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India T20 World Cup Champions 2026

India T20 World Cup Champions 2026

नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीत लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में दिवाली जैसा माहौल है। प्रशंसक सड़कों पर नाच रहे हैं, आतिशबाजी कर रहे हैं और तिरंगा फहराकर खुशी मना रहे हैं। इधर कप्तान सूर्यकुमार यादव देर रात वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा की। इस दौरान ICC चेयरमैन जय शाह और टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके साथ थे। कप्तान सूर्यकुमार यादव वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे। 5 तस्वीरों में देखें जश्न का माहौल… राजस्थान के जयपुर में भारत की जीत के बाद कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत नाचने लगे। मध्य प्रदेश के भोपाल में हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे लोग। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में लोगों ने तिरंगा फहराकर जश्न मनाया। बिहार के पटना में कहीं गुलाल उड़ाकर तो कहीं आतिशबाजी हुई। देशभर में जश्न से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 10:09 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक हनुमान मंदिर में पूजा के बाद टीम इंडिया होटल पहुंची 09:58 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के रामबन में तैनात CRPF की 84वीं बटालियन ने जश्न मनाया 09:25 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक पूर्व भारतीय क्रिकेटर निरंजन शाह ने कहा- बहुत खुशी है कि हम लगातार दूसरी बार जीते 09:02 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया 09:01 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक ICC अध्यक्ष जय शाह, गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव स्टेडियम से रवाना हुए 09:00 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक हनुमान मंदिर के पुजारी ईश्वर दास ने कहा- मैच से पहले भी टीम ने यहां पूजा की थी 08:56 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक IPL की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष अरुण सिंह धूमल ने कहा- पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन रहा 08:49 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में पूजा की 08:47 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक गुजरात के नाडियाड में अक्षर पटेल की फैमिली का सेलिब्रेशन 08:43 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में पूजा की 08:26 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने जश्न की फोटो शेयर की 07:14 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक कथावाचक जया किशोरी ने कहा- हमारे पास सर्वश्रेष्ठ टीम है, पूरे देश को बधाई देती हूं 07:10 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में जश्न के दौरान हुड़दंग कर रहे लोगों पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया 07:07 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक मध्यप्रदेश के जबलपुर में डांस कर जश्न मनाते फैंस 07:04 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक रायपुर के जयस्तंभ में जश्न मनाने हजारों लोग इकट्ठे हुए 07:03 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक छत्तीसगढ़ के कोरबा में महिलाओं ने डांस कर जश्न मनाया 06:57 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक मध्य प्रदेश के इंदौर में आतिशबाजी करते लोग 06:50 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा- हम क्रिकेट में नंबर 1 हैं 06:47 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट के बाहर जश्न मनाते लोग 06:44 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नाचकर जश्न मनाते फैंस 06:42 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक वैशाली में टीम इंडिया की जीत के लिए फैंस ने हवन किया 06:38 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक T-20 वर्ल्ड कप मैच देखने को लेकर पीट-पीटकर हत्या वैशाली में रविवार शाम मोबाइल पर T-20 वर्ल्ड कप मैच देखने को लेकर हुए विवाद में 17 साल के दिव्यांग युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जक्कोपुर गांव में कुछ युवक भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच देख रहे थे। मैच के दौरान भारत का एक विकेट गिरने पर एक युवक ने जोर से हल्ला किया, जिससे दूसरे युवक को गुस्सा आ गया। पढ़ें पूरी खबर… 06:36 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक वर्ल्डकप फाइनल मैच में जश्न मनाने पर लाठी-डंडों से हमला:आरोप- छत पर चढ़कर गोली चलाई, युवती के सिर में 9 टांके आए इंडिया-न्यूजीलैंड में टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मैच के दौरान जश्न मनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घर पर पथराव भी किया। घटना खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र के बाघोड़ा धमुकड़ गांव की है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भूख से बार-बार परेशान? अपनाएं 4 आसान हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट और फर्क खुद देखें, सिर्फ 10 मिनट और मिलेगी दिनभर एनर्जी

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High Protein Breakfast: सुबह का समय अक्सर अलार्म, जल्दी तैयार होने और काम की लिस्ट के बीच निकल जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है-आज नाश्ते में क्या बनाएं जो जल्दी भी हो और पेट भी भरे? कई लोग सिर्फ चाय-बिस्किट या ब्रेड पर काम चला लेते हैं, लेकिन दो घंटे बाद ही भूख फिर से लग जाती है. असल में सुबह का ब्रेकफास्ट ऐसा होना चाहिए जो शरीर को सही फ्यूल दे, दिमाग को एक्टिव रखे और बार-बार स्नैकिंग से बचाए. यही काम करता है प्रोटीन. हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट न सिर्फ आपको लंबे समय तक फुल रखता है, बल्कि मसल्स की रिकवरी, एनर्जी लेवल और फोकस के लिए भी अच्छा रहता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए कोई महंगी या मुश्किल डिश बनाने की जरूरत नहीं. हमारी अपनी किचन में मौजूद चीजों से ऐसे आसान और टेस्टी ऑप्शन तैयार किए जा सकते हैं जो सुबह की भागदौड़ में भी फिट बैठते हैं. आइए जानते हैं 4 ऐसे ब्रेकफास्ट आइडिया जो स्वाद और सेहत दोनों में पास हैं. 1. स्टफ्ड हाई-प्रोटीन परांठा-देसी स्वाद के साथ पावर पैक शुरुआतपरांठा लगभग हर घर में पसंद किया जाता है, अगर इसमें सही फिलिंग डाल दी जाए तो ये एक बेहतरीन प्रोटीन रिच ब्रेकफास्ट बन सकता है. कैसे बनाएंआटे की लोई बेलें और इसमें पनीर, टोफू या उबले चने की दरदरी पेस्ट मिलाएं. चाहें तो बारीक कटी पालक या मेथी भी डाल सकते हैं. हल्का नमक, काली मिर्च और थोड़ा सा जीरा पाउडर मिलाकर स्टफ करें और तवे पर सेक लें. इसे लो-फैट दही या हरी चटनी के साथ खाएं. ये कॉम्बिनेशन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बीच में जंक खाने की इच्छा कम करता है. 2. टोफू या अंडे की भुर्जी-क्विक और फुल ऑफ प्रोटीनअगर आपके पास 10 मिनट हैं तो ये ऑप्शन परफेक्ट है. कैसे बनाएंपैन में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटा प्याज और टमाटर डालें. हल्दी, लाल मिर्च, थोड़ा धनिया पाउडर डालें. अब क्रम्बल किया हुआ टोफू या फेंटा हुआ अंडा डालकर अच्छे से भून लें. रोटी, मल्टीग्रेन ब्रेड या सिर्फ सलाद के साथ भी इसे खाया जा सकता है. ये डिश हल्की भी है और भरपेट भी. ऑफिस जाने वालों के लिए ये बहुत काम की रेसिपी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 3. मूंग दाल चीला-हल्का, टेस्टी और पेट भरने वालामूंग दाल से बना चीला सुबह के लिए शानदार ऑप्शन है. इसमें प्लांट बेस्ड प्रोटीन भरपूर मिलता है. कैसे बनाएंपीली मूंग दाल को 3–4 घंटे भिगोकर पीस लें. घोल में नमक, हरी मिर्च और कद्दूकस की हुई गाजर या पालक मिलाएं. तवे पर हल्का तेल लगाकर चीला फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक पकाएं. इसे पुदीने की चटनी या सादा दही के साथ सर्व करें. ये हल्का होने के बावजूद लंबे समय तक फुल रखता है. 4. स्प्राउट्स सलाद-बिना गैस जलाए तैयारअगर सुबह बिल्कुल समय नहीं है तो स्प्राउट्स सलाद सबसे आसान ऑप्शन है. कैसे तैयार करेंअंकुरित मूंग, चना और मसूर को एक बाउल में लें. इसमें कटे टमाटर, खीरा, प्याज और थोड़ा नींबू रस मिलाएं. ऊपर से चाट मसाला छिड़क दें. ये सलाद प्रोटीन, फाइबर और जरूरी विटामिन से भरपूर होता है. इसे आप टिफिन में भी ले जा सकते हैं. क्यों जरूरी है हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट?सुबह प्रोटीन लेने से ब्लड शुगर तेजी से ऊपर-नीचे नहीं होती. इससे थकान कम होती है और फोकस बेहतर रहता है. जो लोग वेट मैनेजमेंट पर ध्यान दे रहे हैं, उनके लिए भी ये अच्छा ऑप्शन है क्योंकि इससे बार-बार भूख नहीं लगती. सही ब्रेकफास्ट आपके पूरे दिन का मूड सेट कर देता है. इसलिए अगली बार “क्या बनाएं” सोचने की जगह इन चार आसान रेसिपी में से कोई एक चुनें और दिन की शुरुआत दमदार तरीके से करें.

‘हिटलर मानसिकता’: महुआ मोइत्रा के ‘गैर-टीएमसी समर्थक बंगाली नहीं हैं’ कहने पर बीजेपी का पलटवार | राजनीति समाचार

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 21:35 IST मोइत्रा ने यह टिप्पणी दिन में कोलकाता के धर्मतला में एसआईआर मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान की। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा। (पीटीआई फाइल फोटो) भाजपा ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की कड़ी आलोचना की, जब उन्होंने दावा किया कि जो लोग टीएमसी का समर्थन नहीं करते हैं वे बंगाली नहीं हैं और उन्हें राज्य में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मोइत्रा ने यह टिप्पणी दिन में कोलकाता के धर्मतला में एसआईआर मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान की। कार्यक्रम स्थल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की ओर से राजनीतिक लड़ाई लड़ रही हैं। मोइत्रा ने कहा, ”मैं सभी से यह कह रही हूं कि जो लोग अब टीएमसी के साथ नहीं हैं, वे बंगाली नहीं हैं, उन्हें बंगाल में रहने का अधिकार नहीं है क्योंकि ममता दीदी बंगाल के लोगों के लिए यह लड़ाई लड़ रही हैं।” वीडियो | टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (@महुआमोइत्रा) कहते हैं, ”मैं हर किसी से यह कह रहा हूं कि जो लोग अब टीएमसी के साथ नहीं हैं, वे बंगाली नहीं हैं, उन्हें बंगाल में रहने का अधिकार नहीं है क्योंकि ममता दीदी बंगाल के लोगों के लिए यह लड़ाई लड़ रही हैं।” (पूरा वीडियो उपलब्ध है… pic.twitter.com/GzxxHf5SSt – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 8 मार्च 2026 यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद पर केंद्र बनाम टीएमसी: ममता ने उल्लंघन से इनकार किया, बीजेपी ने कहा, ‘महिलाएं माफ नहीं करेंगी’ जवाब में, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में उनके बयान की निंदा की और टीएमसी पर असहिष्णुता की मानसिकता पेश करने का आरोप लगाया। पूनावाला ने कहा, “टीएमसी का मतलब तानाशाही, मानसिकता और संस्कृति है और महुआ मोइत्रा के बयान से इंदिरा गांधी की उसी तानाशाही मानसिकता की बू आती है।” “इंदिरा गांधी ने एक बार कहा था, “भारत इंदिरा है, इंदिरा भारत है।” आज, महुआ मोइत्रा कह रही हैं, “टीएमसी बंगाली है, बंगाली टीएमसी है।” वीडियो | दिल्ली: महुआ मोइत्रा के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का कहना है, ”यह एक तरह की तानाशाही है जो महुआ मोइत्रा प्रदर्शित कर रही हैं. महुआ मोइत्रा का कहना है कि अगर आप टीएमसी में नहीं हैं, तो आप बंगाली नहीं हैं और आपको बंगाल छोड़ देना चाहिए. एक समय की बात है, इंदिरा के समय… pic.twitter.com/frhsK34SYe– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 8 मार्च 2026 उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियाँ “हिटलर-एस्क मानसिकता” और इंदिरा गांधी की याद दिलाने वाली शैली को दर्शाती हैं, जो उन्होंने कहा कि भारत के माननीय राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय पर हमलों को रेखांकित करता है। भाजपा प्रवक्ता ने टिप्पणी की, “यही मानसिकता है जो भारत के माननीय राष्ट्रपति पर भी हमलों को प्रेरित करती है। जिस तरह से उन्होंने राष्ट्रपति के साथ व्यवहार किया है, वे आदिवासी समुदाय, आदिवासी समुदाय का अपमान करते हैं। वे लोगों पर भी हमला करते हैं।” पूनावाला ने चुनाव के बाद हुई हिंसा का हवाला देते हुए आगे आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता और तथाकथित कार्यकर्ता उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो पार्टी का समर्थन नहीं करते हैं, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, “यदि आप टीएमसी के साथ नहीं हैं, तो वे सुनिश्चित करेंगे कि उनके कार्यकर्ता या जिहादी कार्यकर्ता आपको निशाना बनाएं। हमने चुनाव के बाद हिंसा और सैकड़ों लोगों की हत्या देखी है।” जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 08, 2026, 21:31 IST समाचार राजनीति ‘हिटलर मानसिकता’: महुआ मोइत्रा के ‘गैर-टीएमसी समर्थक बंगाली नहीं हैं’ कहने पर बीजेपी का पलटवार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

उज्जैन में मंदिर से निकला ध्वज चल समारोह:मुख्यमंत्री ने किए बाबा महाकाल के दर्शन; ध्वज का पूजन किया, तलवारबाजी भी की

उज्जैन में मंदिर से निकला ध्वज चल समारोह:मुख्यमंत्री ने किए बाबा महाकाल के दर्शन; ध्वज का पूजन किया, तलवारबाजी भी की

उज्जैन में रंगपंचमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। सुबह उन्होंने वीरभद्र जी और महाकाल ध्वज का पूजन किया, साथ ही तलवारबाजी भी की। इसी दिन शाम को श्री महाकालेश्वर मंदिर से एक भव्य ध्वज चल समारोह निकाला गया, जिसमें झांकियां और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में यह चल समारोह प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार रंगपंचमी महापर्व पर भगवान श्री वीरभद्र जी के पूजन के बाद निकाला जाता है। इस वर्ष के समारोह में विभिन्न आकर्षक झांकियां, बैंड और धार्मिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और अंततः पुनः मंदिर परिसर पहुंचा। चल समारोह में सबसे आगे बैंड दल था। इसके बाद वीरभद्र और कालिका माता की झांकियां, गणेश मालवा बैंड, नासिक ढोल, महाकाल के गर्भगृह दर्शन की झांकी और नंदी की सवारी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अतिरिक्त, चांदी का ध्वज-छत्र, अन्य धार्मिक झांकियां और हाथी पर सवार मनमहेश के दर्शन भी भक्तों को हुए। यह चल समारोह महाकाल मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, तोपखाना, दौलतगंज, फव्वारा चौक, कंठाल, सती गेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचा।

आंखों में जलन और खुजली को न करें नजरअंदाज, देर हुई तो हो सकता है बड़ा नुकसान

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Last Updated:March 08, 2026, 20:46 IST आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के कारण आंखों में जलन और खुजली की समस्या तेजी से बढ़ रही है. कई लोग इसे छोटी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार समय पर ध्यान न देने से आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसलिए इन लक्षणों को हल्के में लेना ठीक नहीं माना जाता. आंखें हमारे शरीर का बेहद नाजुक और जरूरी हिस्सा हैं, लेकिन आज की लाइफस्टाइल में इनका सबसे ज्यादा नुकसान भी हो रहा है. लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने की आदत के साथ-साथ धूल, धुआं और बढ़ता प्रदूषण आंखों पर बुरा असर डालते हैं. इन वजहों से आंखों में जलन, खुजली और लालिमा जैसी समस्याएं होने लगती हैं. अक्सर लोग इन लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो आंखों की नाजुक परत को नुकसान पहुंच सकता है और समस्या गंभीर भी हो सकती है. आंखों में खुजली और जलन की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे मौसम में बदलाव, एलर्जी, आंखों में संक्रमण या लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना. इसके अलावा धूल-मिट्टी, धुआं और प्रदूषण भी आंखों की संवेदनशील सतह को प्रभावित करते हैं, जिससे आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. शुरुआत में यह समस्या हल्की लग सकती है और कुछ आसान उपायों से ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर लंबे समय तक परेशानी बनी रहे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार आंखों की जलन और खुजली के पीछे सबसे आम वजह एलर्जी और इंफेक्शन होते हैं. एलर्जी की स्थिति में आंखें लाल हो जाती हैं, खुजली होती है और पानी आने लगता है. वहीं अगर संक्रमण हो जाए तो दर्द, जलन और सूजन जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं. ऐसे में आंखों को ठंडे और साफ पानी से धोना एक आसान और सुरक्षित तरीका हो सकता है. हालांकि किसी भी तरह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी होता है. आंखों को स्वस्थ रखने के लिए सही खानपान और अच्छी आदतें भी बहुत जरूरी हैं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना और विटामिन ए व ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आंखों की सेहत बेहतर बनी रहती है. गाजर, हरी सब्जियां, फल और ड्राई फ्रूट्स जैसी चीजें आंखों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं और इससे आंखों की रोशनी को भी बनाए रखने में मदद मिलती है. इसके साथ ही साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. हाथ और चेहरे को साफ रखना चाहिए और आंखों को बार-बार छूने से बचना चाहिए. धूल और प्रदूषण वाली जगहों पर बाहर निकलते समय चश्मा पहनना बेहतर होता है. अगर आंखों में खुजली हो रही हो तो उन्हें जोर से रगड़ना बिल्कुल भी नहीं चाहिए, क्योंकि इससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. बिना डॉक्टर की सलाह के गुलाब जल या किसी भी घरेलू तरल पदार्थ को आंखों में डालना भी सुरक्षित नहीं माना जाता. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 08, 2026, 20:46 IST

राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद पर केंद्र बनाम टीएमसी: ममता ने उल्लंघन से इनकार किया, बीजेपी ने कहा, ‘महिलाएं माफ नहीं करेंगी’ | राजनीति समाचार

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 19:46 IST राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, विशेष रूप से उनके स्वागत के लिए सीएम ममता बनर्जी और कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति पर “निराशा” व्यक्त की है। महिला दिवस पर पीएम ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के ‘अपमान’ की निंदा की. (छवि: पीटीआई) एक ताजा विवाद ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के बीच वाकयुद्ध को जन्म दे दिया है, इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 9वें अंतर्राष्ट्रीय संताल सम्मेलन के लिए राज्य की यात्रा को लेकर। केंद्र सरकार ने भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति प्रोटोकॉल के उल्लंघन और सम्मान में कमी का आरोप लगाया है। विवाद अब आरोप से आगे बढ़ गया है प्रशासनिक चूक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन से इनकार किया है और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राज्य के लोग राष्ट्रपति मुर्मू के कथित अपमान पर टीएमसी सरकार को माफ नहीं करेंगे। इस सब में, मुर्मू ने स्वयं उत्तर बंगाल के गोसाईंपुर में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर “पीड़ा” और “निराशा” व्यक्त की है, विशेष रूप से सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर बनर्जी और अन्य कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति। कार्यक्रम के कुप्रबंधन के आरोपों ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है, सम्मेलन स्थल में आखिरी मिनट में बदलाव के कारण उन्होंने दावा किया कि संथाल समुदाय के कई सदस्यों को इसमें भाग लेने से रोका गया। जबकि यह कार्यक्रम मूल रूप से बिधाननगर में आयोजित होने वाला था, इसे सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके गोसाईंपुर में स्थानांतरित कर दिया गया – एक निर्णय पर उन्होंने अपने संबोधन के दौरान सवाल उठाया और कहा कि मूल स्थल में बहुत बड़ी सभा की क्षमता थी। सीएम ममता और टीएमसी ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी ने प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन से सख्ती से इनकार किया है और कहा है कि किसी भी कुप्रबंधन की जिम्मेदारी कहीं और है। बनर्जी ने कहा कि संबंधित कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और राज्य सरकार इसके कार्यान्वयन में शामिल नहीं थी। बनर्जी ने कहा, “यह एक निजी संगठन का कार्यक्रम था। अगर वे इसे आपके लिए ठीक से व्यवस्थित नहीं कर सके, तो यह उनकी समस्या है।” उन्होंने कहा कि मुर्मू के यात्रा कार्यक्रम के विवरण के बारे में राज्य सरकार को विश्वास में नहीं लिया गया। लॉजिस्टिक विफलताओं, जैसे कि ग्रीन रूम की खराबी और स्वच्छता सुविधाओं की कमी के बारे में विशिष्ट शिकायतों पर, उन्होंने जवाबदेही भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) पर स्थानांतरित कर दी। उन्होंने कहा, “मैंने वॉशरूम के संबंध में जानकारी की दोबारा जांच की है। यह भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है… यह हमारे क्षेत्र में नहीं है।” हवाई अड्डे पर प्रोटोकॉल के मामले पर, टीएमसी ने कहा कि सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मौजूद थे, इस प्रकार आवश्यक सम्मान पूरा किया गया। मुख्यमंत्री ने अपनी चल रही राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देकर अपनी अनुपस्थिति को उचित ठहराया। “मैं अभी धरने पर बैठा हूं तो कैसे जा सकता हूं?” उसने पूछा. टीएमसी ने राष्ट्रपति के इलाज पर भाजपा पर पाखंड का आरोप लगाते हुए तीखा जवाबी हमला किया। एक धरना-प्रदर्शन के दौरान, बनर्जी ने एक तस्वीर प्रदर्शित की जिसमें प्रधानमंत्री मोदी बैठे हुए थे जबकि मुर्मू एक कार्यक्रम के दौरान खड़े रहे। उन्होंने आरोप लगाया, “तस्वीर से पता चलता है कि जब राष्ट्रपति खड़े होते हैं तो प्रधानमंत्री बैठे होते हैं। हम ऐसा कभी नहीं करते। यह भाजपा है जो राष्ट्रपति का अपमान करने की संस्कृति रखती है, हम नहीं।” इसे जोड़ते हुए, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने व्यापक शिकायतें उठाते हुए सवाल उठाया कि राष्ट्रपति को राम मंदिर या नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने मणिपुर में अशांति के दौरान उनकी चुप्पी की आलोचना की। पीएम मोदी और बीजेपी ने क्या कहा? मोदी के नेतृत्व में भाजपा नेतृत्व ने इस घटना को देश और इसकी लोकतांत्रिक परंपराओं का “गंभीर अपमान” बताया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए, मोदी ने राष्ट्रपति के साथ व्यवहार को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताते हुए टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के “प्रबुद्ध लोग” देश में सर्वोच्च पद पर आसीन एक महिला आदिवासी नेता का अपमान करने के लिए पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का ये अपमान, देश और बंगाल की जनता, और नारी-शक्ति कभी नहीं मांग सकती। pic.twitter.com/9UK6aXMRCY– बीजेपी (@बीजेपी4इंडिया) 8 मार्च 2026 उन्होंने टीएमसी पर “सभी हदें पार करने” का आरोप लगाया और कहा कि संथाल परंपरा उत्सव का बहिष्कार बड़े पैमाने पर आदिवासी समाज का अपमान है। मोदी ने कहा, “टीएमसी ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया, जो राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय दोनों के लिए बहुत मायने रखता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि राष्ट्रपति आदिवासी पृष्ठभूमि से हैं, इसलिए कुप्रबंधन संथाल समुदाय की गरिमा पर सीधा आघात है। भाजपा ने कहा है कि हवाईअड्डे पर वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा उनका स्वागत न करना एक जानबूझकर किया गया अपमान था जो टीएमसी के भीतर अनादर की व्यापक संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने इस घटना को राज्य सरकार की व्यापक विफलता से जोड़ा, इसकी तुलना महिला सशक्तीकरण के लिए अपनी ही सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना जैसी पहल से की। प्रधान मंत्री ने कहा कि जहां उनका प्रशासन विकास को संबोधित करने के लिए “मिशन मोड” में काम करता है, वहीं टीएमसी संवैधानिक अधिकारियों का अपमान करने में व्यस्त है। आगे क्या होगा, राष्ट्रपति ने क्या कहा? विवाद बढ़ने पर, केंद्र ने कथित खामियों को दूर करने के लिए औपचारिक कदम उठाए हैं। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने में विफलता के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस रिपोर्ट से अंतिम समय में स्थल परिवर्तन, मार्ग परिवर्तन और यात्रा के दौरान राज्य के मंत्रियों की अनुपस्थिति के आसपास की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की उम्मीद है। राष्ट्रपति की अपनी टिप्पणियों ने मामले में एक व्यक्तिगत आयाम जोड़ दिया है। अपनी निराशा के बावजूद, उन्होंने

कौन हैं AIIMS की महिला शक्ति? इलाज से लेकर मैनेजमेंट तक गढ़ रहीं मिसाल, आइए मिलवाते हैं aiims top female doctors aiims mahila shakti

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होमफोटोnation कौन हैं AIIMS की महिला शक्ति? ज‍िनकी काब‍िल‍ियत की मुरीद दुन‍िया, मरीजों… Last Updated:March 08, 2026, 19:34 IST आज अंतरराष्‍ट्रीय मह‍िला द‍िवस के मौके पर आइए आपको ले चलते हैं ऑल इंड‍िया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेड‍िकल साइंसेज नई द‍िल्‍ली और म‍िलवाते हैं एम्‍स की मह‍िला शक्‍त‍ि से, ज‍िनके मजबूत कंधों पर न केवल एम्‍स भारत का टॉप अस्‍पताल बना है बल्‍क‍ि दुन‍ियाभर में एम्‍स के इलाज, र‍िसर्च, स्‍टडी और इनोवेशंस की धाक जम चुकी है. एम्‍स अस्‍पताल में करीब 30 से 35 फीसदी मह‍िला मह‍िलाएं कार्यरत हैं, लेक‍िन आज हम आपको यहां ज‍ट‍िल रोगों के व‍िभागों के टॉप पोजीशंस को मजबूती से संभाल रहीं उन मह‍िला डॉक्‍टरों से म‍िलवाने जा रहे हैं, ज‍िनकी काब‍िल‍ियत का डंका पूरी दुन‍िया में बज रहा है. एम्स नई दिल्ली यानि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अस्पताल भारत का सबसे बेस्ट अस्पताल ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पताल में से एक है. यहां हर साल 50 लाख से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं. यहां जटिल और गंभीर बीमारियों का इलाज करने के लिए सबसे बेहतरीन डॉक्टर, तकनीक और सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन इनमें सबसे खास है यहां मौजूद महिला शक्ति-महिला डॉक्टर्स, ज‍िनकी काब‍िल‍ियत के आगे पूरा भारत नतमस्‍तक है. एम्स में आज महिला दिवस के मौके पर आइए आपको एम्स की वीमेन पॉवर से मिलवाते हैं, जो न केवल विभिन्न विभागों की बागडोर संभाल रही हैं बल्कि मरीजों के इलाज, स्टडी एंड वैज्ञानिक रिसर्च, इनोवेशन और मैनेजमेंट सहित सभी व्यवस्थाओं में म‍िसाल कायम कर रही हैं. आइए जानते हैं एम्स की टॉप महिला डॉक्टरों के बारे में… डॉ. मंजरी त्रिपाठी: एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की हेड डॉ. मंजरी त्रिपाठी भारत के टॉप न्यूरोलॉजिस्ट में से एक हैं. ये सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ एपिलेप्सी की भी प्रमुख हैं. डॉ. मंजरी को डिमेंशिया,अल्जाइमर्स और मिर्गी जैसे न्यूरोलॉजिकल रोगों के इलाज में महारथ हासिल है. ऑटोइम्यून मिर्गी से लेकर ड्रग रेसिस्टेंट मिर्गी डायग्नोस्टि और सर्जरी की तकनीकें विकसित करने में अहम योगदान है. ब्रेन संबंधी रोगों को समझने के लिए मॉडर्न न्यूरोलॉजी रिसर्च जैसे होल जीनोम सीक्वेंसिंग, एमआरएनए सीक्वेंसिंग, प्रोटियोमिक्स, ईईजी ब्रेन स्टडी का उपयोग करने के साथ ही ब्रेन इमेजिंग, सिंगल न्यूरोन ब्रेन एनालिसिस टेक्नीक डेवलप की हैं. 570 से ज्यादा शोध पत्र, 24000 से ज्यादा साइटेशन के साथ कई प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित हैं. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. राधिका टंडन: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ नई दिल्ली के आरपी सेंटर की चीफ डॉक्टर राधिका टंडन भारत की टॉप कॉर्निया सर्जन और आई ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट हैं. ये पहली महिला हैं जो आरपी सेंटर की प्रमुख बनी हैं. इनके नेतृत्व में आधुनिक टांका रहित तकनीक से करीब 1 हजार कॉर्निया ट्रांसप्लांट हर साल होते हैं और एम्स स्थित नेशनल आई बैंक की मदद से अभी तक करीब 26 हजार लोगों को उनकी आंखों की रोशनी वापस मिल चुकी है.कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुकीं प्रोफेसर राधिका की देखरेख में सिंथेटिक या आर्टिफिशियल कॉर्निया, स्टेम सेल के अलावा बायोइंजीनियर्ड कॉर्निया पर भी काम चल रहा है. डॉ. रीमा दादा: एम्स में प्रोफेसर इंचार्ज मीडिया सेल जैसे महत्वपूर्ण पद को संभाल रहीं डॉ. रीमा दादा की उपलब्धियां इससे कहीं आगे हैं. डॉ. दादा 2020 से 2025 तक के दुनिया के उन टॉप 2% चिकित्सा वैज्ञानिकों में शामिल हैं जिन्होंने रिप्रोडक्टिव मेडिसन पर काम किया है. एनाटमी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रीमा ने जेनेटिक और फर्टिलिटी रोगों पर बहुत काम किया है. इन्होंने महिला और पुरुषों में बांझपन, स्पर्म डीएनए डैमेज, गर्भपात, एजिंग और योग, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिनोब्लास्टोमा कैंसर का पता लगाने में मददगार जेनेटिक डायग्नोस्टिक सेवाएं डेवलप की हैं. इनके सैकड़ों रिसर्च इंटरनेशनल लेवल पर प्रकाशित हुए हैं. डॉ. उमा कुमार: गठिया (Arthritis), ऑटोइम्यून रोगों और मस्कुलोस्केलेटल बीमारियों के इलाज, रिसर्च और एजुकेशन में काम कर रहीं डॉ. उमा कुमार एम्स नई दिल्ली के रूमेटोलॉजी विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं. डॉ. उमा एम्स में सेवाएं देने के साथ ही कई राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय संगठन जैसे IRA, एशिया पेसिफिक लीग ऑफ एसोसिएशंस फॉर रूमेटोलॉजी में सक्रिय हैं. 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर के साथ कई मेडिकल किताबों में इनके लिखे चैप्टर मेडिकल छात्र पढ़ते हैं. ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए मल्टी डिसिप्लिनरी इलाज मॉडल के साथ स्पेशल कलीनिक शुरू करने वाली डॉ. उमा का रिसर्च क्षेत्र लाइफस्टाइल फैक्टर्स सहित काफी व्यापक है. डॉ. नीना मल्होत्रा:भारत की प्रसिद्ध स्त्री-रोग विशेषज्ञ नीना मल्होत्रा प्रजनन चिकित्सा और आईवीएफ विशेषज्ञ हैं. एम्स में नई दिल्ली के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. नीना इनफर्टिलिटी और और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) पर काफी काम कर चुकी हैं. जहां प्राइवेट आईवीएफ क्लीनिकों का पूरे भारत में बोलबाला है वहां नीना सरकारी तंत्र में इस सुविधा से दंपत्तियों को संतान सुख दे रही हैं. इनके कई रिसर्च जैसे 30 के बाद महिलाओं में अंडाणुओं की क्वालिटी घटना, डोनर एग आईवीएफ और सेल्फ एग आईवीएफ की तुलना, जीटीबी, पीसीओएस आदि बीमारियों के इलाज और रिसर्च में इन्हें कई अवॉर्ड मिले हैं. डॉ. रितु दुग्गल: एम्स के सेंटर फॉर डेंटल एजुकेशन एंड रिसर्च यानि डेंटल अस्पताल की हेड डॉ.रितु दुग्गल जानी-मानी पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री विशेषज्ञ हैं. इनकी हेडशिप में इस बार भी सीडीईआर देश का टॉप डेंटल कॉलेज चुना गया है. आधुनिक और लेटेस्ट तकनीकों से दंत रोगों की पहचान और इलाज करने वाले इस सेंटर में डॉ. रितु ने फ्लोराइड थेरेपी, सीलेंट तकनीक, प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री, ओरल हाईजीन एजुकेशन पर बहुत काम किया है. डॉ. दुग्गल कई डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के अलावा कई संगठनों से जुड़कर सामाजिक स्तर पर भी डेंटल इश्यूज को लेकर जागरुक कर रही हैं. डॉ. निरुपम मदान: मूल रूप से बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) और नवजात शिशु चिकित्सा (Neonatology) की विशेषज्ञ डॉ. निरुपम मदान एम्स में मेडिकल सु्प्रिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं.डॉ. मदान ने शिशु रोगों, बाल मृत्यु दर में कमी के लिए रिसर्च-शोध और इलाज के स्तर पर प्रयासों के साथ ही अपने अनुभव से अस्पताल में आईसीयू, क्लिनिकल सेवाओं, प्रबंधन और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत किया है. एम्स में हर साल इलाज के लिए 50 लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं. मरीजों के इतने दवाब के बावजूद भी इसे सबसे व्यवस्थित सरकारी अस्पतालों में से एक माना जाता है. इनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रीमैच्योर बर्थ, नियोनेटल इन्फेक्शन, एनआईसीयू मैनेजमेंट पर काफी शोध प्रकाशित हुए

करणवीर बोहरा के पिता महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट:हेलेन और मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे

करणवीर बोहरा के पिता महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट:हेलेन और मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे

मुंबई के खार इलाके में रविवार को टीवी एक्टर करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट रखी गई। महेंद्र बोहरा के निधन के बाद परिवार और करीबी लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। प्रेयर मीट में कई फिल्म और टीवी जगत की हस्तियां नजर आईं। एक्ट्रेस हेलेन और एक्टर मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स पहुंचे और दिवंगत महेंद्र बोहरा को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि महेंद्र बोहरा लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रोड्यूसर के तौर पर तेजा और प्यार का कर्ज जैसी फिल्मों में काम किया था। देखें प्रेयर मीट की तस्वीरें- करणवीर ने पिता के निधन की जानकारी दी थी महेंद्र बोहरा के निधन की जानकारी बेटे करणवीर ने सोशल मीडिया के जरिए दी थी। करणवीर ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर पिता को याद करते हुए लिखा था, “लव यू डैड। मैं आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। जिसने भी अपने माता-पिता को खोया है, वह जानता है कि यह दर्द कैसा होता है, लेकिन इस दुख के बीच मुझे सुकून है कि आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने आगे लिखा था, “आप हमेशा कहते थे कि आप इस दुनिया से शांति से जाना चाहते हैं और बिना किसी तकलीफ के। ऐसा ही हुआ। आप मजबूत थे और आपने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी।” एक्टर ने कहा था- पिता ने उम्मीद रखना सिखाया करणवीर बोहरा ने कहा था कि उनके पिता ने उन्हें जिंदगी की कई अहम बातें सिखाईं। उन्होंने कहा था, “आपने मुझे और दीदी को सिखाया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अगर गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।” करणवीर ने यह भी कहा था कि उनके पिता ने उन्हें सपने देखना और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा था, “आपने मुझे सिखाया कि एक प्रोड्यूसर के एक्टर बनो और अपना शॉट पूरा किए बिना सेट मत छोड़ो। आपने मुझे क्रिएट करना सिखाया। आपने सिखाया कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।” एक्टर ने पोस्ट में यह भी लिखा था कि जो भी उनके पिता के बारे में बात करता है, वही कहता है कि वह बहुत अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसा पिता मिला। कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे महेंद्र बोहरा कई दशकों तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे। वह फिल्म प्रोड्यूसर रामकुमार बोहरा के बेटे थे। अपने करियर में महेंद्र ने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण किया। इनमें तेजा, लश्कर, टक्कर, प्यार का कर्ज और हमें तुमसे प्यार कितना जैसी फिल्में शामिल हैं। बोहरा ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे जैसे सितारों के साथ फिल्में बनाई।

करणवीर बोहरा के पिता महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट:हेलेन और मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे

करणवीर बोहरा के पिता महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट:हेलेन और मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे

मुंबई के खार इलाके में रविवार को टीवी एक्टर करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा की प्रेयर मीट रखी गई। महेंद्र बोहरा के निधन के बाद परिवार और करीबी लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। प्रेयर मीट में कई फिल्म और टीवी जगत की हस्तियां नजर आईं। एक्ट्रेस हेलेन और एक्टर मुकेश खन्ना समेत कई सेलेब्स पहुंचे और दिवंगत महेंद्र बोहरा को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि महेंद्र बोहरा लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रोड्यूसर के तौर पर तेजा और प्यार का कर्ज जैसी फिल्मों में काम किया था। देखें प्रेयर मीट की तस्वीरें- करणवीर ने पिता के निधन की जानकारी दी थी महेंद्र बोहरा के निधन की जानकारी बेटे करणवीर ने सोशल मीडिया के जरिए दी थी। करणवीर ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर पिता को याद करते हुए लिखा था, “लव यू डैड। मैं आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। जिसने भी अपने माता-पिता को खोया है, वह जानता है कि यह दर्द कैसा होता है, लेकिन इस दुख के बीच मुझे सुकून है कि आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने आगे लिखा था, “आप हमेशा कहते थे कि आप इस दुनिया से शांति से जाना चाहते हैं और बिना किसी तकलीफ के। ऐसा ही हुआ। आप मजबूत थे और आपने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी।” एक्टर ने कहा था- पिता ने उम्मीद रखना सिखाया करणवीर बोहरा ने कहा था कि उनके पिता ने उन्हें जिंदगी की कई अहम बातें सिखाईं। उन्होंने कहा था, “आपने मुझे और दीदी को सिखाया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अगर गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।” करणवीर ने यह भी कहा था कि उनके पिता ने उन्हें सपने देखना और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा था, “आपने मुझे सिखाया कि एक प्रोड्यूसर के एक्टर बनो और अपना शॉट पूरा किए बिना सेट मत छोड़ो। आपने मुझे क्रिएट करना सिखाया। आपने सिखाया कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।” एक्टर ने पोस्ट में यह भी लिखा था कि जो भी उनके पिता के बारे में बात करता है, वही कहता है कि वह बहुत अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसा पिता मिला। कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे महेंद्र बोहरा कई दशकों तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे। वह फिल्म प्रोड्यूसर रामकुमार बोहरा के बेटे थे। अपने करियर में महेंद्र ने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण किया। इनमें तेजा, लश्कर, टक्कर, प्यार का कर्ज और हमें तुमसे प्यार कितना जैसी फिल्में शामिल हैं। बोहरा ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे जैसे सितारों के साथ फिल्में बनाई।

नीमच में महिला दिवस समारोह, 60 महिलाएं सम्मानित:बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील; नपा अध्यक्ष ने 'फिर बेटी हुई है' रचना सुनाई

नीमच में महिला दिवस समारोह, 60 महिलाएं सम्मानित:बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील; नपा अध्यक्ष ने 'फिर बेटी हुई है' रचना सुनाई

नीमच में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को सीताराम जाजू कन्या कॉलेज में जिला स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आई महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक शिरकत की। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील मुख्य अतिथि कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अपने संबोधन में समाज से बेटा और बेटी को समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कलेक्टर ने विशेष रूप से शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता की सराहना करते हुए इसे समाज की प्रगति का आधार बताया। नपा अध्यक्ष ने ‘फिर बेटी हुई है’ रचना सुनाई नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज का नजरिया बेटियों के प्रति सकारात्मक रूप से बदला है। उन्होंने अपनी स्वरचित काव्य रचना ‘फिर बेटी हुई है’ का पाठ कर स्त्री शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया। वहीं, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने भी महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को उनकी सफलता की कुंजी बताया। डीएसपी ने सुनाई सफलता की कहानी समारोह में नीमच की बेटी और डीएसपी पद पर चयनित पूजा जाट ने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित छात्राएं बेहद प्रेरित हुईं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 60 महिलाओं, बालिकाओं, संस्थाओं और विभागीय कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी और सेल्फी स्टैंड रहा आकर्षण अतिथियों ने समारोह स्थल पर लगाई गई ‘वॉल ऑफ फेम’ चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें मध्यप्रदेश की अग्रणी महिलाओं के योगदान को दर्शाया गया था। अतिथियों और महिलाओं ने ‘सशक्त महिला से समृद्ध मध्यप्रदेश’ सेल्फी स्टैंड पर तस्वीरें भी खिंचवाईं। मैसेज वॉल पर सशक्तिकरण के प्रेरक संदेश लिखे गए। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी इरफान अंसारी ने किया और आभार सहायक संचालक वैभव बैरागी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।