्यक्ति के लिए शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का आसान तरीका है. ख़बरें फटाफट रामपुर. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल का कहना है कि देर रात खाना और देर से सोना शरीर के लिए हानिकारक है. यदि लोग सोने से कम से कम 3 घंटे पहले रात का खाना खा लें, तो दिल और ब्लड शुगर दोनों को संतुलित रखा जा सकता है. देर रात खाना पाचन और दिल पर डालता है दबावडॉ. इकबाल बताते हैं कि रात में देर से खाना खाने पर शरीर को पाचन के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. सोने के समय पाचन तंत्र एक्टिव रहने से दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. जल्दी खाना खाने से खाना आसानी से पच जाता है और शरीर को पूरी तरह आराम मिलता है. सही समय पर खाना रखता है ब्लड शुगर संतुलितदेर रात खाना शरीर की एनर्जी को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे यह फैट के रूप में जमा होने लगता है. इससे मोटापा, शुगर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. जबकि समय पर खाना खाने से शरीर ऊर्जा का सही उपयोग करता है. हल्का और कम मात्रा में खाना करेंडॉ. इकबाल सलाह देते हैं कि रात का खाना हल्का और कम मात्रा में होना चाहिए. ज्यादा तला-भुना या भारी खाना पचने में समय लेता है, पेट में भारीपन, गैस और एसिडिटी की समस्या पैदा करता है और नींद को भी प्रभावित करता है. खाने और सोने में कम से कम 3 घंटे का अंतर जरूरीयदि खाना खाकर तुरंत सो जाते हैं, तो पाचन नहीं होता और पेट की समस्याएं बढ़ती हैं. खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखना जरूरी है. यह आदत शरीर में अनावश्यक चर्बी जमा होने से रोकती है और दिल को स्वस्थ रखती है. सरल आदतें, लंबा स्वास्थ्यडॉ. इकबाल के अनुसार, सही समय पर हल्का खाना, समय पर सोना और संतुलित दिनचर्या अपनाने से बिना किसी दवा के भी दिल और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. यह हर उम्र के व्यक्ति के लिए अपनाने योग्य आसान तरीका है. About the Author Madhuri Chaudhary पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें Location : Rampur,Uttar Pradesh First Published : February 27, 2026, 22:14 IST
तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए: सुप्रियो, कुमार, गुरुस्वामी, मल्लिक | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:27 फरवरी, 2026, 21:55 IST मेनेका गुरुस्वामी एक वकील हैं जिन्होंने आईपीएसी मामले में मुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व किया था। राज्यसभा चुनाव के लिए बाबुल सुप्रियो 4 टीएमसी उम्मीदवारों में शामिल हैं (क्रेडिट इंस्टाग्राम) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार (पूर्व डीजीपी, पश्चिम बंगाल), मेनका गुरुस्वामी और कोएल मलिक का नाम शामिल है। एक्स पर घोषणा करते हुए, पार्टी ने कहा, “हमें आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार (पूर्व डीजीपी, पश्चिम बंगाल), मेनका गुरुस्वामी और कोयल मलिक की उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।” पार्टी ने भी नामांकित व्यक्तियों को उनके नेतृत्व और प्रतिबद्धता पर विश्वास व्यक्त करते हुए बधाई दी। इसमें कहा गया है, “हम उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। वे तृणमूल की लचीलेपन की स्थायी विरासत और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उसकी अटूट प्रतिबद्धता को कायम रखें।” यह घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुई है, जो इस साल अप्रैल में होने की संभावना है। चार उम्मीदवारों के बारे में मेनेका गुरुस्वामी एक वकील हैं जिन्होंने आईपीएसी मामले में मुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व किया था। कोएल मलिक एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके पिता एक मशहूर अभिनेता थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो बाद में टीएमसी में शामिल हो गए। राजीव कुमार ने जुलाई 2024 से 31 जनवरी, 2026 को अपनी सेवानिवृत्ति तक पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कार्य किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 27 फरवरी, 2026, 21:46 IST समाचार राजनीति राज्यसभा चुनाव के लिए टीएमसी के 4 उम्मीदवारों में बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, बाबुल सुप्रियो शामिल हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार(टी)टीएमसी राज्यसभा नामांकन(टी)बाबुल सुप्रियो राज्यसभा(टी)राजीव कुमार टीएमसी(टी)मेनका गुरुस्वामी राज्यसभा(टी)कोयल मलिक टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल राज्यसभा चुनाव(टी)तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार
PM Modi: Developed Nations Seek Trade Deals

Hindi News National PM Modi: Developed Nations Seek Trade Deals | Gen Z Ready To Teach Congress Lesson नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने अपने अंदर की ताकत को पहचाना और खुद को मजबूत किया है। इसी आत्मविश्वास के कारण विकसित देश अब भारत के साथ व्यापार समझौते करने के लिए आगे आ रहे हैं। ‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत अपनी क्षमता नहीं पहचानता और संस्थागत सुधार नहीं करता, तो कोई भी देश उसके साथ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार नहीं होता। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा- कांग्रेस के वोट चोरी नहीं हो रहे हैं, बल्कि देश की जनता अब कांग्रेस को वोट देने लायक नहीं समझती। यह सिलसिला 1984 के बाद शुरू हुआ।पहले तो मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया, और अब GEN-Z भी तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा- किसी देश की क्षमता अचानक विकसित नहीं होती, बल्कि वह पीढ़ियों के ज्ञान, परंपरा, परिश्रम और अनुभव से निर्मित होती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी कुछ लोगों ने औपनिवेशिक मानसिकता को बनाए रखा, जिससे देश में हीन भावना घर कर गई थी। मोदी ने 2014 से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि अगर देश ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता रहता और पॉलिसी पैरालिसिस बनी रहती, तो वैश्विक स्तर पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि देश में नई ऊर्जा आई है और भारत अपनी खोई हुई संभावनाओं को फिर से हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









