Nepal Election 2026 Analysis; Next Prime Minister Name

‘गफ धेरै भयो, अब काम चाहिन्छ, नेपालको मुहार फेर्ने, बालेन चाहिन्छ। पुरानोलाई बिदाइ, नयांलाई अवसर, सबैको एउटै नारा- ‘अबकी बार, बालेन सरकार’। . एक महीने पहले तक ये एक गाना था। अब नेपाल की हकीकत है। नेपाल में बालेन सरकार आनी तय है। बालेन शाह राजनीति में आने से पहले रैपर रहे हैं। नेपाल चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी नेता के लिए पॉप कल्चर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। 165 सीटों पर हुए चुनाव में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 7 मार्च की रात 8 बजे तक 64 सीटें जीत चुकी है और 58 पर आगे है। यानी पार्टी को कुल 122 सीटों पर बढ़त मिली है। नेपाल में सरकार बनाने के लिए 138 सीटों की जरूरत है। इसे ऊपर दिए गीत के हिंदी में मतलब से समझिए- ‘बातें बहुत हो गईं, अब काम चाहिए, नेपाल की सूरत बदलने के लिए बालेन चाहिए।’ ‘पुरानों को विदाई और नए को अवसर, सबका एक ही नारा है- अबकी बार, बालेन सरकार।’ बालेन शाह छापा-5 सीट से 49,614 वोट से जीत गए हैं। उनकी पार्टी जीत रही है, लेकिन ये भारत के लिए बुरी खबर हो सकती है। छोटे से पॉलिटिकल करियर में बालेन शाह भारत के खिलाफ खुलकर बयानबाजी करते रहे हैं। नेपाल सरकार और कोर्ट को भारत का गुलाम बता चुके हैं। बालेन ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर भारत, चीन और अमेरिका के लिए गाली लिख दी थी। बालेन शाह के सत्ता में आने पर क्या नेपाल-भारत के रिश्ते बिगड़ेंगे, नेपाल के लोग भारत के साथ कैसे रिश्ते चाहते हैं? इस पर हमने काठमांडू में आम लोगों, Gen Z लीडर्स, बालेन की पार्टी के नेताओं और एक्सपर्ट से बात की। राजनीति में आते ही बालेन का भारत विरोध शुरू नेपाल में 5 मार्च को वोटिंग हुई थी। चुनाव के अभी सिर्फ रुझान आए हैं, पूरे नतीजे 20 मार्च तक आएंगे। शुरुआती रुझानों में बालेन शाह की पार्टी एकतरफा जीत रही है। मई, 2022 में बालेन शाह काठमांडू के मेयर बने थे। इसके बाद से ही भारत विरोधी रुख के लिए चर्चा में रहे हैं। उन्होंने अपनी छवि राष्ट्रवादी नेता के तौर पर बनाई है। 2022 में मेयर रहते हुए फिल्म ‘आदिपुरुष’ से नाराज होकर काठमांडू में भारतीय फिल्में बैन कर दी थीं। उनका आरोप था कि आदिपुरुष में सीता को भारत की बेटी बताया गया है, जो नेपाल का अपमान है। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद बैन हट गया। बालेन शाह का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया पर नेपाल सरकार और कोर्ट का भारत का गुलाम बता दिया। भारत के साथ चीन के भी विरोधी 2023 में भारतीय संसद में अखंड भारत का नक्शा दिखाए जाने के जवाब में बालेन शाह ने अपने ऑफिस में ग्रेटर नेपाल का मैप लगा लिया। इसमें भारत की कई जगहों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। काठमांडू का मेयर रहते हुए बालेन शाह ने ग्रेटर नेपाल का नक्शा अपने ऑफिस में लगाया था। इसमें हिमाचल के पश्चिमी कांगड़ा से लेकर पश्चिम बंगाल में पूर्वी तीस्ता के एरिया को ग्रेटर नेपाल का हिस्सा बताया गया है। सबसे ज्यादा विवाद नवंबर 2025 में फेसबुक पर की उनकी पोस्ट के बाद हुआ। बालेन शाह ने भारत, चीन समेत कुछ और देशों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट किया। बाद में इसे डिलीट भी कर दिया। हालांकि, तब तक ये पोस्ट वायरल हो चुकी थी। लोग बोले- राजनीति के लिए भारत से दोस्ती न टूटे बालेन शाह का रुख भले ही भारत विरोधी रहा हो, लेकिन नेपाल के लोग भारत से अच्छे रिश्ते चाहते है। काठमांडू यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 23 साल के समीर मानते हैं कि भारत, नेपाल और चीन को मिलकर रहना चाहिए। बालेन शाह के भारत और चीन विरोधी बयानों को समीर राजनीति बताते हैं। वे कहते हैं, ‘नेपाल के लोगों में भारत के खिलाफ कोई भावना नहीं है। हम भारत से प्यार करते हैं। हमारा रोटी-बेटी का रिश्ता है। कई बार नेता अपने फायदे और वोट के लिए अलग-अलग बातें करते हैं।’ ‘भारत भी बालेन शाह पर भरोसा दिखाए’ 55 साल के कृष्णा विश्वकर्मा नई सरकार से भारत के साथ दोस्ताना बर्ताव की उम्मीद जताते हैं। वे कहते हैं कि हमारे बीच भाईचारा होना चाहिए। चीन पड़ोसी देश है, इसलिए उसे भी साथ लेकर चलना चाहिए। कृष्णा मानते हैं कि भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई रिश्ते बहुत गहरे हैं। वे कहते हैं कि अभी लोगों में बालेन शाह के नेतृत्व को लेकर उम्मीद और भरोसा दिख रहा है। 40 साल के मिलन मानते हैं कि नेपाल को भारत और चीन का छोड़कर अपने बारे में सोचना चाहिए। बालेन शाह को भारत विरोधी बयानों पर मिलन कहते हैं, ‘भारत और नेपाल के रिश्तों के खिलाफ बोलना सही नहीं है। कुछ नेता या लोग अपने-अपने तरीके से बातें करते हैं, लेकिन आम लोगों की सोच ऐसी नहीं है। हमें आपसी रिश्तों को खराब करने की बजाय बेहतर बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।’ Gen Z लीडर बोले- बांटने वाली राजनीति से बचें बालेन नेपाल में सितंबर में Gen Z प्रोटेस्ट हुआ था। इसके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। उस वक्त भी बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने की खबरें थी। वे युवाओं में पॉपुलर भी हैं। हमने Gen Z प्रोटेस्ट को लीड करने वाले नेताओं से भी बात की। 25 साल की तनुजा पांडे प्रोटेस्ट के बड़े चेहरों में से एक हैं। वे बालेन शाह की राजनीति को पॉपुलिस्ट और बांटने वाली मानती हैं। तनुजा कहती हैं कि बालेन युवा नेता हैं और लोगों को उनसे उम्मीदें हैं, लेकिन काठमांडू का मेयर रहते हुए उन्होंने काम नहीं किए। उनके ‘हम बनाम वे’ की राजनीति और उकसाने वाले बयान सुनकर फिक्र होती है। हम प्रोटेस्ट के समय इसी तरह की राजनीति से छुटकारा चाहते थे। तनुजा आगे कहती हैं कि नेपाल अपनी लोकेशन की वजह से अहम देश है। इसमें भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों की दिलचस्पी स्वाभाविक है। हमारी लीडरशिप पर निर्भर करता है कि वह इसे मौके में कैसे बदले। Gen Z प्रोटेस्ट के लीडर टंका धामी भी बालेन शाह से नाराज हैं। वे कहते हैं- हमें बालेन शाह के एजेंडे और डेवलपमेंट
MP-राजस्थान में तापमान 39°C तक पहुंचा:हिमाचल के मैदानी इलाकों और गुजरात में हीट-वेव का अलर्ट; पहाड़ों पर कल से बर्फबारी के आसार

देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम का तेजी से बदलने लगा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है और कई शहरों में पारा 35 से 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आने वाले 3-4 दिनों में कई इलाकों में तापमान 40°C के पार जा सकता है और कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है। IMD ने गुजरात में शनिवार को लू का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह में ही हीट-वेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुल्लू, मंडी और सोलन जिला के निचले इलाकों में शनिवार को लू चलने का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ज्यादा हो गया है। मौसम विभाग ने 8 मार्च से 11 मार्च तक जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई है। अगले 2 दिन मौसम का हाल- 8-9 मार्च- ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
Nancy Grewal Murder Plan Khulasa

नैंसी ग्रेवाल, जिसकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैंसी ग्रेवाल के मर्डर को लेकर बहन अलीशा ने कई खुलासे किए हैं। बहन ने बताया कि नैंसी को जान का खतरा था। उसने बकायादा कनाडा पुलिस को कुछ लोगों के नाम दे रखे थे। नैंसी ने पुलिस को कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो इन लोग . बहन ने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले नैंसी के एक करीबी दोस्त ने उसे अलर्ट किया था। नैंसी को बताया कि तुम्हारी कत्ल की प्लानिंग हो रही है। तुम कुछ दिनों के लिए कहीं चली जाओ। इस पर नैंसी ने कहा था कि मौत मंजूर है, लेकिन चुप नहीं बैठूंगी। नैंसी ने दोस्त को कहा था कि वे अपने क्लाइंट को नहीं छोड़ सकती। नैंसी ने पैरालाइज क्लाइंट को बचाने के लिए दरवाजा बंद कर दिया था, ताकि हमलावर क्लाइंट को नुकसान न पहुंचा पाएं। जिस घर में नैंसी पैरालाइज मरीज की देखभाल कर रही थी, उसी घर के बाहर उस पर हमला किया गया। बहन ने बताया कि नैंसी ने दोनों हमलावरों का मुकाबला किया, भागने की कोशिश भी की। लेकिन उन्होंने उसे घर के पीछे सुनसान जगह घेर लिया। हमलावरों ने उसके पेट में 20 बार चाकू से वार कर दिए। वो चिल्ला न पाए, इसलिए उसकी जीभ भी काट दी। बता दें कि मंगलवार रात (3 मार्च) करीब साढ़े 9 बजे नैंसी ग्रेवाल हत्या कर दी गई थी। नैंसी ग्रेवाल की बहन अलीशा की फाइल फोटो। नैंसी की बहन की अहम बातें… दरवाजा ऑटो लॉक न होता तो बच जाती: बहन ने बताया कि जब हमलावरों ने नैंसी पर चाकू से पहले 2 वार किए, तो वह जान बचाने के लिए वापस घर के अंदर भागने लगी। लेकिन घर का दरवाजा ऑटो लॉक हो चुका था। अगर दरवाजा बंद न होता तो शायद वो बच जाती। घर के अंदर मौजूद बुजुर्ग मरीज पैरालाइज होने के कारण दरवाजा नहीं खोल सकी, हालांकि उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया था। दरवाजा न खुलने पर नैंसी घर के पीछे जंगल की तरफ अपनी जान बचाने के लिए भागी। हमलावरों ने उसे वहां पकड़ लिया और उस पर तब तक वार किए जब तक वे पूरी तरह लहूलुहान नहीं हो गईं। पुलिस पहुंची, अस्पताल ले जाते हुए दम तोड़ा: अलीशा ने बताया कि जब तक लासाल पुलिस मौके पर पहुंची, नैंसी का काफी खून बह चुका था। हालांकि उस वक्त उसकी सांसें चल रही थी। लेकिन एंबुलेंस में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार गहरे जख्म और ज्यादा खून बहना मौत का कारण बना। प्री प्लांड मर्डर किया गया, पुलिस कुछ नहीं कर पाई: अलीशा ने कहा कि नैंसी का मर्डर प्री प्लांड था। पहले से पता था कि खतरा था। नैंसी ने मर्डर के बारे में पहले से पुलिस को बता दिया था। पुलिस ने कुछ लोगों को उठाया भी। लेकिन फिर भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बहुत बार खालिस्तान के मुद्दे पर बोलने से रोका: अलीशा ने कहा कि सोशल मीडिया पर सच बोलना ही बहन की मौत का कारण बना। वह खालिस्तान और अन्य मुद्दों पर बहुत खुला बोलती थी। परिवार उसे रोकता था। लेकिन वे कहती थी कि अगर मौत आनी है तो आएगी वह चुप नहीं रहेगी। नॉमिनी के बारे में बार-बार पूछा जा रहा था: अलीशा ने खुलासा किया कि मर्डर के पीछे जरूरी नहीं है कि खालिस्तानी ही हों। कोई और भी हो सकता है। कुछ लोग नैंसी से बार-बार पूछ रहे थे कि उसका नॉमिनी कौन है और उसने अपना सोना और संपत्ति कहां रखी है। वे लोग नैंसी के मरने के बाद उसकी चीजों पर कब्जा करना चाहते थे। नैंसी की 3 मार्च को चाकू से हत्या कर दी गई थी।- फाइल फोटो संस्कार के लिए मां आज कनाडा पहुंचेंगी नैंसी की मां ने बताया कि उसकी आज कनाडा के लिए फ्लाइट है। वह कनाडा पहुंचकर संस्कार करेगी। कनाडा पुलिस की बहुत सी फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद ही बॉडी मिलेगी। नैंसी का संस्कार कनाडा में ही किया जाएगा। मां ने बताया कि कनाडा सरकार से यही मांग है कि बेटी के कातिलों को जल्द से जल्द जेल में डाला जाए। नैंसी के इंस्टग्राम पर 14 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। लासाल पुलिस बोली- जांच चल रही लासाल पुलिस के हेड माइकल पियर्स ने कहा कि अब तक की जांच में ये बात निकलकर सामने आई है कि मर्डर अचानक या बिना सोचे-समझे नहीं हुआ। नैंसी का मर्डर प्री प्लांड है। इसके पीछे जो कोई भी है, पुलिस उनको वेरिफाई कर रही है। हर तरह की सूचना पर उस एंगल से जांच चल रही है। माइकल ने कहा कि अभी ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं करना चाहते, जिससे जांच प्रभावित हो। पुलिस को कई सुराग, टिप्स मिले हैं। लासाल में इस समय लोग डरे हुए हैं। बार-बार लोगों के कॉल आ रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि क्या दरवाजे बंद रखने चाहिए। हेड ने कहा कि वह हत्या को हलके से नहीं ले रहे। जल्दी आरोपी आइडेंटिफाई हो जाएंगे। बाबा सतनाम सिंह की 2 अहम बातें… मेरे समर्थन में वीडियो बनाए: बाबा सतनाम सिंह कहा कि नैंसी ग्रेवाल लोगों को बचाने का काम करती थी। मुझे उसकी मौत के बाद पता चला। मेरे समर्थन में भी उसने कई वीडियो बनाए थे। इसलिए मैंने भी सोचा उसके लिए कुछ कहना चाहिए। मुझे भी खालिस्तानी मरवाना चाहते हैं। नैंसी गलत कंटेंट नहीं बनाती थी: सतनाम सिंह ने कहा कि कमल कौर को तो इसलिए मार दिया था कि वो अश्लील कंटेंट बनाती थी, नैंसी तो गलत वीडियो भी नहीं बनाती थी। वो खलिस्तानियों के खिलाफ आवाज उठाती थी, जो सही थी। सिखों को कभी भी खालिस्तान नहीं चाहिए। गुरुबाणी कभी राज नहीं मांगती। सिखों को तो अखंड भारत चाहिए। ——– ये खबरें भी पढ़ें… नैन्सी ग्रेवाल के टारगेट पर रहते थे निहंग-खालिस्तानी:जट्ट की जगह ब्राह्मण-बंगाली कहा जाता, पति से तलाक हुआ, कनाडा में कत्ल यूट्यूबर की कहानी कनाडा में कत्ल की गई पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल हमेशा निहंगों और खालिस्तानियों को टारगेट करती थी। खालिस्तानियों को वह गुंडा कहती थी तो निहंगों को क्रिमिनल, हालांकि
Gurucharan Lifetime Libertarian Award | March 7 Current Affairs

6 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल बदले 5 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपाल नियुक्त किए। 2. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने इस्तीफा दिया 5 मार्च को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बोस ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा। बोस 18 नवंबर 2022 से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे और इस पद पर लगभग साढ़े तीन साल तक रहे। बोस ने इस्तीफे का कारण साफ नहीं किया है लेकिन ये इस्तीफा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है। तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आर.एन. रवि, को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। बोस 1977 केरल कैडर के IAS थे। वे नेशनल म्यूजियम और नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन भी रहे। 71 वर्षीय बोस केंद्र सरकार में मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए। सी. वी. बोस एक राइटर और कवि भी हैं, उन्होंने अंग्रेजी और मलयालम में कई किताबें लिखी हैं। सी. वी. बोस ने श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर के खजाने पर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी को भी लीड किया था। 3. भारतीय वायु सेना का सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट क्रैश 5 मार्च को असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में ट्रेनिंग के दौरान रडार से गायब हुआ भारतीय वायु सेना का सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया। इस हादसे में दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की मौत हो गई। वायुसेना ने गुरुवार देर रात 1 बजे क्रैश की पुष्टि की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसा के दौरान सुखोई फाइटर जेट नियमित उड़ान पर था। इसी दौरान उसका ग्राउंड कंट्रोल से कॉन्टेक्ट टूटा था। रडार से संपर्क टूटने के बाद वायुसेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया। Su‑30MKI दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है। बीते 12 सालों में 8 सुखोई क्रैश हुए हैं। 4 जून 2024 में भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग के दौरान टेक्निकल गड़बड़ी के चलते क्रैश हुआ था। सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माने जाते हैं। सुखोई Su-30MKI दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है जिसे भारतीय वायु सेना के लिए रूस के सुखोई डिजाइन ब्यूरो और भारत के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। 4. पीएम 2 नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे 8 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नई दिल्ली में दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और तीन और कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये प्रोजेक्ट 18,300 करोड़ का है। इसमें रास्ते में आठ एलिवेटेड स्टेशन भी शामिल हैं। नई दिल्ली में पीएम पिंक लाइन के मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर खंड और दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के दीपाली चौक से मजलिस पार्क खंड का उद्घाटन करेंगे। इस खंड के पूरा होने पर पिंक लाइन ‘रिंग मेट्रो’ यानी भारत का पहला पूरी तरह से चलने वाला सर्कुलर मेट्रो स्टेशन होगा। इस प्रोजेक्ट में यमुना नदी पर नया पुल बनाना और मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर दोनों को ले जाने वाले डबल डेकर वायाडक्ट का निर्माण भी शामिल है। इस आयोजन में पीएम मोदी दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक का विस्तार शामिल है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसे ऑपरेट करता है। पहली मेट्रो लाइन साल 2002 में शुरू हुई थी। अवार्ड (AWARD) 4. इंडियन राइटर गुरुचरण दास को लाइफटाइम लिबर्टेरियन अवॉर्ड 5 मार्च को भारतीय लेखक, टिप्पणीकार और विचारक गुरुचरण दास को लाइफटाइम लिबर्टेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। गुरुचरण दास ये अवॉर्ड पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। ये अवॉर्ड अमेरिका स्थित लिबर्टी इंटरनेशनल ऐसी हस्तियों को देता है, जिनके विचार और लीडरशिप ने दुनिया भर में स्वतंत्रता के विचार को आगे बढ़ाया हो। 82 वर्षीय दास को 40वें लिबर्टी इंटरनेशनल वर्ल्ड समिट में ये सम्मान दिया जाएगा, जो 7-9 अगस्त 2026 तक काठमांडू, नेपाल में होगा। इंडिया ग्रोज एट नाइट (2012) गुरुचरण की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब है। इसे फाइनेंशियल टाइम्स की 2013 की सर्वश्रेष्ठ किताबों की लिस्ट में भी शामिल किया गया था। लिबर्टी इंटरनेशनल 1969 में स्थापित किया गया था, ये 100 से ज्यादा देशों में शिक्षा और लीडरशिप को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। लाइफटाइम लिबर्टेरियन अवॉर्ड 2024 में शुरू किया गया था। गुरुचरण की मशहूर किताबों में इंडिया अनबाउंड (2000), द डिफकल्टी ऑफ बीइंग गुड (2009) और इंडिया ग्रोस एट नाइट (2012) शामिल हैं। निधन (DEATH) 5. नादस्वरम संगीतकार शेख महबूब सुभानी का निधन 4 मार्च को प्रसिद्ध भारतीय नादस्वरम संगीतकार शेख महबूब सुभानी का निधन हो गया। शेख महबूब सुभानी 71 साल के थे। वे कर्नाटक शास्त्रीय संगीत परंपरा से जुड़े थे। महबूब के पिता शेख मीरा साहिब और नाना शेख चिन्ना पीर साहिब भी प्रसिद्ध नादस्वरम संगीकार थे। शेख महबूब ने 7 साल की उम्र में नादस्वरम सीखना शुरू किया था। आर्थिक तंगी के चलते शेख ने एक तंबाकू कंपनी में क्लर्क के तौर पर भी काम किया। महबूब अपनी पत्नी कालीशाबी महबूब के साथ पूरे भारत और विदेशों में अपनी कला को प्रदर्शित किया है और वो एक प्रसिद्ध नादस्वरम जोड़ी बने। नादस्वरम पर कर्नाटक रागों और कृतियों को प्रस्तुत करने और त्यागराज आराधना सहित प्रमुख संगीत समारोहों में प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। नादस्वरम एक भारतीय पवन वाद्य यंत्र है। सुभानी नादस्वरम आर्टिस्ट परिवार की 8वीं पीढ़ी के थे। 2020 में शेख महबूब और उनकी पत्नी कलीशबी महबूब को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। आज का इतिहास 7 मार्च 1876 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को टेलीफोन का पेटेंट मिला। 2009 में नासा ने केपलर स्पेस टेलिस्कोप लॉन्च की। ———————– ये खबरें भी पढ़ें… ATM से कैश निकालने की
भारत सबसे ज्यादा 15वीं बार ICC फाइनल खेलेगा:कपिल से रोहित तक 7 ट्रॉफी की कहानी; ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी सबसे सफल टीम

भारतीय क्रिकेट टीम ICC टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार फाइनल खेलने उतरेगी। 1983 में कपिल देव की कप्तानी में मिली पहली वर्ल्ड कप जीत से शुरू हुआ यह सफर भारत को अब तक 7 ट्रॉफियां दिला चुका है। ICC टूर्नामेंट्स (वनडे वर्ल्ड कप + चैंपियंस ट्रॉफी + टी-20 वर्ल्ड कप + वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम है, जिसने 14 फाइनल में से 10 ट्रॉफियां जीती हैं। 2002 चैंपियंस ट्रॉफी का भारत-श्रीलंका फाइनल बारिश के कारण दो दिन में भी पूरा नहीं हो सका था। इसलिए दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। टीम इंडिया ने अपना पिछला खिताब रोहित शर्मा की कप्तानी में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर जीता था। अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और खिताब अपने नाम करने उतरेगी। इस स्टोरी में 1983 से अब तक भारत के सभी ICC फाइनल और उनसे जुड़ी कहानियां पढ़िए… उससे पहले सभी फाइनल में भारत का प्रदर्शन देखिए… 1983- भारत ने दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराया 25 जून 1983 को लॉर्ड्स में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर पहला वर्ल्ड कप जीता। भारत 54.4 ओवर में 183 रन पर ऑलआउट हुआ, जिसमें कृष्णमाचारी श्रीकांत (38), मोहिंदर अमरनाथ (26) और संदीप पाटिल (27) ने अहम पारियां खेलीं। जवाब में बलविंदर संधू ने गॉर्डन ग्रीनिज को इनस्विंगर पर बोल्ड किया और मदन लाल ने 3 विकेट लेकर वेस्टइंडीज को दबाव में ला दिया। मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब कपिल देव ने विवियन रिचर्ड्स का शानदार कैच पकड़ा। वेस्टइंडीज 140 रन पर ऑलआउट हो गई। अमरनाथ ने 3 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच जीता। कपिल देव का ट्रॉफी उठाना भारतीय क्रिकेट के नए युग की शुरुआत बना। 2000- गांगुली का शतक; केर्न्स ने आखिरी ओवर में मैच जिताया 15 अक्टूबर 2000 को नैरोबी में ICC नॉकआउट (चैंपियंस ट्रॉफी) फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया। भारत ने गांगुली (117) और सचिन (69) की 141 रन की साझेदारी की मदद से 264 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड 132 रन पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन क्रिस केर्न्स ने 113 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाकर क्रिस हैरिस (46) के साथ साझेदारी की और टीम को 49.4 ओवर में 265 तक पहुंचाकर 4 विकेट से जीत दिला दी। न्यूजीलैंड का यह पहला ICC खिताब था। 2002- बारिश ने रोका फाइनल, भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता कोलंबो में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में लगातार बारिश के कारण मैच दो दिन में भी पूरा नहीं हो सका और दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। पहले दिन श्रीलंका ने 244/5 बनाए, जयसूर्या (74) और संगकारा (54) ने रन बनाए, जबकि हरभजन ने 3 विकेट लिए। भारत 2 ओवर में 14/0 तक पहुंचा ही था कि बारिश हो गई। रिजर्व डे पर श्रीलंका ने 222/7 बनाए, जयवर्धने (77) और अर्नोल्ड (56*) ने रन बनाए। भारत 8.4 ओवर में 38/1 था, तभी फिर बारिश आ गई और मैच रद्द करना पड़ा। 2003- पोंटिंग की पारी, भारत का सपना टूटा जोहान्सबर्ग में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 125 रन से हराया। एडम गिलक्रिस्ट (57) और मैथ्यू हेडन (37) ने 105 रन की शुरुआत दी, फिर रिकी पोंटिंग ने 121 गेंदों में नाबाद 140 और डेमियन मार्टिन ने 88 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने 359/2 रन बनाए। भारत की ओर से सहवाग ने 82 और द्रविड़ ने 47 रन बनाए, लेकिन टीम 234 पर ऑलआउट हो गई। ग्लेन मैक्ग्रा ने 3 विकेट लिए। पूरे टूर्नामेंट में 673 रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। 2007- पहले टी-20 फाइनल के आखिरी ओवर में भारत की ऐतिहासिक जीत जोहान्सबर्ग में खेले गए पहले टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 रन से हराया। भारत ने गौतम गंभीर (75) और रोहित शर्मा (30*) की मदद से 157/5 बनाए। पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे। कप्तान धोनी ने जोगिंदर शर्मा को गेंद दी। मिस्बाह ने छक्का लगाया, लेकिन अगली गेंद पर स्कूप खेलने की कोशिश में श्रीसंथ को कैच दे बैठे। पाकिस्तान 152 रन पर ऑलआउट हुआ। इरफान पठान (3 विकेट) प्लेयर ऑफ द मैच बने। 2011- धोनी का सिक्स और 28 साल का इंतजार खत्म मुंबई के वानखेड़े में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप जीता। श्रीलंका ने महेला जयवर्धने (103*) की मदद से 274/6 बनाए। भारत की शुरुआत खराब रही, लेकिन गौतम गंभीर (97) और विराट कोहली (35) ने साझेदारी की। इसके बाद धोनी (91*) ने युवराज (21*) के साथ मैच खत्म किया और नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। 2013- बारिश के बीच भारत की रोमांचक जीत बर्मिंघम में बारिश के कारण चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल 20-20 ओवर का हुआ। भारत ने 129/7 बनाए, कोहली (43) और जडेजा (33*) ने अहम योगदान दिया। इंग्लैंड की पारी में ओएन मॉर्गन (33) और रवि बोपारा (30) ने टीम को करीब पहुंचाया, लेकिन ईशांत शर्मा ने लगातार दो विकेट लेकर मैच पलट दिया। आखिरी ओवर में अश्विन ने इंग्लैंड को 124/8 पर रोक दिया। 2014- कोहली की फिफ्टी, संगकारा ने छीनी ट्रॉफी बांग्लादेश के ढाका में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को श्रीलंका से 6 विकेट से हार मिली। भारत ने कोहली (77) रन की पारी से 130/4 बनाए। जवाब में कुमार संगकारा ने 52* रन बनाकर टीम को 17.5 ओवर में 134/4 तक पहुंचा दिया। कोहली 319 रन के साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। 2017- पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से हराया ओवल में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्तान ने 338/4 बनाए। फखर जमान ने 114, अजहर (59) और बाबर (46) ने योगदान दिया। जवाब में मोहम्मद आमिर ने रोहित, धवन और कोहली को आउट कर भारत को झटका दिया। हार्दिक पंड्या (76) ने संघर्ष किया, लेकिन भारत 158 रन पर ऑलआउट हो गया। 2021- न्यूजीलैंड ने पहला WTC जीता इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में खेले गए पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 8
Brain Health Indicator; Muscle Fat Ratio

3 दिन पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक अगर मैं पूछूं कि “आप फिट हैं या नहीं” तो शायद आप अपने वजन को पैमाना मानकर जवाब देंगे। लेकिन जरा ठहरिए… सिर्फ वजन आपकी सेहत की पूरी कहानी नहीं कहता है। फिटनेस का सही पैमाना ये है कि आपके शरीर में मसल्स और फैट का रेशियो क्या है? एक कमाल की बात ये है कि अगर ये रेशियो बैलेंस रहे तो ब्रेन हेल्थ पर पॉजिटिव असर होता है। ‘जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स एसोसिएशन’ में हाल ही में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, हमारे शरीर का मसल-फैट रेशियो ब्रेन हेल्थ का इंडिकेटर है। अगर शरीर में मसल का रेशियो फैट से ज्यादा है तो ब्रेन फंक्शनिंग बेहतर रहती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में समझेंगे कि मसल-फैट रेशियो क्या है। साथ ही जानेंगे कि- मसल-फैट रेशियो ब्रेन हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है? इस रेशियो को बैलेंस रखने के लिए क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट- डॉ. जुबैर सरकार, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- मसल-फैट रेशियो क्या होता है? जवाब- शरीर मुख्य रूप से मसल्स और फैट से मिलकर बना है। किसी की सेहत कितनी अच्छी है, यह इनके बीच के रेशियो से तय होता है यानी शरीर में कितने फीसदी फैट है और कितनी मसल्स हैं। इनके बीच के रेशियो को ही ‘मसल्स-फैट रेशियो’ कहते हैं। यह शरीर की बनावट और मेटाबॉलिक हेल्थ का संकेत देता है। सवाल- मसल-फैट रेशियो का ब्रेन से क्या कनेक्शन है? जवाब- हम आमतौर पर सोचते हैं कि ब्रेन शरीर को कंट्रोल करता है। यानी ब्रेन मसल्स को सिग्नल देता है और वो उसके मुताबिक काम करती हैं। ये सही भी है, लेकिन शरीर की मसल्स और उनकी एक्टिविटी भी ब्रेन को सिग्नल वापस भेजती हैं। उदाहरण के लिए, जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो मसल्स कुछ केमिकल्स (जैसे मायोकाइन्स) रिलीज करती हैं। ये केमिकल्स ब्रेन सेल्स को मजबूत करते हैं। इससे याददाश्त सुधरती होती है औ उम्र के साथ कॉग्निटिव डिक्लाइन (ब्रेन के काम करने की क्षमता में गिरावट) का रिस्क भी कम होता है। सवाल- मसल-फैट रेशियो को लेकर हाल ही में हुई स्टडी क्या कहती है? जवाब- ‘जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स एसोसिएशन’ में पब्लिश इस स्टडी में ये मुख्य बातें पता चली हैं- आपके शरीर में मसल्स जितनी ज्यादा और चर्बी (फैट) जितनी कम होगी, ब्रेन उतना ही एक्टिव रहेगा। शरीर में फैट ज्यादा हो तो यह ब्रेन एजिंग की रफ्तार को बढ़ा देता है, जबकि मसल्स इस प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। जब मसल्स बढ़ती हैं तो न सिर्फ बॉडी फिट रहती है, बल्कि याददाश्त और सोचने की शक्ति भी लंबे समय तक तेज बनी रहती है। मसल्स मजबूत होने से भविष्य में अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। सवाल- मसल-फैट रेशियो और BMI (बॉडी मास इंडेक्स) में क्या अंतर है? जवाब- BMI (बॉडी मास इंडेक्स) एक फिटनेस इंडेक्स है, जो शरीर के वजन और लंबाई के आधार पर निकाला जाता है। इससे पता चलता है कि व्यक्ति अंडरवेट, नॉर्मल, ओवरवेट या ओबीज कैटेगरी में है या नहीं। लेकिन BMI से यह नहीं पता चलता कि शरीर के वजन की वजह मसल है या फैट। जबकि मसल-फैट रेशियो शरीर में मौजूद मांसपेशियों और फैट के एक्चुअल रेशियो को बताता है। यह बॉडी कंपोजिशन पता करने का अधिक सटीक पैमाना है। सवाल- मसल-फैट रेशियो ब्रेन हेल्थ के लिए क्यों जरूरी है? जवाब- मसल-फैट रेशियो का सीधा संबंध ब्रेन की फंक्शनिंग से जुड़ा है। इसके बैलेंस रहने से हॉर्मोन भी बैलेंस्ड रहता है। इससे स्ट्रेस हॉर्मोन (कोर्टिसोल) कंट्रोल में रहता है। बेहतर मसल-फैट रेशियो से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है। ब्रेन तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंचते हैं। शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) कम रहता है। ब्रेन एजिंग और मेमोरी लॉस का रिस्क घटता है। नीचे ग्राफिक में हेल्दी मसल–फैट रेशियो के फायदे दो हिस्सों में समझाए गए हैं। सवाल- अगर बॉडी में फैट ज्यादा हो और मसल्स कम तो इससे ब्रेन को क्या नुकसान होता है? जवाब- इसका ब्रेन पर कई तरह से प्रभाव पड़ता है– ज्यादा बॉडी फैट खासकर विसरल फैट (पेट की चर्बी) शरीर में लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन बढ़ाता है। यह इंफ्लेमेशन धीरे-धीरे ब्रेन तक असर डाल सकता है। मसल्स कम होने से इंसुलिन सेंसिटिविटी घटती है। इससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। यह लंबे समय में ब्रेन फंक्शन पर नेगेटिव असर डालता है। ऐसी स्थिति में याददाश्त कमजोर होना, फोकस में कमी और उम्र के साथ कॉग्निटिव डिक्लाइन (ब्रेन की फंक्शनिंग में कमजोरी) का जोखिम बढ़ सकता है। सवाल– किन कारणों से शरीर में मसल रेशियो कम होता है? जवाब- मसल रेशियो कम होने का मतलब है कि शरीर में मसल्स घट रही हैं और फैट का हिस्सा बढ़ रहा है। इसकी वजह सिर्फ उम्र नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल, हॉर्मोनल बदलाव, बीमारियां और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। नीचे ग्राफिक में मसल लॉस के संभावित कारणों को अलग-अलग कैटेगरी में समझाया गया है। सवाल- क्या मसल्स बढ़ाने से ब्रेन एजिंग की गति धीमी होती है? जवाब- यह सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मसल्स बढ़ाने से ब्रेन एजिंग की स्पीड रुक जाती है, लेकिन मजबूत और एक्टिव मसल्स ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट जरूर करती हैं। मसल्स एक्टिव टिश्यू होते हैं। वे मायोकाइन्स जैसे केमिकल रिलीज करते हैं, जो इंफ्लेमेशन कम करने और ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन बनाने में मदद कर सकते हैं। सवाल- क्या हाई-प्रोटीन डाइट ब्रेन हेल्थ को सीधे फायदा पहुंचाती है? जवाब- जब हम प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर उसे छोटे हिस्सों में तोड़ देता है। इन्हें अमीनो एसिड कहते हैं। यही अमीनो एसिड ब्रेन में ऐसे केमिकल बनाने में काम आते हैं, जो ब्रेन की कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाते हैं। इन केमिकल्स की वजह से- कॉग्निटिव परफॉर्मेंस बेहतर होता है। मूड स्टेबल रहता है। फोकस बढ़ता है। ब्रेन सेल्स रिपेयर होती हैं। एजिंग स्पीड स्लो होती है। एनर्जी लेवल स्थिर रहता है न्यूरोट्रांसमीटर बैलेंस्ड रहता है। सवाल- कैसे पता चलता है कि हमारी बॉडी में फैट रेशियो ज्यादा है? जवाब- कुछ खास संकेत और टेस्ट इसमें मदद करते हैं- सबसे सटीक तरीका बॉडी फैट परसेंटेज मापना है। इसके लिए DEXA स्कैन (एक तरह का X-रे), BIA मशीन या स्किनफोल्ड टेस्ट किया जाता है। ये
Anupam Kher Birthday Interesting Facts; Facial Paralysis | Saaransh

4 घंटे पहले कॉपी लिंक अनुपम खेर को 2021 में हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका से दर्शनशास्त्र (हिंदू अध्ययन) में मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली। एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। तभी अचानक खबर आई कि उसका रोल किसी और को दिया जा सकता है। मायूस होकर उसने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया और आखिरी दफा फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट से मिलने गया। गुस्से में उसने उन्हें खरी-खोटी भी सुना दी। मगर उसकी सच्चाई, हिम्मत और जुनून देखकर महेश भट्ट ने फैसला किया कि यह किरदार वही निभाएगा। इसके बाद 28 साल की उम्र में उसने बुजुर्ग का रोल इतने शानदार तरीके से अदा किया कि उसे बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। बस, इसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अनुपम खेर की। आज अनुपम खेर के बर्थडे के खास मौके पर आइए उनकी जिंदगी को करीब से छूते हैं- पिता थे वन विभाग में क्लर्क 7 मार्च 1955 को शिमला (हिमाचल प्रदेश) में एक कश्मीरी पंडित परिवार में पैदा हुए अनुपम खेर के पिता पुष्कर नाथ खेर वन विभाग में क्लर्क थे, जबकि उनकी माता दुलारी खेर गृहिणी थीं। उनकी स्कूल की पढ़ाई शिमला के डी. ए. वी. स्कूल से हुई थी। अनुपम खेर के एक छोटे भाई राजू खेर हैं। अनुपम खेर के भाई राजू खेर भी एक एक्टर और डायरेक्टर हैं। अनुपम खेर की पहली किस का किस्सा अनुपम खेर ने शो आप की अदालत में बताया था कि ग्यारहवीं कक्षा में उन्हें अपने मोहल्ले में आई एक लड़की से प्यार हो गया था। वह लड़की अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ती थी और एक आर्मी ऑफिसर की बेटी थी। अनुपम खेर और उनके दोस्त विजय सहगल कई महीनों तक साइकिल से उसके पीछे-पीछे जाते रहे, लेकिन अनुपम मोहब्बत का इजहार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। छोटे शहर का माहौल था, जहां जज्बात दिल में रहते थे और अल्फाज होंठों तक आते-आते रुक जाते थे। करीब दो महीने बाद दोस्त के कहने पर उन्होंने लड़की से “आई लव यू” कह दिया, जिस पर लड़की ने जवाब में “मी टू” कहा। अनुपम खेर को उस समय अंग्रेजी ज्यादा समझ नहीं आती थी और वह “मी टू” का मतलब भी फौरन नहीं समझ पाए। बाद में दोस्त ने समझाया कि इसका मतलब है कि वह भी उनसे मोहब्बत करती है। इसके बाद उनके दोस्त ने उन्हें लड़की से “आई वांट टू किस यू” कहने की सलाह दी। उस दौर में ऐसा कहना बहुत बड़ी बात होती थी। एक महीने बाद उन्होंने हिम्मत कर यह भी कह दिया, जिस पर लड़की ने जवाब में कहा कि स्कूल के एनुअल फंक्शन के दिन वह उन्हें किस करेगी। हालांकि बाद में अनुपम खेर को ध्यान आया कि एनुअल फंक्शन में अभी आठ महीने बाकी थे। इसी दौरान दोस्त ने मजाक में उन्हें किस की प्रैक्टिस करने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने शीशे के गिलास से अभ्यास करना शुरू कर दिया, जिससे उनके होंठ कट गए और सूज गए। परिवार में किसी ने सूट नहीं पहना था कहानी में नया मोड़ तब आया जब लड़की ने शर्त रखी कि वह एनुअल फंक्शन में साड़ी पहनकर आएगी और अनुपम खेर को सूट पहनकर आना होगा। खेर ने बताया था कि उनके परिवार में पहले किसी ने सूट नहीं पहना था। जब उन्होंने घर पर सूट की मांग की तो परिवार हैरान रह गया। किसी तरह उन्होंने पिता को स्कूल के कार्यक्रम का बहाना देकर राजी किया और सूट सिलवाया। तय दिन पर दोनों ने रेलवे ब्रिज के नीचे मिलने का फैसला किया। किस करने से पहले वह और उनके दोस्त ने वहां के बल्ब तक तोड़ दिए ताकि कोई देख न सके। रात करीब साढ़े आठ बजे लड़की साड़ी में पहुंची और वह खुद नीले सूट में पहुंचे। दोनों के बीच कुछ देर खामोशी रही। जैसे ही वह किस करने के लिए आगे बढ़े, उसी समय लड़की के घर की लाइट जल गई और उसके पिता दरवाजे पर दिखाई दिए। घबराहट में लड़की ने अपना चेहरा मोड़ लिया और अनुपम खेर का पहला किस उसके होंठों की बजाय उसके कान पर जा लगा। इंटरव्यू में खेर ने कहा कि उनका पहला किस डिजास्टर साबित हुआ था। NSD से एक्टिंग की बारीकियां सीखीं स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद अनुपम ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से संबद्ध गवर्नमेंट कॉलेज, संजौली में अर्थशास्त्र की पढ़ाई शुरू की। लेकिन बाद में भारतीय रंगमंच का अध्ययन करने के लिए उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में प्रवेश लिया और अपना पहले वाला कोर्स बीच में ही छोड़ दिया। बाद में उन्होंने 1978 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली से भी एक्टिंग की बारीकियां सीखीं। 28 साल की उम्र में बुजुर्ग का किरदार निभाया लंबे संघर्ष के बाद उन्हें फिल्म सारांश (1984) में एक शानदार भूमिका निभाने का मौका मिला, लेकिन कुछ दिनों बाद उनका रोल बदलने की बात होने लगी। हालांकि उनका कॉन्फिडेंस और इरादा देखकर फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट ने वही रोल दिया जो उनको ऑफर किया गया था। इसके बाद अनुपम को फिल्म से एक शानदार पहचान मिली। सारांश में अनुपम खेर ने बी.वी. प्रधान का रोल किया था, जो 65 साल के रिटायर्ड स्कूल टीचर थे और अपने इकलौते बेटे को खोने के गम से जूझ रहे थे। इस फिल्म में उन्होंने बुजुर्ग पिता का किरदार निभाया, जबकि उस वक्त उनकी उम्र करीब 28 साल थी। फिल्म व्यावसायिक तौर पर बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन फिल्म समीक्षकों ने उनकी अदाकारी की जमकर तारीफ की। उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला और यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने विलेन, कॉमेडी और करेक्टर रोल में खुद को साबित किया। कर्मा, तेजाब और चालबाज जैसी फिल्मों में उनके नेगेटिव रोल चर्चा में रहे। वहीं राम लखन और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई।
आपका पैसा- क्या होम लोन का प्रीपेमेंट करना सही है:ब्याज के पैसे बचेंगे, लेकिन कैश क्रंच का डर भी, एक्सपर्ट से जानें फायदे-नुकसान

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक अपना घर हो। इस सपने को साकार करने के लिए ज्यादातर लोग ‘होम लोन’ लेते हैं और सालों तक EMI चुकाते रहते हैं। इस तरह लंबे समय में आप लिए गए कर्ज का तकरीबन चार गुना पैसा बैंक को देते हैं। लेकिन फर्ज करिए कि आपके पास अतिरिक्त पैसे आ जाएं तो क्या समय से पहले लोन अदा करना चाहिए, जिसे ‘लोन प्रीपेमेंट’ कहते हैं। तो सवाल ये है कि पूरी लोन अवधि तक EMI चुकाते रहने सही है या लोन का प्रीपेमेंट करना सही है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में ‘होम लोन प्रीपेमेंट’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- होम लोन प्रीपेमेंट क्या होता है? जवाब- होम लोन प्रीपेमेंट का मतलब है, ‘तय अवधि से पहले लोन का कुछ हिस्सा या पूरा भुगतान कर देना।’ इससे मूलधन कम हो जाता है और आगे आने वाली EMI में ब्याज घट जाता है। कुछ मामलों में बैंक प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं। इसलिए प्रीपेमेंट से पहले ब्याज की बचत और संभावित चार्ज का सही आकलन करना जरूरी है। आमतौर पर ब्याज की अपेक्षा लोन प्रीपेमेंट चार्ज बहुत कम होता है। सवाल- होम लोन प्रीपेमेंट करने के क्या नियम हैं? जवाब- भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, अपने रहने के लिए घर के खातिर लोन लिया है और यह फ्लोटिंग रेट (ब्याज घटता-बढ़ता रहता है) पर है तो प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन फिक्स रेट वाले लोन पर बैंक शुल्क ले सकते हैं। पूरी जानकारी के लिए ग्राफिक देखिए- बैंक या HFC (हाउसिंग फाइनेंस कंपनी) होम लोन पर कब प्रीपेमेंट फीस ले सकते हैं, विस्तार से समझिए- होम लोन कंपनी या फर्म के नाम पर है अगर किसी कंपनी या फर्म ने घर या बिल्डिंग खरीदने के लिए होम लोन लिया है। कंपनी इस होम लोन का प्रीपेमेंट करना चाहती है तो उसे प्रीपेमेंट फीस भरनी पड़ेगी। होम लोन फिक्स रेट पर है अगर आपके होम लोन की ब्याज दर फिक्स है और आप प्रीपेमेंट करना चाहते हैं तो RBI के नियम के अनुसार, आपको प्रीपेमेंट फीस देनी पड़ेगी। ऐसे मामलों में बैंक और HFC दोनों प्रीपेमेंट फीस ले सकते हैं। फिक्स इंटरेस्ट रेट में लोन की ब्याज दर पूरे समय एक जैसी रहती है। हालांकि, HFC आपसे तभी प्रीपेमेंट वसूल सकते हैं, जब आप किसी दूसरे बैंक या HFC से लोन लेकर होम लोन चुका रहे हों। जब होम लोन डुअल रेट वाला हो डुअल रेट होम लोन में इंटरेस्ट रेट कुछ सालों के लिए फिक्स रहता है। इसके बाद फ्लोटिंग रेट में कन्वर्ट हो जाता है। अगर आपने ऐसा लोन लिया है, तो बैंक इसे जल्दी बंद करने पर फीस ले सकते हैं। इन कंडीशंस में बैंक नहीं ले सकते हैं प्रीपेमेंट फीस फ्लोटिंग रेट होम लोन के लिए नियम अगर किसी व्यक्ति ने फ्लोटिंग रेट (ब्याज दर में उतार-चढ़ाव वाला) होम लोन लिया है, तो उसके समय से पहले भुगतान (प्रीपेमेंट) पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं लगाया जाता है। चाहे आप लोन का आंशिक भुगतान करें या पूरा लोन चुकता करें, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। फिक्स रेट होम लोन का अपने पैसों से भुगतान अगर किसी व्यक्ति ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से फिक्स रेट पर लोन लिया है और वह अपने स्वयं के पैसों से उसे चुका रहा है, तो HFC उस पर प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं लगा सकती है। डुअल रेट होम लोन जब लोन की ब्याज दर फिक्स से फ्लोटिंग रेट में बदल जाती है, तब बैंक और HFC दोनों उस लोन के प्रीपेमेंट पर किसी भी तरह की पेनल्टी नहीं लगा सकते हैं। सवाल- प्रीपेमेंट के फायदे और नुकसान क्या हैं? जवाब- प्रीपेमेंट का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ब्याज में जा रहा पैसा बच जाता है। इससे लोन जल्दी खत्म होता है और मानसिक राहत भी मिलती है। इससे क्रेडिट स्कोर भी बेहतर होता है। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं। अगर प्रीपेमेंट चार्ज ज्यादा है या आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो प्रीपेमेंट टालना बेहतर है। इसके सभी फायदे-नुकसान ग्राफिक में देखिए- सवाल- होम लेन प्रीपेमेंट का सही समय क्या है? जवाब- प्रीपेमेंट के लिए शुरुआती 5-7 साल सबसे बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि इस दौरान EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है। इसके अलावा बोनस, निवेश की मेच्यौरिटी या अतिरिक्त आय मिलने पर प्रीपेमेंट करना समझदारी होती है। अगर ब्याज दरें बढ़ रही हैं और आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो भी प्रीपेमेंट फायदेमंद हो सकता है। लेकिन पहले अपने इमरजेंसी फंड और अन्य जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। सवाल- क्या प्रीपेमेंट से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है? जवाब- हां, प्रीपेमेंट से आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर हो सकता है। समय से पहले लोन चुकाने से क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है और यह दर्शाता है कि आप जिम्मेदार उधारकर्ता हैं। इससे भविष्य में आपको लोन आसानी से मिल सकता है। सवाल- होम लोन प्रीपेमेंट से EMI कम होती है या लोन का टाइम पीरियड कम होता है? जवाब- प्रीपेमेंट के समय बैंक दो विकल्प देते हैं- आमतौर पर लोन की अवधि घटाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे कुल ब्याज में बड़ी बचत होती है। EMI कम करने से मासिक बोझ घटता है, लेकिन ब्याज उतना कम नहीं होता है। इसलिए अगर आपकी आय स्थिर है, तो अवधि कम करना बेहतर विकल्प माना जाता है। सवाल- कितना प्रीपेमेंट करना सही है? जवाब- प्रीपेमेंट उतना ही करना चाहिए, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन प्रभावित न हो। आमतौर पर लोग 10-30% तक अतिरिक्त भुगतान करते हैं। इससे ब्याज में अच्छी बचत होती है और लिक्विडिटी भी बनी रहती है। हमेशा इमरजेंसी फंड, बीमा और जरूरी खर्चों के लिए पर्याप्त पैसा अलग रखें। अपनी पूरी बचत लोन चुकाने में नहीं खर्च करनी चाहिए। सवाल- निवेश या प्रीपेमेंट दोनों में क्या बेहतर है? जवाब- यह पूरी तरह आपकी फाइनेंशियल कंडीशन और बाजार पर निर्भर करता है। अगर आपके निवेश से मिल रहा रिटर्न, होम लोन की ब्याज दर से ज्यादा है तो निवेश बेहतर ऑप्शन हो सकता है। अगर आप जोखिम से बचना चाहते हैं और ब्याज दर ज्यादा है, तो प्रीपेमेंट अच्छा विकल्प है। संतुलित तरीका अपनाना बेहतर होता है। सवाल- क्या हर
India Can Buy Russian Crude Oil

नई दिल्ली57 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर गैस सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है।ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। वहीं भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. दावा- घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े: ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत की संभावना; सरकार का LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो जाएंगी। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की संभावना जताई गई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत: ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, क्रूड ऑयल की कीमत 89 डॉलर के पार भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सोना 3 दिन में ₹8720 सस्ता, ₹1.59 लाख पर आया: चांदी ₹29,125 गिरकर ₹2.61 लाख पर आई, 36 दिन में ₹1.25 लाख सस्ती हुई सोने और चांदी के दामों में 6 मार्च (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,835 रुपए घटकर ₹1,58,751 पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1,60,586 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना 3 दिन में 8,720 सस्ता हुआ है। वहीं एक किलो चांदी 3,489 रुपए गिरकर ₹2,60,723 पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत ₹2,64,212 लाख रुपए प्रति किलो थी। ये 3 दिन में 29,125 रुपए सस्ती हुई है। सोना-चांदी के दाम में ये गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. होर्मुज से 24 घंटे में सिर्फ 2 जहाज निकले:दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुकी; रक्षा मंत्री बोले- भारत की तेल-गैस सप्लाई पर सीधा असर मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) की 6 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से सिर्फ दो कॉमर्शियल जहाज गुजरे। ये दोनों ही मालवाहक जहाज थे। कोई तेल टैंकर इस दौरान वहां से नहीं गुजरा। आमतौर पर इस रास्ते से हर दिन दर्जनों विशाल तेल टैंकर गुजरते हैं। यह स्थिति भारत सहित ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा: सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला ED ने 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सुबह होने से पहले ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी। टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर गैस सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। वहीं भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े: ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत की संभावना; सरकार का LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो जाएंगी। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की संभावना जताई गई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत: ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, क्रूड ऑयल की कीमत 89 डॉलर के पार भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सोना 3 दिन में ₹8720 सस्ता, ₹1.59 लाख पर आया: चांदी ₹29,125 गिरकर ₹2.61 लाख पर आई, 36 दिन में ₹1.25 लाख सस्ती हुई सोने और चांदी के दामों में 6 मार्च (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,835 रुपए घटकर ₹1,58,751 पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1,60,586 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना 3 दिन में 8,720 सस्ता हुआ है। वहीं एक किलो चांदी 3,489 रुपए गिरकर ₹2,60,723 पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत ₹2,64,212 लाख रुपए प्रति किलो थी। ये 3 दिन में 29,125 रुपए सस्ती हुई है। सोना-चांदी के दाम में ये गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. होर्मुज से 24 घंटे में सिर्फ 2 जहाज निकले:दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुकी; रक्षा मंत्री बोले- भारत की तेल-गैस सप्लाई पर सीधा असर मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) की 6 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से सिर्फ दो कॉमर्शियल जहाज गुजरे। ये दोनों ही मालवाहक जहाज थे। कोई तेल टैंकर इस दौरान वहां से नहीं गुजरा। आमतौर पर इस रास्ते से हर दिन दर्जनों विशाल तेल टैंकर गुजरते हैं। यह स्थिति भारत सहित ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा: सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला ED ने 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सुबह होने से पहले ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी। टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









