अफगानिस्तान का पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमला:तालिबान के मंत्री बोले- हमने डूरंड लाइन पार की, PAK का दावा- 400 अफगान लड़ाके मारे

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बीते चार दिनों से लगातार हवाई हमले और गोलीबारी जारी है। तालिबान सरकार का कहना है कि हमने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस पर हमला किया है। यह एयरबेस रावलपिंडी में है। इसके साथ ही तालिबान के एक मंत्री ने दावा किया कि उनके लड़ाके डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की जमीन में घुस चुके हैं। तालिबान के मुताबिक, क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। ये कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, बगराम और अन्य इलाकों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि अब तक 400 से ज्यादा अफगान लड़ाके मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। तालिबान के अनुसार, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं: पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 415 तालिबान लड़ाके मारे पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ हमले को ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन नाम दिया है और काबुल समेत कई प्रांतों में हमले किए। ‘गजब लिल हक’ का मतलब है, अपने हक के लिए खड़े होना। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारर के मुताबिक अब तक – पाकिस्तानी वायुसेना ने दावा किया है कि उसने नंगरहार और कंधार में तालिबान के सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाया। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। हमले के बाद की तस्वीरें… पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है।
प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) में खिताबी जंग अब और रोमांचक हो गई है। रविवार को एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज ‘लंदन डर्बी’ में टेबल टॉपर आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर अपनी पोजिशन स्ट्रॉन्ग भी कर ली। मैनचेस्टर सिटी 59 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, एक अन्य मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने क्रिस्टल पैलेस पर रोमांचक जीत दर्ज कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। टीम से ब्रूनो फर्नांडेज ने बेहतरीन गोल दागा। आर्सेनल vs चेल्सी पूरे मैच में आर्सेनल का दबदबा रहा और दिलचस्प बात यह रही कि मैच के तीनों गोल कॉर्नर के जरिए ही आए। चेल्सी को भारी पड़ी रेड कार्ड की मार मैच के आखिर में चेल्सी के पेड्रो नेटो को अंपायर से बहस और फाउल के कारण दूसरा यलो कार्ड मिला। 2 यलो कार्ड के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों से ही मैच खेलना पड़ा। चेल्सी फिलहाल 45 पॉइंट्स के साथ छठे नंबर पर है। यूनाइटेड की ‘कमबैक’ जीत ओल्ड ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टल पैलेस को 2-1 से हरा दिया।
ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों पैदा कर दिया है? राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 08:28 IST केरल, असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस मुस्लिम मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फाइल फोटो। (छवि: एएफपी फ़ाइल) मध्य पूर्व में युद्ध ने भारत में एक नई राजनीतिक लड़ाई शुरू कर दी है, जिससे ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका-इज़राइल हवाई हमले पर सरकार के खिलाफ विपक्ष खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया है और संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया की तीखी आलोचना की है। अपने बयान में, पार्टी ने कहा कि वह “सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर में शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है,” यह कहते हुए कि वह इस गहन दुख के क्षण के दौरान उनके साथ एकजुटता से खड़ी है। कांग्रेस ने सरकार पर भारत के नेहरूवादी विदेश नीति सिद्धांतों को छोड़ने का भी आरोप लगाया, और हमले को भारत के लंबे समय से चले आ रहे गुटनिरपेक्ष और शांति-उन्मुख रुख का उल्लंघन बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी इस निंदा को दोहराया है। कश्मीर के कुछ हिस्सों से ईरान के नेतृत्व के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की खबरें पहले ही आ चुकी हैं। भारत में राजनीतिक तूफान: क्यों? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया चुनावी विचारों से भी प्रभावित होती है। ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी शिया आबादी है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत नागरिक हैं। भारत में, शिया मुस्लिम आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू और कश्मीर और अन्य जैसे प्रमुख राज्यों में केंद्रित हैं। केरल, असम और पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस इस मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। यह मुद्दा पार्टी को गाजा में इज़राइल की कार्रवाइयों के पहले विरोध के बाद, इज़राइल की अपनी आलोचना को दोहराने का अवसर भी देता है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहले संसद में गाजा समर्थक बैग ले जाकर ध्यान आकर्षित किया था। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने खड़े होने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने की कोशिश की है। पार्टी ने इस मुद्दे को अमेरिका-भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ता से जोड़ा है और प्रधान मंत्री की इज़राइल यात्रा के समय पर सवाल उठाया है, यह सुझाव देते हुए कि संघर्ष जल्द ही बढ़ गया है। जैसा कि दुनिया मध्य पूर्व संघर्ष को बढ़ती चिंता के साथ देख रही है, भारत खुद को आगामी राज्य चुनावों से पहले एक राजनीतिक टकराव के बीच में पाता है, जिसमें निकट भविष्य में किसी भी संघर्ष के कम होने के कम संकेत हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 08:27 IST समाचार राजनीति ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों खड़ा कर दिया है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत मध्य पूर्व संघर्ष(टी)भारत ईरान संबंध(टी)कांग्रेस आलोचना सरकार(टी)अमेरिका इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले(टी)भारतीय विदेश नीति(टी)शिया आबादी भारत(टी)राजनीतिक लड़ाई चुनाव(टी)विपक्षी प्रतिक्रिया मध्य पूर्व
शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 मार्च को अपना जन्मदिन विदिशा के रंगई स्थित बाड़ वाले गणेश मंदिर में मनाएंगे। इस मौके पर मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस बार उनका जन्मदिन होली के त्योहार के साथ पड़ रहा है। इसलिए आयोजन समिति ने होली मिलन समारोह भी रखा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें कार्यकर्ता, समर्थक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे। समर्थकों से कहा- पौधा भेंट करें जन्मदिन से पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके जन्मदिन पर शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह या अन्य उपहार न लाए जाएं। अगर कोई उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता है तो एक पौधा लगाए, उसकी फोटो साझा करे या उन्हें पौधा भेंट करे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जीवन का हर पल उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण उनका संकल्प है और वे खुद रोज पौधरोपण करते हैं। उन्होंने जन्मदिन को सादगी से मनाने और दिखावे से बचने की बात कही है। जन्मदिन को लेकर समर्थकों में उत्साह है। वहीं, पौधा लगाने की अपील से यह कार्यक्रम सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।
US Iran Israel War Photos; Ali Khamenei Trump Netanyahu

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल जंग का सोमवार को तीसरा दिन है। इजराइल लगातार ईरान समेत बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। रविवार रात इजराइली सेनाओं ने मिसाइलें दागीं। उधर, ईरान ने भी गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा किया। 23 फोटोज में देखें, हमलों के बाद के हालात… हिजबुल्लाह के दागे रॉकेट को रोकने के लिए इजराइल ने पहली बार आयरन बीम का इस्तेमाल किया। आयरन बीम इजराइल की एडवांस लेजर एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका काम कम दूरी से दागे गए रॉकेट, मोर्टार, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट करना है। गल्फ देशों में ईरान के हमले और असर की तस्वीरें… ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आरामको की है। इसकी क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास मानी जाती है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर स्कायलाइट को निशाना बनाया। इससे उसके एक भाग में आग लग गई। बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी हमले का फुटेज। ईरान के हमलों की वजह से दुबई में सोमवार को इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। कुवैत ने गलती से अमेरिका के फाइटर जेट गिराए कुवैत ने सोमवार को गलती से अमेरिकी फाइटर जेट गिरा दिए। अमेरिकी सेना के मुताबिक, कुवैत के एयरडिफेंस सिस्टम ने गलती से इन विमानों को दुश्मन समझकर निशाना बनाया। कुवैत ने अमेरिका के 3 F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को गिरा दिया। सभी पायलट सुरक्षित। अमेरिकी फाइटर पायलट ने जेट से कूद कर अपनी जान बचाई। बेरूत में इजराइल के हमले की तस्वीरें इजराइल ने बेरूत में रविवार को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इजराइल ने बेरूत के लोगों से शहर छोड़ने को कहा। इसके बाद लोग देर रात से ही देश बाहर जा रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। इजराइल ने ईरान में फिर मिसाइलें दागीं इजराइल ने रविवार को रातभर ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले किए। इजराइली एयरफोर्स ने तेहरान में स्थित गांधी हॉस्पिटल को निशाना बनाया है। इसमें हॉस्पिटल की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो गई। ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें 2 लोग मारे गए हैं। ईरान के शाजारे तैय्यबेह एलीमेंट्री स्कूल में लगातार तीसरे दिन रेस्क्यू का काम जारी है। अब तक यहां 180 छात्राओं की मौत हो चुकी है। 28 मार्च को एक इजराइली मिसाइल यहां गिरी थी। ईरान ने सोमवार को अपनी भूमिगत सुरंगों की फुटेज जारी की। इसमें ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर दिखाई दे रहे हैं। इजराइल में हमले की फोटोज एक ईरानी मिसाइल हमले में मारी गई मां और बेटी के अंतिम संस्कार के दौरान सोमवार को इजराइल के बेइत शेमेश स्थित एक कब्रिस्तान में सायरन बजते ही शोक मनाने वाले लोग बचते दिखाई दिए। यह वायरल वीडियो यरूशलम का है। दावा है कि ईरान की एक मिसाइल ने इजराइल के 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा दिया और तय टारगेट को निशाना बनाया। यह तस्वीर यरूशलम की है। रविवार देर रात ईरान ने यहां एक मिसाइल दागी। वह सड़क पर जा गिरी। इजराइली सुरक्षा बल हमले के बाद के हालात का जायजा ले रहे हैं। तेल अवीव में ईरानी हमलों में एक महिला घायल हो गई। बचावकर्मी उसे अस्पताल ले जाते हुए। इजराइल में हजारों लोग ईरानी हमलों से बचने के लिए बंकर और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। 1 मार्च: अमेरिका-इजराइल की ईरान पर हमले की 3 तस्वीरें इजराइली सेना IDF ने रविवार को तेहरान में हमले का एक और फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने ईरान के एयरबेस पर खड़े एक विमान को निशाना बनाया। फुटेज अमेरिकी सेना ने जारी किया है। —— ये खबरें भी पढ़ें अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 50 PHOTOS-VIDEO: एंकर ने रोते हुए खामेनेई की मौत की खबर पढ़ी अमेरिका-इजराइल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक है। रविवार को खामेनेई समर्थकों ने सड़कों पर मातम मनाया। शोक सभाएं और विरोध-प्रदर्शन किया। उधर, कई शहरों से जश्न की खबरें भी आईं। अमेरिका-जापान में भी खामेनेई विरोधियों ने खुशी जताई। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अरिजीत सिंह गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे:सिंगर के पिता ने बताया कि लाहौर से उनका सिख परिवार बंगाल में कैसे बस गया?

सिंगर अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने हाल ही में बताया कि विभाजन के बाद उनका सिख परिवार लाहौर से पश्चिम बंगाल के जियागंज आकर बस गया। उन्होंने यह भी कहा कि अरिजीत बचपन में गुरुद्वारे में कीर्तन गाते थे। द टेलीग्राफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उनके पिता सुरिंदर सिंह ने परिवार की पुरानी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि उनका पैतृक घर लाहौर के पास था। देश के बंटवारे के बाद उनके पिता और तीनों भाई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के ललगोला आ गए थे। उन्होंने कहा, “हमारा पैतृक घर लाहौर के पास था। बंटवारे के बाद मेरे पिता और उनके तीन भाई ललगोला आ गए।” बंटवारे के समय कई परिवारों की तरह उन्हें भी सब कुछ छोड़कर नई जगह से शुरुआत करनी पड़ी। वे कपड़े का कारोबार करते थे। बाद में परिवार मुर्शिदाबाद जिले के छोटे से शहर जियागंज आकर बस गया। सुरिंदर सिंह ने कहा, “वे कपड़े के व्यापारी थे और किसी तरह जियागंज पहुंच गए और नदी के किनारे अपना घर बना लिया।” ललगोला से परिवार धीरे-धीरे जियागंज में बस गया। उनके कुछ रिश्तेदार पंजाबीपाड़ा इलाके में रहने लगे। वहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा बनाया। समय के साथ जियागंज सिर्फ रहने की जगह नहीं रहा, बल्कि घर बन गया। अरिजीत सिंह बचपन में घर और मोहल्ले में शोनू नाम से जाने जाते थे। साल 2013 में बड़ी पहचान मिलने के बाद भी उनका रिश्ता इस शहर से जुड़ा रहा। संगीत बचपन से ही उनकी जिंदगी का हिस्सा था। अरिजीत मां के साथ गुरुद्वारे जाया करते थे उनके पिता ने बताया कि वे खास मौकों पर अपनी मां के साथ गुरुद्वारे जाते थे और कीर्तन गाते थे। सुरिंदर सिंह ने बेटे की सफलता पर अपनी भावना भी बताई। उन्होंने कहा, “मजा आता है। मुझे अच्छा लगता है। लोग मुझसे पूछते हैं कि आपका बेटा क्या कर रहा है और उसका अगला प्रोजेक्ट क्या है।” मुंबई में काम करने के बावजूद अरिजीत का मन जियागंज से जुड़ा रहा। उनके पिता ने कहा, “यह बहुत शांत जगह है। मेरा बेटा मुंबई में नहीं रह पाया और वापस आ गया। इस मिट्टी में ऐसा खिंचाव है।” आज भी वे जियागंज से जुड़े हुए हैं। उनके बच्चे यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। वे शहर के स्कूल और दूसरी सुविधाओं के लिए कई चैरिटी प्रोजेक्ट भी चला रहे हैं। 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस खबर से उनके फैंस हैरान रह गए। म्यूजिक इंडस्ट्री में भी इस फैसले पर चर्चा शुरू हो गई। इस बीच उनका नया गाना ‘रैना’ रिलीज हुआ है। इस गाने को शेखर रवजियानी ने कंपोज किया है और इसके बोल प्रिया सरैया ने लिखे हैं।
Holi Color Removal Tips: Skin-Friendly Ubtan

4 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक इस साल होली 4 मार्च, 2026 को मनाई जाएगी। लोग रंग-गुलाल, मिठाई और संगीत के साथ इस पर्व का आनंद लेते हैं। रंग लगाने में तो बहुत मजा आता है, लेकिन जब रंगों को छुड़ाने की बारी आती है तो हालत खराब हो जाती है। होली पर लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि जिद्दी रंग को छुड़ाएं कैसे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम होली के रंग छुड़ाने के टिप्स बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि- होली पर रंग खेलने से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए? रंग छुड़ाते समय किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- होली खेलने से पहले क्या तैयारी करें, जिससे स्किन पर रंग ज्यादा गहरा न चढ़े? जवाब- होली पर रंग खेलने से पहले पूरे शरीर और बालों पर नारियल/सरसों का तेल या अच्छा मॉइश्चराइजर लगाएं। इससे स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बन जाती है और रंग नहीं चिपकते हैं। साथ ही कुछ और बातों का ख्याल रखना जरूरी है। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- चेहरे पर लगे रंगों को कैसे छुड़ाएं? जवाब- चेहरे की स्किन बहुत नाजुक होती है, इसलिए रंग छुड़ाते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। जैसेकि- सबसे पहले सूखे रंगों को कपड़े या हाथों से झाड़ लें। इसके बाद चेहरे को नॉर्मल पानी से धोएं। आंखों के आसपास खास सावधानी रखें। फिर किसी माइल्ड फेसवॉश या क्लींजर का इस्तेमाल करें। अगर रंग फिर भी न छूटे तो बेसन और दही का पेस्ट बनाकर लगा सकते हैं। इसके अलावा हल्दी और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट लगा सकते हैं। मुल्तानी मिट्टी में नींबू की कुछ बूंदें डालकर इसे चेहरे पर लगा सकते हैं। एलोवेरा जेल या कोई अच्छा मॉइश्वराइजर जरूर लगाएं, ताकि ड्राईनेस की समस्या न हो। ध्यान रहे, रंग छुड़ाने और चेहरा साफ करने के लिए गर्म पानी यूज न करें। इससे रंग और पक्का हो सकता है। सवाल- स्किन पर लगे रंग को छुड़ाते समय किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- चेहरे का रंग छुड़ाते समय स्किन को जोर से न रगड़ें। इससे जलन और रैशेज हो सकते हैं। हार्श साबुन, डिटर्जेंट या केमिकल वाले प्रोडक्ट बिल्कुल न लगाएं। अगर स्किन पर रेडनेस, खुजली या सूजन दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही कुछ बातों का खास ख्याल रखें, नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- होली के रंगों से बालों को कैसे बचाएं? जवाब- रंग खेलने से पहले बालों में अच्छी तरह नारियल या सरसों का तेल लगा लें। इससे बालों पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है। रंग खेलते वक्त बालों को खुला न छोड़ें, उन्हें बांध लें या स्कार्फ/कैप से ढक लें। ड्राई और केमिकल ट्रीटमेंट वाले बालों पर खास ध्यान दें। रंग खेलने के बाद बालों को हल्के शैंपू से साफ करें और कंडीशनर जरूर लगाएं। सवाल- अगर बालों में रंग गहराई तक पहुंच गया हो तो उसे कैसे हटाएं? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- रंग सूखा हो तो पहले इसे चौड़ी कंघी से धीरे-धीरे निकालें, तुरंत पानी न डालें। अगर रंग गीला है तो सादे पानी से अच्छी तरह धोकर जितना रंग निकल सके, निकालें। फिर माइल्ड शैंपू से हल्के हाथों से साफ करें। बालों को जोर से न रगड़ें। जरूरत पड़े तो एक मग पानी में 1-2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर रिंस करें। कुछ मिनट बाद साफ पानी से धो लें। अंत में हेयर कंडीशनर लगाएं और कुछ देर बाद बालों काे अच्छी तरह धुलें। सवाल- होली के रंग छुड़ाने के लिए कौन से घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं? जवाब- होली के रंग छुड़ाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। जैसेकि- बेसन और दूध का उबटन लगाकर 10-15 मिनट बाद धो लें। पका पपीता और हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाकर लगाएं। फिर साफ पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी और दही का लेप भी रंग छुड़ाने में मदद करता है। खीरे का पेस्ट स्किन को ठंडक देता है और रंग छुड़ाने में मदद करता है। नींबू की कुछ बूंदें बेसन में मिलाकर लगा सकते हैं। किसी भी उपाय के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि ड्राईनेस न हो। नीचे दिए ग्राफिक में घर पर बनाए जाने वाले उबटनों की लिस्ट देखिए। सवाल- क्या लंबे समय तक रंग लगा रहना नुकसानदायक हो सकता है? जवाब- हां, केमिकल युक्त रंग स्किन पर ज्यादा देर तक लगे रहने से जलन, खुजली, रेडनेस या एलर्जी हो सकती है। कुछ मामलों में दाग-धब्बे भी पड़ सकते हैं। सेंसिटिव स्किन या स्किन डिजीज से पीड़ित लोगों में जोखिम ज्यादा रहता है। इसलिए रंग को ज्यादा देर तक स्किन पर लगा न रहने दें। सवाल- नाखूनों से रंग कैसे निकालें? जवाब- सबसे पहले नाखूनों को गुनगुने पानी में कुछ मिनट भिगोएं। फिर नींबू का रस या थोड़ा विनेगर 4-5 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद मुलायम ब्रश या सूती कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें। जरूरत हो तो नेल पॉलिश रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अंत में नाखूनों पर क्रीम या तेल लगा लें, ताकि वे ड्राई और कमजोर न हों। इस तरह थोड़ी तैयारी और सही देखभाल से आप होली का आनंद बिना किसी परेशानी के उठा सकते हैं। ……………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- होली पर मिलावटी मावे से सावधान: हो सकते हैं ये हेल्थ रिस्क, इन 4 तरीकों से घर पर करें शुद्धता की जांच होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Haryana Jaundice Hepatitis Death Reasons; Piliya WHO Health Tips

Hindi News Lifestyle Haryana Jaundice Hepatitis Death Reasons; Piliya WHO Health Tips | Symptoms & Precautions 7 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव में पिछले कुछ दिनों में पीलिया (जॉन्डिस) और हेपेटाइटिस से 12 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव में अभी हेपेटाइटिस के करीब 29 मरीज हैं। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और टेस्टिंग अभियान तेज कर दिया है। पीलिया और हेपेटाइटिस दोनों लिवर से जुड़ी हेल्थ कंडीशंस हैं। इनमें लिवर डैमेज हो जाता है और उसके काम करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, हेपेटाइटिस से दुनियाभर में हर साल लगभग 13 लाख लोगों की मौत होती है। भारत जैसे विकासशील देश में दूषित भोजन-पानी एक बड़ी समस्या है। चूंकि हेपेटाइटिस संक्रामक भी है, इसलिए संक्रमण के अचानक इतने अधिक मामले बेहद चिंताजनक हैं। आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में बात पीलिया और हेपेटाइटिस की। साथ ही जानेंगे कि- पीलिया और हेपेटाइटिस में क्या कनेक्शन है? इनसे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जी. एस. लांबा, डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- पीलिया (जॉन्डिस) क्या होता है? जवाब- पीलिया एक हेल्थ कंडीशन है, जिसमें स्किन, आंखों का सफेद हिस्सा (स्कियरा) और नाखून पीले दिखने लगते हैं। यह शरीर में बिलीरुबिन नामक पिगमेंट (अपशिष्ट) के बढ़ने से होता है। बिलीरुबिन रेड ब्लड सेल्स के टूटने (मरने) पर बनता है और आमतौर पर लिवर इसे फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देता है। लेकिन जब लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है तो यह पिगमेंट ब्लड में जमा होने लगता है। बिलीरुबिन पीले रंग का पिगमेंट है। यही वजह है कि इसके बढ़ने से शरीर में पीलापन दिखने लगता है। सरल शब्दों में कहें, तो पीलिया कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह लिवर में हो रही समस्या का संकेत है। सवाल- पीलिया क्यों होता है? जवाब- पीलिया तब होता है, जब खून में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है। इसके मुख्य कारण हैं- रेड ब्लड सेल्स का सामान्य से अधिक टूटना (हेमोलिसिस)। हेपेटाइटिस या अन्य लिवर इन्फेक्शन, जिसमें लिवर बिलीरुबिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता है। पित्त नलिकाओं (बाइल डक्ट) में रुकावट, जैसे पित्त की पथरी या ट्यूमर होने पर। शराब का सेवन या कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव से लिवर डैमेज होने पर। लिवर सामान्य रूप से बिलीरुबिन को प्रोसेस करके स्टूल (मल) के साथ बाहर निकाल देता है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो खून में बिलीरुबिन बढ़ जाता है और पीलिया के लक्षण दिखने लगते हैं। सवाल- पीलिया कोई बीमारी है या ये किसी बीमारी का संकेत है? जवाब- पीलिया अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। यह शरीर के भीतर चल रही किसी बीमारी का एक संकेत है। यह मुख्य रूप से इस बात का इशारा करता है कि लिवर में कोई समस्या है। सवाल- बिलीरूबिन क्या होता है और हेल्दी बॉडी के लिए इसका संतुलित रहना क्यों जरूरी है? जवाब- बिलीरुबिन एक पीले रंग का अपशिष्ट पदार्थ है। यह रेड ब्लड सेल्स के टूटने/मरने पर बनता है। दरअसल रेड ब्लड सेल्स का जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, इसके बाद ये टूट (मर) जाती हैं। लिवर बिलीरुबिन को प्रोसेस करके स्टूल के जरिए शरीर से बाहर निकाल देता है। अगर इसका स्तर संतुलित रहे तो शरीर सामान्य रूप से काम करता है। इसके कारण ही यूरिन और स्टूल का रंग येलो या ब्राउन होता है। लेकिन जब बिलीरुबिन बढ़ जाता है, तो पीलिया हो सकता है। यह लिवर या ब्लड से जुड़ी समस्या का संकेत देता है। सवाल- पीलिया और हेपेटाइटिस में क्या कनेक्शन और क्या फर्क है? जवाब- पीलिया और हेपेटाइटिस दोनों लिवर से जुड़ी कंडीशंस हैं। इसके बावजूद दोनों में फर्क है। पीलिया सिर्फ एक लक्षण है। इसमें शरीर पीला हो जाता है। ये कंडीशन शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ने पर पैदा होती है। वहीं हेपेटाइटिस लिवर में होने वाला इंफ्लेमेशन है, जो वायरस, टॉक्सिन्स या ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण होता है। यह शराब के सेवन और दवाइयों के साइड इफेक्ट्स से भी हो सकता है। हेपेटाइटिस में लिवर कमजोर पड़ जाता है। इस कंडीशन में लिवर बिलीरुबिन को ढंग से प्रोसेस नहीं कर पाता है। इससे बिलीरुबिन खून में जमा होने लगता है, जिससे ‘पीलिया’ हो जाता है। सरल शब्दों में कहें तो हर हेपेटाइटिस से पीलिया हो सकता है। लेकिन ये जरूरी नहीं है कि पीलिया की वजह हर बार हेपेटाइटिस ही हो। पथरी, ट्यूमर या खून से जुड़ी बीमारी से भी पीलिया हो सकता है। सवाल- हेपेटाइटिस कितने प्रकार का होता है और ये कैसे फैलता है? जवाब- हेपेटाइटिस मुख्य रूप से 5 प्रकार का होता है। यह अलग-अलग कारणों से होता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या हेपेटाइटिस और पीलिया के लक्षण एक जैसे होते हैं? जवाब- हेपेटाइटिस और पीलिया के कुछ लक्षण मिलते-जुलते हैं, लेकिन दोनों पूरी तरह से एक जैसे नहीं होते। नीचे दिए ग्राफिक से इसके लक्षणों काे जानिए- सवाल- क्या हर पीलिया का कारण हेपेटाइटिस होता है? जवाब- नहीं, हर पीलिया का कारण हेपेटाइटिस नहीं होता है। पीलिया तब होता है, जब शरीर में बिलीरुबिन बढ़ जाता है। बिलीरुबिन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि– पित्त की नली में पथरी या ट्यूमर। लिवर की अन्य बीमारियां। खून की कुछ समस्याएं (जैसे हीमोलाइसिस, एनीमिया, ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर)। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स। ज्यादा शराब का सेवन। इसलिए हर पीलिया को हेपेटाइटिस मान लेना सही नहीं है। सवाल- पीलिया या हेपेटाइटिस कब गंभीर रूप ले सकता है? जवाब- अगर किसी को पहले से कोई लिवर प्रॉब्लम है या लिवर डैमेज है तो ये गंभीर रूप ले सकता है। हेपेटाइटिस B और C अपने आप में गंभीर हैं। इसमें समस्या की बात ये है कि इस कंडीशन की आखिरी स्टेज तक भी बहुत स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। इसके बावजूद लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर या कैंसर जैसी जानलेवा स्थिति बन सकती है। इसलिए लिवर से जुड़ी कोई समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इन स्थितियों में पीलिया भी गंभीर हो सकता है- बिलीरुबिन लगातार बढ़ता रहे। पेट में सूजन या तेज दर्द हो।
Current Affairs 2 March Hpv vaccine campaign for girls jammu kashmir wins ranji trophy

Hindi News Career Current Affairs 2 March Hpv Vaccine Campaign For Girls Jammu Kashmir Wins Ranji Trophy 4 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल 1. पीएम मोदी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में 7100 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया 1 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में 7100 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। तमिलनाडु में 8 नए रेलवे स्टेशन का उद्घाटन भी पीएम मोदी ने किया। पीएम ने मदुरै में 4,400 करोड़ रुपए से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। NH-332A के मरक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन और NH-87 के परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन की फोर-लेनिंग की आधारशिला भी पीएम मोदी ने रखी। पीएम मोदी ने कुंभकोणम, येरकॉड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी FM रिले ट्रांसमीटर का उद्घाटन किया। पीएम ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का भी उद्घाटन किया था। थिरुपरनकुंद्रम मंदिर में पीएम को पुजारियों ने सम्मानित किया। इंटरनेशनल 2. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। अमेरिका-इजराइल ने शनिवार को खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला किया था। इस हमले में खामेनेई के बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए। हमले के समय खामेनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे। खामेनेई ईरान के रहबर-ए-इंकलाब यानी सुप्रीम लीडर थे, जो देश के प्रमुख कार्यक्रम जैसे विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम तय करते थे। ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने 1 मार्च को सभी की मौत की पुष्टि की। खामेनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। खामेनेई की मौत के अगले दिन अयातुल्ला अलीरेजा आराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 67 साल के आराफी अली खामेनेई के करीबी माने जाते हैं और लंबे समय से ईरान की धार्मिक-राजनीतिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। 1979 में खामेनेई एक मजबूत नेता के तौर पर उभरे। 1981 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर बम से हमला हुआ, जिसमें उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए पैरालाइज हो गया था। खामेनेई 1981-1989 तक राष्ट्रपति भी रहे। 1981 में उनके कार्यकाल के दौरन ही ईराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच 8 साल तक जंग चली थी। खामेनेई ने 1960 के दशक में ईरान के शाह (राजा) के खिलाफ प्रदर्शन किए और इन प्रदर्शनों के दौरान उन्हें 6 बार अरेस्ट भी किया गया था। स्पोर्ट्स 3. जम्मू-कश्मीर ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती 28 फरवरी को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती। जम्मू-कश्मीर टीम 1959 से इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है और 67 साल के इतिहास में ये उसका पहला खिताब है। जम्मू-कश्मीर ने 8 बार की विजेता टीम कर्नाटक को हराकर जीत हासिल की। शुभम पुंदीर प्लेयर ऑफ द मैच रहे और आकिब नबी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। 41 साल के राइट हैंडड बैट्समैन पारस डोगरा इस टीम के कप्तान हैं। रणजी ट्रॉफी देश की सबसे चर्चित डोमेस्टिक फर्स्ट-क्लास क्रिकेट चैम्पियनशिप है, जो टेस्ट फॉर्मेट में खेली जाती है। इस जीत पर जम्मू एंड कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने टीम को 2 करोड़ की इनामी राशि देने का ऐलान किया है। 4. वानखेड़े स्टेडियम में रवि शास्त्री के नाम पर स्टैंड होगा 28 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री के नाम पर स्टैंड बनाने का ऐलान हुआ। ये फैसला मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) किया है कि ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में अब एक स्टैंड का नाम रवि शास्त्री के नाम पर होगा। अब शास्त्री सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। रवि शास्त्री 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे। रवि शास्त्री 2017 से 2021 तक इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। रवि घरेलू क्रिकेट में मुंबई की टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। स्टेडियम में भारत के पूर्व क्रिकेटर दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडल्जी के नाम पर 3 दरवाजों के नाम भी रखे जाएंगे। एडल्जी ने 1978 और 1993 के विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की थी। शास्त्री के नाम पर स्टैंड रखने की एक खास वजह वानखेड़े का ऐतिहासिक मैच भी है, जिसमें उन्होंने बड़ौदा के खिलाफ एक ही ओवर में 6 छक्के जड़े थे। एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले रवि पहले बल्लेबाज थे। 1985 की वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में रवि को ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ चुना गया था। 5. पीएम मोदी ने HPV वैक्सीन कैंपेन शुरू किया 28 फरवरी को पीएम मोदी ने अजमेर से पूरे देश में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन कैंपेन की शुरुआत की। इस कैंपेन के जरिए 9 से 14 साल तक की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए HPV वैक्सीन दी जाएगी। ये वैक्सीन पैरेंट्स की मर्जी से नजदीकी सेंटर में फ्री लगाई जाएगी। ये वैक्सीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-जिला और जिला अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाई जाएगी। भारत में आमतौर पर लड़कियों में HPV टाइप 16 और 18 सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है। ये वैक्सीन इसके साथ ही HPV टाइप 6 और 11 से बचाव के लिए भी काम करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024 के बजट में सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन की घोषणा की थी। भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर बना है। इसके लगभग 80,000 नए मामले और 42,000 से अधिक मौतें सालाना दर्ज की जाती हैं। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होने वाला एक गंभीर कैंसर है। हालांकि, इसे सही समय पर पहचान कर रोका जा सकता है। आमतौर पर ये ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के लंबे समय तक संक्रमण के कारण होता है। दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के कुल मामलों में से लगभग 20%








